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वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह

युवा संवाद में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित ‘सेवा संकल्प यात्रा’ वडनगर (गुजरात) से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक जनसेवा से राष्ट्रसेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकली इस यात्रा के जांजगीर पहुंचने पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने बाइक यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा कर रहे युवाओं को शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक जीवन यात्रा जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित : वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

युवा संवाद को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल वर्षों का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और भारत के विकास के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ी रही है।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में प्रतिभाशाली और समाज के लिए योगदान देने की क्षमता रखने वाले लोगों को आगे आने के अवसर प्रदान किए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ को भी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और सकारात्मक सोच इस विकास यात्रा को नई गति दे सकती है।

विकास के साथ संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाना भी हमारी जिम्मेदारी : मंत्री श्री चौधरी

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में योगदान दें।

सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वडनगर से वाराणसी तक यात्रा कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी रूप से पहुंचता है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री नारायण चंदेल ने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से सेवा की भावना को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से नागरिकों तक जनसेवा, विकास और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी पहुंच रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

 

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि तकनीकों से खेती बनी लाभ का जरिया

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ग्राम पंचायत देवरगांव, विकासखंड गौरेला के कृषक श्री प्रमोद सिंह ने भी आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाते हुए फूलगोभी की व्यावसायिक खेती कर अपनी मेहनत को बेहतर आमदनी में बदला है। उन्होंने लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में फूलगोभी की खेती से अब तक करीब 1.50 लाख रुपए का लाभ अर्जित किया है।

श्री प्रमोद सिंह पहले भी उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। विभाग द्वारा उन्हें समय-समय पर उन्नत कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन, नवीन उद्यानिकी गतिविधियों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा है। इसी मार्गदर्शन और अपने अनुभव का उपयोग करते हुए उन्होंने फूलगोभी की व्यावसायिक खेती शुरू की।

फसल की बेहतर देखभाल, समय पर आवश्यक कृषि कार्य और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में उपज की बिक्री से अब तक लगभग 1.50 लाख रुपए का लाभ मिलने से श्री प्रमोद सिंह उत्साहित हैं। इस सफलता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है और अब वे उद्यानिकी गतिविधियों को और विस्तार देने के लिए प्रेरित हुए हैं।

श्री प्रमोद सिंह की सफलता बताती है कि खेती में आधुनिक तकनीक, सही फसल चयन और बेहतर प्रबंधन को अपनाकर किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उद्यानिकी विभाग का तकनीकी मार्गदर्शन और कृषक की मेहनत का समन्वय खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उनकी यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों की व्यावसायिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

सेवा संकल्प अभियान

 

वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर, उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए अनमोल विरासत - श्री राजेश अग्रवाल

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अंबिकापुर के सियानगुड़ी में वृद्धजनों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने वृद्धजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर वृद्धजनों के स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि वृद्धजन परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। जीवन के लंबे अनुभव से अर्जित उनका ज्ञान और मार्गदर्शन समाज तथा नई पीढ़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिवार में बुजुर्गों की मौजूदगी न केवल संस्कारों और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाती है, बल्कि परिवार को भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाती है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता और बड़े-बुजुर्गों का आदर तथा उनकी सेवा हमारी संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। वृद्धजनों की गरिमा और सम्मान बनाए रखना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार में माता-पिता का सम्मान और उनकी सेवा करने से आपसी प्रेम, संस्कार एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है। नई पीढ़ी को भी बुजुर्गों के अनुभव से सीखते हुए उनके प्रति संवेदनशीलता और आत्मीयता का भाव बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के कल्याण के लिए शासन एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र वृद्धजनों तक पहुंचना चाहिए। वृद्धावस्था में उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी वृद्धजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और सम्मानजनक जीवन की कामना की। वक्ताओं ने लोगों से अपने माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों की भावनाओं को समझने, उनके साथ समय बिताने तथा उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखने का आग्रह किया।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के इस आयोजन में वृद्धजनों का उत्साह भी देखते ही बना। कार्यक्रम के दौरान गीत एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनका उपस्थित लोगों ने आनंद लिया। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री व्ही.के. उके ने विभाग द्वारा वृद्धजनों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी।

वृद्धजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। चिकित्सकीय दल ने वृद्धजनों की स्वास्थ्य जांच के साथ आंखों से संबंधित समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। इस दौरान बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज, लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, नगर निगम आयुक्त श्री विनय कुमार अग्रवाल, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री व्ही.के. उके सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

सेवा की कहानी

 

हर महीने 4 से 5 हजार रुपए के बिजली बिल से मिली राहत

1.08 लाख रुपए की सब्सिडी ने आसान की सौर ऊर्जा की राह

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ हर महीने बिजली का बिल आते ही परिवार के बजट की चिंता बढ़ जाती थी। चार से पांच हजार रुपए तक का बिजली बिल चुकाने में घरेलू खर्च का बड़ा हिस्सा चला जाता था। लेकिन अब घर की छत पर सूरज की किरणें केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि बचत भी लेकर आ रही हैं। यह बदलाव आया है राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम कल्लूटोला निवासी श्री होसीलाल साहू के जीवन में। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र ने उनके परिवार को बिजली के खर्च से बड़ी राहत दी है।

श्री साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 4 से 5 हजार रुपए तक आता था। परिवार की दूसरी आवश्यकताओं के साथ इतनी बड़ी राशि बिजली बिल पर खर्च करना उनके लिए आर्थिक चुनौती थी। इसी दौरान पंचायत में आयोजित सूर्यसभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के लाभ और सौर ऊर्जा से होने वाली बचत के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने का निर्णय लिया।

सौर संयंत्र स्थापित करने के लिए श्री साहू को केन्द्र शासन से 78 हजार रुपए और राज्य शासन से 30 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी का लाभ मिला। शासन से मिली इस आर्थिक सहायता ने सौर ऊर्जा अपनाने की राह उनके लिए आसान कर दी।घर की छत पर सौर संयंत्र लगने के बाद परिवार के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। पहले हर महीने हजारों रुपए के बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब वही राशि परिवार की दूसरी जरूरतों और बचत में उपयोग हो सकती है। सौर ऊर्जा ने घर की बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही परिवार के मासिक बजट को भी राहत दी है।

बिजली बिल की चिंता घटी, परिवार में बढ़ी खुशी

श्री होसीलाल साहू कहते हैं कि सौर संयंत्र लगने से उनके परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। बिजली के बढ़ते खर्च की जो चिंता पहले हर महीने बनी रहती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है। सूर्य की रोशनी से तैयार होने वाली स्वच्छ ऊर्जा उनके लिए आर्थिक बचत का स्थायी माध्यम बन रही है।श्री साहू ने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उनके जैसे सामान्य परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के लिए शुभकामनाएं देते हुए श्री साहू ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब सीधे परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर उनके दैनिक जीवन में दिखाई देता है।होसीलाल साहू के घर की छत पर लगा सौर संयंत्र आज केवल बिजली पैदा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बचत, आत्मनिर्भरता और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक भी बन गया है। कभी बिजली का बिल परिवार के बजट पर बोझ था, आज उसी घर में सूरज की रोशनी आर्थिक राहत और खुशहाली का उजाला बिखेर रही है।

सेवा संकल्प अभियान

 

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बांटी सामग्री व प्रमाण पत्र

रायपुर,01अक्टूबर 2026/

राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को नवीन कृषि उपज मण्डी परिसर बलौदाबाजार में ब्लॉक स्तरीय ‘सेवा सेतु शिविर’ का आयोजन किया गया। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 3,888 हितग्राहियों को सामग्री, चेक एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। शिविर में आए 736 जन-समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदनों में से 614 का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। इसके साथ ही मेगा हेल्थ कैंप में 400 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण व चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ उठाया।

​एक ही छत के नीचे सभी शासकीय सुविधाएं: राजस्व मंत्री श्री वर्मा

​ शिविर को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है। शिविर में सभी विभागों के स्टॉल और जिला अधिकारी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, अतः आम जनता को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
​मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'मोदी की गारंटी' को शत-प्रतिशत लागू कर रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए प्रदेश की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह 1,000 रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं, वहीं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत पात्र मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

​दान उत्सव रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

​आयोजन के दौरान राजस्व मंत्री ने 'दान उत्सव रथ' के लिए सामग्री दान की और जनप्रतिनिधियों के साथ रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव भ्रमण करेगा, जहां इच्छुक नागरिक दैनिक उपयोग की वस्तुएं दान कर सकेंगे, जिन्हें बाद में जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री व अधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

​बुजुर्गों को पहनाया नजर का चश्मा, चेहरे पर आई मुस्कान

​मंत्री श्री वर्मा ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉलों और मेगा हेल्थ कैंप का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं कई बुजुर्गों को नजर का चश्मा पहनाया और हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया।

​जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता

​कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
​इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष, एसपी, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

सेवा संकल्प अभियान

 

‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना के साथ ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार और तालाब किनारे चलाया स्वच्छता अभियान

आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों के शासकीय कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी हुई स्वच्छता गतिविधियां

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को साकार करते हुए सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत तराजू में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों के साथ साप्ताहिक बाजार स्थल एवं तालाब के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया।

अभियान के दौरान श्री अग्रवाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सार्वजनिक स्थल की सफाई की और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा।

श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपने घर और परिसर के साथ ही बाजार, तालाब, सड़क तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का उद्देश्य वास्तविक रूप में साकार होगा। उन्होंने ओडीएफ प्लस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी ग्रामीणों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार स्थल और तालाब किनारे आयोजित सामूहिक श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, जलस्रोतों एवं उनके आसपास गंदगी नहीं फैलाने और गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करने का संदेश दिया गया।

सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां केवल ग्राम तराजू तक सीमित नहीं रहीं। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारी-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वच्छताग्राहियों ने श्रमदान करते हुए कार्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों की साफ-सफाई की। इसके माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए ग्रामीणों को अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

ग्राम तराजू में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री कामेश्वर राजवाड़े, श्री राकेश अग्रवाल, श्री राकेश साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री राजेंद्र जायसवाल, श्री दिनेश बारी, श्री दिनेश साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रजनी पैंकरा सहित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

रायपुर में 7-8 अक्टूबर को सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा राज्यस्तरीय रोजगार मेला

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ रोजगार की तलाश कर रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ा अवसर सामने आया है। छत्तीसगढ़ सरकार आगामी 7-8 अक्टूबर को रायपुर में दो दिवसीय राज्यस्तरीय रोजगार मेला आयोजित कर रही है। इस रोजगार मेले में करीब 10 हजार युवाओं को नौकरियां मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताओं और हुनर वाले युवा इस मेले में हिस्सा लेकर नौकरियां पा सकते हैं।

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा यह मेला बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र में उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए अब तक 62 कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसियों से 9,449 रिक्त पदों की जानकारी सरकार को मिली है।अन्य कंपनियों से भी संपर्क जारी है, जिससे उपलब्ध अवसरों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इस मेले के माध्यम से स्थानीय कंपनियों के साथ राष्ट्रीय स्तर की निजी कंपनियों को भी एक मंच पर लाया जा रहा है।

रोजगार मेले के दूसरे दिन (8 अक्टूबर) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब चयनित युवाओं को ऑफर लेटर वितरित करेंगे। यह आयोजन युवाओं को रोजगार से जोड़ने और स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाएगा।कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा, ‘राज्य सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। रोजगार मेले के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप अवसर दिलाने का प्रयास है।’

विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर

इस मेले में दसवीं और बारहवीं पास युवाओं से लेकर आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके अभ्यर्थियों के लिए रिक्तियां उपलब्ध हैं। कृषि स्नातक, सामान्य स्नातक तथा एमबीए और एमसीए सहित स्नातकोत्तर योग्यताधारी युवा भी अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए मशीन ऑपरेटर, असेंबली ऑपरेटर, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, इलेक्ट्रिक मीटर टेक्नीशियन और मेंटेनेंस इलेक्ट्रिशियन जैसे पद भी रिक्तियों में शामिल हैं। मैकेनिकल इंजीनियर और गुणवत्ता निरीक्षक के पदों के लिए भी रिक्तियां प्राप्त हुई हैं।

इनके अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, टेलीकॉलर, रिलेशनशिप मैनेजर, सेल्स एग्जीक्यूटिव और सेल्स ऑफिसर जैसे पदों पर काम करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए भी रोजगार मेले में रिक्तियां उपलब्ध हैं। साथ ही बैंकिंग, फाइनेंस और मानव संसाधन (एचआर) से संबंधित अवसर भी मेले में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य एवं देखभाल के क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ और केयर टेकर सहित सुरक्षा सेवाओं में गार्ड और सुपरवाइजर, जबकि परिवहन तथा सामान की आवाजाही से जुड़े कामों में ड्राइवर, डिलीवरी कर्मी, बाइक राइडर और पिकर-पैकर जैसे पद भी इसमें शामिल हैं। अभ्यर्थी अपनी योग्यता, रुचि और संबंधित पद की पात्रता देखकर आवेदन कर सकेंगे।

ये कंपनियां एवं संस्थाएं लेंगी हिस्सा

रोजगार मेले के लिए क्वेस कॉर्प, रैंडस्टैड इंडिया, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स-सतलज टेक्सटाइल्स, वर्द्धमान टेक्सटाइल्स, जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और एयरटेल पेमेंट बैंक जैसी कंपनियों ने रिक्तियां उपलब्ध कराई हैं। इनके अलावा इंस्टाकार्ट, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल, स्वतंत्र माइक्रोफिन, एनआईआईटी, आइसेक्ट, शांता टेक्नो, राजत इक्विपमेंट्स और फर्स्ट फ्लाई कॉर्पाेरेट भी इनमें शामिल हैं।

ई-रोजगार पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन

रोजगार मेले में आवेदन और चयन प्रक्रिया को सुगम तथा व्यवस्थित बनाने के लिए ई-रोजगार पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। विभिन्न कंपनियों और प्लेसमेंट एजेंसियों से प्राप्त रिक्तियोंको पोर्टल पर प्रदर्शित किया जा रहा है। इच्छुक युवा आधिकारिक पोर्टल www.erojgar.cg.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, घर बैठे पदों की जानकारी देख सकते हैं और अपनी पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इससे उन्हें मेले से पहले ही उपलब्ध रोजगार अवसरों को समझने का समय मिलेगा।

 

तीरंदाजी, एथलेटिक्स, हॉकी और फुटबॉल अकादमी में प्रवेश के लिए दो दिवसीय ट्रायल संपन्न

रायपुर. 1 अक्टूबर 20026. खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु रायपुर स्थित विभिन्न गैर-आवासीय खेल अकादमियों में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल आज संपन्न हुआ। तीरंदाजी (बालक/बालिका) के लिए तीरंदाजी एरिना के सामने, फुटबॉल (बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक/बालिका) के लिए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा हॉकी (बालक/बालिका) के लिए हॉकी स्टेडियम पिच-2 में आयोजित चयन ट्रायल में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

चयन ट्रायल के अंतिम दिन आज चारों खेलों में पंजीकृत कुल 169 खिलाड़ियों की कौशल दक्षता का कड़ाई से परीक्षण किया गया। वरिष्ठ प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने हॉकी और फुटबॉल के 57-57, तीरंदाजी के 23 और एथलेटिक्स के 32 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया। खिलाड़ियों के सटीक मूल्यांकन के लिए खेल के मानकों के आधार पर दक्षता परीक्षण किया गया।

प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने फुटबॉल में पासिंग, ड्रिबलिंग, व्यक्तिगत पोजीशन, मैच सेंस और पोजिशनिंग गेम का परीक्षण किया। वहीं आर्चरी में ड्रॉ लेंथ, आई डोमिनेंस, पोस्चर, मेंटल एबिलिटी तथा 20 मीटर शूटिंग का परीक्षण किया गया। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर दौड़, पैदल चाल, हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक इत्यादि का परीक्षण किया गया।

हॉकी में परफेक्शन और एक्युरेसी स्किल टेस्ट के तहत हिट, पुश, स्कूप, स्टॉपिंग, रिसीविंग, टैकलिंग, क्लीयरेंस, पेनल्टी कॉर्नर इंजेक्टर, ड्रैगर, हिटर और गोलकीपर के लिए टी-टेस्ट जैसी तकनीकी योग्यताओं का बारिकी से आकलन किया गया।

 

बिहान योजना ने बदली गीता की दुनिया

सब्जी खेती और बकरी पालन से बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

​रायपुर,01अक्टूबर 2026

राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जब अंतिम व्यक्ति तक पहुँचती हैं, तो वे न केवल आर्थिक स्थिति सुधारती हैं बल्कि जीवन जीने की दिशा भी बदल देती हैं। इसकी प्रत्यक्ष मिसाल हैं सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम जेवरा की श्रीमती गीता मिरी। कभी घर-गृहस्थी की चौखट तक सीमित रहने वाली गीता आज क्षेत्र की अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज बन चुकी हैं।

​बिहान से मिला 50 हजार का संबल, खेती बनी आजीविका का आधार

गीता के पास पहले आय का कोई स्थायी और मजबूत जरिया नहीं था। जीवन में आर्थिक स्वावलंबन का नया अध्याय तब शुरू हुआ जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्हें 50 हजार रूपए का उद्यमी ऋण प्राप्त हुआ। इस पूंजी को उपभोक्ता वस्तुओं पर व्यय करने के बजाय उन्होंने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए अपनी 80 डिसमिल भूमि को आजीविका का केंद्र बनाने का निर्णय लिया।

​टमाटर, खीरा और करेला की खेती से रोजाना 3 से 4 हजार की कमाई

अपने खेत में गीता ने उन्नत तकनीक और कड़ी मेहनत से टमाटर, खीरा और करेला जैसी नकदी फसलों का उत्पादन शुरू किया। अनुकूल पैदावार और बाजार में अच्छी मांग के चलते उन्हें सब्जियों की बिक्री से प्रतिदिन 3,000 से 4,000 रूपए तक की आमदनी होने लगी।
​अब तक वे केवल सब्जी उत्पादन से करीब 2 लाख रूपए की कुल आय अर्जित कर चुकी हैं। एक ही फसल चक्र में उन्हें लगभग 60 हजार रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।

​बकरी पालन बना अतिरिक्त आय का स्रोत

सब्जी उत्पादन में सफलता हासिल करने के बाद गीता ने अपनी आय के स्रोतों का विविधीकरण किया। उन्होंने बकरी पालन को द्वितीयक आजीविका के रूप में अपनाया, जिससे उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रूपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। खेती और पशुपालन के इस एकीकृत मॉडल से उनके परिवार की वित्तीय स्थिति काफी सुदृढ़ हुई है।

​आत्मविश्वास से लबरेज गीता व्यक्त करती हैं आभार

अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती गीता मिरी कहती हैं कि बिहान योजना और समूह से मिले सहयोग ने मुझे पहचान और नया आत्मविश्वास दिया है। अपनी मेहनत की कमाई से परिवार का संबल बनना मेरे लिए गर्व की बात है।
सरकार की 'बिहान' योजना आज गीता जैसी हजारों ग्रामीण महिलाओं के सपनों को पंख दे रही है। जेवरा की यह स्वावलंबी महिला न केवल अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाकर सशक्त बनने का मार्ग दिखा रही हैं।

 

महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर अहम उच्चस्तरीय बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होगी बैठक

बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री, दोनों राज्यों के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव और जल संसाधन विभाग के सचिव रहेंगे मौजूद

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