ईश्वर दुबे
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Bhilai
Dr Raman Singh calls Emergency a lesson in safeguarding democracy; Shri Indresh Kumar urges youth to uphold ‘Nation First’
Raipur, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Sunday attended the Democracy Fighters Felicitation Ceremony organised on Emergency Remembrance Day at DDU Auditorium, where he released the memorial publication “Aapatkaal Ke Yoddha” - Warriors of Emergency, chronicling the struggle of democracy fighters, and honoured winners of the state-level essay competition on the Emergency.
Addressing the gathering, keynote speaker Shri Indresh Kumar said that democracy is not merely a system of governance but a way of life. Recalling the Emergency, he said it was a testing period for Indian democracy when freedom of expression and fundamental rights came under severe strain. The sacrifices of democracy fighters, who endured imprisonment and hardship, should inspire future generations. Urging youth to uphold unity, discipline and social harmony, he said India’s cultural values have strengthened society and can further reinforce the country’s global identity. He also appealed to youth to embrace the spirit of “Nation First”.
Shri Vishnu Deo Sai described the Emergency as a dark chapter in India’s democratic history and said the sacrifices of democracy fighters must never be forgotten. CM said that the land of Chhattisgarh has always been a land of struggle, culture and tradition holding deep commitment to democratic values. The inclusion of this subject in the curriculum is a commendable initiative to acquaint future generation with history.
Recalling his family’s experience, he said his elder uncle, late Shri Narhari Sai, was jailed for 19 months during the Emergency, while volunteers secretly supplied food to affected families.
Assembly Speaker Dr Raman Singh said the 1975 Emergency posed a grave challenge to Indian democracy, citing press censorship, suspension of fundamental rights and constitutional amendments. He said the period serves as a reminder to remain vigilant in protecting democratic values.
More than 540 students participated in the state-level essay competition. In the school category, Jagriti Jangde of J.R. Dani Girls School, Raipur, won first prize and received Rs 31,000 and a memento, followed by Korba based Suraj Tandiya of Vivekanand Vidyapeeth School and Agrasen International School’s Ansh Deshmukh of Durg at third place. In the college category, Kalyani Patle of Raipur secured first place, followed by Seema Sao of Raigarh and Khushboo of Durg. The Chief Minister presented mementoes and cash awards to the winners and lauded the active participation of youth in promoting awareness about democracy and the Constitution.
The event was graced by Union Minister of State Shri Tokhan Sahu, Rajya Sabha MP Smt. Laxmi Verma, National President of the Loktantra Senani Sangh Shri Kailash Soni, MLA Shri Motilal Sahu, MLA Smt. Gomti Sai, Chairman of the Building and Other Construction Workers' Board Dr Rampratap Singh, Chairman of the Civil Supplies Corporation Shri Sanjay Shrivastava, Chairman of CGMSC Shri Deepak Mhaske, Chairperson of the Child Rights Protection Commission Smt. Varnika Sharma, Mahamandaleshwar Shri Ajay Ramdas, Shri Akhilesh Soni, State President of the Loktantra Senani Sangh Shri Diwakar Tiwari, National Vice President of the Loktantra Senani Sangh Shri Sachchidanand Upasne, along with several eminent citizens, democracy fighters, and their family members, were present at the programme.
Chief Minister Shri Sai extends congratulations to Women & Child Development Minister Smt. Lakshmi Rajwade
Raipur, Chhattisgarh has emerged as the country’s top-performing state in the special registration drive under the Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana (PMMVY), securing first place in both segments of beneficiary registrations and disposal of pre-registered beneficiaries.
The month-long campaign, underway from June 15 to July 15 for the registration of pregnant and lactating women, has seen the state achieve 72% of its target within just nine days. Janjgir-Champa district led the state with 96% target achievement.
The achievement has been attributed to the coordinated efforts of the Women and Child Development Department, Anganwadi workers, supervisors, field staff and other stakeholders.
PMMVY, a flagship maternal welfare scheme of the Government of India, provides financial assistance of Rs 5,000 to eligible women on the birth of their first live child and an incentive of Rs 6,000 for the birth of a girl as the second child. The scheme aims to promote maternal nutrition, healthcare, institutional deliveries and better child development.
Congratulating the department, field functionaries and partner agencies, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that maternal and child health remains among the state government’s highest priorities. He expressed confidence that Chhattisgarh would achieve 100% of its target and emerge as a national model.
Women and Child Development Minister Smt. Lakshmi Rajwade also congratulated officials, employees, Anganwadi workers and stakeholders, saying the achievement reflected collective commitment, continuous monitoring and dedication to public welfare. She appealed to all eligible pregnant and lactating women to register under the special campaign before July 15 to avail the scheme’s benefits.
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के तहत 25 किसानों को वितरित किए गए गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक खेती की तकनीकों का भी दिया गया प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर कृषि को मिल रहा नया संबल
रायपुर, किसानों की आय बढ़ाने, तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने और देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जीपीएम जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कोटमीकला में भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को उन्नत किस्म के मूंगफली बीज वितरित किए गए। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। कृषि विभाग किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से तिलहनी फसलों के रकबे और उत्पादकता में वृद्धि कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्राम कोटमीकला में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अमित कुमार तंवर, कृषि विकास अधिकारी मधुसूदन, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर सिंह अर्मो की उपस्थिति में योजना के अंतर्गत 10 हेक्टेयर प्रदर्शन रकबे के लिए चयनित 25 किसानों को उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए गए। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्रमाणित एवं उन्नत बीजों के उपयोग से उत्पादन बढ़ने के साथ फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बीज उपचार, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल की वैज्ञानिक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने तथा विभागीय सलाह का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे उत्पादन लागत कम हो और अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से किसानों को केवल बीज उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से जोड़कर तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करना भी प्राथमिकता है। प्रदर्शन आधारित खेती से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और क्षेत्र में मूंगफली सहित तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ेगा।
कार्यक्रम में किसानों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी। कृषि विभाग ने सभी किसानों से शासन की कृषि हितैषी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने, उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि कर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। राज्य सरकार और कृषि विभाग की ऐसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों के जीवन में समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है।
अपनी संस्कृति और मूल्यों से समाज को जोड़कर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है भारत : श्री इंद्रेश कुमार
आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का किया विमोचन
आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।
मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर श्री अजय रामदास, श्री अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर "आपातकाल कभी विस्मृत न हो" विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के श्री सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के श्री अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर "25 जून : संविधान हत्या दिवस" विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
पंजीयन एवं प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में हासिल किया प्रथम स्थान
विशेष अभियान के मात्र 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई
रायपुर 28 जून 2026/ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।
विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।
मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।
उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
Appeals to Parents to Administer Two Drops of Polio Vaccine to Every Child Aged 0 to 5 Years
Raipur, June 28, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has appealed to the people of Chhattisgarh, particularly parents and guardians, to actively participate in the National Pulse Polio Campaign by ensuring that every child between 0 and 5 years of age receives the two life-saving drops of the polio vaccine.
In his message on the occasion, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that when it comes to securing the future of children, even the smallest act of care and caution can make a profound difference. He emphasized that the two drops of the polio vaccine are not merely a medicine but a commitment to safeguarding every child's healthy, secure and bright future.
Shri Sai said that the active participation of every parent and guardian is essential to protect children from the debilitating disease of polio. He urged citizens to extend their support beyond their own families and ensure that no child in their neighbourhood is left out of the immunisation drive.
Chief Minister further said that the collective efforts of all citizens are vital for strengthening India's commitment to remain a polio-free nation. He called upon the people of the state to participate wholeheartedly in the National Pulse Polio Campaign and fulfil their shared responsibility towards securing a healthier and brighter future for every child.
Raipur, June 28, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai joined the public representatives and citizens, gathered at CM House today, to listen to the 135th episode of Prime Minister Shri Narendra Modi's widely followed monthly radio programme 'Man Ki Baat'. Describing the programme as a powerful bridge between leadership and the people, Chief Minister Shri Sai said that 'Man Ki Baat' program has evolved into an effective platform for public participation, dialogue and collective inspiration.
Shri Sai said that through every episode of 'Man Ki Baat', Prime Minister Shri Narendra Modi highlights inspiring stories of innovation, community participation and exemplary grassroots initiatives from across the country, encouraging citizens to contribute towards nation-building and social transformation. He added that the mention of Chhattisgarh's innovations and achievements time and again in several episodes of the programme has been a matter of immense pride for the state.
Chief Minister further noted that in this month's address, the Prime Minister appealed to citizens to celebrate the forthcoming Ganesh Utsav in an environmentally responsible manner by installing idols of Lord Ganesha made from natural clay. He also underlined the significance of social security while elaborating on schemes such as Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana and Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana. Furthermore, he urged people to conserve every drop of rainwater and transform water conservation into a nationwide people's movement.
Shri Sai further said that Prime Minister Modi highlighted Meghalaya's remarkable Living Root Bridges as an inspiring example of harmony between nature and human ingenuity. The Prime Minister also emphasised the need to eliminate superstitions through scientific thinking, logical reasoning and public awareness. Referring to Assam's women-led "Hargila Army", he described their efforts to conserve the endangered Greater Adjutant Stork and dispel myths associated with the bird as a commendable example of community-driven conservation and public awareness.
Chief Minister Shri Sai said that the Prime Minister also spoke about initiatives such as the Nagaland Baby League and the Nagaland Women Futsal League, which are promoting a vibrant sporting culture in the state. He appreciated the efforts of Nalanda University and the Central Sanskrit University in advancing India's rich knowledge tradition through modern technology. Prime Minister Shri Modi also mentioned that members of "Brahmakamal Dominicana" in the Dominican Republic are studying Vedic literature and developing a deeper connection with Indian culture. He further cited the inspiring work of women in Biaora of Rajgarh district in Madhya Pradesh, who are creatively transforming plastic waste into attractive public installations, setting an excellent example of cleanliness, sustainability and innovation.
Among those present on the occasion were senior Rashtriya Swayamsevak Sangh Pracharak Shri Indresh Kumar, Health Minister Shri Shyam Bihari Jaiswal, MLA Smt. Gomti Sai, Chairman of the Chhattisgarh Building and Other Construction Workers Welfare Board Dr. Rampratap Singh, CGMSC Chairman Shri Deepak Mhaske, Chhattisgarh State Civil Supplies Corporation Chairman Shri Sanjay Shrivastava, Shri Sachchidanand Upasane, Shri Akhilesh Soni, along with other public representatives and distinguished citizens.
एम.टेक. (डाटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में प्रवेश का सुनहरा अवसर
प्रतिमाह ₹50 हजार की फेलोशिप, ट्यूशन फीस का पूरा खर्च वहन करेगी राज्य सरकार
रायपुर, 28 जून 2026/ तकनीकी शिक्षा को सुशासन और नवाचार से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप 2026 के अंतर्गत एम.टेक. (डाटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 जुलाई 2026 कर दी गई है। पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 1 जुलाई निर्धारित थी।
यह कार्यक्रम नवा रायपुर स्थित IIIT-NR में संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹50,000 की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। साथ ही उनकी ट्यूशन फीस का संपूर्ण व्यय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप कार्यक्रम की विशेषता यह है कि विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में वास्तविक परियोजनाओं (Projects) पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा शासन की डिजिटल सेवाओं और नवाचार आधारित पहलों में योगदान देने का अवसर भी मिलेगा।
इच्छुक अभ्यर्थी 7 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए IIIT-NR की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण का अवलोकन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-2474048 एवं 0771-2474182 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री की 'मन की बात' विकसित भारत के संकल्प को देती है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी प्रधानमंत्री की 'मन की बात' की 135वीं कड़ी
रायपुर 28 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 'मन की बात' आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' की अनेक कड़ियों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा 'हरगिला आर्मी' के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में 'ब्रह्मकमल डोमिनिकाना' के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, श्री सच्चिदानंद उपासने, श्री अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाने का किया आग्रह
रायपुर 28 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।