ईश्वर दुबे
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भोपाल । शहर के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में करीब 250 दवाओं में से वर्तमान करीब चालीस दवाएं ही मिल पा रही है। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। अस्पताल में त्रिफला चूर्ण तक मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। अरिष्ट की श्रेणी में बहुत कम दवाएं हैं। पाइल्स की दवा नहीं है। मरीजों को 200 से 500 रुपए तक दवाएं बाजार से खरीदना पड़ रही हैं। हालांकि, कोरोना संक्रमण के चलते ओपीडी में करीब 80 मरीज ही आ रहे हैं। बता दें कि इस अस्पताल को कोविड केयर केन्द्र बनाने के बाद ओपीडी को पास में एक छात्रावास में शिफ्ट कर दिया गया था। गैरकोरोना मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया था। अब फिर अच्छी तरह से ओपीडी व भर्ती की सुविधा इस महीने से शुरू की जानी है। दवाएं नहीं आईं तो मरीजों को परेशानी होगी। आयुर्वेद अस्पताल में दवाओं की खरीदी आयुष संचालनालय से की जाती है। जिन जरूरी दवाओं की कमी बनी हुई है उनमें हिंगाष्टक चूर्ण, त्रिफला चूर्ण, शीतोपलादि चूर्ण, अवपित्तकर चूर्ण, अम्लता कुटजारिष्ट, नारायण तेल, लिवर टॉनिक आदि शामिल है।कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल को कोविड केयर केन्द्र बनाया गया था। अब मरीज कम होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने फिर से ओपीडी व भर्ती की सुविधा शुरू करने को कहा है। 10 या 12 नवंबर से मुख्य अस्पताल में ओपीडी व भर्ती की सुविधा शुरू की जाएगी। कोरोना संक्रमण के पहले अस्पताल की रोजाना ओपीडी चार सौ तक रहती थी, जबकि हर समय करीब 120 मरीज भर्ती रहते थे। बता दें कि यहां पर प्रदेश भर से मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं। इस बारे में , पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला का कहना है कि दवाओं की कुछ कमी है। अभी मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। ओपीडी छात्रावास में चल रही थी, पर मरीज कम आ रहे थे। इस कारण दवाओं को लेकर खास दिक्कत नहीं थी। अब फिर से भर्ती व अस्पताल में ओपीडी शुरू करने के पहले दवाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है।