ईश्वर दुबे
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Bhilai
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai to attend as chief guest
Raipur, August 1, 2026/ A state-level workshop on "Strengthening Digital Justice through the New Criminal Laws" will be held in Raipur on August 2 to promote the use of digital technologies in the justice delivery system and support the effective implementation of the new criminal laws.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai will attend the workshop as the chief guest. The event will focus on making judicial processes faster, more transparent and citizen-friendly through technology.
The discussions will cover the Interoperable Criminal Justice System (ICJS), the Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS), digital judicial coordination, and technology integration under the new criminal laws. Senior experts from the National Informatics Centre (NIC) and the National Crime Records Bureau (NCRB) will conduct technical sessions and presentations.
The workshop will bring together judicial officers, senior police officials and prosecution authorities from across the state to strengthen coordination among the three institutions and advance the digitisation of the criminal justice system.
The programme will be presided over by the Chief Justice of the Chhattisgarh High Court, Justice Shri Ramesh Sinha. Deputy Chief Minister and Home Minister Shri Vijay Sharma, Law and Legislative Affairs Minister Shri Gajendra Yadav, Justice Shri Chandravanshi, and other judges of the Chhattisgarh High Court will also attend the programme.
Raipur, August 1, 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai has expressed deep grief over the death of two migrant labourers from Chhattisgarh in a terrorist attack in Kulgam district of South Kashmir. The victims have been identified as Shri Deepak Ratre from Sakti district and Shri Bhupendra Bhaina from Sarangarh-Bilaigarh district.
Condemning the heinous attack in the strongest terms, Chief Minister said that targeting innocent civilians is a crime against humanity and such acts of terror have no place in any civilized society.
Assuring support to the bereaved families, Shri Sai announced an ex gratia assistance of ₹ 20 lakh each for the next of kin of the two deceased labourers. He said the Chhattisgarh Government stands firmly with the families and will extend every possible assistance during this difficult time.
Chief Minister said he immediately directed senior state officials to coordinate with the Jammu and Kashmir administration after receiving information about the incident. He also announced that the state government will appoint a nodal officer to maintain close coordination with the Jammu and Kashmir authorities and oversee all assistance being provided to the affected families.
Shri Sai prayed for eternal peace to the departed souls and expressed hope that the bereaved families would find the strength to endure this profound loss.
कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है छत्तीसगढ़ सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर 1 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों पर किए गए कायराना हमले में सक्ती जिले के निवासी श्री दीपक रात्रे तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के निवासी श्री भूपेंद्र भैना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस जघन्य और अमानवीय आतंकी घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है और ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार की ओर से दोनों दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्त की जाएगी, जो परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई, स्वास्थ्य परीक्षण के बाद होगी आगे की प्रक्रिया
रायपुर, 1 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के केराबाहरा गांव में आतंक मचाने वाला एक तेंदुआ 1 अगस्त 2026 की सुबह वन विभाग द्वारा सुरक्षित पकड़ लिया गया। यह तेंदुआ पिछले एक महीने से अधिक समय से लगातार रिहायशी इलाके में आ रहा था और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। छत्तीसगढ़ वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया और जानवर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार गरियाबंद वनमंडल के वन परिक्षेत्र गरियाबंद अंतर्गत ग्राम केरावाहारा (ग्राम पंचायत जोवा) में वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में तेंदुए की लगातार गतिविधियों को देखते हुए लगाए गए केज ट्रैप (पिंजरे) में शुक्रवार को तेंदुआ सुरक्षित रूप से पकड़ा गया। वन विभाग की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से संभावित मानव-वन्यजीव संघर्ष को टाल दिया गया।
तेंदुए की गतिविधियों पर रखी जा रही थी विशेष निगरानी
वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के. ने बताया कि तेंदुए ने पहले क्षेत्र में पालतू मवेशियों पर हमला किया था। इसके अलावा विद्यालय परिसर और आबादी के आसपास भी उसकी मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इसे देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में विशेष निगरानी शुरू की और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए।
केज ट्रैप और रेस्क्यू टीम की रणनीति रही सफल
वनमंडलाधिकारी श्री ससिगानंदन के., उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक श्री वरुण जैन और वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश वर्मा के निर्देशन में ग्राम जोवा और केरावाहारा में केज ट्रैप लगाए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित लेपर्ड रेस्क्यू टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात किया गया था। इस कार्रवाई के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ से आवश्यक अनुमति और दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए गए थे।
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद स्वास्थ्य पर रखी जा रही निगरानी
वन विभाग की लगातार निगरानी और सुनियोजित रणनीति के चलते तेंदुआ सुरक्षित रूप से पिंजरे में आ गया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर निगरानी शुरू कर दी। मौके पर भीड़ न जुटे, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पकड़े गए तेंदुए का तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण में उसकी शारीरिक स्थिति, किसी संभावित चोट या बीमारी तथा प्राकृतिक आवास में छोड़ने की उपयुक्तता का आकलन किया जाएगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
अफवाहों से बचें, वन विभाग को दें तुरंत सूचना
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। तेंदुए से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम नियमानुसार उठाए जा रहे हैं।
केरसई में निर्मित महतारी सदन बना महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक सहभागिता का केंद्र
रायपुर, 1 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के केरसई में निर्मित महतारी सदन महिला स्व-सहायता समूहों के लिए सशक्तिकरण का प्रभावी केंद्र बनकर उभरा है। इस भवन के निर्माण से महिलाओं को समूह की नियमित बैठकों, आजीविका गतिविधियों तथा सामाजिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और स्थायी स्थान उपलब्ध हुआ है।
महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती बबीता गुप्ता ने बताया कि पहले समूह की बैठक आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं होने से काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कभी किसी सदस्य के घर तो कभी खुले स्थान या पेड़ के नीचे बैठक करनी पड़ती थी। विशेष रूप से बारिश और गर्मी के मौसम में बैठकों का संचालन प्रभावित होता था, जिससे समूह की गतिविधियों पर भी असर पड़ता था।
उन्होंने बताया कि महतारी सदन बनने के बाद अब सभी सदस्य नियमित रूप से एक ही स्थान पर बैठक कर रही हैं। यहां समूह की बचत, ऋण, आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवस्थित ढंग से चर्चा होती है। इससे समूह का संचालन अधिक प्रभावी होने के साथ महिलाओं की सहभागिता भी बढ़ी है।
श्रीमती बबीता गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्मित महतारी सदन ने महिलाओं की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया है। अब उन्हें बैठकों के लिए स्थान की चिंता नहीं रहती और समूह की सभी गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी सदन महिलाओं के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि संगठन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन गया है। यह केंद्र महिलाओं को संगठित होकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा करेंगे अध्यक्षता
डिजिटल तकनीकों के समावेश से न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली, अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली तथा डिजिटल न्यायिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर होगा मंथन
रायपुर, 01 अगस्त 2026/ न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अधिक सशक्त, सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आगामी 2 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल, वीआईपी रोड में "नवीन आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाना" विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रणाली में डिजिटल तकनीकों के समावेश के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव तथा न्यायमूर्ति श्री चंद्रवंशी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के अन्य न्यायाधीशगण भी कार्यक्रम में सहभागी होंगे।
राज्य स्तरीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य की न्यायिक सेवा के अधिकारीगण, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक सहित पुलिस एवं न्यायिक तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। कार्यशाला न्यायपालिका, पुलिस एवं अभियोजन तंत्र के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ नवीन तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला के दौरान अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस), अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस), डिजिटल न्यायिक समन्वय, नवीन आपराधिक कानूनों के अंतर्गत तकनीकी एकीकरण तथा न्याय एवं पुलिस व्यवस्था के डिजिटलीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा। इन विषयों के संबंध में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) एवं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वरिष्ठ अधिकारी विषय विशेषज्ञ के रूप में तकनीकी प्रशिक्षण एवं विस्तृत प्रस्तुतीकरण देंगे।
यह राज्य स्तरीय कार्यशाला न्यायपालिका, पुलिस एवं अभियोजन तंत्र के मध्य समन्वित डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से नागरिकों को त्वरित, सुलभ, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
साइंस सिटी, रीजनल साइंस सेंटर, एआई गैलरी और साइंस पार्क परियोजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
22वें अखिल भारतीय विज्ञान संग्रहालय एवं विज्ञान केंद्र प्रमुख सम्मेलन की तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने गुणवत्ता, समय-सीमा और जनजागरूकता पर दिया विशेष जोर
रायपुर, 31 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की आज महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की प्रमुख परियोजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने उनके क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन किया।
साइंस सिटी और एआई गैलरी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विशेष फोकस
बैठक में रायपुर में प्रस्तावित साइंस सिटी, रीजनल साइंस सेंटर, विकसित की जा रही अत्याधुनिक एआई गैलरी तथा राज्य के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित साइंस पार्कों की स्थापना एवं विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आमजन को आधुनिक, इंटरैक्टिव एवं अनुभवात्मक विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराने तथा समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।
राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में वर्ष 2026-27 के दौरान रायपुर में आयोजित होने वाले 22वें अखिल भारतीय विज्ञान संग्रहालय एवं विज्ञान केंद्र प्रमुख सम्मेलन की तैयारियों और कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। यह सम्मेलन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एनसीएसएम के साथ शीघ्र संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
समय-सीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में आधुनिक विज्ञान अधोसंरचना के विकास को गति देने के साथ-साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित जनजागरूकता, नवाचार और एसटीईएम शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किए जाएं।
वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने लिया भाग
बैठक में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीसीओएसटी) तथा रीजनल साइंस सेंटर (आरसीएस), रायपुर के वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुख्यमंत्री श्री साय ने की मुलाकात, प्रदेश में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार पर हुई विस्तृत चर्चा
577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री ने जताया केंद्र सरकार का आभार
मोबाइल नेटवर्क का विस्तार शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री श्री साय
489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी एनओसी जारी, शेष 88 स्थानों पर भी शीघ्र पूरी होगी प्रक्रिया
दूरस्थ और जनजातीय अंचलों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़कर समावेशी विकास को मिलेगी नई गति - मुख्यमंत्री
रायपुर 31 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित संचार भवन में केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में डिजिटल एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश के दूरस्थ, जनजातीय, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में निर्बाध मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) योजना के अंतर्गत प्रस्तावित 2,305 नए मोबाइल टावरों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के संकल्प को छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भौगोलिक दृष्टि से कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों में मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी आज केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता से इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तक सहज पहुंच मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के अनेक दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संचार नेटवर्क का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे क्षेत्रों में 2,305 नए मोबाइल टावरों की स्थापना डिजिटल समावेशन की दिशा में बड़ा परिवर्तन लाएगी। उन्होंने कहा कि इससे उन गांवों और बसाहटों तक भी विश्वसनीय मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क पहुंचेगा, जो अब तक पर्याप्त संचार सुविधाओं से वंचित रहे हैं।
577 अतिरिक्त टावरों की स्वीकृति से दुर्गम क्षेत्रों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित रहे एवं दुर्गम क्षेत्रों के लिए 577 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार तथा केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से बस्तर सहित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों को डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है, वहां मजबूत संचार नेटवर्क विकास की गति को और तेज करेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होगा, आपातकालीन परिस्थितियों में संपर्क सुगम होगा और शासन की ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लोगों को अपने गांव के निकट ही प्राप्त हो सकेगा।
489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को एनओसी जारी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वीकृत मोबाइल टावरों की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। कुल 577 स्थानों में से अब तक 489 स्थानों के लिए बीएसएनएल को भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) जारी किए जा चुके हैं। शेष 88 स्थानों के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है और शीघ्र ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर आवश्यक अनुमति और भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां बीएसएनएल द्वारा मोबाइल टावरों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। राज्य शासन संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के माध्यम से आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहा है, ताकि टावरों की स्थापना में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो।
Centre's Support sought for ₹ 10,500 Crore Urea Plant, Power Connectivity and Ayurveda Institute
Raipur, July , 2026/ Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai paid courtesy call on Prime Minister Shri Narendra Modi today at Parliament House in New Delhi and held extensive discussions on Chhattisgarh's overall development, the transformation of Bastar, and the State's key infrastructure and industrial initiatives. Presenting a comprehensive roadmap for a rapidly changing Chhattisgarh, with a special focus on Bastar, Shri Sai sought the Centre's support for three major projects while outlining the State's long-term vision for inclusive and sustainable development.
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai said that Bastar is witnessing unprecedented transformation through an integrated strategy of security, trust and development. Once affected by Left Wing Extremism and developmental challenges, the region is now making rapid progress in education, healthcare, roads, railways, electricity, air connectivity, livelihoods, sports and tourism. He said that the State Government is committed to making this transformation permanent and fully integrating Bastar into the mainstream of development.
Early approval sought for ₹10,500 crore gas-based urea project
Shri Sai requested the Prime Minister to expedite approval for the proposed ₹10,500 crore gas-based urea project at Rajnandgaon. He informed that land for the project has already been made available and all necessary State-level approvals have been completed.
Chief Minister Shri Sai said that the project would significantly improve fertiliser availability for farmers in Chhattisgarh and neighbouring regions while boosting industrial investment, generating direct and indirect employment, and stimulating allied economic activities.
Special assistance sought to connect 461 villages to the permanent power grid
Shri Sai also raised the issue of 461 villages, particularly in Bastar and other sensitive areas, where electricity is presently being supplied through off-grid systems owing to security and geographical constraints that had earlier prevented grid connectivity.
He requested special assistance from the Centre to connect these villages to the permanent electricity grid, stating that reliable power supply would accelerate progress in education, healthcare, communication, livelihoods and small enterprises while strengthening development in remote regions.
Proposal for All India Institute of Ayurveda
Chief Minister Shri Sai urged the Prime Minister to support the establishment of an All India Institute of Ayurveda (AIIA) in Raipur or Bastar. He highlighted Chhattisgarh's rich heritage of medicinal plants and traditional healing practices, particularly in Bastar and other tribal regions, and said a premier national institute would create new opportunities in healthcare, research, education and the medicinal plant-based economy.
'Bastar Vision' reaching 5,542 villages and nearly 39 lakh people
Presenting the State's 'Bastar Vision', Shri Sai informed the Prime Minister that government schemes and public services are being implemented across 5,542 villages through 'Niyad Nella Nar 2.0' and 'Bastar Muhim', benefiting nearly 39 lakh people.
He said that special emphasis is being placed on ensuring the last-mile delivery of welfare schemes, including ration distribution, Ayushman Bharat, Jan Dhan accounts, Forest Rights Act benefits and Pradhan Mantri Awas Yojana. Improved administrative outreach in previously inaccessible villages has strengthened public confidence in governance, he added.
कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, पशुधन विकास, मत्स्यपालन तथा उद्यानिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी संयुक्त रूप से विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आधारित प्रेस कॉन्फ्रेंस को छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम में संबोधित करते हुए