ईश्वर दुबे
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संयुक्त राष्ट्र। फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए कहा है कि परिषद का विस्तार इसके सुधार की दिशा का ‘‘पहला महत्वपूर्ण हिस्सा’’ है। फ्रांस ने मार्च महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाली है। भारत लंबे समय से ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करता रहा है और इस बात पर जोर देता रहा है कि वह परिषद का स्थायी सदस्य बनने का हकदार है।
पटना। केंद्रीय मंत्री और लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने रविवार को कहा कि जिस तरह से केंद्र की राजग सरकार ने बुलेट (गोली) की लड़ाई जीती है, वह लोकसभा चुनावों में बैलट (मतों) की लड़ाई भी जीतेगी। पटना के गांधी मैदान में रविवार को आयोजित राजग की संकल्प रैली को संबोधित करते हुए रामविलास पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सुरक्षित है ।
सूरत। भाजपा प्रमुख अमित शाह ने सशस्त्र बलों के साहस पर ‘शक’ करने और भारतीय वायु सेना के हवाई हमले का सबूत मांगने पर रविवार को विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा और कहा कि उनके ऐसे बयान पाकिस्तान के चेहरे पर ‘मुकुराहट’ लाए। शाह ने कहा कि अगर ये पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले के जरिए हासिल की गई उपलब्धि की प्रशंसा नहीं कर सकतीं तो उन्हें ‘चुप रहना’ चाहिए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए, शाह ने दावा किया कि मोदी ने अपना नियमित कार्य जारी रखा और इस दौरान वह 14 फरवरी को पुलवामा हमले के गुनाहगारों को सजा देने के बारे में भी योजना तैयार करते रहे। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 कर्मियों की मौत हो गई थी।
नयी दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की 'खराब' सरकार चलाने और उससे भी 'बेकार' विपक्ष की भूमिका निभाने के लिये कड़ी आलोचना करते हुए रविवार को कहा कि उसके बयानों से देश के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा है और पाकिस्तान को भारत को अपमानित करने का मौका दिया है। उल्लेखनीय है कि बालाकोट में भारत के हवाई हमले के कुछ दिनों के भीतर ही कांग्रेस की अगुवाई में 21 विपक्षी दलों ने एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पुलवामा और बालाकोट की घटनाओं के राजनीतिकरण का आरोप लगाया था। जेटली ने ब्लॉग लिखकर कहा, '(बालाकोट में भारतीय वायुसेना के आतंकवाद निरोधी अभियान के बाद) विपक्षी दलों के बयानों से भारत के हितों को नुकसान पहुंचा है। वे आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई पर अविश्वास दिखाकर पाकिस्तान को सुकून पहुंचाते हैं और उसके हाथों में खेल रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि ऐसे मौकों पर तो देश को एक स्वर में बात करनी चाहिए जैसा कि 1971 के युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी और जनसंघ ने किया था। जेटली ने विपक्ष के 21 दलों द्वारा पारित प्रस्ताव को अनुचित करार देते हुए कहा कि इससे शत्रु देश को बल मिला है और पाकिस्तान की मीडिया ने उनके बयानों का बढ़चढ़कर इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो बार विपक्षी दलों के नेताओं को विश्वास में लिया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान को लेकर वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के संक्षिप्त लेकिन अत्यंत आपत्तिजनक बयान से सबसे ज्यादा निराश था।'
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में मंगलवार को सीबीआई के पूर्व अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव को अदालत की कार्यवाही चलने तक दिनभर वहां बैठे रहने की सजा सुनाई गई। वे विजिटर्स गैलरी में बैठे। उन्होंने लंच भी नहीं किया। दरअसल, शीर्ष अदालत ने बिहार शेल्टर होम मामले की जांच के लिए सीबीआई अफसर एके शर्मा को नियुक्त किया था और राव ने उनका ही तबादला कर दिया था। इस पर कोर्ट ने राव के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया था। राव की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सोमवार को हलफनामा दायर करके अदालत से माफी मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने राव को बुधवार को खुद पेश होने के लिए कहा।
कोर्ट रूम : राव बार-बार माफी मांगते रहे, लेकिन कोर्ट ने कहा- यह गंभीर मामला
चीफ जस्टिस : नागेश्वर राव को सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश का पता था, तभी उन्होंने कानूनी विभाग से राय मांगी और कानूनी सलाहकार ने कहा था कि एके शर्मा का ट्रांसफर करने से पहले सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर इजाजत मांगी जाए, लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया गया?
अटॉर्नी जनरल : राव ने गलती स्वीकारी है उन्होंने माफी मांगी है।
चीफ जस्टिस : संतुष्ट हुए बगैर और कोर्ट से पूछे बगैर अधिकारी के रिलीव ऑर्डर पर दस्तखत करते हैं यह अवमानना नहीं तो क्या है? राव ने आरके शर्मा को जांच से हटाने का फैसला लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देने की जरूरत तक नहीं समझी। उनका रवैया रहा है कि मुझे जो करना था कर दिया।
अटॉर्नी जनरल : माई लार्ड, प्लीज इनको (राव) माफ कर दीजिए।
चीफ जस्टिस (अटॉर्नी जनरल से पूछा) : अगर हम नागेश्वर राव को दोषी करार देते हैं, तो क्या आप सजा को लेकर जिरह करेंगे?
अटॉर्नी जनरल : जब तक कोर्ट यह तय न कर ले कि नागेश्वर राव ने यह जानबूझकर कर किया है, उन्हें दोषी करार नहीं दिया जाना चाहिए।
चीफ जस्टिस : अगर हम राव की माफी स्वीकार भी कर लेते हैं तो भी इनका करियर रिकॉर्ड दागदार रहेगा, क्योंकि इन्होंने अदालत की अवमानना की है और यह इन्होंने खुद स्वीकार किया है। यह बहुत गंभीर मामला है।
अटॉर्नी जनरल : मी लॉर्ड, इंसान गलतियों का पुतला है। राव को माफ कर दीजिए।
चीफ जस्टिस : अपने 20 साल के करियर में किसी को अवमानना मामले में सजा नहीं सुनाई, लेकिन यह मामला अलग है।
अटॉर्नी जनरल : नागेश्वर राव के 32 साल के करियर का अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। कोर्ट को उन पर दया दिखानी चाहिए।
चीफ जस्टिस : नागेश्वर राव को अवमानना का दोषी करार दिया जाता है। उन्हें कोर्ट की कार्यवाही चलने तक अदालत में बैठे रहने की सजा सुनाई जाती है। साथ ही उन पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया जाता है। यह रकम एक सप्ताह में जमा करानी होगी।
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामला क्या है?
पिछले साल मुजफ्फरपुर और पटना के शेल्टर होम में बच्चियों के यौन शोषण की बात सामने आई थी। 28 मई, 2018 को एफआईआर दर्ज हुई। 31 मई को शेल्टर होम से 46 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। इस मामले में शेल्टर होम के संचालक ब्रजेश ठाकुर, पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री मंजू ठाकुर समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। हाल ही में 7 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए केस पटना से दिल्ली के साकेत पास्को कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्मयंत्री अखिलेश यादव को मंगलवार को अमौसी एयरपोर्ट पर प्रयागराज जाने से रोक दिया गया। अखिलेश प्राइवेट प्लेन से एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उनका कुंभ जाने का भी कार्यक्रम था। अखिलेश को रोके जाने के मुद्दे पर संसद, विधानसभा और विधानपरिषद में जोरदार हंगामा हुआ। इस बीच, सरकार ने कहा कि अखिलेश को रोकने का फैसला इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के आग्रह पर लिया गया।
प्रशासन और सरकार ने बम फेंकने वालों की मदद की- अखिलेश
इस घटना के बाद अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हमने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का कार्यक्रम 27 दिसंबर को ही भेज दिया था ताकि कोई शिकायत हो तो उसकी जानकारी मिल जाए। भाजपा और उनके समर्थक इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के चुनावों को अपना चुनाव समझ रहे थे। सरकार और सभी मंत्री इस चुनाव में शामिल हो रहे थे। मुख्यमंत्री जब भी यूनिवर्सिटी जाते थे, तब वह जरूर अपने लोगों को यह आदेश दे रहे होंगे कि इन चुनावों में किसी भी कीमत पर हार ना हो। अब जब शपथ ग्रहण समारोह होने जा रहा था, तब वहां तीन बम फेंके गए। जहां मंच था, वहां पर विस्फोट हुए। सरकार और प्रशासन ने उन लोगों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया, जिन्होंने ये काम किया। लोकतंत्र में यह पहली बार हुआ है कि सरकार और प्रशासन ऐसे लोगों की मदद कर रहे हैं, जो किसी कार्यक्रम में बम फेंक रहे हैं।
रायपुर। एसीबी और ईओडब्ल्यू के प्रमुख रहे IPS अधिकारी मुकेश गुप्ता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. भाजपा विधायक ननकी राम कंवर के बाद अब पूर्व विधायक और भाजपा सरकार में वित्त आयोग के अध्यक्ष रहे वीरेन्द्र पाण्डेय ने गुप्ता के खिलाफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की है. उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मुकेश गुप्ता अभियुक्तों को बचाने, गवाहों पर दबाव डालने व सरकारी दस्तावेजों को नष्ट कर निर्दोषों को झूठे मामलों में फंसाते थे और उनका साथ एसपी रजनेश सिंह दिया करते थे. उन्होंने सीएम से की गई शिकायत में जांच की मांग की है.
पाण्डेय ने अपनी शिकायत में कई मामलों का जिक्र किया. उन्होने शिकायत में कहा है कि ईओडब्ल्यू में अपराध क्रमांक 53/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक में पृष्ठ क्रमांक 30, 31, 32, एवं 33 में दर्ज किया है. इसी तरह अपराध क्रमांक 54/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 34, 35, 36 एवं 37 में दर्ज किया गया है. अपराध क्रमांक 55/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 38, 39, 40 एवं 41 में दर्ज की गई है. अपराध क्रमांक 57/2014 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 42, 43, 44 एवं 45 में लेख किया गया है. उन्होंने लिखा है कि महत्वपूर्ण यह है कि अपराध क्रमांक 56/ 2014 को प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 42, 43, 44, 45 में लेख किया जाना चाहिए था. किन्तु पूर्व में उसे अवैध रुप से विजय सिंह ठाकुर, गोविंद राम देवांगन, अबरार बेग, बीडीएस नरबरिया आदि से जिनके पास से करोड़ों रुपये संपत्ति जब्त किया गया था. उनके विरुद्ध कंप्यूटर से फर्जी एफआईआर दर्ज की गई (प्रथम इत्तिला पुस्तक की जगह) जब इन लोगों से रिश्वत प्राप्त हो गई तो वह कंप्यूटर की सादे कागज की फर्जी एफआईआर फाड़कर सादे कागज में फर्जी एफआईआर आलोक अग्रवाल के विरुद्ध कंप्यूटर से दर्ज की गई. यह ईओडब्ल्यू के कम्प्यूटर की एफएसएल की जांच से प्रमाणित हो जाएगा.
वीरेन्द्र पाण्डेय ने अपनी शिकायत में लिखा है कि दोनों अधिकारियों को तत्कालीन सरकार से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था. वर्ष 2015 में ईओडब्ल्यू में संघारित प्रथम इत्तिला पुस्तक क्रमांक 1 से शुरु होनी चाहिए पूर्व में पृष्ठ क्रमांक 1 से 5 में एक झूठा मुकदमा मुकेश गुप्ता एवं रजनेश सिंंह ने कायम करवाया. कथित अभियुक्त से रिश्वत प्राप्त कर एफआईआर बुक को फाड़ दिया गया और दिनांक 1 जनवरी 2015 को अपराध क्रमांक 1/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 6, 7, 8, 9 एवं 10. अपराध क्रमांक 2/15 प्रथम इत्तिला पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक 12, 13, 14 एवं 15. अपराध क्रमांक 3/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक क्रमांक 16, 17 एवं 18. अपराध क्रमांक 4/2015 इत्तिला पुस्तक क्रमांक 19, 20, 21 एवं 22. अपराध क्रमांक 6/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक क्रमांक 23, 24, 25.
वहीं अपराध क्रमांक 5/2015 प्रथम इत्तिला पुस्तक में दर्ज नहीं है. इसे कंप्यूटर में सादे कागज में दर्ज किया गया है. आलोक अग्रवाल से रिश्वत की मांग की गई जिसे उसने देने से इंकार कर दिया साथ ही अबरार बेग, गोविन्द राय, विजय सिंह ठाकुर, गोविन्द राम देवांगन, बीडीएस नरबरिया जिनके पास पास से करोड़ों रुपये बरामद हुए, रिश्वत प्राप्त कर कंप्यूटर में लेख की गई प्रथम सूचना पत्र को फाड़कर फेंक दिया गया और बाद में पुनः कम्प्यूटर से अपराध क्रमांक 5/2015 की एफआईआर सादे कागज में दर्ज किया गया.
वीरेन्द्र पाण्डेय ने सभी मामलों के दस्तावेजों को सौंपते हुए लिखा है कि इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो जाएगा कि मुकेश गुप्ता एवं रजनेश सिंह ने अधीनस्थ कर्मचारियों को डरा धमकाकर ईओडब्ल्यू थाने में संधारित प्रथम इत्तिला पुस्तिका में प्रथम सूचना दर्ज नहीं करायी. कूटरचित दस्तावेज तैयार कराये, यह जानते हुए कि वे कूटरचित हैं.
रायपुर. अंतागढ़ टेप कांड में एफआईआर दर्ज होने के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के सुप्रीमो अजीत जोगी के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ का मोदी कहे जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि मुझमें और मोदी में कोई समानता नहीं है, बल्कि जोगी और मोदी में बहुत समानता है. दोनों का न केवल सरनेम मिलता है, बल्कि दोनों लच्छेदार भाषण करते हैं, दोनों की बात में सच्चाई नहींं होती. दोनों के पास अमित हैं, जो हत्या के मामले में 10 महीने तक निरुद्ध रहे हैं.
उत्तरप्रदेश, बिहार और दिल्ली की यात्रा कर छत्तीसगढ़ लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा में कहा है कि उनकी उत्तर प्रदेश और बिहार की यात्रा सार्थक रही है. तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत का असर पूरे देश में है. उन्होंने कहा कि पूरा देश राहुल गांधी को मोदी के विकल्प के रुप में देख रही है.

अंतागढ़ टेप कांड के मामले में कहा कि जो एसआईटी का गठन हुआ है, उसके बाद कोई अधिक आवेदन देता है, तो अगर ऐसा ही उपयुक्त मानेगी तो उसे जांच में शामिल कर लेगी. वहीं सीडी कांड की जांच दूसरे प्रदेश में कराए जाने की भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन की मांग पर उन्होंने कहा कि अनिल जैन को कुछ समझ नहीं है. जो उनको बोला गया वह बोल दिया. जब जांच प्रक्रिया पूरी हो गई, कोर्ट में पेश हो गया, लोगों ने जमानत ले ली तो बचा क्या है. क्या उनको न्यायालय व्यवस्था में विश्वास नहीं है. जो मामला न्यायालय में हो उसे स्थानांतरित करने का सवाल ही पैदा नहीं होता.
कोलकाता में सीबीआई को लेकर सीएम ममता बैनर्जी के धरना दिए जाने पर भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी लगातार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने में लगी है, और सीबीआई के जितना नीचे गिरा सकते थे, गिरा चुके हैं. उसकी विश्वसनीयता अब समाप्त हो चुकी है. अब उसका दुरुपयोग किस प्रकार से कर रहे हैं वह कल पश्चिम बंगाल में दिखाई दी. जिस प्रकार से आईबी हो, सीबीआई हो, सीवीसी हो, सब का दुरुपयोग हो रहा है. वह पूरा देश देख रहा है. बदले की भावना से केंद्र सरकार कार्रवाई कर रही है. जहां तक सीबीआई चीफ का यह कहना छत्तीसगढ़ सरकार से बात की जाएगी, मुझे इसकी जानकारी नहीं है. लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि बीजेपी की सरकार ने 2012 में ही गजट नोटिफिकेशन किया था. भारत सरकार के पास पत्र भेजा था वह दूर था, उसे हमने पूरा करने के लिए पत्र लिखा है तो पहले वह अपने आका से पूछ ले.
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी दफ्तर में पत्रकार को पीटने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि उनका अब प्रजातंत्र में विश्वास नहीं रहा. बीजेपी अब अपनी हार की खीझ पत्रकारों पर निकाल रही है. उन्होंंने कहा कि ये बेदह गंभीर मामला है. यदि इस तरह से किया जाएगा तो प्रजातंत्र के चौथे स्थान पर हमला माना जाएगा. वैसे भी हम लोग पत्रकार सुरक्षा कानून लाने वाले हैंं. ये जो घटनाएं हुई हैं उसे लगता है कि और जल्द तेजी से करना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस दफ्तर में भी कई बार इस तरह की स्थिति बनी है. लेकिन कांग्रेस ने कभी पत्रकारों को नहीं रोका. कार्यकर्ता उलझ जाते हैं. उन्हें मनाया-समझाया जाता है. लेकिन बीजेपी के लोग खुद लड़ रहे हैं और पत्रकारों के साथ मारपीट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने इस पर कार्यवाही की है.
उन्होंने बीजेपी से सवाल पूछा है कि क्या उनका प्रजातंत्र पर विश्वास नहीं है. जिस तरह से संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रहे हैं, उसी तरह से चौथे स्तंभ को भी कमजोर किया जा रहा है. बस्तर में पत्रकारों के साथ क्या इन लोगों ने किया है, अब सरकार में नहीं है तब सारी खीझ पत्रकारों पर निकाल रहे हैं. भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी के पास मौका है 5 साल में अपनी कमजोरी ढूंढे. लेकिन वे अपना गुस्सा, खीज पत्रकारों पर निकाल रहे हैं , यह बेहद गंभीर मामला है.
राजीव अग्रवाल को कार्यकर्ताओं द्वारा माला पहनाकर स्वागत किए जाने पर भूपेश ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि पत्रकारों को और मीडिया हाउस को यह समझ जाना चाहिए कि जो पत्रकारों को पिटेगा भाजपा के लोगे उसका सम्मान किया जाएगा यह तानाशाही प्रवृत्ति के लोग हैं. इनका असली चेहरा सामने आ चुका है.