ईश्वर दुबे
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Bhilai
पीएमईजीपी से शुरू किया बेकरी उद्योग, खुद बने आत्मनिर्भर और 10 लोगों को दिया रोजगार
दूसरे की बेकरी में काम करने से अपने कारोबार तक का सफर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार
(एल. डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर, सितंबर 2026/कोरिया में अब कई परिवारों की सुबह सिर्फ ‘गुड मॉर्निंग’ संदेश से नहीं, बल्कि ‘गुड मॉर्निंग बेकरी’ के ताजा ब्रेड, टोस्ट, बिस्किट और केक से भी होती है। ग्राम ओड़गी के दिलीप और सावित्री गुप्ता की जोड़ी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का लाभ उठाकर अपने सपने को कारोबार में बदला है।कभी आर्थिक कठिनाइयों से जूझने वाला यह परिवार आज आत्मनिर्भर है और अपने साथ करीब 10 लोगों को रोजगार दे रहा है।
मोदी की योजना ने दिखाई राह, सपने को मिला आकार
स्नातक तक पढ़ी सावित्री गुप्ता और दसवीं तक पढ़े उनके पति दिलीप के लिए अपना व्यवसाय शुरू करना आसान नहीं था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले दिलीप करीब पांच वर्षों तक दूसरी बेकरी में काम करते रहे। इस दौरान उन्होंने बेकरी उत्पादन, गुणवत्ता, बाजार और ग्राहकों की जरूरतों को करीब से समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनके अपने कारोबार की ताकत बना।
वर्ष 2023-24 में बैकुंठपुर विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े के माध्यम से दिलीप को पीएमईजीपी योजना की जानकारी मिली। योजना को समझने के बाद दिलीप और सावित्री ने तय किया कि अब दूसरों के लिए काम करने के बजाय अपना रोजगार खड़ा किया जाए।
पीएमईजीपी ने दिया पूंजी का संबल
सावित्री ने पीएमईजीपी के माध्यम से करीब 10 लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी जमीन पर बेकरी उद्योग स्थापित किया। परिवार ने भी करीब 2 से 3 लाख रुपये की राशि लगाई। करीब 10 से 12 हजार वर्गफीट क्षेत्र में ‘गुड मॉर्निंग बेकरी’ की शुरुआत हुई। यहां केक, बिस्किट, मीठा गोला, ब्रेड, टोस्ट सहित विभिन्न बेकरी उत्पाद तैयार किए जाते हैं। कच्चा माल अनूपपुर, मनेंद्रगढ़ और बैकुण्ठपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से मंगाया जाता है।
दिलीप का अनुभव, सावित्री का संकल्प बना सफलता की ताकत
इस कारोबार की खासियत सिर्फ सरकारी ऋण से शुरू होना नहीं, बल्कि दिलीप के वर्षों के अनुभव और सावित्री के आत्मविश्वास की साझेदारी भी है। दिलीप ने जहां बेकरी के काम का व्यावहारिक अनुभव कारोबार में लगाया, वहीं सावित्री ने परिवार और व्यवसाय की जिम्मेदारियों को संभालते हुए उद्यम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों की मेहनत का परिणाम है कि गांव में शुरू हुआ कारोबार अब बैकुण्ठपुर के साथ कुदरगढ़, खर्रा और सूरजपुर तक अपने उत्पाद पहुंचा रहा है।
एक परिवार की आत्मनिर्भरता से 10 परिवारों की आजीविका तक
पीएमईजीपी से शुरू हुआ यह उद्योग अब केवल दिलीप और सावित्री के परिवार की आय का साधन नहीं है। बेकरी में करीब 10 लोगों को रोजगार मिल रहा है। यानी सरकारी योजना से मिले एक अवसर ने एक परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के साथ दूसरे जरूरतमंद परिवारों के लिए भी रोजगार का रास्ता खोला है।
सावित्री कहती हैं कि पीएमईजीपी ने उनकी तकदीर और तस्वीर दोनों बदल दी। कभी अपने व्यवसाय की कल्पना करना कठिन था, लेकिन योजना से मिले आर्थिक सहयोग ने उस सपने को हकीकत में बदल दिया। आज वे स्वयं आत्मनिर्भर होने के साथ दूसरों को रोजगार देने की स्थिति में हैं।
मोदी जी की योजना ने हमें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सावित्री कहती हैं कि पीएमईजीपी जैसी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आगे बढ़ने का अवसर देती हैं। सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और मेहनत से स्वरोजगार को सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है।
दिलीप कहते हैं कि योजना का लाभ मिलने के साथ समय का सही उपयोग, अपने काम का अनुभव और निरंतर मेहनत उनकी सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। दूसरे की बेकरी में काम करते हुए जो सीखा, उसे अपने व्यवसाय में लगाया और आज उसी अनुभव ने उन्हें अपनी पहचान बनाने में मदद की है।
जोड़ी ने मेहनत की कई परिवारों की सुबह ‘गुड मॉर्निंग’ से
दिलीप और सावित्री की यह जोड़ी सेवा संकल्प की उस भावना को भी मजबूत करती है, जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर व्यक्ति स्वयं आत्मनिर्भर बने और आगे बढ़कर दूसरों के लिए भी रोजगार व आजीविका का माध्यम तैयार करे। एक योजना ने अवसर दिया, एक जोड़ी ने मेहनत की और आज उस मेहनत से कई परिवारों की सुबह ‘गुड मॉर्निंग’ हो रही है।
धमतरी का बेंद्रानवागांव बना ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम
रायपुर,30 सितंबर 2026/जब पानी घर के आंगन और चौखट तक पहुँचता है, तो केवल एक जीवनदायिनी सुविधा ही नहीं बदलती, बल्कि गाँव की दिनचर्या, स्वच्छता और पूरे ग्रामीण जनजीवन की तस्वीर बदल जाती है। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की कल्याणकारी योजनाओं को जन-भागीदारी के ज़रिए धरातल पर उतारने की एक अनुकरणीय मिसाल धमतरी विकासखंड के ग्राम बेंद्रानवागांव से सामने आई है। दूर-दराज से पानी ढोने की मजबूरी को पीछे छोड़ते हुए बेंद्रानवागांव अब आधिकारिक रूप से ‘हर घर जल’ प्रमाणीकृत ग्राम घोषित हो चुका है। इसके साथ ही यह धमतरी विकासखंड का 137वां प्रमाणीकृत गाँव बन गया है। यह उपलब्धि महज़ एक औपचारिक प्रमाण-पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि गाँव के प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की पहुँच और इस व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने के सामूहिक संकल्प की प्रतीक है।
इस सफलता की नीव प्रशासनिक दक्षता और जन-भागीदारी के बेहतरीन तालमेल से रखी गई। योजना का कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच ने 24 सितंबर 2026 को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी आधिकारिक सूचना दी। इसके उपरांत 30 सितंबर को गाँव में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत के प्रतिनिधियों, सचिव, गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता ने ग्राम सभा में उपस्थित होकर योजना के उद्देश्यों, जलापूर्ति व्यवस्था, संचालन और इसके रखरखाव की बारीकियों को ग्रामीणों के साथ साझा किया। ग्रामीणों ने इस नई व्यवस्था पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया, जिसके बाद सरपंच द्वारा विभाग को प्रमाणीकरण प्रमाण-पत्र सौंपा गया और विभाग की ओर से योजना का हस्तांतरण पत्र ग्राम पंचायत को जारी कर दिया गया।
बेंद्रानवागांव की इस विकास यात्रा की सबसे खास बात सुविधा से आगे बढ़कर स्वावलंबन की ओर बढ़ना है। अब इस जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और संधारण की पूरी कमान गाँव स्वयं संभालेगा। इसके लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (पानी समिति) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। योजना को दीर्घकालिक और आत्मनिर्भर बनाए रखने के उद्देश्य से पंचायत ने प्रति परिवार 70 रुपये प्रतिमाह जल कर निर्धारित किया है। इस राशि से बिजली बिल के भुगतान के साथ-साथ गाँव में ही कार्यरत पंप ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन और प्लम्बर की सेवाओं का भुगतान किया जाएगा।
शासन की पहल पर हर घर तक पहुँचा नल का जल अब बेंद्रानवागांव में सामुदायिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण बन चुका है। बेंद्रानवागांव का यह सफर स्पष्ट करता है कि जब प्रशासनिक प्रतिबद्धता, पंचायत का मजबूत नेतृत्व और ग्रामीणों की सहभागिता एक साथ जुड़ती है, तो विकास केवल आंकड़ों में दिखाई नहीं देता—वह हर घर की चौखट पर महसूस होता है।
धमतरी के प्रभु लाल ने आजीविका डबरी से गढ़ी सफलता की नई इबारत
रायपुर,30 सितंबर 2026/
"जल है तो कल है" की उक्ति को धमतरी जिले के एक छोटे से गांव ने चरितार्थ कर दिखाया है। जल की एक-एक बूंद को सहेजकर उसे आजीविका का मजबूत आधार बनाने की सोच ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। इसका जीवंत और प्रेरक उदाहरण मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत पठार के आश्रित गांव बेन्द्राचुवा में देखने को मिलता है, जहां एक आजीविका डबरी ने एक साधारण किसान के जीवन में खुशहाली के नए द्वार खोल दिए हैं।
बेन्द्राचुवा निवासी किसान श्री प्रभु लाल पिता श्री तीजू राम के पास लगभग 2.5 एकड़ कृषि भूमि है। अन्य पारंपरिक किसानों की तरह उनकी खेती भी पूरी तरह से मानसून की मेहरबानी पर निर्भर थी और बारिश की अनिश्चितता के कारण अक्सर फसलों को नुकसान पहुंचता था। किसान की इस समस्या का स्थायी समाधान लेकर आई 'वीबी-जी रामजी योजना'। वर्ष 2025-26 में श्री प्रभु लाल के खेत में आजीविका डबरी निर्माण की स्वीकृति मिली। 2.55 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति से निर्मित इस डबरी में 2.24 लाख रुपए का व्यय हुआ और इसके बनने से वर्षा जल के संचयन के साथ खेत के लिए पानी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हो गई।
डबरी बनने के बाद श्री प्रभु लाल के 2.5 एकड़ खेत को स्थायी सिंचाई सुविधा मिली, जिससे फसल की नाजुक अवस्थाओं में समय पर पानी मिलने लगा और पैदावार की गुणवत्ता व उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय सुधार आया। हालांकि, उन्होंने इस जलस्रोत को केवल सिंचाई तक सीमित न रखते हुए अपनी दूरदर्शिता और मेहनत से डबरी में 5 किलोग्राम मछली बीज डालकर मछली पालन भी शुरू कर दिया। इस पहल से उन्हें प्रथम वर्ष में ही लगभग 5,000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। यह अतिरिक्त आमदनी भले ही शुरुआती चरण में छोटी दिखे, लेकिन ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने और दैनिक घरेलू जरूरतों को पूरा करने में एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है।
जल संरक्षण, सुलभ सिंचाई और मछली पालन के इस त्रिकोणीय समन्वय ने साबित कर दिया है कि स्थानीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन से खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है। अपनी खुशी जाहिर करते हुए श्री प्रभु लाल बताते हैं कि डबरी बनने के बाद से अब उन्हें पानी की चिंता नहीं रहती, क्योंकि एक ही जलस्रोत से फसलें भी लहलहा रही हैं और मछली पालन से अतिरिक्त आय भी मिल रही है। बेन्द्राचुवा की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि यदि शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन सही दिशा में हो, तो जल सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता एक साथ हासिल की जा सकती है। यह पहल संपूर्ण राज्य के किसानों के लिए जल संरक्षण के साथ आजीविका संवर्धन का एक उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करती है।
रिफॉर्म उत्सव के साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) की प्लानिंग शुरू
ग्रामीण तय करेंगे अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं
रायपुर, 30 सितम्बर 2026/ पूरे छत्तीसगढ़ में 02 अक्टूबर 2026 से ‘रिफॉर्म उत्सव’ के साथ विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जन योजना अभियान (पीपीसी) के साथ एकीकृत रूप से आयोजित होने वाले इस अभियान में ग्राम सभाओं को गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय करने और योजनाओं पर सीधे संवाद का प्रमुख मंच बनाया जाएगा। ग्रामीणों से उनकी जरूरतों, विकास की कमियों, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी कार्यों पर सुझाव लेकर इन्हें ग्राम पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल किया जाएगा।
रिफॉर्म उत्सव के दौरान ग्राम सभाओं में वीबी-जीरामजी के तहत 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, 15 दिन में रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, 375 अनुमेय कार्यों में से गांव की जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण साथ साथ लखपति दीदी योजना , आजीविका गतिविधि जैसे विषयों पर ग्रामीणों से संवाद होगा। पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्राम सभा से तय होगी विकास की प्राथमिकता
वीजीपीपी के तहत 2 अक्टूबर की ग्राम सभा में ग्रामीणों को योजना तैयार करने की प्रक्रिया, ग्राम पंचायत के आधारभूत आंकड़ों, आधार मानचित्र और उपलब्ध अनुमेय कार्यों की जानकारी दी जाएगी। गांव में मौजूद लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं परिसंपत्तियों की पहचान भी की जाएगी। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर में बस्ती और वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA), स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श के माध्यम से स्थानीय जरूरतों और विकास संबंधी कमियों की पहचान होगी।
दिसंबर में तैयार वीजीपीपी का प्रारूप ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। ग्रामीणों के सुझाव और विचार-विमर्श के बाद ग्राम सभा योजना को अनुमोदित करेगी। इसके बाद योजनाओं का विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी की जाएगी।
जल, आजीविका और अधोसंरचना पर फोकस
वीजीपीपी में गांव की जरूरतों के अनुसार जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां तथा प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
वार्ता के 8 बिंदुओं की क्यूआर कोड से भी मिलेगी जानकारी
रिफॉर्म उत्सव के लिए पंचायत सचिवों को वीबी-जीरामजी से संबंधित 8 प्रमुख वार्ता बिंदु उपलब्ध कराए गए हैं। ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से भी ग्रामीण इन जानकारियों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। रिफॉर्म उत्सव और वीजीपीपी की यह संयुक्त पहल ग्राम सभा को केवल योजनाओं की जानकारी देने के मंच से आगे बढ़ाकर गांव की जरूरतों की पहचान, विकास कार्यों के चयन और भविष्य की विकास योजना तैयार करने का सहभागी मंच बनाएगी।
दिनांक : 30 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
1. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी संशोधित नीति-2026 का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था।
मंत्रिपरिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए। अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है।
2. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।
3. मंत्रिपरिषद द्वारा पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम बैठक में हुए शामिल
16 प्रकरणों पर हुई प्रकरणवार समीक्षा, 9 प्रकरणों की हुई अनुशंसा
रायपुर, 30 सितंबर 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं गृह तथा जेल मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रकरण वापसी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम सहित प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव विधि श्री मनीष ठाकुर, गृह सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, डीजीपी श्री अरूण देव गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की वापसी से संबंधित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें 8 लंबित प्रकरण शामिल थे, सभी मामलों में से 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई, 02 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए जिलों में भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा हुआ ना पाते हुए उनको समिति ने विचार कर उन्हें समिति ने अस्वीकृत कर दिया।
समिति ने अधिकारियों से पूर्व में अनुसंशित लंबित प्रकरणों, उनकी वर्तमान स्थिति तथा नियमानुसार आगे की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई एवं इसकी नियमित समीक्षा करते हुए न्यायालय में लंबित प्रकरणों को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।
मातृ वंदना योजना से सुधा ने संवारी सेहत, प्रोत्साहन राशि से बेटी के लिए शुरू की बचत
रायपुर, 30 सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। बचेली नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-3 निवासी श्रीमती सुधा पटवा के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृत्व के दौरान पोषण और देखभाल का सहारा बनी। योजना से मिली सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी सेहत और नवजात बेटी की देखभाल में किया। वहीं बेटी के जन्म पर मिली प्रोत्साहन राशि को उसके भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर दिया।
गर्भावस्था के दौरान सुधा को योजना के तहत 3 हजार रुपये की सहायता मिली। इस राशि से उन्होंने दूध, फल और अन्य पौष्टिक खाद्य सामग्री खरीदी। शिशु के जन्म के बाद मिली 2 हजार रुपये की अगली किस्त से उन्होंने अपने आहार के साथ नवजात बेटी के लिए कपड़े और देखभाल की जरूरी सामग्री खरीदी।
दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म और आवश्यक टीकाकरण पूरा होने पर सुधा को 6 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर दिया। इस तरह योजना से मिली सहायता ने मातृत्व के दौरान उनकी जरूरतों को पूरा करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए बचत की शुरुआत भी कराई।
सुधा बताती हैं कि गर्भावस्था में मिले 3 हजार रुपये से मैंने अपने खान-पान का ध्यान रखा। प्रसव के बाद मिली राशि से अपनी खुराक और बेटी की देखभाल का सामान लिया। दूसरी बेटी के जन्म पर मिले 6 हजार रुपये उसकी सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर दिए। इससे मेरी सेहत का ध्यान रखने और बेटी के भविष्य के लिए बचत शुरू करने में मदद मिली।
भारत सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में स्टेट लेवल कमेटीa की बैठक आयोजित
छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा नवा रायपुर में प्रस्तावित औद्योगिक पार्क को लेकर हुई चर्चा
रायपुर, 30 सितंबर 2026/ भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CRDA) द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तावित परियोजना के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मास्टर प्लान, भूमि उपलब्धता, आवश्यक अधोसंरचना, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवस्था तथा BHAVYA की संचालन गाइडलाइन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्ताव को भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित है औद्योगिक पार्क
CRDA द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लगभग 406.72 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस औद्योगिक पार्क में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
भारत सरकार को भेजा जाएगा परियोजना प्रस्ताव
स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे भारत सरकार को भेजे जाने के लिए अनुमोदित किया गया है। अब CRDA द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव को DPIIT, भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों पर कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी श्री उमेश कुमार झा, एनआरडीए नवा रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित कलेक्टर रायपुर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
स्वच्छता, सम्मान और सुरक्षाः राजनांदगांव की कुमारी बाई के जीवन में स्वच्छ भारत मिशन से आया सकारात्मक बदलाव
रायपुर, 30 सितंबर 2026/ स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण परिवारों के जीवन में स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा का एक नया अध्याय लिख रहा है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मणभरदा निवासी श्रीमती कुमारी बाई के परिवार के लिए यह योजना वरदान साबित हुई है। घर में व्यक्तिगत शौचालय के निर्माण से उनके परिवार को खुले में शौच की समस्या से मुक्ति मिली है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं को एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण प्राप्त हुआ है।
प्रक्रिया और वित्तीय सहायता
ग्राम पंचायत लक्ष्मणभरदा में जनदर्शन से प्राप्त आवेदनों के आधार पर पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। ग्रामसभा से अनुमोदन और सत्यापन के बाद पात्र हितग्राहियों के लिए शौचालय निर्माण स्वीकृत किए गए। इसी कड़ी में श्रीमती कुमारी बाई का चयन किया गया और उनके परिवार को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद परिवार को इसके नियमित उपयोग और साफ-सफाई के प्रति भी जागरूक किया गया।
बदली दिनचर्या और घटे चिकित्सीय खर्च
घर में शौचालय बन जाने से परिवार की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। अब परिवार के सदस्यों को शौच के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। श्रीमती कुमारी बाई ने बताया कि स्वच्छ वातावरण मिलने से बच्चों में दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों की आशंका कम हुई है, जिससे दवाइयों और इलाज पर होने वाले खर्च में भी खासी कमी आई है। बीमारियां घटने से परिवार के कार्य दिवस बचे हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर उनकी आजीविका और आर्थिक स्थिति पर पड़ा है। कुमारी बाई के इस बदलाव से पूरा गांव स्वच्छता के प्रति प्रेरित हो रहा है।
गांव में नियमित कचरा संग्रहण
ग्राम पंचायत लक्ष्मणभरदा में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है। गांव को साफ-सुथरा रखने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था की गई है, जिसके तहत स्वच्छता दीदियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को घर-घर जाकर कचरा एकत्र किया जाता है।
श्रीमती कुमारी बाई ने अपने परिवार को यह सुरक्षित और स्वस्थ जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
मशरूम उत्पादन से लेकर अगरबत्ती, साबुन और गोबर के दीये निर्माण तक कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ाई आय
रायपुर, 30 सितंबर 2026/ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में स्वसहायता समूह किस प्रकार मील का पत्थर साबित हो रहे हैं, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम धनडोंगरी की लखपति दीदी श्रीमती दिनेश्वरी सोरी ने पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर उन्होंने सामान्य गृहिणी से लेकर एक सफल स्वरोजगार संचालक बनने का सफर तय किया है।
समूह के सहयोग से शुरू किया कारोबार
श्रीमती दिनेश्वरी सोरी ‘जय सेवा जय बूढ़ा देव स्वसहायता समूह’ से जुड़ीं। शुरुआती दौर में पूंजी की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी, लेकिन समूह और ग्राम संगठन से मिले वित्तीय सहयोग ने उनकी राह आसान कर दी। समूह से प्राप्त ऋण और अनुदान की मदद से उन्होंने अगरबत्ती बनाने की मशीन खरीदी और व्यवस्थित उत्पादन शुरू किया। इसके बाद बैंक से एक लाख रुपये का अतिरिक्त ऋण लेकर उन्होंने अपने कारोबार का और विस्तार किया।
इन उत्पादों से हो रही है बंपर कमाई
स्थानीय बाजार की मांग और अपनी रुचि को ध्यान में रखते हुए श्रीमती सोरी ने कई आजीविका गतिविधियों को एक साथ अपनाया है। वर्तमान में वे मशरूम उत्पादन, अगरबत्ती और साबुन निर्माण, निरमा, गुलाल और मोमबत्ती, गोबर के दीये और चूड़ी निर्माण संबंधी उत्पादों का निर्माण कर रही हैं।
वार्षिक आय हुई डेढ़ लाख रुपये
बिहान योजना से जुड़ने से पहले उनका परिवार मुख्य रूप से कृषि और मजदूरी पर निर्भर था, जिससे वार्षिक पारिवारिक आय महज 52 हजार रुपये थी। लेकिन स्वरोजगार के नए साधन विकसित होने से अब उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये हो गई है। नियमित आमदनी होने से न केवल परिवार की दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं, बल्कि आर्थिक स्थिति भी बेहद मजबूत हुई है।
श्रीमती दिनेश्वरी की यह सफलता आज ग्रामीण इलाके की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने और मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में केबिनेट की बैठक प्रारम्भ
विधेयक के प्रारंभिक प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर
हिंदी और अंग्रेजी में पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप, 30 दिनों के भीतर दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां
रायपुर, 29 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक को लेकर राज्य के आम नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करते हुए नए विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। आम नागरिक प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी राय शासन के समक्ष रख सकें, इसके लिए विधेयक का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।
विधेयक का प्रारूप पुलिस विभाग की वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस/प्रेस रिलीज सेक्शन में हिंदी एवं अंग्रेजी में अपलोड किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के किसी प्रावधान को लेकर किसी नागरिक, संस्था अथवा संबंधित हितधारक का कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को भेजा जा सकता है।
सुझाव देने के लिए 30 दिनों का समय
राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके माध्यम से प्रस्तावित विधेयक पर आम जनता के साथ ही विषय विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को भी अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा। सुझाव एवं आपत्तियां 'प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर' के पते पर भेजी जा सकती हैं।
इस पहल के माध्यम से प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 पर नागरिकों और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पारस पोर्टल के माध्यम से की प्रमुख योजनाओं एवं विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा
एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें, कोई भी वास्तविक किसान न रहे वंचित
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने के निर्देश, अधिक से अधिक परिवारों को जोड़कर विद्युत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाएं कदम
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का शीघ्र सर्वे कर पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचाएं राहत एवं सहायता
सड़क, पुल-पुलियों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों की बाधाएं अंतर्विभागीय समन्वय से तत्काल दूर करने के निर्देश
सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन में नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो सुनिश्चित
प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से होगी प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा
रायपुर, 29 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी के साथ विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में पारस पोर्टल के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और जनसेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन की कार्यप्रणाली में अंतर्विभागीय समन्वय की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। अनेक विकास परियोजनाओं में एक से अधिक विभागों की अनुमति, सहभागिता अथवा सहयोग आवश्यक होता है। ऐसे में विभाग अलग-अलग स्तर पर कार्य करने के बजाय समन्वित दृष्टिकोण अपनाएं। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, अनावश्यक विलंब दूर होगा तथा समय और लागत दोनों की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि पारस पोर्टल का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन कारणों की पहचान कर समाधान सुनिश्चित करना भी है, जिनके कारण कोई परियोजना या योजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। राज्य स्तर से लेकर जिलों तक सभी अधिकारी इसे परिणाम आधारित प्रशासन के प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करें।
एग्रीस्टैक में कोई भी पात्र किसान पंजीयन से न रहे वंचित
मुख्यमंत्री श्री साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक सरलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण आधारभूत व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिलों में विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक तथा डीसीएस से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। प्रत्येक वास्तविक किसान का पंजीयन सुनिश्चित हो और किसी पात्र किसान को धान विक्रय अथवा शासन की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों से सीख लेते हुए इस वर्ष पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही के कारण यदि कोई पात्र किसान लाभ से वंचित होता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाए।
रायपुर, 29 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और स्वर्णिम उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरू ढांडा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। नीरू ढांडा ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर भारत का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स की 4×400 मीटर महिला रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य किरण पहल, पूवम्मा मचेत्तिरा, प्राची और विथ्या रामराज को भी हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय बेटियों ने अपने बेहतरीन तालमेल, गति और खेल कौशल से स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की बेटियों का यह स्वर्णिम प्रदर्शन उनके असीम सामर्थ्य और आत्मविश्वास का परिचायक है। भारतीय महिला खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर देश को निरंतर गौरवान्वित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में बड़े सपने देखने और उन्हें अपनी मेहनत एवं लगन से साकार करने की प्रेरणा देंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का गौरव बढ़ाती रहेंगी।