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रायपुर 14 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम समाज में समरसता, न्याय और समानता के मूल्यों को सशक्त करें और अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ सुनिश्चित करें।उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे डॉ. अम्बेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

रायपुर, 14 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

 

तत्कालीन सरकार द्वारा डॉ. अंबेडकर को नहीं दिया गया उचित सम्मान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
तुलसी नगर अंबेडकर मैदान में डॉ. अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 

अमरकंटक से पंच परिवर्तन का संदेश
साधना और सेवा का संगम है श्री नर्मदे हर सेवा न्यास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न्यास के संस्थापक अध्यक्ष स्व. माथुर को दी श्रद्धांजलि
पंच परिवर्तन विचार गोष्ठी में रखे विचार, स्व. माथुर ने अंतिम सांस तक की नर्मदा माता की सेवा

 

सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 10,801 करोड़ रूपये की स्वीकृति
पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाईजेशन के लिए 2,250 करोड़ रूपये की स्वीकृति
नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रूपये की स्वीकृति
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,005 करोड़ रूपये का अनुमोदन
मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

रायपुर : जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में बीते दिनों निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के मार्गदर्शन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में विकास की रीढ़ कहे जाने वाले श्रमिकों का न केवल सम्मान किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस सम्मेलन में समूचे बस्तर जिले के सुदूर अंचलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर उनकी उत्साहजनक उपस्थिति से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में श्रमिकों को राष्ट्र का असली निर्माता बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद श्री महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रमिक केवल मजदूरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण का आधार है। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। श्री कश्यप ने शासन द्वारा श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न 31 योजनाओं की जानकारी और अन्य सुरक्षा योजनाओं के लाभ पर जोर देते हुए कहा कि हर श्रमिक का पंजीकरण होना अनिवार्य है ताकि शासन की मदद उन तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

 

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रायपुर :मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अंचलों की महिलाएं अब केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित न रहकर स्वरोजगार की दिशा में अग्रसर हो रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बतारी की निवासी श्रीमती रजनी उइके की सफलता की कहानी इसी परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है।

श्रीमती रजनी उइके ने स्नातक (बी.ए.) तक की शिक्षा प्राप्त की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे केवल गृहिणी बनकर सीमित नहीं रहना चाहती थीं, बल्कि अपने दम पर कुछ नया करने का संकल्प उनके मन में था। वर्ष 2022 उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया, जब उन्हें बिहान योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने ‘जय लक्ष्मी स्व-सहायता समूह’ से जुड़कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

समूह से जुड़ने के पश्चात उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे उनका आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ा। स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें आरएफ मद से 8 हजार रुपए एवं सीआईएफ मद से 30 हजार रुपए की सहायता प्राप्त हुई। साथ ही बैंक से 1.5 लाख रुपए का ऋण लेकर उन्होंने अपने घर में ही पोल्ट्री फार्म, फोटो कॉपी एवं चॉइस सेंटर जैसे व्यवसायों की शुरुआत की।

आज श्रीमती उइके इन सभी व्यवसायों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। उनके प्रयासों से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। वर्तमान में उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 10 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है, जिससे वे ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। वह बताती हैं कि पहले उनके परिवार की जिम्मेदारी केवल उनके पति पर थी, लेकिन अब वे स्वयं भी आर्थिक रूप से सहयोग कर रही हैं। इससे उनका परिवार सशक्त और आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और अब वे किसी पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उन्हें रोजगार का अवसर प्रदान किया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकी हैं।

 

रायपुर :नया रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी में आयोजित ‘माय भारत बजट क्वेस्ट 2026’ का भव्य शुभारंभ एवं समापन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित इस राष्ट्रीय पहल ने युवाओं को बजट और नीति-निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया। देशभर से लगभग 30 हजार प्रतिभागियों में से चयनित 471 युवाओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की व्यापकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाया।

माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 का भव्य आयोजन

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा शक्ति ही विकसित भारत की वास्तविक शक्ति है।” उन्होंने बताया कि बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश के विकास का रोडमैप होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस मंच का उपयोग सीखने, सोचने, प्रश्न पूछने और अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए करें, जिससे लोकतंत्र और अधिक सशक्त बन सके। उन्होंने यह भी कहा कि करदाताओं के धन के उपयोग की जानकारी प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं को होना आवश्यक है, जिससे उत्तरदायित्व और जागरूकता की भावना विकसित होती है।

माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 का भव्य आयोजन

माय भारत छत्तीसगढ़ के राज्य निदेशक श्री अर्पित तिवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि ‘माय भारत’ पहल की घोषणा 31 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई थी। यह संस्था युवाओं के लिए, युवाओं के साथ और युवाओं द्वारा कार्य करती है, जिसका मूल मंत्र “सेवा से संस्कार” है। उन्होंने बताया कि देश के सभी 763 जिलों में माय भारत कार्यालय स्थापित किए जाने की योजना है, जिनमें से छत्तीसगढ़ में 17 नए कार्यालय खोले जाएंगे। इन कार्यालयों के माध्यम से युवाओं के क्षमता संवर्धन, प्रशिक्षण एवं यूथ एक्सचेंज कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 का भव्य आयोजन

ट्रिपल आईटी नवा रायपुर के डायरेक्टर श्री ओमप्रकाश व्यास ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि चयनित 471 प्रतिभागियों की उपस्थिति उनकी प्रतिभा, परिश्रम और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है, जब युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाया जा रहा है।

दो दिवसीय इस कार्यक्रम में मानव पूंजी विकास और विकसित कृषि जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सारगर्भित चर्चाएं आयोजित की गईं, जिन्होंने प्रतिभागियों के बीच संवाद, नवाचार और नीति-उन्मुख सोच को प्रोत्साहित किया। इस आयोजन ने युवाओं को बजटीय एवं विकासात्मक ढांचों को समझने, उन पर विचार-विमर्श करने और उनमें योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

समापन सत्र में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और युवाओं को विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए प्रेरित किया। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लेते हुए बजट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मंडाविया का वर्चुअल संबोधन रहा, जिसमें उन्होंने युवाओं की भूमिका को विकसित भारत के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और उन्हें समावेशी एवं सतत विकास की दिशा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में माय भारत छत्तीसगढ़ के डिप्टी डायरेक्टर श्री नितिन शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन युवा-नेतृत्व वाले परिवर्तन के सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसने यह सिद्ध किया कि जब युवाओं को उचित मंच और अवसर मिलता है, तो वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ‘माय भारत बजट क्वेस्ट 2026’ न केवल एक प्रतियोगिता, बल्कि युवाओं को जागरूक, सक्षम और उत्तरदायी नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा है।

IBN24 Desk: Raipur (chhattisgarh)


IBN24 Desk: दुर्ग (छत्तीसगढ़)

रायपुर :छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज कलेक्ट्रेट कोरबा सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा के विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित शासी परिषद के सदस्यगण अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने की। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, श्री कुमार निशांत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

 

रायपुर : नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।

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