ईश्वर दुबे
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नारायणपुर। जिला मुख्यालय से करीब 37 किमी दूर अबूझमाड़ के इरकभट्टी नदी के पास घाटी में जर्जर सड़क पर मुरूम डाल रहे रामकृष्ण मिशन आश्रम के तीन ट्रैक्टरों को नक्सलियों ने जला दिया है। इससे दुर्गम क्षेत्र में निवासरत सैकड़ों परिवारों के समक्ष भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। बुधवार की शाम पांच दर्जन हथियारबंद नक्सली मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य बंद करने की धमकी दी। इसके साथ ही वाहनों को आग के हवाले कर दिया। 34 साल में पहली बार रामकृष्ण मिशन आश्रम के वाहनों को माओवादियों ने टारगेट किया गया है। जिससे आश्रम प्रबंधन भी सकते में आ गया है।
नक्सलियों की इस करतूत का असर अबूझमाड़ के मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना से जुड़े 12 सौ परिवार के साथ रामकृष्ण मिशन आश्रम के कुतुल, कच्चापाल और इरकभट्टी सेंटर में भविष्य संवार रहे चार सौ माड़िया बच्चों पर भी पड़ सकता है। बरसात के सीजन के बाद जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं होने से इस इलाकों में रसद सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
रामकृष्ण मिशन आश्रम प्रबंधन का कहना है कि नक्सलियों की वजह से पीडीएस सिस्टम के साथ आश्रम के तीन केंद्रों में खाने -पीने की सामग्री की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं होने से राशन पहुंचा पाना मुश्किल होगा। इसके साथ ही कभी भी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो सकते हैं। इससे जान-माल का नुकसान भी हो सकता है ।
आश्रम प्रबंधन के द्वारा ग्रामीणों से कहा गया है कि वह नक्सलियों तक संदेश पहुंचाएं कि सड़क की मरम्मत में बाधा नहीं डालें। बता दें कि नक्सलियों के द्वारा पहली बार रामकृष्ण मिशन आश्रम के वाहनों को क्षति पहुंचाया गया है। नक्सलियों की बदलती रणनीति के चलते अबूझमाड़ समेत जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में ग्रामीण दहशत में हैं ।
पैदल चलना तक हो रहा मुश्किल
बारिश के बाद इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल होता है। ऐसी स्थिति में सड़क की मरम्मत करना बहुत ही जरूरी हो गया है। बताते हैं कि नक्सलियों के द्वारा कच्चापाल में पुलिस कैंप खोलने के लिए सड़क मरम्मत किए जाने के शक में आश्रम के वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया है। नक्सलियों के द्वारा पिछले कुछ महीनों से अबूझमाड़ में पुलिस कैंप खोलने की बात कहते ग्रामीणों को कैम्प का विरोध करने के लिए उकसाया जा रहा है।कोहकामेटा कैम्प से सात किमी दूर नक्सली घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। कैम्प के पास से ही जेसीबी से मुरुम की ढुलाई की जा रही थी इस वजह से जेसीबी और दो ट्रैक्टर नक्सलियों की नजर से बच गए।
सर्चिंग अभियान तेज
कच्चापाल के पास नक्सलियों के द्वारा रामकृष्ण मिशन आश्रम की तीन वाहनों को जला दिया गया है। नक्सलियों का विकास विरोधी चेहरा तो हमेशा दिखता था लेकिन इस बार ग्रामीणों और बच्चों के लिए रसद ले जाने के लिए सड़क की मरम्मत करने वाले वाहनों को आग लगाकर नक्सलियों ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। नक्सलियों की घेराबंदी के लिए सर्च अभियान तेज किया गया है।
- मोहित गर्ग, एसपी नारायणपुर
राशन ले जाना कठिन हो गया
- नक्सलियों के द्वारा पहली बार हमारी वाहनों को जलाया गया है। ग्रामीणों और बच्चों के लिए खाने पीने की सामग्री ले जाने के लिए खराब सड़क में मुरूम बिछाया जा रहा था। अब रसद ले जाना कठिन हो गया है। ग्रामीणों को समस्या का निराकरण करने के लिए पहल करने को कहा गया है। - स्वामी व्याप्तानंद महाराज, सचिव रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर
रायपुर। Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ में अब शिक्षकों की सीधी भर्ती(Direct Recruitment of Teachers) होगी। संभागीय शिक्षा अधिकारियों को व्याख्याताओं के विषयवार रिक्त पदों की जानकारी 30 नवंबर तक संचालक लोक शिक्षक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बुधवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। बैठक में स्कूलों को आवंटित जमीन को राजस्व अभिलेख में दर्ज कराने, अधोसंरचना और मरम्मत के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने, बरसात के कारण खराब हुए स्कूल के भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन का निर्देश दिया गया।
व्यापमं द्वारा शिक्षकों की सीधी भर्ती के रिक्त पदों के चयन परीक्षा के परिणाम शीघ्र ही घोषित होने वाले हैं। इस संबंध में संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारी भर्ती की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक तैयारियां कर लें। रिक्त पदों पर पदोन्नति में नए रोस्टर का पालन होगा। डॉ. टेकाम ने डीईओ से कहा कि मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का स्कूलों में जाकर निरीक्षण किया जाए। मध्यान्ह भोजन साफ-सूथरी जगह बने और मीनू के अनुसार मिले। स्कूल के शिक्षक भी भोजन की गुणवत्ता को चखे।
स्कूलों में नवाचार की जानकारी डीईओ को दें
डॉ. टेकाम ने कहा कि विभाग द्वारा नवाचार के जो कार्य शिक्षकों से कराए जा रहे हैं, उन कार्यों की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भी रहनी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता की दृष्टि से जितनी अधिक मेहनत करेंगे, उतनी अधिक रूचि लोगों की शिक्षा के प्रति बढ़ेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कोरिया जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि जिले में 10वीं और 12वीं कक्षा के कमजोर बच्चों को कोचिंग देने का प्रयास शुरू किया गया है। नवाचार के कार्य विभाग की भागीदारी से समाज में कमजोर लोगों को मुख्याधारा में लाने के लिए किए जा सकते हैं। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा गौरव द्विवेदी ने कहा कि गुणवत्ता सुधार के लिए प्रदेश में नवाचार का उद्देश्य राज्य के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर तक की किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार करना है।
पहली से आठवीं तक एक साथ परीक्षा
द्विवेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कक्षा पहली से 8वीं तक एक साथ परीक्षाओं का आयोजन होगा। केंद्रीयकृत प्रश्नपत्र की तैयारी और कक्षा 9वीं से 12वीं तक की परीक्षाओं का प्रयास के प्रयास शुरू हुए हैं। प्रदेश में स्मार्ट क्लास का काम चल रहा है। बैठक में एस. प्रकाश, पी. दयानंद, वीके गोयल, सौरभ कुमार, अशोक चतुर्वेदी सहित अन्य मौजूद थे।
इन विषयों पर भी हुई चर्चा
शिक्षा का अधिकार अधिनियम, भवन निर्माण एवं मरम्मत, छात्रवृत्ति, टीम्स ऐप में डाटा एंट्री, शिक्षकों की एंट्री, यूडाईस, ई-मानक, की समीक्षा की गई। इसी प्रकार एससीईआरटी द्वारा तैयार पाठ्य पुस्तकों में क्यूआर कोड, मल्टीमीडिया टैक्स्ट बुक, राज्य स्तरीय आकलन, लर्निंग आऊट कम, समग्र शिक्षा में राष्ट्रीय अधिक अधिनियम के अंतर्गत ईग्नाइट अवार्ड में प्रविष्टी, सभी विद्यालयों में युवा और ईको क्लब की स्थापना, शाला विकास योजना, सगुनोत्सव की तैयारी और मुख्यमंत्री शहरी साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा कर निर्देश दिए गए।
रायपुर। गोलबाजार थाना क्षेत्र के डीकेएस अस्पताल के पीछे लोहारपारा बस्ती में मंगलवार आधी रात नशे का सामान देने से मना करने पर नाबालिग ने युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी। सूचना पर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की इस वारदात से इलाके में भय का माहौल है। पुलिस के मुताबिक मंगलवार की रात एक बजे राजीव आवास मकान नंबर डी-32 निवासी विकास वंशी (18) बस्ती के शिव मंदिर के पास चार-पांच साथियों के साथ बैठकर नशा कर रहा था। इसी बीच वहां पर नशे की हालत में नाबालिग आरोपित बाइक से साथी मच्छी के साथ आया। उसने विकास से कहा कि कुछ नशा करने का सामान है क्या? विकास ने मना किया तो नाबालिग ने विवाद करते हुए चाकू निकालकर उसके सीने व गले में ताबड़तोड़ वार कर दिया।
गंभीर रूप से घायल विकास को तत्काल साथियों ने आंबेडकर अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपित नाबालिग को पुराना चीरघर के पास स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
मृतक के भाई सूरज वंशे ने पुलिस को बताया कि वह सीसीटीवी कैमरा लगाने का काम करता है। मंगलवार की रात डेढ़ बजे वह घर में सो रहा था, तभी दोस्त हरीश ने मोबाइल पर कॉल करके बताया कि छोटे भाई विकास को नाबालिग ने चाकू मार दिया है, विकास को आकाश नायक, मुकेश नायक अस्पताल लेकर जा रहे हैं। यह जानकारी मिलते ही सूरज ने घटनास्थल पर पहुंचा तो देखा कि विकास के सीने व गले से खून निकल रहा था।
पूछने पर मुकेश नायक ने बताया कि विकाश वंशे, अमन बघेल समेत पांच लोग बैठकर नशा कर रहे थे, तभी वहां पर नशे की हालत में नाबालिग ने आकर विकास से नशे का सामान मांगा। विकास ने देने से मना किया तो उसने चाकू मार दिया। सूरज की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपित को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया।
रायपुर। नेता प्रतिपक्ष रमलाल कौशिक ने हाई कोर्ट द्वारा पूर्व विायक भीमा मंडावी की नक्सली हत्या की जांच एनआइए से कराने के फैसला का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी पेशेवर ढंग से किसी भी घटना की बड़ी सुक्ष्मता व गहनता से जांच करती है। हाई कोर्ट के निर्णय से भीमा मंडावी के परिवार सहित भाजपा को भी न्याय की उम्मीद बंधी है। कौशिक ने कहा कि न्यायालय के एनआइए जांच के निर्णय पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सुप्रीम कोर्ट जाने का वक्तव्य बहुत ही दुखदाई और आश्चर्य भरा है। उन्होंने पूछा कि एनआइए जांच से राज्य सरकार क्यों घबरा रही है? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को क्या डर है? ऐसा क्या राज है, जिसके खुल जाने का डर सीएम को सता रहा है? उन्होंने कहा कि अफसोस जनक और संदेहास्पद है कि सीएम बघेल घटना के बाद से ही निष्पक्ष जांच में अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
कौशिक ने कहा कि भीमा मंडावी की हत्या के बाद केंद्र सरकार ने अपने अधिकारों का उपयोग कर एनआइए जांच की घोषणा की थी। देश में कही भी आतंकी घटना पर केंद्र सरकार एनआइए जांच कर सकती है।
हाई कोर्ट में राज्य सरकार के हारने के बाद एनआइए जांच रोकने के लिए मुख्यमंत्री बघेल के सुप्रीम कोर्ट जाने की बात का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले भी झीरम मामले में भूपेश बघेल का यही रवैया था।
वे बार-बार झीरम का सबूत जेब में लेकर घूमने की बात कर रहे थे, लेकिन आजतक साक्ष्य सामने नहीं ला पाये। देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसी को जांच करने देकर न्याय की राह में कांग्रेस सरकार अवरो पैदा नहीं करे।
रायपुर. एक बार फिर से बिलासपुर के आगे ब्रजराजनगर, लजकुरा एवं बेलपहार स्टेशनों के यार्ड का आधुनिकीकरण और तीसरी-चौथी लाइन को यार्ड से जोड़ने के लिए बड़ी संख्या में ट्रेनों काे रद्द किया जाएगा। इसके चलते 18 दिसंबर तक ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इसमें रायपुर से गुजरने वाली भी कई ट्रेनें शामिल हैं। इससे पहले बिलासपुर-अनूपपुर रेल रूट पर 31 दिसंबर तक ट्रेनों का ब्लॉक लिया गया है। कुल मिलाकर इस महीने यात्रियों को जो परेशानी हुई है, पूरे दिसंबर तक इसे झेलने की मजबूरी रहेगी। रेलवे बोर्ड से सभी जोन व मंडलों को इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से पूरा करने का टारगेट दिया गया है।
पुरी-इंदौर हफसफर भी 27 नवंबर, 4, 11, 18 दिसंबर को रद्द रहेगी
टाटानगर-बिलासपुर पैसेंजर 18 दिसंबर और बिलासपुर-टाटानगर पैसेंजर 19 दिसंबर तक नहीं चलेगी। 2019 तक कुल 29 दिनों तक झारसुगडा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी। रायगढ़-संबलपुर स्पेशल एक्सप्रेस 20 दिसंबर और विपरीत दिशा की यह ट्रेन 21 दिसंबर तक रद्द रहेगी। रायगढ़-बिलासपुर मेमू दोनों ही रूटों पर 19 दिसंबर तक नहीं चलेगी। टाटानगर-एलटीटी अंत्योदय एक्सप्रेस 15 दिसंबर और लौटने वाली ट्रेन 17 दिसंबर तक कैंसिल रहेगी। इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस 26 नवंबर के बाद 03, 10 एवं 17 दिसंबर को चार दिनों तक नहीं चलेगी।
नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस 02, 09 एवं 16 दिसंबर को कैंसिल रहेगी। विपरीत दिशा की यह ट्रेन 04, 11 एवं 18 दिसंबर को रद्द रहेगी। झारसुगुड़ा-गोंदिया और टाटा-इतवारी पैसेंजर 21 नवंबर से 19 दिसंबर तक क्रमश: झारसुगडा-बिलासपुर और झारसुगुड़ा-इतवारी के बीच रद्द रहेगी। इसी तरह इतवारी-टाटानगर पैसेंजर इतवारी-झारसुगुड़ा के बीच 20 नवंबर से 18 दिसंबर तक नहीं चलेगी। टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर 21 नवंबर से 19 दिसंबर तक टिटलागढ़-रायपुर के बीच रद्द रहेगी।
डायवर्ट रूट से चलेंगी एक्सप्रेस ट्रेनें
18 दिसंबर तक दोनों रूट की पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस डायवर्ट रूट झारसुगुड़ा-टिटलागढ़-रायपुर-उसलापुर होकर चलेगी। 21 एवं 28 नवंबर तथा 05 एवं 12 दिसंबर को दोनों रूट की हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा रूट से जाएगी। 23, 26 एवं 30 नवंबर तथा 03, 07, 10, 14 एवं 17 दिसंबर को 17007 सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी। 24 नवंबर तथा 01, 08 एवं 15 दिसंबर को सिकंदराबाद-बरौनी स्पेशल एक्सप्रेस भी उक्त रूट से रवाना होगी। 16 दिसंबर को भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस 2 घंटा और हावड़ा-मुंबई डेढ़ घंटे की देरी से रवाना होगी।
नाकाफी होगी सुविधा
मेगा ब्लॉक के दौरान 18 दिसंबर तक हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस झारसुगुड़ा-रायगढ़ के बीच पैसेंजर के रूप में चलेगी। 19 दिसंबर तक दुर्ग-राजेंद्रनगर साउथ विहार एक्सप्रेस को भी बिलासपुर-रायगढ़ के बीच पैसेंजर बनकर चलाने की तैयारी है। लेकिन इन दो एक्सप्रेस ट्रेनों के पैसेंजर बनाकर चलाने से यात्रियों की दिक्कत दूर नहीं होगी।
रायपुर। प्रदेश के वन मंडल बलरामपुर के अंतर्गत परिक्षेत्र रघुनाथनगर स्थित वन खण्ड शंकरपुर में दो सप्ताह पूर्व एक नर दंतैल हाथी की मृत्यु हुई थी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अतुल शुक्ला से प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 अपराधियों द्वारा उक्त हाथी के दांत काट कर निकाल लिए गए थे। लगभग 70 लाख रूपए की कीमत के इन दोनों हाथी दांतो को वन विभाग की सक्रियता से बरामदगी कर ली गई है। वन विभाग द्वारा इस पर अपराधियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज कर तत्काल विवेचना की गई। इसमें संदिग्ध 11 अपराधियों से गहन पूछताछ में शिनाख्ती के आधार पर बलरामपुर वनमंडल के टोकाडांड पारा सोनहत निवासी श्री मोती पिता बंधु के घर में जमीन में गाड़कर छुपाए दोनों दांत की बरामदगी की गई। इनमे से अब तक आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों हाथी दांतों मंे से एक का वजन 15.90 किलोग्राम तथा दूसरे दांत का वजन 16.40 किलोग्राम है। दोनों हाथी दांत की कीमत लगभग 70 लाख रूपए अनुमानित है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री शुक्ला ने यह भी बताया कि गत दिवस 19 नवम्बर को अचानकमार टायगर रिजर्व के लोरमी बफर क्षेत्र में जंगली सूअर के अवैध शिकार में तीन अपराधियों को पकड़ कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हाथी दांत की बरामदगी में वन विभाग के डॉग स्क्वायड और क्षेत्रीय अमले तथा जंगली सूअर के शिकार के अपराध में अपराधियों को पकड़ने में अचानकमार टायगर रिजर्व के विभागीय अमले का योगदान सराहनीय रहा। हाथी दांतों की बरामदगी के लिए मुख्य वन संरक्षक की ए.बी. मिंज के मार्गदर्शन मंे तथा वन मण्डलाधिकारी बलरामपुर डॉ. प्रणय मिश्रा के निर्देशन में जांच टीम संयुक्त वन मण्डलाधिकारी श्री एस. सिंहदेव के नेतृत्व में गठित की गई थी। प्रकरण में वनपरिक्षेत्राधिकारी श्री रामशरण राम, उपवन क्षेत्र पर श्री गणेश सिंह, वनपाल श्री शिवनाथ ठाकुर का सहयोग सराहनीय रहा।
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज धमतरी प्रवास के दौरान धमतरी के टिकरापारा निवासी दंपति श्रीमती सुनीता लाल और और श्री राजेश लाल को जागरूक दंपति होने का प्रशस्ति पत्र सौंपा । दरअसल इनकी 28 दिन की पुत्री का जन्म से पैर टेढ़ा है। बच्ची के पैदा होने के कुछ दिनों बाद अभिभावकों को आभास हुआ कि उसका पैर सही नहीं। इसलिए नौ नवम्बर को नयापारा के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक एक में टिकरापारा स्वास्थ्य सुविधा केंद्र के लिए आयोजित शिविर में ये दंपति पहुँचे। मौजूद चिकित्सकों ने जांचकर पैर टेढ़ा होने की पुष्टि की तथा बच्ची के उपचार और आपरेशन के लिए जिला अस्पताल में रेफर किया। इस 28 दिन की बच्ची का इस सप्ताह उपचार भी किया जाएगा। अभिभावकों की इस जागरूकता और मुख्यमंत्री शहरी स्लम क्लिनिक योजना के प्रति चेतना से प्रसन्न हो मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इन्हें प्रोत्साहित करने प्रशस्ति पत्र दिया तथा उन्हें अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।
धमतरी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल इतवारी बाजार स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मुख्यमंत्री शहरी स्लम क्लिनिक योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में पहुँचे थे। यहां सुबह 9 बजे से स्वास्थ्य शिविर लगा था। इस दौरान 132 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुर्रे ने मौके पर बताया कि गत 2 अक्टूबर से अब तक शहर के 28 में से 25 स्लम बस्ती के लिए शिविर लगाकर 1672 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इनमे 11 प्रकरणों को उच्च संस्था में रेफेर किया गया, जिनमे एक टीबी, एक कुष्ठ और एक क्लब फुट का केस है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 03 बच्चों को पोलियो और रोटावायरस का ड्राप पिलाया तथा आज बाल नेत्र सुरक्षा सप्ताह के अंतिम दिवस पर अपने हाथों से दो बच्चों को चश्मा पहनाया। साथ ही उन्होंने अपने स्वयं का ब्लड शुगर जांच कराया। मुख्यमंत्री ने शिविर की प्रगति पर संतोष जताते हुए आगे भी लोगों को स्वास्थ्य सुविधा सतत मुहैय्या कराने शिविर आयोजित करने पर बल दिया।
इस स्थल में साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण अभियान के तहत शिविर लगाया गया था। यहां हटकेश्वर और दानीटोला वार्ड के पांच नन्हे-मुन्ने कुपोषित बच्चों को सुपोषण किट मुख्यमंत्री ने अपने हाथों सौंपते हुए, किट में रखे फलों, पौष्टिक लड्डू खाने कहा। उन्होंने इस मौके पर दानीटोला वार्ड की 05 गर्भवती और शिशुवती माताओं को गरम पका भोजन अपने हाथों से परोसा और स्वस्थ्य रहने का आशीर्वाद भी दिया। इस में गोभी भाजी, सोयाबीन बड़ी, उबला अंडा, अंकुरित अनाज, दाल-चावल रोटी, पौष्टिक लड्डू, अचार-पापड़ शामिल है। ज्ञात हो कि गत 02 अक्टूबर से शुरू हुए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिले के 155 केंद्रों का चिन्हांकन कर केंद्र के दायरे में आनेवाले बच्चों को सुपोषित करने की कवायद की जा रही है। धमतरी शहरी के 11 और ग्रामीण के 37, कुल 48 चिन्हाकिंत केंद्रों में बच्चों, गर्भवती माताओं और 06 माह तक के बच्चों की माताओं को गरम पका भोजन जिसमे पौष्टिक लड्डू, अंकुरित अनाज के साथ उबला अंडा अथवा सोयाबीन बड़ी दी जा रही। इस मौके पर श्री मोहन लालवानी, कलेक्टर श्री रजत बंसल, पुलिस अधीक्षक श्री बी.पी.राजभानू सहित नागरिक उपस्थित थे।
बिलासपुर । साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित स्वदेशी मेले का मंगलवार को पूर्व मंत्री व रायपुर विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने समापन किया। समापन अवसर पर मेले में आयोजित प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार का वितरण किया गया। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन व उपयोग करना देशभक्ति होती है। वह ऐसी देशभक्ति को प्रणाम करते हैं। समापन अवसर पर युवा सहयोग पत्रिका का विमोचन व वितरण किया गया।
बृजमोहन अग्रवाल ने मेले में आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि मेले का आयोजन करना व उसे सफलता पूर्वक सम्पन्न करना दोनों में काफी मेहनत लगती है। स्वदेशी मेला बिलासपुर की पहचान बन चुका है। यहां उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि लोग स्वदेशी मेले को काफी पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक मंदी व बेरोजगारी की बात चल रही है भारत को बेरोजगारी से मुक्त करने के लिए होममेड आइटम स्वदेशी मेले को आगे लाना होगा। घरों में बनने वाला ब्रांड गुणवत्तता के लिए जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। डिब्बा बंद सामान स्वास्थ्य व देश दोनों के लिए हानिकारक है। महिला समूहों को स्वदेशी उत्पादन के लिए सरकार को बढ़ावा देना चाहिए। स्वदेशी मेले में उपस्थित बेलतरा विधायक रजनीश सिंह ने मेले की सफ लता के लिए आयोजन समिति को शुभकामना दी। सीबीएमडी के मैनेजर सुब्रत चौकी ने 6 दिनों तक चलने वाले स्वदेशी मेले क ी विस्तार से जानाकरी देते हुए कहा कि जिस तरह बिलासपुर वासियों का प्यार मेले को मिल रहा है इस को ध्यान में रखते हुए अगली बार मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाने का लक्ष्य होने की बात कही। स्वदेशी मेला संयोजक प्रफु ल्ल शर्मा ने स्वदेशी मेले में भाग लेने वाले लोगों व विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि साइंस कॉलेज के मैदान में शहर के लोगों ने स्वदेशी मेले को एक चमक दी है। समापन अवसर पर जयंत जोशी, सुशील श्रीवास्तव, रज्जू मौर्य, श्याम भाई पटेल, बबला मिश्रा, सुनीता मानिकपुरी, डॉ.नीता श्रीवास्तव, अर्नव कांत चौधरी, किरण मेहता, अरुणा दीक्षित, लता गुप्ता, धीरज बाजपेई व अन्य पदाधिकारी व आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बस्तर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर (Bastar) में लगातार कमजोर पड़ रहे नक्सली (Naxalite) अपने संगठन को मजबूत करने के लिये रोज नई-नई साजिश रच रहे हैं. हाल ही में सुरक्षा बलों को 40 पन्नों का दस्तावेज हाथ लगा है, जिसमें नक्सली अपने संगठन में जुड़ने वाले नये लड़ाकुओं को स्नाइपर की ट्रेनिंग (Sniper Training) देने की बात का खुलासा हुआ है. दस्तावेज के हाथ लगने के बाद बस्तर पुलिस (Bastar Police) भी अलर्ट हो गई है. नक्सलियों की साजिश को नाकाम करने की योजना बनाई जा रही है.
बस्तर (Bastar) आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सलियों के कैंप में छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों को 40 पन्नों का एक दस्तावेज हाथ लगा है, जिसमें इस बत का जिक्र है कि नक्सल संगठन में शामिल होने वाले नये लड़ाकुओं को अब स्नाइपर की ट्रेनिंग दी जायेगी. बस्तर आईजी ने कहा है कि नक्सलियों के पास स्नाइपर कहां से आई है, इसकी तफ्तीश की जा रही है. साथ ही इस बात से भी इंकार बस्तर पुलिस नहीं कर रही है कि नक्सलियों को बाहरी ताकतों का साथ हो.
जांच की जा रही है
आईजी सुंदराज पी ने कहा कि नक्सलियों के पास आई स्नाइपर की जांच की जा रही है. साथ ही जवानों को भी अलर्ट रहने के निर्देश भी दिये गये हैं. बता दें कि स्नाइपर काफी अत्याधुनिक हथियार होते हैं. इस गन से कैंपों के बाहर मोर्चा संभालने वाले जवानों और ऑपरेशन के दौरान सर्चिंग में निकलने वाले जवानों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है. नक्सलियों द्वारा स्नाइपर की ट्रेनिंग दिये जाने के खुलासे के बाद सुरक्षा महकमा सतर्क हो गया है.
बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीजेपी विधायक भीमा मंडावी के मौत के मामले एक बड़ा फैसला सुनाते हुए राज्य शासन को तगड़ा झटका दिया है. मामले की जांच को लेकर शासन की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अब भीमा मंडावी केस की जांच एनआईए ही करेगी. साथ ही हाईकोर्ट ने शासन को भीमा मंडावी केस से जुड़े सभी दस्तावेज सरकार को सौंपने के निर्देश भी दिए हैं. मालूम हो कि 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट जस्टिस आरसीएस सामन्त के सिंगल बेंच ने NIA के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शासन को 15 दिनों के भीतर भीमा मंडावी मामले से जुड़े सारे दस्तावेज NIA को देने का बड़ा आदेश दिया था. राज्य शासन ने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ चीफ जस्टिस के डिवीजन बेंच में अपील की था. शासन के अपील को खारिज करते हुए कोर्ट ने अब ये बड़ा फैसला सुनाया है.
शासन ने की थी ये अपील
गौरतलब हो कि विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड की एनआइए जांच के विरोध में शासन की लगाई गई रिट याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई थी. डिवीजन बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था जिस पर बुधवार को फैसला आया. बता दें कि भीमा मंडावी मामले की जांच एनआईए कर रही थी. वहीं घटना के कुछ दिन बाद राज्य शासन के निर्देश पर पुलिस ने भी इसी मामले की जांच शुरू कर दी. शासन द्वारा अपने स्तर पर कराई जा रही जांच को लेकर एनआइए ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आपत्ति दर्ज कराई थी. वहीं एनआईए ने हाईकोर्ट के सिंगल बेंच में याचिका दायर कर कहा था कि राज्य शासन जांच में सहयोग नहीं कर रही है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण की वोटिंग से महज 36 घंटे पहले नक्सलियों ने इस बड़े हमले को अंजाम दिया था. नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के कुआंकोंडा थाना क्षेत्र के श्यामगिरी नकुलनार रोड पर बीजेपी के काफिले को निशाना बनाते हुए IED ब्लास्ट कर दिया था. इस हमले में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी सहित उनके ड्राइवर और तीन पीएसओ की मौत हो गई थी.
बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीजेपी विधायक भीमा मंडावी के मौत के मामले एक बड़ा फैसला सुनाते हुए राज्य शासन को तगड़ा झटका दिया है. मामले की जांच को लेकर शासन की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अब भीमा मंडावी केस की जांच एनआईए ही करेगी. साथ ही हाईकोर्ट ने शासन को भीमा मंडावी केस से जुड़े सभी दस्तावेज सरकार को सौंपने के निर्देश भी दिए हैं. मालूम हो कि 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट जस्टिस आरसीएस सामन्त के सिंगल बेंच ने NIA के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शासन को 15 दिनों के भीतर भीमा मंडावी मामले से जुड़े सारे दस्तावेज NIA को देने का बड़ा आदेश दिया था. राज्य शासन ने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ चीफ जस्टिस के डिवीजन बेंच में अपील की था. शासन के अपील को खारिज करते हुए कोर्ट ने अब ये बड़ा फैसला सुनाया है.
शासन ने की थी ये अपील
गौरतलब हो कि विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड की एनआइए जांच के विरोध में शासन की लगाई गई रिट याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई थी. डिवीजन बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था जिस पर बुधवार को फैसला आया. बता दें कि भीमा मंडावी मामले की जांच एनआईए कर रही थी. वहीं घटना के कुछ दिन बाद राज्य शासन के निर्देश पर पुलिस ने भी इसी मामले की जांच शुरू कर दी. शासन द्वारा अपने स्तर पर कराई जा रही जांच को लेकर एनआइए ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आपत्ति दर्ज कराई थी. वहीं एनआईए ने हाईकोर्ट के सिंगल बेंच में याचिका दायर कर कहा था कि राज्य शासन जांच में सहयोग नहीं कर रही है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण की वोटिंग से महज 36 घंटे पहले नक्सलियों ने इस बड़े हमले को अंजाम दिया था. नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के कुआंकोंडा थाना क्षेत्र के श्यामगिरी नकुलनार रोड पर बीजेपी के काफिले को निशाना बनाते हुए IED ब्लास्ट कर दिया था. इस हमले में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी सहित उनके ड्राइवर और तीन पीएसओ की मौत हो गई थी.
बिलासपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीजेपी विधायक भीमा मंडावी के मौत के मामले एक बड़ा फैसला सुनाते हुए राज्य शासन को तगड़ा झटका दिया है. मामले की जांच को लेकर शासन की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. अब भीमा मंडावी केस की जांच एनआईए ही करेगी. साथ ही हाईकोर्ट ने शासन को भीमा मंडावी केस से जुड़े सभी दस्तावेज सरकार को सौंपने के निर्देश भी दिए हैं. मालूम हो कि 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट जस्टिस आरसीएस सामन्त के सिंगल बेंच ने NIA के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शासन को 15 दिनों के भीतर भीमा मंडावी मामले से जुड़े सारे दस्तावेज NIA को देने का बड़ा आदेश दिया था. राज्य शासन ने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ चीफ जस्टिस के डिवीजन बेंच में अपील की था. शासन के अपील को खारिज करते हुए कोर्ट ने अब ये बड़ा फैसला सुनाया है.
शासन ने की थी ये अपील
गौरतलब हो कि विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड की एनआइए जांच के विरोध में शासन की लगाई गई रिट याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई थी. डिवीजन बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था जिस पर बुधवार को फैसला आया. बता दें कि भीमा मंडावी मामले की जांच एनआईए कर रही थी. वहीं घटना के कुछ दिन बाद राज्य शासन के निर्देश पर पुलिस ने भी इसी मामले की जांच शुरू कर दी. शासन द्वारा अपने स्तर पर कराई जा रही जांच को लेकर एनआइए ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आपत्ति दर्ज कराई थी. वहीं एनआईए ने हाईकोर्ट के सिंगल बेंच में याचिका दायर कर कहा था कि राज्य शासन जांच में सहयोग नहीं कर रही है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण की वोटिंग से महज 36 घंटे पहले नक्सलियों ने इस बड़े हमले को अंजाम दिया था. नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के कुआंकोंडा थाना क्षेत्र के श्यामगिरी नकुलनार रोड पर बीजेपी के काफिले को निशाना बनाते हुए IED ब्लास्ट कर दिया था. इस हमले में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी सहित उनके ड्राइवर और तीन पीएसओ की मौत हो गई थी.
जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े तालाब की सफाई अभियान में मंगलवार को अपनी सहभागिता देने चिड़ाईपदर स्थित संस्कार द,गुरुकुल के एनसीसी कैडर की छात्रायें भी पहुँची और जलकुंभीयों को निकालने श्रमदान किया। सुबह 6:00 बजे एनसीसी कैडर की छात्राये दलपत सागर पहुंच गए और अभियान के सदस्यों के साथ जलकुंभीयों को निकालते हुए श्रमदान किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहर के लोगों ने भी अपनी सहभागिता दी.एनसीसी छात्राओं ने कहा है की सफाई अभियान में आने से उन्हें कई बातें सिखने को मिली जैसे अपने आसपास कैसे सफाई रखा जायें,पर्यवरण संरक्षण के लिये क्या उपाय किये जाने चाहिये आदि,छात्राओं ने कहाँ की एनसीसी में उन्हें यहीं सिखाया भी जाता है.अभियान में आई छात्राओं ने कहा की वे एक बार और यहाँ आना चाहती है.प्रबंधन से चर्चा कर पुनः सभी छात्राओं ने आने का वादा इंद्रावती बचाओ अभियान के सदस्यों से किया है.अभियान में आई छात्रायें देश भक्ति गीतों की घुन पर जमकर थिरकते हुये श्रमदान किया, इंद्रावती बचाओ जनजागरण के तहत दलपत सागर सफाई अभियान सतत जारी है।
सुकमा. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सुकमा (Sukma) में धान (Paddy) को लेकर जिला प्रशासन ने काफी सख्ती अपना रखी है. सीमावर्ती इलाकों से धान परिवहन करने पर कार्रवाई की जा रही है. साथ ही साप्ताहिक बाजारों में चिल्हर धान खरीदी (Paddy Purchase) पर भी मौखिक रोक लगा दी गई है. जिसके बाद गल्ले के व्यपारियों में काफी रोष देखा जा रहा है. सुकमा (Sukma) के कोर्रा, पुसपाल और छिन्दगढ़ साप्ताहिक बाजारों में गल्ले के व्यापारियों ने विरोध में बुधवार को दुकानें नहीं लगाई. उनकी मांग है कि बाजारों में उन्हें धान खरीदने दिया जाए. अन्यथा शासन वहां पर दुकान लगाकर धान खरीदे. परेशान ग्रामीणों ने आज बाजार में ही धान फेंक दिया.
सुकमा (Sukma) में गल्ला व्यापारियों की दुकानें नहीं लगने के कारण ग्रामीण भी काफी परेशान दिखे. आज जिले के पुसपाल, कोर्रा व छिन्दगढ़ साप्ताहिक बाजारों में गल्ले के व्यापारियों ने दुकाने नहीं लगाई और जिले के व्यापारी छिन्दगढ़ बाजार में एकत्रित हुए. दुकाने नहीं लगाने के पीछे व्यापारियों ने बताया कि शासन ने साप्ताहिक बाजारों में भी धान खरीदी करने से मना किया है जो गलत है. क्योंकि रोजमर्रा सामान के लिए ग्रामीण बाजार आते हैं और धान या अन्य वनोपज बेचकर समान लेकर वापस जाते है.
व्यापारी परेशान हो रहे हैं
व्यापारी कल्लू सिंह राठौर, मुरलीधर गुप्ता व डुंगर सिंह भाटी ने बताया कि प्रशासन के मना करने के बाद धान खरीदारी नहीं की जा रही है, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा व्यापारियों पर निकल रहा है. साथ ही गल्ला व्यापरियों के दुकाने नहीं लगाने पर ग्रामीण भी परेशान है. इसके विरोध में कुछ ग्रामीण धान को बाजार में ही फेककर चले गए.