ईश्वर दुबे
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21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य आयोजन
रायपुर,आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम "Yoga for Healthy Ageing" निर्धारित की गई है। स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जशपुर जिले की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी।
ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास
आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जून 2026 को प्रातः 6:15 बजे से 7:35 बजे तक आयोजित ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से अधिकतम लोगों की सहभागिता के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस विशेष पहल में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इच्छुक प्रतिभागी टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं और इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं।
21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा मुख्य कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
योग संगम पोर्टल पर कर सकते हैं पंजीयन
आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों के पंजीयन एवं दस्तावेजीकरण के लिए योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। विभिन्न शासकीय विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय एवं सामाजिक संगठन अपने योग कार्यक्रमों का पंजीयन कर आयोजन उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
आयुष विभाग ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के राष्ट्रीय प्रयास में अपना योगदान दें तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार की अधिसूचना, विकास के नए युग में प्रवेश करेगा क्षेत्र
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सतत प्रयासों से साकार हुआ दशकों पुराना सपना
रायपुर, जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने के साथ ही जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है।
लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से प्रारंभ होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर जिला सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा और क्षेत्र के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। वर्षों से क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई जा रही रेल संपर्क की मांग अब साकार होने की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच गई है।
रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय अवसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावशील हो गई है।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा वनांचल क्षेत्र
प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं से समृद्ध जशपुर जिला अब तक रेल संपर्क से वंचित था। परिवहन के लिए मुख्यतः सड़क मार्ग पर निर्भरता के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन के निर्माण से जिले की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ तथा किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
किसानों और उद्यमियों के लिए खुलेगी नई संभावनाएं
रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियां और बागवानी उत्पादों के लिए पहचान रखने वाले इस क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही व्यापार और लघु उद्योगों को विस्तार का नया अवसर मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने वन क्षेत्रों, जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के लिए विशेष पहचान रखता है। रेल संपर्क स्थापित होने के बाद पर्यटकों की पहुंच अधिक आसान होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ेगी पहुंच
नई रेल लाइन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंच को सुगम बनाएगी। वहीं गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ उनकी उपलब्धता और पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनेगा क्षेत्र
रेल परियोजना के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे। बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
क्षेत्रवासियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, समृद्धि और नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। दशकों की प्रतीक्षा के बाद जशपुर का रेल मानचित्र पर स्थान सुनिश्चित होना जिले के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर के विकास को नई दिशा देने वाली आधारभूत संरचना साबित होगी, जो आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का सामर्थ्य रखती है।
Raipur,Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Saturday announced a major relief for National Health Mission (NHM) employees by declaring payment of wages for the 33-day strike period, while reaffirming the state government's commitment to strengthening healthcare services across Chhattisgarh. The announcement was made during the state-level convention of the Chhattisgarh National Health Mission Employees’ Association held at Balbir Singh Juneja Indoor Stadium in Raipur.
Addressing a large gathering of NHM employees, Shri Sai described them as the “backbone” of the healthcare system and acknowledged their crucial role during pandemic and in delivering medical services to people living in remote and inaccessible regions of the state. He said the contribution of NHM personnel in building a healthy Chhattisgarh is invaluable and assured them that the government respects and supports their work.
Recalling the challenges of the COVID-19 pandemic, the Chief Minister said NHM officers and employees worked tirelessly, risking their own lives to serve people during one of the most difficult periods in recent history.
Shri Sai highlighted that healthcare workers continue to overcome difficult terrain, often walking long distances and crossing rivers and streams to reach people in areas lacking proper roads and transport facilities. Referring to the ongoing “Mukhyamantri Swasth Bastar Abhiyan,” he said health teams are conducting village-level screenings across Bastar and have already covered nearly 90 percent of the population.
Linking healthcare expansion with the changing situation in Bastar in past two and half years, Chief Minister said that under the guidance of Prime Minister Shri Narendra Modi and Union Home Minister Shri Amit Shah, along with the efforts of security forces, Naxalism has been eradicated from the region. This has opened new avenues for development and public welfare, with healthcare infrastructure emerging as a key priority.
Shri Sai also outlined the significant expansion of healthcare services in the state over the last two-and-a-half years. He said the opening of new medical colleges and the recruitment of doctors and paramedical staff have substantially strengthened the healthcare system. Reiterating the government’s support for healthcare personnel, he called upon health employees to continue serving with the same commitment and dedication to help build a developed and healthy Chhattisgarh.
Health Minister Shri Shyam Bihari Jaiswal said that NHM employees have played a vital role in strengthening healthcare services from Jashpur to Sukma. He informed that several employee demands have already been fulfilled, a transfer policy has been issued, and NHM staff will now be covered under a cashless treatment scheme. He also announced life insurance benefits, including Rs 6 lakh in case of natural death and Rs 1.40 crore for accidental death or permanent disability.
The Health Minister further stated that maternal and infant mortality rates have steadily declined in the state and that recruitment of nurses is underway. Locations for 116 specialized health centres aimed at further reducing maternal and infant mortality have already been identified.
Following the Chief Minister’s announcement on strike-period wages, NHM employees and association office-bearers felicitated him with a grand welcome at the convention. The event was attended by MLA Shri Purandar Mishra, Chief Minister’s Advisor Dr. Dhirendra Tiwari, NHM Employees’ Association President Dr. Amit Kumar Miri, and a large number of health officials and employees.
Raipur, Union Minister Shri Giriraj Singh paid a courtesy visit to Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai at his residence office here on Saturday. Chief Minister welcomed Shri Singh and presented him with a shawl and memento.
During the meeting, Shri Sai said that continuous dialogue and close coordination between the Centre and state governments under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi have accelerated the pace of development and ensured that welfare schemes reach the last person in society.
He added that strong Centre-state partnership is creating new opportunities in infrastructure, industry, employment, skill development and public service delivery. Chief Minister expressed confidence that continued cooperation would further accelerate Chhattisgarh's growth and help realise the vision of a developed state.
MP Shri Brijmohan Agrawal was also present on the occasion.
Sushri Mahak's achievement is a matter of pride for entire Chhattisgarh: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Saturday felicitated Rajnandgaon's young cricketer Sushri Mahak Narwase and extended his best wishes on her appointment as vice-captain of both the T20 and ODI squads of the Indian Under-19 Women's Cricket Team for the upcoming Sri Lanka tour.
Sushri Mahak Narwase paid a courtesy visit to Chief Minister, who congratulated her on the achievement and honoured her with a shawl and memento.
Describing the achievement as a matter of pride for the entire state, Chief Minister said Sushri Mahak's success reflects the growing presence of Chhattisgarh's daughters in sports and other fields at the national level. He said her accomplishment, earned through hard work, discipline and dedication, will inspire young people across the state, especially girls.
Expressing confidence in her future performance, Shri Sai said Sushri Mahak would bring laurels to both Chhattisgarh and the country in upcoming international competitions. He encouraged the young cricketer to continue striving for greater heights in her sporting career.
Chief Minister said the state government is continuously working to promote sporting talent and provide better opportunities to athletes. He added that Sushri Mahak's selection as vice-captain of the Indian Under-19 women's team reflects the improving sports ecosystem in the state.
Sushri Mahak Narwase thanked Chief Minister for the honour and his warm wishes.
Union Minister Shri Giriraj Singh, MP Shri Brijmohan Agrawal, Sushri Mahak's father Shri Radheshyam Narwase, Mayor Shri Madhusudan Yadav, coach Shri Manoj Tiwari and other officials were present on the occasion.
रायपुर :बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत एल-051 टी-05 से एंचोडा तक निर्मित 8.50 किलोमीटर सड़क ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। वर्ष 2018-19 में स्वीकृत इस परियोजना के तहत 8.50 किलोमीटर मिट्टीकरण एवं मुरूमीकरण सड़क तथा 4 पुलियों का निर्माण किया गया है। कार्य अंतिम चरण में है और इसके जून माह में पूर्ण होने की संभावना है।
पहले पगडंडियों और कच्चे रास्तों का था सहारा
सड़क निर्माण से पहले एंचोडा और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन के लिए पगडंडियों, जंगल के रास्तों और कच्चे मार्गों पर निर्भर रहना पड़ता था। बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण स्थिति और अधिक कठिन हो जाती थी।
स्कूली बच्चों को विद्यालय पहुंचने में परेशानी होती थी। मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना चुनौतीपूर्ण था। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने और आवश्यक सामग्री लाने में अतिरिक्त समय और खर्च करना पड़ता था। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गांव तक पहुंचने में कठिनाई होती थी।
सड़क बनने से बदली गांव की तस्वीर
नई सड़क बनने के बाद एंचोडा का संपर्क मुख्य मार्ग, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र और विकासखंड मुख्यालय से सीधे जुड़ गया है। अब ग्रामीण कम समय में अपनी आवश्यकताओं के लिए मुख्यालय तक पहुंच पा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए स्कूल जाना आसान हुआ है, किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल रही है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं।
महक की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर 13 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजनांदगांव जिले की प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर सुश्री महक नरवासे ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह तथा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे के लिए टी-20 एवं वनडे दोनों टीमों का उपकप्तान नियुक्त किए जाने पर सुश्री महक नरवासे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर महक का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महक नरवासे की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार या राजनांदगांव जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रही हैं। महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महक आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी। उन्होंने महक को प्रोत्साहित करते हुए कहा, "खूब खेलो, आगे बढ़ो और नई ऊंचाइयों को छुओ। आपकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगी।"
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महक नरवासे का भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान के रूप में चयन प्रदेश में विकसित हो रहे खेल वातावरण और खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सुश्री महक नरवासे ने सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पिता श्री राधेश्याम नरवासे, महापौर श्री मधुसूदन यादव, कोच श्री मनोज तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट
रायपुर 13 जून 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी।
इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।
कला, संस्कृति और सिनेमा के संरक्षण-संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय
गिधनी पाठ (छुरा) में विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मदर इंडिया जैसी फिल्मों ने भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कही देबे संदेश ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सार्थक संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है, ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को पुनः सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "छत्तीसगढ़ का भीम - चिंताराम" का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर उन्होंने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की।
इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता श्री मोहन सुंदरानी, छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
Chhattisgarh Leads the Nation in Pradhan Mantri Awas Yojana (Garmin), Building the Highest Number of Houses Daily
Government Provides Rs. 26,908 Crore for Housing Construction
Permanent Houses for the Low Income People is the Foundation of Dignity, Security and a Better Future: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
Raipur,Guided by the motto “Humne Banayan Hai, Hum Hi Sawareinge,” the Chhattisgarh Government, under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, is rapidly fulfilling the commitment made during its first Cabinet meeting. Under the Pradhan Mantri Awas Yojana (Gramin), more than 10.60 lakh rural houses have been completed across the state during the last two and a half years.
During the financial year 2025–26, Chhattisgarh completed more than 6 lakh houses, the highest number in the country. The state also ranks first nationally in the number of households completed daily. At present, more than 1,600 houses are being completed every day, reflecting the speed and scale of the housing mission.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai pledged to provide housing for low-income families during the very first Cabinet meeting held a day after assuming office. The state government has been working with determination and urgency to fulfil this commitment.
The government had resolved to construct 18,12,742 houses, including 2,46,215 incomplete houses, 6,33,438 houses from the 2011 permanent waiting list, 8,19,999 houses under the Awas Plus list, and 47,090 houses under the Mukhyamantri Awas Yojana – Gramin Awas Nyay Yojana.
Along with these houses, the government is also constructing 33,601 houses under the PM JANMAN Yojana in tribal and forest regions and 15,000 additional houses under a special project for Naxal-affected areas. The Panchayat and Rural Development Department has also conducted surveys under Awas Plus 2.0–2024 to identify low-income families living in kutcha houses, and the process of providing housing benefits to these eligible households is progressing rapidly.
To accelerate implementation and turn the dream of permanent housing into reality for low-income families, the government has made Rs. 26,908 crore available for housing construction.
The Panchayat and Rural Development Department not only addressed incomplete houses inherited from the previous government but also approved and completed a large number of new houses for eligible beneficiaries in a mission mode. The pace of implementation is reflected in the fact that between April and October 2025, nearly 2,000 houses were completed every day across the state. Even now, approximately 1,600 houses are being completed daily, making Chhattisgarh the leading state in the country in daily PMAY-G house completions.
To strengthen this ambitious mission and ensure its effective implementation, the state government has actively involved women’s self-help groups. Women associated with these groups are contributing as “Dealer Didis” and “Rani Mistris,” playing a vital role in housing construction activities. Thousands of women have achieved economic empowerment and emerged as “Lakhpati Didis” through their participation in the programme.
The establishment of Atal Digital Suvidha Kendra in villages has further supported the initiative by making small financial transactions easily accessible at the local level. These centres have significantly contributed to the smooth execution of housing construction and service delivery in rural areas.
सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल
रायपुर, स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उसे देशभर में नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राजनांदगांव देश में सर्वाधिक सोलर क्षमता वाले कनेक्शन स्थापित करने वाला जिला बन गया है। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी सौर ऊर्जा को लेकर लोगों का उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन तथा विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई है। योजना के तहत जिले में अब तक 6776 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6381 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन कर लिया है। वहीं 3255 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं और 2218 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है।
जिले में 3255 घरेलू सोलर कनेक्शनों के माध्यम से लगभग 9 मेगावाट, 162 व्यावसायिक सोलर कनेक्शनों से 3.40 मेगावाट तथा 31 पावर प्लांटों के जरिए 383 मेगावाट क्षमता विकसित की गई है। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि ढाबा स्थित मेसर्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के 160 मेगावाट क्षमता वाले सोलर कनेक्शन की है, जो देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा कनेक्शन माना जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राजनांदगांव की यह उपलब्धि हरित ऊर्जा की दिशा में देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।
छत्तीसगढ़ में 1.12 लाख से अधिक वेंडर्स को मिला आर्थिक संबल
रायपुर, कभी सड़क किनारे ठेला लगाकर सब्जियां बेचने वाले, चाय-नाश्ते की छोटी दुकान चलाने वाले या फिर फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले लाखों स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों) के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी चुनौती थी। बैंक ऋण तक पहुंच नहीं होने के कारण उनका व्यवसाय सीमित था। लेकिन प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने इन छोटे उद्यमियों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है।
छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से अब तक 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर (पथ विक्रेताओं) को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना ने न केवल उनके कारोबार को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का नया अवसर भी प्रदान किया है।
कोविड-19 महामारी के दौरान आजीविका पर पड़े गंभीर प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (च्ड ैट।छपकीप) योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
योजना के तहत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 10,000 रूपए तक का ऋण, द्वितीय चरण में 20,000 रूपए तक का ऋण तथा तृतीय चरण में 50,000 रूपए तक का ऋण दिया जाता है। अर्थात इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण सहायता प्राप्त की जा सकती है। समय पर पुनर्भुगतान करने वाले हितग्राही ही अगले चरण के लिए पात्र बनते हैं।
पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलता है जो सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें सब्जी एवं फल विक्रेता, चाय, नाश्ता एवं फास्ट फूड विक्रेता, पान दुकान संचालक, कपड़ा एवं रेडीमेड वस्त्र विक्रेता, जूता-चप्पल विक्रेता, किताब एवं स्टेशनरी विक्रेता, फूल एवं पूजा सामग्री विक्रेता, मोबाइल एक्सेसरीज विक्रेता, नाई, मोची, लॉन्ड्री जैसी सेवाएं देने वाले स्वरोजगारी, जैसे अनेक छोटे व्यवसाय शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में योजना का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और धमतरी जैसे जिलों में हजारों पथ विक्रेताओं को ऋण सहायता प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर 267.22 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के विरुद्ध 256.94 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है, जिससे 1.12 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, उनकी आय में वृद्धि हो रही है और वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों में हजारों पथ विक्रेता इस योजना के सहारे अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना वास्तव में उन मेहनतकश हाथों को आर्थिक संबल देने का माध्यम बनी है, जो अपने परिश्रम से शहरों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।
तिलक लगाकर होगा नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत
स्कूल शिक्षा विभाग के कड़े निर्देश- 15 जून तक पूरे करें मरम्मत के कार्य, प्रिंट-रिच और आकर्षक बनाए जाएंगे स्कूल
रायपुर, छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और गुणवत्तापूर्ण माहौल तैयार करने जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप, प्रदेशभर में 16 जून 2026 से शाला प्रवेश उत्सव 2026 का गरिमामय आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
गांवों और शहरों में होगी मुनादी, जनभागीदारी पर जोर
प्रवेश उत्सव को एक उत्सव का रूप देने के लिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी। बैनर-पोस्टर और रैलियों के जरिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समितियों और पालकों (अभिभावकों) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
विभाग ने निर्देश दिया है कि स्कूल खुलने से पहले भवनों, परिसरों और कक्षाओं की पूरी साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत कर ली जाए। मरम्मत योग्य भवनों का काम 15 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है ताकि बच्चों को एक आकर्षक और प्रिंट-रिच (शैक्षणिक चित्रों और दीवारों पर लिखी जानकारियों से लैस) वातावरण मिल सके।
शाला त्यागी बच्चों की वापसी और अगली कक्षा में सीधा प्रवेश
प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया है। कक्षा पहली में आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त कर सीधे स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा छठवीं में प्राथमिक शालाओं से कक्षा 5वीं उत्तीर्ण छात्रों की सूची और टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) लेकर कक्षा 6वीं में उनका दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। शाला त्यागी बच्चे, जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें ढूंढकर दोबारा मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा, स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीनों का शैक्षणिक रोडमैप भी तैयार करना होगा।
मिलेगी मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल
उत्सव के दौरान स्कूल पहुंचने वाले नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर पात्र छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें (किताबें), स्कूल गणवेश (यूनिफॉर्म), साइकिल का वितरण किया जाएगा। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में टॉप करने वाले होनहार विद्यार्थियों और उत्कृष्ट पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस अभियान में स्थानीय समुदाय, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्व-सहायता समूहों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। इच्छुक नागरिक अपनी ओर से बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी, कंपास बॉक्स और स्कूल बैग जैसी सामग्रियां भी दान कर सकेंगे।
स्थानीय संसाधनों से होगा आयोजन
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए कोई पृथक (अलग से) बजट जारी नहीं किया जाएगा। इसका आयोजन जिलों में पहले से उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ही करना होगा। कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, प्राचार्य डाइट, विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को विद्यालयों का सतत निरीक्षण कर आवश्यक अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने उम्मीद जताई है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी छात्रहित में व्यक्तिगत रुचि लेकर इस अभियान को सफल बनाएंगे, जिससे नए शिक्षा सत्र 2026-27 में प्रदेश को बेहतर शैक्षणिक परिणाम हासिल हो सकें।