ईश्वर दुबे
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रायपुर : जिले के ग्रामीण अंचलों में अधोसंरचना और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। “गांव चलो अभियान” के तहत क्षेत्र के प्रवास पर पहुंचे वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसके लिए लगातार जमीनी स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।
रायगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिल रही नई गति: वित्त मंत्री ने करोड़ों रुपयों के कार्यों की दी सौगात
इस दौरान ग्राम-सूरजगढ़ में लगभग 192.92 लाख रुपये की लागत से निर्मित सूरजगढ़-पड़िगांव से तेलीपाली सड़क का लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और यातायात सरल व सुगम होगा। वहीं ग्राम टिनमिनी में 12 लाख रुपये की लागत से शेड तथा 5.20 लाख रुपये की लागत से विक्रम घर से स्कूल तक सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर कक्षा 12वीं की छात्रा अंजली सतपति को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत नावापाली में 7.50 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक शेड का लोकार्पण किया गया, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
रायपुर : मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन क्षेत्रों और सेक्टरों का नेतृत्व महिलाएं करती हैं, उनका विकास दोगुनी गति से होता है; उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया और शासन-प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी के अत्यंत महत्व को रेखांकित किया।राजीव गांधी भूजल राष्टीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक श्री रंजन कुमार जी ने सभी प्रतिभागियों को मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देकर सभी का स्वागत किया।
MY भारत छत्तीसगढ़ के राज्य निदेशक, श्री अर्पित तिवारी ने 'बजट क्वेस्ट 2026' की रूपरेखा प्रस्तुत की, और इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार युवाओं के नेतृत्व वाली गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण और शासन-प्रशासन में अधिकाधिक रूप से परिलक्षित हो रही हैं।
मॉक पार्लियामेंट की कार्यवाही के दौरान, महिला एवं बाल विकास मंत्री की भूमिका निभाते हुए एक युवा प्रतिनिधि ने सदन में महिला आरक्षण विधेयक प्रस्तुत किया। विधेयक पर हुई विस्तृत बहस और संसदीय विमर्श के पश्चात, इसे सदन में बहुमत से पारित कर दिया गया — जो इस आयोजन का एक ऐतिहासिक और उत्साहवर्धक क्षण रहा।
भाग लेने वाले 40 प्रतिनिधियों ने संसदीय कार्यवाही में हिस्सा लिया, संशोधनों के प्रस्ताव रखे, और विधेयक के कार्यान्वयन तंत्रों पर विचार-विमर्श किया — इस प्रक्रिया के माध्यम से उन्होंने भारत की विधायी प्रक्रियाओं की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की, और साथ ही निर्वाचित पदों पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व का पुरजोर समर्थन किया।
समापन समारोह में सभी 40 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही, प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए — जिसमें उन्होंने इस आयोजन को न केवल ज्ञानवर्धक, बल्कि महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
रायपुर : आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन, पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वनमंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में वन शहीद स्मारक का लोकार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
शहीद वन कर्मियों के बलिदान को किया नमन
मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आयोजित कार्यक्रम में वन शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि परिसर में निर्मित शहीद स्मारक उन वन कर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने अपने कर्तव्य पालन के दौरान नक्सलियों के हाथों अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं विषम परिस्थितियों में वनों और पर्यावरण की सुरक्षा करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। वन कर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए वन संपदा और वन्य प्राणियों की रक्षा में जुटे रहते हैं। उन्होंने बताया कि अवैध कटाई, वनाग्नि, अवैध कब्जा और अवैध शिकार जैसी गतिविधियों से वनों को लगातार खतरा बना हुआ है, ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने वन शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
Raipur, April 12, 2026/ For the first time, water flows from taps inside homes in Nelangur, bringing relief to a village that long struggled with drinking water scarcity. Located in the remote Orchha block of Narayanpur district near the Maharashtra border, the village is now witnessing a clear shift in daily life as piped water reaches households across this once highly sensitive area.
Orchha block, located in the forested Abujhmad region, has long remained one of the most remote and difficult areas to access. The terrain, coupled with the area’s past sensitivity, made the delivery of basic services such as drinking water to remote villages a major challenge. Against this backdrop, the current development reflects sustained administrative effort in the region.
Following the return of peace in Maoist-affected regions, development work has gained pace under the leadership of Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai.
Narayanpur Collector Smt. Namrata Jain said that a water supply system has been set up in the village under the Jal Jeevan Mission. Water is being lifted from the source using a solar pump and supplied directly to homes through pipelines. This has reduced dependence on electricity and ensured steady supply.
Meanwhile, Nelangur, located about 52 kilometres from the Narayanpur district headquarters, had long faced a shortage of drinking water. With the new system in place, residents say the situation has improved.
Women no longer need to travel long distances to fetch water. The availability of water at home has eased daily routines and led to better awareness of hygiene.
The implementation of the Jal Jeevan Mission in Nelangur shows that government schemes are reaching remote and border areas. Efforts are ongoing to strengthen the system and ensure regular supply to every household. This also marks a step towards improving basic services and building trust in development efforts in the region.
रायपुर, 12 अप्रैल 2026/सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण और मछली पालन ग्रामीण भारत में समृद्धि, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता के प्रमुख स्तंभ बन रहे हैं। ये गतिविधियां न केवल परिवार को ताजी और पौष्टिक सब्जियां व प्रोटीन प्रदान करती हैं, बल्कि अतिरिक्त आय का जरिया भी बनती हैं। महिला आजीविका में वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर में सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।
उत्तर बस्तर कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओं के आजीविका में वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं । जिले में काफ़ी संख्या में दीदीयां अपने जीवन स्तर में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं । अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही हैं इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही है, साथ ही मछली पालन, मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार तक पहुंच जाए।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उत्तर बस्तर कांकेर के मार्गदर्शन में यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है l यह योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200 महिलाएं, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 महिलाएं इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10 हजार 780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय में वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी कलस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली।
नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी में लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर प्रसन्नता जाहिर की। सुरेखा ने बताया कि हरी पत्तेदार सब्जियां, कंदमूल और फल एनीमिया (खून की कमी) को दूर करते हैं और बच्चों व माताओं को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और जनजातीय समुदाय महुआ, इमली, शहद, लाख, और विभिन्न जड़ी-बूटियों का संग्रहण कर उन्हें बेचकर अपनी आय बढ़ाते हैं।
भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो ने बताया कि मुर्गी पालन के साथ मछली पालन (Poultry-cum-Fish) करने से मुर्गियों की बीट मछली का चारा बन जाती है, जिससे चारे का खर्च बचता है और लाभ बढ़ता है। बकरीपालन एवं मछली पालन और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया
Raipur, April 12, 2026/ Chief MinisterShri Vishnu Deo Sai has expressed deep sorrow over the demise of legendary singer and Padma Vibhushan awardee Smt. Asha Bhosle.
He described the news of her passing as deeply distressing.
Chief Minister said her melodious and distinctive voice enriched Indian music for decades and earned her a lasting place in the hearts of crores of people. He noted that her contribution will continue to inspire future generations.
Shri Sai prayed to Goddess Saraswati to grant peace to the departed soul and strength to her family and admirers to bear the irreparable loss.
रायपुर, 12 अप्रैल 2026 // छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे नारायणपुर जिले के ओरछा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम नेलांगुर में अब विकास की नई तस्वीर उभरने लगी है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में पहली बार घर-घर नल से पानी पहुंचना शुरू हुआ है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ ली है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत इस दूरस्थ गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू की गई है। सोलर पंप के माध्यम से जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकी है।
जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे थे, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान होने से ग्रामीणों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हो रही है। विशेष रूप से महिलाओं को अब दूर-दूर तक पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव में जल आपूर्ति शुरू होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहजता आई है और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
नेलांगुर में जल जीवन मिशन का सफल क्रियान्वयन इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। प्रशासन द्वारा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति की यह पहल न केवल बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह क्षेत्र में विश्वास और विकास की नई नींव भी रख रही है।
रायपुर 12 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
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