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बालाघाट में आगामी माह होगा जनजातीय महोत्सव
मुख्यमंत्री ने ली जनजातीय महोत्सव के संबंध में बैठक

 

प्रदेश की 47 आईटीटाई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में सबसे अधिक नामांकन मध्यप्रदेश में

 

रायपुर : 

 

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल

साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी तेजी से अग्रसर हो रही हैं।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। अब तक 26 किश्तों का 16 हजार 240 करोड़ रूपए का भुगतान पात्र हितग्राही महिलाओं को किया जा चुका है। इस योजना की नियमित किस्त मिलने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह आर्थिक रूप से सक्षम हुई है।

कोरबा शहर के पोड़ीबहार निवासी श्रीमती श्यामा प्रजापति इसकी एक उदाहरण हैं। श्रीमती प्रजापति बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि उनके जीवन में बदलाव लेकर आई है। पहले छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को स्वयं पूरा कर पा रही हैं।

उन्होंने बताया कि नियमित सहायता से उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक संतोष और आत्मविश्वास भी मिला है। यह योजना उनके जैसे हजारों परिवारों के लिए सहारा बनी है। श्रीमती प्रजापति ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल ने महिलाओं को समाज में सशक्त पहचान दिलाने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।

रायपुर : 

 

कोरबा जिले में खाद्य विभाग द्वारा की गई आकस्मिक जांच के दौरान अवैध रूप से गैस सिलेंडरों के भंडारण के दो मामले उजागर हुए हैं। विभागीय टीम ने कार्रवाई करते हुए कुल 20 गैस सिलेंडरों को जब्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत फरसवानी स्थित सोनी टेंट हाउस में निरीक्षण के दौरान 8 घरेलू एलपीजी सिलेंडर तथा 1 वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर अनधिकृत रूप से संग्रहित मिला। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी 9 सिलेंडरों को जब्त कर उमरेली इंडेन गैस वितरक की अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया।

इसी प्रकार, विकासखंड करतला के ग्राम पंचायत बीरतराई में श्री संजय कुमार साहू के निवास पर की गई जांच में 11 घरेलू गैस सिलेंडर अवैध रूप से संग्रहित पाए गए। संबंधित व्यक्ति द्वारा वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सभी सिलेंडरों को जब्त कर समीपस्थ एच.पी. उरगा गैस वितरक की अभिरक्षा में सौंप दिया गया।

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का अनधिकृत भंडारण दंडनीय अपराध है। विभाग द्वारा इस प्रकार की अनियमितताओं पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा इस मामले में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर : 

उप मुख्यमंत्री गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट के समापन समारोह में हुए शामिल

उप मुख्यमंत्री गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट के समापन समारोह में हुए शामिल

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव आज रायपुर के जोरा स्थित इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में आयोजित गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मिश्रित और एकल के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए।

उप मुख्यमंत्री गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट के समापन समारोह में हुए शामिल

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गोंडवाना कप का आयोजन अनेक वर्षों से हो रहा है। प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलता है और अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं। टूर्नामेंट में 20 राज्यों के 120 खिलाड़ियों का भाग लेना इसकी सफलता को बताता है।

उप मुख्यमंत्री गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट के समापन समारोह में हुए शामिल

श्री साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी टूर्नामेंट आवश्यक हैं। इसके बिना खेल और खिलाड़ी दोनों आगे नहीं बढ़ सकते। गोंडवाना कप जैसी प्रतियोगिताएं लगातार होने चाहिए।

उप मुख्यमंत्री गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट के समापन समारोह में हुए शामिल

इन विजेता खिलाड़ियों को प्रदान की ट्रॉफी

महिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में शताक्षी चौधरी और अनन्या जैन (उत्तर प्रदेश) की जोड़ी ने स्निग्धा पाटिबंडला और इरम जैदी को 3-6, 6-3, 10-7 से हराकर खिताब जीता। वहीं पुरुष डबल्स में निरव शेट्टी और अनुप बंगार्गी (महाराष्ट्र) की जोड़ी ने प्रसाद इंगाले और परितोष पवार को 6-2, 6-4 से हराया।

वहीं महिला एकल में राजस्थान की आयुषी तनवार ने उत्तरप्रदेश की शताक्षी चौधरी को 2-6, 6-2, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष एकल में तेलंगाना के नैशिक रेड्डी गनागामा ने महाराष्ट्र के प्रसाद इंगाले को 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर विजेता बने। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। समापन समारोह में एआईटीए (AITA) के महासचिव श्री अनिल धुपर, स्टेट टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री गुरुचरण सिंह होरा, उपाध्यक्ष श्री नरेश गुप्ता और श्री आशीष सराफ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद थे।

24-26 अप्रैल तक खेल मंत्रियों का चिंतन शिविर

श्री साव ने बताया कि 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में चिंतन शिविर का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी राज्यों के खेल मंत्री और भारत सरकार के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरा करे तो देश विकसित बने, इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अग्रणी देश बने, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजना बनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। निश्चित रूप से इस चिंतन शिविर से बड़ा लाभ होगा।

श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान श्री हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीराम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

मानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता : मुख्यमंत्री

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री हिमांशु द्विवेदी, श्री सुनील रामदास अग्रवाल सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

रायपुर, 10 अप्रैल 2026/ आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों में जनजातीय समुदाय के लोग निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 10 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीयों का जल, जंगल, जमीन, नदी-नालों और पहाड़ों में अटूट आस्था है। जनजातीय समुदाय पेड़ पौधों, नदी-नालों में देवी-देवताओं का वास मानते हैं और इन्ही संस्कृति और परंपराओं के कारण वनवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में पहले पायदान पर है।

मंत्री श्री नेताम ने आज नवा रायपुर स्थित जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राज्य-स्तरीय संवाद सम्मेलन ’छत्तीसगढ़ कॉमन्स क्विनिंग’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गहन मंथन हुआ है। इस मंथन में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसकी उपयोगिता नीति निर्माण और जनहित में कैसी होगी इसके लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम करेगी।

मंत्री श्री नेताम कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के विभिन्न समस्याओं और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन करने जा रही है। इस टास्क फोर्स की संवेदनशीलता और महत्व को देखते हुए इसकी कमान स्वयं मुख्यमंत्री संभालेंगे, जो इसके अध्यक्ष होंगे। नीतिगत निर्णयों के धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कार्यान्वयन समिति भी बनाई जाएगी, जो बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगी ।

श्री नेताम ने कहा कि पेसा (पंचायत उपबंध अधिनियम) और एफआरए (वनाधिकार अधिनियम) के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, विशेष रूप से सीमाओं के निर्धारण (डिमार्केशन ऑफ बॉउंड्रिस) जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के प्रति उत्तरदायित्व का भाव जागृत करते हुए कहा, “हम केवल इन साझा संसाधनों के उपयोगकर्ता ही नहीं, बल्कि इनके संरक्षक भी हैं, और हमारा उपभोग केवल अपनी वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति तक ही सीमित होना चाहिए”। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में जनजातीय कल्याण से जुड़ी नीतियों के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना और समुदायों को उनके अधिकार दिलाना है ।

आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह टास्क फोर्स विशेष रूप से पेसा और वनाधिकार अधिनियम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी विरासत में जनजातीय बोली, भाषा, समुदायिक नेतृत्व समृद्ध है। जल, जंगल, जमीन के संरक्षण व संवर्धन में इन जनजातीयों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति उनके ज्ञान, उनका उद्देश्य, जल जंगल से जुड़े हुए हैं। उनका रिश्ता प्रकृति से है। वे प्रकृति को मां के रूप में, देवता के रूप में पूजते हैं। उनके दैनिक क्रियाकलापों से लेकर मृत्यु तक के उत्सव प्रकृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होती है।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि इन दो दिनों तक चले अधिवेशन में छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के 300 से अधिक प्रतिभागियों, नीति विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और ग्राम प्रमुखों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र राज्य की 70 लाख एकड़ ’कॉमन्स’ भूमि (जंगल, चारागाह और जल निकाय) रही, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना, धरतीआबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्ला नार जैसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों एवं जनजातीय समुदाय के सम्पूर्ण विकास के साथ ही प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। आगे भी सामुदायिक सहयोग से बेहतर दिशा में काम किया जाएगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव ने जोर दिया कि सामुदायिक सहयोग के बिना विशाल वनों और जैव विविधता की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य की वन नीतियां प्रतिबंधात्मक नहीं, बल्कि विनियामक हैं।

सेवा और समर्पण का प्रेरक दस्तावेज है यह कृति: मुख्यमंत्री

रायपुर 10 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात श्री जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए श्री जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री श्री साय

मेडिसिटी हब और नए मेडिकल कॉलेज से बदलेगा प्रदेश का स्वास्थ्य परिदृश्य

सुकमा में “मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना” का होगा शुभारम्भ

रायपुर 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय में आयोजित ऑल इंडिया हेल्थ साइंसेज वाइस चांसलर मीट-2026 को संबोधित करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर देशभर से आए कुलपतियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने श्री हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।

बिहान योजना से बनी लखपति दीदी

रायपुर,10 अप्रैल 2026/ सुभद्रा पहले गरीबी से जूझ रही थीं, लेकिन स्वयं सहायता समूह जुड़कर एवं ऋण लेकर उन्होंने खीरा की खेती शुरू की l खीरा की खेती से प्राप्त आय से आज वह 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं l

बिलासपुर जिला के कोटा के ग्राम करका की सुभद्रा ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, समूह की शक्ति और मेहनत साथ हो, तो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है। सुभद्रा समूह से जुड़कर खीरा की खेती कर आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अब लखपति दीदी बन चुकी हैl सुभद्रा मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकारी योजना ने उनका जीवन बदल दिया है।

आदिवासी बहुल गांव करका की सुभद्रा आर्मी ने आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत मां सरस्वती समूह से जुड़कर खीरा की खेती को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया। शुरुआत में समूह को 15 हजार रुपये रिवाल्विंग फण्ड, 60 हजार रुपये सी आई एफ तथा 3 लाख रुपये बैंक ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने महिलाओं को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में बड़ी मदद दी। समूह की महिलाओं ने मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए खीरा की खेती शुरू की। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि आज वे 2 एकड़ में खेती कर लगभग 10 क्विंटल खीरा की बिक्री हर दूसरे दिन कर रही हैं। इससे उन्हें लगभग 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।

इस अतिरिक्त आय से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं l बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। सुभद्रा बताती हैं कि इस सफलता के पीछे समूह की बीमा सखी हबीबुन निशा का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा, जिन्होंने समय-समय पर महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता प्रदान कर ऋण सबंधी प्रक्रिया को पूरा करने में सहायता की साथ ही खेती की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुभद्रा आर्मी की मेहनत लगन और सरकारी योजनाओं की मदद से अब वह लखपति दीदी” बनने का गौरव हासिल कर चुकी है।

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