ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
Google Analytics —— Meta Pixel
शहरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे - श्रीमती शंगीता आर.
रायपुर. 14 मई 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक लेकर सुशासन, जवाबदेही, जन सेवा एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों का पूरा अमला एक साथ इस बैठक में शामिल हुए।
नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों के सम्मान और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर
सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने अधिकारियों के लिए “थंब-रूल” निर्धारित करते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार या अभद्र भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा।
नोडल अधिकारियों को दी मार्गदर्शक की भूमिका
बैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी तथा प्रत्येक माह विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।
स्वच्छता एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष फोकस
सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नवीन अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का गंभीरता से अध्ययन कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम पूर्ण करने के दिए निर्देश
ओवर-ब्रिज पर यातायात शुरू होने से शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को मिलेगी राहत
रायपुर. 14 मई 2026. उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेल्वे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवर-ब्रिज के अंतिम चरण के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को ओवर-ब्रिज का काम जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवर-ब्रिज पर पैदल चलकर अधिकारियों से इसके तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने यहां लाइटिंग के लिए अच्छी गुणवत्ता के पोल्स और लाइट्स का उपयोग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी भी इस दौरान मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कचना ओवर-ब्रिज के निरीक्षण के बाद कहा कि इसका 96 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। थोड़े से बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के चालू होने से रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को ट्रैफिक-जॉम और रेलवे फाटक के बंद होने के कारण यातायात बाधित होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। श्री साव ने कहा कि राज्य शासन लगातार राजधानी के यातायात को सुदृढ़, व्यवस्थित और तेज करने में लगी हुई है। कचना का यह ओवर-ब्रिज भी इसमें काफी महत्वपूर्ण है, जो अब लगभग पूर्णता की ओर है। इस सड़क से आना-जाना करने वालों के लिए यह बहुप्रतीक्षित ओवर-ब्रिज जल्द ही खोल दिया जाएगा।
49 करोड़ की लागत से बन रहा ओवर-ब्रिज इस रूट के यातायात को करेगा व्यवस्थित और तेज
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस रेलवे ओवर-ब्रिज का 96 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। पुल के मध्य के रेलवे वाले भाग के साथ ही दोनों छोरों पर पुल एवं पहुंच मार्ग का काम पूर्ण कर लिया गया है। अभी पेंटिंग एवं फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है। इनके पूर्ण होते ही नाली निर्माण और लाइटिंग का काम तत्परता से प्रारंभ किया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के शुरू हो जाने से इस रूट का यातायात व्यवस्थित और तेज होगा।
रायपुर, 14 मई 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के निस्तारण एवं निर्धारित समय पर उपस्थित होने के संबंध में श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए। ई-ऑफिस में मंत्रालय में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले विभागों को भी सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ विभागों में प्रथम स्थान पर समाज कल्याण विभाग रहा। दूसरे स्थान पर गृह विभाग और तृतीय स्थान पर परिवहन विभाग को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया।
मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। संयुक्त सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत, दूसरे स्थान पर अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेद्वी रहे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव श्री सचिदानंद आलोक तीसरे स्थान पर रहे।
उप सचिव स्तर के अधिकारियों में वन विभाग के उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग के श्री किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय और गृह विभाग के उप सचिव श्री रामप्रसाद चौहान को तीसरे स्थान के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए। अवर सचिव श्रेणी के अधिकारियों में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव श्री अरूण कुमार मिश्रा को प्रथम, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के श्री मगनलाल पवार को द्वितीय और गृह विभाग के श्री पूरन लाल साहू को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया। अनुभाग स्तर के अधिकारियों में सामान्य प्रशासन विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री नंदकुमार मेश्राम को प्रथम, श्री भोले नाथ सारथी वन विभाग को दूसरा और गृह विभाग के श्री पी.नागराजन को तीसरा स्थान मिला। सहायक अनुभाग स्तर के अधिकारियों में श्रीमती रेखा देवांगन को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ सचिवालय सहायक में महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री दौलत राम वर्मा को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक स्तर पर नगरीय प्रशासन विभाग के श्री प्रमोद कुमार को प्रथम स्थान मिला। कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग के श्री विक्रम प्रताप कश्यप को दूसरा स्थान और सामान्य प्रशासन विभाग के श्री सुरेन्द्र कुमार को तीसरा स्थान मिला। डाटा एंट्री ऑपरेटर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (तकनीकी) श्रीमती माया देवांगन को प्रथम स्थान मिला।
समयबद्धता के लिए उपस्थिति रैकिंग में सहायक अनुभाग अधिकारी सुश्री कांति सूर्यवंशी प्रथम स्थान पर रही। स्टेनोटायपिस्ट श्री रमाकांत, निज सचिव अराधना साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री हुप्पल देवांगन, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री जयप्रकाश साव, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती जयमनी पहाड़िया, भृत्य श्री जीघन राम साहू, अवर सचिव श्री लीना राकेश, अनुभाग अधिकारी श्री मुकेश कुमार शाकार और श्री मुकेश कुमार तांडी दूसरे स्थान पर रहें। इसी तरह से उपस्थिति में तीसरे स्थान प्राप्त करने वालों में कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्री मुकेश राम प्रधान, अवर सचिव श्री ओमप्रकाश पात्रे, वरिष्ठ सचिवालय सहायक प्रमीला यादव, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री संतोष कुमार साहू, श्रीमती सुधा शेंडे, श्री त्रिभुवन निषाद और श्री विनोद कुमार अठानकर सहायक अनुभाग अधिकारी तीसरे स्थान पर रहें। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र मिलने पर शुभकामनाएं दी गई।
समाज कल्याण विभाग बना ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ विभाग व्यक्तिगत श्रेणी में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अधिकारी भी सम्मानित
रायपुर, 14 मई 2026/छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक विशेष गरिमामयी कार्यक्रम में मंत्रालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए। यह सम्मान ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों (नस्तियों) के त्वरित निराकरण और कार्यालयीन समय की प्रतिबद्धता (उपस्थिति) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सभी पुरस्कृत अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ई-ऑफिस न केवल कार्य में पारदर्शिता लाता है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी गति देता है। उन्होंने समयबद्धता को बेहतर कार्य-संस्कृति का आधार बताया और अन्य कर्मचारियों को भी इनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभाग ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग में मंत्रालय के तीन विभागों ने बाजी मारी। प्रथम स्थान समाज कल्याण विभाग, द्वितीय स्थान गृह विभाग, तृतीय स्थान परिवहन विभाग का रहा। ई-ऑफिस श्रेणी में व्यक्तिगत सम्मान में विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों की सूची इस प्रकार हैः- संयुक्त/अपर सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत (आदिम जाति विकास) प्रथम, श्री अनुपम त्रिवेदी (अल्पसंख्यक विकास) द्वितीय, श्री सचिदानंद आलोक (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तृतीय स्थान पर रहे। उप सचिव श्री दूरदेशी राम सोन्टापर (वन विभाग) प्रथम, श्री किशोर कुमार भूआर्य (ळ।क्) द्वितीय, श्री रामप्रसाद चौहान (गृह विभाग) तृतीय, अवर सचिव श्री अरुण कुमार मिश्रा (विधि विभाग) प्रथम, श्री मगनलाल पवार (वाणिज्य एवं उद्योग) द्वितीय, श्री पूरन लाल साहू (गृह विभाग) ई-ऑफिस श्रेणी में व्यक्तिगत तृतीय स्थान पर रहे। एवं अनुभाग अधिकारी श्री नंदकुमार मेश्राम (ळ।क्) प्रथम, श्री भोले नाथ सारथी (वन विभाग) द्वितीय, श्री पी. नागराजन (गृह विभाग) ई-ऑफिस श्रेणी में व्यक्तिगत तृतीय स्थान पर रहे।
सचिवालय सहायक एवं तकनीकी श्रेणी
प्रथम स्थान प्राप्तकर्ता श्रीमती रेखा देवांगन (सहायक अनुभाग अधिकारी), श्री दौलत राम वर्मा (वरिष्ठ सचिवालय सहायक), श्री प्रमोद कुमार (कनिष्ठ सचिवालय सहायक), और श्रीमती माया देवांगन (डाटा एंट्री ऑपरेटर), समयबद्धता और उपस्थिति रैंकिंग में कार्यालय में निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी रैंकिंग जारी की गई। प्रथम सुश्री कांति सूर्यवंशी (सहायक अनुभाग अधिकारी), द्वितीय श्री रमाकांत (स्टेनोटायपिस्ट), अराधना साहू (निज सचिव), हुप्पल देवांगन, जयप्रकाश साव, जयमनी पहाड़िया, जीघन राम साहू, लीना राकेश, मुकेश कुमार शाकार और मुकेश कुमार तांडी रहे। तृतीय मुकेश राम प्रधान, ओमप्रकाश पात्रे, प्रमीला यादव, संतोष कुमार साहू, सुधा शेंडे, त्रिभुवन निषाद और विनोद कुमार अठानकर रैंकिंग जारी की गई।
बस्तर के 3056 गाँवों तक पहुँचा मोबाइल नेटवर्क, 425 गाँवों में पहली बार बस सेवा
रायपुर, 14 मई 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आगामी कार्य योजना के संबंध में अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया। नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर क्षेत्र के सुदूर वनांचल गांवों तक बिजली की लाईने पहुंची है। गांवों में मुक्त बिजली कनेक्शन और सोलर लाईट लगायी गई है। मनरेगा से स्थानीय रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के मकान बनाये गए हैं। क्षेत्र के अंदरूनी ईलाकों में अब ग्रामीण को राशनकार्ड, उज्जवला गैस, बैंक पास बुक जैसी अनेक व्यक्तिमूलक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राही उठा रहें है।
बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक शालाएं, 8947 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले गए है। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में आयुष्मान मंदिर बनाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचायी गई है। 3056 ग्रामों में मोबाईल नेटवर्क पहुचाया गया हैं। इसी तरह से 85 प्रतिशत बसाहटों में बारह मासी सड़कें बनायी गई है। मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 50 मार्गों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र के 425 गांवों में पहली बार बस सेवाएं प्रारंभ की गई है। बैठक में नियद नेल्लानार योजना 2.0 के संबंधी कार्ययोजना के बारे में अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा श्री तारण प्रकाश सिन्हा सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
Continuous Supply Being Sent to Dry-Out Pumps, Public Urged Not to Buy Fuel in Panic
Raipur, May 14, 2026/
The Chhattisgarh Government has clarified that sufficient stock of petrol and diesel is available across the state and there is no need for public concern. Food Secretary Smt Reena Babasaheb Kangale stated that oil depots in the state are receiving regular fuel supplies as required. At the same time, the distribution system is being continuously monitored to ensure “smooth and uninterrupted availability” of fuel.
According to the Food Secretary, 2,516 petrol and diesel pumps are currently operational across Chhattisgarh. The state presently has 45,474 kilolitres of petrol and 84,654 kilolitres of diesel in stock. Against this, the daily requirement stands at 3,635 kilolitres of petrol and 5,873 kilolitres of diesel. Today alone, various oil depots in the state received 6,551 kilolitres of petrol and 4,760 kilolitres of diesel, further strengthening supply availability.
She informed that Raipur city has 326 petrol and diesel pumps, out of which 35 are temporarily dry-out. Similarly, Bilaspur city has 156 pumps, of which 13 are currently dry-out. Continuous supply is being dispatched from oil company depots to restore stock at all such outlets at the earliest. Over the past two days, temporary dry-outs at a few fuel stations triggered rumours and a sense of panic among consumers, leading to an “unexpected surge in fuel consumption” across several areas. This sudden spike in demand created an artificial shortage-like situation at certain locations.
Mrs Kangale reiterated that the state has adequate reserves of both petrol and diesel and that the supply chain remains fully normal. She appealed to citizens not to be influenced by any rumours or misinformation and to avoid panic buying or unnecessary fuel hoarding. The state government and oil companies are jointly monitoring the situation, with “constant coordination and preparedness,” to ensure regular supply to all fuel stations.
ड्राई आउट पंपों पर लगातार पहुंचाई जा रही आपूर्ति, आमजन से पैनिक खरीदी नहीं करने की अपील
रायपुर 14 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के ऑयल डिपो को नियमित रूप से आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति हो रही है तथा वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
खाद्य सचिव ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 2516 पेट्रोल/डीजल पंप संचालित हैं। राज्य में पेट्रोल का 45,474 किलोलीटर तथा डीजल का 84,654 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। वहीं पेट्रोल की दैनिक आवश्यकता 3,635 किलोलीटर तथा डीजल की दैनिक आवश्यकता 5,873 किलोलीटर है। आज प्रदेश के विभिन्न ऑयल डिपो में 6,551 किलोलीटर पेट्रोल तथा 4,760 किलोलीटर डीजल प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि रायपुर शहर में कुल 326 पेट्रोल/डीजल पंप हैं, जिनमें से 35 पंप अस्थायी रूप से ड्राई आउट हैं। इसी प्रकार बिलासपुर शहर में कुल 156 पेट्रोल/डीजल पंप हैं, जिनमें से 13 पंप ड्राई आउट हैं। इन सभी ड्राई आउट पंपों को यथाशीघ्र स्टॉक उपलब्ध कराने के लिए ऑयल कंपनियों के डिपो से लगातार आपूर्ति की जा रही है। विगत दो दिनों में कुछ पेट्रोल/डीजल पंपों के ड्राई आउट होने के कारण अफवाह एवं घबराहट की स्थिति बनी, जिससे आम लोगों द्वारा पेट्रोल एवं डीजल की खपत में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई। मांग में अचानक हुई इस वृद्धि के कारण कुछ स्थानों पर कृत्रिम अभाव की स्थिति निर्मित हुई।
खाद्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने आम उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे किसी भी भ्रम अथवा अफवाह से प्रभावित होकर पैनिक खरीदी अथवा ईंधन का अनावश्यक संग्रहण न करें। शासन एवं ऑयल कंपनियां समन्वय के साथ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सभी पेट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
Instructions issued to ensure transparent delivery of scheme benefits to the last mile
Priority on strengthening infrastructure of Anganwadi and school buildings
Raipur, 14 May 2026 /
Chief Secretary Shri Vikas Sheel on Thursday conducted a detailed review of the implementation of various public-oriented and important schemes of different departments at Mahanadi Bhavan. During the meeting, he reviewed the action taken on the recommendations of the Fifth National Chief Secretaries’ Conference and directed officials to accelerate development works.
Data-Driven Monitoring and Good Governance
The Chief Secretary stated that the benefits of government schemes must reach the last person in a completely transparent manner. For this, he emphasized further strengthening the Data-driven Monitoring System. A presentation was also made during the meeting on the efforts being undertaken towards capacity building through good governance and technology.
Strengthening Education and Anganwadi Infrastructure
Giving priority to education and child nutrition, the Chief Secretary took important decisions. In areas facing shortages of Anganwadi buildings, instructions were issued to operate Anganwadis in additional rooms of primary schools. He directed departmental officials to coordinate with Collectors for the same. Under the Samagra Shiksha initiative, directions were also given to prepare an action plan for the construction of additional classrooms on a priority basis in schools facing shortage of rooms.
Detailed Review of Departmental Progress
During the meeting, an in-depth review was conducted of the schemes related to the School Education, Higher Education, Skill Development, Sports and Youth Welfare, and Women and Child Development Departments. The current status of projects related to important departments such as Health, Agriculture, Information Technology, Tribal Development, Tourism, Energy, and Revenue was also reviewed.
Principal Secretary, Home Department, Smt. Niharika Barik Singh, Principal Secretary, Law Department, Smt. Sushma Sawant; Principal Secretary, Tribal Development, Shri Sonmoni Bora; Principal Secretary, Women and Child Development Department, Smt. Shahla Nigar; along with Secretaries and senior officials of the School Education, Agriculture, Health, Tourism, and General Administration Departments were present in the high-level meeting.
धान उठाव, कस्टम मिलिंग और पीडीएस व्यवस्था की खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने की विस्तृत समीक्षा
31 मई तक शेष धान उठाव पूर्ण करने और कस्टम मिलिंग चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देश
तीन माह के एकमुश्त राशन वितरण, भंडारण क्षमता और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की भी हुई समीक्षा
रायपुर 14 मई 2026/ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय योजनाओं, धान उठाव, कस्टम मिलिंग तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के निराकरण, धान खरीदी केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों से धान के उठाव, कस्टम मिलिंग एवं एफसीआई तथा नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा किए जाने की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीफ वर्ष 2025-26 के उपार्जन केन्द्रों एवं संग्रहण केन्द्रों में शेष धान का उठाव 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कस्टम मिलिंग के बाद चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून 2026 के लिए तीन माह के एकमुश्त चावल भंडारण एवं वितरण की भी समीक्षा की गई। खाद्य मंत्री श्री बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा में तीनों माह का राशन वितरण कार्य पूर्ण किया जाए ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समीक्षा बैठक में खाद्य संचालनालय, जिला कार्यालयों, नागरिक आपूर्ति निगम, राज्य भंडार गृह निगम तथा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री श्री बघेल ने आवश्यक पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
राज्य में खाद्यान्न भंडारण क्षमता की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम द्वारा निर्माणाधीन गोदामों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपयोग में लाने के निर्देश दिए। बैठक में विधिक माप विज्ञान के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
खाद्य मंत्री श्री बघेल ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, पूरक पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं से जुड़े कमीशन का भुगतान शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, खाद्य संचालक डॉ. फरिहा आलम, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ श्री जितेंद्र शुक्ला, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रजिस्ट्रार छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नियंत्रक विधिक माप विज्ञान तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
लघु वनोपज प्रसंस्करण से हजारों महिलाओं को मिला सम्मानजनक रोजगार और आय का स्थायी जरिया
रायपुर, 14 मई 2026/ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में वन धन विकास केंद्र महिलाओं की आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भरता का एक सशक्त आधार बनकर उभरे हैं। प्रधानमंत्री जनजाति विकास मिशन और प्रधानमंत्री जनमन योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य में अब तक 155 वन धन विकास केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 139 सामान्य क्षेत्रों में और 16 केंद्र विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह (पीव्हीटीजी) क्षेत्रों में संचालित हैं।
संग्रहण से प्रसंस्करण तक का सफर
इन केंद्रों ने पारंपरिक लघु वनोपज संग्रहण को आधुनिक प्रसंस्करण से जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ न केवल वनोपजों का संग्रहण होता है, बल्कि उनका प्राथमिक प्रसंस्करण और उच्च गुणवत्ता वाले हर्बल उत्पादों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पहल ने हजारों महिलाओं को उनके गांव के समीप ही स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया है।
हजारों समूहों को मिला आर्थिक संबल
वन धन विकास केंद्रों की सफलता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है। लगभग 4 हजार 900 महिला स्व-सहायता समूह इन केंद्रों से सीधे जुड़े हैं। करीब 55 हजार महिला सदस्य गांवों और हाट-बाजारों में संग्रहण एवं प्रसंस्करण के कार्य में संलग्न हैं। पिछले पांच वर्षों में संग्रहण कार्य के लिए महिलाओं को लगभग 4 करोड़ रुपये का कमीशन वितरित किया गया है।
हर्बल उत्पादों से बढ़ी आय
प्राथमिक संग्रहण के साथ-साथ मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लगभग 1,300 महिला समूहों की 17,000 महिलाएं हर्बल उत्पाद निर्माण से जुड़ी हैं। इस विशिष्ट कार्य के लिए अब तक करीब 1 करोड़ रुपये का कमीशन महिलाओं को दिया गया है। तैयार उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग को की जा रही है। इसी कड़ी में 4 केंद्रों ने 25.17 लाख रुपये का शुद्ध लाभांश अर्जित कर एक मिसाल पेश की है।
स्थानीय संसाधनों से सशक्तिकरण
वन धन विकास केंद्रों की यह मुहिम न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से वनांचल की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान कर रही है। यह पहल लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के सपने को छत्तीसगढ़ के जंगलों में हकीकत में बदल रही है।