ईश्वर दुबे
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सुकमा. छत्तीसगढ़ के सुकमा में शनिवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू की तो जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। करीब आधा घंटे दोनों ओर से फायरिंग होती रही। इस मुठभेड़ में जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया। जवानों ने मौके से मारे गए नक्सली के शव के साथ ही देशी पिस्टल, विस्फोटक सहित अन्य सामान बरामद कर लिया है। मुठभेड़ और नक्सली के मारे जाने की पुष्टि एसपी शलभ सिन्हा ने की है। फिलहाल इलाके में सर्चिंग जारी है।
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खाने का सामान लूटने पहुंचे नक्सलियों की सुरक्षा बलों से मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, जवानों को लगातार फुलपगड़ी क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इस पर डीआरजी की एक टीम सर्चिंग के लिए बेस कैंप से रवाना की गई। सर्चिंग के दौरान शनिवार सुबह जैसे ही जवान मुलेर इलाके में पहुंचे, घात लगाए बैठे नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों और नक्सलियों के बीच करीब आधे घंटे तक लगातार फायरिंग चलती रही। इसके बाद नक्सली वहां से भाग निकले। जवानोंे ने मौके पर सर्चिंग शुरू की तो एक नक्सली का शव बरामद हो गया।
शव के पास से ही जवानों ने एक देशी पिस्टल, एक मोटोरोला वायरलेस सेट, आईईडी रिमोट, विस्फोटक सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। अभी तक मारे गए नक्सली की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि माना जा रहा है कि मारा गया नक्सली प्लाटून का सदस्य था। फिलहाल जवान उसके शव को लेकर कैंप पहुंच रहे हैं। इसके बाद ही आगे की जानकारी का पता चल सकेगा। तीन दिनों से बस्तर में नक्सलियों का मूवमेंट एक बार फिर बढ़ा है। बीजापुर व दंतेवाड़ा में विस्फोट के साथ ही कांकेर में भी आगजनी की है।
रायपुर. मुख्य सचिव श्री आर. पी. मण्डल ने विगत दिवस मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के आकांक्षी जिलों में शामिल बस्तर संभाग आयुक्त और सात जिलों के कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आकांक्षी जिलों के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांको में अपेक्षित सुधार लाने आवश्यक मार्गदर्शन दिए गए और सभी विभागों को लक्ष्य निर्धारित करके अभियान के रूप में कार्ययोजना के क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। श्री मण्डल ने कलेक्टरों से कहा है कि आकांक्षी जिलों के विकास संबंधी मापदण्डों के प्रगति की जानकारी स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली जाती है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में काम करने के निर्देश प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए है। श्री मण्डल ने कुपोषण मुक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, ग्रामीण विकास सहित अन्य जरूरी विषयों पर विशेष और प्रभावकारी रणनीति बनाकर उसका क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के सचिव और कलेक्टरों को दिए है। स्थानीय शासकीय कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले चावल की आपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाएगी। इसके लिए कलेक्टरों द्वारा आंकलन के आधार पर मांग पत्र भेजे जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल ने बताया कि कृषि उत्पादों का सही उत्पादन और इस्तेमाल करके कुपोषण को दूर किया जा सकता है, स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है और ग्रामीणों की आय में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उन्होंने शकरकंद की विशेष प्रजाति के विषय में जानकारी दी कि इसके उत्पादन से ग्रामीणों की आय में बढ़ोत्तरी होगी और आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में इसका उपयोग करने पर बच्चों को कुपोषित होने से रोका जा सकता है। इसके साथ ही कोदो, कुटकी, मुनगा की पत्तियों का इस्तेमाल भी पोषण स्तर में सुधार लाने में सहायक है। पोषण वाटिका के रूप में पोषक तत्वों से भरपुर स्थानीय कंदमूल भाजी आदि का उत्पादन किया जा सकता है। स्थानीय समूहों द्वारा इसका प्रसंस्करण करके स्थानीय आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों और पंचायतों में गरम भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में कृषि विकास केन्द्र से संबंधित अधिकारी-कर्मचारी इस कार्य के लिए सहयोग करेंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि लघु वनोपज के माध्यम से रोजगार निर्माण के दिशा में काम किया जाएगा। स्वासहायता समूहों के माध्यम से बांस के ट्री-गार्ड, बैग, लघु वनोपज का संग्रहण और प्रसंस्करण किया जाएगा। इसके साथ ही शहद के उत्पादन व प्रसंस्करण का काम भी स्थानीय समूहों के द्वारा किया जाएगा। स्थानीय वनोपजों का इस्तेमाल कुपोषण मुक्ति के लिए किया जाएगा।
सचिव महिला एवं बाल विकास श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बस्तर संभाग में संचालित कर रहे सुपोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कुपोषण और एनिमिया के सर्वे के संबंध में बताया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने बताया कि दो दिसम्बर से मिशन इंद्रधनुष की शुरूवात होगी। जिसमें सामान्य टीकाकरण के साथ ही रोटा और रूबेला वायरस से बच्चों को बचाने टीकाकरण किया जाएगा। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने प्रत्येक गर्भवती महिला का पंजीयन और सुरक्षित प्रसव के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। विशेष सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती मंगई डी. ने बताया कि 25 नवम्बर तक राजीव आश्रय पट्टों का वितरण किया जाना है। शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालय नियमित रूप से लगने चाहिए और सड़कों की मरम्मत व सफाई नियमित रूप से होनी चाहिए। संचालक स्कूल शिक्षा श्री एस.प्रकाश ने भी स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार लाने जरूरी तथ्यों के विषय में जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री सुब्रत साहू और सचिव खाद्य डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव योजना श्री आशीष भट्ट भी उपस्थित थे।
रायपुर, 22 नवंबर 2019 कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने कल अभनपुर विकासखंड के ग्राम सुन्दरकेरा के आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंचकर रायपुर जिले में संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण योजना और लक्ष्य सुपोषण योजना के तहत दोपहर के समय महिलाओं और बच्चों को दिये जा रहे गर्म एवं सुपोषित भोजन व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने इस अवसर पर आयरन की कमी (एनिमिया) से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओें से बातचीत की। कलेक्टर ने इन महिलाआंे और कुपोषित बच्चों को अपने हाथों से पौष्टिक भोजन परोसा। इस अवसर पर कलेक्टर ने स्वयं भी दरी पर बैठकर महिलाओं एवं बच्चों तथा अधिकारियों के साथ भोजन का जायका लिया।
बातचीत के दौरान महिलाओं एवं बच्चों ने भोजन व्यवस्था की तारीफ की। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता की महिलाओं के द्वारा भोजन बनाया जा रहा है। मीन्यू के अनुसार चावल, दाल, सब्जी, अंकुरित अनाज, सलाद, आचार, केला/अण्डा प्रतिदिन दोपहर को भरपेट मिल रहा है। यह स्वाद के साथ-साथ गुणवत्ता में भी अच्छा है। करीब दो माह से संचालित लक्ष्य सुपोषित योजना और 2 अक्टूबर से प्रारंभ मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। इसके केन्द्र में 15 से 49 वर्ष के एनिमिया से प्रभावित 27 महिलाएं एवं बालिकाएं तथा 15 कुपोषित बच्चे आ रहे हैं।
कलेक्टर पहुंचे अति कुपोषित बच्चों के घर, लिया सुपोषण पेटी का जायजा
कलेक्टर डॉ. भारतीदासन इसके उपरांत ग्राम सुन्दरकेरा के अति गंभीर कुपाषित बच्चों के घर पहुंचकर भी उनके माता-पिता और पालकों से मुलाकात की। उल्लेखनीय है कि रायपुर जिले में लक्ष्य सुपोषण नाम से विशेष योजना चलाकर 3 आयु वर्ष तक के 859 अति गंभीर कुपोषित बच्चों का चयन किया गया है। इन सभी बच्चों को छः माह के भीतर स्वस्थ-सामान्य बच्चें के श्रेणी में लाने का लक्ष्य है। इसके लिए हर दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन बच्चों के घर जाती है और उन्हें अपने सामने सुपोषित भोजन कराती है। इसके लिए हर एक बच्चों के घर में सुपोषण पेटी भी प्रदाय की गई है, जिसमें पौष्टिक लड्डू, पौष्टिक बिस्किट, दूध, केला/अण्डा जैसे आहार शामिल किये गये है। इन बच्चों के स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटिरिंग की जा रही है और उनके पालकों को भी अच्छे स्वास्थ्य की समझाईश दी जाती है।
कलेक्टर ने ढाई साल की बालिका सिध्दी यादव के घर पहुंचकर उसकी मां भागेश्वरी यादव से मुलाकात की। उसने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का काफी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने ने बताया कि बच्ची पौष्टिक आहार और दूध का बड़े चाव से सेवन करती है। बच्ची का वजन अब बढ़ने लगा है और एक माह में उसका वजन तीन सौ ग्राम बढ़ा है। इसी तरह देवा पटेल की मां पुष्पा पटेल और यागिनी धु्रव की मां लक्ष्मी धु्रव ने भी अपने अति गंभीर कुपोषित बच्चों के साथ कलेक्टर से मुलाकात की। मात्र दो माह में ग्राम सुन्दरकेरा के इन तीन अति गंभीर कुपाषित बच्चों में से एक बच्ची अब मध्यम श्रेणी के कुपोषण श्रेणी में आ गई है तथा दो अन्य बच्चों का वजन भी बढ़ा है।
रायपुर, 22 नवंबर 2019
एशिया की सबसे बड़ी (मानव निर्मित) जंगल सफारी अब देश-विदेश में प्रसिद्ध हो रही है। अटल नगर नवा रायपुर स्थित यह जंगल सफारी छत्तीसगढ़ में आने वाले सैलानियों के लिए प्रमुख आकर्षण है। रायपुर शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित यह जंगल सफारी देश के सबसे खुबसूरत जंगल सफारियों में से एक है। यह सफारी लगभग 320 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। सैलानियों के ठहरने और रिफरेशमेंट के लिए जंगल सफारी के आस-पास पर्यटन एवं वन विभाग द्वारा मोटल और रिसार्ट जैसी उच्च स्तरीय सुविधाएं विकसित की गई है।
जंगल सफारी में यहां राष्ट्रीय पशु रॉयल बंगाल टायगर की प्रजाति के लिए एक पृथक से जोन बनाया गया है। यहां प्राकृतिक आवास में बाघों को स्वछंद रूप से विचरण करते हुए देखा जा सकता है। बाघों के प्राकृतिक रहवास के लिए यहां 1945 वर्ग मीटर क्षेत्र में छायादार पौधे लगाए गए हैं। बाघों को देखने के लिए सैलानियों के लिए यहां दर्शक दीर्घा बनाई गई है। बाघों को प्राकृतिक आवास केन्द्रीय चिड़िया घर नई दिल्ली के नार्म्स के अनुसार तैयार किया गया है। यहां शेरों के लिए 2550 वर्ग मीटर में रहवास बनाया गया है। शेरों के लिए गुफा का निर्माण किया गया है।
जंगल सफारी में टफन ग्लास के चैम्बर में तेंदूओं को देखा जा सकता है। यहां विश्व प्रसिद्ध सफेद शेर के लिए अलग से इन्क्लोजर बनाए गए हैं। हिमालयन भालू को झरने में नहाते हुए देखा जा सकता है। रंग-बिरंगी कछुए की प्रजाति भी बच्चों के लिए यहां आकर्षण का केन्द्र है। पानी में रहने वाले दरियाई घोड़े यहां बनाए गए तालाबों में विचरण करते हुए देखे जा सकते हैं। अपने तीखे दांतो के लिए पहचाने जाने वाला घड़ियाल भी यहां देखा जा सकता है। इसके अलावा और भी बहुत कुछ देखने लायक जंगली जानवर हैं। यहां बंगाल की बड़ी लिर्जाड(गोह) उदबिलाव, मगरमच्छ सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए पशु-पक्षी यहां आने वाले सैलानियों का मन मोह लेते हैं।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हाल में ही आयोजित कैबिनेट बैठक में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ के सैलानियों और स्कूली बच्चों के साथ-साथ देश भर के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जंगल सफारी का प्रवेश शुल्क आधा करने का निर्णय लिया गया है। राज्य और देशभर के पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाईन टिकट www.junglesafari.cg.nic.in की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। पर्यटकों की सुविधा की दृष्टिकोण से सफारी एवं जू में आकर्षक प्रवेश द्वार के समीप ही टिकट काउंटर तथा पार्किंग स्थल बनाया गया है। इसमें लगभग 1000 वाहनों को एक साथ पार्क किया जा सकता है। पर्यटकों के भ्रमण के दौरान सुविधा के लिए आवश्यक प्रसाधन व्यवस्था तथा विभिन्न सफारी पर वाटर एटीएम भी लगाया गया है। साथ ही लैण्डस्केप के क्षेत्र में 12 पगोड़ा भी पर्यटकों के विश्राम के लिए स्थापित किया गया है। इसके चिड़ियाघर प्रक्षेत्र में कुल 37 बाड़ो का निर्माण किया जाना है। जिनमें से 11 बाड़ों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इसके अलावा जंगल सफारी में इंटरप्रिटेशन सेंटर, एम्फी थियेटर, मिनी थियेटर, डायरेक्टर कार्यालय भवन, कैफेटेरिया, डार्मेटरी और शॉपिंग कॉम्पलेक्स आदि की स्थापना के कार्य भी किए जाएंगे।
जंगल सफारी को और भी उपयोगी और ज्ञानवर्द्धक बनाने के लिए यहां वनस्पतिक उद्यान विकसित किया जा रहा है। इससे यहां जैव विविधता का संरक्षण होगा वहीं प्रकृति प्रेमियों और विज्ञान के विद्यार्थियों को ज्ञानवर्द्धक जानकारी मिलेगी। जंगल सफारी के इस अलौकिक तथा स्वच्छ एवं हरा-भरा आच्छादित क्षेत्र में लगभग 70 प्रजातियों के पेड़-पौधे, 12 विभिन्न प्रजातियों के वन्य प्राणी सहित 76 विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी जैव विविधता में अपना विशिष्ट स्थान रखते हैं।

पेसा राज्यों में ग्राम पंचायत विकास योजना के माध्यम से आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन विषय पर कार्यशाला आयोजित
रायपुर, 22 नवम्बर 2019
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण को पहले से और अधिक व्यापक बनाने का निर्णय हमनें लिया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों को और अधिक अधिकार सम्पन्न बनाया जाएगा, ताकि ग्राम सभा अपने प्राकृतिक संसाधनों का उचित प्रबंधन एवं संरक्षण कर सके। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नये ग्राम पंचायतों के गठन के पूर्व पेसा कानून के नियम बना लिए जाएंगे। पेसा कानून में प्रावधानों के तहत आदिवासी अंचल के रहने वाले लोगों के परंपरागत रीति रिवाज, धार्मिक और सामाजिक पद्धतियों को ध्यान में रखकर व्यवस्था की जाएगी।
श्री सिंहदेव मुख्य अतिथि के आसंदी से आज 22 नवम्बर को राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में पेसा राज्यों में ग्राम पंचायत विकास योजना के माध्यम से आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सहित 10 पेसा राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, झारखण्ड, उडिसा, तेलंगाना, आन्ध्रप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड और मध्यप्रदेश के 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। भारत सरकार के पंचायत राज्य मंत्रालय के विशेष सचिव डॉ. बाला प्रसाद, संयुक्त सचिव श्री आलोक प्रेमनागर ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत के विकास के माध्यम से आर्थिक विकास एवं सामाजिक न्याय की स्थापना करना है जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
श्री सिंहदेव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आर्थिक स्थिति में परिवर्तन लाना अधिक महत्वपूर्ण है। लोगों के जीवन में वास्तविक विकास और परिवर्तन हम ला सके, यह अधिक संतोष पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन के लिए लगातार काम करने की आवश्यकता है। इससे हम समावेशी विकास और सामुदायिक भागीदारी की व्यवस्थाओं को स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं को सौंपे गए 29 विषयों पर वर्ष 2020-21 की कार्ययोजना ग्राम पंचायतों द्वारा बनाई जाएगी। 02 अक्टूबर 2019 से 31 दिसम्बर 2019 तक विशेष ग्राम सभा के आयोजन का निर्णय हमनें लिया है। सुराजी ग्राम योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी से ग्रामीणों को जोड़कर उनके आर्थिक विकास, पशुधन और जल संसाधनों के पुर्नजीवन का काम शुरू कर दिया गया है। ग्रामीण महिलाओं की आय वृद्धि, युवाओं के लिए कौशल विकास, किसानों की आय वृद्धि से संबंधित योजनाओं की भी रूपरेखा बनाई जाएगी। इस अभियान में हर वर्ग को शामिल किया जाएगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजना के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ग्राम पंचायत विकास योजना का ग्राम पंचायतों में तत्परता से काम हो रहा है। जिसकी समुचित मॉनिटरिंग भी की जा रही है। अधिनियम 1996 के तहत राज्यों के कुल 27 जिलों में से 19 जिले, 85 जनपद पंचायते 5055 ग्राम पंचायतें आती हैं। बैठक में संचालक ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा के संचालक श्री सुरेन्द्र कुमार जायसवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
खेल मंत्री रायगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय ट्राइबल डांस
फेस्टिवल 2019 में हुए शामिल
रायपुर, 22 नवम्बर 2019

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल ने कहा कि प्रदेश में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम सेे राज्य की परम्परागत छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक धरोहरों के अन्य राज्यों में प्रचार-प्रसार का अवसर मिलेगा। श्री पटेल आज रायगढ़ जिला मुख्यालय के सांस्कृतिक भवन (आडिटोरियम) पंजरी प्लांट में आयोजित जिला स्तरीय ट्राइबल डांस फेस्टिवल 2019 कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में रायगढ़ विधायक श्री प्रकाश शक्राजीत नायक, विशिष्ट अतिथि के रूप में लैलूंगा विधायक श्री चक्रधर सिंह सिदार के साथ अन्य अतिथि उपस्थित थे।
इस अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने सभी प्रतिभागियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशन में आयोजित नेशनल ट्राईबल डांस फेस्टिवल 2019 का उद्देश्य ही है कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक सांस्कृतिक धरोहर जैसे गेड़ी नृत्य, कर्मा नृत्य, छत्तीसगढ़ी गीत, रौहताही नृत्य जैसे दर्जनों सांस्कृतिक कला का पूरे देशवासियों को जानकारी दी जा सके और छत्तीसगढ़ी कलाकारों व सांस्कृतिक परंपराओं को अलग पहचान मिल सके। श्री पटेल ने आगे कहा कि इस नेशनल ट्राईबल डांस फेस्टिवल 2019 कार्यक्रम के लिए दूसरे राज्य के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि यहां कार्यक्रम को देखने आएं और उनके माध्यम से हमारे राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों का उनके राज्यों में प्रचार-प्रसार का अवसर मिले। इससे छत्तीसगढ़ी नृत्य और कला को देश के अन्य राज्यों में अलग पहचान मिलेेगी। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुये जिले के प्रतिभागियों को आदिवासी नृत्य महोत्सव की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री ऋचा शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
रायपुर, 22 नवम्बर 2019


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गौठानों की पुरानी परंपरा को फिर से संरक्षित करने के उद्देश्य से सुराजी गांव योजना की शुरूआत की गई है। इसके तहत कांकेर जिले केे संवेदनशील विकासखण्ड दुर्गकोंदल के अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्रामाड़ में आदर्श गौठान का निर्माण किया गया है। जिसमें गांव के लोगों ने अपने-अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने, पानी पिलाने, चारा और ईलाज के लिए गौठान में प्रतिदिन ले जाते हैं, गौठान में पशुओं की सेहत की नियमित जांच एवं उपचार किया जा रहा है तथा वहीं महिला समूह के द्वारा जैविक खाद का उत्पादन कर्रामाड़ के आदर्श गौठान में किया जा रहा है। गौठान में पशुओं को रखने से खेत के फसल सुरक्षित हैं, जिससे किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। गौठान का संचालन की जवाबदारी समिति एवं महिला स्व-सहायता समूह के सदस्यों को सौंपी गई है।
आदर्श गौठान समिति के अध्यक्ष सुभाष सोम एवं सचिव सरपंच बरतनी बाई धनेलिया ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा पुरानी परंपरा को पुनः सृजित कर ग्रामीणों के लिए गौठान का निर्माण कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को सुविधा एवं लाभ मिलने लगी है। उन्होंने बताया कि आदर्श गौठान में रोजाना गाय-बैल पशुओं को लाते हैं। उन्होंने बताया कि गौठान से लगे लगभग 05 एकड़ जमीन पशुओं के लिए आरक्षित रखा गया है, गौठान में पानी, चारा, उपचार की समुचित व्यवस्था है और पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों द्वारा बीमार पशुओं को नियमित रूप से निःशुल्क में ईलाज किया जाता हैं। गौठान में चेतना स्व-सहायता समूह, पूनम स्व-सहायता समूह तथा नंदिनी स्व-सहायता समूह के द्वारा जैविक खाद का निर्माण कराया जा रहा है। जैविक खाद को समूह द्वारा विक्रय कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कर्रामाड़ गौठान समिति के अध्यक्ष सुभाष सोम ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा गांवों में गौठान का निर्माण कर मवेशियों के बारे में एक बड़ी पहल की है, वहीं गांव के किसानों ने बताया कि गौठान मंे पशुओं को रखने की सुविधा हुई तो हम लोगों को अन्य कार्य करने के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है, साथ ही इस गौठान से लोगों को पशुओं के लिए काफी लाभदायक माना जा रहा है और समूह के द्वारा कंपोस्ट खाद बनाने में सुविधा हो रही है। महिला स्व-सहायता समूह के लिए गौठान में अलग-अलग टैंक का निर्माण कराया गया है, जहां पर पशुओं के लिए चारा, पानी, छाया और ठहरने के लिए सुरक्षित स्थान बनाया गया है। इसी तरह विकासखण्ड दुर्गकोंदल के अन्य गांवों में भी गौठान का निर्माण कराया जा रहा है, जो कि ग्रामीणों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगा और पुरानी परंपरा पर लोग वापसी होने के साथ ही गोबर की जैविक खाद से कृषि कार्य के लिए लाभदायक हो रहा है।
अन्य प्रदेशों से अवैध रूप से आने वाली मदिरा की
रोकथाम के लिए लगातार जांच करने निर्देश
रायपुर, 22 नवम्बर 2019 आबकारी आयुक्त श्री निरंजन दास ने आज प्रदेश के सभी आबकारी अधिकारियों की बैठक वाणिज्यिक कर जीएसटी भवन अटलनगर नवा रायपुर में ली। उन्होंने प्रदेश में अधिक दर पर मदिरा के विक्रय पर कड़ाई से नियंत्रण रखे जाने के निर्देश समस्त आबकारी अधिकारियों को दिए हैं।
आबकारी आयुक्त ने प्रदेश में सीमावर्ती प्रान्त मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखण्ड, उत्तरप्रदेश से अवैध रूप से आने वाली मदिरा के रोकथाम के लिए संभागीय अधिकारियों एवं जिला अधिकारियों को अन्य प्रान्तों की सीमा पर बैरियर लगाकर लगातार जांच के निर्देश दिए गए। अवैध मदिरा की गतिविधियों पर रोकथाम के लिए उन्होंने कड़ी कार्रवाई करते हुए अधिक से अधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए।
आबकारी आयुक्त ने प्रदेश के आबकारी राजस्व की समीक्षा की और सभी जिलों को दिए गए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार झारखण्ड राज्य के आगामी निर्वाचन अवधि में पड़ोसी जिलों से समन्वय स्थापित कर मदिरा की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाने की बात कही गई।
रायपुर, 22 नवम्बर 2019 स्कूल शिक्षा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास और परियोजना सलाहकार सूरजपुर के अध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की अध्यक्षता में आज परियोजना सलाहकार मण्डल की बैठक जिला पंचायत सूरजपुर के सभाकक्ष में आयोजित की गई। डॉ. टेकाम ने कहा कि रोजगार परक योजना बनाकर पण्डो जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। योजना में यह ध्यान रखकर कार्य करना है कि पण्डो अपने जीवन में क्या करना चाहते है। शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ मिले।
डॉ. टेकाम ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2020-21 के लिए जिले के हर क्षेत्र में विशेषकर छात्रावास-आश्रम में अध्ययन करने वाले बच्चों को विशेष सुविधाएं, खान-पान, शौचालय, खेलकूद, शिक्षा, विशेष कोचिंग की व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार करें। जिले के विकास को ध्यान में रखते हुए हर वर्ग के लोगों के लिए कार्य करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रावास में भोजन व्यवस्था, स्वास्थ्य जांच, पढ़ाई-लिखाई ठीक से हो, इसके लिए 15 दिवस में निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारी को वस्तु स्थिति से अवगत कराएं। बैठक में अध्यक्ष सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं विधायक प्रेमनगर क्षेत्र श्री खेलसाय सिंह, विधायक भटगावं क्षेत्र श्री पारसनाथ राजवाडे़, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री अशोक जगते, कलेक्टर श्री दीपक सोनी और जिला पंचायत सी.ई.ओ. श्री अश्वनी देवांगन उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बैठक में छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के आने-जाने की जानकारी रजिस्टर में अंकित करने एवं बच्चो के परिजनों के मिलने का समय भी निर्धारित करने के लिये अधिकारियों से कहा। उन्होंने बताया कि बच्चों के खान-पान, आने-जाने हेतु परिवहन, खेलकूद की व्यवस्था और बेहतर सुविधा देने के लिये कार्ययोजना तैयार कर विभिन्न क्षेत्रो में समृद्ध विकास के लिये कार्य किया जा रहा है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में स्वीकृत राशि के कार्य तथा इसके पूर्व वर्षो के अपूर्ण कार्यो की समीक्षा, वित्तीय वर्ष 2020-21 के कार्य योजना पर चर्चा की गई। वित्तीय वर्ष 2019-20 में विशेष केन्द्रीय आदिवासी क्षेत्र उपयोजना मद अंतर्गत स्वीकृत कार्य हेतु क्रियान्वयन एजेंसी का निर्धारण किया गया। शिक्षा विभाग अंतर्गत ई-रिक्शा हॉस्टल, ट्रायबल स्कूल एवं हॉस्टल के लिए फिल्टर एवं वाटर कूलर, छात्रावास-आश्रम में आर.ओ. प्लान्ट, मध्यान्ह भोजन हेतु बर्तन, कक्षा 9वीं से 12वी तक अध्ययनरत छात्राओं हेतु सेनेटरी नेपकीन, स्मार्ट क्लास योजना, नवोदय कोचिंग कार्यक्रम, अनाथ बच्चों का सहयोग कार्यक्रम, व्यावसायिक परीक्षा कोंिचंग, छात्रावास आश्रम में - सी.सी.टी.वी. कैमरा, 3 नग कम्प्यूटर एवं फर्निचर, 43 ईंच एलईडी टीबी, आहाता के उपर कटेंली तार, सोलर पावर प्लांट, ट्यूबेल खनन एवं विद्युत पम्प, भवन निर्माण कार्य, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चर्मरोग निदान, सिकल डिसिस, कृषि विभाग अंतर्गत कृषि उत्पाद वृद्धि हेतु प्रशिक्षण, बाडी विकास हेतु फेंसिंग कार्य, ड्रीप स्थापना, स्प्रिकंलर, डिजल पेट्रोल, चेप कटर, लपेटा पाईप, पावर स्प्रेयर, उडानी पंखा, पावर रीपर, नेपसेक, स्टापडेम निर्माण, मत्स्य विभाग से मत्स्यखेट उपकरण, पशुपालन विभाग से अनुसूचित जाति के हितग्राहियों को गाय, बकरी, मत्स्य पालन सुअर पालन, स्वरोजगार योजना से अनुसूचित जनजाति हितग्राहियों को सेंट्रिंग प्लेट खुटा एवं चैनल, अनुसूचित जनजाति बीपीएल हितग्राहियो को टेंट हाउस, कोशल विकास अंतर्गत अजजा के युवा-युवतियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण एवं अन्य सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, नलकूप खनन, तटबंध निर्माण, मुरुमीकरण विषयों पर भी चर्चा की गई।
(Gariaband) में हाथी का एक बच्चा (Baby Elephant) अपने झुंड से बिछड़ गया है. हाथियों का दल ओडिशा की सीमा (Herd of Elephnats Entered Odisha) में प्रवेश कर गया है जबकि बच्चा अभी भी गरियाबंद जिले के कुकरार गांव के आसपास भटक (Babu Elephant Wandering) रहा है. वन विभाग (Forest Department) को जैसे ही इसकी खबर लगी तो मौके पर पहुंचा. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हाथी का बच्चा बीमार (Baby Elephants Ill) है और उसने खाना पीना छोड दिया है. हाथी के बच्चे के गले में जख्म बताया जा रहा है. इसके इलाज के लिए रायपुर से डॉक्टरों (Doctor from Raipur) को बुलाया गया है.
अम्बिकापुर से महावत को बुलाया गया
हाथी के इस बच्चे की देखभाल के लिए अम्बिकापुर से महावत को बुलाया गया है. अधिकारियों ने बच्चे की तबियत पहले से बेहतर होने का दावा किया है. हालांकि विभागीय अधिकारियों की चिंता अभी कम नहीं हुई है. अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता बच्चे के ठीक होने के बाद उसके साथी झुंड से मिलवाने की है
हाथी के बच्चे ने धान और गुड़ खाया
इस बारे में उदंती अभ्यारण्य के उप संचालक श्रीविष्णु ने कहा कि हाथी के बच्चे की उम्र करीब साढ़े चार साल है. उन्होंने कहा कि इस हाथी की जीभ और निचले होंठ के हिस्से में चोट लगी है. उन्होंने कहा कि हाथी के बच्चे को कल खाने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी, लेकिन आज उसने ठीक से खाना खाया है. उन्होंने कहा कि हाथी के बच्चे ने धान, केला और गुड़ खाया है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर इस हाथी के स्वास्थ्य की जांच एक बार फिर करेंगे. अगली बार जब डॉक्टर हाथी के बच्चे को देखने आएंगे तब पता चल पाएगा कि उसके स्वास्थ्य में कितना सुधार हुआ है
रायपुर मुख्य सचिव श्री आर. पी. मण्डल ने विगत दिवस मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के आकांक्षी जिलों में शामिल बस्तर संभाग आयुक्त और सात जिलों के कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आकांक्षी जिलों के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांको में अपेक्षित सुधार लाने आवश्यक मार्गदर्शन दिए गए और सभी विभागों को लक्ष्य निर्धारित करके अभियान के रूप में कार्ययोजना के क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। श्री मण्डल ने कलेक्टरों से कहा है कि आकांक्षी जिलों के विकास संबंधी मापदण्डों के प्रगति की जानकारी स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली जाती है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में काम करने के निर्देश प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए है। श्री मण्डल ने कुपोषण मुक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, ग्रामीण विकास सहित अन्य जरूरी विषयों पर विशेष और प्रभावकारी रणनीति बनाकर उसका क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के सचिव और कलेक्टरों को दिए है। स्थानीय शासकीय कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले चावल की आपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाएगी। इसके लिए कलेक्टरों द्वारा आंकलन के आधार पर मांग पत्र भेजे जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल ने बताया कि कृषि उत्पादों का सही उत्पादन और इस्तेमाल करके कुपोषण को दूर किया जा सकता है, स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है और ग्रामीणों की आय में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उन्होंने शकरकंद की विशेष प्रजाति के विषय में जानकारी दी कि इसके उत्पादन से ग्रामीणों की आय में बढ़ोत्तरी होगी और आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में इसका उपयोग करने पर बच्चों को कुपोषित होने से रोका जा सकता है। इसके साथ ही कोदो, कुटकी, मुनगा की पत्तियों का इस्तेमाल भी पोषण स्तर में सुधार लाने में सहायक है। पोषण वाटिका के रूप में पोषक तत्वों से भरपुर स्थानीय कंदमूल भाजी आदि का उत्पादन किया जा सकता है। स्थानीय समूहों द्वारा इसका प्रसंस्करण करके स्थानीय आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों और पंचायतों में गरम भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में कृषि विकास केन्द्र से संबंधित अधिकारी-कर्मचारी इस कार्य के लिए सहयोग करेंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि लघु वनोपज के माध्यम से रोजगार निर्माण के दिशा में काम किया जाएगा। स्वासहायता समूहों के माध्यम से बांस के ट्री-गार्ड, बैग, लघु वनोपज का संग्रहण और प्रसंस्करण किया जाएगा। इसके साथ ही शहद के उत्पादन व प्रसंस्करण का काम भी स्थानीय समूहों के द्वारा किया जाएगा। स्थानीय वनोपजों का इस्तेमाल कुपोषण मुक्ति के लिए किया जाएगा।
सचिव महिला एवं बाल विकास श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बस्तर संभाग में संचालित कर रहे सुपोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कुपोषण और एनिमिया के सर्वे के संबंध में बताया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने बताया कि दो दिसम्बर से मिशन इंद्रधनुष की शुरूवात होगी। जिसमें सामान्य टीकाकरण के साथ ही रोटा और रूबेला वायरस से बच्चों को बचाने टीकाकरण किया जाएगा। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने प्रत्येक गर्भवती महिला का पंजीयन और सुरक्षित प्रसव के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। विशेष सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती मंगई डी. ने बताया कि 25 नवम्बर तक राजीव आश्रय पट्टों का वितरण किया जाना है। शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालय नियमित रूप से लगने चाहिए और सड़कों की मरम्मत व सफाई नियमित रूप से होनी चाहिए। संचालक स्कूल शिक्षा श्री एस.प्रकाश ने भी स्कूली शिक्षा के स्तर में सुधार लाने जरूरी तथ्यों के विषय में जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री सुब्रत साहू और सचिव खाद्य डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव योजना श्री आशीष भट्ट भी उपस्थित थे।
बेमेतरा। कलेक्टर डॉ अलंग ने गौठान में जमीन पर बैठकर विभिन्न स्व सहायता समूहों की महिलाओं से उनकी गतिविधियों के बारे में चर्चा की। उन्होंने महिलाओं के लगन की तारीफ की और कहा कि इससे भविष्य में उन्हें काफी लाभ होगा। महिलाओं ने फूल की खेती, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, बतख पालन के लिए दिये गये कलेक्टर के सुझाव को लेकर उत्साह दिखाया। महिलाओं को डॉ अलंग ने बताया कि गौठान में दोना पत्तल मशीन लगाई जायेगी। महिलाओं ने बाड़ी के लिए अतिरिक्त पानी की आवश्यकता बताई, जिस पर कलेक्टर ने पीएचई को बोर कराने का निर्देश दिया है। उपस्थित महिलाओं ने बताया कि वे भी गोबर से गमला व दीया बनाना चाहती हैं। कलेक्टर ने सम्बन्धित अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण महिलाओं को देने का निर्देश दिया।
कलेक्टर ने इस दौरान बैगा परियोजना के तहत 19 हितग्राहियों को बकरियां वितरित कीए जिससे वे बकरीपालन व्यवसाय करेंगे।
धमतरी। कुरूद विंधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी रहे व सदस्य जिला पंचायत धमतरी श्रीमती लक्ष्मीकांता हेमन्त साहू किसान भाइयों से संबंधित क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लिखित में देते हुए जिलाधीश धमतरी श्री रजत बंसल को मांग पत्र सौपे, जिसमे प्रमुख मांग मुख्यमंत्री भुपेश बघेल के भखारा आगमन पर घोषणा की गई की इस वर्ष रबी फसल की सिंचाई हेतु गंगरेल बांध से पानी दी जाएगी। जिससे किसानों भाइयो के चेहरे पर मुस्कान देखने को तो मिल रहा हैं, पर डर का अहसास भी हैं कि समय रहते सिंचित क्षेत्र का चिन्हाकन हो,क्योंकि खरीफ फसल की कटाई अंतिम चरण में हैं। चिन्हित नही होने की स्थिति में किसान भाई कही के नही रहेंगे। क्योंकि दलहन तिलहन लेने वाले किसान भाइयो्र को काफी नुकसानी का सामना करना पड़ता हैं। श्रीमती लक्ष्मीकांता हेमन्त साहू ने आगे शासन प्रशासन को आगाह किया कि पूर्व में मगरलोड विकास खंड के 30 गांवों को समय मे सिंचाई नही होने की स्थिति में हजारों एकड़ फसल सूखने से काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। जिसकी मुआवजा हेतु शासन प्रशासन से मांग की गई, लेकिन रबी की फसल हेतु कोई मुआवजा की व्यवस्था नही हैं कह दिया गया व संबंधित सिचाई विभाग के अधिकारी के ऊपर भी कोई कार्यवाही नही की गई। यहाँ पर किसान भाई चिन्हाकित क्षेत्र में ही रबी की फसल ले। जि़लाधीश से विशेष आग्रह किया गया कि संबंधित विभाग मंत्रालय से तत्काल जानकारी ले यदि सिंचाई हेतु पानी देते है या नही देते हैं तो दोनों ही स्थिति में किसान भाइयों को सूचना प्रचार-प्रसार के माध्यम से अविलंब जानकारी दे । क्योंकि छत्तीसगढ़ प्रदेश की कांग्रेस की सरकार किसान हितैसी सरकार हैं किसानो के साथ धोखा बिल्कुल बर्दास्त नहीं किया जाएगा, ये सभी जिम्मेदारी प्रशासन की हैं।
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आयुक्त ने विभिन्न वार्डो में सफाई कार्य का किया निरीक्षण
दुर्ग। निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सफाई कार्यो का निरीक्षण किया गया। उन्होंने सभी प्रमुख सड़कों से मिट्टी और मलमा, व धूल हटाने निर्देश दिये। उन्होंने सड़क किनारे और नाली किनारे कहीं पर भी कचरा एकत्र न होने दें। उसे तत्काल हटायें। निरीक्षण के दौरान कचरा पड़ा दिखायी देने पर व क्षेत्र वासियों द्वारा शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने प्रात: 7.00 बजे से राजेन्द्र पार्क से गुरुद्वारा रोड, ग्रीन चैाक, सिकोला भाठा, धमधा नाका, दीपक नगर, आमदी मंदिर वार्ड, ओम परिसर आदि क्षेत्रों का दौरा कर सफाई कार्य का जायजा लिये। आयुक्त के निर्देश पर डाक्टर ढिल्लन नर्सिंग होम से लेकर सिंधी धर्मशाला होकर आगे गुरुद्वारा और महाराष्ट्र बैंक तक सड़क किनारे जीम मिट्टी को निगम अमले ने जेसीबी मशीनके प्लेट से उखड़वाया और उसे उठाकर सड़क से धूल की सफाई करायी गयी। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, स्वच्छता निरीक्षक मेनसिंग मंडावी, प्रभारी दरोगा रामलाल भट्ट, सफाई सुपरवाईजर ललीत धर्मकार, एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
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