ईश्वर दुबे
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विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ उसी साल वितरित करें, जिस वर्ष में वह देय हैं
संपत्तियों से संबंधित भूमि विवादों का किया जाये सकारात्मक निराकरण
प्रदेश में होगी डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमुलेटरी स्पेस सेंटर की स्थापना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा
‘Bharat Bhagya Vidhata’ is a story of service, courage and dedication: Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai
The film is dedicated to the untold story of healthcare workers who displayed service and courage during the 26/11 Mumbai terror attacks
Raipur,Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Monday attended the pre-launch screening ceremony of the film ‘Bharat Bhagya Vidhata’ held at Jora Mall in the capital city, Raipur. His wife, Smt. Kaushalya Sai, and family members were also present on the occasion. Renowned actress and Member of Parliament Ms. Kangana Ranaut, the film’s director Shri Manoj Tapadia, artists associated with the film industry, public representatives, and a large number of citizens were present at the event.
Chief Minister Shri Sai said that it is a matter of great fortune for Chhattisgarh that the screening of Ms. Kangana Ranaut’s film ‘Bharat Bhagya Vidhata’ is being held in the state and that she herself has come here on this occasion. He said that Ms. Kangana Ranaut is warmly welcomed and felicitated in Chhattisgarh, the birthplace of Mata Kaushalya and the maternal home of Bhagwan Shri Ram.
Chief Minister Shri Sai extended his best wishes to all the artists, technical experts and the entire team associated with the film. He said that this is a story that honours those unheard and unseen heroes whose extraordinary contributions often do not receive adequate recognition. He added that the presence of the respectable women staff from the Health Department along with Ms. Kangana Ranaut and her team at today’s screening makes the spirit of the film even more meaningful.
Chief Minister Shri Sai said that it is a matter of pride that the film’s director, Shri Manoj Tapadia, hails from Chhattisgarh, born and brought up here, and after spending many years in Mumbai, wrote the story of this film based on such an important subject. The Chief Minister said that during the terrorist attack in Mumbai on November 26, 2008, Pakistani terrorists opened indiscriminate fire on innocent people, resulting in the loss of many lives. During that difficult period, women nurses, doctors and other healthcare workers serving in hospitals saved hundreds of lives and cared for the injured without concern for their own safety.
Chief Minister Shri Sai said that there are many such warriors whose stories never reach society. By portraying the role of a nurse herself, Ms. Kangana Ranaut has undertaken the important task of bringing before the nation the story of the courage, service and dedication of these healthcare workers. He said that there are many people in the world who accomplish great deeds but do not receive proper recognition. This film is dedicated to such individuals.
Chief Minister Shri Sai said that it is also a matter of great fortune that the country’s distinguished Prime Minister Shri Narendra Modi has given this film the title ‘Bharat Bhagya Vidhata’. On behalf of the people of Chhattisgarh, he extended congratulations and best wishes to Ms. Kangana Ranaut, her entire team and all personnel associated with the Health Department.
On this occasion, actress and Member of Parliament Ms. Kangana Ranaut said that the film’s director, Shri Manoj Tapadia, was born on the soil of Chhattisgarh, grew up here and is a son of this state. He had requested that if the screening of the film could be organised in Chhattisgarh, it would be a matter of pride for him. Ms. Ranaut said that Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai, despite his busy schedule, took time to attend the event, thereby honouring the artists and the entire team and encouraging everyone.
सेवा, साहस और समर्पण की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान सेवा और साहस का परिचय देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अनकही कहानी को समर्पित है फिल्म
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि सुश्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सुश्री कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सुश्री रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री जागेश्वर कुमार धीवर, श्री नारायण सिंह नायक, श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी, श्रीमती रोहिणी वर्मा, श्रीमती उर्मिला भगत, श्रीमती रोशनी, श्री विजय शंकर कश्यप, श्रीमती मीना सिंह, श्रीमती ममता कपूर, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती जमुनाबाई, श्रीमती लक्ष्मी मेनन तथा श्रीमती विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं।
इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सेवा, साहस और समर्पण की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान सेवा और साहस का परिचय देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की अनकही कहानी को समर्पित है फिल्म
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के जोरा मॉल में आयोजित ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिजन भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत, फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया सहित फिल्म जगत से जुड़े कलाकार, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य का विषय है कि सुश्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित हो रही है और इस अवसर पर वे स्वयं यहां पधारी हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में सुश्री कंगना रनौत का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सुश्री कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सुश्री कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सुश्री कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक श्री मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सुश्री रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्री जागेश्वर कुमार धीवर, श्री नारायण सिंह नायक, श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी, श्रीमती रोहिणी वर्मा, श्रीमती उर्मिला भगत, श्रीमती रोशनी, श्री विजय शंकर कश्यप, श्रीमती मीना सिंह, श्रीमती ममता कपूर, श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती जमुनाबाई, श्रीमती लक्ष्मी मेनन तथा श्रीमती विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं।
इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
Detailed review of Balod and Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki districts under Sushasan Tihar 2026
Special emphasis laid on speedy disposal of pending revenue cases, accelerating PM housing construction and expanding the PM Suryaghar scheme
Raipur, In a virtual meeting chaired from residential office, Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai on Monday reviewed development works and public welfare schemes in Balod and Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki districts under Sushasan Tihar 2026. He assessed progress in revenue administration, development projects, agriculture, health, education, law and order, and key government schemes with district officials.
Chief Minister said Sushasan Tihar is aimed at strengthening trust between the government and citizens through direct public engagement and effective grievance redressal. Emphasizing timely, transparent and sensitive governance, he directed officials to work with accountability and ensure that every eligible beneficiary receives the benefits of government schemes.
Emphasis on speedy disposal of revenue cases and the SWAMITVA scheme
Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai directed officials to expedite the disposal of pending revenue cases, including mutation, partition, demarcation and map correction matters, with priority given to long-pending cases. He also instructed officials to accelerate implementation of the SWAMITVA Scheme and the updating of revenue records.
Instructions to advance the Pradhan Mantri Awas and PM Suryaghar schemes in mission mode
Chief Minister directed officials to complete the maximum number of approved houses under the Pradhan Mantri Awas Yojana before the monsoon and expand mason training to accelerate construction. He also reviewed the Pradhan Mantri Suryaghar Muft Bijli Yojana and instructed officials to intensify awareness efforts to achieve the target of installing five lakh solar plants across the state by 2027.
Ensure farmers do not face shortage of fertilizers and seeds; promote the use of nano fertilizers
Chief Minister Shri Sai directed officials to ensure adequate availability of fertilizers and seeds for the Kharif season and promote awareness of nano urea and nano DAP among farmers. He also stressed timely coverage of eligible farmers under the Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi, completion of Agristack registration, prompt paddy lifting, and coordinated efforts with Industries Department to establish rice mills at the local level.
Special focus on women’s empowerment, livelihoods and eradication of malnutrition
Chief Minister stressed strengthening the livelihoods of women self-help groups under the Bihan Scheme and increasing their participation in the production of ready-to-eat food items. He also reviewed the progress of nutrition programmes and directed effective implementation and monitoring of measures to eliminate malnutrition. Officials informed that 20,245 women achieved status of Lakhpati Didis in Mohla-Manpur-Ambagarh Chowki district and 36,312 in Balod, while Auratola has emerged as a model Lakhpati Gram promoting women’s empowerment and rural livelihoods.
Instructions to ensure pre-monsoon preparedness for health services
The Health Department was directed to ensure pre-monsoon preparedness for seasonal diseases and maintain adequate stocks of essential medicines at health facilities. Reviewing key public health programmes, including the TB-Free Panchayat Campaign and institutional deliveries, he also called for preventive measures, awareness campaigns and treatment arrangements to address the rising incidence of dog bites in Balod district.
रायपुर,राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोक भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सौजन्य भेंट की
सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा
लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पीएम आवास निर्माण में तेजी और पीएम सूर्यघर योजना के विस्तार पर दिया विशेष जोर
रायपुर 8 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।
किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें
मुख्यमंत्री श्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।
मिशन अमृत के तहत निर्माणाधीन इंटेक-वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का लिया जायजा, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का काम भी देखा
रायपुर. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा।
करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने किया शुभारंभ, वरिष्ठ नागरिकों के साथ खेली कैरम-लूडो
योग, स्वास्थ्य जांच, पुस्तकालय, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता की मिलेगी सुविधा
रायपुर, /वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्ण, सुरक्षित एवं आनंदमय वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सरगुजा जिले में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित ‘सियान गुड़ी’ (वरिष्ठ नागरिक डे-केयर सेंटर) का शुभारंभ सोमवार को वित्त एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने समाज कल्याण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में किया।
इस अवसर पर वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुखद जीवन को ध्यान में रखते हुए सियान गुड़ी की स्थापना की गई है, जहां उन्हें आवश्यक सुविधाओं के साथ आत्मीय और सकारात्मक वातावरण मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि वर्तमान समय में व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बार बुजुर्ग स्वयं को अकेला महसूस करते हैं। ऐसे में सियान गुड़ी उनके लिए सामाजिक जुड़ाव, स्वास्थ्य संरक्षण और मनोरंजन का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र में योग एवं प्राणायाम, फिजियोथेरेपी, प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, पुस्तकालय, पारिवारिक परामर्श, सांस्कृतिक गतिविधियां, इंडोर गेम्स, स्वल्पाहार और भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। 25 सीटर क्षमता वाले इस डे-केयर सेंटर का संचालन सप्ताह में छह दिन प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक किया जाएगा।
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधियों ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ कैरम और लूडो खेलकर आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर बुजुर्गों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया तथा व्हीलचेयर और छड़ी का वितरण भी किया गया। यह पहल वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मनेंद्रगढ़ रोड में स्थापित इस केंद्र का संचालन समाज कल्याण विभाग के सहयोग से अनामिका वेलफेयर सोसायटी, अंबिकापुर द्वारा किया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक यहां दिनभर स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का लाभ उठा सकेंगे।
कार्यक्रम में विधायक श्री प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि , कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल तथा विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
होनहार को पंख
जिला प्रशासन उठाएगा बारसे रोशन के पढ़ाई का पूरा खर्च
रायपुर, 8 जून 2026/छत्तीसगढ़ के अति-वनांचल (सुकमा) जिले के होनहार आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने JEE एडवांस्ड परीक्षा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पहले ही प्रयास में कैटेगरी रैंक 634 लाकर और अपनी लगन से IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) तक का सफर तय कर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अंचल का नाम रोशन किया है
शिक्षा के क्षेत्र में सुदूर और वनांचल क्षेत्र सुकमा के एक आदिवासी छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच रहने वाले एक साधारण किसान के बेटे ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। जिले के सुदूर वनाँचल के झापरा क्षेत्र के निवासी आदिवासी छात्र बारसे रोशन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम रोशन किया है।
जिला प्रशासन बारसे रोशन का किया सम्मान
इस ऐतिहासिक सफलता पर छात्र का उत्साहवर्धन करने के लिए खुद कलेक्टर और जिला प्रशासन आगे आया है। तुंगल डैम में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अमित कुमार ने छात्र बारसे रोशन को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
पढ़ाई के आड़े नहीं आएगा पैसा कलेक्टर
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इस मौके पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि रोशन की पढ़ाई की राह में पैसे कभी रोड़ा नहीं बनेंगे। जिला प्रशासन बारसे रोशन की उच्च शिक्षा की पूरी फीस का वहन करेगा, ताकि वह बिना किसी आर्थिक चिंता के देश के शीर्ष संस्थान (IIT) में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।
क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट बन रहा है बच्चों का सारथी
बारसे रोशन की यह बड़ी सफलता किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सोची-समझी दूरदर्शिता का नतीजा है। जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कलेक्टर श्री अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री मुकुन्द ठाकुर के सीधे निर्देशन में क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी श्री आशीष राम के सतत पर्यवेक्षण में यह संस्थान सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को IIT और मेडिकल जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए निशुल्क तैयार कर रहा है।
पर्दे के पीछे के नायक, जिन्होंने बदली तकदीर
इस बड़ी सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर काम कर रही टीम की कड़ी मेहनत छिपी है। प्रबंधन की कमान संभाल रहे संस्थान के मैनेजर श्री सूरज सिंह ने दिन-रात मेहनत कर सुकमा में एक ऐसा अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार किया है, जो आमतौर पर सिर्फ बड़े महानगरों में देखने को मिलता है। इसके साथ ही, क्षितिज संस्थान और कैम्प एकेडमी रायपुर के शिक्षक सुश्री निधि चौहान, अभिषेक नाग, रजनीश पटेल और सोनम सिंह ने बच्चों को न सिर्फ किताबी ज्ञान दिया, बल्कि परीक्षा की सटीक रणनीति और हर मोड़ पर मोटिवेशन देकर इस कठिन परीक्षा के लिए तैयार किया।
माता-पिता की आंखों में छलके खुशी के आंसू
बारसे रोशन के माता-पिता दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर परिवार का पेट पालते हैं। जब कलेक्टर ने खुद रोशन को सम्मानित किया और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी ली, तो माता-पिता की आंखें गर्व और खुशी से छलक उठीं। रोशन और सुनील कुमार की यह सफलता आज सुकमा के हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो अपनी गरीबी या पिछड़ेपन की वजह से बड़े सपने देखने से डरता था।
जिला प्रशासन के इस संवेदनशील और दूरदर्शी कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कलेक्टर, सीईओ और उनकी पूरी टीम ने छात्रों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले सालों में सुकमा से ऐसे कई और सितारे निकलेंगे जो देश-दुनिया में जिले का नाम चमकाएंगे।
रायपुर, 08 जून 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाजों) की खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मिट्टी की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखती है, पानी बचाती है और उपभोक्ता को जहरीले-मुक्त रसायन वाले खाद्य उत्पाद देती है। इसमें बाहर से महंगी खाद या कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे किसानों की खेती की लागत काफी कम हो जाती है और मुनाफा बढ़ता है।
दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ
कृषि भूमि की उर्वरता को संरक्षित करने, किसानों की लागत कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में “खेत बचाओ अभियान”प्रारंभ किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा तैयार इस रणनीतिक कार्ययोजना का उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य का पुनर्जीवन, जल संरक्षण, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को जन-आंदोलन के रूप में स्थापित करना है। “खेत बचाओ अभियान” दंतेवाड़ा को प्राकृतिक कृषि, जैव विविधता संरक्षण और किसान समृद्धि की नई पहचान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
मिलेट्स को 'श्री अन्न' का दर्जा
जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, समृद्ध आदिवासी परंपराओं और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए तैयार इस अभियान को दंतेवाड़ा के चारों विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। अभियान की मूल भावना यह है कि “मिट्टी केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसकी सुरक्षा भविष्य की खाद्य सुरक्षा और किसान समृद्धि की गारंटी है।” ज्वार, बाजरा, रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं, इन्हें 'सुपरफूड' और 'श्री अन्न' का दर्जा दिया गया है। मिलेट्स सामान्य अनाजों की तुलना में बहुत कम पानी और खाद में उग जाते हैं, और सूखा-रोधी होते हैं।
अभियान के प्रमुख लक्ष्य
अभियान के तहत मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार, प्राकृतिक खेती का विस्तार, पारंपरिक बीजों का संरक्षण तथा जल एवं नमी संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को रासायनिक खेती से धीरे-धीरे प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रेरित किया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम होने के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।
पांच चरणों में होगा क्रियान्वयन
योजना के तहत सबसे पहले जिले में मृदा स्वास्थ्य मैपिंग और सॉयल हेल्थ कार्ड को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद रागी, कोदो, कुटकी जैसे पौष्टिक मिलेट्स एवं स्थानीय फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा। तीसरे चरण में किसानों को जैविक खाद, ब्लू-ग्रीन एल्गी और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन का प्रशिक्षण देकर बाहरी कृषि आदानों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक बीज मंडियों और सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना कर स्थानीय बीजों के संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। अंतिम चरण में खेतों की मेड़ों पर ग्लिरिसिडिया जैसे हरित खाद देने वाले पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत एक लाख पौधों के वितरण और रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में तय किए गए लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 135 ग्राम पंचायतों में अभियान लागू किया जाएगा। इसके तहत 4,600 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, 4,300 हेक्टेयर में मिलेट्स उत्पादन तथा 40 सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। सरकार मिलेट्स की खेती के तहत क्षेत्र को बढ़ाने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से इन पौष्टिक अनाजों को वितरित करने और मिलेट्स आधारित उत्पादों के साथ काम करने वाले उद्यमियों का समर्थन करने के लिए एक ठोस प्रयास कर रही है।
रायपुर, 08 जून 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।
बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।
निर्धारित मानकों के अनुरूप तेज गति से हो रहे निर्माण कार्य की सराहना
रायपुर,जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने आज जशपुर में निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं तेज गति से संचालित किए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगा तथा स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता श्री प्रफुल्ल चौरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर मद से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में छह मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है।
प्रस्तावित अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू तथा पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था होगी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी कक्ष, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी यूनिट, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, एमआरआई, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड सहित अन्य आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल के शुरू होने से जशपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री ने 7.19 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
नगर पालिका की मांग पर 3.72 करोड़ के कार्यों को दी मंजूरी, नए कार्यों के लिए भी 2 करोड़ देने की घोषणा की
रायपुर. 8 जून 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के तीसरे दिन किरंदुल में 7 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 14 लाख 85 हजार रुपये के कार्यों का लोकार्पण और 3 करोड़ 4 लाख 9 हजार रुपये के कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। श्री साव ने आक्सीजोन में बस्तर के टाइगर ब्वाय चेंदरू की प्रतिमा का अनावरण भी किया। विधायक श्री चैतराम अटामी और छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने किरंदुल में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 3 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की लागत से विकसित ऑक्सीजोन पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खरीदी गई बैक हो लोडर मशीन, सक्शन मशीन सह मेला टैंकर, ट्रैक्टर इंजन एवं पानी टैंकर को नगर पालिका को सौंपा। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने ऑक्सीजोन पार्क की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मनोरंजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
श्री साव ने किरंदुल में नाला निर्माण, मुक्तिधाम निर्माण तथा अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से नगर की आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा तथा नागरिकों को बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में बस पार्किंग एवं स्टेज-स्टैंड के पास सीसी रोड तथा विद्युत व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने सीसी रोड के लिए 27 लाख रुपये की भी घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका की मांग पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों को स्वीकृत करने के साथ ही नए कार्यों के लिए अलग से दो करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।
उप मुख्यमंत्री ने मलंगीर जलप्रपात से किरंदुल और बचेली में पेयजल आपूर्ति की योजना की संभावनाओं पर भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर तकनीकी एवं व्यवहारिक पहलुओं का परीक्षण कर स्थायी व प्रभावी पेयजल व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में किरंदुल नगर पालिका में 16 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत एवं संचालित किए गए हैं। राज्य सरकार नगरों के सुनियोजित विकास के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान के अनुरूप कार्य कर रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़क, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने लगातार काम किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है। इसी उद्देश्य से वे लगातार बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सड़क, पेयजल एवं शहरी अधोसंरचना के विकास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने किरंदुल की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए कहा कि बैलाडीला पर्वतमालाओं की गोद में बसा किरंदुल प्राकृतिक दृष्टि से प्रदेश के सबसे सुंदर नगरों में से एक है। चारों ओर हरियाली, पर्वतीय सौंदर्य और स्वच्छ वातावरण इस नगर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए किरंदुल को एक आदर्श एवं आधुनिक नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है।
किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रूबी शैलेन्द्र सिंह, बचेली नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राजू जायसवाल, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, श्री शैलेन्द्र सिंह और श्री संतोष गुप्ता सहित पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।