newscreation

newscreation

रायपुर :  सामाजिक पुनर्वास की दृष्टि से निशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना काफी महत्वपूर्ण है। इससे दिव्यांगजनों को ना केवल आर्थिक सहायता के रूप में राशि मिलती है, बल्कि उनकेे मनोबल में भी काफी वृद्धि होती है।

यह कहना है, रायपुर जिले के तहसील आरंग के ग्राम गुमा के निवासी श्रीलोचन कुमार वर्मा का। श्री वर्मा ने बताया कि बाएं पैर में समस्या के वजह से वह बैसाखी लेकर ही चल पाते है। वे शासकीय सेवक के रूप में सहायक ग्रेड 3 के पद पर आवास एवं पर्यावरण विभाग में पदस्थ हैं। उनकी पत्नी ने भी स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई की हैं तथा वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रही हैं। गत दिवस महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने उन्हें निशक्तजन विवाह प्रोत्साहन राशि पचास हजार रूपए का चेक प्रदान किया।

 वर्मा नेे बताया कि शासन द्वारा जो प्रोत्साहन राशि मिली है उसका उपयोग उन्होंने मंदिर हसौद में घर बनाने के समय जो कर्ज लिए थे, उन्हें चुकाने के लिए उपयोग किया है। इससे उन्हें मानसिक शांति मिली। वे एक संयुक्त परिवार में रहते हैं माता-पिता, भैया भाभी भी साथ में रहते हैं। उनके पिता और भैया दोनों मिस्त्री का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए जिससे ज्यादा से ज्यादा निशक्तजन इसका लाभ ले सके। विवाह के तुरंत बाद समाज कल्याण विभाग में जाकर आवेदन कर देना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा निशक्तजन दंपत्तियों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

प्रभारी मंत्री ने किया मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण
रायपुर : नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने अम्बिकापुर के मातृ एवं शिशु अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस सिंहदेव, खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत ने भी अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियांेतथा चिकित्सको से नवजात शिशुओं की मृत्यु के कारणों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक और शिशु रोग प्रभारी दोनो एक साथ अवकाश पर नही जाएंगे। अवकाश पर जाने से पहले ड्यूटी के लिए एवजी जरूर हो। चिकित्सको या प्रोफेसर की कमी है तो संविदा पर भर्ती कर ली जाए। प्रभारी मंत्री ने अस्पताल में साफ - सफाई में कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इस पर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को प्रवेश नही करने देने के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाने के भी निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने एसएनसीयू तथा शिशु वार्ड का निरीक्षण किया

छत्तीसगढ़ के 169 नगरीय निकायों में खुलेंगे 188 श्री धन्वतंरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स
कमलज्योति,सहायक जनसंपर्क अधिकारी
रायपुर :  मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स शुरू करने जा रही है

सब्बो स्वस्थ्य-जम्मों सुघ्घर अर्थात सभी स्वस्थ्य रहे और सभी ठीक रहे, कुछ इन्हीं परिकल्पनाओं के साथ प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ की सरकार की फिर एक नई पहल अमल में लाई जा रही है।मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराने धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स शुरू करने जा रही है। योजना के तहत प्रदेश के नगरीय निकायों के 169 शहरों में 188 धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ होंगे। इन मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से लोगों को अधिकतम खुदरा बिक्री मूल्य (एमआरपी) में से 50 प्रतिशत से भी अधिक की छूट दी जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से ऐसे लाखों गरीबों और आमनागरिकों के पैसे बचेंगे जो अपनी बीमारी ठीक करने के लिए मंहगी दवाइयां खरीदते हैं।  धन्वतंरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर के नाम से शहरों में संचालित होने वाले इन दवा दुकानों में आसानी से कम कीमत पर दवाइयां मिल जाने से आमनागरिकों को बहुत राहत मिलेगी और उनके इलाज की राह भी आसान हो जाएगी।
इलाज के बाद अब घर तक पहुचेगी दवाएं
छत्तीसगढ़ सरकार ने विगत ढ़ाई साल में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने और जरूरतमंदों को निःशुल्क जांच, उपचार एवं दवाइयां मुहैया कराने अनेक नई पहल की है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना और मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की निःशुल्क पहुंच सुनिश्चित की गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं एवं संसाधनों के लगातार उन्नयन से स्थानीय स्तर पर ही जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ सरकार ने़ स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए राज्य में श्री धन्वंतरी दवा योजना शुरु की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 20 अक्टूबर को 85 श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स की शुरूआत के साथ प्रदेशवासियों को एक नई सौगात देंगे। इस कड़ी में शेष धन्वंतरी मेडिकल दुकानें भी अक्टूबर माह के अंत तक प्रारम्भ कर दी जायेगी। खास बात यह भी है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिस तरह से चिकित्सकों की टीम वार्डों और स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का निःशुल्क उपचार उनके घर के आसपास कर रही है, ठीक वैसे ही श्री धन्वंतरी दवा योजना के माध्यम से सस्ती दवाइयां घर तक पहुचाने के लिए भी तैयारिया की जा रही है। आने वाले दिनों में जरूरत के हिसाब से जरूरी दवाइयां घर तक भी पहुचाई जाएगी।
नरिक दवाओं के साथ हर्बल उत्पाद
 धन्वतंरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स के नाम पर संचालित होने वाले इन दुकानों में महत्वपूर्ण 251 दवाइयां, 27 सर्जिकल आइटम, सर्दी, ख़ासी, बुखार, ब्लड प्रेशर जैसी सामान्य बीमारियों के अलावा एंटीबायोटिक भी उपलब्ध होगी। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ख्याति प्राप्त कंपनियों की जेनरिक दवाइयों की बिक्री की जाएगी। इन दुकानों में कम कीमत पर दवा उपलब्ध होने के साथ प्रदेश के लघु वनोपज संघ द्वारा तैयार किए जाने वाले गुणवत्तापूर्ण हर्बल उत्पाद भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। ये हर्बल उत्पाद भी कई प्रकार के रोगों को दूर करने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण होते हैं।
एमएमयू सहित अस्पतालों में हो रहा इलाज
प्रदेश में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना संचालित है। इसमें प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों का इलाज किया जा रहा है। इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर 56 लाख परिवार शामिल हैं। सभी सरकारी अस्पतालों एवं अनुबंधित निजी अस्पतालों में राशन कार्ड और एक अन्य पहचान पत्र के साथ इस योजना के तहत इलाज कराया जा सकता है। डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना में अन्य राशन कार्डधारी परिवारों को 50 हजार रूपए तक के इलाज की पात्रता है। कुल मिलाकर प्रदेश के करीब 65 लाख परिवार इस योजना के श्रेणी में है।
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना
प्रदेशवासियों को गंभीर और दुर्लभ बीमारी में उपचार की सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू की गई है। इसके तहत दुःसाध्य रोगों के उपचार के लिए मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद उपचार हेतु राशि प्रदान की जाती है। डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से प्रदेश का हर नागरिक निःशुल्क इलाज के दायरे में है। प्रदेश में महिलाओं के इलाज के लिए दाई-दीदी विशेष क्लीनिक भी संचालित किया जा रहा है। इसमें नर्स से लेकर डॉक्टर तक सभी स्टॉफ महिलाएं हैं। यहां महिलाएं अपनी बीमारी व तकलीफ बिना किसी संकोच के बताकर उपचार करा सकती है।
जिला अस्पताओं में भी बढ़ाई जा रही है सुविधाएं
छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियो को त्वरित और बेहतर उपचार मुहैया कराने की दिशा में भी लगातार कदम आगे बढ़ा रही है। प्रदेश के अनेक जिला अस्पतालों में कीमोथेरेपी एवं डायलिसिस की सुविधा शुरू होने से गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर हो रहा है। इससे लोगों को बाहर जाकर इलाज कराने में लगने वाले धन, समय और श्रम की बचत हो रही है। जिला अस्पतालों में दीर्घायु वार्ड के माध्यम से कैंसर के मरीजों की निःशुल्क कीमोथेरेपी की जा रही है।
कोरोना सहित अन्य संक्रमण से निपटने की तैयारी
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लगभग सभी देश और राज्य प्रभावित हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते हुए उचित प्रंबंधन से कोरोना का काबू में करने और इसके जांच और आवश्यक उपचार हेतु तैयारी की। प्रदेश में 9 लाख 91 हजार से अधिक लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। राज्य सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए जो रणनीति तय की है, उसमें प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, प्रत्येक जिला चिकित्सालय में सभी ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर सहित आईसीयू बेड, शिशु वेंटिलेटर, ऑक्सीजन के लिए पीएसए प्लांट, लिक्विड ऑक्सीजन टैंक एवं ऑक्सीजन पाइप लाइन तथा मैनिफोल्ड, प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन बेड, जंबो सिलेंडर और आईसीयू बेड, प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में वेंटिलेटर सहित आईसीयू बेड, शिशु वेंटिलेटर जैसे सभी संसाधन होंगे। ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए प्रदेश में 100 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 23 पूर्ण हो चुके हैं और 77 निर्माणाधीन हैं। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों के बेड्स में पाइप लाइन की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश के 967 शासकीय और 435 निजी अस्पतालों में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत जरूरतमंदों को इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है।

रायपुर :प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन बकावंड विकासखंड के गिरोला स्थित माता हिंगलाजिन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस मौके पर उद्योग मंत्री  कवासी लखमा, सांसदद्वय  दीपक बैज और श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव  रेखचन्द जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चंदन कश्यप, विधायक राजमन बेंजाम तथा क्रेडा के अध्यक्ष  मिथलेश स्वर्णकार भी इस दौरान मौजूद थे।

नई उद्योग नीति की बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने की सराहना

रायपुर :चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के स्वर्ण जयंती समारोह में हुए शामिल

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल कल रात बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  बघेल ने बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्षों एवं सदस्यों को शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के 50 वर्ष पूरे होने पर स्मारिका का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों के साथ भोज में शामिल हुए। राज्य सरकार की नई उद्योग नीति की बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने सराहना की।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, बस्तर सांसद दीपक बैज, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, संसदीय सचिव एवं जगदलपुर विधायक  रेखचन्द जैन, क्रेडा के अध्यक्ष श्री मिथलेश स्वर्णकार, कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम, चित्रकोट विधायक  राजमन बेंजाम, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं बीजापुर विधायक  विक्रम मंडावी, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमति कविता साहू, बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष  किशोर पारख के अलावा बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों ने की मुलाकात
बकावंड तहसील मुख्यालय में महीने में 15 दिन लगेगा एसडीएम कार्यालय, स्टेडियम भी बनाया जाएगा, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
रायपुर :विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में शामिल होने के लिए जगदलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज अपने प्रवास के दूसरे दिन बकावण्ड विकासखण्ड के गिरोला में पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों से मुलाकात कर चर्चा की। मुख्यमंत्री के गिरोला आगमन पर वहां के पुजारी, सिरहा, गुनिया व समाज प्रमुखों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
मुख्यमंत्री  बघेल ने माता हिंगलाजिन मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क, स्कूल और भवन बनाना तो सभी सरकारों का काम है। लेकिन हमारी सरकार का उद्देश्य सड़क, स्कूल और भवन बनाने के साथ-साथ व्यक्ति का विकास करना है। हमने सुपोषण और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के साथ ही यहां के बन्द पड़े स्कूलों को दोबारा खोलने की शुरुआत की है। गरीब से गरीब लोगों को अनाज देने की व्यवस्था हमने की है। इसके साथ ही धान खरीदी, वनोपज खरीदी, गोबर खरीदी एवं तेंदूपत्ता खरीदी के माध्यम से लोगों की आर्थिक स्थिति लगातार सुधारी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत भूमिहीनों को सालाना 6 हजार रुपये भी देने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बकावंड तहसील मुख्यालय में महीने में 15 दिन एसडीएम कार्यालय संचालित करने और स्टेडियम निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किए बिना उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए किसी आदिवासी को उसकी जमीन से नहीं हटाया जाएगा। कारखाने और फैक्ट्रीज शासकीय भूमि में लगाए जाएंगे। इनमें 90 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया में अब बस्तर की नई पहचान बन रही है। सुकमा में इमली से इमली कैंडी बन रही है, दंतेवाड़ा के डेनेक्स ब्रांड के कपड़े दूसरे राज्यों तक पहुँच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से चर्चा में कहा कि बस्तर के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा, सांसदद्वय  दीपक बैज और श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष  चन्दन कश्यप, विधायक  राजमन बेंजाम, क्रेडा के अध्यक्ष  मिथिलेश स्वर्णकार, कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., मुख्य वन संरक्षक  मोहम्मद शाहिद, कलेक्टर  रजत बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र मीणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं हिंगलाजिन मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

रायपुर : जगदलपुर के पत्रकार भवन: प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण की दी मंजूरी

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने पत्रकार संघ सह प्रेस क्लब बस्तर संभाग के नये भवन निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री आज अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के नयापारा स्थित पत्रकार भवन पहुंचे थे, जहां उन्होंने उपस्थित पत्रकारों के साथ चर्चा की। पत्रकारों द्वारा इस अवसर प्रेस क्लब के नये भवन की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान पत्रकारों द्वारा प्रेस क्लब के नये भवन निर्माण हेतु जमीन का पट्टा देने तथा पत्रकारों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी इन समस्याओं के समाधान के लिए उचित पहल का आश्वासन दिया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं वेब पोर्टल के अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।

रायपुर :   बघेल के साथ प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा और सांसद दीपक बैज भी साथ पहुंचे।

गिरोला स्थित मां हिंगलाजिन के दर्शन करने पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भव्य स्वागत किया गया। हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री  बघेल के साथ प्रभारी मंत्री  कवासी लखमा और सांसद दीपक बैज भी साथ पहुंचे। गिरोला में बनाये गए अस्थायी हेलीपेड़ में मुख्यमंत्री का स्वागत बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल, नारायणपुर विधायक श्री चन्दन कश्यप, चित्रकोट विधायक  राजमन बेंजाम, क्रेडा के अध्यक्ष  मिथिलेश स्वर्णकार, कमिश्नर  जीआर चुरेन्द्र, पुलिस महानिरीक्षक  सुंदरराज पी, मुख्य वन संरक्षक  मोहम्मद शाहिद सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय लोक नर्तकों द्वारा पारम्परिक लोक नृत्यों के साथ किया गया। महिलाओं ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत आरती से किया।

आइसीसी टी20 विश्व कप का आगाज राउंड एक के क्वालीफायर मुकाबलों के साथ रविवार 17 अक्टूबर को हुआ। पहले दिन दूसरे मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला आइसीसी टी20 रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज बांग्लादेश की टीम को 14वें नंबर की टीम स्काटलैंड ने मात दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 140 रन का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में बांग्लादेश की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 134 रन ही बना पाई। 6 रन के मैच जीतकर स्काटलैंड ने टूर्नामेंट का बड़ा उलटफेर किया।

बांग्लादेश के कप्तान महमुदुल्लाह ने टास जीतकर इस मैच में पहले फील्डिंग करने का फैसला लिया था। टास गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज जार्ज मंजी के 29 रन के बावजूद स्काटलैंड एक समय छह विकेट पर 53 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था, लेकिन ग्रीव्स (45 रन, 28 गेंद, 4 चौके, 2 छक्के) ने मार्क वाट (22) के साथ 51 रन की साझेदारी की। बांग्लादेश के कप्तान अपना दूसरा मैच खेल रहे क्रिस ग्रीव्स की तूफानी पारी से स्काटलैंड ने बीच में आठ रन के अंदर पांच विकेट गंवाने के मुश्किल दौर से उबरकर बांग्लादेश के खिलाफ नौ विकेट पर 140 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

बांग्लादेश की तरफ से स्पिनर मेहदी हसन ने 19 रन देकर तीन, जबकि शाकिब अल हसन और मुस्तफिजुर रहमान ने दो-दो विकेट लिए।स्काटलैंड का स्कोर पावरप्ले तक एक विकेट पर 39 रन था और वह अच्छी स्थिति में दिख रहा था, लेकिन इसके बाद स्पिनरों ने गेंद संभाली और फिर पूरी कहानी बदल गई।

बड़े टूर्नामेंटों में कई बार बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर कर चुकी आयरलैंड के सामने टी-20 विश्व कप के शुरुआती चरण में सोमवार को नीदरलैंड्स की चुनौती होगी। ग्रुप-ए का यह मुकाबला काफी अहम होगा क्योंकि दोनों टीमें सुपर-12 चरण में जगह बनाने की दावेदार हैं। खेल के सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में हालांकि आंकड़े नीदरलैंड्स के पक्ष में है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ 12 टी-20 मैचों में से सात में जीत हासिल की है। नीदरलैंड्स की टीम हालिया वनडे सीरीज में भी आयरलैंड पर भारी पड़ी थी। आयरलैंड ने पाकिस्तान (2007), इंग्लैंड (2011), वेस्टइंडीज (2015) और जिंबाब्वे (2015) और बांग्लादेश (2009 टी-20 विश्व कप) के खिलाफ विश्व कप में जीत दर्ज की है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतर टीम के रूप में स्थापित होने के बाद ये दोनों टीमें टूर्नामेंट के अगले चरण में पहुंचने की दावेदार हैं।

आयरलैंड ने 2009 में टी-20 विश्व कप के दूसरे दौर में पहुंचकर कई लोगों को चौंका दिया था। यह शीर्ष स्तर पर उनका पहला वैश्विक टूर्नामेंट था। इस टीम के पास 2014 में शुरुआती चरण से आगे बढ़ने के बाद मौका था लेकिन उन्हें खराब नेट-रन रेट का खामियाजा भुगतना पड़ा। टीम हालांकि अपने चार टूर्नामेंटों में पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाई। टीम की कोशिश 2014 के बाद से टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करने की होगी। युवा और अनुभवी खिलाडि़यों के शानदार मिश्रण वाली टीम आयरलैंड ने कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात से मैच गंवाने के बाद भी बेहतर नेट रन रेट पर क्वालीफायर में अपने वर्ग में शीर्ष पर रहते हुए इस साल के टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया।

आयरलैंड ने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मार्च 2020 में खेला था। तीन मैचों की इस सीरीज में उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। टीम ने हाल में घरेलू सरजमीं पर स्काटलैंड के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में जीत दर्ज की लेकिन पांच देशों की सीरीज के फाइनल में उसे मेजबान ओमान से हार का सामना करना पड़ा। अनुभवी केविन ओब्रायन उनके प्रमुख खिलाड़ी होंगे, जो 2009 में भी टीम में थे। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ अपने भाई नियाल के साथ मैच जिताऊ पारी खेली थी। केविन ने उस मैच में 17 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने 2011 में वनडे विश्व कप में सबसे तेज शतक बनाकर बेंगलुरु में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में ओमान के खिलाफ सिर्फ 62 गेंदों में 124 रन बनाकर सबसे छोटे प्रारूप में आयरलैंड के लिए पहला शतक बनाया। नीदरलैंड्स ने टी-20 विश्व कप क्वालीफायर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचकर इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। उन्होंने इसके बाद क्वालीफायर प्रतियोगिता में भी जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स ने भी कुछ मौकों पर बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर किया है। उसने टी-20 विश्व कप में 2009 में ला‌र्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2014 टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड और फिर आयरलैंड को बुरी तरह से हराया था। टीम ने आयरलैंड के खिलाफ जीत के लिए मिले 190 रन के लक्ष्य को महज 14 ओवर में हासिल कर दूसरे चरण के लिए क्वालीफाई किया था।

Page 1 of 2931

फेसबुक