छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21154)

मुंगेली। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी योजना के तहत पुरानी परंपरा को पुनः स्थापित करने के लिए पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए गोठानों का निर्माण किया गया है। निर्मित गोठानों में पशुओं को समुचित रूप से पानी, चारा मिलने से अब अन्यत्र नहीं जा रहे है। किसान अब बेझिझक और आसानी से रबी की फसल ले सकेंगे।
    मुंगेली विकासखण्ड के ग्राम बलौदी (चीनू) के बरातु सहित अन्य किसानों ने बताया कि रबी फसलों के लिए राज्य शासन की नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी योजना के तहत निर्मित गोठानों की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है। इस योजना के तहत निर्मित गोठानों में पशुओं के लिए चारा, पानी, छाया एवं उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है। मवेशियों के चारे के लिए चारागाह का विकास किया गया है। पानी के लिए ट्यूबवेल की व्यवस्था की गई है। गर्मी और बरसात से बचाव के लिए शेड का भी निर्माण किया गया है। इससे अब पशुधन को कही भटकना नहीं पड़ रहा है। जिसके फलस्वरूप किसान अब आसानी से रबी की फसल ले सकेंगे।
    किसानों ने बताया कि गांव में पहले भी गोठान थे। गोठानों में पशुधन को केवल खरीफ फसल तक ही रखते थे। जिसके बाद पशुधन खुले में रहते थे। पशुधन के खुले में रहने से रबी फसल की क्षति होती थी। जिसके कारण किसानों द्वारा रबी की फसल नहीं ले पाते थे। किसानों ने बताया कि गोठानों के निर्माण हो जाने से गोठानों में ही पशुधन के लिए चारे, पानी की व्यवस्था की गई है। गोठानों में ही पशुओं की सेहत की नियमित जांच हो रही है। किसान अब बिना भय के रबी की फसल ले सकेंगे। इससे किसान खरीफ फसल के अलावा अब रबी की फसल भी ले सकेंगे। इससे उनमें समृद्धि आयेगी।

रायगढ़।   उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल ने 24 नवम्बर को खरसिया विकासखण्ड के कांटाहरदी में आंगनबाड़ी भवन एवं शेड निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की माता कौशल्या की जन्मभूमि रही है। प्राचीनकाल में यह दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता था। उन्होंने कहा कि शासन ने यह निर्णय लिया है कि भगवान श्रीराम अपने 14 वर्ष के वनवास के दौरान जिन रास्तों से गुजरे थे, उन महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विस्तारित एवं विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले का राम झरना एवं गेरवानी का लक्ष्मण पादुका स्थान राम वन गमन पथ के लिए शासन के प्रस्ताव में पहले से ही शामिल है।
    मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यह स्पष्ट कह दिया है कि शासन की प्रतिबद्धता है कि 2500 रुपये समर्थन मूल्य में धान खरीदी की जाएगी। राशन नवीनीकरण के बाद कार्डधारियों को 35 किलो चावल मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिनके नाम छूट गए है, उनका नाम राशन कार्ड में जुड़ सकता है। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं शेड निर्माण की मांग पूरी होने पर ग्रामवासियों को बधाई दी। उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल ने ग्राम बालमगोड़ा में उचित मूल्य दुकान सह गोदाम, सीसी रोड का भी लोकार्पण किया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटेल का ग्रामवासियों ने लोक नृत्य करते हुए आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री निराकार पटेल, ग्राम कांटाहरदी के सरपंच श्रीमती आशा यादव एवं उप सरपंच श्री राधेलाल सिदार उपस्थित थे।

रायपुर. राज्य में नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों का आज ऐलान हो गया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर रामसिंह ने इसकी घोषणा की. प्रेस कॉन्फेंस में ठाकुर रामसिंह ने बताया कि मतदान 21 दिसंबर को किया जाएगा. और चुनाव परिणाम 24 दिसंबर को आएगा.

30 नवंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 दिसंबर है. 7 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 9 दिसंबर तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकेंगे. उम्मीदवारों की चुनाव चिन्ह का आबंटन 9 दिसंबर को किया जाएगा.

इस बार पार्षदों का नामांकन फॉर्म आनलाइन भरे जाएंगे.पहली बार आनलाइन वोटर लिस्ट तैयार की गई है. चुनाव आयोग की आईटी टीम ने वेबसाइट बनाई है.

नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा में मतदान सुबह 7 से 3 बजे तक होगा. मैदानी इलाके में चुनाव सुबह 8 से 5 बजे तक होगा.

इस घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो गई है. अब राज्य सरकार नगरीय निकाय क्षेत्र में लोकार्पण एवं भूमिपूजन नहीं कर सकेगी. ठाकुर रामसिंह ने बताया कि नगरीय निकाय का चुनाव दिसंबर में होगा. इसके बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी.

बता दें कि प्रदेश में कुल 10 नगर निगम, 38 नगर पालिका और 103 नगर पंचायत में चुनाव होना है. इसके लिए आरक्षण की प्रक्रिया हो गई है. प्रदेश में कुल 5406 मतदान केंद्र, 40 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेेंगे. और 21 हजार मतदान कर्मी तैनात किए जाएंगे. प्रदेश में कुल 2 हजार 8 सौ 40 वार्डों में मतदाता पार्षद चुनेंगे.

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान होने के साथ ही आज से आचार संहिता लागू हो गई है. निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बताया कि आज से आचार संहिता लागू कर दिया गया है. निकाय चुनाव के लिए मतदान 21 दिसंबर होगा और चुनाव परिणाम 24 दिसंबर को आएगा.

देश में होने वाले सभी चुनावों से पहले चुनाव आयोग आचार संहिता लगाता है. इस दौरान राजनीतिक दलों, उनके उम्मीदवारों और आम जनता को सख्त नियमों का पालन करना होता है. अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते हैं.
आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता है, जिससे किसी विशेष दल को फ़ायदा पहुंचता हों. आचार संहिता लगने के बाद सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं.

    कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले.
    राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न कि व्यक्तिगत.
    धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए.
    मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि.
    किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें.
    किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें.
    राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों.
    सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए.
    दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहॉं निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है.
    सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें.
    सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें.
    सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है.

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान होने के साथ ही आज से आचार संहिता लागू हो गई है. निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बताया कि आज से आचार संहिता लागू कर दिया गया है. निकाय चुनाव के लिए मतदान 21 दिसंबर होगा और चुनाव परिणाम 24 दिसंबर को आएगा.

देश में होने वाले सभी चुनावों से पहले चुनाव आयोग आचार संहिता लगाता है. इस दौरान राजनीतिक दलों, उनके उम्मीदवारों और आम जनता को सख्त नियमों का पालन करना होता है. अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है. उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के बनाए गए नियमों को ही आचार संहिता कहते हैं.
इसे पढ़ें- BREAKING : नगरीय निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान, 21 दिसंबर को होगा चुनाव, 24 को मतगणना

आचार संहिता लागू होने के बाद सार्वजनिक धन का इस्तेमाल किसी ऐसे आयोजन में नहीं किया जा सकता है, जिससे किसी विशेष दल को फ़ायदा पहुंचता हों. आचार संहिता लगने के बाद सभी तरह की सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास या भूमिपूजन के कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं.

    कोई भी दल ऐसा काम न करे, जिससे जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैले.
    राजनीतिक दलों की आलोचना कार्यक्रम व नीतियों तक सीमित हो, न कि व्यक्तिगत.
    धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए.
    मत पाने के लिए भ्रष्ट आचरण का उपयोग न करें। जैसे-रिश्वत देना, मतदाताओं को परेशान करना आदि.
    किसी की अनुमति के बिना उसकी दीवार, अहाते या भूमि का उपयोग न करें.
    किसी दल की सभा या जुलूस में बाधा न डालें.
    राजनीतिक दल ऐसी कोई भी अपील जारी नहीं करेंगे, जिससे किसी की धार्मिक या जातीय भावनाएं आहत होती हों.
    सभा के स्थान व समय की पूर्व सूचना पुलिस अधिकारियों को दी जाए.
    दल या अभ्यर्थी पहले ही सुनिश्चित कर लें कि जो स्थान उन्होंने चुना है, वहॉं निषेधाज्ञा तो लागू नहीं है.
    सभा स्थल में लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति पहले प्राप्त करें.
    सभा के आयोजक विघ्न डालने वालों से निपटने के लिए पुलिस की सहायता करें.
    सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है.

रायपुर, 25 नवम्बर 2019   मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के प्रतिनिधि मण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि बैंक द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर रक्त दान अभियान 06 दिसम्बर को आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बैंक द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि रक्त दान महादान है। हर व्यक्ति को रक्त दान करना चाहिए।
प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी कि एचडीएफसी बैंक द्वारा वर्ष 2007 से हर वर्ष रक्त दान अभियान आयोजित किया जाता है। यह 13वां साल है, अब तक इस अभियान के माध्यम से 3 लाख 10 हजार 746 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। छत्तीसगढ़ मंे पिछले एक सप्ताह से रक्त दान के लिए कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 15 कैंप आयोजित हो चुके है। इस वर्ष 40 कैंप आयोजित करने का लक्ष्य है। 15 कैंपों में 961 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। राज्य सरकार यदि प्रस्ताव देती है तो बैंक द्वारा गांवों में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित किए जाएंगे। इस अवसर पर विधायक श्री कुलदीप जुनेजा, एचडीएफसी बैंक के छत्तीसगढ़ स्थित उपाध्यक्ष श्री सुनील नागपाल, सहायक उपाध्यक्ष श्री कोटेश बाबू भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में पर्यावरण (Environment) के साथ तो खिलवाड़ हो ही रहा है. बल्कि लोगों की जान से भी खिलवाड़ किया जा रहा है. प्रदेश में एक साल में औद्योगिक जिलों में ही सीएसआर (CSR) मद से कोई पौधारोपण नहीं किया गया है, जिससे प्रदेश सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. प्रदूषण (Pollution) के मामले में रायगढ़, कोरबा व दुर्ग जिला प्रदेश ही नहीं देश में भी स्थान रखता है, लेकिन प्रदूषण कम करने के जो प्रयास सरकार की ओर से किए जाने चाहिए वो धरातल पर नहीं दिखते हैं.

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत निकाली गई जानकारी के अनुसार रायगढ़ (Raigad) और दुर्ग (Durg) जिले में पिछले एक साल में सीएसआर (CSR) मद में एक भी पौधा नहीं रोपा गया है. जबकि ये दोनों ही शहर औद्योगिक शहर हैं जहां प्रदूषण दूसरे शहरों के मुकाबले ज्यादा है. राजधानी रायपुर में ही एयर क्वालिटी ग्राफ 393 पहुंच गया है. जबकि 300 के पार खतरनाक स्तर पर माना जाता है. जाहिर है वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है.

बीजेपी ने लगाए ये आरोप


बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास का इस मामले में साफ कहना है कि राज्य की कांग्रेस सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए कोई काम ही नहीं कर रही है. वहीं पर्यावरणविद अभिषेक प्रताप सिंह का कहना है कि पौधारोपण नहीं करने से न केवल प्रदूषण फैलता है बल्कि ग्राउंड वाटर लेवल भी डाउन हो रहा है, जो ​भविष्य में छत्तीसगढ़ में विकराल समस्या का रूप धारण कर सकता है. ऐसे में समय रहते उचित कदम उठाने की आवश्यकता है.

कांग्रेस ने बीजेपी को बताया जिम्मेदार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी का कहना है कि ये सच है कि प्रदेश में सही मायने में वृक्षारोपण नहीं हो पा रहा है, लेकिन प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण के लिए पूर्व की बीजेपी सरकार को ही उन्होंने कटघरे में खड़ा कर दिया है. विकास का कहना है कि 15 साल तक पूर्व की बीजेपी सरकार ने इस ओर कोई ठोस व उचित कदम नहीं उठाए, जिसका खामियाजा प्रदूषण के तौर पर जनता को भुगतना पड़ रहा है.

रायपुर. 25 नवम्बर 2019   छत्तीसगढ़ समावेशी विकास में देश में पहले स्थान पर है। प्रतिष्ठित साप्ताहिक पत्रिका ‘इंडिया टूडे’ द्वारा जारी समावेशी विकास में सर्वाधिक सुधार वाले 20 बड़े राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ सर्वोच्च स्थान पर है। किसानों की कर्जमाफी, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के प्रावधानों में संशोधन कर इसका उपयोग प्रभावितों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाले कार्यों में करने और सार्वभौम पीडीएस के जरिए सभी लोगों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे व्यापक तथा प्रभावी कदमों से प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बारी का भी समावेशी विकास में बड़ा योगदान है। इस बहुआयामी योजना से प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि व संबद्ध क्षेत्रों को सुदृढ़ करने, पशुपालन, जल संरक्षण, बारिश के पानी से सिंचाई, रोजगार सृजन, जैविक खेती को बढ़ावा, किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी तथा पोषण जैसे अनेक क्षेत्रों में काम हो रहा है। डीएमएफ की राशि से खासतौर से आदिवासी बहुल और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों में कल्याणकारी कार्यों का स्थानीय लोगों को सीधे लाभ मिल रहा है।
हर वर्ग के किसानों की ऋणमाफी और 2,500 रूपए में धान की खरीदी जैसे फैसलों ने छत्तीसगढ़ के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। जब पूरा देश मंदी की मार से जूझ रहा है, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। सरकार की त्वरित, दूरगामी और कल्याणकारी योजनाओं से पिछले करीब एक वर्ष में यहां समावेशी विकास में बड़ा सुधार आया है। सरकार की जनहितैषी, जनकल्याणकारी कार्यों और निर्णयों का असर ‘इंडिया टूडे’ द्वारा जारी समावेशी विकास में सर्वाधिक सुधार वाले राज्यों की सूची में दिखाई दे रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ शीर्ष पर है।

रायपुर, 25 नवम्बर 2019  राज्य शासन द्वारा बेमेतरा और बिलासपुर जिले में तीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए 49 करोड़ 12 लाख 27 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 2711 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही पेयजल और निस्तारी के लिए भी पानी उपलब्ध हो सकेगा। बेमेतरा जिले के विकासखण्ड साजा की सुरही कर्रा व्यपवर्तन योजना के नहरों के मरम्मत कार्य के लिए 18 करोड़ 74 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। नहरों के मरम्मत के पश्चात 1095 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। बिलासपुर जिले के विकासखण्ड कोटा की केंदा व्यपवर्तन योजना  के लिए 27 करोड़ 79 लाख रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से 1093 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई मिल सकेगी। विकासखण्ड पेन्ड्रा के चौरसिया जलाशय और नहर मरम्मत के लिए दो करोड़ 58 लाख 37 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। कार्य के पूरा होने के बाद 523 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई मिल सकेगी।

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