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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले रेल महाप्रबंधक

 

 

 

सुशासन के मार्ग पर चलने में सरकार का अहम हिस्सा है पुलिस
मध्यप्रदेश पुलिस की धाक और साख प्रशंसनीय
प्रतिवर्ष प्रदान किये जाये प्रोत्साहन पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग के पुरस्कारों की राशि बढ़ाने की दी मंजूरी
पुलिसकर्मियों के कल्याण का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी
पुलिस सेवा में भर्ती प्रक्रिया को किया जा रहा है तेज
वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिये 101 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियानों, साम्प्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाये रखने में योगदान देने वालों को किया गया पुरस्कृत

 

लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण के लिए 15 हजार 598 करोड़ रूपये की स्वीकृति
शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6 हजार 116 करोड़ रूपये की स्वीकृति
बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल
महाविद्यालय की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति
नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति
राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रूपये किए जाने की स्वीकृति
10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की स्वीकृति
जबलपुर उच्च न्यायालय के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गये निर्णय

जांच के लिए भेजे गए तरबूज के सैंपल

स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कर रही अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच

रायपुर, जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मृत्यु तथा 3 अन्य बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित एसडीएम को जिला चिकित्सालय जांजगीर भेजा , कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम जांजगीर ने मेडिकल टीम को गांव में संबंधित परिवार के सभी लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए रवाना किया तथा तहसीलदार को गांव में इस बाबत पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।

सिविल सर्जन श्री एस. कुजूर ने बताया बच्चों के तरबूज और चिकन खाने बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है जिनकी हालत अब सामान्य है ।कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित तरबूज के सैंपल जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निगरानी भी कर रही है।

डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को मिली स्वीकृति

रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने की।

बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त होती है। डीएमएफ अब कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोरबा जिले में डीएमएफ के तहत होने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए।

सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान प्राप्त होगी। जिले में जहां भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक क्षेत्रों में राशि की जरूरत है, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। जिले में उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तथा समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी कार्यों की प्रगति देखी जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के साथ उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में खनन प्रभावित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लाभ,खेल,अधोसंरचना, बेसलाइन सर्वे, पंचवर्षीय परिपेक्ष्य परियोजना,सड़क सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, श्री कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ एवं पदेन सचिव श्री दिनेश नाग, निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, प्रशिक्षु आईएएस श्री तरूण किरण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी डीएमएफ के सदस्य श्रीमती किरण मरकाम, पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन भी बैठक में शामिल हुए।

PPPAC meeting held under the chairmanship of Chief Secretary Shri Vikas Sheel

Discussion held on major projects including Bilaspur Transport Nagar and Nava Raipur Convention Centre, focus on simplification of rules

Raipur, A significant meeting was held on Monday at Mahanadi Bhawan to strengthen industrial infrastructure and promote investment in Chhattisgarh. The Public Private Partnership Appraisal Committee (PPPAC) of the Chhattisgarh State Industrial Development Corporation (CSIDC), under the Industries and Commerce Department, reviewed various projects during a meeting chaired by Chief Secretary Shri Vikas Sheel.

Major projects to be developed under PPP model
The meeting held detailed discussions on infrastructure development across different sectors of the state through the Public Private Partnership (PPP) model. Key projects discussed included the development of a Transport Nagar in Bilaspur, construction of a state-of-the-art Convention Centre in Nava Raipur, development of new industrial areas at Dhamtari (Chhati) and Balodabazar (Chanderi), as well as construction of a commercial tower and flatted factory building in Bhilai.

Focus on increasing investment and simplifying rules
Chief Secretary Shri Vikas Sheel directed officials to simplify regulations to accelerate industrial projects. He emphasised making procedures barrier-free to strengthen industrial infrastructure and attract greater investment in the state. Discussions were also held on improving and making industrial park allotment rules more transparent.

Presentation and departmental participation
During the meeting, Industries and Commerce Department Secretary Shri Rajat Kumar gave a detailed presentation on the current status and future action plan of PPP projects. Principal Secretary of the Law and Legislative Department Smt. Sushma Sawant, Finance Department Secretary Dr. Rohit Yadav, along with senior officials from CSIDC, Planning and Finance Departments, were also present at the review meeting.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai unveils festival poster, extends best wishes for successful organization

Raipur, A delegation from the Raipur Press Club paid a courtesy visit to Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai at his residence office on Monday. The delegation invited Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai to attend the upcoming “Patrakarita Martand Utsav” scheduled to be held on May 30 to commemorate 200 years of Hindi journalism.

Chief Minister Shri Sai appreciated the delegation for the invitation and extended his best wishes for the successful organisation of the event. On the occasion, Chief Minister Shri Sai also unveiled the poster of the “Patrakarita Martand Utsav.”

Press Club President Shri Mohan Tiwari said that the event is being organised to honour and celebrate the glorious tradition of Hindi journalism, the important role of media in democracy, and the contribution of journalism to society.

He informed that senior journalists, editors, media experts, litterateurs and distinguished personalities from various social fields from across the state and country would participate in the programme. The event will also feature journalist felicitation ceremonies, panel discussions, special lectures and cultural presentations.

On the occasion, Chief Minister’s Advisor Shri R. Krishna Das, Press Club General Secretary Shri Gaurav Sharma and other office bearers were present on the occasion.

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया उत्सव पोस्टर का विमोचन, सफल आयोजन की दी शुभकामनाएं

रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 मई को आयोजित “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” के पोस्टर का विमोचन भी किया।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी ने बताया कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका तथा पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं देश के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों, साहित्यकारों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के अंतर्गत पत्रकार सम्मान, विचार गोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, प्रेस क्लब के महासचिव श्री गौरव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर, छत्तीसगढ़ में औगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन हो।

राखड़ प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुशासित व्यवस्था

मंडल की सतर्कता के परिणामस्वरूप जांजगीर-चांपा सहित राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश (राखड़) का प्रबंधन निर्धारित वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राखड़ के परिवहन, भंडारण और निस्तारण की प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित एवं मानकों के अनुरूप पाई गईं।

पारदर्शिता और जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि राखड़ परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन हो तथा धूल या अन्य कणों का अनियंत्रित प्रसार न हो। वैज्ञानिक डंपिंग तकनीकों के उपयोग से आसपास के जल स्रोतों और कृषि भूमि की गुणवत्ता सुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निकायों और ग्रामीणों के साथ सतत संवाद के माध्यम से मंडल विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर रहा है।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ा जनविश्वास

मंडल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उद्योगों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। इस सतत निगरानी व्यवस्था से न केवल पर्यावरणीय अनुपालन को मजबूती मिली है, बल्कि आम नागरिकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

स्वच्छ और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में सतत प्रयास

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का उद्देश्य राज्य की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण करना है। नियमित समीक्षा, उन्नत तकनीकों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मंडल पर्यावरण संरक्षण के उच्चतम मानकों को स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने की कार्यों की समीक्षा, भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग की बाधाओं को समय-सीमा में निराकृत करने के दिए निर्देश

रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय नवा रायपुर के निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों में भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग आदि की बाधाओं को स्वयं रूचि लेते हुए समय-सीमा में त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डी.पी.आर. तैयार करने, एजेंसी निर्धारण, मार्गों एवं भवनों के मरम्मत तथा कार्य मेजरमेंट बुक के लिए नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।

सचिव श्री बंसल ने बैठक में हाई स्कूल भवनों, हायर सेकेण्डरी स्कूलों, शासकीय आवासगृहों, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों व कम्पोजिट भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से शासकीय भवनों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल प्रेषित करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को हर 15 दिनों में कोर्ट प्रकरणों, भू-अर्जन के मामलों तथा लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन मामलों में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के सभी प्रगतिरत कार्यों में निर्धारित मानक अनुसार पूर्ण मासिक कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सभी कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं को छुट्टी के दिनों में भी सतर्क रहने और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी भी दिन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है।

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