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झाबुआ (मप्र)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोटबंदी को जायज ठहराते हुए मंगलवार को कहा कि देश से भ्रष्टाचार के दीमक को साफ करने और बैंकिंग सिस्टम में पैसा वापस लाने के लिये नोटबंदी जैसी बड़ी तेज दवाई का उपयोग करना जरुरी था। मध्यप्रदेश में 28 नंवबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के सिलसिले में प्रदेश के आदिवासी बहुल अंचल झाबुआ के चुनावी दौरे पर आमसभा को सम्बोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस देश को भ्रष्टाचार ने बर्बाद किया है। हर नीचे स्तर पर आपसे कोई न कोई भ्रष्टाचार के चलते पैसा मांगता है कि नहीं? क्या देश को इस बीमारी से बाहर निकालना चाहिये, कि नहीं?’’

 
उन्होंने कहा ‘‘जब दीमक लगती है तो सबसे जहरीली दवा डालनी पड़ती है। हिन्दुस्तान में कांग्रेस के राज से ऐसा भ्रष्टाचार फैला कि मुझे नोटबंदी जैसी बड़े तेज दवाई का उपयोग करना पड़ा, ताकि गरीबों को लूट कर ले जाया गया पैसा देश के खजाने में वापस आये। वर्ना हम तो अखबार में तस्वीरें देखते हैं कि बिस्तर के नीचे नोट पड़े हैं, बोरे भर भर नोट पड़े हैं। आज... ये मोदी की ताकत देखिये कि पाई-पाई बैंकों में जमा कराने को मजबूर कर दिया।’’
 
उन्होंने आगे कहा कि गरीबों के लिये जो घर बन रहे हैं, पुल बन रहे हैं, गरीबों के कल्याण की योजनाएं बन रही हैं, उसमें लग रहा पैसा पहले बिस्तर के नीचे छिपाया गया था। वह बाहर निकला तो गरीबों के काम आने लगा और इससे उनको (कांग्रेस) परेशानी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने चार साल में प्रधानमंत्री मुद्रा ऋण योजना के तहत, बिना गारंटी के अब तक 14 करोड़ लोगों को ऋण दिये हैं। इनमें से 70 फीसद लोगों को पहली बार ऋण दिया गया है।
 
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल में बीते 55 साल में 1500 स्कूल थे जबकि 15 साल के भाजपा के शासनकाल में 4000 स्कूल बनाये गये। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ हमारा मंत्र बालक बालिका को पढ़ाई, युवाओं को कमाई, किसानों को सिंचाई, बुजुर्ग को दवाई है।’’ उन्होंने कहा कि चार माह पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने किसानों को ऋण माफी का वादा किया था लेकिन इसके बजाय वहां किसानों को ऋण का पैसा जमा करने के लिये नोटिस या जेल का वारंट जारी किया जा रहा है। 
 
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। मेरा सपना है कि वर्ष 2022 तक सबके पास पक्का घर हो। हमने अब तक 1.25 करोड़ गरीब लोगों को पक्के घर की चाबी सौंप दी है।

इंदौर। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को यह कहकर सियासी सरगर्मियां बढ़ा दीं कि उन्होंने अपने किडनी प्रतिरोपण के बाद स्वास्थ्य कारणों से अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। स्वराज यहां संवाददाताओं से कहा, "वैसे तो मेरी चुनावी उम्मीदवारी तय करने का अधिकार मेरी पार्टी को है। लेकिन स्वास्थ्य कारणों से मैंने अपना मन बना लिया है कि मैं अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ूंगी।’’ सुषमा, 2009 से ही लोकसभा में मध्यप्रदेश के विदिशा क्षेत्र की नुमाइंदगी कर रही हैं।

भाजपा की 66 वर्षीय नेता ने कहा, "विदिशा से वर्ष 2009 में लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद मैं सदन की नेता प्रतिपक्ष और इसके पश्चात विदेश मंत्री के अहम पदों पर आसीन होने के बावजूद आठ साल तक अपनी संसदीय सीट के आठों विधानसभा क्षेत्रों में हर महीने नियमित तौर पर जाती थी। लेकिन दिसंबर 2016 में किडनी प्रतिरोपण के बाद मुझे डॉक्टरों ने धूल से बचने की हिदायत दी है। इस कारण मैं पिछले एक साल से चुनावी सभाओं में भी भाग नहीं ले पा रही हूं।"

उन्होंने कहा, "मैं स्वास्थ्य कारणों से खुले स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकती हूँ। मैं बंद सभागारों में ही कार्यक्रम कर सकती हूं। मैंने अपने नेतृत्व से भी कहा है कि अपने स्वास्थ्य की मर्यादा को देखते हुए मुझे धूल से बचना है।" स्वराज ने कहा, "मैं विदेश तो जा सकती हूँ। लेकिन धूल से बचने की डॉक्टरी हिदायत के कारण गुजरे अरसे में विदिशा नहीं जा सकी, क्योंकि कुछेक कस्बों को छोड़कर मेरा पूरा संसदीय क्षेत्र देहाती है।"

गुजरे अरसे में विदिशा क्षेत्र में स्वराज के नहीं पहुंचने पर नाराज लोगों ने लोकसभा सांसद को "गुमशुदा" बताते हुए पोस्टर लगाये थे। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "अगर मेरे विरोधी मेरे स्वास्थ्य के प्रति इस कदर संवेदहीन होकर ऐसे पोस्टर लगाते हैं, तो मुझे इस पर कुछ नहीं कहना।" उन्होंने कहा, "'मेरा रिकॉर्ड मध्यप्रदेश की ऐसी लोकसभा सांसद का रहा है, जिसने अपने क्षेत्र का सबसे ज्यादा दौरा किया है। पिछले दो साल के दौरान मैं भले ही अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा नहीं कर सकी हूं। लेकिन मैंने विदिशावासियों से किये गये सारे वादे दिल्ली में बैठकर पूरे किये हैं।" स्वराज ने कहा, "बुधनी-इंदौर रेललाइन को मंजूरी दिलाने का वायदा भी मैंने आगामी चुनावों से पहले पूरा कर दिया है।"

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली सचिवालय के अंदर हमला हुआ है। इस दौरान केजरीवाल पर मिर्ची पाउडर फेंका गया। हमलावरों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और पुछताछ की जा रही है। बता दे कि केजरीवाल पर यह पहला हमला नहीं है बल्कि उनपर इससे पहले भी की कई बार हमला करने की कोशिश की जा चुकी है। 

हमलावर की पहचान अनिल के रुप में हुई है। अनिल ने बताया कि वो गोली मारने आया था। उधर आप ने केजरीवाल की सुरक्षा में भारी चूक का आरोप लगाया है। 

नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद को आज निर्देश दिया कि आईआरसीटीसी घोटाला मामले के सिलसिले में 20 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वह उसके समक्ष पेश हों। विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने यह निर्देश जारी किए।

उन्हें बताया गया था कि खराब सेहत की वजह से लालू पहले के निर्देश के मुताबिक अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके। अदालत ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया कि लालू चाहे अस्पताल में हों या फिर जेल में, वीडियो कॉन्फ्रेंस के मार्फत उनकी मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
 
इस बीच ईडी ने प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य की जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया कि वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और राहत देने पर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को सीबीआई के निदेशक आलोक कुमार वर्मा से कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में सीवीसी की जांच रिपोर्ट पर जल्द से जल्द आज ही अपना जवाब दाखिल करें। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस मामले के लिये मंगलवार को निर्धारित सुनवाई नहीं टाली जायेगी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को वर्मा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने सूचित किया कि सीबीआई निदेशक रजिस्ट्री में अपना जवाब दाखिल नहीं कर सके हैं।

 
पीठ ने कहा, ‘‘हम तारीख आगे नहीं बढ़ायेंगे। आप जल्द से जल्द अपना जवाब दाखिल करें। हमें भी जवाब पढ़ना होगा।’’ इस पर गोपाल ने कहा कि आज दिन में ही जवाब दाखिल कर दिया जयेगा। शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीवीसी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर 16 नवंबर को आलोक वर्मा को सीलबंद लिफाफे में सोमवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
 
इससे पहले, 16 नवंबर को न्यायालय ने कहा था कि सीवीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कुछ ‘बहुत ही प्रतिकूल’ टिप्पणियां की हैं और वह कुछ आरोपों की आगे जांच करना चाहता है, इसके लिऐ उसे और समय चाहिए। न्यायालय ने सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा के सभी अधिकार वापस लेने और उन्हें अवकाश पर भेजने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली वर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान पिछले शुक्रवार को यह निर्देश दिया था।
श्रीनगर। दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में रविवार को जैश-ए- मोहम्मद के आतंकवादियों के हमले में सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया और सेना के दो जवान घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। आतंकवादियों ने हाल ही में बनाए गए एक कैंप पर हमला किया। उन्होंने बताया कि आंतकवादियों ने शाम करीब 7–30 बजे जिले के काकापुरा रेलवे स्टेशन के निकट सीआरपीएफ के जवानों पर अनबैरल ग्रेनेड लांचर से ग्रेनेड फेंके और गोलियां चलाईं। इस हमले में हेड कांस्टेबल चंद्रिका प्रसाद की मौत हो गई।
 
यह शिविर राज्य में पंचायत चुनावों के मद्देनजर जिले में सुरक्षा बढ़ाने के लिए हाल ही में बनाया गया था। हमले के तत्काल बाद सीआरपीएफ के जवानों ने भाग रहे आतंकवादियों का पीछा किया। पास में गश्त कर रहे राष्ट्रीय रायफल के जवानों ने पैरा मिलिट्री बलों के जवानों की मदद की। सैनिक पास के बगीचे में पहुंचे जहां उन पर आतंकियों ने गोलियां चलाईं जिसमें सेना के दो जवान घायल हो गए। हालांकि एक धार्मिक समारोह होने के कारण घेराबंदी समाप्त कर दी गयी। घायल जवानों को सेना के अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।
 
जैश-ए-मोहम्मद ने सीआरपीएफ शिविर पर हमले की ज़िम्मेदारी ली है। आतंकवादी संगठन के एक स्वयंभू प्रवक्ता ने कुछ स्थानीय मीडिया घरानों से बातचीत कर इसकी ज़िम्मेदारी ली।
सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठी घोषणाओं और वादों की एक ऐसी एटीएम मशीन है, जिसमें किसी भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकलता है। शाह ने सिंगरोली जिले के वैढ़न स्थित रामलीला मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘चुनाव आते हैं तो कांग्रेस पार्टी अलग-अलग वादे करती है। घोषणापत्र जारी करती हैं, पर अमल करने का भाग्य (मौका) नहीं मिलता। उसे अमल तो भाजपा को ही करना है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘कांग्रेस झूठे वादों का एटीएम है। अंदर कोई भी समस्या डालो, झूठा वादा बनकर बाहर आता है।’’ शाह ने कहा, ‘‘इसके विपरीत भाजपा विकास का एटीएम है। कोई भी समस्या डालो, विकास व समाधान का रास्ता निकलता है।’’
 
भाजपा प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस का न नेता तय है और न ही नीति तय है। अब आपको सोचना है कि प्रदेश व देश में किसकी सरकार बनानी है।’’ मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित न करने पर तंज कसते हुए शाह ने कहा, ‘‘राहुल गांधी, कमलनाथ (मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) और दिग्विजय सिंह (दिग्गज कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री) प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका नेता तय नहीं है।’’ दिग्विजय सिंह की 10 साल की कांग्रेस सरकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, तब मध्य प्रदेश की पहचान एक बीमारू राज्य के रूप में थी। प्रदेश में गरीबी थी और बिजली, पानी, सड़क एवं स्वास्थ्य सेवाएं चौपट हो गई थीं।’’ शाह ने कहा कि तब कांग्रेस के समय मध्य प्रदेश का बजट मात्र 21,600 करोड़ रुपये था। बजट व संसाधनों से विहीन ऐसे बीमारू राज्य को शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने न केवल विकसित राज्य बनाया, बल्कि प्रदेश का बजट 1.85 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया।’’ उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं शिवराज की सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र भी किया, जिनमें आयुष्मान भारत योजना एवं बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में चलाई गई अन्य योजनाएं शामिल हैं। देश की सुरक्षा पर बोलते हुए शाह ने कहा, ‘‘जब देश में भाजपा की सरकार आई, उस दौरान 12 सैनिकों की हत्या कर दी गई। तब मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक चलाकर पाकिस्तान से बदला लेने का काम किया। उसके बाद भारत सैनिकों की हत्या का बदला लेने वाले अमेरिका और इजराइल की सूची में जुड़ गया।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘देश की सुरक्षा कांग्रेस की सरकार में चाक-चौबंद कभी नहीं थी।’’ शाह ने कहा, ‘‘घुसपैठिये भारत आते रहे। लेकिन कांग्रेस सरकार चुप रही, क्योंकि वह इनका वोट बैंक था। मोदी सरकार एनआरसी लेकर लाई। इसमें घुसपैठियों की लिस्ट तैयार की गई, ताकि उन्हें बाहर निकाला जा सके। लेकिन कांग्रेसी फड़फड़ाने लगे और मानवाधिकार का हवाला देने लगे। घुसपैठियों का दर्द इन्हें दिखता है, लेकिन भारत का गरीब इन्हें नहीं दिखता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक बार 2018 में शिवराज जी की सरकार व 2019 में केंद्र में मोदी जी की सरकार बना दीजिए। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक ढूंढ़-ढूंढ़कर घुसपैठियों को निकालेंगे। हमारे लिए घुसपैठिए वोट बैंक का मुद्दा नहीं हैं। हमारे लिए देश की सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है।’’ वर्ष 2014 के बाद 19 राज्यों में भाजपा की सरकारें बनने की जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि आजकल राहुल गांधी मध्य प्रदेश में इधर-उधर घूम रहे हैं और कह रहे हैं कि प्रदेश में उनकी सरकार बनेगी। आज राहुल बाबा एवं कांग्रेस पार्टी को दूरबीन लेकर अपने कांग्रेसी राज्य ढूंढ़ने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष के कार्यकाल में शिवराज ने मध्य प्रदेश को बीमारू से विकसित राज्य बनाने का काम किया। कांग्रेस के समय कोई निवेशक मध्य प्रदेश में नहीं आता था। अब निवेशकों की कतार लग गई है। शाह ने कहा कि कांग्रेस के समय मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत दर पर किसानों को ऋण दिया जाता था, जिसे घटाकर शिवराज सरकार ने जीरो कर दिया ।
नयी दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 101वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि दी। इन नेताओं ने सुबह शक्ति स्थल पहुंचकर इंदिरा गांधी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। 
 
इनके अलावा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, वरिष्ठ नेता पी सी चाको, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन और पार्टी के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि दी। इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को इलाहाबाद में हुआ था। वह दो अलग-अलग अवधि में 15 वर्षों से अधिक समय तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। 31 अक्टूबर, 1984 को उनकी हत्या कर दी गई थी।

पटना। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने रविवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को संभवत: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पिछलग्गू बताया। साथ ही, उनसे सृजन घोटाले पर भी कुछ बोलने के लिए कहा। कुशवाहा ने सुशील मोदी का नाम लिए बगैर सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि कुछ लोग प्रचार के भूखे, अवसरवादी और स्वभाव से सत्तापरस्त होते हैं। उन्होंने ट्वीट किया, "कई लोग राजनीतिक पिछ्लग्गू होते है। छपास रोग से पीड़ित, मिजाज़ से अवसरवादी व घोर सत्तापरस्त...! इनकी उपयोगिता सहयोगी पार्टी/नेता के भोंपू के तौर पर बखूबी होती है। ऐसे लोग मच्छर की भाँति खून पीकर अपनी ही पार्टी में मलेरिया-डेंगू फैलाते है और अपना वजूद जिन्दा रखते हैं।" रालोसपा प्रमुख ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘बिलकुल सच कहा आपने, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने तो देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की हर संभव कोशिश की।

मगर, जरा, सृजन घोटाले पर भी तो कुछ बोलिए....? कुशवाहा की यह टिप्पणी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अंदर मतभेद बढ़ा सकती है। राजग 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए संघर्षरत है। रालोसपा प्रमुख ने कहा है कि उनकी पार्टी को जितनी सीटों की पेशकश की गई है वह सम्मानजनक नहीं है और 30 नवंबर तक इस विषय को सुलझा लिया जाना चाहिए। उन्होंने हाल ही में राजद नेता तेजस्वी यादव और जदयू के पूर्व नेता शरद यादव से मुलाकात की है। गौरतलब है कि पिछले महीने जदयू और भाजपा ने राज्य में बराबर सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। हालांकि, उन्होंने सीटों की संख्या का खुलासा नहीं किया था। गठबंधन में लोजपा चौथा सहयोगी दल है। 

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाया और उम्मीद जताई कि आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल एवं उनकी टीम नहीं झुकेगी। गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी जी और सांठगांठ वाले पूंजीपतियों का उनका गुट लगातार हर उस संस्था को नष्ट कर रहा है जो उनके उनके नियंत्रण में आ सकती है।'

उन्होंने कहा, 'आज आरबीआई बोर्ड की बैठक में अपनी कठपुतली बने लोगों के जरिये वह आरबीआई को तबाह करने का प्रयास करेंगे। मैं आशा करता हूं कि (उर्जित) पटेल और उनकी टीम मजबूत है और वे उन्हें (मोदी) उनकी जगह दिखा देंगे।'।
 
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह एक-एक कर देश की सभी संस्थाओं को बर्बाद कर रही है और इसकी ताजा कड़ी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) है। आरबीआई की सोमवार को होने वाली बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक में धन की कमी पर चर्चा होने की संभावना है। इसको लेकर केन्द्रीय बैंक और सरकार के बीच बहस छिड़ी हुई है।
 
केन्द्र और आरबीआई के बीच सरकार ने आरबीआई अधिनियम की धारा 7 के उपयोग की बात कही है। इस धारा का आज तक किसी सरकार ने उपयोग नहीं किया है। इसके तहत केन्द्र सरकार आरबीआई के गवर्नर को निर्देश जारी कर सकती है।
 

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