ईश्वर दुबे
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समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी
जीएसटी 2.0 से आम जनता को राहत, कर राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि
पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शी
रायपुर, / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें वित्त विभाग के लिए 9 हजार 630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 01 हजार 247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।
अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और समावेशी विकास के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देना है।
आवास, पर्यावरण और नवा रायपुर के विकास पर सरकार का फोकस
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आवास एवं पर्यावरण विभाग की मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव सुरक्षित और सम्मानजनक आवास पर टिकी होती है, इसलिए राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 442 करोड़ रुपये की 3219 संपत्तियां लंबे समय से अविक्रित थीं और मंडल पर शासकीय कॉलोनी निर्माण के लिए 735 करोड़ रुपये का ऋण था। राज्य शासन ने ऋण के एकमुश्त भुगतान के लिए बजट में व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है। इसके तहत अब तक 1410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपये में विक्रय किया जा चुका है। भविष्य की परियोजनाओं के लिए मंडल ने मांग आधारित निर्माण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत पर्याप्त बुकिंग मिलने के बाद ही नए आवासों का निर्माण शुरू किया जाएगा।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा बेहतर वित्तीय स्थिति में आने उपरांत प्रदेश भर में नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में 3069 करोड़ के 78 नवीन प्रोजेक्ट की लॉचिंग की गई है जिसके अंतर्गत 16782 नवीन प्रापर्टी निर्माण का लक्ष्य है। जल्द ही मंडल द्वारा शेष जिलों में भी नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जावेगा। मंडल के इस प्रयास को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बुकिंग प्रारंभ करने के लिए राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन नवम्बर 2025 में किया गया, जिस दौरान 305 करोड़ की 1477 संपत्ति की बुकिंग केवल तीन दिनों में प्राप्त हुई।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि विगत दोे वर्ष में पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परिवहन के दौरान कच्चे माल, फ्लाई ऐश एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के उड़ने एवं गिरने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) जारी किया गया है, जिसमें फ्लाई ऐश के समुचित प्रकार से ढककर परिवहन किये जाने का प्रावधान है। उक्त एस.ओ.पी. 01 अगस्त 2024 से प्रभावशील है। एस.ओ.पी. के उल्लंघन की लगातार मानिटरिंग की जा रही है तथा उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाती है।
उद्योगों द्वारा जनित फ्लाई ऐश के निष्पादन के मानिटरिंग हेतु जी.पी.एस. तथा जियोटैगिंग के साथ फ्लाई ऐश के परिवहन/भू-भराव की मानिटरिंग हेतु इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट एण्ड मानिटरिंग सिस्टम (आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस.) विकसित किया गया है। आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस. प्रारंभ होने के पश्चात् प्रदेश में कुल 1 लाख 44 हजार 291 ट्रीप की गई है।
नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार : श्री रामविचार नेताम
“संकल्प” से ही हासिल करेंगे विकास की सिद्धि
मत्स्य बीज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अब देश में 5वें स्थान पर
नवा रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय के अध्ययन के लिए आ रहे देश-विदेश के विशेषज्ञ
बीजापुर में बनेगा 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय
रायपुर, / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रूपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रूपए, मछली पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39,568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रूपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित व्यय के लिए 447 करोड़ 30 लाख रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रूपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए शामिल हैं।
कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूलभाव खेती-किसानी से जुड़ा है। यह हमारी आत्मा में बसी हुई है। राज्य में 70-80 प्रतिशत लोगों की कृषि पर निर्भरता है। छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश भी है। राज्य में विश्व स्तरीय जनजातीय संग्रहालय बनाकर हमने इतिहास में जगह नहीं पाने वाले जनजातीय नायकों को स्थान दिया है। हमारे इस विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय के अध्ययन के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और अधिकारी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर अमन-चैन और खुशहाली के रास्ते की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हमने “संकल्प” की थीम पर तैयार किया है। इस “संकल्प” से ही हम राज्य के विकास की सिद्धि को हासिल करेंगे।
श्री नेताम ने सदन में कहा कि कृषि उन्नति योजना के माध्यम से हम राज्य के किसानों का धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को हर साल 10 हजार रूपए की आदान राशि दे रहे हैं। इससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए गए कल्याणकारी फैसलों से खेती अब लाभ का व्यवसाय हो गया है। साथ ही खेती का रकबा बढ़ रहा है, किसान समृद्ध और किसान खुशहाल हो रहे हैं।
आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में खाद्य पोषण सुरक्षा और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों एवं पड़ती भूमि में मसूर, तिवरा, चना जैसे दलहनी फसलों की खेती के लिए उन्नत बीज तैयार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक फसली जमीन को दो फसली बनाने के काम को अभियान के रूप लेना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देने हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहले भी हमारी सरकार ने गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया है, शेष जिलों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरसों, अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की जा रही है।
श्री नेताम ने सदन में बताया कि किसानों के लिए हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने कम पानी में अधिक फसल लेने की तकनीकों की जानकारी भी दी जा रही है। किसानों को “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
Major achievement for Chhattisgarh in maternal health and nutrition; secures first place in implementation of the Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana
Raipur, March 11, 2026
Chhattisgarh has achieved a significant milestone in the field of maternal health and nutrition by securing the first position among large states in the country in the implementation of the Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana.
In this regard, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that due to the state government’s commitment towards the health, nutrition and safe motherhood of women in the state, Chhattisgarh has secured the first position in the country among large states in the implementation of the Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana.
As per information, in the national ranking, Chhattisgarh recorded outstanding performance with 93.37 per cent enrolment, an approval rate of 83.87 per cent, and 93.95 per cent of grievances resolved promptly. This achievement reflects the effective and transparent implementation of the scheme in the state.
Acknowledging the efforts of the entire team of the Women and Child Development Department and the dedicated Anganwadi workers for this success, Shri Sai said that due to their tireless efforts, the benefits of the scheme are reaching lakhs of pregnant women in the state on time, further strengthening maternal and child healthcare services.
"Healthy future for mothers and infants forms the strong foundation of a prosperous Chhattisgarh, and the state government is continuously making efforts to further strengthen programmes related to maternal and child health," said Shri Sai.
108 Maoists Carrying ₹3.29 Crore Bounty Surrender in Jagdalpur; 44 Women Among Them
Raipur, March 11, 2026// Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai described the ongoing campaign against Maoist violence in the Bastar region as a major success, saying that in Bastar today trust is beginning to prevail over violence. Referring to the surrender of 108 armed Maoist cadres carrying bounties worth ₹3.29 crore in Jagdalpur, he said the decision to leave violence and return to the mainstream reflects the positive transformation underway in the region towards peace, good governance and development.
Chief Minister noted that 44 women cadres were among those who surrendered, describing it as a significant sign of growing confidence among people in the region to move forward on the path of peace and development.
Chief Minister Shri Sai said that due to the state government’s rehabilitation policy, coordinated action by security forces and the accelerated pace of development in Bastar, many Maoists are abandoning the path of violence and joining the mainstream of society. As a result, he said, the atmosphere of peace in Bastar is growing stronger and positive changes are becoming visible in the lives of common people.
He appreciated the courage of the security forces, the dedicated efforts of the administration and the cooperation of local residents in making this achievement possible. Chief Minister said the people of Bastar now aspire to move forward towards development and prosperity, free from fear and violence.
Chief Minister Shri Sai said that under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi and the guidance of Union Home Minister Shri Amit Shah, decisive action is being taken against Left-wing extremism. Chhattisgarh government, he added, is working in close coordination with the Centre to move firmly towards the complete eradication of Maoism.
He said the state government’s goal is to build a fear-free, peaceful and developed Chhattisgarh, including Bastar. Continuous efforts are being made on three fronts — security, development and trust — to achieve this objective.Chief Minister said the government remains firmly committed to building a fear-free and developed Chhattisgarh.
Planned development of the capital region will provide a new growth engine to Chhattisgarh: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
State Capital Region to be developed on the lines of metropolitan cities; modern infrastructure and connectivity to get a boost
Organised development of housing, education, healthcare, trade and commerce, connectivity and modern infrastructure to be accelerated in SCR
Works related to SCR to be completed as per the approved plan and timeline; Chief Minister directs regular high-level review of progress
Raipur, March 11, 2026
The first meeting of the Chhattisgarh State Capital Region Development Authority (State Capital Region – SCR) was held on Wednesday under the chairmanship of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai at his office in the Vidhansabha Assembly complex. The meeting discussed in detail the objectives, functioning and activities of the authority, as well as the action plan for the comprehensive and planned development of the capital region.
Addressing the meeting, Chief Minister Shri Sai said the authority has been envisaged to provide organised housing, education, healthcare, trade and commerce facilities, and better employment opportunities in view of the rapidly increasing population of the capital region. He said the first meeting of the authority was highly meaningful and the positive outcomes of the detailed discussions on various issues will become visible in the coming time.
Chief Minister Shri Sai said that Raipur and the surrounding cities are rapidly developing into a large urban cluster, and therefore there is a need for balanced and planned development on the lines of major metropolitan cities. He said public expectations have increased following the announcement of the State Capital Region and fulfilling these expectations is a priority for the government. He directed officials to ensure that all works are completed as per the approved plan and timeline, and that progress is reviewed regularly at a high level.
It was informed in the meeting that Raipur and its surrounding areas will be developed as the State Capital Region (SCR), which will include Raipur, Durg–Bhilai, Nava Raipur Atal Nagar and nearby areas. The region will be developed on the lines of major metropolitan cities and is expected to emerge as a key growth engine for Chhattisgarh in the future.
The meeting also discussed the development of regional mobility and logistics in the capital region, conducting a techno-economic feasibility study for metro operations, carrying out survey works and appointing expert consultants for the same. Proposals regarding delegation of administrative and financial powers to the authority, appointment of chartered accountants for audit services and engagement of expert consultants for the planning division were also deliberated upon.
The meeting also considered the action plan for preparing the Capital Region Development and Investment Plan. This will include proper identification of investment zones, necessary surveys, research and studies, and preparation of a phased implementation strategy for projects. It was also agreed to issue necessary directions to simplify the process of land development and allotment in the capital region. Information was also shared regarding a provision of Rs 27 crore for the initial activities of the authority.
जगदलपुर में ₹3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 44 महिला कैडर भी शामिल
रायपुर 11 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में ₹3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बस्तर के लोगों में अब विकास और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों तथा बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इससे बस्तर में शांति का वातावरण मजबूत हो रहा है और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों के साहस, प्रशासन के प्रयासों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग अब भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है। इसके लिए सुरक्षा, विकास और विश्वास—इन तीनों मोर्चों पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का अटल संकल्प है।
माताओं के स्वास्थ्य और पोषण में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि : प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में मिला पहला स्थान
रायपुर 11 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश की माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन में बड़े राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर तथा 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान का रिकॉर्ड दर्ज किया है। यह उपलब्धि राज्य में योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता का श्रेय महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम और समर्पित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि इनके अथक प्रयासों से प्रदेश की लाखों गर्भवती माताओं तक योजना का लाभ समय पर पहुँच रहा है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मां और शिशु का स्वस्थ भविष्य ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
राजधानी क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास से छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा स्टेट कैपिटल रीजन, आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति
एससीआर में व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य, कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना का होगा तेजी से विकास
निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं एससीआर के काम, मुख्यमंत्री ने प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा के दिए निर्देश
रायपुर, 11 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (स्टेट कैपिटल रीजन – SCR) की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, गतिविधियों तथा राजधानी क्षेत्र के समग्र और योजनाबद्ध विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की परिकल्पना शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पहली बैठक अत्यंत सार्थक रही है और विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा के सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर और आसपास के शहर तेजी से विकसित होते हुए एक बड़े शहरी क्षेत्र का रूप ले रहे हैं, इसलिए महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा से जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं और इन अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं तथा प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर और आसपास के क्षेत्र शामिल होंगे। यह क्षेत्र बड़े महानगरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।
बैठक में राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर विचार किया गया। साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति और प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का विधिवत चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध रूप से परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही राजधानी क्षेत्र में भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति बनी। बैठक में प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी गई।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ व्यापार, वाणिज्य और उद्योग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से राजधानी और आसपास के शहरों में योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे
Respect for Constitutional Dignity is Essential; Nation will never tolerate Insult to Tribal Community and Women’s Strength: Chief Minister
Raipur, March 11, 2026/ Chief Minister of Chhattisgarh Shri Vishnu Deo Sai has written a strongly worded letter to West Bengal Chief Minister Ms Mamata Banerjee expressing deep objection to the recent treatment towards the Hon’ble President of India, Smt Droupadi Murmu.
In his letter, Chief Minister Shri Sai stated that the manner in which the country’s first woman President from the tribal community was treated amounts not merely to disrespect towards an individual, but an affront to the nation’s highest constitutional institution, the tribal community and the collective dignity of womanhood.
Shri Sai wrote that India’s democratic traditions and political decorum have long been respected across the world. The nation’s culture has always encouraged differences of opinion without allowing them to turn into bitterness. However, he observed that even the minimum courtesies expected towards the office of the President, the highest constitutional authority of the country, were not observed, which runs contrary to democratic values.
The Chief Minister further remarked that it was particularly unfortunate that just ahead of International Women’s Day, negligence in arrangements and conduct during the visit of a woman President from a tribal background resulted in an incident that he described as deeply condemnable and regrettable. He said the episode has hurt the sentiments of crores of tribals, backward communities, Dalits and women across the country.
In his letter, Shri Sai also pointed out that this is perhaps the first instance when the President herself has had to publicly express her anguish over the conduct of a state government. He noted that such a situation is extremely concerning in the democratic history of the country and has also cast a shadow on the image of a respected state like West Bengal.
Referring to the incident in Sandeshkhali, the Chief Minister said that the developments there, particularly those concerning women from tribal communities, had earlier shaken the conscience of the entire nation. He asserted that such treatment of deprived and tribal communities cannot be accepted under any circumstances.
Shri Vishnu Deo Sai has urged Ms Mamata Banerjee to acknowledge the lapse and apologise to the nation and society, while assuring the country that due respect will be maintained towards democratic institutions and constitutional offices in the future.
He emphasised that in India’s democratic framework, the President symbolises the highest constitutional authority, and the dignity of democracy itself is intrinsically linked to the respect accorded to that office. He stressed that constitutional posts must be respected above all political differences.
The Chief Minister stated unequivocally that the issue concerns the dignity of a President who represents the tribal community, and therefore relates to the pride and self-respect of the entire nation. He added that, keeping in view the sentiments of the country and society, responsible steps must be taken in this matter.
राज्य के चिन्हांकित 43 जनजातियों और उपजातियों की संस्कृति, परिधान और चित्रकला का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय कलाकार होंगे शामिल
सजेगा आदि रंग, परिधान और हाट
रायपुर, 11 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में ’परम्परा से पहचान तक’ - आदि परब - 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी आज टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने दी।
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर ‘आदि परब-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे l आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है।
पहली बार एक मंच पर दिखेंगी 43 जनजातियों की वेशभूषाएँ
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हाथों से बने वस्त्रों से तैयार ये परिधान जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।
‘आदि रंग’ में चित्रकला के माध्यम से जल-जंगल-जमीन का संदेश
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आदि परब के तहत “आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव” भी आयोजित होगा। इस महोत्सव में जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में 155 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18-30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की दो श्रेणियों में होगी।
दोनों श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दोनों आयु वर्गों के 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।
आदि-हाट में मिलेगा जनजातीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
श्री बोरा ने बताया कि आयोजन के दौरान “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे।
यूपीएससी में चयनित जनजातीय युवाओं का होगा सम्मान
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के सहयोग से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी श्री डायमंड सिंह ध्रुव और श्री अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर ‘प्रयास’ संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।