ईश्वर दुबे
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Bhilai
मेलबर्न. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में शुक्रवार को गेंदबाज हावी रहे। मैच के तीसरे दिन कुल 15 विकेट गिरे, जबकि बल्लेबाज 197 रन ही बना पाए। सबसे ज्यादा आठ विकेट तीसरे सत्र में गिरे, जबकि इस दौरान महज 60 रन बने। पहले सत्र में चार विकेट गिरे थे और 81 रन बने थे। वहीं दूसरे सत्र में 56 रन बने, तीन विकेट गिरे। तीसरे दिन का खेल खत्म होने के समय भारत के दूसरी पारी में पांच विकेट गिर चुके थे, जबकि उसके खाते में 54 रन ही जुड़े थे। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 151 रन पर ऑलआउट हुई। वह फॉलोऑन नहीं बचा पाया। हालांकि, भारत ने उसे फॉलोऑन देने की बजाय बल्लेबाजी का फैसला किया।
भारत 346 रन आगे, पांच विकेट शेष
पहली पारी के आधार पर भारत इस मैच में 346 रन की लीड ले चुका है। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 33 रन देकर छह विकेट लिए। यह उनके करियर का बेस्ट प्रदर्शन है। वहीं, रविंद्र जडेजा ने दो और इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी ने एक-एक खिलाड़ी को पवेलियन भेजा। ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तान टिम पेन और मार्क्स हैरिस ने सबसे ज्यादा 22-22 रन बनाए। उनके अलावा उस्मान ख्वाजा ने 21, शॉन मार्श ने 19, ट्रैविस हेड ने 20 और पैट कमिंस ने 17 बनाए। उसके पांच खिलाड़ी दहाई के अंक तक नहीं पहुंच पाए। दो खिलाड़ी शून्य पर पवेलियन लौटे।
बुमराह ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, द. अफ्रीका में पांच विकेट लेने वाले पहले एशियाई
जसप्रीत बुमराह एक कैलेंडर ईयर में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले पहले एशियाई गेंदबाज हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान जोहानेसबर्ग टेस्ट में 54, इंग्लैंड सीरीज के ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में 85 देकर पांच-पांच विकेट लिए थे। बुमराह का अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में यह पहला साल है। उन्होंने इस साल जनवरी में केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच खेलकर अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी।
बुमराह ने दिलीप दोषी का रिकॉर्ड तोड़ा
बुमराह अपने टेस्ट करियर के पहले ही साल में अब तक 45 विकेट ले चुके हैं। वे टेस्ट करियर के पहले साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड दिलीप दोषी के नाम था। बाएं हाथ के स्पिनर दिलीप दोषी ने 1979 में टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने उस साल 40 विकेट लिए थे। इस सूची में वेंकटेश प्रसाद तीसरे स्थान पर हैं। 1996 में अपना टेस्ट करियर शुरू करने वाले वेंकटेश ने उस साल 37 विकेट लिए थे।
भारत ने 4 रन पर 4 विकेट गंवाए
दूसरी पारी में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम के खाते में 28 रन ही जुड़े थे कि हनुमा विहारी आउट हो गए। उनके खाते में 13 रन ही जुड़े थे। उनकी जगह चेतेश्वर पुजारा ने ली। हालांकि, पहली पारी में शतक लगाने वाले पुजारा इस बार खाता भी नहीं खोल पाए। भारत आठ गेंद के अंतराल में दो विकेट गंवा चुका था, जबकि उसके खाते में एक भी रन नहीं जुड़ा था। इसके बाद क्रीज पर आए कोहली भी बिना खाता खोले आउट हुए। तीनों विकेट पैट कमिंस ने लिए। विराट की जगह अजिंक्य रहाणे भी कुछ खास नहीं कर पाए। उन्होंने एक रन बनाकर पवेलियन की राह पकड़ी। उन्हें भी कमिंस ने आउट किया। भारत का पहला विकेट 13वें ओवर की आखिरी गेंद और चौथा विकेट 17वें ओवर की पहली गेंद पर गिरा। इस दौरान उसके खाते में सिर्फ चार रन जुड़े।
ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत
भारत ने अपनी पहली पारी 443/7 के स्कोर पर घोषित की थी। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में शुरुआत अच्छी नहीं रही। तीसरे दिन इशांत शर्मा ने अपने तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर एरॉन फिंच को आउट कर मेजबान टीम को पहला झटका दिया। फिंच अपने कल के स्कोर में पांच रन ही और जोड़ पाए और आठ के निजी स्कोर पर पवेलियन लौटे। उस समय टीम का स्कोर 24 रन ही था। टीम के खाते में 12 रन और जुड़े थे कि मार्क्स हैरिस भी जसप्रीत बुमराह का शिकार बन गए। उन्होंने 22 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने लंच से पहले उस्मान ख्वाजा और शान मार्श के रूप में दो विकेट और गंवाए। चायकाल तक उसका स्कोर 63 ओवर में सात विकेट पर 145 रन था। इसके बाद उसके तीन विकेट सिर्फ 3.5 ओवर में गिर गए। उसके खाते में सिर्फ छह रन जुड़े।
पहला विकेट : इशांत शर्मा की इस गेंद को एरॉन फिंच ने लेग साइड में खेलना चाहते थे, लेकिन गेंद उनके बल्ले से लगकर ऊंची उठ जाती है और मयंक अग्रवाल ने अपनी बाईं ओर छलांग लगाते हुए शानदार कैच पकड़ लिया।
दूसरा विकेट : बुमराह ने पारी का 14वां ओवर फेंका। हैरिस ने दूसरी गेंद पर चौका जड़ा। अगली गेंद पर हुक करने की कोशिश की, लेकिन लॉन्ग लेग बाउंड्री पर इशांत शर्मा ने उनका कैच पकड़ लिया।
तीसरा विकेट : मेजबान टीम ने तीसरा विकेट इनफॉर्म बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा के रूप में खोया। वे रविंद्र जडेजा की गेंद पर शॉर्ट लेग पर खड़े मयंक अग्रवाल के हाथ में कैच दे बैठे।
चौथा विकेट : ख्वाजा के आउट होने के बाद शॉन मार्श और ट्रैविस हेड ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन बुमराह ने इस साझेदारी को 36 रन से आगे नहीं जाने दिया। लंच से पहले की आखिरी गेंद पर बुमराह ने मार्श को एलबीडब्ल्यू कर दिया।
पांचवां विकेट : लंच के बाद ऑस्ट्रेलिया के खाते में तीन रन ही और जुड़े थे कि बुमराह ने हेड को पवेलियन की राह दिखा दी। 142 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी गई यह गेंद क्रीज से काफी बाहर जाती हुई लग रही थी, लेकिन बाद में स्विंग हुई और स्टम्प्स उखाड़ गई।
छठा विकेट : हेड के आउट होने के बाद टिम पेन क्रीज पर आए। हालांकि, वे मिशेल मार्श के साथ मिलकर 10 रन ही जोड़ पाए थे कि जडेजा ने इस साझेदारी को तोड़ दिया। जडेजा की अंदर आती गेंद को खेलने के चक्कर में मिशेल पहली स्लिप पर खड़े अंजिक्य रहाणे को कैच थमा बैठे।
सातवां विकेट : ऑस्ट्रेलिया का छठा विकेट 102 के स्कोर पर गिरा था। इसके बाद पैट कमिंस और कप्तान टिम पेन ने 7वें विकेट के लिए 36 रन जोड़ लिए थे। लग रहा था कि दोनों टीम का स्कोर 200 के आसपास पहुंचा देंगे, तभी मोहम्मद शमी की एक गुड लेंथ गेंद बाहर की ओर टप्पा पड़ने के बाद विकेट में घुस गई और कमिंस बोल्ड हो गए।
आठवां विकेट : चायकाल के बाद दूसरा ओवर बुमराह ने फेंका। उन्होंने ओवर की तीसरी गेंद पर पेन का विकेट लिया। बुमराह की यह गेंद पेन के बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए विकेट के पीछे ऋषभ पंत के ग्लब्स में पहुंच गई।
नौवां विकेट : बुमराह ने अपने अगले ओवर की दूसरी गेंद पर नाथन लियोन को पवेलियन भेजा। उन्होंने लियोन को एलबीडब्ल्यू किया। लियोन खाता भी नहीं खोल पाए।
दसवां विकेट : इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर बुमराह ने जोश हेजलवुड का विकेट चटकाया। बुमराह की यह गेंद फुल इनस्विंगर थी। हेजलवुड ने इसे पीछे से खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनका विकेट उखाड़ गई। वे खाता भी नहीं खोल पाए।