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रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिलों के लिए मुख्य अतिथियों का नामांकन पूर्व में किया गया था। विभाग द्वारा आज जारी संशोधित आदेश के अनुसार चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक परिवर्तन किया गया है। राज्य के शेष जिलों में पूर्व आदेशानुसार नामांकित मुख्य अतिथि यथावत रहेंगे।

संशोधित आदेश के अनुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह को नामांकित किया गया है। इसी प्रकार बेमेतरा जिले में सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा तथा बीजापुर जिले में विधायक श्री नीलकंठ टेकाम मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन मुख्य अतिथियों के परामर्श तथा चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए।

​जब फाइलें नहीं, बल्कि जनता के द्वार खुद चलकर पहुंचा प्रशासन

​ तकनीक और जन-समन्वय से बदला राजस्व सेवाओं का चेहरा,एक पुरानी समस्या का नया समाधान

​रायपुर,20 जून 2026/

प्रशासनिक व्यवस्था में किसी भू-स्वामी की मृत्यु के पश्चात उनके वारिसों के नाम जमीन ट्रांसफर करने यानी 'फौती नामांतरण' (Mutation) को एक बेहद जटिल प्रक्रिया माना जाता रहा है। ग्रामीण अंचलों में जानकारी के अभाव, बिचौलियों के जाल और लंबी कागजी औपचारिकता के कारण ये मामले दशकों तक अदालतों में लटके रहते हैं। इससे न केवल पारिवारिक विवाद बढ़ते हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र का विकास भी प्रभावित होता है।
​इस पारंपरिक ढर्रे को पूरी तरह बदलते हुए छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल जिले बस्तर ने सुशासन का एक ऐसा 'सक्रिय मॉडल' (Proactive Model) प्रस्तुत किया है, जो राज्य के अन्य जिलों के लिए एक मार्गदर्शक केस स्टडी बन सकता है।

​'सक्रिय अभियान': एक क्रांतिकारी प्रशासनिक सोच

​आमतौर पर राजस्व विभाग में यह परंपरा रही है कि जब पीड़ित परिवार आवेदन लेकर दफ्तर पहुंचता है, तब प्रक्रिया शुरू होती है। बस्तर जिला प्रशासन ने इस 'रिएक्टिव' (प्रतिक्रियात्मक) रवैये को बदलकर 'प्रोएक्टिव' (सक्रिय) रुख अपनाया। प्रशासन ने तय किया कि वह खुद चलकर जनता के दरवाजे तक जाएगा।
​इस विशेष अभियान के तहत मात्र चार महीनों के भीतर 12 जून 2026 तक संकलित आंकड़ों के अनुसार जिले के 611 गांवों से डेटा जुटाकर, लंबित फौती नामांतरण प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण कर भूमि अभिलेखों (Land Records) को अपडेट कर दिया गया है।

​प्रशासनिक तंत्र की रीढ़: जब 'त्रिमूर्ति' ने संभाला मोर्चा

​इस 'प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल' की सफलता केवल फाइलों या डिजिटल पोर्टल तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका असली श्रेय जमीनी स्तर पर काम करने वाली प्रशासनिक कड़ियों (ग्रासरूट ब्यूरोक्रेसी) के उस अनूठे तालमेल को जाता है, जिसने सेवा की पूरी परिभाषा ही बदल दी।
​इस पूरे अभियान को एक सुव्यवस्थित पिरामिड की तरह संचालित किया गया। इसके शीर्ष पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार मार्गदर्शक की भूमिका में थे, जो हर हफ्ते कड़ाई से मॉनिटरिंग कर रहे थे और विधिक प्रक्रियाओं को समय-सीमा के भीतर अमली जामा पहनाकर अंतिम आदेश पारित कर रहे थे। इस शीर्ष नेतृत्व के ठीक नीचे, मैदानी अमले की 'त्रिमूर्ति' ने इस अभियान को संभाला।

​ डेटा का प्राथमिक स्रोत ग्राम सचिव ने अपने 'जन्म एवं मृत्यु पंजीयक' के दायित्व का निर्वहन करते हुए पिछले 04 वर्षों में मृत हुए 17,405 व्यक्तियों की एक अचूक सूची (Line List) तैयार की। जिन मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र लंबित थे, वहां उन्होंने परिवारों को ये प्रमाणपत्र सुलभ कराए और जहां देरी हुई थी, वहां तहसीलदार से 'विलम्ब पंजीयन' की विशेष अनुमति दिलाकर नए प्रमाण पत्र जारी करवाए।

​ तकनीकी और विधिक सेतु के रूप में सचिव से सूची प्राप्त होते ही पटवारी ने छत्तीसगढ़ के डिजिटल लैंड रिकॉर्ड पोर्टल 'भुइयां' पर उसका मिलान किया। इससे तत्काल 8,651 ऐसे मृत व्यक्तियों की पहचान हुई जिनके नाम पर जमीन दर्ज थी। इसके बाद, पटवारी ने स्वयं आगे बढ़कर वारिसों से संपर्क कर आवेदन लिए तथा उनके विधिक उत्तराधिकार को तय करने वाला 'वंश वृक्ष' तैयार किया।
​ पारदर्शिता की जमीनी कसावट के लिए ग्रामीण भारत की सबसे पारंपरिक कड़ी कोटवार ने सोशल ऑडिट (सामाजिक सत्यापन) का जिम्मा संभाला। उन्होंने गांव-गांव जाकर मृतकों की सूची और पटवारी द्वारा तैयार किए गए वारिसों के 'वंश वृक्ष' का भौतिक सत्यापन किया। उनके इस जमीनी ज्ञान के कारण किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या अपात्र दावों की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो गई।

बस्तर की तहसीलों में सुशासन का 'सेचुरेशन'

​जिले की सभी 10 तहसीलों के कुल 639 गांवों में से 611 गांवों को इस मुहिम से जोड़कर पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया गया। मैदानी अमले द्वारा चिन्हित किए गए कुल 8,651 आवश्यक मामलों में से रिकॉर्ड 8,241 मामलों में ऑनलाइन नामांतरण पंजी (MD सीरिज) के तहत विधिक प्रक्रिया इश्तेहार प्रकाशन व दावा-आपत्ति निराकरण पूर्ण कर आदेश पारित किए जा चुके हैं। अब पूरे जिले में महज 410 प्रकरण ही लंबित बचे हैं।

योग फॉर हेल्दी एजिंग: स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में एक कदम

• डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर
उप संचालक, जनसंपर्क

रायपुर, 20 जून 2026/ भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है।

प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।

वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया सड़क निर्माण कार्य का किया भूमि-पूजन
नई विकास परियोजनाओं की हुई घोषणा, हितग्राहियों को किये हितलाभ वितरित

 

स्वच्छता अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करें संचालित
सिंहस्थ: 2028 को प्रदेशवासी मिलकर बनायेंगे भव्य और दिव्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने की ऊर्जा विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन की राज्य-स्तरीय समीक्षा बैठक
सिंहस्थ : 2028 की तैयारियों की हुई विस्तृत समीक्षा

 

सिकल सेल उन्मूनल मिशन भावी पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ऐतिहासिक पहल
केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों ने मिशन मोड में किया सराहनीय कार्य
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शहडोल से लांच किया था राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन
आनुवंशिक रोगों की जांच की उपलब्धि में मध्यप्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण
राष्ट्रपति ने म.प्र. में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन में हुई सामुदायिक भागीदारी को सराहा
मिशन में समाज के सभी वर्ग सक्रिय सहभागिता करें : राज्यपाल श्री पटेल
सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश का हमारा संकल्प जन सहयोग से होगा साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस का हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम

 

 

150वीं जयंती वर्ष पर डोंडराही में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण

बिरसा मुंडा चौक के रूप में मिलेगी नई पहचान, विभिन्न विकास कार्यों के लिए 37 लाख रुपये की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा के ग्राम डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यह स्थल अब “बिरसा मुंडा चौक” के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन अन्याय, शोषण और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश को अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु कुल 37 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण हेतु 8 लाख रुपये, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये तथा केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।

जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां सड़क, पेयजल, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना जनजातीय समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जशपुर को जनजातीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यहां स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों के भीतर पूरा किया है। सरकार गठन के 24 घंटे के भीतर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस भी प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजनाओं से हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

डिजिटल सेवाओं और जनसुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके हैं, जहां आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में प्रत्येक पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है, जिसमें शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत निगरानी की जा रही है।

 

91 करोड़ से अधिक की लागत से 34 एकड़ में बन रहा इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

18 खेलों के लिए होंगी सुविधाएं विकसित

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है। श्री साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।

रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।

श्री साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक श्रीमती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त श्री बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, अधिकारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश

मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग के लिए फोरलेन सड़क का प्रस्ताव शासन को भेजने कहा, कार्यों की प्रगति पर जाहिर किया असंतोष


रायपुर. 19 जून 2026. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज जशपुर जिले में विभाग द्वारा निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों का सतत पर्यवेक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से काम पूर्ण करने के निर्देश दिए।

श्री बंसल ने जशपुर में रौनीघाट से बगीचा मार्ग, बगीचा से चराईडांड मार्ग तथा मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर जोर देते हुए फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जशपुर से पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और त्वरित गति से निर्माण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विभागीय सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जशपुर और पत्थलगांव में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सड़कों, पुलों तथा भवनों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। कार्यों के निरीक्षण और बैठक के दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री व्ही.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता सर्वश्री श्री बी.एस. बघेल, ज्ञानेश्वर कश्यप और जी.एस. मंडावी सहित जिले के कार्यपालन अभियंता तथा अनुविभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

रायपुर, 19 जून 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुश्री सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।

सुश्री सुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी

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