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  • सरकार के खिलाफ कंप्यूटर बाबा की नहीं थम रही नाराजगी
  • शिवराज सरकार ने पोल खोल यात्रा से पहले दिया था राज्यमंत्री का दर्जा 

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से नाराज होकर राज्यमंत्री का दर्जा ठुकराने वाले कंप्यूटर बाबा अब चुनाव से ऐन पहले सरकार की मुश्किले बढ़ाने जा रहे हैं। कंप्यूटर बाबा प्रदेश के संतों का समागम कर मन की बात करेंगे। इसकी शुरुआत 23 अक्टूबर को इंदौर से की जाएगी। ग्वालियर में 30 अक्टूबर, खंडवा में 4 नवंबर, रीवा में 11 नवंबर और जबलपुर में 23 नंवबर को संतों का महासम्मेलन बुलाएंगे। 

 नर्मदा यात्रा के भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए पोल खोल यात्रा निकालने से पहले सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देकर शांत करा दिया था, लेकिन अब चुनाव से पहले उन्होंने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिवराज और सरकार को संत विरोधी बताते हुए घेरना शुरू कर दिया है। 

 स्वामी अवधेशानंद करेंगे सुलह की कोशिश : चुनावी समर में संतों की नाराजगी भाजपा को भारी पड़ सकती है, जिसके चलते भाजपा ने बाबा को मनाने की कोशिश शुरू कर दी है। सरकार ने जूनापीठ के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी को मध्यस्थता का जिम्मा सौंपा है। वह बाबा से मिलकर सुलह कराने की कोशिश करेंगे। 

 सरकार के खिलाफ संतों का समागम : कम्प्युटर बाबा मन की बात की शुरुआत 23 अक्टूबर को इंदौर से करेंगे। 30 अक्टूबर ग्वालियर, 4 नवंबर खंडवा, 11 नवंबर को रीवा, 23 नवंबर को जबलपुर में संतो का समागम होगा। समागम में नर्मदा में अवैध उत्खनन, गौ रक्षा, मंदिर निर्माण के जैसे मुद्दे शामिल किए जाएंगे। 

 धर्म विरोधी है ये सरकार : कल इंदौर में होने वाले संत समागम में प्रदेश भर से एक हजार से ज्यादा संत एकत्रित हो रहे हैं। जिनमें से काफी संख्या में संतों ने इंदौर में डेरा डाल लिया है। समागम में संत नर्मदा, गाय, मठ-मंदिरों की स्थिति पर मंथन करेंगे और अपनी राय देंगे। संत समागम के संयोजक कंप्यूटर बाबा ने कहा कि यह समागत सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि नर्मदा, गाय और मठ मंदिरों को बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने एक बार फिर कहा कि सरकार धर्म विरोधी है। नर्मदा के लिए सरकार ने खतरा पैदा किया है। चुनाव के दौरान संत सरकार की पोल खोलने का काम करेंगे। हालांकि कंप्यूटर बाबा ने कहा कि संतों के इस कार्यक्रम का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

मुंबई। भारत के ‘मी टू’ अभियान को अपना समर्थन देते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने कहा कि वह भले ही यौन उत्पीड़न की पीड़ित न रहीं हों, लेकिन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की असंख्य कहानियां उन्हें गुस्सा दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म जगत में वह “पेशे संबंधी उत्पीड़न’’ से गुजर चुकी हैं और इसलिए इस कड़वे अनुभव को समझ सकती हैं। 

 
टंडन ने कहा, “मेरा कभी भी यौन उत्पीड़न नहीं हुआ क्योंकि मैं ऐसी नहीं थी कि इसे बर्दाश्त कर लूं। मैं मुंहतोड़ जवाब देती। लेकिन मैं उस सदमे को समझ सकती हूं जिससे युवा लड़कियों को गुजरना पड़ता है। ऐसे अनुभव सुनना बेहद दुखी एवं निराश करने वाला है। मुझे इस पर गुस्सा आता है।” उन्होंने कहा, “मैंने पेशे से संबंधी उत्पीड़न झेला है। मैंने कुछ फिल्में खोई हैं। कुछ महिला पत्रकार थीं जो अपनी पत्रिकाओं एवं समाचारपत्रों में हमारी छवि खराब करती थीं। वे अभिनेताओं की मदद करती थीं।” 
 
अपने उत्पीड़न के अनुभव के बारे में बात करते हुए टंडन ने कहा कि वह बेहद परेशान करने वाला वक्त था क्योंकि उनकी छवि खराब कर दी गई थी। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा, “किसी अभिनेत्री का जीवन बर्बाद करने के लिए वे मिलकर काम करते हैं।” हाल ही में एक ट्वीट में रवीना ने कहा, “कार्यस्थल पर उत्पीड़न को कैसे परिभाषित किया जाता है? यह तथ्य कि उद्योग जगत से जुड़ी हस्तियों की पत्नियां या प्रेमिकाएं इस बात पर चुप रहती हैं या उकसाती हैं कि उनके अभिनेता पति किसी अभिनेत्री का पीछा करने या उससे प्रेम संबंध खत्म करने के बाद उसका करियर बर्बाद कर देते हैं या किसी दूसरे संभावित लक्ष्य को उनकी जगह ले आते हैं।” 
 
इस बारे में पूछने पर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री ने कहा, “कई बार वे महिलाएं ही होती हैं जो असुरक्षा या पेशेवर ईर्ष्या के कारण असंतुष्ट होती हैं और अपने हीरो प्रेमी या पति के जरिए किसी फिल्म से अन्य अभिनेत्री को हटा देती हैं। यह उचित नहीं है।’’ रवीना ने कहा कि यह भले ही यौन उत्पीड़न न हो, लेकिन पेशे से संबंधी उत्पीड़न जरूर है। अनुबंध में लिखी शर्त एवं नियमों का मजबूत होना आवश्यक है। 

बुडापेस्ट। स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने अपेक्षाओं पर खरे उतरते हुए सेमीफाइनल में अलेजांद्रो एनरिक तोबियेर को हराकर विश्व चैम्पियनशिप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने की ओर कदम रख दिया। बजरंग ने 65 किलो वर्ग के फाइनल में जगह बनाई । इससे पहले राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता बजरंग ने मंगोलिया के तुलगा तुमुर ओचिर को 5 . 3 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिये स्वर्ण पदक सिर्फ दोहरे ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार ने ही जीता है जिन्होंने 2010 में मास्को में 66 किलो वर्ग में यह कमाल किया था। बजरंग यदि स्वर्ण जीतते हैं तो एक ही सत्र में तीन बड़े खिताब जीतने वाले वह अकेले भारतीय पहलवान हो जायेंगे। सेमीफाइनल में बजरंग ने क्यूबा के दिग्गज पहलवान को 4.3 से मात दी। 
 
इससे पिछले मुकाबले में बजरंग ने मंगोलिया के तुलगा तुमुर ओचिर पर 4.1 की बढत बना ली थी लेकिन बाद में एक अंक गंवाया। बाद में उसने दो एक अंक बनाकर जीत दर्ज की। पांच साल पहले कांस्य पदक जीतने वाले बजरंग ने संयम के साथ खेलते हुए रोमन अशारिन को 9.4 से और कोरिया के ली सियुंगचुल को 4.0 से हराया था। 
 
अन्य मुकाबलों में संदीप तोमर 57 किलो वर्ग में ग्वाटेमाला के जोस मोक्स एरियास से जीत गए लेकिन दूसरे दौर में अजरबैजान के जियोर्जी ई से हार गए। सचिन राठी को 79 किलो वर्ग में मंगोलिया के उनुरबत पी ने 13 . 1 से हराया । वहीं 92 किलो वर्ग में दीपक को उक्रेन के एल सगालियुक ने 4.0 से मात दी। 

अबुजा। नाइजीरिया के कदुना में ईसाई और मुस्लिम युवाओं के बीच हुई हिंसक सांप्रदायिक झड़प में कम से कम 55 लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन ने 24 घंटे के कर्फ्यू की घोषणा की है। गवर्नर नासिर अल-रूफई के हवाले से उनके प्रवक्ता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘ राज्य की सरकार ने कदुना और उसके आस-पास के इलाकों में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है।'

बयान में कहा गया, “गवर्नर ने यहां रहने वाले सभी लोगों से शांति बनाने की अपील की है।' दरअसल कासुवान मगानी बाजार में सामान ढोने वाले लोगों के बीच हुए एक विवाद के बाद यहां हउसा मुस्लिम और अदारा ईसाई युवाओं के बीच इस सप्ताह हिंसक झड़प शुरू हो गई। कदुना के पुलिस आयुक्त अहमद अब्दुर ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि हिंसा के सिलसिले में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पटना। बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर रविवार को निशाना साधते हुए प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार की तुलना 'राक्षस राज' से की और कहा कि जनता इस सरकार से त्रस्त है। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर महागठबंधन में शामिल कांग्रेस द्वारा आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में राजद नेता तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उनकी ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग कहते थे कि ‘मिट्टी में मिल जाएंगे, मगर भाजपा से हाथ नहीं मिलाएंगे।’ 

नीतीश पर कुर्सी के लोभ में फंसे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने जनादेश का अपमान किया और भाजपा के साथ मिल गए, इससे बिहार की जनता नाराज है और काफी गुस्से में है।
 
 
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कहते हैं कि बिहार में डबल इंजन की सरकार है और इसलिए हमारे साथ गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ गए थे, लेकिन सूबे में अब अपराध और भ्रष्टाचार है। बिहार में अपराध में लगातार वृद्धि होने का आरोप लगाते हुए तेजस्वी ने कहा आज इस प्रदेश में 'राक्षस राज' है और जनता इस सरकार से त्रस्त है।
 
 
तेजस्वी ने नीतीश और सुशील से सवाल किया कि केंद्र की वर्तमान सरकार के साढे़ चार साल के कार्यकाल के दौरान में बिहार को क्या मिला? बिहार को विशेष राज्य का दर्जा कब मिलेगा? उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा को बिहार की कोई चिंता नहीं है। समारोह को बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, पार्टी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने भी संबोधित किया।
 

मुंबई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक रैली में रविवार को भाजपा पर हमला करते हुए दावा किया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को ‘‘किसी भी राजनीतिक गठबंधन की जरूरत नहीं’’ है। उद्धव ने रविवार को शिरडी और अहमदनगर में सार्वजनिक सभाएं की। वह पूरे राज्य में रैलियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब अटल जी (अटल बिहारी वाजपेयी) की सरकार केंद्र में थी तो उन्हें कई राजनीतिक मित्रों का समर्थन प्राप्त था। (लेकिन) मौजूदा सरकार को किसी भी राजनीतिक गठबंधन की जरूरत नहीं है।' 

उद्धव ने लोगों से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए जा रहे दावों का सच तलाशने की अपील की। उन्होंने कहा, “मैं अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा नीत केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित लोगों का पता लगाने के लिए कह रहा हूं। आप अपनी जानकारियों के साथ पीएम मोदी की एक तस्वीर लगाएं और लोगों को तय करने दें।’’ फैलाने’’ को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वह चुनावी फायदे की खातिर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाती है। शिरडी में एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ने भाजपा से मतभेदों के बावजूद केंद्र एवं महाराष्ट्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकारों में शिवसेना के साझेदार बने रहने पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसी चीजें कराने के लिए सत्ता में हूं जिससे लोगों को फायदा हो। मैं उनमें से नहीं हूं जो सत्ता के सामने अपनी दुम हिलाए। मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं।’’
 

 

नयी दिल्ली। मोदी सरकार पर इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास करने के कांग्रेस के आरोप पर पलटवार करते हुए भाजपा ने सोमवार को कहा कि नेताजी, सरदार पटेल, बाबा साहब आंबेडकर जैसे महापुरूषों के सम्मान पर विपक्षी दल को ऐतराज क्यों हो रहा है? भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने यहां कहा, ‘‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरूषों का सम्मान किये जाने का तो कांग्रेस को स्वागत करना चाहिए। लेकिन उसे इस पर ऐतराज है, क्यों?’’

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास नहीं कर रही है, बल्कि इन महापुरुषों के साथ जो नाइंसाफी हुई, जिस प्रकार इन्हें कांग्रेस ने भुलाने का काम किया, उसे दूर करते हुए उन्हें सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है। हुसैन ने कहा कि 75 साल में पहली बार, अखंड भारत की पहली सरकार को सम्मानपूर्वक, समारोह में याद किया गया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नेताजी की तरह ही सरदार पटेल और बाबा साहब आंबेडकर का योगदान भुलाने की कोशिश की गई। 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की याद में ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’’ का अनावरण किया जा रहा है।
 
आरएसएस का योगदान 
स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस के योगदान पर कांग्रेस द्वारा सवाल उठाने के विषय पर हुसैन ने कहा कि कांग्रेस के लिये एक ही परिवार का योगदान मायने रखता है जबकि आजादी की लड़ाई में नागरिक होने के नाते अनेकानेक लोगों ने योगदान दिया और देश से मोहब्बत रखने वाला संगठन होने के नाते संघ ने भी योगदान दिया। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरोहर हथियाने के लिए 'षडयंत्रपूर्ण प्रयास' करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा था कि भाजपा इतिहास फिर से लिखने के लिए व्याकुल है।

कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि 'व्याकुल भाजपा इतिहास फिर से लिखने की कोशिश कर रही है और सरदार पटेल एवं जवाहरलाल नेहरू के बीच तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं नेहरू के बीच एक काल्पनिक प्रतिद्वंद्विता पैदा कर रही है। इसने शुभ अवसरों का इस्तेमाल ओछे राजनीतिक हथकंडों के लिए किया है।’
 

इंदौर। मध्यप्रदेश में लगातार चौथी बार विधानसभा चुनाव जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही सत्तारूढ़ भाजपा की चुनावी यात्रा रविवार को सूबे की आर्थिक राजधानी इंदौर पहुंची। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रोडशो करते हुए मतदाताओं से समर्थन मांगा। चश्मदीद लोगों ने बताया कि भाजपा की "जन आशीर्वाद यात्रा" के तहत शिवराज शहर के वैशाली नगर से अपने चुनावी रथ (विशेष वाहन) में सवार हुए। यह रथ शहर के अलग-अलग इलाकों से गुजरा। चुनावी मुहिम पर निकले मुख्यमंत्री रोडशो के दौरान अधिकांश समय रथ की लिफ्ट पर दिखायी दिये। उन्होंने हाथ हिलाकर और हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन किया। भाजपा ने 28 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिये फिलहाल अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किये हैं। लिहाजा चुनावी टिकट के कई स्थानीय दावेदारों ने शिवराज के रोड शो के रास्ते में जगह-जगह अपने स्वागत मंच लगाकर मुख्यमंत्री के सामने शक्ति प्रदर्शन किया। 

इंदौर, भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आसन्न विधानसभा चुनावों के मद्देनजर छह अक्टूबर को पार्टी के "महा जन सम्पर्क अभियान" की शुरूआत इंदौर से ही की थी। इंदौर की शहरी सीमा में विधानसभा की कुल पांच सीटें हैं। वर्ष 2013 के पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा ने पांचों सीटें जीती थीं। 

 

जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का रिमोट गाँधी परिवार के चार लोगों के हाथ में है जबकि भाजपा का रिमोट उसके कार्यकर्ताओं के हाथ में है। भाजपा जो भी कार्य करती है, वह कार्यकर्ताओं की सहमति से ही करती है। राजे ने कहा कि कांग्रेस घबराई हुई है, इसलिए राहुल गांधी को विधानसभा स्तर की बैठकें करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 

राहुल पर वार
वसुंधरा ने कहा कि अच्छा है राहुल विधानसभा स्तर की ज्यादा से ज्यादा बैठकें करें क्योंकि वे जहां-जहां जाएंगे, वहां भाजपा और अधिक मजबूत होगी। जयपुर में रायशुमारी के दूसरे चरण के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए राजे ने राहुल गाँधी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गाँधी ने जहाँ-जहाँ भी सभाएं की हैं, वहाँ ‘‘कमल’’ ही खिलेगा।
कांग्रेस के 50 साल और भाजपा के वर्तमान पांच साल के कार्यों में जमीन और आसमान का अन्तर देखने को मिलेगा। राजे ने कहा कि भाजपा ने कम से कम राहुल गांधी को मंदिरों में जाना तो सीखा दिया। आज वो लोग मंदिर जाने लगे हैं जो हमारे मंदिर जाने पर सवाल उठाते थे। कहते थे, इनकी सरकार तो भगवान भरोसे चलती है। हां मुझे यह कहते हुए गर्व है कि मेरी सरकार भगवान के आशीर्वाद से ही चलती है।
 
गिनाए विकास कार्य
उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्तमान 5 वर्षों में जितने विकास कार्य किए हैं, कांग्रेस ने अपने 50 साल में अब तक नहीं किये। भाजपा के विकास कार्यों का आज के दौर में चहुँ ओर गुणगान हो रहा है। यही बात लेकर कार्यकर्ता जनता के मध्य जाएं। निम्न से लेकर उच्च वर्ग भी भाजपा की लोककल्याणकारी योजनाओं से बेहद खुश हैं। एक बार कांग्रेस-एक बार भाजपा की बात को नकारते हुए राजे ने कहा कि ‘‘मैं इन बातों पर विश्वास नहीं करती हूँ।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में जिस तरह विकास हुआ है, ठीक उसी तरह राजस्थान में भी विकास हुआ है एवं इन विकास कार्यों के दम पर राजस्थान में भी लगातार भाजपा अपनी जीत का परचम फिर से लहराएगी।’’ 
 
 
रायशुमारी कार्यक्रम में दूसरे दिन आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर 35 विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से एक सील बंद बाक्स में सुझाव लिए गए। भीलवाड़ा की 7, नागौर शहर की 5, नागौर देहात की 5, झुन्झुनूं की 7 एवं अलवर शहर की 11 विधानसभाओं से बुलाए गए अपेक्षित पदाधिकारियों से रायशुमारी की गई। 
 
औरों ने क्या कहा
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार ने जो विकास कार्य किये हैं, इनके चलते हम पुनः सरकार बनायेंगे। हमारा सक्षम नेतृत्व और सक्रिय कार्यकर्ताओं के दम पर हम प्रदेश में पूरे 5 वर्ष जनता में सक्रिय रहे हैं। भाजपा ही ऐसी पार्टी है जो कि कार्यकर्ताओं की रायशुमारी के साथ ही अपने उम्मीदवारों का चयन करती है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने कार्यकर्ताओं को चुनावी मूल मंत्र देते हुए कहा कि कार्यकर्ता अपनी ताकत पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में जायें एवं एक नया इतिहास बनायें। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार में जो प्रधानमंत्री थे, उन्हें ढूंढना पड़ता था। आज हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं और देश के लिए हर मोर्चे पर डटे रहते हैं। 
 
भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री वी. सतीश ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई थी। तब से लेकर अब तक पहले जनसंघ व अब भाजपा की ऐतिहासिक व गौरवमयी यात्रा जारी है। इस अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, सी.आर. चौधरी, अर्जुनराम मेघवाल, सहित राजे मंत्रिमंडल के कई सदस्य उपस्थित थे।
  • दो पहिया में एक लगेगा और चार पहिया वाहनों में बिना अनुमति झंडे नहीं लगेंगे 
  • शासकीय संपत्ति पर पोस्टर, बैनर तो मिलेगा नोटिस, निजी पर अनुमति जरूरी

दुर्ग. किसी एक जगह पर वाहन खड़े कर लाउडस्पीकर से चुनाव प्रचार करने पर वाहन और साउंड सिस्टम को जब्त किया जाएगा। प्रत्याशियों को घूमते वाहनों में लाउड स्पीकर से चुनाव प्रचार करना होगा। कलेक्टर ने चुनाव आयोग के निर्देशों की जानकारी देते हुए सेक्टर अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशों का पालन करने कहा। 

निर्देश जारी : अफसर देंगे एरिया रिपोर्ट, शिकायत सेल का किया गया गठन

  1.  

    कलेक्टर उमेश अग्रवाल और एसपी संजीव शुक्ला ने संयुक्त बैठक में कहा कि सेक्टर अधिकारी और क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को इलाके की पूरी जानकारी होना चाहिए। दोनों अफसर संयुक्त रूप से भ्रमण कर अपने क्षेत्र की रिपोर्ट दें। क्षेत्र में संपत्ति विरूपण की कार्रवाई के साथ चुनाव के दौरान आचार संहिता के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित करने कहा गया।

     

  2.  

    कलेक्टर ने कहा कि निजी संपत्ति पर चुनाव प्रचार करने संपत्ति मालिक की अनुमति जरूरी है। शासकीय भवन पर संपत्ति विरूपण होने पर संबंधित विभाग को नोटिस दिया जाएगा। राजनीतिक दलों को सभा, रैली, वाहन आदि के लिए निर्वाचन कार्यालय से अनुमति लेना जरूरी है। आयोग के निर्देश पर दोपहिया वाहन में एक झंडा लगाया जा सकता है। चार पहिया वाहन में बिना अनुमति के झंडे नहीं लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण करने शिकायत सेल का गठन किया गया है। 

     

  3. 11 नवंबर को ईवीएम की होगी कमीशनिंग 

     

    मतदान के 5 दिन पहले बीएलओ के माध्यम से क्षेत्र के मतदाताओं को मतदाता पर्ची का वितरण किया जाएगा। मतदान केन्द्रों में दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर, दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए मतदाता सूची ब्रेल लिपि में देने की व्यवस्था करने कहा। कलेक्टर ने बताया उम्मीदवार तय होने के बाद आगामी 11 नवम्बर को ईवीएम, वीवीपेट की कमीशनिंग की जाएगी। 

     

  4. राजनीतिक दलों को बूथ 200 मीटर दूर रहेगा 

     

    कलेक्टर ने कहा, सेक्टर अधिकारी मतदान केंद्र से 2 सौ मीटर की दूरी का चिन्हांकन अभी से कर लें। राजनैतिक दलों का बूथ 2 सौ मीटर से बाहर होना चाहिए। बूथ में एक टेबल, दो कुर्सी और छतरी होना चाहिए। मतदान के दिन 100 मीटर एरिया में मतदाता के अलावा दूसरे व्यक्ति नहीं रहेंगे। 

     

  5. इधर, निर्वाचन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित 

     

    विधानसभा चुनाव के लिए 2018 के तहत कलेक्टोरेट परिसर स्थित शासकीय अभिभाषक कक्ष में निर्वाचन कंट्रोल रूम एवं शिकायत सेल स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 0788-2323655 है। कंट्रोल रूम का प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर अरूण वर्मा को बनाया गया है। वर्मा का मोबाइल नंबर 8085652929 है। 


    सेक्टर और पुलिस के अफसर संकट मोचक 
    पुलिस अधीक्षक डाॅ. संजीव शुक्ला ने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में सेक्टर और पुलिस अधिकारियों को संकट मोचक की तरह काम करना है। अधिकारी सतर्क होकर काम करें। नामांकन तिथि के पहले थाना प्रभारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट संबंधित क्षेत्र का भ्रमण कर लें। उन्होंने बताया कि जिले में 854 मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना गया है। संयुक्त भ्रमण में के दौरान अधिकारी ऐसे मतदान केन्द्रों को चिन्हांकित करें। मतदान केन्द्र में बाउंड्रीवाल नहीं होने पर बेरिकेडिंग कराने प्रस्ताव देने कहा गया। 


    शहर के 15 स्थानों पर लगेगी चेक पाइंट 
    रैली सभा, वाहन की अनुमति देने डिप्टी कलेक्टर हेमलता चंदेल को अधिकृत किया गया है। अनुमति प्राप्त वाहनों में ओरिजनल अनुमति पत्रक चस्पा होना जरूरी है। एसपी ने बताया िक पुलिस ने 15 स्थानों पर चेकिंग पाइंट बनाया है। मतदान के 48 घंटे पहले प्रचार के लिए दूसरे प्रांतों या क्षेत्रों से आए बाहरी लोगों को शहर छोड़ना होगा। पुलिस विभाग के सभी अधिकारी, कर्मचारियों को शत प्रतिशत मतदान करने पोस्टल बैलेट के आवेदन अभी से करने के निर्देश दिए। बैठक में सी विजिल एप के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। 

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