Google Analytics —— Meta Pixel
newscreation

newscreation

छगन लोन्हारे, उप संचालक जंनसंपर्क

रायपुर, 30 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। इसी का परिणाम है कि बीते 02 साल 04 माह में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 800 करोड़ रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में अंतरित किए जा चुके हैं। इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।

मजदूर दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस या श्रमिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए संकल्प लेना है। यह दिन श्रमिकों के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों को सम्मानित करने के लिए भी मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की याद में मनाया जाता है, जहां अनेक श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग की थी। सन् 1889 में द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में घोषित किया था। इस दिन को मनाने का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए आवाज बुलंद करना है। भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत 1923 में चेन्नई (मद्रास) से हुई थी। भारतीय संविधान निर्माण सभा के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के काम का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को प्रसूति अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराई।

मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का कहना है कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हर हाथ को काम इस दिशा में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्रम विभाग के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 256 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

लोधी समाज वीरता और‍ किसान योद्धा परंपरा का प्रतीक
राजा हिरदेशाह लोधी ने 1857 की क्रांति से पहले आजादी के लिए 1842 में फूंका क्रांति का बिगुल
राजा हिरदेशाह लोधी की कर्मस्थली हीरापुर को तीर्थ स्थल के रूप में करेंगे विकसित
राजा हिरदेशाह के संघर्ष और शौर्य को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा
राज्य सरकार कराएगी राजा हिरदेशाह पर शोध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा हिरदेशाह लोधी की 168वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम को किया संबोधित
मंत्री श्री पटेल और पूज्य दादा गुरु ने भी किए विचार व्यक्त
जंबूरी मैदान पर हुआ भव्य कार्यक्रम

जरूरतमंदों को सम्मान और पारदर्शिता के साथ सहायता देना ही हमारा संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 33.45 लाख से अधिक हितग्राहियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक पेंशन राशि का अंतरण

खरगोन जिले के जलूद में 271 करोड़ की लागत से बने 60 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट का हुआ लोकार्पण
बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी का बढ़ता प्रभाव
जन भागीदारी से निर्मित प्रथम संयंत्र का श्रेय मध्यप्रदेश को

लोकमाता अहिल्या बाई के स्थापित आदर्श मध्यप्रदेश सरकार की हैं प्रेरणा
मुख्यमंत्री महेश्वर में “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर : 

जिले के चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री विनायक गोयल एवं जनपद पंचायत तोकापाल के उपाध्यक्ष श्री रितेश जोशी ने अपनी स्व-गणना की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कर क्षेत्र में विकास की नींव को मजबूत करने और शासन की सटीक डेटा प्रणाली में भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूर्ण हुई।

जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन और इस कार्य में तकनीकी स्पष्टता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तहसीलदार तोकापाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही ग्राम धरमाऊर के प्रगणक और फील्ड ट्रेनर ने गणना के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया और डिजिटल माध्यमों से डेटा प्रविष्टि के कार्य में सहयोग किया। विधायक श्री विनायक गोयल ने इस अवसर पर कहा कि स्व-गणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को संदेश दिया कि सटीक जानकारी साझा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है ताकि शासन की नीतियों का लाभ हर घर तक पहुँच सके। वहीं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री रितेश जोशी ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की और फील्ड स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। तहसीलदार एवं उनकी टीम द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना करते हुए उन्होंने इस कार्य को क्षेत्र के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।

रायपुर : 

 

राज्यपाल श्री रमेन डेका आज यहां लोकभवन में संत गोविंद राम शदाणी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय देवेंद्र नगर रायपुर की छात्राओं से रूबरू हुए। उन्होंने शैक्षणिक विषयों पर चर्चा कर मार्गदर्शन दिया और उनके प्रश्नों का उचित समाधान किया।

लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आयोजित कार्यक्रम में श्री डेका ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है। उसके बिना सफलता नहीं मिलती है। जीवन को पूर्ण करने के लिए योजना पूर्वक कार्य करना चाहिए। अच्छी योजना से जीवन भी अच्छा होगा। लक्ष्य प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम भी करना होगा। मानवीय गुणों का होना भी आवश्यक है और शिक्षा से ही इन गुणों का विकास होता है। श्री डेका ने कहा कि अपनी खुशी अपने अंदर होती है। दूसरों से तुलना कर दुखी ना रहे बल्कि जो अपने पास उपलब्ध है उससे संतुष्ट रहिए।

श्री डेका ने कहा कि हमारी संस्कृति में महिलाओं का सर्वाेच्च स्थान है। उन्होंने नारी की तुलना पानी से करते हुए कहा कि पानी के बिना जीवन असंभव है, उसी तरह नारी के बिना सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती। चर्चा के दौरान छात्राओं ने राज्यपाल से तनाव को सकारात्मक ऊर्जा में कैसे बदलें, सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए क्या प्रयास करना चाहिए, कौशल एवं प्रशिक्षण का महत्व, देश व प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों ने नारी सशक्तिकरण, उनके स्कूल एवं कॉलेज के जीवन की कोई प्रेरक घटना और छत्तीसगढ़ में उनकों सर्वाधिक क्या पसंद आया जैसे रोचक प्रश्न पूछे गए।

 

Chhattisgarh Tribal Advisory Council Meeting Held Under Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai

Raipur, April 29, 2026/

A meeting of the Chhattisgarh Tribal Advisory Council was held at Mahanadi Bhawan under the chairmanship of Shri Vishnu Deo Sai on April 29. The meeting discussed the all-round development of tribal communities and approved several important decisions aimed at faster progress in remote regions.

Chief Minister Shri Sai stated that Bastar, a region geographically larger than Kerala, remained deprived of development for decades. He stated that government schemes are now expanding rapidly in the area, and a new phase of growth has begun.

Giving top priority to protecting tribal culture and traditions, the Chief Minister directed officials to ensure the safety of Devgudi and Sarna religious sites. He also stressed the need for strict action against illegal encroachment. He informed that education and healthcare facilities are being strengthened in 6,600 villages under the “Dharti Aaba Gram Utkarsh Yojana”, while 32,000 houses have already been sanctioned under the PM JANMAN Yojana.

Reviewing the success of the “Niyad Nella Nar Yojana”, Chief Minister Shri Sai announced that its next phase, “Niyad Nella Nar 2.0”, will be launched soon. He said the upgraded initiative will further expand basic facilities such as electricity, drinking water, roads and ration services in remote tribal areas. He also stated that health screening of 36 lakh people is progressing continuously under the “Mukhyamantri Swasth Bastar Yojana”.

The Chief Minister directed an inquiry into cases involving long-term lease exploitation of tribal land. He also instructed officials to quickly send a proposal to the Central Government for the inclusion of the Korwa and Sansari Oraon communities in the Scheduled Tribe list.

To strengthen education and infrastructure, Chief Minister Shri Sai emphasised increasing hostel capacity, improving maintenance, and ensuring adequate teacher availability. He instructed the officials to develop a fast-track learning environment for children in Naxal-free areas and that open-air classes should not be conducted.

Expressing displeasure over the slow pace of construction on the Ambikapur National Highway, the Chief Minister directed officials to complete works within timelines and maintain quality standards. He also stressed the need to focus on roads that get cut off during the monsoon season.

Shri Ramvichar Netam, Minister for Tribal Development and Vice-Chairman of the Council, stated that for many years, Naxalism remained the biggest hurdle to development in remote tribal regions, including Bastar and Surguja. He said that after relief from this four-decade challenge, welfare schemes can now be implemented effectively and rapidly, directly benefiting local people.

He added that the tribal community is now joining the mainstream of development more quickly and receiving new opportunities for progress. He said better ground-level implementation of schemes has become possible after the decline of Naxalism, and all departments have been directed to complete approved works in a time-bound manner through coordination.

Shri Netam also stated that electricity, water and road connectivity are now reaching settlements of Particularly Vulnerable Tribal Groups, while new hostels are creating better opportunities for talented youth from remote areas.

 

प्रयास विद्यालयों के विद्यार्थियों का सीजी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन

10वीं एवं 12वीं में शत-प्रतिशत सफलता, मेरिट सूची में उल्लेखनीय स्थान

10वीं की छात्रा कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया

प्रयास विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों ने टॉप-10 में बनाई जगह

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दी बधाई और शुभकामनाएं

छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों में रचा उत्कृष्टता का इतिहास: प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल कायम की है। विभाग के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम देते हुए बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। प्रयास विद्यालयों के 13 बच्चों ने सीजी बोर्ड परीक्षा के टॉप-10 में जगह बनाने में सफलता हासिल की है।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 प्रयास विद्यालय संचालित है। जिसमें नक्सल प्रभावित बच्चों से लेकर सभी वर्गों के बच्चें अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से बच्चों को एक नई हौसला मिला है, जो उनके सपनों को साकार करने में सार्थक हो रही है। बतादें कि प्रयास विद्यालय के माध्यम से बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाति है। साथ ही उच्चस्तर के कोचिंग संस्थाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं एनआईटी, आईआईटी, नीट, जेईई एवं अन्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।

प्रयास विद्यालय के इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रयास आवासीय विद्यालयों की अवधारणा की सार्थकता को प्रमाणित करती है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए गए सतत प्रयास की सराहना की हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है तथा यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रयास विद्यालय के बच्चों ने सीजी बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभाग हमेशा बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे जनजाति बहुल राज्य के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही दिशा, समर्पण और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है, जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बताया कि प्रदेश के 50 मेरिट छात्रों में से 13 विद्यार्थी प्रयास विद्यालय के है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बात के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने को कहा।

श्री बोरा ने बताया कि हायर सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 12वीं) में प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय, गुडियारी की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा जिले की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं द्वारा 100 में 100 अंक अर्जित किया जाना विशेष उपलब्धि है।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्न

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

श्री नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव मरपच्ची, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विक्रम उसेंडी, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक