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मेले से बढ़ता है मेल-मिलाप
लघु व्यावसायियों को उपलब्ध होता है बाजार

 

अम्बिकापुर : 

 

शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह में जब परिवहन की बाधा दूर होती है, तो सफलता की कहानी खुद-ब-खुद लिखी जाने लगती है। सरगंवा की रहने वाली कुमिता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिनके लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उनके करियर की उड़ान का जरिया बन गई है।

समय का संकट और पढ़ाई की चुनौती
कुमिता वर्तमान में न्ळब् छम्ज् जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए वे प्रतिदिन सरगंवा से लाइब्रेरी आती हैं। कुमिता बताती हैं कि पहले क्षेत्र में बसों की भारी किल्लत थी। उन्होने बताया कि पहले बस का विकल्प नहीं था, तो बहुत जल्दी वापस लौट जाती थी। इस वजह से उन्हें न चाहते हुए भी लाइब्रेरी से जल्दी निकलना पड़ता था। पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था और टाइम मैनेज करना एक बड़ी चुनौती बन गई थी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदला परिदश्य
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की पहल पर शुरू हुई ’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ ने कुमिता जैसी हजारों छात्राओं की राह आसान कर दी है। अब बस न केवल समय पर उपलब्ध हैं, बल्कि गाँव-गाँव और गली-गली तक पहुँच रही हैं।

कुमिता अब अपने समय का बेहतर प्रबंधन कर पा रही हैं, जिससे वह देर तक निश्चित होकर लाइब्रेरी में पढ़ाई कर सकती हैं। बस की निर्धारित समय-सारणी के कारण उन्हें देर रात घर लौटने का डर नहीं रहता, जिससे उनकी सुरक्षा की भावना बढ़ी है। इसके साथ ही, जिन गाँवों तक पहले बस सेवा उपलब्ध नहीं थी, वहाँ अब सुगम आवाजाही संभव हो गई है।

योजना के लिए जताया आभार
कुमिता अपनी खुशी साझा करते हुए कहती हैं कि, अब मैं फिक्स टाइम पर घर पहुँच जाती हूँ। इस बस सेवा ने मुझे पढ़ने के लिए एक्स्ट्रा टाइम दे दिया है। हमारे मुख्यमंत्री जी की वजह से अब ग्रामीणों को आने-जाने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। मैं इस सुविधा से बहुत खुश हूँ।

 

रायपुर :

 

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि विभाग को प्राप्त हर एक रुपया महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए है। इसलिए व्यय में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े मंत्रालय महानदी भवन में वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक व्यय विवरण एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं।

बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभाग को आवंटित कुल बजट में अब तक 89 प्रतिशत राशि व्यय होने पर संतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि सभी जिलों में स्वीकृत राशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने महतारी वंदन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी पात्र महिलाओं को समय पर किस्त का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों के उन्नयन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ वर्ष 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या में क

 

रायपुर : 

 

नगर पालिक निगम कोरबा के कोरबा जोनांतर्गत वार्ड क्र. 08 एवं 09 में आज 54 लाख रूपये के सड़क रोशनी कार्य की सौगात प्रदान की गई। प्रदेश के वाणिज्य उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उक्त महत्वपूर्ण कार्य का भूमिपूजन उनके हाथों किया गया।

निगम द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्यो की अगली कड़ी में कोरबा जोन के वार्ड क्र. 08 एवं 09 अंतर्गत सीतामणी हटरी मेन रोड से इमलीडुग्गू स्वागत द्वार तक 54 लाख 28 हजार रूपये की लागत से सड़क बत्ती स्ट्रीट लाईट स्थापना का कार्य किया जाना हैं, जिसके तहत 60 नग विद्युत खंभों की स्थापना कर स्ट्रीट लाईट लगाई जाएंगी। आज सीतामणी सामुदायिक भवन में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन एवं महापौर श्रीमती राजपूत ने उक्त नागरिक सुविधा से जुडे़ महत्वपूर्ण कार्य हेतु भूमिपूजन किया तथा तत्काल कार्य प्रारंभ कर समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

ई.व्ही.चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ

 

रायपुर : 

 

रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1 स्थित राजीव नगर (कोतरा रोड दुग्ध डेयरी क्षेत्र) को अब एक आधुनिक एवं आकर्षक ऑक्सीजोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत क्षेत्र में हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी विविध सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण के साथ बेहतर जीवनशैली का अनुभव मिल सकेगा।

इस परियोजना के लिए प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष प्रयासों से राज्य शासन द्वारा 7.86 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने आज अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर कार्ययोजना एवं डिजाइन का अवलोकन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

परियोजना के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में पुरानी उपयोगी संरचनाओं का उन्नयन किया जाएगा, साथ ही स्थल समतलीकरण, सुदृढ़ सीमांकन दीवार एवं मुख्य द्वारों का निर्माण किया जाएगा। बेहतर आवागमन और जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण भी किया जाएगा।

ऑक्सीजोन में हरित विकास (हॉर्टिकल्चर), लैंडस्केपिंग एवं आकर्षक पाथवे विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र एक सुंदर और शांत वातावरण प्रदान करेगा। नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने हेतु बेंच, गजेबो (विश्राम स्थल) तथा खेल मैदान में दर्शक मंच जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग इसका लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त विद्युत व्यवस्था, आंतरिक एवं बाह्य जल आपूर्ति, ट्यूबवेल, शौचालय, गार्ड रूम एवं सेप्टिक टैंक जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

परियोजना के सुचारू संचालन हेतु तीन वर्षों का रखरखाव प्रावधान भी शामिल किया गया है। परियोजना के अंतर्गत आसपास के क्षेत्र में एसएलआरएम सेंटर का निर्माण, मिल्क फैक्ट्री एवं सामुदायिक भवन का मरम्मत एवं नवीनीकरण, 10 दुकानों सहित फूड कोर्ट, पार्किंग क्षेत्र का विकास तथा अतिरिक्त बाउंड्री वॉल एवं गेट निर्माण जैसे कार्य भी किए जाएंगे। इससे यह क्षेत्र एक समग्र नागरिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित होगा।

निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के युवाओं एवं निवासियों ने क्रिकेट सहित अन्य खेल सुविधाओं की मांग रखी, जिस पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए अधिकारियों को इन मांगों को प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : 

 

प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान शहर में संचालित करोड़ों रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने कला, संगीत, संस्कृति और साहित्य की पहचान वाले रायगढ़ को आधुनिक और विकसित शहर के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से संचालित 9 प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कोतरा रोड दुग्ध डेयरी क्षेत्र में विकसित हो रहे ऑक्सी-जोन, हाईटेक नालंदा लाइब्रेरी, रायगढ़ स्टेडियम परिसर में राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता की तैयारियों के तहत बन रहे स्विमिंग पूल एवं खेल अधोसंरचना, पहाड़ मंदिर के सौंदर्यीकरण, एसईसीएल द्वारा विकसित मरीन ड्राइव, कायाघाट पुल निर्माण, एसईसीएल स्टॉप डेम (सिंचाई), एफसीआई ऑक्सीजोन तथा फतहामुड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया।

मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि रायगढ़ अपनी मूल पहचान को बनाए रखते हुए तेजी से विकसित शहर की दिशा में अग्रसर है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने शहर की जल उपलब्धता और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए निर्माणाधीन एनीकट कार्य का भी निरीक्षण किया। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री होमेश नायक ने बताया कि कुल लंबाई में से लगभग 50 मीटर कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर वित्त मंत्री ने संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य को 15 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेलपारा एनीकट के जीर्णोद्धार और खर्राघाट बैराज निर्माण की टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

वित्त मंत्री ने एसईसीएल की सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत पुराने जिंदल पुल से कायाघाट पुल तक विकसित किए जा रहे केलो रिवर फ्रंट परियोजना का भी निरीक्षण किया। लगभग 28.26 करोड़ रुपए की लागत (5 वर्षों के रखरखाव सहित) से संचालित इस परियोजना का कार्य 29 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है।

परियोजना के तहत केलो नदी तट का सौंदर्यीकरण, छठ घाट का विकास, सड़क निर्माण, कियोस्क (दुकानें), बैठने की व्यवस्था, शौचालय, कार एवं बाइक पार्किंग, आकर्षक बोर्ड वॉक (वॉकिंग पाथवे) तथा हरित विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र शहर का प्रमुख पर्यटन एवं आकर्षण केंद्र बनेगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा रायगढ़ को विकसित शहर के रूप में स्थापित करने हेतु स्वीकृत इन परियोजनाओं की वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी समय-समय पर स्वयं समीक्षा करते रहते हैं, जिससे कार्यों में गुणवत्ता और गति बनी रहे।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री मुकेश जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश क्षत्रिय, कार्यपालन अभियंता श्री लोहिया तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

Raipur, April 11, 2026/ “Manuscripts are a living record of our civilization, culture, and intellectual wealth,” Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said as he called upon the people of Chhattisgarh to take part in preserving the state’s cultural heritage and knowledge traditions for future generations.

Referring to the ‘Gyan Bharatam National Manuscript Survey’, initiated by the central government, Chief Minister described it as an important step towards identifying, preserving, and digitising ancient manuscripts across the country.

He appealed to citizens to register details of any manuscripts, handwritten texts, or palm-leaf manuscripts in their possession through the Gyan Bharatam mobile app and contribute to the national effort. He added that even small efforts by individuals can play a meaningful role in protecting the state’s cultural identity.

He expressed confidence that public participation will help bring wider recognition to Chhattisgarh’s knowledge traditions and ensure that this heritage is preserved for future generations.

Chief Minister also urged people to take pride in their roots and become active participants in this cultural initiative.

Meanwhile, the ‘Gyan Bharatam National Manuscript Survey’, launched in March 2026, aims to document and preserve manuscripts and make them accessible through digital platforms.

Chhattisgarh is also actively participating in the nationwide exercise, with district-level committees formed in 26 out of 33 districts and nodal officers appointed. The process is underway in the remaining seven districts.

District committees are identifying collectors and institutions holding manuscripts, while surveyors are being appointed across villages and regions. Training is being conducted at the district level by the Culture Department in coordination with regional teams.

The state had initially received information on 148 manuscripts under the programme from the Union Government. At present, surveys have begun in six districts, and 4,191 manuscripts have already been surveyed through the Gyan Bharatam app.

रायपुर 11 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

(उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन के अवसर पर विशेष )

रायपुर 11 अप्रैल 2026 /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।

2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।

उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।

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