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UN महासचिव ने भारत, पाकिस्तान के अधिकारियों से बात की : अधिकारी Featured

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने पुलवामा हमले के बाद भारत एवं पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर दोनों देशों के अधिकारियों से बात की। हालांकि महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान से बात नहीं की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। कश्मीर में पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।

आत्मघाती हमले के बाद भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था। अभियान में बड़ी तादाद में जैश के आतंकवादी, प्रशिक्षक, वरिष्ठ कमांडर और आत्मघाती हमले के लिये प्रशिक्षित किये जा रहे जिहादी मारे गए थे। अगले दिन पाकिस्तान वायुसेना ने जवाबी हमला किया और हवाई हमले में भारत के एक मिग-21 को मार गिराया तथा भारतीय पायलट अभिनंदन वर्धमान को अपने कब्जे में ले लिया जिन्हें शुक्रवार को भारत को सौंप दिया गया।

गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिख ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, ‘‘हम हालात से पूरी तरह से वाकिफ हैं। जहां तक मुझे जानकारी है, महासचिव ने दोनों देशों के प्रमुखों (प्रधानमंत्री) से बात नहीं की है लेकिन उन्होंने दोनों पक्षों से जरूर बात की है। मुझे लगता है कि ऐसा उन्होंने अपनी चिंता जताने और तनाव कम करने के लिये हरसंभव प्रयास की आवश्यकता पर जोर देने के इरादे से किया है।’’ दुजारिख से यह पूछा गया था कि क्या संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से बात की है।
 
पिछले सप्ताह दुजारिख ने कहा था कि गुतारेस ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अपनी ‘चिंता’ जाहिर की और ‘सार्थक परस्पर भागीदारी ’ के जरिये दोनों पक्षों को तनाव कम करने के लिये तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या महासचिव तनाव कम करने के इरादे से मध्यस्थता के प्रयास में शामिल होना चाहते हैं, इस पर दुजारिख ने कहा, ‘‘जैसा कि हमेशा से रहा है और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख हर समय इसके लिये उपलब्ध रहे हैं बशर्ते दोनों पक्ष या सभी पक्ष इसके लिये तैयार हों। यह स्थिति पर निर्भर करता है।’’ पुलवामा हमले के बाद गुतारेस ने बार-बार दोनों पक्षों के अधिक से अधिक संयम बरतने और तनाव कम करने के लिये तत्काल कदम उठाने के महत्व पर जोर दिया है।
 
गुतारेस ने भारतीय सुरक्षा बलों पर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि यह ‘‘यह जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति जवाबदेही हो और आतंकवाद के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाये।’’ बहरहाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक संवाददाता सम्मेलन में पुलवामा में आत्मघाती हमले की ‘‘कड़ी निंदा की और इसे घृणित एवं कायराना कृत्य’’ बताया।
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