ईश्वर दुबे
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Bhilai
रायपुर सिटी रीजन में जुलाई माह में बिजली खपत 31.91 प्रतिशत घटी
400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग आधी हुई
मौसमी बदलाव, ऊर्जा संरक्षण और हाफ बिजली बिल योजना का दिखा सकारात्मक प्रभाव
रायपुर, अगस्त 2026/ रायपुर सिटी रीजन के जून एवं जुलाई 2026 के बिजली उपभोग के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जून 2026 में कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (एमयू) थी, जो जुलाई में घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। इस प्रकार एक माह में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अधिक बिजली उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ता वर्गों में खपत के साथ-साथ उपभोक्ताओं की संख्या में भी कमी आई है। 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 64.23 प्रतिशत तथा उनकी कुल बिजली खपत में 38.13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार 401 से 600 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 33.99 प्रतिशत तथा बिजली खपत 32.58 प्रतिशत घटी है।
विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि राज्य शासन की हाफ बिजली बिल योजना का सकारात्मक प्रभाव उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग के स्वरूप में दिखाई दे रहा है। जून माह में 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 96 हजार 777 थी, जो जुलाई में बढ़कर 2 लाख 56 हजार 471 हो गई। यह 30.34 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 20 हजार 615 से घटकर 60 हजार 921 रह गई, जो लगभग 50 प्रतिशत की कमी है। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को 400 यूनिट के भीतर रखने का प्रयास किया, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजना का लाभ मिल सके।
आंकड़ों के अनुसार 0 से 100 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 53.12 प्रतिशत तथा 101 से 200 यूनिट श्रेणी में 51.79 प्रतिशत बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी का मौसम समाप्त होने, एयर कंडीशनर एवं कूलर जैसे विद्युत उपकरणों के उपयोग में कमी आने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी बिजली खपत में आई कमी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार रायपुर सिटी रीजन के आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जुलाई माह में बिजली की मांग में कमी आई है और उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को नियंत्रित किया है। उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि बिजली उपयोग में आया यह परिवर्तन मुख्यतः मौसमी परिस्थितियों, ऊर्जा संरक्षण की प्रवृत्ति तथा राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव का परिणाम है।
आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण यह भी दर्शाता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब 400 यूनिट तक की श्रेणी में आ गए हैं, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उपलब्ध तथ्यों एवं आंकड़ों के आधार पर स्मार्ट मीटर के संबंध में प्रचलित विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों की पुष्टि नहीं होती।
डोंगरिया में हजारों युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प, विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची ने किया राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान
रायपुर, अगस्त 2026। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" संकल्प अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ करते हुए देशभर के युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ हुए इस राष्ट्रव्यापी अभियान से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के डोंगरिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और हजारों युवाओं ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपची रहे। उनके साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., वनमंडलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, अपर कलेक्टर श्री दिलेराम डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यालय एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, माय भारत स्वयंसेवक, युवा क्लबों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के सीधा प्रसारण से हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का उद्देश्य प्रत्येक युवा को नशे की गिरफ्त से बचाकर उसकी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक रूप से उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नशे से दूर रखने तथा युवाओं से स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवा विकसित भारत के संकल्प से जुड़ रहे हैं।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के उपरांत विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची ने उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की युवा शक्ति नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, कौशल, नवाचार और राष्ट्र सेवा में लगाएगी। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
श्री मरपची ने सभी उपस्थित लोगों को किसी भी प्रकार के नशीले अथवा मादक पदार्थों का सेवन नहीं करने, दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने तथा स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा यदि अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाए, तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र ही साकार होगा।
कार्यक्रम के दौरान एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत एवं देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
जिले में आयोजित यह कार्यक्रम नशामुक्त समाज के निर्माण, युवाओं में सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रसार तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी आधारशिला है।
नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ, देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
रायपुर अगस्त 2026। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" का राष्ट्रीय शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को संचालित होने वाले इस अभियान के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने, समाज में जनजागरूकता फैलाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसी क्रम में अम्बिकापुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन के सजीव प्रसारण के साथ हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में युवाओं ने संबोधन का श्रवण किया तथा इसके पश्चात सभी ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया यह अभियान केवल नशामुक्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने, अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक युवा को जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और परिश्रम से उसे प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव में आए बिना अपनी क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ते हुए सफलता अर्जित की जा सकती है। परिवार, समाज और राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए युवाओं का नशामुक्त और स्वस्थ जीवन अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
कलेक्टर श्री अजीत बसंत ने कहा कि "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" देशव्यापी जनजागरण अभियान है, जिसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवा स्वयं नशे के दुष्प्रभावों को समझें और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के युवा इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत तथा उपसभापति श्री हरमंदिर सिंह टिन्नी ने भी युवाओं से नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है तथा स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए नशामुक्त जीवनशैली अपनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उपस्थित युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने, समाज में जनजागरूकता फैलाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी, जिला युवा अधिकारी श्री प्रिंस सिंह, एसडीएम श्री बनसिंह नेताम, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री रामकुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई उड़ान, पुणे रोड शो से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में मजबूत हुई पहचान
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रयास आवासीय विद्यालय के नीट क्वालीफाई विद्यार्थियों से किया प्रेरक संवाद
संवेदनशील डॉक्टर बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के सवालों का विस्तार से दिया जवाब: शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन, रोजगार, सुशासन, नशामुक्ति और विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर रखे विचार
रायपुर अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री निवास में स्वागत करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रदेश में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों के गरीब एवं आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों ने नीट जैसी कठिन परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ, आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस सफलता में उनके माता-पिता का आशीर्वाद, गुरुजनों का समर्पण और विद्यार्थियों की कठोर मेहनत समान रूप से शामिल है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सभी भविष्य के डॉक्टर हैं। समाज में डॉक्टर का स्थान भगवान के बाद माना जाता है। भगवान हमें जन्म देते हैं और डॉक्टर जीवन बचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, व्यवहारिक और मिलनसार डॉक्टर भी बनें। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ अच्छा व्यवहार स्वयं कई बीमारियों के उपचार का माध्यम बन जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज, प्रदेश और देश की सेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज शिक्षा सहित हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपनी संघर्षपूर्ण शिक्षा यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों को शासन की ओर से पहले की तुलना में कहीं अधिक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रदेशभर में नालंदा परिसर संचालित किए जा रहे हैं तथा 34 नए नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां सातों दिन 24 घंटे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। वहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इसी वर्ष ट्रायबल यूथ हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज निजी एवं शासकीय संस्थानों को मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। राज्य सरकार पांच नए मेडिकल कॉलेज भी स्थापित कर रही है, जिससे एमबीबीएस की 250 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए देशव्यापी 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज देशभर में करोड़ों लोगों ने नशा नहीं करने की शपथ ली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का यह अभियान स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो आगामी दो वर्षों तक संचालित होगा तथा इसमें माय भारत वालंटियर्स सहित बड़ी संख्या में युवा सहभागी बन रहे हैं।
रायपुर,02 अगस्त 2026/ बस्तर के घने जंगलों, अनूठी सामाजिक व्यवस्था और समृद्ध जनजातीय विरासत की गूंज अब देश के सर्वोच्च मंच राष्ट्रपति भवन तक जा पहुंची है। नारायणपुर जिले के पारंपरिक मांझी-चालकी और 'बस्तर पंडुम' प्रतियोगिता के विजेताओं का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल हाल ही में नई दिल्ली पहुंचा, जहां उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से सौजन्य मुलाकात की। इस आत्मीय भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बस्तर की जीवंत परंपराओं, लोक कलाओं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 30 जुलाई 2026 में राष्ट्रपति भवन का दौरा किया, जिसमें बस्तर पंडुम के विजेता, मांझी-चालकी और पद्मश्री सम्मानित कलाकार शामिल थे।
इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत 27 जुलाई को नारायणपुर से हुई थी, जब नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने हरी झंडी दिखाकर इस दल को दिल्ली के लिए रवाना किया था। पूरे जिले के लिए यह एक अत्यंत गर्व का क्षण था। इसके बाद 30 जुलाई को दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में बस्तर की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने का यह सुनहरा अवसर आया।
मुलाकात के दौरान बस्तर की कला और परंपरा के प्रमुख ध्वजवाहकों ने अपनी माटी का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 'बस्तर पंडुम' के जनजातीय आभूषण विधा की विजेता मुंगड़ी कोर्राम और सुदनी दुग्गा शामिल थीं, जिन्होंने पारंपरिक आभूषणों के सौंदर्य और उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी साझा की। वहीं, बस्तर की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का नेतृत्व करते हुए एड़का परगना के मांझी राजाराम, करंगाल परगना के मांझी सुधवाराम करंगा, गोटाली परगना के मांझी मंगतू राम ध्रुव, नूरदेश परगना के मांझी गुड्डू पोटाई तथा करंगाल परगना के चालकी सोमारू राम ने बस्तर की पारंपरिक सामाजिक संरचना और रीति-रिवाजों का परिचय दिया।
प्रतिनिधिमंडल की इस मुलाकात से न केवल नारायणपुर और समूचा बस्तर संभाग गौरवान्वित महसूस कर रहा है, बल्कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मंचों से जनजातीय कला, परंपराओं और लोक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।
बलौदाबाजार में 'नशामुक्त युवा संकल्प अभियान' का आगाज
राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने दिलाई शपथ
रायपुर, 02 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशव्यापी 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के वर्चुअल शुभारंभ के साथ ही बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में भी इस महाअभियान का शंखनाद हुआ। मुख्य अतिथि की आसंदी से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि "नशा एक दीमक की तरह है जो न केवल व्यक्ति को खोखला करता है, बल्कि उसके परिवार, माता-पिता के सपनों और भविष्य को भी तबाह कर देता है।
बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार व समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।
राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
इतिहास गवाह है कि देश में जितने भी बड़े परिवर्तन हुए हैं, वे युवाओं के दम पर ही संभव हुए हैं। युवाओं को नशे के चंगुल से मुक्त रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगानी होगी।
100 सप्ताह तक चलेगा जनजागरूकता का महाअभियान
इस संकल्प अभियान के तहत आगामी 100 हफ्तों तक जिले भर में खेल, कला, संस्कृति और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने नशामुक्ति पर केंद्रित एक बेहद संवेदनशील व आकर्षक नाटिका का मंचन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने युवाओं को संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, पूरे परिवार का विनाश करता है। हमारी युवा पीढ़ी को सही संस्कार और विचार अपनाकर अपने भविष्य को सुरक्षित करना होगा। एक समृद्ध और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए युवाओं का व्यसनमुक्त होना अनिवार्य है। इस 100-साप्ताहिक अभियान में जिले के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णव, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, खेल अधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में युवा उपस्थित थे।
55 प्रतिशत अनुदान से स्थापित की ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कम पानी में बढ़ा उत्पादन और आय
रायपुर, 02 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत संचालित सूक्ष्म सिंचाई योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है।
सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत झेराडीह के प्रगतिशील किसान श्री आनन्द राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। उनके पास कुल 0.909 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 0.509 हेक्टेयर में धान तथा 0.400 हेक्टेयर में टमाटर एवं गोभी जैसी सब्जियों की खेती की जाती है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की, जिसके लिए उन्हें शासन से 55 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ।
श्री आनन्द राम पैकरा बताते हैं कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में अधिक पानी, समय और श्रम लगता था तथा खेत में समान रूप से सिंचाई करना कठिन होता था। ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने के बाद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में पहुंच रहा है। इससे जल की बचत होने के साथ पौधों का विकास बेहतर हुआ है और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों का उपयोग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। पौधों को आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्व मिलने से टमाटर एवं गोभी की फसल अधिक स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण तैयार हो रही है। उत्पादन बढ़ने के साथ खेती की लागत में कमी आई है, जिससे सब्जी उत्पादन पहले की अपेक्षा अधिक लाभकारी बन गया है।
राज्य शासन द्वारा सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है। सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित कृषि को अपना रहे हैं, जिससे कृषि अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मनिर्भर बन रही है।
स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा— आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय दिलाना नए कानूनों का मूल उद्देश्य
समन्वित प्रयासों से नए कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य - मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा
ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रणाली हो रही अधिक प्रभावी और जवाबदेह
नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में सतत प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और तकनीकी क्षमता विकास पर विशेष जोर
रायपुर, 02 अगस्त 2026/ वर्तमान समय की आवश्यकताओं और बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन के वाहक बने हैं। इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाकर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित "स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस" राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।
उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।
100-week 'Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan' to raise awareness among youth against substance abuse
Raipur, August 2, 2026/ Governor Shri Ramen Deka and Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Sunday attended the state-level programme of the 'Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan' at Lok Bhavan in Raipur, as Prime Minister Shri Narendra Modi virtually launched the nationwide campaign from New Delhi.
Addressing the nation virtually, Prime Minister Shri Narendra Modi said drug abuse affects not only individuals but also families and society. He said the country's youth have a vital role in achieving the goal of a developed India and urged them to channel their energy and talent towards nation-building by staying away from addiction. He also called on young people to encourage their families, friends and communities to embrace a drug-free lifestyle.
Students, youth, representatives of educational institutions, voluntary organisations and youth groups participated in the programme and pledged to contribute to a drug-free India and raise awareness about the harmful effects of substance abuse.
The programme also highlighted the physical, mental, social and economic consequences of substance abuse and encouraged young people to adopt healthy lifestyles and positive values.
Meanwhile, this nationwide campaign will run for 100 weeks across the country. Schools, colleges, universities, the National Service Scheme (NSS), National Cadet Corps (NCC), My Bharat youth organisations and other youth groups will organise awareness rallies, pledge ceremonies, poster and painting competitions, debates, essay writing, street plays, cultural programmes, short film screenings, social media campaigns and community outreach activities.
MLA Shri Purandar Mishra, Governor's Secretary Dr C. R. Prasanna, Legal Adviser Smt. Satyabhama Ajay Dubey, Raipur Collector Dr Gaurav Kumar Singh, officials from various departments, representatives of educational institutions and a large number of students and youth were present.