ईश्वर दुबे
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Bhilai
नयी दिल्ली। भाजपा के पूर्व नेता और विचारक के एन गोविंदाचार्य ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि 1993 के कानून में सरकार अध्यादेश के द्वारा संशोधन करके राम जन्मभूमि परिसर की पूरी जमीन का अधिग्रहण करे जिससे अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण हो सके। पत्र में गोविंदाचार्य ने कहा है कि "राम जन्मभूमि की 2.77 एकड़ जमीन समेत पूरे परिसर की 67 एकड़ भूमि का स्वामित्व 1993 से केंद्र सरकार के पास है। केंद्र ने इसके लिए कानून बनाया था जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने 1994 के फैसले में मान्यता भी दे दी थी। भूमि के मिल्कियत विवाद में सरकार को भूमि अधिग्रहण का पूरा अधिकार है।"
कोलकाता। कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘‘एक सफेद घोड़े पर हाथ में तलवार लेकर बैठा हीरो’’ करार दिया।गत रविवार को थरूर ने बेंगलुरु साहित्य महोत्सव में दावा किया था कि एक आरएसएस नेता ने मोदी की तुलना ‘शिवलिंग पर बैठे बिच्छू’ से की थी। थरूर के इस बयान पर विवाद हो गया था।मोदी पर की गई थरूर की कथित ‘बिच्छू’ वाली टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ शनिवार को दिल्ली की एक अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया गया।थरुर ने एक बार फिर मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘‘एक सफेद घोड़े पर हाथ में तलवार लेकर बैठा हीरो’’ करार दिया जो कहता है कि ‘‘मैं सारे जवाब जानता हूं।’’
जयपुर। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धन (राजग) के घटक के रुप में लड़ना चाहती है और उसने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन में 15 सीटों पर दावेदारी की है। प्रदेश लोजपा अध्यक्ष सूरज कुमार बुराहड़िया ने गुरूवार को संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी राजग के घटक के रुप में भाजपा के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है। लोजपा पदाधिकारी हाल ही में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन सैनी से मिले थे और 15 सीटों पर पार्टी के प्रत्याशी उतारने की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि 15 सीटों की पार्टी की मांग पर भाजपा से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है लेकिन सैनी ने केन्द्रीय नेतृत्व का हवाला देते हुए उन्हें आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिये पार्टी अलवर ग्रामीण, उदयपुरवाटी, झुंझुनूं, वैर, मालपुरा, निवाई, टोंक हिंडौन सहित प्रदेश की 15 सीटों पर फोकस कर रही है। इस संबंध में उन्होंने लोजपा प्रमुख एवं केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करने का आग्रह किया है और संभवतया दीपावली से पहले कोई निर्णय हो जायेगा।
बुराहडिया ने कहा कि यदि भाजपा के साथ सहमति नहीं बनती है तो लोजपा राजस्थान में सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से अपने प्रत्याशी उतारेगी। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी ने पूरी तरह कमर कस ली है। उन्होंने बताया कि लोक जनशक्ति के सुप्रीमों व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को संसद में पुनः अध्यादेश के माध्यम से लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उसके सार्थक परिणाम चुनाव में देखने को मिलेंगे। दलित सेना के प्रदेशाध्यक्ष महेन्द्र कुमार ओझा ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोग हमेशा से ही चुनावों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे है।
देहरादून। योग गुरु रामदेव ने अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की शनिवार को कड़ी वकालत की और कहा कि यदि उच्चतम न्यायालय मामले में जल्द फैसला नहीं देता तो संसद में कानून लाया जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय ने गत 29 अक्टूबर को अयोध्या भूमि विवाद मामले में तत्काल सुनवाई किए जाने से इनकार कर दिया था। इसने कहा था कि एक ‘‘उचित पीठ’’ जनवरी में फैसला करेगी कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में कब सुनवाई की जाए।
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टाइल का खादी 'कुर्ता-जैकेट' युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। खादी ग्रामोद्योग की खादी की सात दुकानों से रोजाना 1,400 कुर्ता-जैकेट बिक रहे हैं। खादी इंडिया ने प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 17 सितंबर को कनॉट प्लेस स्थित अपने स्टोर में 'मोदी जैकेट' और 'मोदी कुर्ता' की एक श्रृंखला पेश की थी।
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में तमाम राजनीतिक दल जीत के लिए दिन रात एक कर रहे हैं। ऐसे में बसपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दावा किया है कि राज्य में इस बार उनकी पार्टी अपने 34 साल के इतिहास का सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए कम से कम 32 सीटें जीतेगी और सत्ता की चाबी बसपा के पास रहेगी। मध्यप्रदेश बसपा अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने ‘भाषा’ के साथ बातचीत में राज्य में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी को बहुमत न मिलने की भविष्यवाणी के साथ ही अपनी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘‘हम कम से कम 32 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे और सत्ता की चाबी बसपा के पास रहेगी। कुल मिलाकर 75 सीटों पर हमारी स्थिति पहले से बहुत अच्छी है।’’
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विपक्षी दल जहां अपनी-अपनी मिल्कियत बचाने के लिए आपस में हाथ मिला रहे हैं, वहीं भाजपा ने देश की तकदीर बदलने के लिए काम किया है। उन्होंने कुछ विपक्षी नेताओं को ‘‘झूठ की मशीन’’ करार दिया और कहा कि "वे एके-47 के फायर की तरह झूठ दागते हैं।" मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे विपक्षी दलों के गठबंधन से चिंतित न हों क्योंकि लोग उन्हें स्वीकार नहीं करते और यहां तक कि उनके नकारात्मक कार्यों, देश के अच्छे कार्यों को नकारने और सेना के लिए ‘‘अपशब्द तथा अपमानजनक शब्दों’’ के चलते उनसे "नफरत" करते हैं।
लखनऊ। ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिये वर्ष 1992 जैसा ही आंदोलन शुरू करने के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इरादे को मुल्क के लिये बेहद खतरनाक बताते हुए आज कहा कि मंदिर को लेकर अचानक तेज हुई गतिविधियां पूरी तरह राजनीतिक हैं। एआईएमपीएलबी के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने बातचीत में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर हिन्दूवादी संगठनों द्वारा अचानक तेज की गयी गतिविधियों के बारे में कहा कि जहां तक मंदिर निर्माण को लेकर तथाकथित हिन्दूवादी संगठनों में बेचैनी का सवाल है, तो साफ जाहिर है कि यह सियासी है। आगामी लोकसभा चुनाव को सामने रखकर यह दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन वे संगठन दरअसल क्या करेंगे, अभी तक इसका सही अंदाजा नहीं है।
केंद्र सरकार पर लगातार राम मंदिर निर्माण के लिए साधु-संत दबाव बना रहे हैं। शुक्रवार को आरएसएस के सरकार्यवाह ने भी सरकार से इस मसले पर अध्यादेश लाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि न्यायालय से न्याय मिलने में देरी हो रही है और सभी चाहते हैं कि राम मंदिर बने। इस मामले पर अब उच्चतम न्यायालय के पूर्व जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर का बयान आया है। उनका कहना है कि उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद सरकार इसपर कानून बना सकती है।
जस्टिस चेलमेश्वर ने कांग्रेस पार्टी से जुड़े संस्थान ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस की एक परिचर्चा सत्र के दौरान कहा कि उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बना सकती है। उन्होंने कहा कि विधायी प्रक्रिया द्वारा अदालती फैसलों में अवरोध पैदा करने के उदाहरण पहले भी रहे हैं। जस्टिस चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक कानून बनाने की मांग संघ परिवार में बढ़ती जा रही है।
इस साल की शुरुआत में जस्टिस चेलमेश्वर उच्चतम न्यायालय के उन चार वरिष्ठ न्यायाधीशों में शामिल थे जिन्होंने संवाददाता सम्मेलन कर तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के कामकाज के तौर-तरीके पर सवाल उठाए थे। शुक्रवार को परिचर्चा सत्र में जब चेलमेश्वर से पूछा गया कि उच्चतम न्यायालय में मामला लंबित रहने के दौरान क्या संसद राम मंदिर के लिए कानून पारित कर सकती है, इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘यह एक पहलू है कि कानूनी तौर पर यह हो सकता है (या नहीं)। दूसरा यह है कि यह होगा (या नहीं)। मुझे कुछ ऐसे मामले पता हैं जो पहले हो चुके हैं, जिनमें विधायी प्रक्रिया ने उच्चतम न्यायालय के निर्णयों में अवरोध पैदा किया था।’ चेलमेश्वर ने कावेरी जल विवाद पर उच्चतम न्यायालय का आदेश पलटने के लिए कर्नाटक विधानसभा द्वारा एक कानून पारित करने का उदाहरण दिया। उन्होंने राजस्थान, पंजाब एवं हरियाणा के बीच अंतर-राज्यीय जल विवाद से जुड़ी ऐसी ही एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘देश को इन चीजों को लेकर बहुत पहले ही खुला रुख अपनाना चाहिए था। यह (राम मंदिर पर कानून) संभव है, क्योंकि हमने इसे उस वक्त नहीं रोका।’
बिहार का सबसे बड़ा राजनीतिक घराना अब टूटने के कगार पर है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से अलग होने जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय दीवानी अदालत में तलाक की अर्जी लगाई है। हालांकि यह अर्जी एकतरफा ही है, उसपर ऐश्वर्या राय के हस्ताक्षर नहीं हैं।
तेजप्रताप की तरफ से अदालत में अर्जी दाखिल करने वाले वकील यशवंत कुमार शर्मा ने बताया कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13-ए के तहत तलाक मांगा गया है। इस धारा के तहत पति या पत्नी में से कोई भी एकतरफा तरीके से तलाक मांग सकता है। उन्होंने बताया कि तेजप्रताप और उनकी पत्नी ऐश्वर्या के बीच सामंजस्य नहीं है और इसलिए वे तलाक चाहते हैं। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 29 नवंबर की तारीख तय की है।
तलाक की अर्जी दाखिल करने के बाद दीवानी अदालत परिसर से निकलते वक्त पत्रकारों ने जब तेजप्रताप के काफिले को रुकवाया तो उस वक्त राजद नेता ने अपने माथे पर एक छोटा सा बैंडेज बांध रखा था। हालांकि तेजप्रताप ने पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया और जेल में बंद अपने पिता लालू यादव से मिलने के लिए रांची रवाना हो गए, लेकिन उनके कुछ करीबी परिजनों ने जब उन्हें समझाया-बुझाया तो वह बीच रास्ते से ही अपनी मां राबड़ी देवी के आवास लौट गए।
वहीं, मीडिया खबरों के मुताबिक लालू यादव अपने परिवार की टूट की इस खबर से गहरे सदमे में हैं। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत और खराब हो गई है। फिलहाल वो रांची के एक अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच खबर आ रही है कि तेजप्रताप आज अपने पिता लालू यादव से मुलाकात कर सकते हैं। वो रांची रवाना भी हो चुके हैं।
'मी टू' अभियान के तहत यौन उत्पीड़न मामले में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर जिस महिला पत्रकार ने रेप का आरोप लगाया था, अब उसने इस मामले अपना पक्ष रखा है। पत्रकार ने कहा है कि उनके और एमजे अकबर के बीच सहमति से संबंध नहीं बने थे।
बता दें कि एमजे अकबर पर अमेरिका की नागरिक और नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की चीफ बिजनेस एडिटर ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है। उनके इस आरोप पर शुक्रवार को एमजे अकबर ने सफाई देते हुए कहा था कि महिला पत्रकार और वह एक आपसी रजामंदी वाले रिश्ते में थे।
उन्होंने कहा था, 'हमारा यह रिश्ता कुछ महीनों तक चला। इस रिश्ते की वजह से लोगों को बात करने का एक मौका मिला और इसका असर मेरे घर पर पड़ा। हालांकि इस रिश्ते का अंत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा।'
वहीं, अकबर की पत्नी मल्लिका ने भी अपने पति की बात का समर्थन करते हुए आरोपों को झूठ बताया है। उन्होंने कहा है कि मुझे नहीं पता कि आखिर महिला पत्रकार ने यह झूठ क्यों कहा, लेकिन यह झूठ है।
पत्रकार ने ट्वीट के जरिए एमजे अकबर की सफाई पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने लिखा है, 'मैं उस समय 20 साल की एक महत्वाकांक्षी पत्रकार थी और अकबर के नेतृत्व वाले अखबार में काम कर रही थी। अकबर मेरे और अन्य महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जिम्मेदारी लेने के बजाय एक सीरियल यौन दुर्व्यवहार करने वाले की तरह संबंध को सहमति वाला बता रहे हैं। मैं अपने आरोपों पर कायम हूं और आगे भी सच्चाई बयां करती रहूंगी ताकि अन्य महिलाएं भी जो अकबर के द्वारा यौन प्रताड़ित की गई हैं, वो खुलकर सच्चाई बयां कर सकें।'
उच्चतम न्यायालय ने बोफोर्स मामले में हिन्दुजा बंधुओं को आरोप मुक्त करने वाले उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका खारिज की । न्यायालय ने कहा कि बोफोर्स मामले में उच्च न्यायालय द्वारा हिन्दुजा बंधुओं को आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ अपील दायर करने में हुई देरी के संबंध में सीबीआई ने जो दलील दी है उससे वह संतुष्ट नहीं है। न्यायालय ने कहा कि अपील दायर करने में हुई 4,500 दिन से भी ज्यादा की देरी को माफ करने के संबंध में सीबीआई द्वारा बताए गए कारण तर्कसंगत नहीं हैं।
उच्चतम न्यायालय ने 64 करोड़ रुपये के बोफोर्स घोटाला मामले में हिन्दुजा बंधुओं समेत सभी आरोपियों को आरोप मुक्त करने वाले उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि बोफोर्स मामले में उच्च न्यायालय द्वारा हिन्दुजा बंधुओं को आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ अपील दायर करने में हुई देरी के संबंध में सीबीआई ने जो आधार बताए हैं उससे वह संतुष्ट नहीं है।
पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय के इसी फैसले के खिलाफ अधिवक्ता अजय अग्रवाल की याचिका लंबित है और सीबीआई अपनी सभी दलीलें उसमें दे सकती है। भारत और बोफोर्स तोपों का निर्माण करने वाली स्वीडन की कंपनी एबी बोफोर्स के बीच 24 मार्च, 1986 को 155 एमएम के 400 हॉवित्जर तोपों की खरीद का सौदा हुआ था।
हालांकि भाजपा नेता अजय अग्रवाल द्वारा 2005 में इसी मामले पर दाखिल याचिका पर अभी न्यायालय में सुनवाई होनी बाकी है। लेकिन अग्रवाल की अर्जी पर सर्वोच्च न्यायालय ने उनके पक्षकार होने पर सवाल उठाए थे।