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Target to establish 1,460 Gaudhams in the state for protection of stray and abandoned cattle

Raipur, March 13, 2026 /

The Chhattisgarh government is launching the “Gaudham Yojana” for the protection of stray and abandoned cattle in the state and for their safety and well-being.

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai will launch this scheme on March 14 at the Guru Ghasidas Central University Auditorium in Bilaspur district. On this inauguration, out of these 29 Gaudhams - one will be inaugurated in Village Lakhasar of Takhatpur and 28 in 10 other districts of the state through virtual mode.

On this occasion, Agriculture and Livestock Development Minister Shri Ramvichar Netam, Chairman of the Chhattisgarh Gauseva Commission Shri Visheshar Patel, along with other local public representatives will be present.

It is noteworthy that under the Gaudham Yojana, a target has been set to establish 10 Gaudhams in each development block of the state. Accordingly, a total of 1,460 Gaudhams will be established across the state, where basic facilities such as sheds, fencing, drinking water and electricity will be made available for the cattle.

Officials of the Livestock Development Department informed that under the scheme, administrative approval for 36 Gaudhams has already been granted by the government. Out of these, 29 Gaudhams have been registered with the Chhattisgarh State Gauseva Commission. The main objective of the Gaudham Yojana is to ensure protection and promotion of stray, wandering and seized cattle.

Under the scheme, those government sites will be registered where the necessary basic infrastructure for livestock protection is already available. The registration of these sites will be carried out through the Chhattisgarh State Gauseva Commission.

The Gaudhams will be operated by registered Gaushala committees, voluntary organizations, NGOs, trusts, Farmer Producer Companies and cooperative societies.

The state government will provide financial assistance under various heads for the operation of the Gaudhams. Under this, for the nutritional feed of cattle, assistance of Rs 10 per animal per day will be provided in the first year, Rs 20 in the second year, Rs 30 in the third year and Rs 35 per day from the fourth year onwards.

In addition, a provision of Rs 5 lakh per year has been made for infrastructure construction and repair. Along with this, shepherds will be given an honorarium of Rs 10,916 per month and “gau-sevaks” will be given Rs 13,126 per month.

To promote fodder development in Gaudhams, annual assistance of Rs 47,000 per acre will be provided. A maximum annual assistance of Rs 2.35 lakh has been provisioned for up to 5 acres of land. Arrangements have been made to house about 200 cattle in each Gaudham. This scheme will reduce the problem of stray animals roaming on roads and in villages and will also promote cattle conservation.

 
 
छत्तीसगढ़ जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने किया शुभारंभ
 
आदि रंग, परिधान और हाट के रंगों में रंगा जनजातीय परब
 
जनजातीय समाज का रैंप शो में दिखा उत्साह
 
रायपुर, 13 मार्च 2026/राजधानी में आदि परब का रंगारंग आज आगाज हुआ। जनजातीय समाज के इस दो दिवसीय उत्सव में छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकार शामिल हो रहे हैं। आदि परब की थीम ’परम्परा से पहचान तक’ रखी गई है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कल 14 मार्च को आदि परब के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम सहित जनजातीय समाज के पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
 
आदि परब का शुभारंभ नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने किया। राज्य अंत्याव्यावसायी आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेहरा, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, टीआरटीआई के संचालक श्री हिना अनिमेष नेताम, श्रीमती गायत्री नेताम सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में प्रदेश से जनजातीय समुदाय उपस्थित थे। 
 
आदि परब के शुभारंभ अवसर पर जनजातीय समाज के आकर्षक परिधान से सजे-धजे युवाओं ने रैंप में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया। इसे लोगों ने उत्साह के साथ आनंद लिया। आदि परब में जनजातीय समाज के खान-पान, वेशभूषा, विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जो लोगों का आकर्षण का केन्द्र रही। “आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव” का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी तरह “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

 

Amount reached farmers’ accounts: Double engine government continuously working for farmers’ prosperity: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai

Raipur, March 13, 2026 /a

Viewing the live online broadcast from Guwahati, Chhattisgarh joined the nation as Prime Minister Shri Narendra Modi released the 22nd installment of the PM Kisan Samman Nidhi scheme on Friday.

On the occasion, over 9 crore farmers across the country received more than Rs 18,640 crore directly into their bank accounts. In Chhattisgarh, Rs 498.83 crore was credited to the accounts of 24.71 lakh farmers.

Addressing farmers at the PM Kisan Samman Nidhi fund transfer and PM Kisan Utsav Divas program held at the auditorium of Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya in Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said, "Today is an important day for our farmer brothers and sisters. Under the PM Kisan Samman Nidhi scheme, farmers receive Rs 6,000 annually in three installments, recognizing their hard work and contribution."

Under this scheme, farmers in Chhattisgarh have received over Rs 11,283 crore since the launch of the scheme in 2018 with the first instalment released in February in 2019. The state government, prioritizing farmers’ welfare, also credited a bonus of Rs 3,716 crore to 13 lakh farmers soon after the government came into power.

Shri Sai highlighted that Chhattisgarh is the first state to buy paddy at 21 quintals per acre at Rs 3,100 per quintal, with payments credited within 48 hours. Under the Krishak Unnati Yojana, over 25 lakh farmers received Rs 10,324 crore before Holi.

Chief Minister Shri Sai said the government is boosting farmers’ income by promoting pulses, oilseeds, maize, kodo-kutki, ragi, and cotton. Free electricity is provided for agricultural pumps with Rs 5,500 crore allocated this year, Rs 40 crore for organic farming, and a Rs 10,000 crore irrigation project has been launched to ensure water reaches fields.

Addressing the program, Agriculture Minister Shri Ramvichar Netam said, "The PM Kisan Samman Nidhi scheme has been a major support for farmers. I urge them to cultivate not just paddy but also other crops to save water and boost their income." Dharamjaigarh MLA Shri Anuj Sharma also congratulated the farmers.


The program was attended by Zilla Panchayat Chairman Shri Naveen Agrawal, Chairman of Chhattisgarh State Seed & Agricultural Development Corporation Shri Chandrahas Chandrakar, Director of Agriculture Shri Rahul Dev, MD of Chhattisgarh Seed Development Corporation Shri Ajay Agrawal, Vice-Chancellor of Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya Dr Girish Chandel, along with representatives, officials, and a large number of

 

मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि आवंटित, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

रायपुर, 16 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन–आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी।

श्री सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा।

सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने इसे मैनपाट के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी।

अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन–आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।

 

नवा रायपुर, 13 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत राज्य में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को गति देने तथा विभागों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित “छत्तीसगढ़ राज्य क्षमता निर्माण क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति” की पहली बैठक 17 मार्च 2026 को अपराह्न 4 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड (भौतिक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) में आयोजित होगी।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव के प्रशासनिक मार्गदर्शन में गठित यह समिति राज्य में मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने, विभागों में संचालित प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने तथा क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप देने के उद्देश्य से कार्य करेगी।

राज्य नोडल अधिकारी (मिशन कर्मयोगी – iGOT), सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार बैठक में राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा iGOT डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी तथा विभिन्न विभागों में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बेहतर समन्वय के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

बैठक के एजेंडा में राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों (ATI एवं अन्य) की भूमिका को सुदृढ़ करने, डिजिटल लर्निंग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा तथा राज्य स्तर से प्राप्त सुझावों को संकलित कर आगामी राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन के लिए अनुशंसाएँ तैयार करना भी शामिल है।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी शामिल होंगे।

 

Chief Minister Shri Sai inaugurates TJSB Cooperative Bank’s Raipur branch

Raipur, March 13, 2026 /

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai On Friday inaugurated the Raipur branch of TJSB Cooperative Bank at Katora Talab in the state capital. Chief Minister Shri Sai said that the opening of the new TJSB Cooperative Bank branch in Raipur will give a boost to cooperative activities in the state.

Chief Minister Shri Sai also inaugurated the 24-hour ATM at the Raipur branch of TJSB Cooperative Bank. On the occasion, he paid floral tributes to the portrait of Dr. Keshav Rao Baliram Hedgewar and offered his respects.

Acknowledging that cooperative banks have always been the most trusted partners of the common people, Shri Sai said, “The new branch will provide better banking services, benefiting small shopkeepers, entrepreneurs, and boosting local trade.

Chief Minister Shri Sai said the vision of “Prosperity through Cooperation” under Prime Minister Shri Narendra Modi is being actively implemented in Chhattisgarh. He expressed confidence that the new Raipur branch of TJSB Bank will continue this cooperative spirit and promote economic growth.

On this occasion, TJSB Bank Chairman Shri Sharad Gangal, Vice Chairman Shri Vaibhav Singvi, Managing Director & CEO Shri Nikhil Arekar, along with other dignitaries, were present.

 

अन्नदाताओं के खातों में पहुंची सम्मान की राशि: किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्यरत है डबल इंजन सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर 13 मार्च 2026/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने असम की राजधानी गुवाहाटी से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किश्त जारी की। इस दौरान देशभर के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18 हजार 640 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित प्रधानमंत्री किसान निधि सम्मान योजना राशि अंतरण एवं पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन प्रदेश के किसान भाइयों और बहनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर वर्ष तीन किश्तों में कुल 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जो किसानों के परिश्रम और उनके योगदान के सम्मान का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 11 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार बनने के बाद सबसे पहले किसानों को बोनस राशि प्रदान की गई और 13 लाख किसानों के खातों में 3 हजार 716 करोड़ रुपये अंतरित किए गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि होली से पहले अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सिंचाई के लिए कृषि पंपों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से दो वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये की सिंचाई
परियोजना भी शुरू की गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती की ओर भी ध्यान देने की अपील की, जिससे पानी की बचत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा ने भी किसानों को संबोधित करते हुए बधाई दी।

इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के एमडी श्री अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

 

22 हजार 466 करोड़ से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर : स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव

शिक्षा में बड़ा निवेश, नए स्कूल, डिजिटल पढ़ाई

शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने सरकार की बड़ी पहल: 5000 शिक्षकों की होगी भर्ती

छात्रों के भविष्य के लिए नई योजनाओं का ऐलान

स्मार्ट क्लास, नए भवन और शिक्षक भर्ती से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था

बजट में बड़े फैसले स्कूल शिक्षा को मिलेगी नई रफ्तार, बजट में बड़े प्रोजेक्ट और योजनाएं

पीएम श्री स्कूल, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय, एजुकेशन सिटी और स्मार्ट क्लास पर जोर, 30 लाख बच्चों को मिलेगा मध्यान्ह भोजन

रायपुर 13 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 22 हजार 466 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में प्रमुख स्थान दिया है।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से राज्य के हर बच्चे को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के अंतर्गत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन स्कूलों में ग्रीन स्कूल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और कैरियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही शिक्षकों को उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और विद्यार्थियों की प्रगति का आंकलन होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करेगी। इन विद्यालयों के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये स्कूल प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगे, जिससे ग्रामीण विद्यार्थियों को उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

बस्तर संभाग के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार ने एजुकेशन सिटी स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके तहत ओरछा (अबुझमाड़), नारायणपुर और जगरगुंडा (सुकमा) में एजुकेशन सिटी स्थापित करने के लिए 9 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे सुदूर वनांचल के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी और वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

श्री यादव ने बताया कि सरकार ने स्कूलों की अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए 105 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत 500 प्राथमिक स्कूल, 100 पूर्व माध्यमिक स्कूल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के नए भवन बनाए जाएंगे तथा पुराने भवनों का रखरखाव किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिल सके। उन्हांेने कहा कि शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नवा रायपुर में विभाग का एक आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक रूप से 5 करोड़ 90 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस भवन में लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड, शिक्षा आयोग, पाठ्य पुस्तक निगम और माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होंगे।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 5000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती करने की घोषणा की है। इसके साथ ही 4000 से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। शिक्षकों की भर्ती अक्टूबर और नवंबर 2026 में परीक्षा आयोजित कर की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत राज्य के शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों तथा पंजीकृत मदरसों के लगभग 30 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन का लाभ मिलेगा। स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने को भी प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिल सके।

श्री यादव ने बताया कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं। विद्या समीक्षा केंद्र और एचआरएमआईएस पोर्टल के माध्यम से लगभग 1 लाख 80 हजार शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। साथ ही विद्यार्थियों की डिजिटल मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, जिसमें क्यूआर कोड और यूनिक आईडी के जरिए दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा। इसके अलावा पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत डीटीएच चैनलों के माध्यम से कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को विषयवार ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। प्रतिदिन छह विषयों का प्रसारण किया जाता है, जिसे दिनभर में चार बार दोहराया जाता है। भविष्य में दो-तरफा संवाद के लिए मोबाइल एप विकसित करने की भी योजना है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से प्रोजेक्टर और इंटरनेट की सहायता से विद्यार्थियों को वीडियो आधारित शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है।

राज्य में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योग शिक्षा, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और रेडक्रॉस जैसी गतिविधियों को सभी स्कूलों में शुरू करने की योजना है। साथ ही प्रतिदिन अंतिम कालखंड में खेलकूद को अनिवार्य किया जाएगा और विद्यार्थियों को सेना में अग्निवीर बनने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार ने स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालयों के लिए 800 करोड़ रुपये, आरटीई के तहत शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 300 करोड़ रुपये, छात्रवृत्ति योजना के लिए 236 करोड़ 50 लाख रुपये, निःशुल्क गणवेश वितरण योजना के लिए 55 करोड़ रुपये, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण योजना के लिए 50 करोड़ रुपये और सरस्वती निःशुल्क साइकिल योजना के लिए 66 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

विधि एवं विधायी कार्य विभाग मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने इस बजट केे लिए सदन के सदस्यों से सुझाव भी लिए

न्यायालय भवन, कम्प्यूटरीकरण और विधिक सहायता योजनाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान

रायपुर, 13 मार्च 2026/ विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने राज्य की न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अंतर्गत 1221 करोड़ 26 लाख 45 हजार रुपये का बजट मांग विधानसभा में प्रस्तुत किया, जिसे सदन ने पारित कर दिया। विधि मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने बताया कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए, अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न स्थानों पर न्यायालय भवनों तथा न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवासों के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 88 करोड़ 63 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि राज्य में न्यायालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए इस वित्त वर्ष में 15 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। न्यायपालिका के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों तथा तालुका विधिक सेवा समितियों के माध्यम से विभिन्न योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य विचाराधीन बंदियों, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के जरूरतमंद लोगों तक न्याय पहुंचाना है। इन योजनाओं के संचालन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है तथा ए.डी.आर. सेंटर के निर्माण के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री यादव ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा विचाराधीन बंदियों सहित पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है। वर्ष 2025 में कुल 94 हजार 959 पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ बिलासपुर से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए 100 नवीन पदों के सृजन हेतु 9 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त जगदलपुर में नवीन एन.आई.ए. कोर्ट की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

श्री यादव ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में विभिन्न न्यायालयों में नए पदों का सृजन भी किया गया है, जिनमें व्यवहार न्यायालय धमधा (दुर्ग) के लिए 06 पद, जिला न्यायालय बेमेतरा के लिए 06 पद, जिला न्यायालय महासमुंद के लिए 55 पद, जिला न्यायालय बिलासपुर के लिए 18 पद, जिला न्यायालय पंखाजूर-कांकेर के लिए 07 पद, जिला न्यायालय कोरबा के लिए 09 पद, जिला न्यायालय जगदलपुर के लिए 06 पद तथा जिला न्यायालय जांजगीर-चांपा के लिए 03 पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिविल जिला न्यायालय दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा (अम्बिकापुर) एवं बस्तर (जगदलपुर) में 40 विभिन्न पदों के सृजन तथा प्रत्येक जिला न्यायालय में एक-एक अनुवादक का पद के मान से कुल 23 पदों के सृजन हेतु 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री यादव ने बताया कि आर्थिक या अन्य कारणों से न्याय से वंचित लोगों को आपराधिक मामलों में सक्षम एवं प्रभावी निःशुल्क कानूनी सेवा प्रदान करने के लिए एक करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय मूट-कोर्ट प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए एक करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही विश्वविद्यालय के स्थापना व्यय के लिए 13 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह बजट राज्य में न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने, न्यायालयों के आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने तथा समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

रेशम से माटीकला तक : ग्रामोद्योग बजट से लाखों ग्रामीणों को रोजगार का संबल

पी.एम. एकता मॉल से बाजार, योजनाओं से रोजगार: ग्रामोद्योग बजट में ग्रामीण उद्योगों को नई उड़ान

228 करोड़ 84 लाख 90 हजार रूपए की अनुदान मांग सदन में पारित

रायपुर, 13 मार्च 2026/ ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेंद्र यादव से संबंधित ग्रामोद्योग विभाग के लिए वर्ष 2026-27 हेतु 228 करोड़ 84 लाख 90 हजार रूपए की अनुदान मांगों को आज विधानसभा में पारित किया गया। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी तथा विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक बुनकरों, शिल्पियों और कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा परंपरागत कला एवं संस्कृति का संरक्षण प्रदान करना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा

श्री यादव ने बताया कि रेशम, हाथकरघा, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा माटीकला बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 3 लाख 15 हजार 350 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप स रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

रेशम प्रभाग

ग्रामोद्योग मंत्री ने बताया कि प्रदेश में टसर रेशम के उत्पादन एवं विस्तार को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 में नैसर्गिक एवं पालित टसर कोसा उत्पादन विकास योजना के अंतर्गत 59 करोड़ 82 लाख का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से राज्य में 21 करोड़ 59 हजार टसर ककून उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार को प्रोत्साहन देने के लिए मलबरी रेशम विस्तार कार्यक्रम एवं उत्प्रेरण विकास योजना के तहत 4 करोड़ 25 लाख का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही प्रशिक्षण एवं अनुसंधान योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 76 लाख का बजट रखा गया है, जिसके माध्यम से 1450 हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

हाथकरघा प्रभाग

प्रदेश के बुनकरों को प्रशिक्षण, उन्नत करघों की उपलब्धता, कर्मशाला भवन, गोदाम निर्माण तथा डिज़ाइन विकास जैसे कार्यों के लिए समग्र हाथकरघा विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 5 करोड़ 3 लाख 54 हजार की राशि स्वीकृत कर 1206 बुनकरों को लाभान्वित किया गया। वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 5 करोड़ 60 लाख का प्रावधान किया गया है।

बुनकर वर्कशेड-सह-आवास योजना

मंत्री श्री यादव ने बताया कि आवासहीन बुनकरों को आवास उपलब्ध कराने के लिए बुनकर वर्कशेड-सह-आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 4 करोड़ 90 लाख की राशि स्वीकृत कर 196 बुनकरों को लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2026-27 के लिए भी 4 करोड़ 90 लाख का प्रावधान रखा गया है। इसके अतिरिक्त शासकीय वस्त्र प्रदाय के माध्यम से 335 बुनकर समितियों के 47 हजार 640 बुनकरों को रोजगार मिल रहा है। वहीं गणवेश वस्त्रों की सिलाई से 1921 महिला स्व-सहायता समूहों की 23 हजार 052 महिलाओं को अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध हो रहा है।

छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड

ग्रामोद्योग मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 502 इकाइयों को 11 करोड़ 3 लाख की परियोजना स्वीकृति दी गई, जिसमें से 3 करोड़ 67 लाख 81 हजार की अनुदान सहायता प्रदान की गई। वर्ष 2026-27 में परिवार आधारित इकाइयों की स्थापना के लिए 8 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड

मंत्री श्री यादव ने बताया कि प्रदेश के पारंपरिक शिल्प जैसे बेलमेटल, लौह शिल्प, बांस शिल्प, काष्ठ शिल्प, पत्थर शिल्प, गोदना शिल्प, भित्ती चित्र, तुम्बा शिल्प, टेराकोटा शिल्प, कालीन शिल्प एवं एम्ब्रॉयडरी को प्रोत्साहन देने के लिए हस्तशिल्प विकास बोर्ड कार्य कर रहे हैं। शिल्पियों को प्रशिक्षण, उन्नत उपकरण एवं मशीनरी उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2026-27 में 3 करोड़ 90 लाख का प्रावधान किया गया है।

पी.एम. एकता मॉल

श्री यादव ने बताया कि प्रदेश की पारंपरिक कला एवं संस्कृति पर आधारित उत्पादों तथा “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” के विपणन को बढ़ावा देने के लिए रायपुर में पी.एम. एकता मॉल की स्थापना की गई है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 93 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड

ग्रामोद्योग मंत्री श्री यादव ने बताया कि प्रदेश के कुम्हारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से माटीकला बोर्ड द्वारा पंजीकृत शिल्पियों को निःशुल्क विद्युत चाक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 9464 विद्युत चाकों का वितरण किया जा चुका है। वर्ष 2026-27 में इसके लिए 3 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

ग्लेजिंग यूनिट

उन्होंन बताया कि माटी शिल्प उत्पादों में मूल्य संवर्धन के लिए राज्य में 5 ग्लेजिंग यूनिट संचालित की जा रही हैं। इसके संचालन तथा जिला जशपुर के ग्राम गोरिया, विकासखंड कुनकुरी में नई ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना के लिए वर्ष 2026-27 में 4 करोड़ 30 लाख का प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण उद्योगों से रोजगार और संस्कृति का संरक्षण

मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि ग्रामोद्योग विभाग प्रदेश के पारंपरिक कुटीर उद्योगों, शिल्पकलाओं तथा ग्रामीण रोजगार और स्व-रोजगार को सुदृढ़ करते हुए न केवल स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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