ईश्वर दुबे
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भोपाल.मध्य प्रदेश पुलिस (MP Police) के अच्छे दिन आने वाले हैं. पुलिस कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता खुल सकता है. पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने इसकी सिफारिश गृह विभाग को भेजी है. आरक्षण में प्रमोशन का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा ने बीच का रास्ता निकालते हुए पुलिस कर्मियों को ऑनररी प्रमोशन देने की सिफारिश की है.
इसके पीछे इनवेस्टिगेशन ऑफिसर की कमी बताई जा रही है. प्रशासन शाखा ने इस कमी की पूर्ति के लिए पुलिस कर्मियों को ऑनररी प्रमोशन देने की मांग की है. पुलिस मुख्यालय की इस मांग पर गृह विभाग विचार कर रहा है. विधि विशेषज्ञों की राय के बाद जल्द इस पर सकारात्मक फैसला लिया जा सकता है.
12810 पदों पर प्रमोशन
पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा के अनुसार मध्य प्रदेश पुलिस में 12810 इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर की कमी है. इन पदों को भरा जाना है. इसलिए इन पदों पर पुलिसकर्मियों को ऑनररी प्रमोशन देने की सिफारिश गृह विभाग से की है. प्रशासन शाखा ने अपनी सिफारिश में गृह विभाग को बताया है कि न्यायालय आदेश के अधीन रहते हुए इन पुलिसकर्मियों को पदोन्नत मान लिया जाए, ताकि इन सभी से संबंधित पदों के अनुसार लंबित मामलों में जांच करवाई जा सके. इससे लंबित मामलों के निपटारे का भी लाभ मिलेगा.
बिना प्रमोशन के रिटायर हुए 2000 पुलिसकर्मी
मई 2016 में प्रमोशन में आरक्षण का नियम समाप्त कर देने से प्रमोशन पर रोक लग गई थी. यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है. बीते दो साल में मप्र पुलिस के करीब 2000 पुलिसकर्मी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो चुके हैं. आगे भी ये संख्या बढ़ेगी. प्रदेश में हवलदार, एएसआई, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर और डीएसपी रैंक के 12810 पद रिक्त हैं. इसलिए प्रशासन शाखा का कहना है कि इन रिक्त पदों को ऑनररी प्रमोशन से भरा जा सकता है. दूसरी सुरक्षा एजेंसी में पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के काम के मापदंड को देखते हुए ऑनररी प्रमोशन दिया जाता है.
विधि विशेषज्ञों की ली जा रही राय
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रमोशन में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. गृह विभाग को पुलिस मुख्यालय की तरफ से प्रस्ताव मिला है. उन्होंने पुलिस कर्मियों को प्रमोशन देने की सिफारिश की है. इस मामले में विधि विशेषज्ञों की राय ली जा रही है, जो भी वैधानिक होगा उस काम को पूरा किया जाएगा.