ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
News Creation : मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राजो उर्फ राजू लक्ष्मण को पाकिस्तान में परमाणु ऐक्टिविटी की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, वह पांचवीं फेल है. उसने पाठ्यक्रम में परमाणुओं और अणुओं को पढ़ने से पहले ही स्कूल छोड़ दिया था. बचपन से ही उसके परिवार का मानना था कि उसके ऊपर बुरी आत्माएं हैं.
राजो उर्फ राजू लक्ष्मण के बारे में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि वह इंदौर का नहीं है. जबकि मध्य प्रदेश पुलिस की एक इकाई ने राजो के परिवार को भोपाल से लगभग 200 किलोमीटर दूर खंडवा जिले के पुनासा से 25 किमी दूर इंद्रावदी गांव में खोजा है. दो बार शादी कर चुके इस व्यक्ति को सभी लोग जानते हैं और कहते हैं वह दिमागी तौर पर सिरफिरा है.
छह साल तक ओझाओं से कराया इलाज
राजू के परिवार का कहना है कि वह परमाणु की जासूसी करने के बारे में कल्पना में भी नहीं सोच सकता है. राजू के छोटे भाई दिलीप ने बताया कि जब वह बेकार की बातें करना शुरू कर देता था तो वे लोग घबरा जाते थे. पिछले छह वर्षों में वे लोग उसे कई ओझाओं के पास ले गए, लेकिन वे उसे ठीक नहीं करा पाए. उसके ऊपर जासूसी के आरोप निराधार हैं.
कैसे पहुंचा पाकिस्तान कोई नहीं जानता
परिवार हतप्रभ है कि उसे एक जासूस बताकर पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया है. वह सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा है. उसके बाद से कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा. उसके ऊपर बुरी आत्माओं का साया है. वह अपने घर से 2000 किलोमीटर दूर पाकिस्तान कैसे पहुंच गया, यह भी एक रहस्य है.
दो हफ्ते पहले घर से खाना खाकर निकला, पर नहीं लौटा
दिलीप ने कहा कि राजू दो हफ्ते पहले दोपहर का खाना खाने के बाद घर से निकला था उसके बाद से नहीं लौटा. कई बार ऐसा हुआ कि राजू घर से बाहर जाकर नहीं लौटा लेकिन बाद में आ जाता था, इसलिए उन लोगों ने उसके लापता होने की कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की. हालांकि पहली बार ऐसा हुआ कि वह जाकर वापस नहीं आया. हम सदमे में हैं और राजू के लिए बहुत चिंतित हैं.
पूर्वी पंजाब प्रांत से गिरफ्तारी का दावा
24 वर्षीय राजू को पाकिस्तानी सीमा सैन्य पुलिस (बीएमपी) ने 29 जुलाई को डेरा गाजी खान से पूर्वी पंजाब प्रांत में परमाणु की जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उनका दावा था कि राजू भारतीय है. पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसके अंडरवियर के 'मेड इन इंडिया' टैग की एक तस्वीर प्रसारित की थी. दिलीप ने कहा कि राजू कक्षा पांच में फेल होने के बाद से स्कूल नहीं गया. उनके पिता अपना इलाज नहीं करा सकते थे. हमारा घर इंदिरा सागर बांध परियोजना में डूबा हुआ था और हमें मुआवजे के रूप में 83,000 रुपये मिले.
दिमागी हालत के चलते पत्नियों ने भी छोड़ा
दिलीप ने बताया कि तीन एकड़ जमीन पर खेती करना ही उनके परिवार का एकमात्र आय का स्रोत है. दिलीप ने बताया कि वह खुद आठवीं तक ही पढ़ा है. राजू की दो बार शादी हुई थी, लेकिन उसकी मानसिक बीमारी के चलते दोनों पत्नियों ने उसे छोड़ दिया.
सूत्रों ने कहा कि कथित जासूस को राखी गज क्षेत्र में एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ की जा रही है. राजू के पास से एक लाइटर, 20 ग्राम तंबाकू, 15 रुपये के सिक्के, 1,100 रुपये नगद, दो ब्लेड और एक अखबार की कटिंग बरामद हुई. राजू की कहानी डिंडोरी के बुधराम मार्को और सिवनी के जितेंद्र अर्जुनवार की तरह है, जो राज्य से गायब हो गए और पाकिस्तान में सामने आए.
यहाँ क्लिक कर, हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें
नीचे दिए स्टार्स पर हमारी खबर को रेटिंग दें, और कमेंट बॉक्स में कमेंट करना न भूलें.
खबरों के साथ बनें रहे और ये भी पढ़े :
पाकिस्तान का दावा, किया है भारतीय जासूस को गिरफ्तार. पढ़े पूरी खबर