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पटना। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को संभवत: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पिछलग्गू बताया। साथ ही, उनसे सृजन घोटाले पर भी कुछ बोलने के लिए कहा। कुशवाहा ने सुशील मोदी का नाम लिए बगैर सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि कुछ लोग प्रचार के भूखे, अवसरवादी और स्वभाव से सत्तापरस्त होते हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "कई लोग राजनीतिक पिछ्लग्गू होते है। छपास रोग से पीड़ित, मिजाज़ से अवसरवादी व घोर सत्तापरस्त...! इनकी उपयोगिता सहयोगी पार्टी/नेता के भोंपू के तौर पर बखूबी होती है। ऐसे लोग मच्छर की भाँति खून पीकर अपनी ही पार्टी में मलेरिया-डेंगू फैलाते है और अपना वजूद जिन्दा रखते हैं।" रालोसपा प्रमुख ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘बिलकुल सच कहा आपने, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने तो देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की हर संभव कोशिश की।

मगर, जरा, सृजन घोटाले पर भी तो कुछ बोलिए....? कुशवाहा की यह टिप्पणी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अंदर मतभेद बढ़ा सकती है। राजग 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए संघर्षरत है। रालोसपा प्रमुख ने कहा है कि उनकी पार्टी को जितनी सीटों की पेशकश की गई है वह सम्मानजनक नहीं है और 30 नवंबर तक इस विषय को सुलझा लिया जाना चाहिए। उन्होंने हाल ही में राजद नेता तेजस्वी यादव और जदयू के पूर्व नेता शरद यादव से मुलाकात की है। गौरतलब है कि पिछले महीने जदयू और भाजपा ने राज्य में बराबर सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि, उन्होंने सीटों की संख्या का खुलासा नहीं किया था। गठबंधन में लोजपा चौथा सहयोगी दल है। 

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाया और उम्मीद जताई कि आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल एवं उनकी टीम नहीं झुकेगी। गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी जी और सांठगांठ वाले पूंजीपतियों का उनका गुट लगातार हर उस संस्था को नष्ट कर रहा है जो उनके उनके नियंत्रण में आ सकती है।'

उन्होंने कहा, 'आज आरबीआई बोर्ड की बैठक में अपनी कठपुतली बने लोगों के जरिये वह आरबीआई को तबाह करने का प्रयास करेंगे। मैं आशा करता हूं कि (उर्जित) पटेल और उनकी टीम मजबूत है और वे उन्हें (मोदी) उनकी जगह दिखा देंगे।'।
 
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह एक-एक कर देश की सभी संस्थाओं को बर्बाद कर रही है और इसकी ताजा कड़ी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) है। आरबीआई की सोमवार को होने वाली बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में धन की कमी पर चर्चा होने की संभावना है। इसको लेकर केन्द्रीय बैंक और सरकार के बीच बहस छिड़ी हुई है।
 
केन्द्र और आरबीआई के बीच सरकार ने आरबीआई अधिनियम की धारा 7 के उपयोग की बात कही है। इस धारा का आज तक किसी सरकार ने उपयोग नहीं किया है। इसके तहत केन्द्र सरकार आरबीआई के गवर्नर को निर्देश जारी कर सकती है।
 

नयी दिल्ली। आजादी के बाद नेहरू गांधी परिवार से बाहर के किसी पार्टी सदस्य के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के मुद्दे पर जारी बहस के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कहा कि 1978 में इंदिरा कांग्रेस के गठन के बाद से इस पार्टी को वंशवादी सेवा के लिये पारिवारिक उद्यम बना दिया गया।

 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले कुछ समय से नेहरू गांधी परिवार से बाहर के व्यक्ति को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की चुनौती देते रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आजादी के बाद नेहरू गांधी परिवार से इतर अब तक बने 16 कांग्रेस अध्यक्षों के नाम शनिवार को गिनाये थे और प्रधानमंत्री को याददाश्त दुरुस्त करने की सलाह दी थी। 
 
अमित शाह ने रविवार को अपने ट्वीट में पलटवार करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नेहरू गांधी परिवार से बाहर के किसी नेता को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाये जाने की चुनौती के बाद कई दरबारी अपनी ‘वफादारी’ साबित करने के लिये सामने आए, इससे स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री ने उनकी दुखती रग पर हाथ रख दिया है।’’ 
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सही कह रहे हैं। 1978 में इंदिरा कांग्रेस के गठन के बाद से एक परिवार के चार सदस्यों ने पार्टी का नेतृत्व किया और इसे पारिवारिक उद्यम का रूप दे दिया जिसका मकसद लोगों की सेवा के लिये राजनीतिक पार्टी बनाने की बजाए वंशवादी सेवा प्रदान करना था।
 
शाह ने पी वी नरसिम्हा राव एवं सीताराम केसरी का जिक्र करते हुए अपने ट्वीट में कहा कि एक परिवार से बाहर के जिन दो सदस्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में काम किया, उनके साथ बेहद खराब व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि पी वी नरसिंहा राव के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को कांग्रेस मुख्यालय के भीतर रखने की अनुमति नहीं दी गई जबकि दिग्गज नेता सीताराम केसरी के साथ किस के वफादार गुंडों ने धक्का मुक्की की, उसके बारे में सभी जानते हैं। 
 
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यू एन ढेबर को इंदिरा गांधी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने को कहा गया जबकि नीलम संजीव रेड्डी को वरिष्ठ होने के बावजूद एक परिवार ने राष्ट्रपति नहीं बनने दिया।  शाह ने दावा किया कि इसके अलावा बाबू जगजीवन राम, एस निजलिंगप्पा और के . कामराज को एक परिवार ने अपमानित किया। उन्होंने जोर दिया कि गांधीजी और सरदार पटेल के साथ काम करने वाले आचार्य कृपलानी को 50 एवं 60 के दशक में अपमानित किया गया। उनका अपराध यह था कि उन्होंने नेहरू सरकार के खिलाफ पहला अविश्चास प्रस्ताव पेश किया था।
 

नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से बात की और अमृतसर में एक धार्मिक समागम में हुए ग्रेनेड हमले के बाद उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। रविवार को हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई। राजनाथ ने इस घटना को अंजाम देने वाले लोगों के खिलाफ यथासंभव कड़ी कार्रवाई करने का भी संकल्प लिया।

उन्होंने ट्वीट किया,‘‘पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर जी से बात की, जिन्होंने मुझे अमृतसर में ग्रेनेड हमले के बाद की स्थिति के बारे में अवगत कराया। इस घटना के दोषियों के खिलाफ यथासंभव कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’ 
 
गृह मंत्री ने कहा कि अमृतसर में ग्रेनेड हमले में निर्दोष लोगों के मारे जाने से वह बहुत आहत हैं। राजनाथ ने कहा,‘‘यह एक निंदनीय हिंसक कृत्य है। इस हमले में अपने प्रियजनों को खो चुके परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं है और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’ 

बलिया (उ.प्र.)। भाजपा के चर्चित विधायक सुरेन्द्र सिंह ने परोक्ष रूप से आस्था को संविधान से ऊपर बताते हुए कहा है कि नरेन्द्र मोदी और योगी आदित्यनाथ जैसे हिन्दुत्ववादी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के रहते अयोध्या में भगवान राम तम्बू में रहें, इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं हो सकता।

 
अपने विवादित बयानों के लिये अक्सर सुर्खियों में रहने वाले, बैरिया से भाजपा विधायक सिंह ने कल यहां दल के एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि कानून के जरिये राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान संविधान से ऊपर हैं। आस्था भगवान से जुड़ी होती है, लिहाजा यह संविधान से परे है।
 
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महान हिंदुत्ववादी और प्रचारक हैं। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ जैसे हिन्दूवादी नेता भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद अयोध्या में भगवान राम तम्बू में रहें तथा इससे बड़ी दुर्भाग्य की बात और कोई नहीं हो सकती। 
 
मुगल वंश के संस्थापक बाबर को ‘विदेशी आक्रांता’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बाबरी मस्जिद को भारत की बताता है तो यह उसकी राष्ट्र भक्ति और भारतीयता के चिंतन में दुर्बलता की निशानी है।

सम्भल (उ.प्र.)। भाजपा के पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने कहा है कि वर्ष 2019 से पहले ही आगामी दिसम्बर में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।सम्भल में आयोजित कल्कि महोत्सव में हिस्सा लेने आये वेदांती ने कल रात संवाददाताओं से कहा ‘‘मैं चाहता हूं कि छह दिसम्बर से पहले मंदिर का निर्माण शुरू हो जाए। जो परिदृश्य दिखाई दे रहा है, उसके अनुसार इसी माह समझौते का कुछ आधार निश्चित हो जाएगा। हम दिसम्बर की किसी तिथि पर मंदिर का निर्माण शुरू कर देंगे। हम 2019 नहीं लगने देंगे।’’ 

 
उन्होंने कहा कि देश की जनता, संत समाज, हिन्दू-मुस्लिम सभी इस समस्या का समाधान चाहते हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की घोषणा करेंगे। देश के संतों को विश्वास है कि भाजपा सरकार ही रामलला के मंदिर का निर्माण करेगी, क्योंकि कांग्रेस ने कभी मंदिर निर्माण की बात नहीं कही। पूर्व भाजपा सांसद ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश लाया जाए या कानून बनाया जाए, लेकिन यह जोर-जबरदस्ती वाली बात होगी। 
 
अगर आपसी सद्भावना से हिंदू-मुसलमान आपस में बैठकर निर्णय कर लें तो इससे अच्छा समाधान कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश को साम्प्रदायिक दंगों से बचाने के लिए सद्भावना के आधार पर राष्ट्र के सभी वर्ग के लोग आपस में बैठकर निर्णय करें, जिससे अयोध्या में रामलला के मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो जाए।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटबंदी को उचित ठहराने के एक दिन बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि नोटबंदी तथा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) केवल राजनीतिक कदम नहीं थे, बल्कि अत्यधिक नीतिपरक कदम थे। इनसे विकास की गति बढ़ी है और प्रत्यक्ष रूप से देश के गरीब को लाभ हुआ है। नोटबंदी और जीएसटी पर पूछे गये सवालों के जवाब में जेटली ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ये नोटबंदी एवं जीएसटी केवल राजनीतिक कदम) नहीं हैं। ये अत्यधिक नीतिपरक कदम हैं।’’
 
उन्होंने आगे कहा, ‘‘इससे जब सरकार का साधन बढ़ता है तो प्रत्यक्ष रूप से देश के गरीब को उससे लाभ होता है।’’जेटली ने बताया कि नोटबंदी से आयकर रिटर्न भरने में कई गुना वृद्धि हुई है और इससे केन्द्र तथा राज्यों का राजस्व काफी बढ़ा है। उन्होंने आंकड़े देते हुए कहा, ‘‘जब मोदी जी की सरकार आई थी तो 3.8 करोड़ लोग आयकर रिटर्न भरते थे। पिछले चार साल में 6.86 (करोड़) हो गया। और शायद पांचवां वर्ष समाप्त होने तक वह 3.8 करोड़ के डबल के नजदीक होगा।’’
 
उन्होंने कहा कि यह बात छिपी हुई नहीं है कि भारत में अनेक लोग कर नहीं देते थे। उनके अघोषित पैसे को बैंकों में जमा करने के लिए नोटबंदी ने उन्हें मजबूर किया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के देवरी, बरघाट एवं मंडला में कल तीन चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि नोटबंदी भारत का सबसे बड़ा घोटाला था। इसके एक दिन बाद जेटली ने इसे अत्यधिक नीतिपरक कदम बताया है।वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी को उचित ठहराते हुए शुक्रवार को मध्य प्रदेश के शहडोल में एक चुनावी सभा में कहा था कि इससे दबा हुआ रुपया बैंकिंग प्रणाली में वापस लाया गया और इसका उपयोग सरकार जनहित के कार्यों में कर रही है।

 

नयी दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शनिवार को पलटवार करते हुए उन्हें नेहरू-गांधी परिवार के अलावा पार्टी के अध्यक्ष बने नेताओं का नाम गिनाते हुए पार्टी की विरासत की याद दिलाई। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि अब वह अपने कार्यकाल के दौरान हुए राफेल विमान सौदा, बेरोजगारी और किसानों की आत्महत्या पर बोलें। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को एक चुनावी रैली में मोदी ने कांग्रेस से कहा था कि वह नेहरू-गांधी परिवार के बाहर के किसी योग्य कांग्रेसी को पांच साल के लिए पार्टी का अध्यक्ष बनाए।
 
चिदंबरम ने लगातार ट्वीट कर अध्यक्षों के नाम गिनाए और कहा कि कांग्रेस को स्वतंत्रता के बाद बाबासाहेब भीम राव आंबेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, के. कामराज और मनमोहन सिंह जैसे सामान्य पृष्ठभूमि के नेताओं और आजादी से पहले कई अन्य हजारों नेताओं पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की याददाश्त सही करने के लिए : 1947 के बाद कांग्रेस अध्यक्षों में आचार्य कृपलानी, पट्टाभी सीतारमैया, पुरुषोत्तमदास टंडन, यू एन धेबर, संजीव रेड्डी, संजीवैया, कामराज, निजलिंगप्पा, सी सुब्रमण्यम, जगजीवन राम, शंकर दयाल शर्मा, डी के बरुआ, ब्रह्मानंद रेड्डी, पी वी नरसिम्हा राव और सीताराम केसरी हैं।’’
 

वॉशिंगटन। भारत अपनी नौसेना को मजबूत बनाने के लिए अमेरिका से 24 बहु-भूमिका वाले एमएच-60 ‘रोमियो' पनडुब्बी-रोधी हेलीकॉप्टर खरीदना चाहता है। यह सौदा करीब 2 अरब डॉलर में होने का अनुमान है। रक्षा उद्योग से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भारत को एक दशक से अधिक समय से इस तरह के हंटर हेलीकॉप्टर की जरुरत है। 

सूत्रों ने पीटीआई- बताया कि अमेरिका के उप- राष्ट्रपति माइक पेंस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सिंगापुर में हुयी बैठक के बाद हेलीकॉप्टर सौदे को कुछ महीनों में अंतिम रूप दिये जाने की उम्मीद है। सिंगापुर में एक क्षेत्रीय शिखर बैठक से इतर पेंस और मोदी के बीच यह बैठक हुई। बैठक में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों का मुद्दा शीर्ष पर रहा। सूत्रों ने कहा कि भारत ने 24 बहु-भूमिका हेलीकॉप्टर-एमएच 60 रोमियो सीहॉक की "तत्काल आवश्यकता" को ध्यान में रखते हुये अमेरिका को अनुरोध-पत्र भेजा है।

हाल के महीनों में, भारत और अमेरिका के बीच रक्षा समझौतों में तेजी आयी है। अमेरिकी सरकार के भारत की रक्षा आवश्यकताओं के मद्देनजर अपने उच्च तकनीक सैन्य उपकरणों के दरवाजे खोल दिये हैं। सूत्रों के मुताबिक, एमएच-60 रोमियो सौदा ऑफसेट आधार पर होने की संभावना है। भारत की योजना अपनी दीर्घकालिक योजना के तहत यहीं (भारत) पर 123 हेलीकॉप्टरों के विनिर्माण की है। उद्योग सूत्रों ने कहा कि इस सौदे के साथ भारत और अमेरिका के बीच रक्षा व्यापार बढ़कर 20 अरब डॉलर से ऊपर चला जायेगा।

  • बंगाल की खाड़ी से तट की ओर 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा था चक्रवात  
  • चक्रवात के असर से सात जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं से पेड़-खंभे उखड़े

चेन्नई. चक्रवाती तूफान गाजा गुरुवार देर रात तमिलनाडु के नागपट्टनम और वेदरन्नियम तट से टकराया। मौसम विभाग ने रात 3.15 बजे जारी बुलेटिन में कहा कि गाजा के असर से कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, 76 हजार से ज्यादा लोगों को तटीय इलाकों से हटाकर 300 राहत शिवरों में भेजा गया।

 कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप

  1.  

    तेज हवाओं और बारिश की वजह से बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। तटीय इलाकों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने मदद के लिए एनडीआरएफ की नौ टीमें प्रभावित इलाके में तैनात की हैं। गुरुवार-शुक्रवार को ऐहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई।

     

  2. 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ा चक्रवात

     

    मौसम विभाग ने गुरुवार को बताया था कि चक्रवात गाजा 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ा। तमिलनाडु, दक्षिणी आंध्र और पुड्डुचेरी तट पर ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई।

     

  3.  

    तमिलनाडु में एनडीआरएफ की नौ और पुड्डुचेरी में दो टीमें तैनात है। इसके अलावा 31 हजार बचाव कर्मियों और एसडीआरएफ को भी स्टैंडबाई पर रखा है, ताकि आपात स्थिति में उनकी मदद ली जा सके।

     

  4. सात जिलों में तेज बारिश 

     

    मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु के उत्तरी और दक्षिणी तटीय इलाकों में गुरुवार रात से ही तेज बारिश हो रही है। कुड्डालोर, नागापट्टनम, तिरुवरूर, थंजावुर, पुड्डुकोट्टाई, तूतिकोरिन और रामनाथपुरम में मूसलाधार भारी बारिश हो रही है।

     

  5. परीक्षाएं रद्द, स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए

     

    अन्ना यूनिवर्सिटी ने अपनी सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। वहीं, टेक्नीकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षाओं की तारीख 24 नवंबर तक बढ़ाई गई है। राज्य के तंजवुर, त्रिरुवरूर, नागपट्टनम, रामनाथपुरम, पुडुकोट्टाई और पुड्डुचेरी के कराईकल जिले में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए।

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