ईश्वर दुबे
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न्यूयॉर्क। वैज्ञानिकों ने धातु का एक ऐसा सांचा तैयार किया है जो सौर सेल में कैद की गई सूरज की रोशनी की मात्रा को बढ़ा कर उसके ऊर्जा उत्पादन को लगभग एक तिहाई तक बढ़ा सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि विकासशील देशों के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं से वंचित दूरस्थ क्षेत्रों के लिए कैद की गई सौर ऊर्जा इस साधारण, सस्ते एवं सरल तरीके से बढ़ाने में मदद मिल सकती है। अमेरिका की कोलगेट यूनिवर्सिटी की सह-प्राध्यापक बेथ पार्क्स ने कहा, “युगांडा में 20 से 25 प्रतिशत लोगों के पास बिजली नहीं है।”पार्क्स ने कहा, “एक सौर सेल इतनी ऊर्जा देता है कि लाइट जल सके और सेलफोन एवं रेडियो चार्ज हो सकें। जीवन में सुधार का यह बेहद उम्दा रास्ता है।”
सौर पैनल भले ही नवीकरणीय ऊर्जा का शुद्ध स्रोत हैं लेकिन आम तौर पर वह एक निश्चित सांचे में ढले होते हैं और दिन के कुछ खास घंटों में सूरज की तरफ सबसे बेहतर तरीके से मुड़े रहते हैं। पार्क्स ने युगांडा की मंबारारा यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के छात्रों के साथ काम कर धातु की एक ट्यूब के प्रयोग से एक डिजाइन तैयार किया जिसे स्थानीय वेल्डर आसानी से हासिल कर सकता है एवं फिट कर सकता है।
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पार्क्स ने कहा, “हमने सस्ती वस्तुओं से एक सांचा तैयार किया है जो दिनभर सूरज की रोशनी की दिशा का पता लगाने में सौर पैनल के लिए मददगार साबित होंगे।”उन्होंने कहा, “इस तरीके से विकासशील देशों के घरों एवं छोटे कारोबारों के लिए सौर ऊर्जा अधिक सस्ती और सुलभ बन सकती है।”