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237 मरीजों को मिला मुफ़्त इलाज

मलेरिया और एनीमिया की जांच पर रहा विशेष जोर

​रायपुर, अक्टूबर 2026/

राज्य सरकार के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा में आयोजित एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुआ। शिविर में क्षेत्र के 237 से अधिक मरीजों ने पहुंचकर एक ही छत के नीचे विभिन्न जटिल बीमारियों के नि:शुल्क इलाज और जांच सुविधाओं का लाभ उठाया।
​स्वास्थ्य दल द्वारा शिविर में व्यापक पैथोलॉजी एवं नैदानिक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मलेरिया उन्मूलन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 169 लोगों की जांच की गई, जिनमें 41 मरीज पीएफ और 7 मरीज पीवी पॉजिटिव पाए गए। इसी प्रकार कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के लिए 146 लोगों के हीमोग्लोबिन की जांच की गई, जिसमें 39 ग्रामीणों में रक्त की कमी दर्ज की गई। मधुमेह नियंत्रण अभियान के तहत 138 लोगों की रक्त शर्करा की जांच में 6 मरीज उच्च शर्करा स्तर से पीड़ित मिले, जिन्हें तत्काल आवश्यक दवाएं और परामर्श दिया गया। इसके अलावा उच्च रक्तचाप और सिकल सेल से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उनकी निरंतर चिकित्सा देखभाल का मार्ग प्रशस्त किया गया।
​मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए शिविर में 19 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर उनकी प्रसव पूर्व जांच की गई। ग्रामीणों को विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करने हेतु नेत्र जांच, दंत चिकित्सा, टीबी रोग की पहचान के लिए बलगम के नमूने संग्रह करने के साथ-साथ एचआईवी, हेपेटाइटिस, डेंगू, टाइफाइड, लिवर, किडनी और थायरॉइड जैसी आवश्यक जांचें भी मौके पर ही की गईं।
​डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए शिविर में दो पात्र हितग्राहियों के ऑन-द-स्पॉट 'आयुष्मान कार्ड' भी तैयार किए गए। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार शिविर में चिन्हित सभी मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि उन्हें आगे भी सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलता रहे।

 

कोहकामेटा में शिक्षकों का अनूठा नवाचार

नुक्कड़ नाटक के जरिए पहुँचाया जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश

​रायपुर, अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के तहत संचालित ‘नमो सेवा – अनकही कहानियाँ’ कार्यक्रम के अंतर्गत नारायणपुर जिले के सुदूर क्षेत्र कोहकामेटा में शिक्षकों ने एक अनुकरणीय पहल की है। शिक्षकों ने मंच पर उतरकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं के प्रति जागरूक किया।
​शिक्षकों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, सहज-सरल संवादों और रचनात्मक प्रस्तुति से योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता एवं उनसे मिलने वाले लाभों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुँचाई। नाटक के जरिए स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी प्रमुख योजनाओं को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। इसके साथ ही, जिले को नक्सलमुक्त बनाने के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही पहलों का भी सकारात्मक संदेश दिया गया।
​कलाकार बने शिक्षकों ने स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, पक्के मकान, कृषि विकास एवं ग्रामीण सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए आह्वान किया कि योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुँचे, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इनके लाभ से वंचित न रहे।
​इस रचनात्मक पहल ने न केवल शिक्षकों की कलात्मक प्रतिभा को एक बड़ा मंच दिया, बल्कि उन्हें सीधे जनसेवा और सामाजिक बदलाव की मुहीम से भी जोड़ा। नाटक की जीवंत प्रस्तुति ने ग्रामीणों को गहराई से प्रभावित किया और उनमें योजनाओं के प्रति जनभागीदारी की भावना को जगाया।
​कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष,उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत ओरछा के उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के अनेक सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

​धमतरी में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ

​खरतुली के रासेयो स्वयंसेवकों ने प्रेरक नाटक के जरिए दिया सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण का संदेश

रायपुर,  अक्टूबर 2026/सेवा संकल्प अभियान और अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर धमतरी के मोनो नाइट इंग्लिश मीडियम स्कूल में नशामुक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का संदेश पूरे उत्साह के साथ गूंजा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने उपस्थित अपार जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं को देश की मूल शक्ति बताते हुए नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

​ मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि नशे की लत केवल किसी व्यक्ति विशेष को प्रभावित नहीं करती, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को गर्त में धकेल देती है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक जनभागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संगठनों से ‘नशामुक्त भारत अभियान’ का हिस्सा बनकर जनचेतना को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की।

​सामूहिक प्रयास से छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने का संकल्प

समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वृद्धजनों और युवाओं ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को इस सामाजिक बुराई से बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशामुक्ति महज एक शासकीय अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

​नाट्य प्रस्तुति से दिया श्विकसित भारत 2047श् का संदेश

समारोह का मुख्य आकर्षण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरतुली के राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) और इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। प्राचार्य के मार्गदर्शन तथा व्याख्याता श्री आकाश गिरी गोस्वामी के लेखन व निर्देशन में बने इस नाटक में नशामुक्त भारत, विकसित भारत-2047 और समाज सेवा जैसे विषयों को सजीव रूप से पेश किया गया। नाट्य रूपांतरण में कलाकारों ने सशक्त अभिनय से दर्शाया कि यदि युवा ऊर्जा को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और राष्ट्रसेवा से जोड़ा जाए, तो देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

कार्यक्रम में सहकारी बैंक के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, निगम सभापति, जिला पंचायत सभापति, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ समेत कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

सेवा मेरा योगदान

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बीजापुर के महादेव तालाब में श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश

ऐतिहासिक महादेव तालाब में जलकुंभी और कचरे की सफाई कर लिया स्वच्छ भारत का संकल्प

स्वच्छाग्रही दीदियों का हुआ सम्मान, नगरपालिका की स्वच्छता दीदियों को प्रदान किए गए पीपीई किट

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बीजापुर के ऐतिहासिक महादेव तालाब में स्वच्छता अभियान में सहभागिता कर श्रमदान किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के साथ तालाब परिसर की सफाई कर स्वच्छ भारत के निर्माण में जनभागीदारी का संदेश दिया।

अभियान के दौरान महादेव तालाब में फैली जलकुंभी सहित अन्य कचरे की सफाई की गई। प्रभारी मंत्री श्री कश्यप ने स्वच्छता अभियान में भाग लेकर लोगों को अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों, जलस्रोतों और परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।

स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण
प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर परिवेश के निर्माण के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। सार्वजनिक स्थलों और जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। ‘सेवा मेरा योगदान’ की भावना के साथ किया गया छोटा-सा प्रयास भी स्वच्छता के अभियान को व्यापक जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छाग्रही दीदियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली नैमेड़ की स्वच्छाग्रही दीदियों को वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने स्वच्छता के प्रति उनके समर्पण और निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए इसी उत्साह के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही नगरपालिका की स्वच्छता दीदियों को स्वच्छता किट एवं पीपीई किट प्रदान किए गए।

स्वच्छता अभियान में पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पेरे पुलैय्या, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों उपस्थित रहे।

 

बीजापुर में वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ, वन मंत्री ने कहा वन एवं वन्यप्राणियों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी

साल के अंत तक बीजापुर में इको-टूरिज्म गतिविधियां शुरू करने की घोषणा, स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

रायपुर,  अक्टूबर 2026/वनों एवं वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बीजापुर में वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने किया। इस अवसर पर उन्होंने इन्द्रावती टाइगर रिजर्व द्वारा तैयार किए गए ‘बाघ रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर वन्यजीव संरक्षण, बाघों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।

वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जंगल और वन्यप्राणी हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण केवल वन विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। वन्यजीवों की प्रभावी सुरक्षा के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ‘बाघ रथ’ के माध्यम से प्रारंभ किए गए जनजागरूकता अभियान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पहल वनांचल के गांवों तक वन एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश पहुंचाएगी और लोगों को जैव विविधता के महत्व से जोड़ेगी।

समृद्ध जैव विविधता बीजापुर की बड़ी पहचान

वन मंत्री श्री कश्यप ने बीजापुर की समृद्ध जैव विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्राकृतिक संपदा और विविध वन्यजीवों से समृद्ध है। यहां के जंगल और वन्यप्राणी क्षेत्र की पारिस्थितिकी के महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय को जोड़कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने, जंगलों की रक्षा करने तथा मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

साल के अंत तक बीजापुर में शुरू होंगी इको-टूरिज्म गतिविधियां

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बीजापुर में पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि इस वर्ष के अंत तक जिले में इको-टूरिज्म गतिविधियां विधिवत रूप से शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि बीजापुर प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और जैव विविधता से परिपूर्ण क्षेत्र है। इको-टूरिज्म गतिविधियों के शुरू होने से यहां की प्राकृतिक धरोहर एवं नैसर्गिक सुंदरता से पर्यटक परिचित हो सकेंगे। साथ ही पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।

इको-टूरिज्म से स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

वन मंत्री ने कहा कि इको-टूरिज्म को स्थानीय समुदाय की सहभागिता से विकसित किया जाएगा। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधनों को मजबूती मिलने के साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति एवं वन्यजीवों का संरक्षण करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना इको-टूरिज्म का मूल उद्देश्य है। इससे पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय आजीविका दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ के साथ रवाना हुआ ‘बाघ रथ’ वन्यजीव संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से वनांचल के गांवों में जैव विविधता, बाघ संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का संदेश पहुंचाया जाएगा। वहीं इको-टूरिज्म गतिविधियों की शुरुआत से बीजापुर की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ स्थानीय रोजगार और आजीविका संवर्धन की नई संभावनाओं को भी बल मिलेगा।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पेरे पुलैय्या, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने पत्रिका 'प्रयास' और पुस्तक 'तारुण्य वार्ता' का किया विमोचन, वेबसाइट का भी किया लोकार्पण

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में राज्य स्तरीय सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अध्यक्षता राज्यसभा सांसद एवं संस्था की प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने की।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री श्री यादव ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की पत्रिका ‘प्रयास’ तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और यूनिसेफ द्वारा तैयार ‘तारुण्य वार्ता’ (मासिक धर्म पर खुलकर चर्चा) पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने संस्था की नवीन वेबसाइट का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों के स्काउट्स एवं गाइड्स को सम्मानित भी किया गया।

हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सद्भाव और सम्मान रखें

शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचार तथा लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं। सर्वधर्म प्रार्थना सभा हमें सभी आस्थाओं का सम्मान करने और समाज में प्रेम व भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स से जुड़े बच्चे और युवा सेवा, अनुशासन तथा सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। हमारे देश की संस्कृति "सर्वधर्म समभाव" और सभी के मंगल की कामना पर आधारित है। सर्वधर्म प्रार्थना हमें यही संदेश देती है कि सभी सुखी हों, सभी का कल्याण हो और हम एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सद्भाव और सम्मान रखें।

स्काउट-गाइड हमें अनुशासन का संदेश देता है

श्री यादव ने कहा कि स्काउट-गाइड का उद्देश्य केवल नियमों और प्रतिज्ञाओं को पढ़ना नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारना है। हम स्वयं अनुशासित रहेंगे, तभी दूसरों को अनुशासन का संदेश दे पाएंगे। स्काउट-गाइड हमें प्रकृति से प्रेम करना और पशु-पक्षियों का मित्र बनना भी सिखाता है। इसलिए प्रत्येक स्काउट और गाइड अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।

राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी शक्ति है। अलग-अलग आस्थाओं और परंपराओं के प्रति आदर ही सामाजिक सद्भाव और एकता का आधार है। उन्होंने बच्चों और युवाओं से गांधीजी एवं शास्त्रीजी के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

सर्वधर्म प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं विचारों का स्मरण करते हुए शांति, प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा ने सर्वधर्म समभाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य भंडारगृह निगम अध्यक्ष श्री चंदू लाल साहू, औद्योगिक विकास निगम अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य बीज विकास निगम अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर, राज्य केश शिल्पी बोर्ड अध्यक्ष श्री गौरी शंकर श्रीवास, विधायक श्री मोती लाल साहू सहित विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष और अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

 

गांधी जयंती पर प्रदेश स्तरीय खादी सम्मेलन एवं ग्रामोद्योग विकास प्रदर्शनी आयोजित

ग्रामोद्योग मंत्री श्री यादव ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन, खादी वस्त्रों पर 31 मार्च 2027 तक मिलेगी 25 प्रतिशत छूट

रेशम विभाग ने ‘अमारी सिल्क’ ब्रांड का किया अनावरण

हाथकरघा विभाग द्वारा बस्तर के नक्सल मुक्त क्षेत्रों में नए बुनाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू

रायपुर,  अक्टूबर 2026/ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम प्रदेश स्तरीय खादी सम्मेलन एवं ग्रामोद्योग विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 02 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक खादी वस्त्रों पर 25 प्रतिशत विशेष छूट दी जा रही है। कार्यक्रम में खादी को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेल्फी विद खादी’ अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर खादी उत्पादन केंद्र कूंवरगढ़, जिला रायपुर के नवनिर्मित भवन और अंबिकापुर के नवनिर्मित प्रीमियम सेल्स आउटलेट का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। हाथकरघा प्रभाग द्वारा बस्तर के नक्सल मुक्त क्षेत्रों में नए बुनाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए गए। रेशम प्रभाग ने ‘अमारी सिल्क’ ब्रांड तथा बस्तर संभाग में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूत किया जा रहा है

शिक्षा एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री यादव ने कहा कि हमको स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में निर्मित वस्तुओं की खरीद से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, उत्पादकों और व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों का उल्लेख करते हुए खादी और स्थानीय उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रतिष्ठ बड़े बाजारों और स्व रोजगार मेलों में छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्र और स्थानीय बुनकरों के कौशल की विशेष सराहना की गई। कोसा को उच्च गुणवत्ता वाला विशिष्ट उत्पाद बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार और उपयोग की आवश्यकता बताई गई। साथ ही कहा कि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता और क्षमता में किसी से कम नहीं हैं तथा स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देकर आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को मजबूत किया जा रहा है। ग्रामोद्योग और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामोद्योग की विभिन्न गतिविधियों को एकीकृत करते हुए स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, बुनकरों, उत्पादन एवं विपणन समितियों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से बुनकर समितियों और उनसे जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने, उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा लोगों को स्वदेशी वस्तुओं की खरीद के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की गई। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है ।

खादी और चरखा केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं बल्कि स्वावलंबन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण है

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और उनके दिखाए मार्ग आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। गांधीजी ने खादी और चरखे को केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे स्वावलंबन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ा। खादी का उपयोग बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और कारीगरों तथा इससे जुड़े परिवारों को आजीविका मिलती है। उन्होंने गांधीजी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि बड़े परिवर्तन केवल बड़े कदमों से ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सार्थक प्रयासों से भी संभव होते हैं। इसी भावना के अनुरूप लोगों से खादी को अपनाने, उसके उपयोग को प्रोत्साहित करने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर

प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन, ग्रामीणों की भागीदारी से तैयार होगा गांवों के विकास का रोडमैप

रायपुर, अक्टूबर 2026/ गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के बीच नारायणपुर जिले से लोकतंत्र की एक सुखद तस्वीर सामने आई। कभी नक्सल प्रभाव से जूझने वाले ओरछा विकासखंड की ग्राम पंचायत कच्चापाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण एक पेड़ की छांव तले ग्राम सभा के लिए जुटे और अपने गांव के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कच्चापाल की यह ग्राम सभा इसलिए भी विशेष रही कि बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की तथाकथित ‘जन अदालतों’ का भय रहता था, उन्हीं क्षेत्रों में अब ग्रामीण संवैधानिक ग्राम सभा के मंच पर बैठकर अपनी बात रख रहे हैं और अपने गांव की विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा कर रहे हैं। बदलते बस्तर की यह तस्वीर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।

पेड़ की छांव बनी लोकतांत्रिक संवाद का मंच
कच्चापाल में ग्राम सभा के लिए किसी बड़े सभागार की जरूरत नहीं पड़ी। गांव के लोग पेड़ के नीचे एकत्र हुए और सामूहिक रूप से गांव की आवश्यकताओं तथा विकास कार्यों पर चर्चा की। ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने ग्राम सभा को जीवंत बनाया। महिलाओं और ग्रामीणों ने भी चर्चा में हिस्सा लेकर स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषय सामने रखे।

प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया। विकसित भारत-जी राम जी योजनांतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी विकास कार्यों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।

गांव की जरूरत के अनुसार बनेगा विकास का रोडमैप
विशेष ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना जैसे विषयों पर स्थानीय जरूरत के अनुरूप कार्यों की पहचान पर जोर दिया गया। रिफॉर्म उत्सव के तहत ग्रामीणों को 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, समय पर रोजगार एवं मजदूरी भुगतान तथा योजना के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों से संबंधित जानकारी भी दी गई। ग्राम सभाओं से मिले सुझाव विकसित ग्राम पंचायत प्लान का आधार बनेंगे। आगामी चरणों में गांवों के संसाधनों और आवश्यकताओं का आकलन कर विकास योजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा।

कच्चापाल की ग्राम सभा बनी बदलते बस्तर की तस्वीर
नारायणपुर के दूरस्थ कच्चापाल में पेड़ के नीचे लगी ग्राम सभा केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रही। कभी नक्सल प्रभाव से जूझे इस क्षेत्र में ग्रामीणों का बड़ी संख्या में एक साथ बैठकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना बदलते बस्तर की महत्वपूर्ण तस्वीर है। जहां कभी भय और हिंसा के बीच तथाकथित जन अदालतों की चर्चा होती थी, वहां अब ग्राम सभा में गांव के लोग स्वयं अपनी जरूरतों और विकास के भविष्य पर संवाद कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों को मिली बड़ी सौगात, लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग हुई पूरी

11.70 किलोमीटर मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल- पुलिया निर्माण से क्षेत्र में आवागमन होगा सुगम

02 अक्टूबर 2026/ राज्य सरकार द्वारा जांजगीर- चाम्पा जिले के शिवरीनारायण- खैरताल मार्ग के मजबूतीकरण कार्य की बड़ी सौगात दिया है l शिवरीनारायण से खैरताल मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य के लिए 2208.59 लाख (22 करोड़ 8 लाख 59 हजार रुपये) की शासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही सड़क निर्माण की मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस महत्वपूर्ण सड़क कार्य को स्वीकृति मिली है। इससे क्षेत्र में सड़क अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधाएं बेहतर होंगी।

यह मार्ग लगभग 11.70 किलोमीटर लंबा है। मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन एवं प्रयासों से भी क्षेत्र में सड़क एवं अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति मिली है।

इस मार्ग के निर्माण एवं मजबूतीकरण से ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों, कृषि उपज के परिवहन और सामाजिक-आर्थिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय एवं आसपास के प्रमुख बाजारों से संपर्क और अधिक सुगम हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और लोक निर्माण विभाग के मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा सड़क एवं पुल-पुलिया जैसी मूलभूत अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिवरीनारायण-खैरताल मार्ग की स्वीकृति से क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के साथ ही क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी ।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों को मिली बड़ी सौगात, लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग हुई पूरी

11.70 किलोमीटर मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल- पुलिया निर्माण से क्षेत्र में आवागमन होगा सुगम

02 अक्टूबर 2026/ राज्य सरकार द्वारा जांजगीर- चाम्पा जिले के शिवरीनारायण- खैरताल मार्ग के मजबूतीकरण कार्य की बड़ी सौगात दिया है l शिवरीनारायण से खैरताल मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य के लिए 2208.59 लाख (22 करोड़ 8 लाख 59 हजार रुपये) की शासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही सड़क निर्माण की मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस महत्वपूर्ण सड़क कार्य को स्वीकृति मिली है। इससे क्षेत्र में सड़क अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधाएं बेहतर होंगी।

यह मार्ग लगभग 11.70 किलोमीटर लंबा है। मार्ग के मजबूतीकरण एवं पुल-पुलिया सहित निर्माण कार्य से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन एवं प्रयासों से भी क्षेत्र में सड़क एवं अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति मिली है।

इस मार्ग के निर्माण एवं मजबूतीकरण से ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों तथा आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों, कृषि उपज के परिवहन और सामाजिक-आर्थिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क सुविधा से ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय एवं आसपास के प्रमुख बाजारों से संपर्क और अधिक सुगम हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और लोक निर्माण विभाग के मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा सड़क एवं पुल-पुलिया जैसी मूलभूत अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिवरीनारायण-खैरताल मार्ग की स्वीकृति से क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के साथ ही क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी ।

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