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Construction of auditorium, cremation facility, and roads to strengthen urban and rural infrastructure

Raipur, March 19, 2026

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Thursday performed the Bhoomipujan ceremony for six important development works worth a total of more than Rs 19.51 crore near the Police Line helipad in Jashpur Nagar, giving a new boost to the region’s development. On this occasion, he reiterated the state government’s commitment to strengthening urban and rural infrastructure.

The Bhoomipujan were performed for the construction of a cremation facility valued at Rs 35.46 lakh in ward no. 18 of Bhagalpur and a modern auditorium estimated cost of Rs 6.76 crore in ward no. 16. These projects will provide better social, cultural, and public amenities to the residents of the city.

The other works include the construction of four major roads aimed at improving connectivity and economic activities in the rural areas of Jashpur district. These include the Chatakpur–Rengarbahar road costing Rs 2.89 crore, the Kunkuri–Aurijor–Matlutoli–Patel Para road costing Rs 3.01 crore, the Ranibandh–Chidatangar–Uparkachhar road costing Rs 3.29 crore and the Dhuriamba–Katukhosha road costing Rs 3.18 crore.

On this occasion, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that the state government is continuously working towards the overall and balanced development of the state. He stated that expanding modern facilities in urban areas and strengthening infrastructure in rural regions are key priorities of the government. He expressed confidence that the completion of these projects will give new direction to the socio-economic development of the region.

On this occasion, MLA Smt. Gomti Sai, Chairman of the Chhattisgarh Building and Other Construction Workers Welfare Board Dr. Rampratap Singh, Municipal Council President Shri Arvind Bhagat, District Panchayat Vice President Shri Shaurya Pratap Singh Judeo, Municipal Vice President Shri Yash Pratap Singh Judeo, along with other public representatives and distinguished citizens, were present.

 

रायपुर 19 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और समृद्ध फसल की कामना की। सरहुल की पारंपरिक रस्म के तहत पूजा कराने वाले बैगा द्वारा मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) फूल खोंचकर शुभ आशीष प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है। बैगा, पाहन एवं पुजारी द्वारा की जाने वाली पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय समाज की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजकर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी किए जा चुके हैं, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। वहीं 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा।

उल्लेखनीय है कि सरहुल परब चैत्र माह में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और लोकनृत्य-गीतों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाता है। घर-घर सरई फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों की टोली ने मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की गूंजती थाप और उत्साह से भरे वातावरण ने पूरे परिसर को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा और उत्सव का उल्लास चरम पर रहा।

इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, विधायक श्रीमती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

 

रायपुर, 19 मार्च 2026/युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी सुलभ कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। आज झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ जनसंपर्क की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित लोकप्रिय पत्रिका ‘रोजगार और नियोजन’ का अवलोकन कर जानकारी ली। टीम को साप्ताहिक पत्रिकारोजगार और नियोजन पत्रिका के संबंध में सहायक संपादक श्रीमती गीतांजली नेताम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका
की पाठ्य सामग्री, स्वरूप और युवाओं के लिए उपयोगी जानकारी दी।

झारखंड की टीम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका की सराहना की l टीम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग झारखंड के डिप्टी डायरेक्टर आनंद कुमार, विभाग की प्रतिनिधि श्रीमती सुनीता धान तथा विधि सलाहकार अमन कुमार शामिल रहे।

झारखण्ड की टीम के अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के युवाओं को भी इसी प्रकार की विश्वसनीय और संगठित रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में ‘रोजगार और नियोजन’ जैसी पत्रिका प्रकाशित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए वे इस प्रकाशन की प्रति लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी प्रस्तुत करेंगे। टीम के सदस्यों ने कहा कि इस प्रकार की पत्रिका प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें सरकारी नौकरियों, योजनाओं और कैरियर मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होती है।

इस पहल को लेकर टीम ने उम्मीद जताई जा रही है कि यदि यह योजना साकार होती है, तो झारखंड के हजारों युवाओं को रोजगार संबंधी सटीक और समय पर जानकारी मिल सकेगी, जिससे उनके भविष्य निर्माण में सकारात्मक योगदान मिलेगा। झारखण्ड की टीम के छत्तीसगढ संवाद भ्रमण के अवसर पर रोजगार और नियोजन से संबद्ध अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे l



आवास और अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर, 19 मार्च 2026/ राज्य में आवासीय और शहरी अधोसंरचना विकास को व्यापक स्वरूप देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। यह संशोधन मंडल की भूमिका को विस्तार देते हुए उसे एक आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सदन में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का गठन मूलतः मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 के तहत किया गया था। राज्य गठन के बाद यह संस्था प्रदेश में आवासीय योजनाओं, नगरीय अधोसंरचना और किफायती आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल द्वारा लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के अंतर्गत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण को स्वीकृति मिली है।

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि 650 करोड़ रुपये से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है। नवंबर 2025 में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले में 2,060 करोड़ रुपये की 56 नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिसमें 2,517 संपत्तियों की बुकिंग और 1,477 का आवंटन किया जा चुका है। वर्तमान में मंडल छत्तीसगढ़ के 33 में से 27 जिलों में सक्रिय है और प्रक्रियात्मक सुधारों के माध्यम से रजिस्ट्री के साथ भौतिक कब्जा सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा, 858 करोड़ रुपये की लागत से 146 विकासखंडों में शासकीय आवासों का निर्माण कर मंडल ने अपनी तकनीकी क्षमता भी सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को एकीकृत कर एक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें गृह निर्माण मंडल की भूमिका अहम होगी।

संशोधन के तहत मंडल को केवल आवास निर्माण तक सीमित न रखते हुए टाउन प्लानिंग स्कीम, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP), जॉइंट वेंचर, रिडेवलपमेंट, स्लम पुनर्विकास और मिश्रित भूमि उपयोग जैसी आधुनिक विकास अवधारणाओं को लागू करने की अनुमति दी गई है।

अंत में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह संशोधन गृह निर्माण मंडल को एक सशक्त, सक्षम और बहुआयामी संस्था के रूप में स्थापित करेगा। इससे राज्य में सुनियोजित, टिकाऊ और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों को बेहतर आवास और आधुनिक अधोसंरचना सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

 

छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा -वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर, 19 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है।

सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर है। हालांकि, राज्य गठन के बाद विभिन्न कारणों से ऐसी योजनाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। विशेष रूप से अहमदाबाद में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जाएगा। नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को भी इस कार्य के लिए अधिकृत किया जा सकेगा।

इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम जैसे संस्थान भी नगर विकास योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी निभा सकेंगे। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

 

Discussion on new hostel buildings and key development issues for OBCs

State OBC Advisory Council meeting held under Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai

Raipur, March 18, 2026//

A meeting of the State OBC Advisory Council was held under the chairmanship of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, where key decisions were discussed, including the formation of a separate directorate for OBC welfare and construction of new hostel buildings.

The Chief Minister said the government is committed to the educational, social and economic development of OBCs and minority communities, which include around 95 castes and sub-groups. He emphasised inclusive growth while respecting their social and cultural heritage.

For the development of the Backward Classes, the Other Backward Classes Commission and Welfare Commission has also been established. Additionally, the Lauhshilp Development Board, Rajakkar Development Board, and Telghani Development Board have been set up for this purpose.


To accelerate development, the state has established the OBC & Minority Development Department, along with bodies like the OBC Commission and various development boards. Budget provisions include Rs 150 crore for post-matric scholarships (direct benefit transfer), new hostels in multiple districts, and schemes for competitive exam coaching (engineering, medical, UPSC, CGPSC, SSC, banking, etc.). A new Mukhyamantri Shiksha Sahayog Yojana will provide financial support to students unable to secure hostel admission.

Currently, 55 departmental hostels have been approved for the Other Backward Classes (OBC). In the latest budget, post-matric hostels for OBC students have been sanctioned in six districts—Raigarh, Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur, Dhamtari, Raipur, and Jashpur.


During this time, other members of the State Backward Class Advisory Council offered important suggestions.

The meeting was attended by Deputy Chief Minister Shri Arun Sao, Minister for Backward Class and Minority Development Shri Shyam Bihari Jaiswal; Revenue Minister Shri Tank Ram Verma, Women and Child Development Minister Smt. Laxmi Rajwade, School Education Minister Shri Gajendra Yadav, Finance Minister Shri OP Choudhary, Chief Secretary Shri Vikas Sheel, Principal Secretary to the Chief Minister Shri Subodh Singh, along with a large number of other public representatives and officials.

भारतीय वायुसेना को मजबूत करने के लिए भारत अब 6th जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को बताया है कि भारत यूरोप के दो कंसोर्टियम में से किसी एक ग्रुप के साथ जुड़ने पर विचार कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक ग्रुप में यूके, इटली और जापान शामिल हैं, जबकि दूसरे में फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं। दोनों ही ग्रुप अगली पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित कर रहे हैं।

समिति ने कहा कि भारतीय वायुसेना जल्द ही इनमें से किसी एक कंसोर्टियम के साथ साझेदारी पर फैसला कर सकती है, ताकि उन्नत लड़ाकू विमान विकसित करने की दौड़ में पीछे न रहे।

भारत हाल के समय में 6th जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट्स में खास रुचि दिखा रहा है। इसी बीच चीन ने भी अपने विकसित हो रहे 6th जनरेशन फाइटर जेट की झलक जारी की है।

भारतीय वायुसेना को मजबूत करने के लिए भारत अब 6th जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को बताया है कि भारत यूरोप के दो कंसोर्टियम में से किसी एक ग्रुप के साथ जुड़ने पर विचार कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक ग्रुप में यूके, इटली और जापान शामिल हैं, जबकि दूसरे में फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं। दोनों ही ग्रुप अगली पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित कर रहे हैं।

समिति ने कहा कि भारतीय वायुसेना जल्द ही इनमें से किसी एक कंसोर्टियम के साथ साझेदारी पर फैसला कर सकती है, ताकि उन्नत लड़ाकू विमान विकसित करने की दौड़ में पीछे न रहे।

भारत हाल के समय में 6th जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट्स में खास रुचि दिखा रहा है। इसी बीच चीन ने भी अपने विकसित हो रहे 6th जनरेशन फाइटर जेट की झलक जारी की है।

भारतीय वायुसेना को मजबूत करने के लिए भारत अब 6th जनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को बताया है कि भारत यूरोप के दो कंसोर्टियम में से किसी एक ग्रुप के साथ जुड़ने पर विचार कर रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक ग्रुप में यूके, इटली और जापान शामिल हैं, जबकि दूसरे में फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं। दोनों ही ग्रुप अगली पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित कर रहे हैं।

समिति ने कहा कि भारतीय वायुसेना जल्द ही इनमें से किसी एक कंसोर्टियम के साथ साझेदारी पर फैसला कर सकती है, ताकि उन्नत लड़ाकू विमान विकसित करने की दौड़ में पीछे न रहे।

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रिपोर्ट के मुताबिक, एक ग्रुप में यूके, इटली और जापान शामिल हैं, जबकि दूसरे में फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं। दोनों ही ग्रुप अगली पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित कर रहे हैं।

समिति ने कहा कि भारतीय वायुसेना जल्द ही इनमें से किसी एक कंसोर्टियम के साथ साझेदारी पर फैसला कर सकती है, ताकि उन्नत लड़ाकू विमान विकसित करने की दौड़ में पीछे न रहे।

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