ईश्वर दुबे
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पुणे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को साईं समाधि शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए शिरडी आए। उन्होंने साईं बाबा की आरती में हिस्सा लिया। मोदी ने 475 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की नींव रखी। इस मौके पर उन्होंने आवास योजना के लाभार्थियों को घर की चाबियां भी बांटीं। मोदी ने कहा कि बीते चार सालों में आम आदमी को झुग्गी से, किराए के घर से निकालने के लिए हम प्रयास कर चुके हैं। पहले भी ऐसी कोशिशें हुईं। लेकिन तब सरकार का मकसद सिर्फ एक परिवार के नाम का प्रचार और वोट बैंक था। पिछली सरकार ने 4 साल में 25 लाख घर बनाए और हमने एक करोड़ 25 लाख।
साईं बाबा का दर्शन उत्साह देता है
मोदी ने कहा, "मैं जब भी साईं बाबा के दर्शन करता हूं तो करोड़ों श्रद्धालुओं की तरह मुझे भी नया उत्साह मिलता है। शिरडी के कण-कण में साईं की शिक्षा बसी है। भाइयों साईं का मंत्र है- सबका मालिक एक। साई समाज के थे और समाज साईं का था। साईं ने समाज सेवा के कुछ रास्ते दिखाए थे। मुझे खुशी है कि साईं बाबा ट्रस्ट उन्हीं के दिखाए रास्ते पर काम कर रहा है।''
योजनाओं के शिलान्यास के लिए सबसे अच्छी जगह
मोदी ने कहा, "आज इस धरती पर आस्था, अध्यातम और विकास के कई प्रोजेक्ट्स की शुरूआत हुई। गरीबों के लिए योजनाओं के शिलान्यास के लिए इससे अच्छी कोई जगह नहीं हो सकती। आज कन्या विद्यालय की नींव रखी जा रही है। साईं नॉलेज पार्क से लोगों को साईं की सीख समझने में आसानी होगी। यहां 10 मेगॉवाट के सोलर पावर प्लांट का भी उद्घाटन हुआ है।''
लोगों को घर देना मेरा सौभाग्य
शिरडी में मोदी ने कहा, "नवरात्र से लेकर दीपावली तक लोग गाड़ी गहनों जैसे कई सामान की खरीदी करते हैं। जिसका जैसा सामर्थ्य होता है, वह वैसा ही सामान खरीदकर खुशी देता है। मुझे खुशी है कि मुझे 2.5 लाख लोगों को घर सौंपने का मौका मिला। यह गरीबी पर जीत की तरफ बहुत बड़ा कदम है। हम 2022 तक गरीब बेघर परिवार को उसका अपना घर देने का लक्ष्य लेकर हम काम कर हरहे हैं। आधा रास्ता हम कम समय में पार कर चुके हैं। पहले की सरकार में एक मकान बनाने में 18 महीने लगता था। इस सरकार में 12 महीने से भी कम समय में एक घर पूरा हो जाता है। घर बनाने में सरकारी मदद को 70 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 20 हजार रुपए कर दिया गया है। पैसा सीधे बैंक खाते में जा रहा है।''
मोदी से मिलने जा रही कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया
महाराष्ट्र पुलिस ने सुबह महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को हिरासत में ले लिया। उन्होंने केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर मोदी से मिलने की इच्छा जताई थी। पुलिस को लिखी चिट्ठी में धमकी दी थी कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री से नहीं मिलने दिया तो वे उनका काफिला रोक देंगी।तृप्ति देसाई शिंगणापुर के शनि मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए आंदोलन कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हम विजयादशमी के मौके पर हम लोग शिरडी जा रहे थे। पुलिस पहले ही मेरे घर के आसपास मौजूद थी। उन्होंने हमें आगे नहीं बढ़ने दिया। विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। यह नरेंद्र मोदी के द्वारा हमारी आवाज दबाने की कोशिश है।
साईं ने 1918 में ली थी समाधि
साईं बाबा की समाधि के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शिरडी में 17 से 19 अक्टूबर तक साई दरबार सजाया गया। 15 अक्टूबर 1918 को बाबा ने शिरडी में समाधि ली थी। इस दरबार में 30 राज्यों और 20 देशों के 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होंगे। समारोह से पहले ही यहां के 750 होटल और शिरडी संस्थान के 1500 कमरे बुक हो चुके हैं।
96 साल में ट्रस्ट की आय 11 लाख गुना बढ़ी
शिरडी संस्थान के सीईओ रूबल अग्रवाल ने बताया कि 1922 में साईं बाबा मंदिर को ट्रस्ट के रूप में रजिस्टर किया गया। उस समय ट्रस्ट की सालाना आय लगभग 3200 रुपए थी। आज ट्रस्ट की आय 371 करोड़ रुपए हो गई है।
रसोई में एक लाख लोगों के भोजन का इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से हर कोने पर सीसीटीवी कैमरे, डॉग स्क्वॉड, एक हजार से ज्यादा पुलिस फोर्स और संस्थान के ही 500 से ज्यादा सेवक व्यवस्था में शामिल हैं। करीब एक लाख श्रद्धालु के लिए रसोई में भोजन की व्यवस्था की गई। भाेजन परोसने के लिए एक हजार सेवकों ने तीन शिफ्ट में सेवाएं दीं। पूरा मंदिर परिसर 35 लाख खर्च कर फल और फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए साढ़े सात टन फूल मंगवाए गए।
नई दिल्ली. आयकर विभाग ने दुबई में महंगी प्रॉपर्टी खरीदने वाले 7500 भारतीयों के खिलाफ जांच शुरू की है। इस विभाग की खुफिया और आपराधिक शाखा ने उन भारतीयों का डेटा निकला है, जिन्होंने पिछले कुछ सालों में दुबई के रियल एस्टेट में निवेश किया। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि इस निवेश के फंड का सोर्स क्या रहा और क्या इन लोगों ने आयकर विभाग को जानकारी दी?
तीन महीने में 6006 करोड़ रुपए का निवेश
इंडियन एक्सप्रेस ने दुबई लैंड डेवलपमेंट के हवाले से बताया कि साल के शुरुआती तीन महीनों में कम से कम 1,387 भारतीयों ने दुबई में 6006 करोड़ रुपए (3 बिलियन दिरहम) का निवेश किया। वहीं, 2017 में भारतीयों ने 31221 करोड़ (15.6 बिलियन दिरहम) का निवेश किया।
दुबई लैंड डेवलपमेंट के मुताबिक, 2013 से 2017 के बीच भारतीयों ने करीब 1.67 लाख करोड़ रुपए (83.65 बिलियन दिरहम) की प्रॉपर्टी खरीदी। भारतीय कानून के मुताबिक, दुबई में प्रॉपर्टी खरीदना गैर-कानूनी नहीं है। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट 1999 के मुताबिक, भारतीय प्रवासी और अप्रवासी विदेश में अचल संपत्ति खरीद सकता है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक, एक नागरिक विदेशी प्रॉपर्टीज और सिक्युरिटीज में सालाना 2,50,000 डॉलर का निवेश कर सकता है। हालांकि, नियमों के मुताबिक, ऐसे व्यक्ति को आईटी रिटर्न्स में विदेशी संपत्ति को घोषित करना होगा।
काला धन रोकथाम अधिनियम के तहत, अघोषित विदेशी आय और संपत्ति पर 30% टैक्स लगता है। रिटर्न्स में डिसक्लोज नहीं करने पर आपराधिक केस तो बनता ही है साथ ही 300% जुर्माने का भी प्रावधान है।
अंकारा. वॉशिंगटन पोस्ट के लापता पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में सऊदी के पूर्व राजनायिक माहेर अब्दुलअजीज मुतरेब की अहम भूमिका थी। अमेरिकी चैनल सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी में जांच अधिकारी रह चुके मुतरेब को साजिश की पूरी जानकारी थी। वे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के करीबी बताए जाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है ये मुमकिन नहीं कि सलमान का करीबी कोई अधिकारी बिना उनकी जानकारी के विदेश के किसी ऑपरेशन में शामिल हो।
मस्कट. भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत के साथ शुरुआत की। उसने गुरुवार रात हुए अपने पहले मुकाबले में ओमान को 11-0 से मात दी। भारत की ओर से दिलप्रीत सिंह ने हैट्रिक लगाई। वहीं, आठ खिलाड़ियों ने एक-एक गोल किए। भारतीय टीम पूरे समय मैच में हावी रही और ओमान के खिलाड़ी गेंद के लिए संघर्ष करते दिखे। भारत और ओमान चार साल बाद आमने-सामने थे। 2014 इंचियोन एशियाड में भारत ने ओमान को 7-0 से हराया था। भारत की ओर से हार्दिक सिंह ने इस मैच से अपना डेब्यू किया।
भारत की ओर से नौ खिलाड़ियों ने गोल किए
दिलप्रीत ने 41वें, 55वें और 57वें मिनट में गोल किए। वहीं, ललित उपाध्याय ने 17वें, हरमनप्रीत ने 21वें, नीलकांत शर्मा ने 22वें, मनदीप सिंह ने 29वें, गुरजंत सिंह ने 37वें मिनट, आकाशदीप ने 49वें, वरुण कुमार ने 49वें मिनट और चिंग्लेनसाना सिंह ने 53वें मिनट में गोल दागे।
मैच के पहले क्वार्टर में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों को कई मौके मिले, लेकिन ओमान के डिफेंड के आगे वे इसे गोल में तब्दील करने में असफल रहे, लेकिन अगले 15 मिनट में भारत की ओर से चार गोल किए।
पहला गोल ललित उपाध्याय की स्टिक से निकला। 17वें मिनट में उन्होंने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। 21वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और हरमनप्रीत ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।
22वें मिनट में नीलकांत शर्मा ने गोलकर स्कोर को भारत के पक्ष में 3-0 कर दिया। 29वें मिनट में मनदीप सिंह ने गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचाया। इसमें उनकी मदद आकाशदीप ने की। आकाशदीप के पास पर मनदीप ने यह गोल किया।
तीसरे क्वार्टर में गुरजंत सिंह ने 37वें मिनट में गोल किया। 41वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पेनल्टी कॉर्नर को दिलप्रीत ने गोल में बदला। इसके साथ ही भारत मुकाबले में सात गोल के अंतर से आगे हो गया।
चौथे क्वार्टर में 49वें मिनट में सुरेंदर कुमार के पास पर आकाशदीप ने गोल किया। इसी मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और वरुण कुमार ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। मैच का स्कोर 8-0 से भारत के पक्ष में हो गया।
53वें मिनट में भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत ने गेंद को हिट किया। चिंग्लेसाना ने शॉट लिया और गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। मुकाबले के आखिरी के पांच मिनट दिलप्रीत के नाम रहे। उन्होंने 55वें और 57वें मिनट में गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की।
बॉलीवुड. अब केवल अमेजॉन और नेटफ्लिक्स भव्य वेब धारावाहिक नहीं बना रहे, हंगामा प्ले भी इस कड़ी में शामिल है। हंगामा ने भव्य स्तर पर बनाई गई नई सीरीज 'बार कोड' को हंगामा प्ले पर रिलीज किया है और लॉन्च होते ही इस सीरीज ने यूथ में जबरदस्त सनसनी फैला दी है। इस वेब सीरीज के जरिए दर्शकों को घर पर ही सिनेमा थिएटर जैसा अनुभव मिल रहा है। 'बार कोड' की पटकथा, सितारे, प्रॉडक्शन स्तर, संगीत सब कुछ ऐसा है, जो इसे अच्छे बजट की बॉलीवुड फिल्म के स्तर पर रखता है। जानते हैं वे 6 वजहें, जिनसे हंगामा प्ले का 'बार कोड' आपका दिल जीत लेगी।
बीजिंग. चीन अपने आसमान में एक आर्टिफिशियल चांद स्थापित करने की योजना बना रहा है। इस चांद को 2020 में सिचुआन प्रांत के चेंगडू में जमीन से 80 किमी की ऊंचाई पर स्थापित किया जाएगा। ऊंचाई कम होने से यह आर्टिफिशियल चांद असली चांद से 8 गुना ज्यादा चमकदार होगा।
स्ट्रीट लाइट का रिप्लेसमेंट साबित होगा
चेंगडू एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम रिसर्च इंस्टीट्यूट के चेयरमैन वू चुनफेंड के मुताबिक- आर्टिफिशियल चांद से स्ट्रीट लाइट नहीं होने की समस्या खत्म हो जाएगी। इस चांद की रोशनी ही स्ट्रीट लाइट का काम करेगी।
वू के मुताबिक- आर्टिफिशियल मून से 80 किमी के इलाके में रोशनी हो सकेगी। यह पूछे जाने पर कि योजना कुछ असंभव-सी लगती है, वू ने कहा कि तकनीक पर सालों से काम हो रहा है और अब तो यह प्रोजेक्ट खत्म भी होने वाला है।
आर्टिफिशियल मून को लेकर लोगों में कुछ चिंताएं भी हैं। उनका कहना है कि रोशनी से जानवरों पर बुरा असर पड़ेगा। साथ ही खगोलीय घटनाओं को देखने में परेशानी होगी। हर्बिन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर कांग वीमिन ने बताया- आर्टिफिशियल मून एकदम चमकदार नहीं होगा। यह धुंधली सी रोशनी देगा।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कोशिशें
यह पहली बार नहीं है कि जब इंसान ने रोशनी देने वाले किसी ऑब्जेक्ट को आकाश में भेजा हो। ऐसी योजनाएं नाकाम साबित हुई हैं। सबसे आखिरी कोशिश रूस ने 2017 में की थी। 14 जुलाई 2017 को रूस ने कजाकिस्तान के बैकोनुर स्पेसपोर्ट से अंतरिक्ष में सोयूज रॉकेट से एक ऑब्जेक्ट भेजा था। इस ऑब्जेक्ट को चांद के बाद सबसे चमकदार माना गया था। एक महीने बाद ही प्रोजेक्ट से जुड़ी टीम ने बताया कि वह कक्षा में स्थापित होने में विफल रहा।
पुणे. महाराष्ट्र के पुणे में एक महिला ने अपनी मां के गर्भाशय से बच्ची को जन्म दिया है। 17 माह पहले महिला का गर्भाशय डैमेज हो गया था। इसके बाद महिला में उनकी मां का गर्भाशय ट्रांसप्लांट किया गया था। दुनिया का यह 12वां मामला है जहां यूट्रस ट्रांसप्लांट के बाद बच्चे का जन्म हुआ है। इससे पहले 9 मामले स्वीडन में और 2 अमेरिका में सामने आ चुके हैं। एशिया में ऐसा पहली बार हुआ है।
गुजरात के भरूच की रहने वाली 27 वर्षीय मीनाक्षी वालन का गर्भाशय डैमेज हो गया था। ऐसे में उनकी मां ने गर्भाशय डोनेट करने का फैसला लिया। ट्रांसप्लांट के कुछ महीनों बाद मार्च 2018 में मीनाक्षी के गर्भाशय में भ्रूण को ट्रांसफर किया गया था। ट्रांसप्लांट सर्जन शैलेश पुणतांबेकर के मुताबिक डिलीवरी नवंबर में की जानी थी लेकिन प्रेग्नेंसी के 31वें हफ्ते (7 माह) में मां का बीपी और ब्लड शुगर बढ़ने लगा। जांच में सामने आया कि मां और भ्रूण को जोड़ने वाला प्लेसेंटा तेजी से बढ़ रहा था। इसे अधिक बढ़ जाने पर बच्चे को पोषण मिलना बंद हो सकता था। इसलिए ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया।
डॉ. शैलेश के अनुसार, जन्म के समय बच्ची का वजन 1,450 ग्राम था। ट्रांसप्लांट के बाद पिछला एक साल काफी अहम रहा है।
डॉ. शैलेश के अनुसार, मीनाक्षी में उनकी 45 वर्षीय मां का गर्भाशय ट्रांसप्लांट किया गया था। लेकिन इस स्थिति में नर्व पहले की तरह नहीं जुड़ पाती और महिला लेबर पेन महसूस नहीं कर पाती है। जन्म के समय बच्ची का वजन 1,450 ग्राम था। ट्रांसप्लांट के बाद पिछला एक साल काफी अहम रहा है।
40 सप्ताह के गर्भ को धारण करना असंभव था
पुणे के गैलेक्सी केयर लेप्रोस्कोपिक हॉस्पिटल के डॉ. शैलेष पुणतांबेकर ने बताया कि गर्भाशय प्रत्यारोपण के बाद अप्रैल 2017 में बिना किसी समस्या के गर्भधारण हुआ। गर्भ 32 हफ्ते (8 माह) का होने के चलते हमें बुधवार रात सिजेरियन से प्रसव का विकल्प चुनना पड़ा। वजह, गर्भाशय 48 साल पुराना है। इसलिए गर्भाशय में ज्यादा जगह नहीं थी।
अपनाें से भी दूर रहना पड़ा खुशी के इस पल के लिए
मीनाक्षी को काफी संघर्ष के बाद संतान सुख मिला है। नौ महीने के गर्भ के बाद बच्चे को गंवाने के साथ ही गर्भाशय की पांच सर्जरी झेली। एक सर्जरी के दौरान मीनाक्षी का गर्भाशय हमेशा के लिए अक्षम हो गया। ऐसे में गर्भाशय प्रत्यारोपण का रास्ता अपनाया गया। इस दौरान मीनाक्षी को अपने परिवार और रिश्तेदारों से दूर रहना पड़ा।
सरोगेसी-दत्तक लेने का नहीं था विचार, डॉक्टरों ने दिखायी ये राह
मीनाक्षी के पति हितेश वालन कहते हैं कि शादी के नौ साल तक संतान सुख न मिलने के चलते हम चिंता में थे लेकिन सरोगेसी अथवा बच्चा गोद लेने के विकल्प पर विचार नहीं कर रहे थे। इसी क्रम में वडोदरा के डॉक्टरों ने उम्मीद की किरण दिखाई। हमने काफी सोच-विचार के बाद यह रास्ता अपनाने का फैसला किया। वर्षों का इंतजार सफल हुआ।
सैन फ्रांसिस्को. स्पेस प्रोजेक्ट पर काम करने वाली कंपनी ब्लू ओरिजिन के संस्थापक और ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस ने दावा किया कि एक दिन एक लाख करोड़ लोग अंतरिक्ष में रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी स्पेस फर्म दूसरे ग्रहों को लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी।
लोग कम खर्च में कर सकेंगे अंतरिक्ष का इस्तेमाल
सैन फ्रांसिस्को में वायर्ड के 25वें वार्षिक सम्मेलन में बेजोस ने कहा, ‘‘इस लॉन्ग टर्म मिशन को पूरा होते देखने के लिए मैं जीवित नहीं रहूंगा।’’ बेजोस के मुताबिक, ब्लू ओरिजिन का टारगेट है कि लोग कम खर्च में अंतरिक्ष का इस्तेमाल कर सकें।
उन्होंने खुलासा किया कि अगले साल वे फर्म पर एक बिलियन डॉलर (7350 करोड़ रुपए) खर्च करेंगे। बेजोस ने कहा, ‘‘मैं पिछले 20 साल में इंटरनेट क्रांति देख चुका हूं, जिससे काफी कम वक्त में दूसरी चीजों में भी बदलाव आया। हमें अंतरिक्ष में भी इसी तरह की क्रांति की जरूरत है।’’ जेफ बेजोस को आमतौर पर अमेजन के सीईओ के रूप में जाना जाता है। हालांकि, कुछ समय पहले उन्होंने ब्लू ओरिजिन के प्रोजेक्ट अपनी निगरानी में होने की बात कही। बेजोस ने कहा था कि वह काफी महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पेस प्रोजेक्ट के लिए हमें हजारों कंपनियों के साथ की जरूरत है।