ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
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दिल्ली। में चोर इतने बेखौफ हो गए हैं, कि चार दिन पहले उद्घाटन हुए दिल्ली मेट्रो की केबल काट ले गए. जिस मेट्रो लाइन का देश के प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया हो, उस लाइन की केबल कट जाना हैरानी की बात है. चोरों ने ना सिर्फ केबल काटी बल्कि दिल्ली मेट्रो की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया. फिलहाल, पुलिस ने केबल काटने के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार, दीपाली चौक-मजलिस पार्क के बीच 9.9 किलोमीटर लंबे रूट पर लगी करीब 1000 मीटर केबल चोरी हो गई. डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि केबल चोरी होने की वजह से सिग्नल सिस्टम में बाधा आई. हालांकि इस दौरान भलस्वा से मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के बीच चलाई गई, लेकिन स्पीड सिर्फ 25 किलोमीटर प्रति घंटे ही रही. गुरुवार को दिनभर यह रूट बंद रहा. अगर ऐसे में केबल बिछाई भी जाएगी, तो सबसे पहले संचालन को बंद करना पड़ेगा. बिना बंद करे केबल नहीं बिछाई जा सकती।
मुख्य चुनाव। आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने संसद में नोटिस दिया है. नोटिस देने में राज्यसभा और लोकसभा दोनों संसद के सदस्य शामिल हैं. यह पहली बार है, जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई की गई है. अगर कोई दल लोकसभा में नोटिस देता है, तो नियमों के अनुसार उसके पास लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों की सहमति जरूरी है. लेकिन विपक्ष ने 193 सांसदों का समर्थन पाकर यह आंकड़ा पार कर लिया है और नोटिस जारी किया है. इसमें मुख्य विपक्षी दलों के साथ ही इंडिया गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां और कुछ निर्दलीय सांसद शामिल हैं. जानकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस देने का कदम तृणमूल कांग्रेस पार्टी का है, जिसका समर्थन सभी इंडिया गठबंधन के सभी छोटे-बड़े दलों के सांसदों ने दिया है. नोटिस में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं. जिसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करना, बडे़ पैमाने पर मतदाता वंचित करना, पक्षपातपूर्ण आचरण, चुनावी धांधली की जांच में जानबूझकर बाधा डालना शामिल है. विपक्ष ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए लाखों मतदाताओं के नाम हटाए हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बड़े आरोप लगाए हैं।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। अदालत ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह व्यक्ति पिछले सात साल से अधिक समय से जेल में बंद है और उसकी अपील पर फिलहाल जल्दी सुनवाई होने की संभावना नहीं है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने मनोज कुमार गुप्ता की अपील स्वीकार करते हुए पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पहले उनकी सजा को निलंबित करने और जमानत देने से इनकार किया गया था। मनोज कुमार गुप्ता ने मई 2025 में पटना हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
बाड़मेर। राजस्थान में अभी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी कि अब झाक मठ के मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज का शव मिलने से हर कोई हैरान है। बाड़मेर जिले के झाक गांव में 57 साल के महंत पारसनाथ महाराज का शव गुरुवार सुबह मठ परिसर में बने पानी के में पड़ा मिला। लोगों हैरान है कि आखिर महंत की मौत कैसे हुई। मठ सेवकों ने बताया कि गुरुवार तड़के करीब 5 बजे रोज की तरह टांके यानी कुंड से पानी लेने गए थे। तभी उन्होंने देखा कि महंत पारसनाथ पानी में तैर रहे हैं। जब हिलाडुलाकर देखा तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना गांव वालों और पुलिस को दी।
पं. ख़ुशीलाल शर्मा शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "नेत्रम-2026" हुई सम्पन्न
केंद्र से मिली कई अहम मंजूरियां
मुख्यमंत्री के प्रयासों से किसानों को मिली अहम सौगातें
तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी संबंधी मिला स्वीकृति-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान से की मुलाकात
सदस्यों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया स्वागत
युद्ध के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों की वापसी के किए गए प्रयासों की प्रशंसा की
लाड़ली बहना योजना ने बहनों को बनाया स्वावलंबी
मुख्यमंत्री ने आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को दी मंजूरी
भितरवार पीएचसी बनेगा सिविल अस्पताल
घाटीगांव उप स्वास्थ्य केंद्र का भी होगा उन्नयन
भितरवार और घाटीगांव में खुलेंगे आईटीआई केंद्र
घाटीगांव में शबरी माता और भगवान देवनारायण धाम बनेगा
घाटीगांव, चिनोर और करैया में बनेंगे सांदीपनि विद्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ बहनों के खातों में अंतरित किए 1836 करोड़ रुपये
ग्वालियर जिले को दी 122 करोड़ रुपये के 54 विकास कार्यों की सौगात
रायपुर :
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी की। इस दौरान देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।
अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना राशि अंतरण एवं पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में कुल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो किसानों के परिश्रम और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है।
अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों को बोनस राशि प्रदान की गई और 13 लाख किसानों के खातों में 3 हजार 716 करोड़ रुपये अंतरित किए गए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई
परियोजना भी शुरू की गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमं
सहायक प्राध्यापक के 625, ग्रंथपाल के 50 एवं क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर होगी नियुक्ति
रायपुर, 13 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण एवं सहायक सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। विभाग द्वारा सहायक प्राध्यापक के 625 पद, ग्रंथपाल के 50 पद तथा क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
उच्च शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार आरक्षण रोस्टर और विषयवार रिक्तियों का निर्धारण करते हुए उनका विस्तृत रोस्टर ब्रेक-अप भी तैयार कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को 24 फरवरी 2026 को विस्तृत जानकारी के साथ पत्र भी भेजा जा चुका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के हिन्दी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, गणित, रसायन शास्त्र, वनस्पति शास्त्र एवं प्राणीशास्त्र के 50-50 पदों, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल के 25-25 पदों, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के 15, वाणिज्य के 75, विधि के 10 पदों पर भर्ती के साथ ही क्रीड़ा अधिकारी के 25 पद तथा ग्रंथपाल के 50 पदों सहित कुल 700 पदों पर भर्ती की जाएगी।
विभाग द्वारा इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, भर्ती नियम, श्रेणीवार पदों की संख्या, परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम तथा विज्ञापन प्रारूप भी छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को प्रेषित कर दिया गया है। आयोग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात भर्ती संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिसके माध्यम से योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इन पदों पर नियुक्ति से राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ता मिलेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।
यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य के महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग द्वारा प्रत्येक स्वीकृत पद के विरुद्ध अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था सहायक प्राध्यापक एवं प्राध्यापक पदों के साथ-साथ ग्रंथपाल तथा क्रीड़ा अधिकारी के पदों पर भी लागू है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की शैक्षणिक बाधा का सामना न करना पड़े। विभाग द्वारा नियुक्त अधिकांश अतिथि शिक्षक पीएच.डी. उपाधिधारी हैं तथा नेट एवं सेट जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं से योग्य हैं। ये शिक्षक वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।