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रायपुर :  मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कलेक्टर  पी.एस. ध्रुव ने जिले में धान खरीदी का जायजा लेने के लिए आज धान उपार्जन केल्हारी, घुटरा, डोडकी, कोटाडोल एवं रांपा केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। केल्हारी धान खरीदी केन्द्र में अनियमितता के चलते उन्होंने केन्द्र के सहायक नोडल अधिकारी श्री ओमप्रकाश श्रीवास सहित समिति प्रबंधक श्री सुरजन सिंह एवं धान खरीदी प्रभारी श्री प्रकाश सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस दौरान वहां धान बेचने डॉडहंसवाही के एक कृषक द्वारा लाए गए 12 बोरा अमानक धान को भी जब्त किए जाने की कार्यवाही की।

कलेक्टर श्री पी.एस. ध्रुव ने धान उपार्जन केन्द्र केल्हारी के निरीक्षण के दौरान वहां के कार्यालय एवं केन्द्र परिसर में व्याप्त गंदगी, उपार्जित धान का सुव्यवस्थित स्टेगिंग न किए जाने के मामले को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने समिति प्रबंधक श्री प्रकाश सिंह को मानक स्तर का ही धान खरीदने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने इसके पश्चात धान उपार्जन केन्द्र घुटरा, डोडकी, कोटाडोल एवं रांपा पहुंचकर वहां धान खरीदी की व्यवस्था का मुआयना किया और किसानों से भुगतान संबंधी जानकारी भी ली।

गौरतलब है कि मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में धान खरीदी की व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार धान खरीदी केन्द्रों का दौरा कर वहां की व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व चिरमिरी द्वारा धान खरीदी केन्द्र कोड़ीमार तथा नायब तहसीलदार नागपुर के द्वारा आज बरबसपुर धान खरीदी केन्द्र का मुआयना किया गया। कलेक्टर श्री ध्रुव 26 दिसम्बर की रात को भी खाद्य अधिकारी श्री संजय ठाकुर के साथ धान खरीदी केन्द्र चैनपुर एवं नागपुर का औचक निरीक्षण कर वहां की रात्रिकालीन व्यवस्था एवं उपार्जित धान की सुरक्षा के प्रबंध का मुआयना किया था।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में धान बेचने के लिए 16022 किसानों ने पंजीयन कराया है। 27 दिसम्बर की स्थिति में 8705 किसानों से 4 लाख 5 हजार 320 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। जिसके एवज में किसानों को नियमित रूप से उनके खाते में राशि का भुगतान भी किया जा रहा है।

UBS Report: रिपोर्ट में कहा गया है कि “उत्तरी अमेरिका भी अपने विशाल घरेलू बाजार और जीवंत उद्यमशीलता संस्कृति के साथ निवेशकों के लिए एक लोकप्रिय क्षेत्र बना हुआ है।” जबकि बाकी दुनिया से इस मामले में अब भी आगे मुख्य भूमि चीन इन फिलहाल इस मामले में फिसलता दिख रहा है।रूस यूक्रेन युद्ध और वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितताओं के बीच दुनिया भर के अरबपति और समेत दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य देशों में निवेश को प्राथिमकता दे रहे हैं। सेक्टरों में वे मुख्य रूप से ऊर्जा, संभवतः दुनिया में जारी सप्लाई की दिक्कतों को देखते हुए और नवीकरणनीय ऊर्जा स्त्रोतों को बढ़ावा देने के लिए समर्थन दे रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में जारी की गई यूबीएस बिलिनायर एंबिशंस रिपोर्ट 2022 में ये बातें सामने आईं हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि “उत्तरी अमेरिका भी अपने विशाल घरेलू बाजार और जीवंत उद्यमशीलता संस्कृति के साथ निवेशकों के लिए एक लोकप्रिय क्षेत्र बना हुआ है।” जबकि बाकी दुनिया से इस मामले में अब भी आगे मुख्य भूमि चीन इन फिलहाल इस मामले में फिसलता दिख रहा है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कुछ निवेशक पश्चिमी यूरोप में भी निवेश करने के इच्छुक हैं।

अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो एक सर्वे के अनुसार अरबपतियों की दिलचस्पी प्रोद्योगिकी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बनी हुई है। हालांकि आगे चलकर इन उद्योगों को सार्वजनिक इक्विटी मार्केट में घटते मूल्यांकन और रुचि का सामना करना पड़ा।

स्विस बैंक यूबीएस की ओर से जारी यह आठवीं रिपोर्ट है, जिसमें अरबपतियों को शामिल किया गया है और उनके ऐतिहासिक धन सृजन, व्यापार नवाचार और प्रभाव परोपकार के युग के दौरान उनकी संपत्ति और महत्वाकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह रिपोर्ट 75 बाजारों में 2,500 से अधिक अरबपतियों पर यूबीएस एविडेंस लैब के सर्वेक्षणों, सवालों और सूचनाओं पर आधारित है।

सर्वे में 58 प्रतिशत अरबपति उत्तरदाताओं ने भारत और दक्षिण पूर्व एशिया को निवेश के लिए अपने पसंदीदा बाजार के रूप में चुना। केवल 42 प्रतिशत ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन को निवेश के लिए पसंदीदा स्थान बनाया। सर्वेक्षण में शामिल 50 प्रतिशत लोगों ने पैसा लगाने के लिहाज से उत्तरी अमेरिका का चुनाव किया।

अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अमरजीत भगत ने शनिवार को नगर पंचायत सीतापुर में 2 करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा अर्चना कर भूमिपूजन किया। इनमे नगर पंचायत के 10 वार्डों में सीसी रोड, नाली निर्माण, मंच, पुलिया एवं बीटी रोड शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 1 में 44.59 लाख रुपये के 6 कार्य, वार्ड क्रमांक 3 में 14.89 लाख रूपये की लागत से मालीपारा से महात्मा गांधी स्कूल तक सीसी रोड़ निर्माण, वार्ड क्रमांक 4 में 49.54 में 3 कार्य, वार्ड क्रमांक 6 में 20.22 लाख के 4 कार्य, वार्ड क्रमांक 7 में 17.91 लाख के 3 कार्य, वार्ड क्रमांक 10 में 37.76 लाख के 5 कार्य, वार्ड क्रमांक 13 में 13.9 लाख के 3 कार्य तथा वार्ड क्रमांक 15 में 24.96 लाख के दो कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं वार्डवासी उपस्थित थे।

 

जांजगीर-चांपा :  उगते सूरज के समय बिखरती सूरज की किरणे हो या फिर अस्त होने के समय सुनहरी रोशनी और बादलों के बीच झिलमिलाती किरणे। हदसेव नदी के बहते पानी में आधा बाहर तो आधा भीतर की ओर डूबा चट्टान जब बाहर से चमकता हुआ दिखाई देता है तो यह देखने वालों को बरबस ही अपनी ओर खींच लेता है। पानी की धार से तराशे गए इन चट्टानों में सूरज निकलने से लेकर सूरज के डूबने तक चमक ही नहीं होती, नुकीले और धारदार चट्टान कई स्थानों पर किसी को काटने, खरोंच पहुचाने से लेकर उन्हें अपनी गुफानुमा जगहों में कैद करने की क्षमता भी रखती है। बेशक यह देवरी का पिकनिक स्पॉट ही है, जो जांजगीर-चाम्पा जिले के बलौदा ब्लॉक में है और अपनी खूबसूरती तथा मनोरम दृश्य के लिए सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है।
पर्यटन और सैर सपाटे के इस मौसम में मनोरम दृश्य हमें मजबूर करते हैं कि हम भी मस्ती और मनोरंजन के लिए परिवार तथा दोस्तों के साथ इन जगहों में जाएं। चूल्हा बनाकर आग जलाये, पसंद का खाना बनाये और आसपास के खूबसूरत सा नजारों को देखकर हमेशा के लिए अपनी यादगार तस्वीर कैमरों में कैद करें। मस्ती और मनोरंजन की यह ख्वाहिश यादगार लम्हों में तब तक कैद होती है, जब तक हम ऐसे स्थानों पर सुरक्षित जाये और सुरक्षित लौट आए, वर्ना जरा सी असावधानी और लापरवाही हमें कभी न भूल पाने वाली वह गम दे जाती है, जो किसी के मस्ती और मनोरंजन के समय बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। कुछ ऐसा ही हादसा जिले के इस देवरी पिकनिक स्पॉट पर मंगलवार को हुआ। आपस में तय कर 8 नाबालिग छात्र यहां चले तो आए, किसी अनहोनी या हादसों की परवाह किए बगैर पानी में उतरकर नहाने लगे। दूर-दूर तक फैले हुए खतरनाक चट्टानों में पानी कितना है और खतरा कितना है ? इसकी परवाह किए बिना एक के बाद एक दो छात्र पानी में बह गए। देखते ही देखते पानी में समाहित होकर लापता हुए दोनों छात्रों को उनके दोस्त भी बचा नहीं पाए, क्योंकि ऐसे हादसों के वक्त डरना, सहमना लाजमी है और सूझबूझ के साथ कोई उपाय भी दिमाग में नहीं आ पाता। इस हादसे की सूचना पर अलर्ट हुई प्रशासन और पुलिस, नगर सेना, एसडीआरएफ तथा ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर पूरी कोशिश की। दोनों छात्रों को बचाने ढूंढा गया, लेकिन चट्टानों के रेस्क्यू में रोड़ा बनने के बाद भी दो दिनों तक खोजबीन बदस्तूर जारी रहा। आखिरकार जिंदगी और मौत के उम्मीदों के बीच नदी के पानी और चमकते चट्टानों के खोह से 26 और 40 घण्टे बाद दोनों की लाशे ही निकली। इस हादसे में एक परिवार का एकलौता चिराग बुझ गया, वहीं एक परिवार में सबसे बड़ी उम्मीदें भी बिखर गई। अब जो होना था सो हो गया। इसे लापरवाही कहें, हादसा या चूक कहें, लेकिन आगे किसी के साथ ऐसे हादसे न हों, इस दिशा में सतर्क होना भी जरूरी है। जिले में कई ऐसे पिकनिक स्पॉट है और इन पिकनिक स्पॉट के खूबसूरत नजारे आपको आकर्षित जरूर करेंगे। देवरी का पिकनिक स्पॉट हसदेव नदी के तट पर है और यहां खतरा सिर्फ नदी में उतरकर चट्टानों में जाने और फंसकर फिसल जाने का है। जगह-जगह मौजूद चट्टानें आपको कभी भी हादसों का शिकार बना सकते हैं, इसलिए कोशिश करिये कि आपके बच्चे ऐसी जगहों में न जाए, उसके लिए सचेत रहे। ऐसी जगहों में कुछ सुरक्षा के इंतजाम व सावधानी और सतर्कता आपके खतरे को टालने में बहुत हद तक मददगार बन सकते हैं। खूबसूरती के अनगिनत और दूर-दूर तक फैले सभी स्थलों तक शासन-प्रशासन किसी को तैनात कर पाए, यह भी संभव नहीं है। आप जहां भी जाए तो आसपास के मनोरम दृश्य को देखे। शांत वातावरण में कलकल, झर-झर बहती पानी की आवाज तो उनकी तरंगों को सुने, बादलों के साथ नीले आसमानों की पानी में बनती तस्वीरों को देखे, चमकते चट्टानों को हीरे के चमक के रूप में दूर से देखे। पक्षियों की चहचहाहट, कलरव को सुने। दूर तक फैले रेत में नंगे पांव चले। गुनगुनी धूप का आंनद लें और कभी धूप लगने पर पेड़ों की छांव में बैठकर देखे। कुछ देर खुद को यहां चलती हवाओं के साथ महसूस करके देखेंगे तो निःसंदेह प्रकृति का अनुपम दृश्य आपकों भावविभोर कर देंगे। प्रकृति ने नदी व पहाड़, झरने, जंगल का मनोरम दृश्य आपके हृदय में खूबसूरती और सुकून का भाव उत्पन्न करने के लिए दिए हैं, न कि ऐसे जगहों में जाकर जोखिम लेने और जिंदगी गंवा देने के लिए दिए हैं।

रायपुर :मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज शाम यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राडा (रायपुर ऑटो डीलर्स एसोसिएशन) के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात कर उन्हें राजधानी रायपुर में आयोजित किए जा रहे ऑटो एक्सपो-2023 के लिए आमंत्रित किया। ऑटो एक्सपो का आयोजन स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान में 24 मार्च से 27 मार्च तक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर रायपुर ऑटो डीलर्स एसोसिएशन ऑटो एक्सपो 2023 के ब्रोशर का विमोचन किया। राडा के अध्यक्ष श्री विवेक गर्ग ने बताया कि दिल्ली में होने वाले ऑटो एक्सपो के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा ऑटो एक्सपो है, इसमें भारत की सभी बड़ी कंपनिया भाग लेंगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर परवानी, राडा के सचिव श्री कैलाश खेमानी, कोषाध्यक्ष श्री विवेक अग्रवाल, फाडा के अध्यक्ष श्री मनीष राज सिंघानिया, सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

बीजापुर : ज्ञात हो कि जिले में स्वयंसेवक लगातार व्यवहार परिवर्तन की दिशा में सेवा दे रहे हैं ग्राम तुमनार के स्वयंसेविका अंजू तेलम ने मानसिक पीड़िता शांति को निजी जीवन की कठिनाई से उबरने में मदद किया शांति दिव्यांग होने के कारण मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। ''आओअंजू ओ बात करे'' कार्यशाला से प्रभावित होकर गांव के दिव्यांग की सेवा में लग गई शांति तेलम दिव्यांग होने की वजह से लगातार तनाव की हालत में रहती थी अंजू ने शांति से मुलाकात कर तनाव से उबरने में मदद की चुनौती को दूर करने एवं कठिनाइयों से उबरने हेतु लगातार प्रोत्साहित करती रही दिव्यांग पेंशन योजना की भी जानकारी देकर विभाग से जुड़ने हेतु प्रेरित किया जिसके फलस्वरूप शांति तनाव से ऊपर कर। अपने अच्छे जिंदगी की कल्पना कर रही रही है अंजू ने शांति को जिला पंचायत से बैसाखी दिलवाने में मदद की। जिसमें शांति अपने दैनिक कार्य करने में सहज हो सके।अंजू के साथ रुकमणी तेलम ने भी सहयोग दिया।

हमेशा हेल्दी रहने के लिए हम हर दिन सब्जियों का सेवन करते है, लेकिन क्या आपको पता है कि कच्ची सब्जी खाकर आप हमेशा युवा और सुदृढ़ रह सकते हैं । कच्ची सब्जियों में भरपूर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व पाएं जाते है जो सेहत के लिए काफी अच्छे होते होते है । इससे कई बीमारियाँ दूर होती हैं और शरीर स्वस्थ रहता है।

हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जो कच्ची सब्जियों से ही मिलते हैं इसलिए कुछ सब्जियों को बिना पकाए ही खाया जाए तो आपके शरीर के लिए फ़ायदेमंद होता है। कच्ची सब्जी खाने का सबसे अच्छा उपाए है कि उन्हें सलाद के रूप में सेवन करें। सलाद हमारे खाने के सबसे अहम हिस्सा है।

पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए

पाचन तंत्र को सबल बनाए रखकर शरीर को भरपूर पोषण प्रदान करने में प्रकृति में उपलब्ध फल-सब्जियों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।सलाद के तत्व आहार फाइबर से भरे होते हैं और फाइबर आपके पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए अच्छे होते हैं।आहार में अधिक फाइबर अपच और कब्ज जैसी समस्याओं को भी ठीक कर सकता है।जिन लोगों को पेट साफ न होने की समस्या है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा मसालेदार भोजन नहीं खाना चाहिए और साथ ही उन्हें मूली, गाजर, टमाटर, चुकंदर, खीरा आदि को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए।

हृदय के स्वास्थ्य के लिए

सलाद में उपयोग की जाने वाली सब्ज़ियाँ और फल फाइबर से भरे होते हैं जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं जिससे आपको बेहतर हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिलती है।सलाद में एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर की मात्रा अच्छी पायी जाती है। जो हमारे शरीर को हार्ट अटैक, स्ट्रोक्स और कई दिल संबंधित बीमारी से बचा कर रखते है।पालक की तरह पत्तियां और ब्रोकोली जैसी सब्ज़ियाँ सलाद के मुख्य तत्व बनाती हैं। ये दोनों विशेष रूप से पोटेशियम सामग्री में उच्च होते हैं जो हृदय के सुचारू संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज होते हैं।

आँखों के स्वास्थ्य के लिए

सलाद की सामग्री में मौजूद विटामिन ए, बेहतर आँखों की रौशनी के लिए भी आवश्यक है। आँखों को स्वस्थ बनाने के लिए और आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियों का नियमित सेवन बहुत जरूरी है।हरी पत्तेदार सब्जियों में कैरोटिनॉयड के रूप में एक विशेष पोषक तत्व होता है, जिसे ल्यूटेन कहते हैं, यह हमे आँखों की बीमारियों से बचा कर रखता है।इसके अलावा फल, गाजर और चुकंदर आदि बीटा कैरोटीन से भरे होते हैं जो कि बेहतर नेत्र स्वास्थ्य और दृष्टि को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण एंटी-ऑक्सीडेंट है।

इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए

सलाद आपके शरीर के लिए विटामिन और खनिजों का सबसे अच्छे स्रोत के रूप में काम कर सकता है।विटामिन या खनिज की कमी सीधे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करती है, और इसलिए सलाद के अधिक खाने से बेहतर प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।इस मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण आप अपने आप को रोगों से दूर रखने में सफल होते हैं।

त्वचा को हेल्दी रखने के लिए

सलाद में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट के साथ साथ पानी भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो हमारी त्वचा के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होता है।अंकुरित चने, मूंग आदि जैसे आहार खाने से चेहरे की झुर्रियां कम हो जाती है।टमाटर में लाइकोपीन पाया जाता है जो एंटी एजिंग की तरह काम करता है।चुकंदर भी त्वचा के लिए अच्छा होता है।

खीरा: खीरा कब्ज को दूर करता है। इसमें पानी होता है जो पानी की कमी को दूर करता है।
टमाटर: टमाटर त्वचा के निखारने के लिए उपयोग होता है । यह पाचन शक्ति को बढ़ता है।
मूली: इसमें पोटेशियम अधिक मात्रा में होने से रक्तचाप नियंत्रित रहता है। यह गैस की समस्या के लिए फ़ायदेमंद होता है।
पालक: इसमें विटामिन अधिक मात्रा में पाया जाता है जिससे हड्डियों को मज़बूती मिलती है।
इसमें फाइबर होता है जो पाचन को सही रखता है।
गाजर: गाजर में बीटा कैरोटीन होता है जो आँखों के लिए अच्छा होता है। मुंहासे, पेट की समस्या और चर्म रोग में यह लाभदायी हैं।
प्याज़: प्याज लू और त्वचा रोग से बचाता हैं। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते है जो कैंसर से बचा कर रखते है।

सर्दियों में धूप में बैठने का मजा ही अलग होता है। बैठे-बैठे कब घंटों निकल जाते हैं इसका एहसास ही नहीं होता लेकिन ये मज़ा कहीं सज़ा न बन जाए इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ज्यादा समय तक सूरज में रहने से स्किन डैमेज होने की खतरा बढ़ जाता है। सूरज की हानिकारक किरणों की वजह से फाइन लाइंस, टैनिंग, झुर्रियां, झाइयां जैसी कई समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। असमय चेहरे पर बुढ़ापा नजर आने लगता है। तो इन सभी समस्याओं से बचे रहने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें।

सर्दियों की धूप से कैसे करें त्वचा की सुरक्षा

सूरज की अल्ट्रा वायलेट किरणें स्किन के फाइबर्स को डैमेज करने का काम करती हैं, इन्हें इलास्टिन कहा जाता है। इनके डैमेज होने से त्वचा का बहुत ज्यादा नुकसान होता है।

सनस्क्रीन का करें इस्तेमाल

जब भी धूप में बाहर जाएं सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बिल्कुल मिस न करें। सनस्क्रीन खरीदते वक्त ध्यान रखें कि यह एसपीएफ 30 वाला ही हो। बाहर निकलने से कम से कम आधे घंटे पहले सनस्क्रीन लगा लें।

दोपहर में बाहर निकलना करें अवॉयड

सुबह की धूप सबसे अच्छी होती है। तो अगर आपको धूप सेंकना हो तो सुबह का समय बेस्ट है। दोपहर की धूप बहुत हानिकारक होती है, तो कोशिश करें इस समय बाहर निकलने से बचें। अगर बहुत जरूरी है निकलना तो अपने आपको सर्दियों में भी पूरी तरह से कवर करके ही निकलें।

अपने आपको कवर करें

बाहर निकलने से पहले फेस और हाथों को अच्छी तरह से कवर करें। इसके लिए वैसे तो ग्लव्स हैं लेकन फुल स्लीव्स टॉप, शर्ट या कुर्ते भी पहनने का ऑप्शन है। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा पहनें। इससे आपकी स्किन हानिकारक धूप से बच सकती है। धूप सेंकते समय सीधा सूरज की रोशनी के संपर्क में आने से बचें।

सर्दियों का यह मौसम कई प्रकार के मौसमी खाद्य पदार्थों के लिए जाना जाता है। मौसमी फल-सब्जियों को अध्ययनों में सेहत के लिए विशेष लाभकारी पाया गया है। मटर इस मौसम में मिलने वाली ऐसी ही बेहद फायदेमंद सब्जी है। हृदय को स्वस्थ रखने के साथ पाचन को ठीक रखने में मटर का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। मटर में कई प्रकार के विटामिन्स-खनिज और एंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुरता होती है, जो इसे शरीर के लिए विशेष लाभकारी बनाती है। इससे शरीर के लिए आवश्यक प्रोटीन और फाइबर की भी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।

मटर खाने के फायदे

शुगर के स्तर को कंट्रोल करने में लाभकारी

हरी मटर का सेवन करना डायबिटीज की समस्या को कम करने में लाभकारी हो सकता है। ब्लड शुगर के स्तर को बेहतर ढंग से कंट्रोल करने में इसके लाभ हो सकते हैं। मटर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जो इसे डायबिटीज रोगियों के लिए काफी लाभकारी बनाता है।हरी मटर के सेवन की आदत शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक है।

पाचन के लिए मटर के फायदे

हरी मटर में फाइबर की भी पर्याप्त मात्रा होती है, जो इसे पाचन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बनाती है। फाइबर आपकी आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में सहायक है और इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का जोखिम भी कम होता है। आंतों में सूजन, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी पेट की समस्याओं में मटर के सेवन से लाभ मिल सकता है। हालांकि अधिक मात्रा में इसका सेवन कब्ज का कारण बन सकता है।

हृदय के लिए फायदेमंद है मटर

हरी मटर को हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बेहतर आहार माना जाता है, इसमें मैग्नीशियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे तत्वों की मात्रा होती है जो हृदय को स्वस्थ रखने और इससे संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करने में फायदेमंद हो सकती है। इन पोषक तत्वों से भरपूर आहार उच्च रक्तचाप को रोकने में लाभकारी माने जाते हैं, जिससे हृदय रोगों का जोखिम कम होता है। हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए स्वस्थ आहार का चयन करना आवश्यक माना जाता है।

मटर में कैंसर रोधीगुण

हरी मटर के सेवन से कैंसर का खतरा कम हो सकता है। मटर में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा पाई जाती है जो शरीर से सूजन को कम करने और फ्री रेडिकल्स से कोशिकाओं को बचाने के लिए जरूरी है। हरी मटर में सैपोनिन होते हैं, पौधे के ये यौगिक कैंसर रोधी प्रभावों के लिए जाने जाते हैं। सैपोनिन कैंसर कोशिकाओं को रोकने और ट्यूमर के विकास को रोकने में भी लाभकारी है।

 आज कल कई लोगों को सीने में दर्द की समस्याै बनी रहती है। आपको बता दें कि ऐसा सिर्फ दिल का दौरा होने की वजह से नहीं होता है। इसके अलावा भी ऐसे कई कारण रहते हैं जिस वजह से सीने में जलन की समस्या बनी रहती है। जिन लोगों को लगातार सीने में दर्द बना रहता है उन्हें इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्यों कि सीने का दर्द कई बीमारियों को पैदा करता है। इस दर्द से राहत पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं, तो चलिए जानते हैं कि सीने में दर्द क्यों होता है और इसका इलाज कैसे किया जा सकता है?

अक्सर कुछ लोगों को अचानक सीने में दर्द जैसा महसूस होता है। ऐसा होने पर लोगों को लगता है कि कहीं ये हार्ट अटैक का लक्षण तो नहीं। बेशक, कई बार सीने में तेज दर्द होना हार्ट अटैक का लक्षण होता है, लेकिन कई बार यह गैस बनने के कारण भी होता है। हालांकि, लगातार आपको चेस्ट पेन हो, तो बेहतर है कि डॉक्टर से संपर्क करें। कई अन्य कारणों से भी सीने में दर्द हो सकता है।

सीने में दर्द होने के कारण

लोगों को अलग-अलग कारणों से छाती में दर्द महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को यह दर्द बायीं तरफ तो कुछ को दायीं तरफ दर्द होता है। कई बार यह काफी हल्का होता है, तो कई बार काफी तेज भी होता है। ऐसे में इसे नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल भी ना करें। छाती में दर्द का मुख्य कारण हार्ट अटैक, एन्जाइना, हार्ट के ब्लड वेसल्स में रुकावट होने, हार्ट की मांसपेशियों में सूजन आना, दिल की बड़ी रक्त वाहिका में कोई समस्या होने पर भी दर्द हो सकता है। इसके साथ ही निमोनिया होने, ब्लड क्लॉट बनने, फेफड़ों के आसपास सूजन होना, पैनिक अटैक, सीने में जलन, पेट में ऐंठन के कारण सीने में दर्द हो सकता है।

सीने में दर्द होने की वजह -

जब बार-बार अचानक से सीने में दर्द होता है, तो आपको इसे हल्केस में नहीं लेना चाहिए क्यों कि ये दूसरी बीमारियों को भी बढ़ावा दे सकता है।इससे हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द के अलावा एसिडिटी, हार्ट अटैक और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्या् का सामना आपको करना पड़ सकता है।

घरेलू उपाय से सीने का दर्द होगा दूर -

तुलसी

तुलसी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। घर-घर में तुलसी का पौधा रहता है और यही तुलसी सीने के दर्द में राहत पहुंचाती है। आपको इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट 4 से 5 तुलसी के पत्तेू चबाना होंगे। इससे आपको सीने के दर्द में राहत मिलेगी और भारीपन से भी छुटकारा मिलेगा। इन्हेंू चबाने के अलावा, आप तुलसी के पत्तोंस का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं।

लहसुन

सीने के दर्द में लहसुन भी बहुत ही कारगर साबित होता है। इसके अलावा, लहसुन के सेवन से कई फायदे होते हैं। जैसे इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम हो जाता है। इसके लिए आप एक पैन में एक कप पानी लें, उसमें लहसुन की 3 कलियां डाल दें और गैस पर गर्म करने के लिए रख दें। जब ये पानी उबल जाए तो गैस बंद को कर दें और उसमें नींबू का रस डाल दें। अगर आप इसका सेवन करेंगे तो आपको सीने के दर्द से जल्द ही राहत मिल जाएगी। इसके अलावा लहसुन के सेवन से हार्ट का ब्लॉकेज भी ठीक हो जाता है।

नींबू

नींबू में विटामिन-सी की मात्रा ज्यादा रहती है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। अगर आप एक कप गर्म पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीएंगे, तो आपको सीने के दर्द से राहत मिल जाएगी।

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