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  • 1998 में इन्हीं सीटों पर फोकस कर कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार बनाई थी सरकार
  • दो दिन में सात बैठकें व सभाएं, शहर के मध्य क्षेत्र में रोड शो और व्यापारियों से सीधा संवाद

 इंदौर . देश का दिल यानी मध्यप्रदेश जीतने के लिए कांग्रेस हरसंभव कोशिश कर रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार सत्ता हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही इंदौर-उज्जैन संभाग की 66 सीटों के साथ निमाड़ में अपना असर डालने दो दिन रहेंगे। राहुल के 29-30 अक्टूबर को होने वाले दौरे के लिए कांग्रेस ने प्लान भी उसी हिसाब से बनाया है।

 दो दिन में सात मीटिंग व सभाएं, इंदौर के मध्य क्षेत्र में रोड शो और व्यापारियों से सीधा संवाद होगा। 1998 में भी कांग्रेस ने इन्हीं सीटों पर फोकस कर प्रदेश में लगातार दूसरी बार अपनी सरकार बनाई थी। राहुल के इस दौरे के लिए दो महीने से तैयारियां चल रही थीं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है इस बार भाजपा की विदाई की इबारत मालवा-निमाड़ से ही लिखी जाएगी। मालवा-निमाड़ पर हमारा खास फोकस है। प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है।

सीटों का हिसाब... 66 में से कम से कम 25 सीटें जीतने की कोशिश

  1.  

    इंदौर-उज्जैन संभाग में 66 सीटें हैं। इनमें से 9 सीटें कांग्रेस के पास हैं। भाजपा के इस अभेद्य गढ़ को भेदने के लिए राहुल की सभा, रोड शो और संवाद प्लान किया गया है। कांग्रेस चाहती है 66 सीटों में से कम से कम 25 सीटें उसकी झोली में आए। उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर दो दिनी दौरे की शुरुआत होगी। इससे भगवा वोट बैंक पर असर डालना है। महू में डॉ. आंबेडकर के दर्शन कर दलित वोट बैंक को रिझाना है। धार में आदिवासियों के बीच जयस के असर को कम करना है।

     

  2. मालवा का सेंटर पॉइंट, इसलिए यहां रोड शो और संवाद दोनों करेगी पार्टी

     

    29 को राहुल गांधी उज्जैन से सीधे झाबुआ जाएंगे। वहां पर सभा करेंगे। अगले दिन यानी 30 अक्टूबर को वे धार जाएंगे। इस बार जयस भी मैदान में है। ऐसे में परंपरागत आदिवासी वोट बैंक पर पकड़ रखने के लिए एक दिन झाबुआ तो दूसरे दिन धार का दौरा रखा है। धार की सात सीटों में भी कांग्रेस को काफी संभावनाएं दिख रही हैं। पिछले चुनाव में सात में से दो सीटें ही कांग्रेस जीती थी। इंदौर मालवा का सेंटर पॉइंट है। रोड शो से विधानसभा क्षेत्र 1, 4 और 3 कवर होंगे। क्षेत्र 2 जो भाजपा का गढ़ है, वहां पर राहुल गांधी 30 अक्टूबर को व्यापारिक संवाद करेंगे।

     

  3. 1985 में अर्जुन सिंह, 1998 में दिग्विजय सिंह ने इन्हीं सीटों पर किया था फोकस, जीते भी थे

     

    1985 में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह और 1998 में दूसरी पारी में दिग्विजय सिंह ने इन सीटों पर फोकस किया था और जीत दर्ज की थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष पं. कृपाशंकर शुक्ला ने कहा ये सीटें सत्ता के सफर में काफी महत्वपूर्ण हैं। शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के अनुसार रोड शो का रूट इस तरह से बनाया है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच से राहुल गांधी गुजर सकें। इंदौर में राहुल गांधी रात्रि विश्राम भी करेंगे। बरसों पहले राजीव गांधी ने रोड शो किया था, तब वे भी बड़ा गणपति से राजबाड़ा होकर गए थे।

  • सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और नंबर-2 अफसर राकेश अस्थाना के बीच रिश्वतखोरी मामले को लेकर विवाद
  • विवाद बढ़ा तो केंद्र ने सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजा, नागेश्वर राव को अंतरिम चीफ बनाया
  • सरकार के इसी फैसले के खिलाफ वर्मा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

नई दिल्ली. सीबीआई में रिश्वतखोरी विवाद के बाद जांच एजेंसी के प्रमुख आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने वर्मा से जुड़े मामले की जांच दो हफ्ते में पूरी करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके पटनायक की अगुआई में यह जांच केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि सीबीआई के अंतरिम चीफ नागेश्वर राव नीतिगत फैसले नहीं ले सकते। अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।

 

 

सीबीआई चीफ आलोक वर्मा ने उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने और नया अंतरिम चीफ नियुक्त किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान वर्मा की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन ने कहा, ‘‘सीवीसी और केंद्र सरकार का आदेश किसी कानूनी अधिकार के तहत नहीं है।’’ इस पर तीन जजों की बेंच ने कहा- हम इसे देखेंगे। कोर्ट ने वर्मा और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के एनजीओ कॉमन काॅज की याचिकाओं पर केंद्र, सीवीसी और राकेश अस्थाना को नोटिस जारी किया।

 

अस्थाना ने भी लगाई याचिका : सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को इस मामले में अस्थाना ने भी याचिका दायर की। हालांकि, चीफ जस्टिस ने उनके वकील की दलीलें सुनने से इनकार करते हुए कहा- उनकी फाइल कोर्ट के सामने नहीं है।

 

सरकार ने माना- ताजा घटनाक्रमों के चलते सीबीआई की विश्वसनीयता कम हुई
शीर्ष अदालत के फैसले पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘‘सरकार किसी एक व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। हम सिर्फ सीबीआई की संस्थागत ईमानदारी और उसकी छवि बनाए रखना चाहते हैं। ताजा घटनाक्रमों के चलते सीबीआई की विश्वसनीयता कम हुई। सीवीसी ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ही दो शीर्ष अफसरों को छुट्टी पर भेजने की सिफारिश की थी। दो हफ्ते में जांच का खत्म होना एक सकारात्मक पक्ष होगा। सुप्रीम कोर्ट ने हमारी बात को आगे बढ़ाया। उन्होंने पारदर्शिता का ख्याल रखा। हमारा देश यह कीमत नहीं दे सकता कि भ्रष्टाचार की जांच करने वाली एजेंसी खुद ही उसके घेरे में आ जाए।’’

 

सीबीआई ने दी थी सफाई : इससे पहले गुरुवार को सीबीआई ने इस मामले में सफाई दी। कहा- आलोक वर्मा अभी भी सीबीआई डायरेक्टर और राकेश अस्थाना स्पेशल डायरेक्टर हैं। इन अफसरों को हटाया नहीं गया है। इन्हें सिर्फ जांच से अलग करके छुट्टी पर भेजा गया है।

 

सुप्रीम कोर्ट में दी गई याचिका में आलोक वर्मा की दलीलें

वर्मा ने अपनी याचिका में दलील दी कि उन्हें हटाना डीपीएसई एक्ट की धारा 4बी का उल्लंघन है। डायरेक्टर का कार्यकाल दो साल तय है। प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और सीजेआई की कमेटी ही डायरेक्टर को नियुक्त कर सकती है। वही हटा सकती है। इसलिए सरकार ने कानून से बाहर जाकर निर्णय लिया है। कोर्ट ने बार-बार कहा है कि सीबीआई को सरकार से अलग करना चाहिए। डीओपीटी का कंट्रोल एजेंसी के काम में बाधा है।

 

सरकारी दखल कहीं लिखित में नहीं मिलेगा। लेकिन, ये होता है। इसका सामना करने के लिए साहस की जरूरत होती है।

आलोक वर्मा, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में

 

सरकार ने कहा- एजेंसी की छवि के लिए ऐसा करना जरूरी

सीबीआई विवाद में कार्रवाई को लेकर सरकार ने बुधवार को जवाब दिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा- सीबीआई की ऐतिहासिक छवि रही है और उसकी ईमानदारी को बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया था। सीवीसी की अनुशंसा पर एक एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी। केंद्र ने यह भी साफ किया अगर अधिकारी निर्दोष होंगे तो उनकी वापसी हो जाएगी।

 

माेइन कुरैशी के मामले की जांच से शुरू हुआ रिश्वतखोरी विवाद
सीबीआई में अस्थाना मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मामले की जांच कर रहे थे। इस जांच के दौरान हैदराबाद का सतीश बाबू सना भी घेरे में आया। एजेंसी 50 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन के मामले में उसके खिलाफ जांच कर रही थी। सना ने सीबीआई चीफ को भेजी शिकायत में कहा कि अस्थाना ने इस मामले में उसे क्लीन चिट देने के एवज में पांच करोड़ रुपए मांगे थे। हालांकि, 24 अगस्त को अस्थाना ने सीवीसी को पत्र लिखकर डायरेक्टर आलोक वर्मा पर सना से दो करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया था। 

 

सीबीआई कैसे पहुंचा राफेल का मामला?
अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर में दावा किया गया है कि सीबीआई चीफ अालोक वर्मा जिन मामलों को देख रहे थे, उनमें सबसे संवेदनशील केस राफेल डील से जुड़ा था। दरअसल, 4 अक्टूबर को ही वर्मा को पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण की तरफ से 132 पेज की एक शिकायत मिली थी। इसमें कहा गया था कि फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की सरकार की डील में गड़बड़ी हुई है। आरोप था कि हर एक प्लेन पर अनिल अंबानी की कंपनी को 35% कमीशन मिलने वाला है। दावा है कि आलोक वर्मा को जब हटाया गया, तब वे इस शिकायत के सत्यापन की प्रक्रिया देख रहे थे।

 

सीबीआई में दो बड़े अफसरों के बीच दो साल से टकराव जारी

 

  • 2016 में सीबीआई में नंबर दो अफसर रहे आरके दत्ता का तबादला गृह मंत्रालय में कर अस्थाना को लाया गया था। दत्ता भावी निदेशक माने जा रहे थे। लेकिन गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर राकेश अस्थाना सीबीआई के अंतरिम चीफ बना दिए गए।
  • अस्थाना की नियुक्ति को वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। इसके बाद फरवरी में आलोक वर्मा को सीबीआई चीफ बनाया गया।
  • आलोक वर्मा ने अस्थाना को स्पेशल डायरेक्टर बनाने का विरोध कर दिया। उन्होंने कहा था कि अस्थाना पर कई आरोप हैं, वे सीबीआई में रहने लायक नहीं हैं।
  • वर्मा 1984 की आईपीएस बैच के अफसर हैं। अस्थाना 1979 की बैच के आईपीएस अफसर हैं।

 

सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन : आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस शुक्रवार को देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली में भी सीबीआई मुख्यालय के सामने पार्टी के कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा है। उधर, कांग्रेस के इस प्रदर्शन का तृणमूल कांग्रेस ने भी समर्थन किया है।

  • दिल्ली में दयाल सिंह कॉलेज से सीबीआई मुख्यालय तक राहुल के नेतृत्व में मार्च निकाला गया
  • राहुल ने बैरिकेड के ऊपर बैठकर प्रदर्शन किया

नई दिल्ली. रिश्वतखोरी विवाद के बाद सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के मोदी सरकार के फैसले के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। दिल्ली में प्रदर्शन की कमान पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने संभाली। उनके नेतृत्व में दयाल सिंह कॉलेज से सीबीआई मुख्यालय तक मार्च निकाला गया। राहुल ने बैरिकेड पर चढ़कर धरना दिया। सीबीआई मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद राहुल ने गिरफ्तारी दी। इसके बाद वे लोधी रोड पुलिस स्टेशन गए। वहां से बाहर निकलने पर उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री भाग सकते हैं, लेकिन आखिर में सच सामने आएगा।

 राहुल का आरोप- वर्मा को छुट्टी पर भेजने के पीछे मोदी का हाथ

राहुल ने इससे पहले गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था- सीबीआई विवाद राफेल से जुड़ा हुआ है। सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ है। सीबीआई चीफ पर कार्रवाई इसलिए हुई, क्योंकि वे राफेल से जुड़े मामले की जांच शुरू करने वाले थे। उनके कमरे को सील किया गया और जो दस्तावेज उनके पास थे, वे ले लिए गए। राफेल से जुड़े सबूतों को मिटाने के लिए यह काम रात दो बजे किया गया। देश नरेंद्र मोदी को छोड़ेगा नहीं, विपक्ष भी उन्हें नहीं छोड़ेगा।

 सीबीआई कैसे पहुंचा राफेल का मामला?
अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर में दावा किया गया है कि सीबीआई चीफ अालोक वर्मा जिन मामलों को देख रहे थे, उनमें सबसे संवेदनशील केस राफेल डील से जुड़ा था। दरअसल, 4 अक्टूबर को ही वर्मा को पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण की तरफ से 132 पेज की एक शिकायत मिली थी। इसमें कहा गया था कि फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की सरकार की डील में गड़बड़ी हुई है। आरोप था कि हर एक प्लेन पर अनिल अंबानी की कंपनी को 35% कमीशन मिलने वाला है। दावा है कि आलोक वर्मा को जब हटाया गया, तब वे इस शिकायत के सत्यापन की प्रक्रिया देख रहे थे।

 

माेइन कुरैशी के मामले की जांच से शुरू हुआ रिश्वतखोरी विवाद
सीबीआई में नंबर-2 अफसर राकेश अस्थाना मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े मामले की जांच कर रहे थे। इस जांच के दौरान हैदराबाद का सतीश बाबू सना भी घेरे में आया। एजेंसी 50 लाख रुपए के ट्रांजैक्शन के मामले में उसके खिलाफ जांच कर रही थी। सना ने सीबीआई चीफ को भेजी शिकायत में कहा कि अस्थाना ने इस मामले में उसे क्लीन चिट देने के लिए 5 करोड़ रुपए मांगे थे।

दुर्ग जिले की एक विधानसभा के प्रत्याशी ने इन दिनों अपना अघोषित कार्यालय एक पुलिस अफसर के घर शिफ्ट कर दिया है। यहीं...

दुर्ग जिले की एक विधानसभा के प्रत्याशी ने इन दिनों अपना अघोषित कार्यालय एक पुलिस अफसर के घर शिफ्ट कर दिया है। यहीं से तमाम चुनावी गतिविधियों का संचालन हो रहा है। दरअसल, यह अघोषित कार्यालय पुलिस अफसर का पैतृक आवास है। खबर है कि प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठक, होने वाले खर्च और अन्य सारे कार्य यहीं से मैनेज किए रहे हैं। वजह यह कि प्रत्याशी के घर पर वैसे ही इस समय लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। विशेष रूप से मीडिया व निर्वाचन आयोग की नजर रहती है, इसलिए इसे अघोषित कार्यालय को बनाया गया। यहां प्रत्याशी के बेटे खुद पूरे समय डटे रहते हैं। इतना ही नहीं, जिन महाशय का यह घर है, प्रत्याशी उनके हिसाब से ही सब-कुछ कर रहे हैं। इसे लेकर भी कार्यकर्ताओं में खासी चर्चा है।
  • कोटा में महिला कांग्रेस के अधिवेशन में पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा अच्छा दिया, लेकिन टाइम आया तब कुछ नहीं किया
  • आरएसएस को बताया महिला विरोधी

सीकर/कोटा. राजस्थान दौरे के दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सुबह कोटा में महिला कांग्रेस के अधिवेशन में पहुंचे। इस दौरान राजस्थान कांग्रेस की तमाम महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। राहुल ने अपने संबोधन में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा अच्छा दिया, लेकिन टाइम आया तब कुछ नहीं किया। इसके बाद राहुल गांधी दोपहर एक बजे जनसभा को संबोधित करेंगे।  

 

राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नारा दिया था बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ। अच्छा नारा है फिर जब उत्तर प्रदेश में भाजपा के एमएलए ने एक महिला का बलात्कार किया तो प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। यूपी के मुख्यमंत्री ने उसे बचाने की कोशिश की पीएम ने कुछ नहीं किया। नारा अच्छा दिया, लेकिन जब एक्शन लेने का टाइम आया तब कुछ नहीं किया।

 

आरएसएस और भाजपा पर भी बोले: कांग्रेस पार्टी और बीजेपी आरएसएस। लोग कहते हैं की कांग्रेस सेक्यूलर है और बीजेपी नहीं, लेकिन इस पार्टी के बीच सबसे बड़ा फर्क ये है की बीजेपी-आरएसएस के लोग कहते है कि महिलाओं को घर से नहीं निकलना चाहिए। आप आरएसएस की मीटिंग देख लीजिए कोई महिला नहीं दिखेगी। 

 

महिलाओं को 40 फीसदी आरक्षण की बात कही

 

राहुल गांधी ने कहा कि मैं कांग्रेस में बदलाव लाना चाहता हूं। आज मैने स्टेज से जिनके नाम लिए उनमें पुरषों की संख्या ज्यादा थी। मैं चाहता हूं की आने वाले सालों में इन नामों में महिलाओं की संख्या बढ़े। संगठन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं को अधिकार दिए जाएंगे। राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले सालों में महिलाओं के लिए 40 फीसदी आरक्षण करेंगे।

 

सीकर में राहुल गांधी बोले- एक चौकीदार ने सभी चौकीदारों को बदनाम कर दिया: कोटा के बाद राहुल गांधी ने सीकर में हुई सभा में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री वसुधरा राजे पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि मुख्यमंत्री राजे ने 15 लाख रोजगार देने का वादा किया था। राहुन ने कहा कि 1965 के युद्ध से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तान की बोलती बंद करने वाले मिग व ध्रुव जैसे विमान व हैलिकाप्टर देश में ही बने थे। इन्हें हिंदुस्तान एयरोनोटिकल लिमेटेड बेंगलौर (एएचएल) ने ही बनाया था। मनमोहन सिंह जी जब प्रधानमंत्री थे जब 126 विमान खरीदने की बात हुई तो उन्होंने कहा कि विमान एचएल ही बनाएगा।

 

प्रधानमंत्री ने अपने मित्र अनिल अंबानी को राफेल के माध्यम से साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाया। अनिल अंबानी ने न ध्रुव बनाया न मिग बनाया। 70 साल पुरानी कंपनी को दरकिनार कर कुछ दिन पुरानी अनिल अंबानी की कंपनी को कांट्रेक्ट देकर फायदा पहुंचाया। राहुल ने पूछा आप बताइये कि अनिल अंबानी ने कितने लोगों को रोजगार दिया।  

  • नक्सलियों ने कर रखा है बहिष्कार का ऐलान, लोगों में दहशत का माहौल
  • पुलिस का कहना, यह नक्सली घटना नहीं, शरारती तत्वों की कारस्तानी

दंतेवाड़ा. विधानसभा चुनाव के करीब आते एक बार फिर धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों की सक्रियता बढ़ गई है। अब बचेली स्टेशन के बाहर खड़े वाहनों पर बुधवार देर रात चुनाव बहिष्कार के नारे लिखे गए हैं। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लाल पेंट से लिखा होने के कारण लोग इसे नक्सली घटना मान रहे हैं, वहीं पुलिस इससे इनकार कर रही है। उसका मानना है कि यह किसी शरारती तत्व ने किया है। 

 जानकारी के मुताबिक, बचेली थाना क्षेत्र में शहर से लगे हुए रेलवे स्टेशन के बाहर बुधवार देर रात की घटना बताई जा रही है। लोगों देखा तो वहां खड़ी स्कार्पियो और पिकअप गाड़ी पर चुनाव बहिष्कार के नारे लिखे हुए थे। लोगों की नजर जैसे ही इस पर पड़ी उन्होंने पुलिस को सूचना दी। 

 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहनों पर लिखे नारों को मिटवाने का प्रयास भी किया, लेकिन लाल पेंट से लिखे होने के कारण वह हट नहीं सके। पुलिस का कहना है कि किसी शरारती तत्व ने इसे किया है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है। फोर्स की भी तैनाती की गई है। 

 दरअसल, दंतेवाड़ा विधानसभा चुनाव में नक्सलियों ने पहले ही बहिष्कार का एलान कर दिया था। भांसी कमालूर रेलवे स्टेशन के पास भी भैरमगढ़ एरिया कमेटी के चुनाव बहिष्कार के पर्चे देखे गए थे। इसी तरह से बचेली सेम्पेक्स नाला के पास भी विरोध के पर्चे दो दिन पहले मिले थे। 

 

चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। अतिरिक्त फोर्स के लिए जवान भी बाहर से भेजे गए हैं। बावजूद इसके नक्सलियों की ओर से उनकी हरकतें जारी हैं। लोगों में डर इतना है कि उन्होंने वोटिंग के बाद अंगुली में लगने वाली स्याही काे भी मना किया है।

  • विधानसभा चुनाव में 421 उम्मीदवारों ने किया था पर्चा दाखिल, 231 के ही मिले सही
  • 26 अक्टूबर नाम वापसी की अंतिम तिथि, 18 सीटों पर 12 नवंबर को होगा मतदान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में पहले चरण में होने वाले चुनाव के लिए जांच के बाद गड़बड़ी मिलने पर गुरुवार को 190 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज हो गए। 18 विधानसभा सीटों पर 421 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इसमें से 231 के ही पर्चे सही पाए गए। वहीं आज से ही नाम वापसी भी शुरू हो गई है। 26 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 

  बस्तर संभाग और राजनांदगांव के जिलों में 12 नवंबर को मतदान होने है। इसके लिए राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ विधानसभा में 19, डोंगरगढ़ में 11, राजनांदगांव में 40, डोंगरगांव में 14, खुज्जी में 18 और मोहला-मानपुर विधानसभा सीट में 10 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध मिले हैं। 


पहले चरण में निर्वाचन वाले बस्तर संभाग के कांकेर जिले के अंतागढ़ विधानसभा में 14, भानुप्रतापपुर में 10 और कांकेर विधानसभा में 8 उम्मीदवारों के नामांकन सही पाए गए। कोंडागांव जिले के केशकाल विधानसभा में 9 व कोंडागांव में 5 उम्मीदवारों के नामांकन विधिमान्य घोषित किए गए हैंं। नारायणपुर विधानसभा के लिए 8 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही मिले। 

 

बस्तर जिले के बस्तर विधानसभा में 6, जगदलपुर में 25 और चित्रकोट विधानसभा में 10 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र सही घोषित किए गए हैं। दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा विधानसभा के लिए 10, बीजापुर जिले के बीजापुर विधानसभा के लिए 8 और सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा के लिए 6  उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही पाए गए। 

 

पहले चरण में बस्तर संभाग की 12 और राजनांदगांव जिले की 6 सीटों के लिए मतदान होंगे. इसके लिए नामांकन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर थी। छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होने हैं। पहले चरण में 12 नवंबर और दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान होंगे।  इसके बाद 12 दिसंबर को चुनाव परिणाम आएंगे। 

  • पुलिस ने अारोपियों से 30 लाख का सोना और नकदी जब्त की
  • लुटेरों पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था
  • लूट में शामिल अन्य चार आरोपियों को पुलिस तलाश रही है

बड़वानी. पानसेमल क्षेत्र में 30 सितंबर की रात सराफा व्यवसायी से हुई लूट मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 30 लाख का सोना और नकदी जब्त की है। जांच के लिए एसपी ने एसआईटी गठित की थी, जिसने लूट के 24 दिन बाद मामले में सफलता हासिल की। लूट में शामिल अन्य चार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। एसपी ने लूटरों पर 10 हजार का इनाम भी घोषित किया।

आरोपियों के चार साथी अभी भी फरार

  1.  

    एसपी विजय कुमार खत्री के अनुसार वारदात पानसेमल क्षेत्र में 30 सितंबर को हुई थी। रात करीब साढ़े 8 बजे सराफा व्यवसायी राजेन्द्र सोनी अपने भांजे लवेश के साथ दुकान बंद कर बाइक से घर जा रहे थे। उनके पास एक बैग में सोने की ज्वैलरी, जिसमें लेडीज व जेंट्स अगूठियां, झुमकी, टॉप्स, ईयर रिंग, पेंडल, बालियां, नेकलेस, गले की माला, सोने के मोती, सोने के बिस्किट, सोने के टुकड़े और एक लाख 70 हजार रुपए नकदी रखकर घर जा रहे थे।

     

  2.  

    व्यापारी जब खेतिया रोड बुरहानी हार्डवेयर के पास पहुंचे तो पीछे से आए एक व्यक्ति ने अपनी बाइक से उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वे जमीन पर गिर गए। इसी बीच वहां खड़े एक अन्य व्यक्ति ने राजेन्द्र अौर लवेश पर लट्ठ से हमला कर उनसे बैग छीन लिया। हमले में राजेन्‍द्र और लवेश दोनों को सिर पर गंभीर चोटें आई थी। पुलिस ने राजेंद्र की शिकायत दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी खत्री ने एक टीम का गठन किया और जल्द आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। 

     

  3.  

    टीम ने मुखबीर की सूचना पर आरोपी रमेश पिता बिजिया परमार निवासी पिपल्या थाना कल्याणपुरा झाबुआ, रविन्द्र पिता सेलदार पावरा निवासी आजाद नगर लोनखेड़ा जिला नंदूरबार (महाराष्ट्र) और प्रहलाद पिता दगडु सोनी निवासी आजाद नगर लोनखेड़ा जिला नंदूरबार (महाराष्ट्र) को पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 लाख रुपए के सोने के जेवरात, नकदी और एक ट्रैक्टर जब्त किया। आरोपियों से पूछताछ में बताया कि लूट मामले में उनके साथ अन्य आरोपी जुवानसिंह, दीपू, थावरिया, रमेश ताहेड भी शामिल थे, जिनकी तलाश जारी है।

     

  4.  

    अारोपी रमेश परमार ने इसके पहले सेंधवा में गवाड़ी पेट्रोल पंप लूट, मुंबई के ठाणे में एक सोनार से लूट, कल्याणपुरा में एक सोनार से लूट और मेघनगर में पेट्रोल पंप में लूट की वारदात को अंजाम दे चुका है। आरोपी रविन्द्र पावरा इसके पहले खेतिया और शहादा में चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है। वहीं प्रहलाद सोनी पूर्व में शहादा (महा.) में टाडा के प्रकरण का आरोपी था।

     

     

  5.  

    आरोपी रमेश परमार और आरोपी रविन्द्र पावरा की दोस्ती सेंधवा जेल में हुई थी। वहीं पर दोनों ने लूट की योजना बनाई थी। जेल से छूटने के बाद अपने साथियों के साथ योजना बनाकर पानसेमल में लूट की वारदात को अंजाम दिया। पानसेमल की लूट में प्रयुक्त बिना नंबर की बाइक को पानसेमल में छोक़कर भाग गए थे, जिसे उन्‍होंने पेटलावद जिला झाबुआ से चोरी किया था। आरोपी रमेश परमार ने लूट के रुपए से एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसे जब्त कर लिया गया है।

मुंबई। अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने कहा है कि "यौन उत्पीड़न फिल्म जगत से जुड़ा एक विशेष मुद्दा नहीं है क्योंकि "यौन उत्पीड़क" हर जगह है।" "कभी-कभी हमारे अपने घर" में भी होते हैं। फिल्म जगत में चल रहे मीटू अभियान के बारे में पूछे जाने पर जैकलीन ने कहा कि इस समय जो हो रहा है उस पर बाचतीत के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 
जैकलीन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हमें याद है कि लैंगिक चर्चा एक ऐसा संवाद है जो लंबे समय से लंबित है। इसे हमे फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं रखना चाहिए। यह एक ऐसा संवाद है जिस पर लंबे समय से हमारे समाज में भी चर्चा नहीं हुई है।’’ 
 
उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, दुखद सचाई है कि यौन उत्पीड़क हमारे चारों तरफ हैं। कभी-कभी वे हमारे अपने घर में भी मिल जाते हैं।’’ अभिनेत्री ने कहा कि पूरा मुद्दा सेक्स के बारे में नहीं है बल्कि यह शक्ति संघर्ष के बारे में है।

मुंबई। श्रृंखला पहले ही जीत चुकी भारत ए महिला क्रिकेट टीम कल तीसरे और आखिरी टी20 मैच में आस्ट्रेलिया ए के खिलाफ उतरेगी तो उसका इरादा 3–0 से जीत दर्ज करने का होगा। आईसीसी टी20 विश्व कप के लिये वेस्टइंडीज जाने से पहले आस्ट्रेलिया ए का सूपड़ा साफ करके भारतीय टीम अपना मनोबल बढाना चाहेगी। इस मैच में जेमिमा रौद्रिगेज, अनुजा पाटिल, डी हेमलता के पास भी रन बनाकर फार्म हासिल करने का मौका रहेगा। 

 
पहले मैच में अर्धशतक जमाने वाली स्मृति मंधाना दूसरे मैच में नहीं चल सकी जो दोबारा लय पाने की कोशिश में होगी। कप्तान हरमनप्रीत कौर और अनुभवी मिताली राज भी अपना फार्म बरकरार रखना चाहेंगी। श्रृंखला पहले ही अपनी झोली में डालने के बाद भारतीय टीम प्रबंधन कुछ युवाओं को भी मौका दे सकता है। 

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