ईश्वर दुबे
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Bhilai
कोरबा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कोरबा (Korba) जिले से अपहरण की एक बड़ी घटना सामने आ रही है. शहर के मानिकपुर इलाके से दो युवतियों को अगवा (Kidnap) कर लिया गया. घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है. किसी तरह एक युवती अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच निकली. फिर पुलिस (Police) को इस मामले की जानकारी दी गई. बताया जा रहा है कि दो अज्ञात आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया है. युवतियों की मदद के लिए सामने आए कुछ लोगों के साथ बदमाशों ने मारपीट भी की. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने टीम बना ली है. मामले की जांच की जा रही है.
चंगुल से भागी एक लड़की
कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र में दो युवतियों के अपहरण का मामला सामने आया है, एक युवती किसी तरह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागने में सफल हो गई. वहीं एक युवती को दो बाइक सवार युवक अपहरण कर फरार हो गए हैं. अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर युवती ने अपहरण की सूचना मानिकपुर पुलिस को दी है. सूचना के आधार पर पुलिस अपहरणकर्ताओं की सरगर्मी से खोजबीन में जुटी हुई है. बताया जाता है कि अपहरण की सूचना से जिला पुलिस में हड़कंप मच गया है. पुलिस के आला अधिकारी सहित 50 से अधिक कर्मचारी मानिकपुर चौकी क्षेत्र के रेलवे स्टेशन और उसके आसपास देर रात से लड़की की खोजबीन में जुटे हुए हैं.
जांच जारी
बताया जा रहा है कि युवतियां अपनी घर की ओर जा रही थी तभी बाइक सवार आरोपियों ने तीन युवतियों को अगवा करने की कोशिश की. एक युवती के पति और आस-पास के लोगों ने बीच बचाव किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की. वहीं बदमाश एक युवती को साथ ले जाने में कामयाब रहे. आरोपियों की पहचना फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है. वहीं इस मामले में पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं. अपहरण की घटना से पूरा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और अपहरणकर्ताओं की खोजबीन जारी है. दर्री सीएसपी खोमन लाल सिन्हा ने बताया की जांच टीम गठित की गई है. सभी एंगेल से जांच की जा रही है.
दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की दंतेवाड़ा पुलिस (Dantewada Police) ने एक बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है. अरनपुर थाना क्षेत्र के ककाड़ी-नहाड़ी में जवानों पर हमला करने पहुंचे नक्सलियों (Naxalites) को पुलिस ने मुठभेड़ (Encounter) के बाद घेरेबंदी कर गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है. बताया जा रहा है कि पुलिस ने पहली बार वर्दीधारी नक्सलियों (Naxali) को गिरफ्तार (Arrest) किया है. गिरफ्तार नक्सलियों पर पुलिस ने कई संगीन वारदातों में शामिल होने का आरोप लगाया है. पुलिस के मुताबिक पकड़े गए नक्सलियों के कब्जे से जिंदा कारतूस (Live Cartridge), डेटोनेटर (Detonator), डिजिटल मल्टीमीटर समेत नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है.
6 लाख का था इनाम घोषित
पुलिस ने गिरफ्तार नक्सलियों का नाम LGS डिप्टी कमांडर हड़मा मड़काम, 26 नंबर प्लाटून सदस्य कोसी उर्फ शांति और डीकेएमएस सदस्य देवा उर्फ दिलीप बताया है. गिरफ्त में आई महिला समेत तीनों नक्सलियों पर 6 लाख का इनाम सरकार ने घोषित कर रखा था. गिरफ्तार नक्सली तहकावाड़ा मुठभेड़ जिसमें 16 जवान हुए थे शहीद, निलावाया मुठभेड़ जिसमें 3 जवान हुए थे शहीद जैसे कई बड़ी वारदातों में शामिल थे. इन पर हत्या, लूट, आगजनी जैसी दर्जनों घटनाओं में शामिल होने का भी आरोप है. डीआरजी, डीएफ और दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला कमांडो ने घेराबंदी कर इन्हें गिरफ्तार किया है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार नक्सलियों से एक डायरी मिली है. इस डायरी में कई चौकाने वाली बातों का जिक्र किया गया है. पुलिस के मुताबिक नक्सली एक बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे. कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा (Collector Topeshwar Verma) और एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव (SP Dr. Abhishek Pallava) नक्सलियों के निशाने पर थे. इनकी गाड़ी को ब्लास्ट (Blast) कर जान से मारने की प्लानिंग नक्सली कर रहे थे. बता दें कि कुछ दिन पहले पोटाली इलाके में खुले नए पुलिस कैम्प के लिए कलेक्ट और एसपी यहां सिविक एक्शन प्रोग्राम कर ग्रामीणों को सामान वितरण करने वाले थे. इसी दौरान नक्सली हमला करने की योजना बना रहे थे. सुरक्षा एजेंसी को मिली खूफिया जानकारी के बाद इस प्रोग्राम को स्थगित कर दिया गया था. साथ ही नक्सली हेलीकॉप्टर को हवा में ब्लास्ट (Helicopter Crash) करने की भी योजना बना रहे थे. पुलिस के मुताबिक नक्सलियों के पास एक मैप मिला है जिसमें गोली कहा चलानी है, उसा जिक्र किया गया है.
रायपुर, 28 नवंबर 2019 राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में जांजगीर-चांपा जिले में स्थित के.एस.के. पॉवर प्लांट के कर्मचारियों ने मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। राज्यपाल ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि वे कारखाने के प्रबंधन और श्रम विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाकर बैठक लेगी और उनकी समस्या का समाधान करेंगी। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि वे पिछले लंबे समय से संस्थान में कार्यरत थे और उन्हें बिना किसी कारण से नौकरी से निकाल दिया गया है। इस संबंध में प्रशासन की उपस्थिति में चर्चा भी हुई थी, पर उसके बाद भी उन्हें वापस नौकरी में नहीं रखा गया। कर्मचारियों ने बताया कि कारखाने के प्रबंधन द्वारा कारखाने की स्थापना के समय जिन लोगों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, इसके विरूद्ध उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया। इसके साथ ही कारखाने के प्रबंधन द्वारा सी.एस.आर. के तहत भी पर्याप्त कार्य नहीं कराए गए हैं। इस अवसर पर कर्मचारियों के प्रतिनिधि के रूप में श्री बलराम गोस्वामी, श्री लोमन साहू तथा अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे।
रायपुर, 28 नवम्बर 2019 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गत दिवस केन्द्रीय भू-तल एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। उन्होंने श्री गड़करी से राज्य के कोरबा जिले के अंतर्गत पतरापाली-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में तेजी लाने के संबंध में आवश्यक चर्चा की। इस दौरान राजमार्ग के निर्माण में वन आदि विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण कर अनापत्ति पत्र के संबंध में भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री बघेल की केन्द्रीय मंत्री श्री गड़करी से मुलाकात के पश्चात पतरापाली-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में तेजी आयी है। एन.एच.ए.आई. द्वारा पतरापाली-कटघोरा सड़क मार्ग के निर्माण का टेण्डर भी जारी कर दिया गया है। पतरापाली-कटघोरा राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण 575 करोड़ रूपए की राशि से किया जा रहा है। इस मार्ग के निर्माण से प्रदेश के दूरस्थ वनांचल में लोगों को आवागमन की सुगम सुविधा मिलेगी।
बिलासपुर । महानगरो की तजऱ् पर निगम प्रशासन ने शहरवासियो के लिए सनीचरी में मुफ़्त वाईफाई की सुविधा का लाभ देने और ठेले खोमचे वालो को शिफ्ट करने चौपाटी का निर्माण तो करा दिया लेकिन इसकी देख रेख की उचित व्यवस्था नहीं कर पाए।जिसका फायदा चौपाटी के आस पास रहने वाले असामाजिक तत्व उठा रहे है। पूर्व मुख्य मंत्री के हाथो लोकार्पण करने निगम ने आनन फानन में चौपटी का निर्माण तो करा दिया।लेकिन लोकार्पण के बाद निगम के अधिकारी दुबारा चौपटी की ओर देखना भी मुनासिब नहीं समझे, जिससे चौपाटीअब नशेडिय़ों का अड्डा बन चुकी है। यहाँ बैठने के लिए बनाई गई कुर्सियां क्षतिग्रस्त हो गई है, चारो तरफ अव्यवस्था का आलम है पर लाखों रूपके की बर्बाद करने के बाद भी निगम के अधिकारी इस ओर बे परवाह नजऱ आरहे है। आलम ये है कि शनिचरी रपटा मुख्य सडक़ में ठेले खोमचे वाले सडक़ में ही ठेला लगा के वयापार करते है जिससे यहाँ आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती है साथ ही यहाँ स्थाई व्यपारियो को भी व्यपार करने काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ता है इन्ही सब संमस्याओ से निजात दिलाने निगम प्रशासन ने सनीचरी में चौपाटी का निर्माण कराया था जहाँ फल और सब्जी बेचने वालों को शिफ्ट किया जा सके पर सालों बीत जाने के बाद भी यहाँ ठेले खोमचे वालो को स्थान्तरित कर पाने में निगम के अधिकारी बेबस नजऱ आरहे है। चौपाटी निर्माण के वक्त शहरवासियों को लगा था की उन्हें महानगरों की तर्ज पर एक बेहतरीन स्पोर्ट मिलेगा जहा वे अपने परिवार साथ कुछ पल बिता सकेंगे पर उन्हें क्या पता था कि निगम के सुस्त अधिकारियों की लापरवाही के कारण चौपार्टी पूरी तरह चौपट हो जाएगी।पर निगमायुक्त प्रभाकर पांडेय के एक्शन मूड को देखते हुए शहर के लोगों में एक बार फिर आस जगी है कि वे चौपाटी को व्यवस्थित करने पहल करेंगे जिससे एक बार फिर यहाँ रिवर व्यू की तरह पारिवारिक माहौल बन सकेगा।
बिलासपुर । हवाई सुविधा जन संघर्श समिति का अखंड धरना आंदोलन के 33 वें दिन क्रिष्चन समाज के सदस्य एफईसीआई - फेडरेषन आफ इवेन्जीलिकल चर्चेस आफ इंडिया व डिसाईपल्स आफ क्राईस्ट चर्च बिलासपुर के बैनर पर धरने पर बैठे। अखण्ड धरना आंदोलन में आज की सभा को संबोधन देते हुए संगठन के अध्यक्ष अलेक्जेन्डर पॉल ने बिलासपुर से चलने वाले1988 के वायुदूत हवाई सेवा को याद करते हुये कहा कि अगर वायु सुविधा बिलासपुर को जारी रहती तो आज हमारा एयरपोर्ट रायपुर की टक्कर का एयरपोर्ट होता। उन्होंने जन संघर्श के माध्यम से पुन: बिलासपुर के लिए सम्मान और विकास हासिल करने की बात कही। सभा को संबोधित करते हुये क्रिष्चन समाज से बिलासपुर से डिसाईपल्स आफ क्राइस्ट चर्च के पास्टर अभिनव पाल ने बिलासपुर की उपेक्षा पर आक्रोष व्यक्त करते हुये कहा कि बिलासपुर को अपना पुराना आंदोलन करने की आदत को फिर से जगाना होगा, क्योकि बिना लडे हमे कुछ भी नहीं मिलता है। आज की सभा में समाज के ही ओर से एक और पास्टर रामषरण सूरज ने धरना स्थल पर ईष्वर की आराधना की और यह कहा कि ईष्वर की सच्ची आराधना से वह दिन दूर नहीं जब बिलासपुर से महानगरों तक सीधी हवाई सुविधा हमेें मिला करेगी। समाज की महिला नेत्रियों सुश्री षालिनी सिंह ओैर सुश्री ज्योत्सना पॉल ने जोषीला व्यक्तव्य देते हुये हर स्तर से जायज मांग होने के बावजूद बिलासपुर एयरपोर्ट न होने को दुर्भाग्यजनक बताया और घोशणा की कि क्रिष्चन समाज बिलासपुर हर तरह के आंदोलन में समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्श करने के लिए तैयार है। सभा में आषीश दास ने बिलासपुर जिले की पीडा का वर्णन करते हुये कहा कि हजारों करोड रूपये का राजस्व यहां से लेने के बाद भी हमारे हिस्से सिर्फ उपेक्षा ही आती है। हवाई सुविधा सीधे-सीधे केन्द्र सरकार का विशय है और इस हेतु उसे ही आगे बढकर पहल करनी होगी। सभा को डॉ. रत्नेष कुमार, अर्जितराज पॉल, असीम दास, विनोद कुमार दास, संजय डी सिंह, विरेन्द्र सारथी, श्रीमती षालिनी हारून, श्रीमती सपना सारथी, श्रीमती सुमित्रा सूरज, षैलेश हारून, आषिश दास, धर्मेन्दर कुमार, अषोक कुमार अरोरा, डेनियल सूरज, सुश्री ममता नायडू, मधु बाला अग्रवाल, राजेन्द्र सारथी, राकेष बंजारे, संदीप जायसवाल, संध्या तिवारी, रत्नेष कुमार, वैभव कुमार आदि ने भी संबोधित किया। आज आंदोलन में अषोक भण्डारी, महेष दुबे-टाटा, रामषरण यादव, केषव गोरख, बद्री यादव ष्ेाख अल्फाज-फैजू, ओमप्रकाष गुप्ता, कप्तान खान, गोपाल दुबे, धर्मेष षर्मा, समीर अहमद, प्रमोद नायक, नवीन वर्मा, अनिल षुक्ला, भुवनेष्वर षर्मा, अषोक अरोरा, अजीत सिंह अरोरा एवं सुदीप श्रीवास्तव आदि षामिल हुये।
रायपुर में की घोषणा, बिलासपुर एयरपोर्ट पर अभी भी चुप्पी
समिति ने आज आचारसंहिता लागू होने के बावजूद रायपुर में जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क की घोशणा किये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि आंदोलन के 33 दिन बाद भी बिलासपुर एयरपोर्ट के बारे में कोई भी सार्थक घोशणा न होना अत्यन्त खेदजनक है। छत्तीसगढ के विकास का अर्थ रायपुर ही होकर रह गया है और अन्य 26 जिले विषेशकर उत्तर छत्तीसगढ के बारे में पूरी तरह उदासीनता बरती जा रही है। समिति ने मांग की कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए 100 एकड भूमि का आबंटन और रू 150 करोड प्रदाय करने की वचनवद्धता की तुरंत घोशणा की जानी चाहिए।
छत्तीसगढ़ी भाषा, बोली और गीत में इतनी मिठास है कि यह हृदय को छू लेती है। यहां के लोगों में इतनी सरलता और सहजता है कि जब कोई व्यक्ति या जन समूह मुझसे क्षण भर के लिए मिलता है, तो ऐसा लगता है कि उनसे जन्मों से संबंध है। यह बात राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर मोर चिन्हारी छत्तीसगढ़ी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के बतौर कहा। कार्यक्रम में राज्यपाल को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गहने पहनाकर और साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।
सुश्री उइके ने कहा कि मुझे राज्यपाल पद का दायित्व लिए करीब चार महीने हो रहे हैं। इस दौरान चार-पांच हजार लोगों से भी अधिक लोगों से मेरी मुलाकात हुई है। साथ ही कुछ जिलों में जाने का मौका भी मिला। मुझे सबसे ज्यादा खुशी मुझपर आमजनों का विश्वास को देखकर होती है। उन्होंने कहा कि गत दिवस गवर्नर्स कांफ्रेंस में छत्तीसगढ़ी भाषा से संबंधित बातें रखी थी और छत्तीसगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति केन्द्र सरकार के समक्ष आवश्यक प्रयास करूंगी। साथ ही इस मंच से संस्था के सदस्यों द्वारा इस भाषा के प्रोत्साहन के लिए जो आग्रह किया गया है, उसे राज्य सरकार तक पहुंचाऊंगी।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी प्रदेश की जनभाषा, राजभाषा और मातृभाषा है। छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति की दृष्टि से काफी समृद्ध है। छत्तीसगढ़ी भाषा इतनी मीठी है, यदि उसे छत्तीसगढ़ी में कहें तो ‘गुरतुर’ भाषा है। उसे सुनते वक्त ऐसे लगता है जैसे हम मधुर शब्दों का रसपान कर रहे हों। यह भाषा अत्यंत सरलता तथा सहजता से जन-जन में बोली जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा का शब्द-संसार, कहावतें और साहित्य अत्यंत समृद्ध है। इस भाषा का पुराना इतिहास रहा है। यहां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं साहित्यकार पं. सुंदरलाल शर्मा का जिक्र करना जरूरी है, उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में खण्डकाव्य ‘दानलीला’ लिखकर छत्तीसगढ़ी भाषा को प्रतिष्ठा दिलाने जैसा महती कार्य किया। साथ ही श्री जगन्नाथ प्रसाद भानू, श्री श्यामलाल चतुर्वेदी, श्री केयूर भूषण, जैसे अन्य साहित्यकारों ने भी अपनी रचनाओं से छत्तीसगढ़ी साहित्य को सींचा है, उनका विकास किया है और आगे बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ को अपने शब्दों में पिरो कर छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना के रचियता डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा को आज याद करना लाजिमी है। यह बड़ी खुशी की बात है कि उनके द्वारा रचित छत्तीसगढ़ी गीत ‘अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार...’ को राज्य शासन द्वारा राजकीय गीत घोषित किया गया है।
राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी बोली भाषा से अपने संतानों को भी अवगत कराना चाहिए और यथा संभव अपने परिवार में उनका उपयोग करना चाहिए, जिससे की पुरानी बोली-भाषाएं एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी को हस्तांतरित होती रहें और उनका अस्तित्व बचा रहे। राज्यपाल ने प्रदेश में छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के गठन और आयोग द्वारा शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ी भाषा का प्रशिक्षण देने पर खुशी भी जताई। इस अवसर पर साहित्यकार श्री परदेशीलाल वर्मा, श्री बिहारीलाल साहू ने भी अपना संबोधन दिया। कार्यक्रम में श्री जागेश्वर प्रसाद को उनकी छत्तीसगढ़ी भाषा में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग छात्राओं द्वारा राजगीत ‘अरपा पैरी के धार’ और बालिका आरू साहू और सुश्री लक्ष्मी कलिहारे द्वारा छत्तीसगढ़ी गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर श्री नंदकिशोर शुक्ल एवं छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के सचिव श्री जे. आर. भगत सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज यहां राजभवन में आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष युवा प्रभाग श्री सुभाष परते के नेतृत्व में प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। श्री परते ने बिलासपुर जिले एवं मुंगेली जिले के नेशनल टाइगर रिजर्व अचानकमार क्षेत्र के ग्रामवासियों की विभिन्न समस्याओं की ओर राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट किया। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल से कहा कि वे खुद आगामी माह नेशनल टाइगर रिजर्व अचानकमार क्षेत्र के गांव का दौरा कर ग्रामवासियों की समस्याओं की जानकारी लेंगी। इस अवसर पर लोरमी क्षेत्र के श्री लाल सिंह मरावी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 30 नवम्बर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र, अनुसूचित जाति और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों की बैठक आयोजित की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक पूर्वान्ह 11 बजे से तथा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक दोपहर 12 बजे से होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक शाम 4 बजे से आयोजित की गई है। सभी संबंधित प्राधिकरणों के पदाधिकारियों से बैठक में उपस्थित होने का अनुरोध किया गया हैै। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र प्राधिकरण और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण की पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयानुसार वित्तीय स्वीकृतियां, प्राधिकरण के निर्णयों का क्रियान्वयन, प्राधिकरण मद में उपलब्ध बजट तथा नवीनतम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।
धमतरी। नगरपालिक निगम एवं नगर पंचायतों के आम निर्वाचन के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रजत बंसल ने गुरुवार को दोपहर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचन कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के लिए सामान्य आचरण, जुलूस-रैली के आयोजन, मतदान दिवस, निर्वाचन घोषणा पत्र, व्यय सीमा आदि की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि नगरीय निकायों के चुनाव में मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से नहीं बल्कि मतपेटी में कराया जाएगा। अभ्यर्थी नगर निगम एवं नगर पंचायत के किसी भी वार्ड का मतदाता हो सकता है, किन्तु प्रस्तावक उसी वार्ड होना चाहिए, जिस वार्ड से अभ्यर्थी नाम निर्देशन पत्र दाखिल कर रहा है। इस बार विकल्प के तौर पर नाम निर्देशन पत्र ऑनलाइन भी प्रस्तुत किए जा सकेंगे, लेकिन उसे ऑनलाइन अपलोड कर रिटर्निंग अफसर के पास उसकी हार्ड कॉपी प्रस्तुत करना होगा। चुनाव लडऩे वाले अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। अभ्यर्थी को नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की तिथि से एक दिन पूर्व नया बैंक खाता खोलकर उसकी कॉपी भी प्रस्तुत करना होगा, जिससे निर्वाचन व्यय राशि का मिलान किया जाएगा। यह भी बताया गया कि अभ्यर्थी की उम्र नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने के समय 21 वर्ष होना अनिवार्य है। नाम निर्देशन जमा करने का शुल्क नगर निगम क्षेत्र के लिए 5000 तथा नगर पंचायत के लिए 1000 तय है, किंतु अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी तथा महिलाओं के लिए इस शुल्क में 50 प्रतिशत छूट रहेगी। कलेक्टर ने बताया कि अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय की सीमा नगर पालिका निगम के मामले में 3 लाख और नगर पंचायत के मामले में 50 हजार रुपए निर्धारित है। रैली, वाहन, आमसभा एवं कार्यालय खोलने के लिए विधिवत अनुमति लेने के संबंध में भी उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया। यह भी बताया गया कि जुलूस रैली के लिए सम्बंधित एसडीएम से 24 घंटे पहले अनुमति लेनी होगी। साथ ही बैठक में जिला स्तर पर गठित नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07722-232894 की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर दिलीप अग्रवाल, उपपुलिस अधीक्षक मनीषा रावटे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी डीएस ध्रुव एवं आयुक्त, नगरपालिक निगम धमतरी आशीष टिकरिहा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर। भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा द्वारा देश की संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बतायें जाने को कांग्रेस ने पूरे राष्ट्र का अपमान कहा है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने अपने आपत्तिजनक वक्तव्य से संसद की मर्यादा को कलंकित किया है। प्रज्ञा ठाकुर का यह बयान भाजपा की नकली गांधी भक्ति के पीछे छुपा असली चेहरा है। एक तरफ तो भारतीय जनता पार्टी अपने सांसदों से गांधी पदयात्रायें करवाती है, दूसरी तरफ भाजपा की ही एक सांसद राष्ट्रपिता के हत्यारे को संसद के भीतर महिमामंडित करने की कुचेष्ठा करती है। प्रज्ञा ठाकुर इसके पहले भी हत्यारे नाथूराम का महिमामंडन कर चुकी है, उसके बाद भी उसे संसद की रक्षा समिति में रखा गया था। संसद में फिर से नाथूराम को देशभक्त बताने के बाद भाजपा सरकार ने उसे रक्षा समिति से हटाने की औपचारिकता निभायी है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारे को संसद के भीतर देशभक्त कहकर साध्वी प्रज्ञा ने पूरे देश के जनमानस को चोट पहुंचाई है, आघात किया है, उसके खिलाफ एक आंधी पूरे देश में भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है सबके मन में नाराजगी है साध्वी प्रज्ञा के इस बयान को देखकर देखते हुए और जब आंधी आती है तो शुतुरमुर्ग रेत में अपनी गर्दन गड़ा लेने का काम करता है। शुतुरमुर्ग लेकिन रेत में गर्दन दबा कर भले ही आंधी को नजरअंदाज कर दे लेकिन आंधी में जो शुतुरमुर्ग का जो हाल होता है। वही हश्र भाजपा का भी होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जो अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी से इस बारे में अपना पक्ष रखने की बात कही है। कांग्रेस पार्टी इस मांग का समर्थन करती है। जिस व्यक्ति ने देश की आजादी की लड़ाई की अगुवाई की। उन महात्मा गांधी के हत्यारें को देशभक्त कहने वाले के बारे में, अपनी पार्टी के सांसद के बारे में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को अपना दृष्टिकोण स्पष्ट तत्काल करना चाहिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर विधानसभा का सत्र छत्तीसगढ़ी भाषा को समर्पित रहा. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आसंदी ने राजभाषा दिवस की सबको बधाई देते हुए आग्रह किया कि सभी छत्तीसगढ़ी में प्रश्न करें और जवाब दें.
संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि इतने सालों में पहली बार प्रदेश के लोगों को लग रहा है कि छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ियों का प्रदेश है. नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा पूर्व सरकार ने छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिया. लेकिन जिस तरह से छत्तीसगढ़ी की भाषा को अपनाना था, उस तरह से नहीं अपनाया गया. भाषा बनने के बाद जिस तरह लागू होना था नहीं हो पाया. छत्तीसगढ़ी जब तक कामकाज की भाषा नहीं बनेगी सम्मान नहीं मिलेगा.
संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बने 19 साल हो चुका है, लेकिन इस प्रदेश की जनता को इस एक साल में लगा कि उनका यह अपना छत्तीसगढ़ राज्य बना है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जब शपथ लिया किसानों की घर में खुशहाली आई. करोड़ों रुपए का कर्जा माफ हुआ. 2500 रुपए में धान की खरीदी हुई. छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार मनाने की परंपरा शुरू हुई. छत्तीसगढ़वासियों को 19 साल बाद लगा कि हमारा छत्तीसगढ़ बना है.
उन्होंने अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि बहुत दिनों से अरपा पैरी के धार छत्तीसगढ़ महतारी का बंदना गांव में कोई भी कार्यक्रम करो, शहर में कोई भी कार्यक्रम करो, इससे शुरुआत हुई. वह किसी को नहीं पता था कि उसका इतना महत्व है. यह गांव-गांव में कला संस्कृति को जानने वाला इससे बहुत प्रेम है, लेकिन सदन में सत्र शुरू होने से पहले वंदे मातरम के साथ अरपा पैरी का जब शुरू हुआ तब यह लगा अरपा पैरी का महत्व ओर बढ़ गया. छत्तीसगढ़ी में सब चर्चा करेंगे तो यह छत्तीसगढ़ी भाषा के सम्मान होगा.
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़िया गुरतुर बोली है. संसद में मैंने छत्तीसगढ़िया बोली में एक बार कुछ कह था तो अटल जी ने मुझसे पूछा था इसका मतलब बताओ.
रायपुर। विधानसभा में गुरुवार को धान खरीदी का मुद्दा उठा. खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने की घोषणा को भाजपा ने किसानों के साथ घोखा बताया, जिस पर पक्ष-विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई. इसके बाद भाजपा ने सदन से वॉकआउट किया.
सदन में धान खरीदी का मुद्दा कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू ने उठाया. उन्होंने पूछा कि सेंट्रल पूल में कितना चावल केंद्र खरीदेगी? खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि केंद्र के साथ अब तक एग्रीमेंट नहीं हुआ है. चावल कितना जमा होगा इसका निर्धारण अब तक नहीं हुआ है. इस पर धनेंद्र साहू ने पूछा कि क्या कारण है कि केंद्र ने अब तक सेंट्रल पूल में चावल लेने अपनी सहमति नहीं दी है? क्या वजह बताई है केंद्र सरकार ने?
मंत्री भगत ने कहा कि 2018-19 में धान खरीदी 80 लाख मीट्रिक टन हुई थी. केंद्र सरकार ने कुछ शर्त रखी थी. पिछले साल राज्य सरकार ने 2500 रुपये समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की थी, लेकिन खरीफ फसल 2020 के लिए अनुमानित उपज 85 लाख मीट्रिक टन जाएगा. केंद्र ने शर्त रखी है कि यदि तय एमएसपी से ज्यादा दर पर खरीदी की जाएगी तो सेंट्रल पूल में चावल नहीं लिया जाएगा.
पिछले दिनों में मुख्यमंत्री ने सदन में कहा है कि केंद्र के तय एमएसपी पर ही खरीदी होगी. केंद्र की हठधर्मिता के सामने हम प्रणाम करते है. अब एमएसपी में राज्य सरकार धान खरीदी की जाएगी. इससे केंद्र की नीति के तहत सेंट्रल पूल में चावल लेने केंद्र सरकार बाध्य होगी.
अमरजीत भगत ने कहा कि सरकार ने 2500 रुपये में धान खरीदी का निर्णय लिया था. लेकिन अब 1850 रुपये की दर पर खरीदी होगी और अंतर की राशि किसानों को देने के लिए कैबिनेट की सब कमेटी जो बनाई गई है. कमेटी तय करेगी कि किसानों को अंतर की राशि कैसे दी जाएगी. बीजेपी ने मंत्री के जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार किसानों को गुमराह कर रही है.
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की टिप्पणी पर सत्तापक्ष के विधायकों ने आपत्ति की. कौशिक ने कहा कि मुझे नसीहत ना दी जाए, मैं अध्यक्ष से अनुमति लेकर खड़ा हुआ हूं. धनेंद्र साहू ने पूछा कि बीते साल और उससे पहले भी सरकार ने बोनस दिया था. तब केंद्र ने सेंट्रल पूल में चावल लिया था. अब क्यों ऐसी व्यवस्था नहीं है?
मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि इस संदर्भ में हमने केंद्र को पत्र लिखा था. हमने किसानों से 2500 रुपये में धान खरीदी का जो वादा किया है उसे निभाएंगे. केंद्र हमारे सामने ब्रेकर बनकर खड़ा है, इसलिये अभी खरीदी 1850 रुपये में होगी. अंतर की राशि कैबिनेट की सब कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद देंगे.
जेसीसी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि कैबिनेट की जो सब कमेटी बनाई गई है वह उसका हाल कहीं शराब के लिए बनाई गई कमेटी जैसा ना बन जाए. इस बात पर पक्ष-विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई. बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा किसानों को सरकार धोखा दे रही है. टिप्पणी पर आसंदी ने कहा कि ये विधानसभा सिर्फ आपके लिए नहीं बनी है. आपको जाना है तो बाहर जाइये. इस पर बीजेपी ने वाकआउट किया.
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा कि अंतर की राशि किसानों तक कब तक पहुंच जाएगी? अमरजीत भगत ने कहा कि यह हमारा कमिटमेंट है कि किसी भी हालत में हम अंतर की राशि देंगे. कैबिनेट की सब कमेटी की बैठक बजट सत्र के पहले रखी जायेगी, जिसमे अंतर की राशि देने का फैसला होगा. कौशिक ने पूछा कि देश में किस राज्य में 2500 रुपए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होगी? यदि किसानों से 2500 रुपये में खरीदी नहीं कर पा रहे हैं, तो किसानों से जाकर सरकार माफी मांग ले.
अजय चंद्राकर ने कहा कि सरकार ने एक तारीख से धान खरीदी शुरू करने की बात कहीं है? सरकार किस दर पर खरीदी करेगी? सरकार सदन में उत्तर दे रही है कि दर निर्धारित नहीं है? खाद्य मंत्री ने कहा कि जो वादा है 2500 रुपये किसानों को देने का वह दिया जाएगा. बीजेपी ने मंत्री के जवाब पर आपत्ति की. बीजेपी विधायकों ने कहा कि यहां सवाल दर को लेकर पूछा जा रहा है कि कितनी दर पर खरीदी होगी.
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को धान खरीदी का 2500 रुपये ही दिया जाएगा. अजय चंद्राकर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक दिसम्बर से कितनी दर पर खरीदी होगी? सरकार किस दर पर खरीदी करेगी? रविन्द्र चौबे ने कहा कि किसानों को 2500 रुपये ही मिलेगा. इसके बाद बीजेपी विधायकों का सदन में हंगामा किया.
रायपुर। शराब बिक्री का मामला एक बार फिर गुरुवार को सदन में गरमाया. जेसीसी (जे) विधायक धरमजीत सिंह ने शून्यकाल में मामला उठाया. उन्होंने कहा शराब की बिक्री को लेकर सदन में हुई कार्यवाही और आकंड़ों को आबकारी का अधिकारी बाहर खंडन कर रहा है. मैंने मंत्री और अधिकारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आवेदन दिया है. सदन की विशेषाधिकार कमेटी इस मामले की जांच की जाए.
पूर्व मुख्यमंत्री और जेसीसी विधायक अजीत जोगी ने भी कहा कि हमारी इज्जत को बचाइए. यह सदन की अवमानना है. इस पर व्यवस्था आनी चाहिए. वहीं अजय चन्द्राकर ने कहा कि यह दुख की बात है. संसदीय कार्यमंत्री भी इसे संज्ञान नहीं ले रहे.