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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचन

पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को सक्षम बनाकर प्रदेश के विकास को गति देना हमारी इकोनॉमिक फिलॉसफी : मंत्री श्री ओ पी चौधरी

आवास बुक करने वाले लकी ड्रा के विजेताओं को कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन सहित अन्य पुरस्कार का किया वितरण

दो वर्षों में 07 हजार से अधिक परिसंपत्तियों का विक्रय कर 1500 करोड़ रुपये का किया राजस्व अर्जित

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले श्री अंशुल कश्यप को दी 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि

रायपुर, 26 जून 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवीन लोगो का विमोचन किया। इस अवसर पर वर्ष 2025 के आवास मेले में आवास बुक करने वाले हितग्राहियों को लकी ड्रा के माध्यम से कार, स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित विभिन्न पुरस्कार वितरित किए गए। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का नया लोगो तैयार करने वाले श्री अंशुल कश्यप को शुभकामनाएं दी और प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि ढाई लाख रुपए का चेक सौंपा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का अपना पक्का घर होने का सपना होता है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल गृह निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए मंडल ने लगभग 7,388 संपत्तियों का विक्रय कर 1,532 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंडल के अध्यक्ष तथा पूरी टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों और वायदों को तेजी से पूरा किया है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद साढ़े दस लाख से अधिक परिवार के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए आवास तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी विशेष आवास योजना संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 'सेवा सेतु' के माध्यम से 450 से अधिक शासकीय सेवाएं अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार घर में सोलर संयंत्र लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है और इन परिवारों लिए आने वाले समय में बिजली पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच पाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से लंबित बिजली बिल के भुगतान का भी बड़ा अवसर दिया है और बिल पर लगने वाले सरचार्ज समेत आकर्षक छूट का प्रावधान किया है। श्री साय ने कहा कि सरकार न केवल जनहितैषी योजनाएं लागू कर रही है बल्कि सुशासन तिहार के माध्यम से उसका फीडबैक लेने लोगों के बीच भी गई। दो महीने लगातार जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार का काम किया गया है। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न नवाचारी पहल की जानकारी देते हुए सुशासन और पारदर्शी सरकार के संकल्प को दोहराया।

Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai-led government's housing push is transforming lives across Chhattisgarh

Raipur, June 26, 2026/ For years, Shri Amritlal's family in Pandripani village panchayat of Gaurela block in Gaurela-Pendra-Marwahi district lived in a mud house, struggling with leaking roofs and unsafe conditions during the monsoon. Today, the family is living in a permanent house built under the Pradhan Mantri Awas Yojana-Gramin (PMAY-G), marking a significant improvement in its quality of life.

Under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, the state government is working to ensure that basic amenities reach economically weaker families. In line with the vision of Prime Minister Shri Narendra Modi, PMAY-G is helping thousands of eligible families across Chhattisgarh realise their dream of owning a permanent home.

During a special Gram Sabha held at Pandripani on June 24, GPM District Collector Dr Santosh Kumar Dewangan and Zila Panchayat Chief Executive Officer Shri Mukesh Rawte visited Shri Amritlal's newly constructed house. They congratulated the family and said ensuring that the benefits of welfare schemes reach the last person remains the administration's highest priority.

Shri Amritlal said the family earlier lived in a kutcha mud house where the roof leaked during the rainy season and damp walls made everyday life difficult. The poor living conditions affected the children's studies, while financial constraints made it impossible for the family to build a permanent house on its own.

He said assistance under PMAY-G fulfilled a long-cherished dream by providing the family with a strong, safe and permanent house. The new home has brought relief from seasonal hardships, improved living conditions and provided a better environment for the children's education, giving the family renewed confidence and a sense of security.

Shri Amritlal thanked Prime Minister Shri Narendra Modi and Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, saying the scheme had given his family not only a permanent house but also dignity, security and hope for a better future.

कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर

रायपुर, 26 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है।
बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है।
अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।

एआई से डरने की नहीं, उसे अवसर में बदलने की है जरूरत

वित्त मंत्री ने मैक कॉलेज के राष्ट्रीय सम्मेलन में युवाओं से कहा- बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को करें तैयार

रायपुर,  वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "Artificial Intelligence & Digital Transformation: Opportunities, Challenges and Future Impact" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर युवाओं का आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों से भयभीत होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के निर्माण का सबसे बड़ा अवसर मानें।

अपने संबोधन में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी ज्ञान, शिक्षा और नवाचार की नींव पर खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत लगभग 1600 वर्षों तक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था इसलिए रहा क्योंकि यहां शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को सर्वोच्च स्थान दिया गया।

मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से कहा कि आज दुनिया के सबसे सफल उद्योगपति और उद्यमी वे हैं जिन्होंने नए विचारों और नवाचार के बल पर अपनी पहचान बनाई है। एलन मस्क, एनवीडिया और एप्पल जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज तकनीक की शक्ति इतनी बड़ी हो चुकी है कि कई टेक्नोलॉजी कंपनियों का मूल्यांकन अनेक देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। इसलिए युवाओं को समय रहते तकनीकी परिवर्तन को समझकर स्वयं को उसके अनुरूप तैयार करना होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि "जो एआई को अपनाएगा वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। जो इससे दूर भागेगा, वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।" उन्होंने कहा कि हर तकनीकी परिवर्तन चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन वही परिवर्तन नए अवसर भी पैदा करता है। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को सरल बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए युवाओं को ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहिए जहां मानवीय मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसे स्वास्थ्य सेवाएं, नर्सिंग और अन्य सेवा क्षेत्र।

मंत्री श्री चौधरी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ें तथा विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी नेतृत्व का लोहा माना जाता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047" पर कार्य कर रही है। इस दिशा में नवा रायपुर को उभरते तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर तथा ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा है।

कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के युवा नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे नवीन लोगो का विमोचन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे प्रेस वार्ता को संबोधित

रायपुर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 के अंतर्गत लक्की ड्रॉ में चयनित हितग्राहियों को उपहार वितरण समारोह 26 जून 2026 को न्यू सर्किट हाउस परिसर, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर मंडल के नवीन लोगो का भी विमोचन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा 23 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए 22 जून 2026 को विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया गया था। इस ड्रॉ में विजेताओं का चयन मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहारों के लिए किया गया है।

उपहार वितरण समारोह में लक्की ड्रॉ के चयनित विजेताओं को सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही मंडल द्वारा आयोजित नवीन लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेता रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी।

समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम का आयोजन 26 जून 2026, शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम उपरांत आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी दोपहर 3:00 बजे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। मंडल ने सभी लक्की ड्रॉ विजेताओं, हितग्राहियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह में सहभागी बनने हेतु आमंत्रित किया है।

बीते दो माह में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 1747 प्रकरण दर्ज

6.49 करोड़ रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल

बलौदाबाजार में अवैध उत्खनन, जांजगीर-चांपा में अवैध परिवहन और रायपुर में अवैध भंडारण के सबसे ज्यादा मामले

अवैध खनन पर डबल वार, ताबड़तोड़ कार्रवाई के साथ जुर्माना भी कई गुना बढ़ा

रायपुर,  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख का असर अब खनिज माफियाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य में अप्रैल और मई 2026 के दौरान उक्त कार्रवाई के तहत 1,747 प्रकरण दर्ज कर 6 करोड़ 49 लाख 50 हजार 903 रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल की गई है।

अभियान के दौरान सबसे अधिक 1,487 मामले अवैध परिवहन के सामने आए, जबकि 231 प्रकरण अवैध उत्खनन और 29 मामले अवैध भंडारण के दर्ज किए गए। इससे यह पता चलता है कि सरकार ने खनिजों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।

अवैध उत्खनन के मामलों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला सबसे ऊपर रहा है, जहां 44 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके बाद रायपुर में 15 तथा कबीरधाम में 14 और बालोद में 14 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर, अवैध परिवहन के सबसे अधिक रायपुर में 173 मामले दर्ज हुए। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 162, बिलासपुर में 101 और धमतरी में 101 मामले पकड़ में आए हैं। अवैध भंडारण के सर्वाधिक 8 प्रकरण रायपुर में दर्ज किए गए, जबकि दंतेवाड़ा में 4 तथा कांकेर में 3 और बिलासपुर में 3 मामले पकड़ाए हैं।

अवैध उत्खनन में सबसे अधिक 55.32 लाख रुपये की दाण्डिक राशि दंतेवाड़ा जिले में वसूल की गई है। अवैध परिवहन में सर्वाधिक 54.69 लाख रुपये रायपुर से वसूले गए, जबकि अवैध भंडारण में भी सबसे अधिक 12.58 लाख रुपये की दाण्डिक राशि रायपुर में वसूली गई। इस प्रकार कुल दांडिक राशि की वसूली के मामले में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख के चलते सरकार ने एक ओर राज्यभर में खनिज माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है, वहीं दूसरी ओर नियमों में बदलाव कर जुर्माने और दण्ड के प्रावधान भी पहले से कहीं अधिक कठोर कर दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का कहना है कि राज्य के खनिज संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौण खनिज नियमों में संशोधन के बाद अब किसी भी मामले में समझौता (प्रशमन) राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से प्रशमन शुल्क के साथ-साथ खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का जुर्माना और रेत का मूल्य देना होगा। जब्त वाहन, मशीन या उपकरण की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन की श्रेणी के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, इसके बाद ही वाहन छोड़ा जाएगा।

 

सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 29 जून से 6 जुलाई तक मनाया जाएगा सहकारी सप्ताह

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर एवं सहकार मेला

रायपुर,  भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में सहकारी सप्ताह मनाया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे।

सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने तैयारियों की समीक्षा की

गौरतलब है कि सहकारी सप्ताह के सफल आयोजन के लिए सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने विगत 23 जून को विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की पैक्स समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों एवं संभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने सभी संबंधित संस्थाओं और समितियों को आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

2573 पैक्स समितियों में होंगे विविध कार्यक्रम

सहकारी सप्ताह के दौरान प्रदेश की सभी 2573 पैक्स समितियों सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से सहकारी ध्वजारोहण,सदस्यता अभियान,माइक्रो एटीएम, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं रू-पे केसीसी कार्ड वितरण,सहकार दौड़,वृक्षारोपण अभियान,मृदा परीक्षण,कृषक संगोष्ठियां एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर परिचर्चा आदि कार्यक्रम शामिल हैं।

9 पैक्स गोदामों का होगा भूमिपूजन

सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर 6 जुलाई 2026 को भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 9 पैक्स में गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा।

रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर एवं सहकार मेला

राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन 3 एवं 4 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, लाभांडी (रायपुर) में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे। सहकारी संस्थाओं और राष्ट्रीय संगठनों की होगी भागीदारी कार्यक्रम में पैक्स, दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों के साथ-साथ नाबार्ड, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नैफेड, सीएससी, इफको, कृभको, राज्य सहकारी संघ तथा अन्य प्रमुख संस्थाएं अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगी।

सहकारिता से समृद्धि के मॉडल होंगे प्रदर्शित

सहकार मेले में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और सफल मॉडलों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही किसानों, महिला समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, बुनकरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सहकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

आयोजन की रूपरेखा पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सहभागिता और विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सभी ने सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सहकारी सप्ताह को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति

विजयपुर में बनेगा 100 बिस्तरों वाला सीनियर सिटीजन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर 9.52 करोड़ रुपये से अधिक होंगे व्यय

रायपुर,  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के सतत प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों ग्रामीण परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

स्वीकृत कार्यों में सर्वाधिक 16 करोड़ 73 लाख 27 हजार रुपये की लागत से रायगढ़ शहर के विजयपुर क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले सीनियर सिटीजन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह आधुनिक केंद्र वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा।

स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंडों के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु कुल 9 करोड़ 52 लाख 71 हजार रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

पशुधन संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिले में नवीन पशु चिकित्सालय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। रायगढ़ विकासखंड के पतरापाली सहित विभिन्न ग्रामों में पशु चिकित्सालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार एवं परामर्श सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लैलूंगा, तमनार, घरघोड़ा एवं रायगढ़ विकासखंड के विभिन्न गांवों में नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी।

शिक्षा, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए तमनार विकासखंड के पेलमा एवं लालपुर में नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण तथा पेलमा एवं खर्रा में प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं रायगढ़ विकासखंड के लामीदरहा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन निर्माण के लिए भी राशि मंजूर की गई है, जिससे ग्रामीणों को राशन वितरण की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

जिला प्रशासन ने सभी निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह विकास पैकेज रायगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

रायपुर,मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक श्री जे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अवैध रेत भंडारण पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, गुडलू में 135 घनमीटर रेत जब्त

83 हजार रुपये से अधिक अर्थदंड व राजस्व वसूला गया, नियम तोड़ने वालों को चेतावनी

रायपुर, 25 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण संबंधी स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप जशपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अवैध रेत भंडारण एवं रेत तस्करी संबंधी शिकायत पर खनिज विभाग ने त्वरित जांच कर बड़ी कार्रवाई की है।

जांच के दौरान बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत गुडलू में 19 जून 2026 को 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। शिकायत प्राप्त होते ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त कर लिया। मामले में खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

कार्रवाई के दौरान अवैध रेत भंडारण के मामले में 40 हजार 780 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। वहीं अवैध रेत परिवहन के चार अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 42 हजार 736 रुपये की राशि खनिज मद में जमा कराई गई। इस प्रकार कुल 83 हजार रुपये से अधिक की राशि अर्थदंड एवं राजस्व के रूप में वसूल की गई।

सहायक खनि अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना है।

प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

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