ईश्वर दुबे
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इन्वेस्टर कनेक्ट में हैदराबाद के निवेशकों को मुख्यमंत्री साय का न्योता
आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा के क्षेत्र में खुली 7,800 रोजगार की राह
हैदराबाद, 12 जून 2026- छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।
सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।
फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,000 करोड़ के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे।
Chief Minister Sai invites Hyderabad-based investors at 'Investor Connect'
Path cleared for 7,800 jobs across IT, textile, data center, and pharma sectors
Raipur, June 12, 2026/ Chhattisgarh today attracted investment proposals worth Rs 9,580 crore across high-growth sectors including data centers, semiconductors and GPU architecture, solar energy equipment, textiles, and pharmaceuticals at the state Investors Connect in Hyderabad. Seven major organizations submitted proposals that are expected to generate around 7,800 direct jobs, underscoring growing investor confidence in the state's industrial ecosystem and policy framework.
Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai handed over “Invitation to invest letter” to the prospective investors, marking a significant step in the state's efforts to position itself as a preferred destination for technology-led and manufacturing investments.
Chhattisgarh Commerce and Industries Minister Lakhan Lal Dewangan and prominent industrialists, investors, and business representatives from southern India were present on the occasion.
Key Investment Proposals
The largest investment proposal has come from Hypernext Data Center Limited. The company has expressed its intent to invest Rs 4,200 crore to establish a modern data center in Chhattisgarh, which is expected to generate approximately 250 jobs. In this era of the digital economy, data centers are considered a crucial foundation for a state's technological capabilities and future digital requirements.
Feegrade and Company Private Limited has proposed an investment of Rs 2,912 crore in the cement sector. This investment has the potential to provide employment to around 4,000 people. The cement industry is a key pillar of infrastructure development and will also boost local economic activities.
Nivai Labs Private Limited has shown interest in investing Rs 1,000 crore in the semiconductor and GPU infrastructure sector. This investment, involving cutting-edge technology, will help integrate the state into the emerging digital and electronics economy and create approximately 200 jobs.
SG Mart Limited, operating in the solar energy equipment manufacturing sector, has proposed an investment of Rs 700 crore. The company is engaged in manufacturing solar structure components, and this project is expected to provide employment to about 450 people. This investment is also viewed as a significant step towards promoting green energy.
Shri Saravana Mills Private Limited has expressed its intent to invest Rs 528 crore in the textile industry. This project could provide employment to approximately 2,500 people. As the textile industry is a labor-intensive sector, it will create new job opportunities for the youth and women.
Kabra Drugs, a company in the pharmaceutical sector, has proposed an investment of Rs 200 crore. The company is engaged in pharmaceutical manufacturing and healthcare-related activities. This investment is expected to generate around 250 jobs.
Dinshaw's Dairy Foods Private Limited, a renowned company in the dairy sector, has proposed an investment of Rs 40 crore. This project, involving milk processing and value addition, will provide employment to approximately 150 people and benefit milk producers as well.
दोना-पत्तल से कारोबार शुरू कर चार व्यवसायों का कर रही हैं सफल संचालन
गांव की महिलाओं के लिए पेश की मिसाल
रायपुर, 12 जून 2026/ स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर श्लखपति दीदीश् बन रही हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। ऐसी कई महिलाओं ने प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं और छोटी पूंजी की मदद से स्वरोजगार अपनाकर अपनी तकदीर बदली है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत चल रहा लखपति दीदी अभियान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है। इसका सबसे सटीक और जीवंत उदाहरण बनी हैं बैकुण्ठपुर विकासखंड के ग्राम तलवापारा की रहने वाली श्रीमती कांति साहू। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच कांति ने न सिर्फ अपनी किस्मत बदली, बल्कि आज वे गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।
समूह से जुड़ाव और 4 लाख की वित्तीय मदद
एक सामान्य कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाली कांति साहू हमेशा से खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन पूंजी के अभाव में उनका यह सपना दबा हुआ था। करीब तीन साल पहले वह गांव की महिलाओं के साथ मिलकर शारदा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह में आने के बाद उन्हें बचत और व्यावसायिक बारीकियों की समझ मिली। इसके बाद बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज, एसवीईपी योजना और मुद्रा ऋण के माध्यम से उन्हें करीब 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस पूंजी ने उनके सपनों को पंख दे दिए।
एक नहीं, शुरू किए कई व्यवसाय
कांति दीदी ने जोखिम उठाते हुए किसी एक व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय विविधता को चुना। उन्होंने एक साथ कई आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की। दोना-पत्तल निर्माण इकाई, धान कृषि बीज केंद्र, मैचिंग सेंटर (कपड़ा व्यवसाय), सिलाई केंद्र, पति का मिला मजबूत साथ कांति साहू बताती हैं कि इस पूरे सफर में उनके पति महेन्द्र साहू हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। शुरुआती चुनौतियों को मात देने में पति-पत्नी की साझा मेहनत और समर्पण का बड़ा योगदान रहा।
सालाना आय 3 लाख के पार
आज कांति साहू के सभी व्यवसाय सफलतापूर्वक चल रहे हैं। वर्तमान में इन व्यवसायों से हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये तक का टर्नओवर (कारोबार) हो रहा है, जिसमें से वे 30 से 35 हजार रुपये का शुद्ध मासिक लाभ कमा रही हैं। इस तरह उनकी वार्षिक शुद्ध आय 3 लाख रुपये से अधिक हो गई है, जिससे उन्होंने आधिकारिक तौर पर श्लखपति दीदीश् की श्रेणी में अपनी जगह बना ली है।
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ ही कांति का सामाजिक आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज वे न केवल अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं, बल्कि गांव की दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। कांति साहू की यह सफलता साबित करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और अवसर मिले, तो वे समाज में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम कर सकती हैं।
श्री साव ने 6 जून को किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन पर बन रहे ओवरब्रिज की देखी थी प्रगति, लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को लगाई थी फटकार
रायपुर. 12 जून 2026. उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 6 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान काम के पिछड़ने एवं लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। बस्तर जिले में केशलूर के पास 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को जारी नोटिस में कहा है कि साइट उपलब्ध होने के बावजूद मैन-पॉवर, मटेरियल और मशीनरी की खराब व्यवस्था के कारण अलग-अलग चरणों में निर्माण के समयबद्ध लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका है। कार्यस्थल पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे है और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद काम की गति असंतोषजनक है।
विभाग ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा है कि उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री द्वारा विगत 6 जून को साइट के निरीक्षण के दौरान काम की बेहद धीमी प्रगति पर गंभीर चिंता जताई गई थी। उन्होंने अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ठेकेदार के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर तुरंत पर्याप्त मैन-पॉवर, मशीनरी, सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जुटाकर काम में तेजी लाने तथा प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। काम की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं पाए जाने पर विभाग द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर, 12 जून 2026/ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा को लेकर एक विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना है। अभियान के दौरान अब तक लगभग 350 वाहनों की सघन जांच की जा चुकी है। नियमों की अनदेखी और विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर वाहन स्वामियों से 5.50 लाख रुपए का समन शुल्क (जुर्माना) वसूल किया गया है। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है।
स्लीपर बसों पर विशेष नजर, हटाए जा रहे अवैध केबिन
परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने राज्य के सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित यात्री बसों, विशेषकर स्लीपर कोच बसों की कड़ाई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस विशेष अभियान के तहत मुख्य बिंदुओं पर रूप से कार्रवाई की जा रही है।
अवैध केबिन और स्लाइडर हटाना
स्लीपर कोच बसों में चालक दल (क्रू) के लिए बनाए गए अनधिकृत विभाजनों (पार्टीशन) और स्लीपर बर्थ में लगाए गए अवैध स्लाइडरों को मौके पर ही हटाया जा रहा है।
अग्निशमन व्यवस्था
सभी बसों में सुरक्षा के लिहाज से न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता के अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जा रही है। बसों में जीपीएस (GPS) की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता को परखा जा रहा है। साथ ही, निर्धारित मानकों के विपरीत बनी श्बस बॉडीश् के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
दस्तावेजों का सत्यापन
बसों के वैध पंजीयन, फिटनेस, परमिट और एआईएस-119 मानकों के अनुरूप निर्माण की गहनता से जांच की जा रही है।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
परिवहन आयुक्त ने सख्त लहजे में अधिकारियों से कहा है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों के चालान काटने, परमिट/लाइसेंस निलंबित करने जैसी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। परिवहन आयुक्त ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
बस संचालकों की बैठक लेकर दी जा रही समझाइश
सड़क पर प्रवर्तन कार्रवाई करने के साथ-साथ विभाग संवाद का रास्ता भी अपना रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में क्षेत्रीय व जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा बस स्वामियों और संचालकों की बैठकें ली जा रही हैं। इन बैठकों में उन्हें तय नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत और समझाइश दी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय निवेशकों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति और निवेश संभावनाओं की देंगे जानकारी
छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, प्रक्रियाएं हुईं और अधिक सरल व पारदर्शी
राज्य में उद्योग, अधोसंरचना, ऊर्जा, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण और खनिज आधारित क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर
मुख्यमंत्री निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए करेंगे आमंत्रित
नई उद्योग नीति और निवेशक-अनुकूल फैसलों से राज्य को लगातार मिल रहे हैं बड़े निवेश प्रस्ताव
हैदराबाद में विभिन्न उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ होगी चर्चा, निवेश की संभावनाओं पर होगा मंथन
अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित निवेशक संवाद कार्यक्रमों के बाद हैदराबाद में हो रहा है छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट
मुख्यमंत्री श्री साय की निवेश प्रोत्साहन पहल से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में बढ़ा है छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण
निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ से अधिक के मिल चुके निवेश प्रस्ताव
सिंहस्थ के लिए प्रगति पर हैं 16 हजार 910 करोड़ रूपए के 148 विकास व निर्माण कार्य
ओंकोरश्वर में बनेगा हेलीपेड
उज्जैन सहित ओंकारेश्वर, देवास, इंदौर, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन में जारी हैं गतिविधियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं की सुविधा, बेहतर आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक सम्पन्न
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बताई गईं मध्यप्रदेश की उपलब्धियां
इन्दौर में अतिथियों और प्रतिनिधियों के सम्मान में दिया रात्रि भोज
कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में व्यापार अवसरों पर व्यापक चर्चा
रायपुर, राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष सुश्री डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समिति के 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर एवं भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन विषय पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर विषय पर एक व्यापक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार करना है।
बैठक के दौरान कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादकों, प्रसंस्करणकर्ताओं एवं निर्यातकों तथा उनके संबंधित उद्योग संघों एवं वाणिज्य मंडलों की क्षेत्रीय शाखाओं के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संघ (एआईएफपीए), अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ (एआईआरईए), भारतीय खाद्य एवं पेय संघ (आईएफबीए), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा वाणिज्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया और विषय से संबंधित अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए। समिति द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, निर्यात संवर्धन तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के वैश्विक बाजार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद श्री अमरा राम, श्री बिश्वजीत सिन्हा (राहुल सिन्हा), श्री रमेश अवस्थी, श्री अतुल गर्ग, श्री धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, श्री दिलीप यादव, श्री सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, श्री आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, श्री राजेन्द्र कुमार तथा श्री गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा विषय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सुझाव प्रस्तुत किए गए तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संभावित उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।
राज्यसभा सांसद सुश्री डोला सेन की अध्यक्षता में निर्यातकों को वित्तीय सहायता, ऋण और बीमा सुविधाओं के विस्तार पर रायपुर में विचार-विमर्श
रायपुर, राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष सुश्री डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक एवं तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार करना है।
बैठक के दौरान भारत से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के व्यापार एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, ऋण एवं बीमा सुविधाओं तथा इनके विस्तार हेतु उठाए गए उपायों पर विशेष चर्चा की गई। इस संबंध में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया तथा नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
प्रतिनिधियों ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यातकों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सेवाओं, ऋण सुविधाओं, जोखिम प्रबंधन तंत्र तथा बीमा योजनाओं की जानकारी साझा की। समिति ने निर्यात संवर्धन, किसानों एवं उद्यमियों को वित्तीय सहायता की सुगमता तथा वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद श्री अमरा राम, श्री बिश्वजीत सिन्हा, श्री रमेश अवस्थी, श्री अतुल गर्ग, श्री धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, श्री दिलीप यादव, श्री सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, श्री आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, श्री राजेन्द्र कुमार तथा श्री गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों ने विषय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने, वित्तीय एवं बीमा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन हेतु राज्य सरकार की पहलों पर विशेष फोकस
रायपुर, राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष सुश्री डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों द्वारा व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर विषय पर व्यापक एवं तथ्याधारित रिपोर्ट तैयार करना है।
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘‘भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन’’ विषय पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा में विशेष रूप से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों, उपलब्ध सहायता तंत्र, निर्यात प्रोत्साहन उपायों तथा इस क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। समिति ने कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, निर्यात संवर्धन तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में छत्तीसगढ़ के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों ने राज्य में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात संवर्धन, निवेश आकर्षित करने, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने तथा व्यापारिक अवसरों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की। समिति ने इन पहलों की समीक्षा करते हुए निर्यात क्षमता के बेहतर उपयोग तथा वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के संबंध में भी चर्चा की।
इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद श्री अमरा राम, श्री बिश्वजीत सिन्हा, श्री रमेश अवस्थी, श्री अतुल गर्ग, श्री धनंजय भीमराव महाडिक, श्रीमती रेणुका चौधरी, श्रीमती रोजी सैलो दामोदरन, श्रीमती लामनेई सिंगसित, श्री दिलीप यादव, श्री सदानंद महालू शेट तानवड़े, श्रीमती अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, श्री आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, श्रीमती विजया एस. राजशेखर, श्री राजेन्द्र कुमार तथा श्री गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (सीएसआईडीसी) के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश झा, कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।
Major pledge to double incomes in Bastar: target to raise every family's income to Rs 30,000 per month within three years
New Delhi,At the 11th Governing Council meeting of NITI Aayog chaired by Prime Minister Shri Narendra Modi, Chhattisgarh Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai presented a new vision for a Naxalism-free Bastar. He said the region, long affected by violence, will emerge as a model of economic revival, employment, education, tourism, and agriculture-led development.
At the meeting held at Rashtrapati Bhavan, Shri Sai outlined a comprehensive plan to double tribal family incomes, drive a dairy revolution, expand irrigation across 32,000 hectares, develop tourism as a major industry, and boost investment in AI and semiconductors. He said these efforts are aimed at transforming Chhattisgarh into a developed state in line with the Viksit Bharat 2047 vision.
Shri Sai said the government aims to raise Bastar families’ monthly income to Rs 30,000 within three years, from current levels where nearly 85% earn less than Rs 15,000 per month. To strengthen rural livelihoods, it is promoting agriculture, animal husbandry, forest produce, small industries, and welfare schemes.
He added that the “Dairy Model” is being rapidly implemented, with tribal families to receive milch cows and buffaloes. The initiative aims to create sustainable village incomes, generate jobs for women and youth, and boost dairy centres, milk collection, transport, and local markets.
Shri Sai said two major irrigation projects worth over Rs 2,000 crore are being launched, expanding irrigation coverage to 32,000 hectares. Year-round water availability in the Indravati region is expected to improve farm productivity and enable cultivation of vegetables, fruits, and other cash crops alongside paddy.
He also said digital health profiles are being created for nearly 36 lakh people in Bastar to strengthen healthcare services. The initiative will maintain secure medical records, improve access to timely information for doctors, and particularly benefit rural communities, women, and senior citizens.
Shri Sai said nearly 200 security camps in Bastar are being transformed into “Seva Dera” centres, providing villagers access to 371 Central and State Government schemes at one location, including ration services, pensions, Ayushman cards, banking, healthcare, and education.
Highlighting tourism as a major source of employment, he said the government is developing Chitrakote and the Buddhist pilgrimage site of Sirpur as world-class destinations. Bastar is expanding water sports, adventure sports, and jungle safaris, while Sirpur is set to get a Global Meditation Centre, museum facilities, and a developed Mahanadi riverfront.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that the Chhattisgarh Government is accelerating investment, good governance, and technology-driven development. A total of 435 reforms have been implemented in the state, and the single-window system has been strengthened to create a more investment-friendly environment. He also informed that two modern semiconductor units are being established in the state.
He said that a new development model is being created in Bastar through education, healthcare, skill development, and digital technology. Education Cities are being developed in Abujhmad and Jagargunda at a cost of Rs 100 crore. In addition, better educational opportunities are being provided through 341 PM SHRI Schools, 5,857 smart classrooms, and bilingual books in 16 local languages.
Chief Minister informed that more than 33 lakh farmers have been connected to digital services under the AgriStack scheme. Government services have been made more transparent and accessible through the Digital Dwar platform and the Atal Monitoring Portal.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that under the vision of Atmanirbhar Bharat, industry, investment, and exports in Chhattisgarh have gained new momentum. New industries are being established in sectors such as sports goods, semiconductors, electronics, bio-ethanol, garments, and textiles, creating additional employment opportunities. Green industries are also being promoted for environmental conservation and CM Startup and NIPUN Missions to drive employment.
He informed that the ‘One District One Product’ (ODOP) scheme is helping local products from the state gain access to national and international markets. Up to February 2026 in the financial year 2025–26, exports worth Rs 761.76 crore were recorded, with aromatic rice contributing the largest share. This is leading to increased incomes for farmers, artisans, and entrepreneurs.
The meeting was attended by Union Ministers, Chief Ministers of various states, Lieutenant Governors of Union Territories, the Vice Chairman of NITI Aayog, its members, and senior officials.
रायपुर, राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू के नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की।
राज्यपाल श्री डेका ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी और कहा कि अपना कर्तव्य भली-भांति निभाते हुए देश और समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करें। आम आदमी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दें साथ ही अपने अधीनस्थों के प्रति भी संवेदनशील रहें।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संचालक छत्तीसगढ प्रशासनिक अकादमी श्री टी सी महावर, प्रशिक्षण निदेशक श्री प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी श्री गोकुल आर. के., श्री वदथ्यवथ यशवंत नाइक एवं श्री इशांत जायसवाल उपस्थित थे।