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अनुबंधित दरों पर विभाग ने कराया कार्य

रायपुर, 9 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में विभाग व्यय पूर्णतः टेंडर के अनुसार अनुबंधित दर पर तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात किया गया है। इस कार्यक्रम में मनमाना व्यय व वित्तीय अनियमितता का आरोप निराधार है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के कुर्सी और नाश्ते पर मनमाने खर्च के आरोपों को श्रम विभाग ने निराधार और भ्रामक है।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के सचिव श्री गिरीश रामटेके ने बताया कि विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को विश्वकर्मा जयंती और छत्तीसगढ़ श्रम दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में बड़े स्तर पर श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 5,000 से 8,000 लोग शामिल हुए थे।

श्रम विभाग ने बताया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ जैसे मंच, बैठक व्यवस्था, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य शिविर रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत पूर्व से अनुबंधित संस्था के माध्यम से स्वीकृत दरों पर कराई गईं। विभाग के अनुसार कार्यक्रम स्थल में अंतिम समय में बदलाव और समयाभाव के कारण निविदा प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं था। ऐसे में पूर्व अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से कार्य कराना प्रशासनिक दृष्टि से उचित निर्णय था। आयोजन के बाद सभी व्ययों का परीक्षण एवं सत्यापन कर का भुगतान अनुबंधित संस्था को नियमों के तहत किया गया।

 

Ensure continuous monitoring of reservoir levels and proper utilisation of water resources: Chief Minister Vishnu Deo Sai

Raipur, April 9, 2026/ Water levels in Chhattisgarh’s irrigation reservoirs are significantly better this year compared to the past two years. Across 12 major and 34 medium irrigation projects, the current storage position reflects improved availability. At present, the state’s 46 key reservoirs have an average water storage of 67.43 percent. This marks a clear rise from 45.23 percent during the same period in 2025 and 42 percent in 2024. The improvement is credited to better rainfall, planned water management, and efficient reservoir operations.

Among the 12 major irrigation projects, the current average storage stands at 68.19 percent, compared to 45.84 percent in 2025 and 38.62 percent in 2024. Key reservoirs include Maniyari at 90.41 percent, Murumsilli at 86.85 percent, Kharang at 84.99 percent, Dudhawa at 84.54 percent, Ravishankar Sagar at 76.72 percent, Sondhur at 70.65 percent, and Tandula at 66.19 percent. Minimata Bango currently holds 63.86 percent, while Kelo stands at 51.83 percent. Kodar reservoir has relatively lower storage at 35.45 percent.

In the 34 medium irrigation projects, the average storage is 63.38 percent, higher than 44.62 percent in 2025 and 45.38 percent in 2024. Among these, Chirpani stands at 92.23 percent, Khapri at 92.98 percent, Pipariya Nala at 89.69 percent, Gondli at 85.53 percent, Sutiyapat at 79.82 percent, Saroda at 77.57 percent, and Kosarteda at 77.46 percent.

To meet farmers’ requirements, water is being released in a controlled and phased manner from various irrigation projects. The Ravishankar Sagar (Gangrel) project is supplying water through canals to Dhamtari and Raipur regions for irrigation and domestic use. Water is also being released through main canals from the Dudhawa reservoir, while the Sondhur project is operating through its canal network. From the Kodar reservoir, about 6.84 cumecs of water is being discharged through canals. In addition, the Paralkot project is distributing water through its right and left bank canals.

In medium projects, reservoirs such as Kharkhara, Gondli, Pipariya, Saroda, Jumka and Kedar Nala are releasing water through canals and sluice gates as required. This is ensuring adequate supply for the final irrigation of rabi crops as well as for summer crops and domestic needs. Efforts are being made to ensure efficient use of water and equitable distribution across irrigated areas.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai stated that the state government is giving top priority to farmers’ interests by ensuring scientific and effective management of water resources. He noted that the improved storage levels this year reflect coordinated efforts. The goal, he said, is to ensure timely availability of irrigation water to farmers, leading to higher agricultural output and improved incomes. He has directed officials to maintain continuous monitoring of reservoir levels and ensure proper utilisation of water resources.

 

मनरेगा क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

ई-केवायसी, जियो-टैगिंग और क्यूआर कोड से पारदर्शिता को मिली नई गति

रायपुर, 09 अप्रैल 2026/ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य ने विभिन्न प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
97% सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण
1 अप्रैल 2026 की स्थिति में राज्य ने 97 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवायसी पूर्ण कर लिया है, जिससे भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हुई है। जिसके तहत प्रदेश के 58.16 लाख श्रमिकों का ई-केवायसी तथा 11.32 लाख निर्मित परिसंपत्तियों का जियो टैगिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हुई है।

11,668 ग्राम पंचायतों में जीआईएस आधारित योजना
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से 11,668 ग्राम पंचायतों में 2,86,975 कार्यों की जीआईएस आधारित कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक योजना निर्माण सुनिश्चित हुआ है। इसके साथ ही मनरेगा कार्यस्थलों पर फेस ऑथेंटिकेशन आधारित एनएमएमएस (NMMS) प्रणाली के उपयोग से उपस्थिति की निगरानी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है।

क्यूआर कोड से आमजन को सीधी जानकारी
ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से नागरिक, कार्यों की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एक सितंबर से अब तक लगभग 5 लाख से अधिक स्कैन दर्ज किए गए हैं। जिससे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।

हर माह 7 तारीख को समाधान का मंच
प्रदेश में प्रत्येक माह की 7 तारीख को चावल उत्सव के साथ “रोजगार दिवस” एवं “आवास दिवस” का आयोजन किया जा रहा है, जहां हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं योजनाओं की जमीनी समीक्षा की जाती है।


विधानसभा का ही लघु स्वरूप है विधानसभा समितियां : विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर
विधानसभा में हुई नव गठित सभा समि‍तियों की पहली बैठक

मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर रखी जाएगी नजर
गेहूँ उपार्जन व्यवस्था में सामाजिक और सेवा भारती संस्थाएं भी करें सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं से किया वर्चुअल संवाद


कृषि आजीविका का साधन ही नहीं, भारतीय संस्कृति और जीवन पद्धति का है मूल आधार
किसानों को आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक खेती और बेहतर मार्केट लिंकेजेस से सशक्त कर रही है राज्य सरकार
किसानों के अनुभव, विज्ञान के नवाचार, सरकार की नीतियों और बाजार की संभावनाओं को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त प्रयास है कृषि मंथन कार्यशाला
"समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश" की थीम के साथ पूरे वर्ष प्रदेश में मनाया जा रहा है कृषि उत्सव
राज्य सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए संकल्पित भाव से बढ़ रही है आगे
मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 स्टा-र्टअप उद्यमियों को प्रशिस्त-पत्र किए वितरित
23 करोड़ रूपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की दी सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में कृषि मंथन कार्यशाला को किया संबोधित

 

रायपुर : 

 

बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत धर्मावरम ग्राम से एक सकारात्मक बदलाव की कहानी सामने आई है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास की नई तस्वीर बयान करती है। कभी नक्सल प्रभावित यह इलाका अब शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकास की मुख्यधारा से जुड़ता दिखाई दे रहा है।

इसी परिवर्तन की मिसाल हैं 60 वर्षीय श्रीमती गुण्डी बुचम्मा, जिन्होंने वर्षों तक कच्चे एवं खपरैल वाले मकान में कठिन परिस्थितियों के बीच जीवन व्यतीत किया। बारिश के मौसम में घर की छत से पानी टपकना, असुरक्षा और असुविधा उनके जीवन का हिस्सा था। किन्तु अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान प्राप्त हुआ है, जिसने उनके जीवन में एक नया आत्मविश्वास और सुरक्षा प्रदान की है।

यह पक्का मकान उनके लिए केवल एक आवास नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और स्थायित्व का प्रतीक बन गया है। उनके पुत्र जगत बुचम्मा के अनुसार, अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और दैनिक जीवन में काफी सुविधा महसूस कर रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में नक्सल प्रभाव के कारण विकास कार्य बाधित होते थे, लेकिन वर्तमान में प्रशासन की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ होने से योजनाओं का क्रियान्वयन तेज हुआ है। शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं, जिससे आमजन का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

धर्मावरम की यह कहानी केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते बीजापुर की तस्वीर है, जहां अब भय और असुरक्षा की जगह विकास, विश्वास और उम्मीद ने ले ली है। शासन की सतत पहल से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की यह प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है।

 

रायपुर : 

 

कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में उज़्बेकिस्तान यात्रा के प्रमुख निष्कर्षों को साझा करने एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के सतत प्रयासों का हिस्सा है।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। तत्पश्चात अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रोफेसर हुलास पाठक ने 28 फरवरी से 10 मार्च तक माननीय कुलपति के नेतृत्व में किए गए उज़्बेकिस्तान भ्रमण के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस यात्रा के दौरान कृषि, एग्रीबिजनेस, ग्रामीण विकास, उद्यमिता एवं नवाचार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं तथा भविष्य में सहयोग की व्यापक संभावनाएँ सामने आई हैं।

इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य उज़्बेकिस्तान यात्रा से प्राप्त अनुभवों को, विभागाध्यक्षों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचाना तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय अवसरों के प्रति जागरूक करना था। साथ ही, छात्रों को वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के अवसरों में भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं अनुसंधान तंत्र से संबंधित संभावित सहयोग क्षेत्रों पर भी चर्चा की गई। इसमें छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ तथा विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहे।

संगोष्ठी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही वित्तीय सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों को उड़ान योजना के तहत विदेशों में शोध एवं प्रशिक्षण के अवसरों तथा प्राध्यापकों को उत्कर्ष योजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग हेतु वित्तीय सहायता के बारे में अवगत कराया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को कम करते हुए अधिक से अधिक शिक्षकों एवं छात्रों को वैश्विक मंच पर अवसर प्रदान करना है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने तथा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुभव विद्यार्थियों के करियर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जी. के. दास ने छात्रों को अपनी क्षमता पहचानने एवं वैश्विक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकों एवं अधिकारियों ने भी छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि

 

रायपुर :

 

आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आज मंत्रालय में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं, आय-व्यय तथा आगामी कार्ययोजनाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

प्रमुख सचिव ने विभागीय योजनाओं में बेहतर कार्य करने वाले जिलों की सराहना की, वहीं विभिन्न मदों के बजट आबंटन को सदुपयोग न करने वाले चार जिले बलौदाबाजार, बेमेतरा, जशपुर और बिलासपुर के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए आश्रम छात्रावासों की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। श्री बोरा ने निर्देशित किया कि अगले दो महीनों में छात्रावासों के मरम्मत, रंग-रोगन, शौचालय, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर लिया जाए। साथ ही छात्रावासों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने “प्रोजेक्ट संकल्प” के तहत विद्यार्थियों के सांस्कृतिक, मानसिक एवं नैतिक विकास को और मजबूत करने के लिए ध्यान और योग को भी शामिल करने की बात कही। इसके अलावा, सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से न कराकर, नगरीय निकायों के माध्यम से सक्शन मशीनों से कराने के निर्देश दिए।

बैठक में छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताया गया। बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत पिछले सत्र में 3.3 लाख विद्यार्थियों को माह दिसम्बर तक छात्रावृत्ति की 72 प्रतिशत राशि और 99 प्रतिशत राशि 31 मार्च तक, सुगमतापूर्वक समय पर सीधे विद्यार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई। इस व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।

वन अधिकार अधिनियम की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का 15 दिनों के

 

राजनांदगांव जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर कार्रवाई की है।

खनिज अधिकारी ने जानकारी दी कि डोंगरगांव तहसील अंतर्गत ग्राम सिंघोला, छुईखदान, करमतरा, सुखरी, मेढ़ा, अर्जुनी सहित आसपास के क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में त्वरित कार्रवाई की गई।

ग्राम भोथीपार निवासी बलराम साहू के स्वामित्व की हाईवा (क्रमांक सीजी 08 एएफ 0828) को जब्त किया गया। उक्त वाहन में चालक कमलेश्वर साहू द्वारा मुरूम एवं मिट्टी के अवैध परिवहन किया जा रहा था। इसी प्रकार, राजनांदगांव निवासी अंकित जैन के स्वामित्व की पीले रंग की जेसीबी मशीन को भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग चालक करण पटेल द्वारा मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन में किया जा रहा था।

दोनों वाहनों को थाना सोमनी के सुपुर्द किया गया है। संबंधित प्रकरणों विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोकथाम के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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