ईश्वर दुबे
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श्री हिमंता बिस्वा सरमा को दी बधाई
मध्यप्रदेश को फ्रांस की ओर से प्राप्त होगा अधिकतम सहयोग : फ्रांस राजदूत श्री माथू
भारत और फ्रांस की मैत्री है पुरानी, आगे भी रहेगा परस्पर सहयोग
मुख्यमंत्री निवास में फ्रांस के राजदूत और इंडो फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कान्क्लेव के प्रतिनिधियों का हुआ आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री निवास में हुई राउंड टेबल मीटिंग
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has expressed deep sorrow over the tragic death of four members of a family caused by a short circuit and gas cylinder explosion in the Kumhari police station area of Durg district.
Chief Minister Shri Sai described the incident as “extremely heartbreaking and painful.” He said the tragedy has caused profound grief and anguish. Expressing heartfelt condolences to the bereaved family members, he prayed for peace for the departed souls.
The Chief Minister stated that the state government stands firmly with the affected family during this difficult time. He has directed officials to ensure every possible assistance for the grieving family members.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has announced a special financial assistance of Rs. 5 lakh each for the deceased person. This assistance will be provided in addition to the Rs. 4 lakh compensation already admissible under government provisions, bringing the total assistance of Rs. 9 lakh to the family for each deceased person.
The Chief Minister has also instructed the district administration to ensure proper arrangements for accommodation, food, and other essential support for the affected family members. He further directed officials to conduct a detailed investigation into the causes of the incident so that all facts related to the tragedy can be thoroughly examined.
रायपुर,छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर के पद के लिए कुल 33 जिलों से 1एक 37 लाख 323 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय द्वारा दस्तावेज एवं शारीरिक माप परीक्षण के बाद कुल 63 हजार 342 अभ्यर्थी अर्हता प्राप्त हुए हैं। शारीरिक माप परीक्षण के बाद अर्हता प्राप्त अभ्यर्थियों की प्रारंभिक लिखित परीक्षा 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक 33 जिले में केन्द्र बनाए गए हैं।
सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर के पद के प्रारंभिक लिखित परीक्षा के लिए जिला सरगुजा (अंबिकापुर), कोरिया (बैकुण्ठपुर), बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, दंतेवाड़ा, बस्तर (जगदलपुर), जांजगीर-चांपा, जशपुर, कवर्धा, उत्तर बस्तर कांकेर को केन्द्र बनाए गए हैं। इसी प्रकार कोरबा, महासमुन्द, रायपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर- रामानुजगंज, सूरजपुर, गरियाबंद, नारायणपुर, कोण्डागांव, बीजापुर, सुकमा, बेमेतरा, बालोद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ को परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर के पद के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा 12 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयेाजित की जाएगी। परीक्षा हेतु आयोग द्वारा प्रवेश पत्र परीक्षा तिथि के 15 दिवस पूर्व जारी किया जाएगा। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाईट www.psc.cg.gov.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग कार्यालय द्वारा किसी भी अभ्यर्थी को पृथक से प्रवेश पत्र जारी किए जाने संबंधी कोई सूचना या SMS नहीं भेजा जायेगा।
प्रमुख सचिव ने पीएम श्री सेजस विद्यालय कुम्हारी का किया निरीक्षण
विद्यार्थियों को विद्या अध्ययन के साथ ही शिक्षार्थी और अभ्यर्थी भी बनना चाहिए
रायपुर, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि वोरा ने आज दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित पीएम श्री विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी विभागों का बारीकी से अवलोकन किया। श्री बोरा ने विद्यालय की लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल लैब, स्पोर्ट्स रूम सहित सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विभाग में संचालित जादुई पिटारा गतिविधियों तथा मिडिल विभाग में स्मार्ट क्लास के माध्यम से कराए जा रहे शिक्षण कार्य को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से सहजता के साथ चर्चा कर पढ़ाई-लिखाई एवं खेलकूद की जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विद्यार्थियों से चर्चा में कहा कि अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से सफलता मिलती है। उन्होंने पीएमश्री विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए प्रारंभिक पायदान सेेे ही विद्यार्थियों को विद्या अध्ययन के साथ ही ज्ञान पिपासु शिक्षार्थी और अभ्यर्थी भी बनना चाहिए। उन्होंने इस दौरान विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की तथा सभी कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें सम्माति भी किया। प्रमुख सचिव श्री बोरा और कलेक्टर श्री सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य बनाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया और यह भी पूछा कि वे जीवन में क्या बनेंगे। यह पूछने पर टॉपर्स ने सी.ए., साइबर इंजीनियर, कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सराहनीय बताया।
सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 12वीं की छात्रा रिया साहू जिन्होंने राज्य स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त की है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी देवांगन ने जिला स्तर पर आठवां स्थान अर्जित की है। कक्षा 8वीं में पायल रजानी एवं नैतिक आमटे ने संकुल स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल की है। इसी प्रकार कक्षा 5वीं की छात्रा शिवानी पटेल प्रथम स्थान पर रही, जबकि भव्या साहू एवं रूपाली साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
Employment-Oriented Policies Deliver Results as Chhattisgarh Records Just 2.3% Unemployment Rate in PLFS 2025
Employment, Self-Employment and Skill Development Transforming Chhattisgarh’s Economic Landscape
Opportunities for Youth, Stronger Rural Economy: Chhattisgarh Emerges as a Positive Employment Model
Good Governance and Welfare Schemes Have Strengthened the Foundation of Employment: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
Raipur, The Periodic Labour Force Survey (PLFS) 2025, released by the Ministry of Statistics and Programme Implementation, Government of India, has revealed that Chhattisgarh’s unemployment rate stands at just 2.3 per cent, significantly lower than the national average. The figures reflect the impact of the state’s “employment-oriented and inclusive development” policies, backed by a strong rural economy and effective public welfare initiatives.
The state government has consistently focused not only on providing employment opportunities but also on ensuring “dignified livelihoods, stable income, and self-reliance” for citizens. As a result, economic activities linked to agriculture, forest produce, self-employment, and small enterprises have continued to strengthen livelihood opportunities across the state.
The government has worked extensively to make agriculture and allied sectors the driving force of economic growth while connecting farmers, rural communities, and forest dwellers with sustainable livelihood opportunities. Initiatives such as the procurement of minor forest produce at support prices, the promotion of self-help groups in rural areas, the expansion of micro and cottage industries, skill development programmes, and local employment generation schemes have played a significant role in economically empowering youth and women.
Various state-run welfare programmes have expanded the scope of economic activities in villages, leading to reduced migration and increased opportunities for local employment and self-employment. The government’s focus on “grassroots economic empowerment” has helped strengthen both rural demand and local entrepreneurship.
The state government believes that reducing unemployment figures alone is not enough. Greater emphasis is being placed on providing young people with “better opportunities aligned with their skills and potential.” In line with this vision, special focus is being given to skill upgradation, entrepreneurship development, employment-oriented training, and investment-driven industrial expansion.
The positive outcomes of the new Industrial Development Policy 2024–30 are also becoming visible at the ground level, with new industries being established across the state and fresh employment opportunities being created for the youth. The policy aims to promote “balanced and sustainable industrial growth” while encouraging investment in emerging sectors, including information technology, food processing, textiles, logistics, and manufacturing.
The government is also working towards balanced growth between rural and urban economies so that the benefits of development reach every section of society.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that the state government is committed to enabling every youth, farmer, woman, and worker in Chhattisgarh to move forward with “confidence, dignity, and self-reliance.” He said that the government is continuously expanding development and employment opportunities so that the benefits of economic progress reach every section of society.
The Chief Minister expressed confidence that through public welfare schemes, “transparent and citizen-centric governance,” and employment-oriented policies, Chhattisgarh will further strengthen its identity as one of India’s leading emerging growth states in the coming years.
कहा- दुर्ग सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है दुर्ग, विभागीय समन्वय से दुर्ग बने मॉडल जिला
रायपुर, प्रमुख सचिव एवं दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि दुर्ग जिला सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला रहा है, इसलिए इसकी पहचान को बनाए रखते हुए अधिकारी बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागीय समन्वय से दुर्ग जिले के मॉडल जिले के रूप में विकसत करने पर बल दिया।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने समीक्षा बैठक में कहा कि आमजनों को विभागीय सेवाओं का त्वरित लाभ मिले, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार के अंतर्गत शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
शुद्ध पेयजल, नाला सफाई और पीएम आवास पर जोर
प्रभारी सचिव श्री बोरा ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए आमजनों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बरसात पूर्व बड़े नालों सफाई कराने, अतिक्रमण हटाने तथा सैप्टिक टैंक सफाई में एसओपी का पालन करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत पीएम आवास निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राही सम्मेलन आयोजित कर लोगों को निर्माण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
मनरेगा मजदूरी भुगतान शुरू, श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश
बैठक में मनरेगा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग जिले में 14 जनवरी 2026 से लंबित लगभग 30 करोड़ 83 लाख रुपये की मजदूरी राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है और श्रमिकों के खातों में भुगतान शुरू हो गया है। प्रभारी सचिव ने सभी जनपद पंचायत सीईओ और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया कि वे श्रमिकों से सीधे संपर्क कर मजदूरी भुगतान संबंधी जानकारी साझा करें तथा भुगतान से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
लखपति दीदी, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी फोकस
बैठक में बताया गया कि एनआरएलएम के तहत जिले में 78 हजार 411 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 37 हजार महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, शिशु मृत्यु दर को शून्य करने तथा सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने तथा 16 जून तक सभी छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूर्ण कराने को कहा।
किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज
कृषि विभाग को आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक वितरण की कार्ययोजना तैयार करने तथा पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंनेे कहा कि किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज का वितरण किया जाए। रासायनिक खाद के कालाबाजारी करने वाले पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत जिले में एक लाख 46 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित है। साथ ही चीचा और बेलौदी क्षेत्र को वेटलैंड घोषित किया गया है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने पुलिस विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, एडीएम वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव ने पीएम श्री सेजस विद्यालय कुम्हारी का किया निरीक्षण
विद्यार्थियों के समक्ष बने विद्यार्थी और अभ्यर्थी
रायपुर, आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव श्री सोनमणी वोरा ने आज दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित पीएम श्री विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी विभागों का बारीकी से अवलोकन किया। श्री बोरा ने विद्यालय की लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल लैब, स्पोर्ट्स रूम सहित सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विभाग में संचालित जादुई पिटारा गतिविधियों तथा मिडिल विभाग में स्मार्ट क्लास के माध्यम से कराए जा रहे शिक्षण कार्य को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से सहजता के साथ चर्चा कर पढ़ाई-लिखाई एवं खेलकूद की जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह उपस्थित थे।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विद्यार्थियों से चर्चा में कहा कि अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से सफलता मिलती है। उन्होंने पीएमश्री विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों के समक्ष विद्यार्थी और अभ्यर्थी भी बने। उन्होंने इस दौरान विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की तथा सभी कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें सम्माति भी किया। प्रमुख सचिव श्री बोरा और कलेक्टर श्री सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य बनाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया और यह भी पुछा कि वे जीवन क्या बनेंगे। यह पूछने पर टॉपर्स ने सी.ए., साइबर इंजीनियर, कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सराहनीय बताया।
सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 12वीं की छात्रा रिया साहू जिन्होंने राज्य स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त की है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी देवांगन ने जिला स्तर पर आठवां स्थान अर्जित किया है। कक्षा 8वीं में पायल रजानी एवं नैतिक आमटे ने संकुल स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल की है। इसी प्रकार कक्षा 5वीं की छात्रा शिवानी पटेला प्रथम स्थान पर रही, जबकि भव्या साहू एवं रूपाली साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
- प्रत्येक मृतक सदस्य को 5-5 लाख रुपए देने की घोषणा की
रायपुर : दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 04 खपरी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों होमदास वैष्णव (40 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (18 वर्ष), चांदनी वैष्णव (17 वर्ष) एवं मासूम गोपिका वैष्णव (2 वर्ष) की मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई।
दुर्ग प्रवास के दौरान घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण कर स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने आसपास के लोगों से चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा भी की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को घटना की जानकारी मिलने पर उनके निर्देशानुसार स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने प्रत्येक चार मृतक को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा आरबीसी 6-4 के तहत प्रत्येक चार मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने इस घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस दौरान दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल जी, विधायक श्री रिकेश सेन, श्री डोमनलाल कोरसेवाड़ा, श्री ईश्वर साहू, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडेय, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह समेत जिला प्रशासन की टीम एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपथित रहे।
मुचाकी देवे की मुस्कान ने बयां की बदलाव की कहानी, तत्काल मिला राशन कार्ड
सुकमा में अब मिनटों में हाथ में आ रहे शासकीय दस्तावेज
रायपुर, / जिला प्रशासन की एक संवेदनशील पहल ने सुकमा के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली की नई रोशनी बिखेरी है। कलेक्ट्रेट परिसर में नवनिर्मित 'सिंगल विंडो कक्ष' केवल एक सरकारी व्यवस्था नहीं, बल्कि आमजन के भरोसे का केंद्र बन गया है। प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा उद्घाटित इस व्यवस्था ने प्रशासनिक पेचीदगियों को खत्म कर दिया है, जिससे अब ग्रामीणों को अपने जरूरी दस्तावेजों के लिए अलग-अलग दफ्तरों की खाक नहीं छाननी पड़ रही है।
प्रशासनिक संवेदनशीलता का सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब पुनर्वास केंद्र से आईं मुचाकी देवे जैसे हितग्राहियों के हाथों में तुरंत राशन कार्ड थमाया गया। मुचाकी देवे की आंखों में खुशी की चमक साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पहले राशन कार्ड या सरकारी पहचान पत्रों के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन यहाँ एक ही छत के नीचे उनका काम मिनटों में हो गया। उनके साथ आए 11 अन्य पुनर्वासित नागरिकों को भी आधार कार्ड, वोटर आईडी और आयुष्मान कार्ड जैसी सेवाएं तुरंत उपलब्ध कराई गईं।
कलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस नवाचार के जरिए पारदर्शिता और गति का नया मानक स्थापित किया है। जिला मुख्यालय से 41 किमी दूर मेकावाया जैसे सुदूर गांव से आईं कवासी रेशमा इस बदलाव की प्रत्यक्ष गवाह हैं। रेशमा ने बताया कि अपने परिवार का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। वहाँ मौजूद स्टाफ न केवल फॉर्म भरने में मदद करता है, बल्कि दस्तावेज तैयार होने तक पूरी आत्मीयता से मार्गदर्शन भी देता है।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना है। 'सिंगल विंडो' की यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, ताकि सुदूर वनांचलों से आने वाले ग्रामीणों को अपने बुनियादी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और आयुष्मान कार्ड के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। अब एक ही छत के नीचे सभी महत्वपूर्ण हितग्राहीमूलक सेवाएं उपलब्ध होने से न केवल ग्रामीणों के समय की बचत हो रही है, बल्कि उन्हें त्वरित न्याय और सुविधा भी मिल रही है।
यह 'सिंगल विंडो' सिस्टम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतार रहा है। आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को ही लगभग 67 आवेदनों का निराकरण किया गया, जबकि 16 मार्च से अब तक 3620 नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर जन्म प्रमाणपत्र और श्रम कार्ड से लेकर निवास प्रमाण पत्र तक, एक ही कक्ष में मिल रही इन सुविधाओं ने ग्रामीणों के समय और पैसे, दोनों की बचत की है। सुकमा का यह सिंगल विंडो मॉडल राज्य के लिए जनसेवा की एक मिसाल बन गया है। जहाँ पहले कलेक्ट्रेट के चक्कर काटना ग्रामीणों के लिए थकान और निराशा का सबब होता था, वहीं अब चेहरे पर मुस्कान और हाथ में जरूरी दस्तावेज लेकर लौटते हितग्राही इस पहल की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।