छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21107)

न्यू कोरबा हॉस्पिटल का *पांच वर्ष तक का सफर रहा बेहतर
कोरबा। वर्तमान में जहां चिकित्सक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा के नाम से लोगों को गुमराह करते हुए सिर्फ और सिर्फ अपना स्वार्थ पूरा करने में लगे हुए हैं, वहीं जिले में संचालित न्यू कोरबा हॉस्पिटल के डायरेक्टर व प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ शोभराज चंदानी अपनी इन्हीं सेवाओं को समाज के सामने प्रस्तुत कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा की बेजोड़ मिशाल पेश कर रहे हैं। अब तक डॉ. चंदानी ने न केवल अपने अस्पताल में तमाम मरीजों और उनके परिजनों को राहत पहुंचाई है बल्कि अपने अन्य सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर अन्यों के सामने भी उदारहण प्रस्तुत किया है।
बेहद सामान्य परिवार के डॉ. एस चंदानी जहां पले और बढ़े उस धरती का कर्ज चुकाने कोरबा में सर्वसुविधायुक्त हॉस्पिटल खोलने का निर्णय लिया। उन्होंने जनसेवा  के इस सफर की शुरुआत वर्ष 2014 में न्यू कोरबा हॉस्पिटल से हुई। इस सफर को अब पूरे 5 साल हो गए हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनके शून्य से शिखर तक की यात्रा किसी मिशाल से कम नहीं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदलते चेहरे का नाम बन चुके हैं, डॉ. एस चंदानी। कोई बदलाव रातों-रात नहीं आता, उसके पीछे एक गहन संघर्ष का दौर होता है। रोजाना बाजार में छोटे-मोटे सामान बेचने से लेकर बिलासपुर संभाग के चिकित्सा जगत में अपना विशिष्ट पहचान बनाने वाले सर्वश्रेष्ठ अस्पताल न्यू कोरबा हॉस्पिटल के डायरेक्टर बनने तक की यात्रा ऐसे ही गहन संघर्ष से सफलता तक का एक जीता-जागता उदाहरण है। डॉ. एस चंदानी के पिता आरएल चंदानी, देश विभाजन काल में परिवार के साथ चकरभाठा बिलासपुर के शरणार्थी शिविर पहुंचे। विभाजन के कारण उनका सब कुछ अखण्ड भारत के विभाजित पाकिस्तान वाले हिस्से में ही छूट गया, जिसके कारण उनके समक्ष आर्थिक व सामाजिक रुप से पुर्नव्यवस्थित होने की चुनौती खड़ी हो गई, जिसका सामना छोटे मोटे व्यवसाय कर डॉ. एस चंदानी के पिता को करना पड़ा। 6 वर्ष की आयु में डॉ.एस चंदानी अपने परिवार के साथ कोरबा आ गए। बचपन से ही पढ़ाई में कुशल होने के कारण वे स्कूल के शैक्षणिक सत्र के पूर्ण होने के पूर्व ही पढ़ाई पूरी कर लिया करते थे जबकि स्कूल का कोर्स अधूरा रह जाता था। बचपन से ही दुनिया से हटकर सोचने की इसी आदत ने उनकी सफलता के रास्ते खोल दिए। पढ़ाई के साथ ही जीवन का संघर्ष भी बदस्तूर जारी रहा, फिर चाहे वो रविवार को दर्री साप्ताहिक बाजार में साइकिल से जाना और सामान बेच 150-200 रुपए की कमाई करना हो या मौसमी दुकानों की कमाई द्वारा अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई का खर्च निकालना। एमबीबीएस के पश्चात एमएस ज्वाइन कर डॉ.एस चंदानी ने ऑल इंडिया में 190वां रैंक प्राप्त किया, 3 वर्ष ऑर्थोपेडिक की पढ़ाई करने के बाद 6 माह दिल्ली में कार्यरत रहे। इसी दौरान डॉ.एस चंदानी का विवाह डॉ. वंदना से हुआ। डॉ. वंदना चंदानी को भी अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में फिजियोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर की पोस्ट मिल गई।

ऐसे हुई सेवा की शुरुआत
डॉ.एस चंदानी ने अपनी एमएस की स्कॉलरशिप और पत्नी की तनख्वाह से एक-डेढ़ वर्ष की जमा-पूंजी जोड़कर कोरबा में एक क्लीनिक की शुरुआत की। डॉ. एस चंदानी ने अपनी आंखों से कोरबा के लोगों की चिकित्सकीय आवश्यकताएं व परेशानियां देखीं तथा चंदानी दंपत्ति के सेवा प्रयासों को जनता से बेहतर प्रतिसाद भी मिलता गया, जिसके हौसले से उन्होंने कोरबा में सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल का सपना देखा व उसे हकीकत का रुप भी दिया। काफी परिश्रम के बाद और कई जगह से सहायता के लिए ना सुनने के बाद भी अपने प्रयासों एवं डॉ. जीएल वाधवानी, डॉ. पालीवाल एवं डॉ. श्रीमती पालीवाल के सहयोग से उन्होंने कोरबा के सबसे बड़े अस्पताल की नींव रखी, जो कि गत पांच वर्षों में अत्याधुनिक मशीनों से लैस होकर बिलासपुर संभाग के चिकित्सा जगत में अपना विशिष्ट स्थान रखने वाला सर्वश्रेष्ठ सुपर स्पेश्यालिटी अस्पताल बन चुका है।

सभी सेवाएं 24 घंटे
स्थापना दिवस के मात्र 5 वर्षों में 2 लाख से अधिक मरीज यहां से खुशहाल घर लौटे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर विस्तार व गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी का ही नतीजा है कि किसी भी आपात स्थिति में एनकेएच प्रथम विकल्प बन चुका है। टीम एनकेएच में 17 विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित 450 चिकित्साकर्मियों के अलावा यहां अस्थि रोग, हृदय रोग, छाती रोग, स्त्री व शिशु रोग, मनोरोग, न्यूरो सर्जन विभाग, इंटरनल मेडिसिन, चर्म रोग सहित जनरल सर्जन 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। यह दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि बाजार जाकर सामान बेचने वाला शोभराज आज डॉ. एस चंदानी के रुप में हजारों बेरोजगारों को रोजगार व मरीजों को नया जीवन दे रहा है, यह वाकई एक ईश्वरीय प्रयोजन ही हो सकता है।

गरीबों के लिए चेरिटेबल ट्रस्ट
गरीबी को बचपन में नजदीकी से देखने के कारण डॉ. एस चंदानी गरीबों के दर्द को भी भलीभांति समझते है, इसलिए वर्ष 2009 से वे गरीबों के लिए एक चेरिटेबल ट्रस्ट भी चला रहे हैं, जहां आर्थिक रुप से असहाय मरीजों को मुफ्त व रियायती दरों पर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। कुछ समय पूर्व बाल्को कोरबा में आई बाढ़ के दौरान भी डॉ. एस चंदानी ने राहत शिविर लगाकर पीड़ितों के मुफ्त इलाज व भोजन सामाग्रियों की व्यवस्था करने का बीड़ा उठाया था। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए निर्धन परिवार से जुड़ी बालिकाओं को शिक्षा भी ग्रहण कराते आ रहे हैं। डॉ. एस चंदानी अपनी अब तक की पूरी सफलता का श्रेय अपने परिवार के सहयोग तथा जनता के प्यार एवं विश्वास को देते हैं, परंतु अपनी इस विशाल सफलता को भी वे अभी पूर्ण नहीं मानते। उनका यह ध्येय एवं दृष्टिकोण है कि आने वाले 5 वर्षों में कैंसर, हृदय की गंभीर समस्याएं, किडनी संबंधित गहन बीमारियों का उपचार भी न्यू कोरबा हॉस्पिटल में ही संभव करा पाएं ताकि लोगों को मजबूरीवश बड़े शहरों का रुख न करना पड़े, वे मानते हैं तभी उनकी सफलता पूर्ण होगी।

जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सावरकर पर दिए बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पलटवार किया है. रमन सिंह ने कहा भूपेश बघेल छोटी मानसिकता के हैं. उनके कहने से सावरकर के चरित्र पर कोई कीचड़ नहीं उछाल सकता है.

पूर्व सीएम डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि विनायक दामोदर सावरकर ने 11 साल काला पानी की सजा काटी है. भूपेश बघेल एक दिन काट कर दिखाएं. सावरकर को भारत रत्न मिलना चाहिए. पिछली सरकार का दोष था कि उन्हें नहीं मिला.

बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि गोडसे सावरकर का शिष्य था और यह एक ऐतिहासिक तथ्य है जिसे कोई नकार नहीं सकता है. सावरकर महात्मा गांधी की हत्या की साजिश का हिस्सा था. इससे कोई इनकार नहीं कर सकता है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न दिलाने का वादा किया है. इस वादे के साथ ही सावरकर को लेकर चर्चाओं का दौर एक बार फिर से शुरू हो गया है. पक्ष विपक्ष के नेता बयानबाजी कर रहे हैं.

 

रायपुर। दीपावली के पश्चात गोवर्धन पूजा मनाया जाता है। प्रदेश सरकार ने सुराजी गांव योजना के अंतर्गत निर्मित गौठानों में गोवर्धन पूजा के दिन गौठान दिवस मनाया जाएगा। राज्य सरकार के कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा सुराजी गांव योजना के तहत गोवर्धन पूजा के दिन गौठान दिवस मनाए जाने के संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

जारी निर्देश के अनुसार सुराजी गांव योजना के तहत चयनित गांवों में गौठान निर्मित किए गए हैं, जहां गौवंश प्रतिदिन आते है। गोवर्धन पूजा के दिन उन गौठानों में गौठान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है। कार्यक्रम में परम्परागत पूजा-अर्जना के अतिरिक्त गौठान दिवस के पूर्व गौठान समिति का गठन और गौठान समिति को औपचारिक रूप से कार्यभार गौठान दिवस में दिया जाएगा।

गौठान समिति को बैंकों में तत्काल खाता खुलवाने को कहा गया है ताकि नवम्बर माह से इन खातों में आबंटन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो सके। जिलों के सभी गौठान सेवा समिति के सदस्यों के नाम और खातों की जानकारी 10 नवम्बर तक संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि नवीन गौठान के लिए चयनित और स्वीकृत भूमि हो तो उनका भूमि पूजन पंचायत एवं ग्राम के समक्ष गौठान दिवस पर कराया जाएगा।

महिला स्व-सहायता समूहों को जो गौठान में विविध कार्य करते हैं और जो भविष्य में गौठान सेवा समिति के साथ गौठान कार्याें का संपादन करेंगे, इन सभी स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी गौठान दिवस के कार्यक्रम में सुनिश्चित करने को कहा गया है। गौठान दिवस के कार्यक्रम हेतु समय और रूपरेखा आदि स्थानीय स्तर पर तय किया जाएगा।

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी को पत्र लिखकर वर्ष 2019 का अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) का नोबेल पुरस्कार प्राप्त होने के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी है, साथ ही छत्तीसगढ़वासियों की ओर से छत्तीसगढ़ आने का न्यौता भी दिया।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने पर मैं आपको अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ। दुनिया भर में हर भारतीय के लिए यह गर्व का क्षण है, जो हमें ऐसी महानता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिसे दुनिया भर में उच्चतम स्तर पर मान्यता प्राप्त हो। नंगे पांव रहने वाले बच्चों, काली खांसी और स्कूल ड्रॉप आउट बच्चों के बीच संबंध जैसे मुद्दों पर संदर्भ-आधारित समाधानों पर आपका शोध कई लोगों को व्यावहारिक और कार्यान्वयन योग्य समाधान प्रदान करेगा और उन्हें अंतर्निहित जटिल व्यवहार संबंधी मुद्दों से निपटने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सशक्तिकरण लाने के लिए प्रतिबद्ध है। न्यूनतम आय योजना (एन.वाई.ए.वाई.) का विचार गरीबी और असमानता को दूर करने के हमारे प्रयासों का एक मार्गदर्शक सिद्धांत रहा है। राज्य ने गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण विकास की अपनी यात्रा नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के माध्यम से शुरू की है। राज्य सरकार ने संदर्भ आधारित रोजगार गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान के लिए कई पहल शुरू की हैं। मुझे यकीन है कि राज्य के विजन और भविष्य के रोडमैप पर आपका मार्गदर्शन हमारे तरीकों और मान्यताओं की पुष्टि करेगा, जिससे हम राज्य के हर एक व्यक्ति के विकास और सशक्तिकरण के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे।

मैं आपकी सुविधा के अनुसार राज्य के लोगों की ओर से छत्तीसगढ़ आने के लिए सौहार्दपूर्ण निमंत्रण देता हूं। राज्य की वर्तमान नीतियों और गरीबी उन्मूलन में तेजी लाने के लिए आवश्यक कदमों के साथ आपके साथ एक सुखद बातचीत एक उत्थान और स्थायी अनुभव होगा।

नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर में गांधी जी की 150वीं जयंती पर आज आयोजित गांधी विचार पदयात्रा में पोटाकेबिन, देवगांव के 150 अबुझमाड़िया स्कूली बच्चे गांधी जी की वेशभूषा के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। आज जिला मुख्यालय में पदयात्रा के समापन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ग्राम पंचायत माहका खेल मैदान से इंडोर स्टेडियम माहका तक गांधी विचार पदयात्रा रैली निकाली गई। जिसमें लोगांे को गांधी जी प्रेरणा दायी बातों एवं स्वच्छता एवं सत्य, अहिंसा का संदेश दिया गया। गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर इंडोर स्टेडियम में उनके जीवन से जुड़े दुलर्भ चित्र और प्रेरणादायी बातों को प्रदर्शित किया गया। जिसका अवलोकन कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और स्कूली बच्चों ने किया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों ने गांधी जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर स्मरण किया। 
आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय कला जत्था द्वारा स्थानीय भाषा-बोली में नाटक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से गांधी जी के स्वच्छता संदेश और सरकार की सुपोषण अभियान और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभकारी संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला उइके संबोधित किया और गांधी जी के विचारों को जीवन में उतारने का आव्ह्ान किया। रैली के अंत में सुपोषण एवं स्वच्छता रथ भी जागरूकता का संदेश देते हुए चल रहा था। कार्यक्रम को संगठन पदाधिकारी रजनु नेताम और शिवकुमार पांडेय ने भी संबोधित करते हुए गांधी जी के जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रेम कुमार पटेल, जिला शिक्षा अधिकारी गिरधर मरकाम, बीईओ श्री खेमेश्वर पाणीग्राही, सहित विधायक प्रतिनिधी श्री प्रमोद नेलवाल, श्री पंडीराम वड्डे, क्षेत्र के जनप्रतिनिधी, गणमान्य नागरिक सहित स्व सहायता समूह की महिलायें एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे। 

राज्य में संचालित हो रही राज्य स्तरीय आंकलन परीक्षा का संचालक लोक शिक्षण श्री एस.प्रकाश द्वारा शालाओं में जाकर सघन निरीक्षण किया जा रहा है। श्री एस.प्रकाश ने आज रायपुर जिले की प्राथमिक शाला बीरगांव, प्राथमिक शाला उरला, पूर्व माध्यमिक शाला सिलतरा का औचक निरीक्षण किया। 
निरीक्षण के दौरान कहीं-कहीं परीक्षा के बाद बच्चे इधर-उधर घूमते नजर आए, जिस पर संचालक लोक शिक्षण द्वारा प्रधानपाठक को निर्देश दिया कि परीक्षा के बाद बच्चों की नियमित कक्षाएं ली जाए। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी को परीक्षा के बाद कक्षा संचालित किए जाने के संबंध में निर्देशित किया। 


श्री एस.प्रकाश ने निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता को तो ठीक पाया, लेकिन बच्चों के द्वारा भोजन एक स्थान पर ग्रहण नहीं कर शाला परिसर में कहीं भी बैठकर खाते पाये गए। उन्होंने इस संबंध में बच्चों को बरामदे में टाट पट्टी बिछाकर एक साथ बिठाकर भोजन कराये जाने के निर्देश दिए। 
श्री एस.प्रकाश ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मांढर में हायर सेकेण्डरी शाला में संचालित हो रही परीक्षा का निरीक्षण करने के बाद प्रयोगशाला कक्ष का निरीक्षण किया। सभी विषयों के नियमित प्रेक्टिकल कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में राज्य के अन्य जिलों में उनके द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। राज्य स्तर के अधिकारियों के द्वारा राज्य स्तरीय आंकलन परीक्षा को गंभीरता से लिया जा रहा है। 

 

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कल इंडोर स्टेडियम में आयोजित देसी टॉक कवि सम्मेलन का शुभांरभ किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। इस अवसर पर राज्यपाल सुश्री उइके ने संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य जगत में ऐसा माना जाता है कि जहां रवि नहीं पहुंच पाता है, वहां कवि पहुंच जाते हैं। कवि और उसकी कविता समाज का दर्पण होता है।

समाज में जो भी घटना घटती है या परिवर्तन आता है उसे वह देखता है उसको अपनी कविता के माध्यम से सभी के समक्ष प्रस्तुत करता है। कविता के माध्यम से कही गई बातें सभी व्यक्तियों के दिलों-दिमाग तक पहुंच जाती है और व्यक्ति उस पर आचरण करना प्रारंभ कर देता है। इसलिए कवियों को चाहिए कि वे समाज के समक्ष उन सभी बातों और परिवर्तनों को लाएं जो आदर्श समाज के निर्माण के लिये आवश्यक हों।  

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई प्रतिष्ठित कवि हुए हैं, जिन्होंने प्रदेश का मान बढ़ाया है, उन्हें मैं नमन करता हूं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, श्री विकास उपाध्याय सहित राज्यपाल के सचिव श्री सोनमणि बोरा भी उपस्थित थे। आयोजकों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कवि सम्मेलन में विख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने काव्यपाठ से समा बांधा। साथ ही पद्मश्री श्री सुरेंद्र दुबे, सर्वश्री मीर अली मीर, विनीत चौहान, रमेश मुस्कान, अंकिता सिंह, किशोर तिवारी, पद्मलोचन शर्मा अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।

संचारण संधारण संभाग दुर्ग के 51 बकायेदारों से 09 लाख 42 हजार रु. से अधिक की वसूली
दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र द्वारा बकायेदार उपभोक्ताओं से बकाया राजस्व वसूली के लिए चलाये जा रहे सघन अभियान के तहत संचारण-संधारण संभाग दुर्ग में कार्यपालन अभियंता ए.डी.टंडन एवं उनकी टीम द्वारा की गई कार्यवाही में 51 बकायेदारों से 09 लाख 42 हजार रुपए से अधिक की वसूली की गई। इसी कड़ी में बार-बार समझाइस देने के बावजूद बिजली बिल जमा नहीं करने वाले 76 बकायेदार उपभोक्ताओं के लाइन काट दी गई। साथ ही कटे हुए कनेक्षनों की पुन: जांच भी की जा रही है। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि विद्युत विच्छेदन एवं बकाया वसूली की यह मुहिम निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं को आगाह करते हुए कहा है कि बिना पैसा जमा किए पास-पड़ोस अथवा खंभे से हुकिंग कर बिजली का प्रयोग ना करें अन्यथा उनके विरुद्ध धारा 138 एवं धारा 135 के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जाऐगी।
    उल्लेखनीय है कि संचारण-संधारण संभाग दुर्ग के अंतर्गत 347 गांव आते हैं। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि सहायक एवं कनिश्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों की गठित टीम द्वारा सभी गांवों में कार्यवाही निरंतर चलती रहेगी। कार्यपालन अभियंता  ए.डी.टंडन ने उपभोक्ताओं को कहा कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली का बिल बकाया है उनको ''हाफ  बिजली बिल स्कीमÓÓ का लाभ नहीं मिलेगा, परंतु यदि बकाया राशि जमा कर देते हैं तो जमा करने की तारीख से इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

दुर्ग। गांधी विचार पदयात्रा के छंठवे दिन ब्लाक कांग्रेस कमेटी गुंडरदेही के अध्यक्ष सुरेश साहू के नेतृत्व में ग्राम कलंगपुर-फुंडा-बोरगहन चौक-अचौद तक पदयात्रा किया गया जिसमें महात्मा गांधीजी के जीवन दर्शनए उनके आदर्शोंएसिद्धांतों एवं छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा 2 अक्टूबर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जन.जन तक पहुंचाया गया!ग्राम फुंडा के नक्सली हमले में शहीद हुए जवान स्व लोकेश साहू के प्रतिमा का माल्यार्पण कर उनके परिजनों का सम्मान किया गया!अचौद हाईस्कूल में कांग्रेस पदाधिकारियों द्वारा बच्चों को सुपोषण किट एवं हितग्राहियों को सामाजिक सहायता योजना का चेक  वितरित किया गया!Ó
     पदयात्रा में प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस बालोद से नियुक्त प्रभारी डॉ नारायण साहू, युवा कांग्रेस अध्यक्ष नुरुल्ला खान,भाठागांवजोन अध्यक्ष सलीम खान,महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीमती अनीता साहू, ब्लाक कांग्रेस उपाध्यक्ष कमलेश चंद्राकर, महामंत्री भोजराज साहू, सेवादल प्रमुख चुनुराम चंद्राकर, शक्कर कारखाना करकाभाट के अध्यक्ष बलदू राम साहू, सेक्टर प्रभारी तरुण साहू, मोधवेन्द्र साहू, बलराम अंगारे, प्रतापचन्द जैन, गिरेन्द्र यादव, सुनील चंद्राकर, मोजीराम साहू, डॉ मानसिंह सार्वा, निजानन्द चंद्राकर, राजेन्द्र जैन, डुपेंद्र साहू, रवि तिवारी, सरपंच गोविंद सिन्हा, संतकुमार चंद्राकर, श्रीमती अनुसुइया चंद्राकर, बूथ अध्यक्ष नेतराम सिन्हा, रामजी ठाकुर, चेलाराम साहू,रामकुमार साहू, रेखुराम ठाकुर, सेत राम साहू, बलदेव साहू, उमेंद राम साहू, अक्तूराम साहू, दयालूराम,  सहित ग्रामवासी, प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, शाला परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं कांग्रेसजन बड़ी संख्या में उपस्थिति रहे।
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नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस अपनी हार से डरी हम लगातार करेंगे विरोध
बालोद। नगरीय निकाय चुनाव में अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर-अध्यक्ष चुनाव पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिश को भाजपा जिला बालोद द्वारा  लोकतांत्रिक मूल्यों से खिलवाड़ बताया गया और जमकर विरोध किया गया जिले के भाजपाई इसका विरोध करते हुए भाजपा कार्यालय से निकले और जबरदस्त नारेबाजी करते हुए पूरा शहर भ्रमण किया जहां एसडीएम कार्यालय पहुंच कर भी भाजपाइयों ने विरोध दर्ज कराते हुए राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
    जिला भाजपा महामंत्री कृष्णकांत पवार ने कहा कि कांग्रेस का यह निर्णय बेहद गलत है कांग्रेस ने प्रदेश के लोकतांत्रिक वातावरण को प्रदूषित करने और चुनाव बाद पवित्र जनादेश के साथ मनमाना खिलवाड़ करने का अपना मंसूबा जाहिर किया है। प्रदेश सरकार की यह कवायद साफ  करती है।
       विधानसभा चुनाव में भाजपा से प्रत्याशी रहे पवन साहू ने कहा कि कांग्रेस जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों कुचलकर अपनी राजनीतिक मनमानी करने पर आमादा है और लोकतंत्र कांग्रेस के लिए कोई मायने नहीं रखता आगे उन्होंने कहा कि अपने कर्मों और विफलताओं के बोझ से छटपटाती कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार को नगरीय निकाय चुनाव में अपनी हार का साफ संकेत मिल चुका है और इसीलिए उसने इस तरह का अलोकतांत्रिक कदम उठाया है।
       पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल नेतृत्व वाली प्रदेश कि भाजपा सरकार लोकसभा चुनावों के परिणामों से भयभीत है शायद यही कारण है कि इस तरह के फैसले ले रही है  आगे उन्होंने कहा कि ईवीएम के बजाय मतपत्र और महापौर-अध्यक्ष चुनाव पार्षदों से कराकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस लोकतंत्र पर कब्जा करने का षड्यंत्र रच रही हैं उन्होंने आगे कहा कि अपनी विफलताओं से घबराए और गत लोकसभा चुनाव के नतीजों में अपना सूपड़ा साफ होने से भयभीत कांग्रेस नेता और प्रदेश सरकार ने अपने कर्मों पर पर्दा डालने के लिए यह निर्णय लिया है।
     इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से कुलदीप कत्याल विनोद कौशिक भाजयुमो जिलाध्यक्ष अमित चोपड़ा पार्षद नितेश वर्मा मोहन कलिहारी छगन देशमुख पंकज आहूजा राजीव शर्मा शरद ठाकुर अश्वन बारले  तोमन साहू प्रदीप कोशारिया एल्डरमैन विनोद जैन लोकेश श्रीवास्तव नरेंद्र सोनवानी प्रेम साहू सहित अन्य मौजूद रहे।

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