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रायपुर, 06 नवम्बर 2019

छत्तीसगढ राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को हैण्डीक्राफ्ट, आभूषण और लकड़ी के सजावटी सामानों की बिक्री से 50 हजार रूपये से अधिक की आमदनी हुई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने भी स्टॉल का निरीक्षण कर महिलाओं के हुनर को सराहा। मुख्यमंत्री ने स्टॉल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से संबंधित चित्रों को देखकर विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी से अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।
स्टॉल में लाखेनगर रायपुर की महालक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह ने हैण्डीक्राफ्ट और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को विक्रय सह प्रदर्शन के लिए रखा था। समूह की अध्यक्ष श्रीमती रेणु विश्वकर्मा ने बताया कि राज्योत्सव में विभाग ने उन्हें अपने सामानों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए स्थान उपलब्ध कराया है। समूह द्वारा पेपरमेशी गुलदस्ते, सजावटी सामान, मोबाइल कव्हर, पर्स के साथ बड़ी, पापड़, रूई के बत्ती जैसे कई घरेलू उपयोग के सामानों की बिक्री की गई जिससे उन्हें 12 हजार रूपये की आमदनी हुई है। उन्होंने बताया कि बिक्री के लिए रखे गए सारे सामान महिलाएं स्वयं तैयार करती हैं। राज्योत्सव में सरकार द्वारा विक्रय के लिए स्थान उपलब्ध कराने से उन्हें बाजार उपलब्ध हो जाता है और अच्छी आमदनी हो जाती है। इसी तरह राजेन्द्र नगर रायपुर की पारिजात महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आभूषणों के विक्रय से लगभग 15 हजार रूपये की और आमापारा रायपुर के प्रोत्साहन स्व सहायता समूह की महिलाओं को लकड़ी के सामानों के विक्रय से लगभग 25 हजार रूपये की आमदनी हुई।
रायपुर, 06 नवम्बर 2019

छत्तीसगढ राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को हैण्डीक्राफ्ट, आभूषण और लकड़ी के सजावटी सामानों की बिक्री से 50 हजार रूपये से अधिक की आमदनी हुई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने भी स्टॉल का निरीक्षण कर महिलाओं के हुनर को सराहा। मुख्यमंत्री ने स्टॉल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से संबंधित चित्रों को देखकर विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी से अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।
स्टॉल में लाखेनगर रायपुर की महालक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह ने हैण्डीक्राफ्ट और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को विक्रय सह प्रदर्शन के लिए रखा था। समूह की अध्यक्ष श्रीमती रेणु विश्वकर्मा ने बताया कि राज्योत्सव में विभाग ने उन्हें अपने सामानों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए स्थान उपलब्ध कराया है। समूह द्वारा पेपरमेशी गुलदस्ते, सजावटी सामान, मोबाइल कव्हर, पर्स के साथ बड़ी, पापड़, रूई के बत्ती जैसे कई घरेलू उपयोग के सामानों की बिक्री की गई जिससे उन्हें 12 हजार रूपये की आमदनी हुई है। उन्होंने बताया कि बिक्री के लिए रखे गए सारे सामान महिलाएं स्वयं तैयार करती हैं। राज्योत्सव में सरकार द्वारा विक्रय के लिए स्थान उपलब्ध कराने से उन्हें बाजार उपलब्ध हो जाता है और अच्छी आमदनी हो जाती है। इसी तरह राजेन्द्र नगर रायपुर की पारिजात महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आभूषणों के विक्रय से लगभग 15 हजार रूपये की और आमापारा रायपुर के प्रोत्साहन स्व सहायता समूह की महिलाओं को लकड़ी के सामानों के विक्रय से लगभग 25 हजार रूपये की आमदनी हुई।
मुख्यमंत्री राजधानी में नई औद्योगिक नीति पर उद्योगपतियों के साथ चर्चा में शामिल हुए
रायपुर, 06 नवम्बर 2019

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए हमें व्यवसायिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। सिंगल विंडो प्रणाली को वास्तविक रूप में लागू करना होगा। एक बार आवेदन करने के बाद सारी प्रक्रिया पूर्ण करानी होगी। तभी हम दूसरे राज्यों के उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिए आकर्षित कर पाएंगे। राज्य में इससे उद्योग के लिए नया वातावरण बनेगा और अधिक से अधिक निवेश होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोहा, कोयला, बाक्साइट आदि की उपलब्धता के कारण उद्योग लगे, लेकिन कई ऐसे क्षेत्र जैसे - लघु वनोपज और कृषि आदि क्षेत्र उद्योग से अछूते रहे हैं, इन क्षेत्रों में हमें आगे औद्योगिकीकरण की दिशा में बेहतर ढंग से काम करना हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज राजधानी रायपुर में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित नई उद्योग नीति पर परिचर्चा संबंधी कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला में कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ’गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के नारे को सार्थक रूप देने के लिए प्रदेश के नए क्षेत्रों में उद्योगों को ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 10 आकांक्षी जिलों में जो देश के अति पिछड़े 110 जिलों में शामिल है। इन क्षेत्रों में विकास के लिए कृषि और उद्यानिकी तथा लघु वनोपज पर आधारित बस्तर से लेकर सरगुजा क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए पहल की जाएगी। कम प्रदूषण फैलाने वाले छोटे और मझोले उद्योग उन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति यद्यपि पांच साल के लिए बनाई गई है। जरूरत पड़ने पर संशोधन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हम समावेशी विकास पर बल दे रहें है। यहां रहने वाले लोगों को यह लगना चाहिए कि यदि सड़क बनती है या उद्योग लगते है तो यह उनके विकास के लिए लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरा अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। यहां एक तरफ लोहा, कोयला तथा बॉक्साइट आदि महत्वपूर्ण खनिज संसाधन भरे पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर वन तथा विविध फसल उत्पादों से भी छत्तीसगढ़ समृद्ध है। इस तरह राज्य में उद्योग के लिए एक उपयुक्त और बेहतर वातावरण है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक पहल कर नई औद्योगिक नीति 2019-24 तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में समावेशी विकास, आत्मनिर्भर तथा परिपक्व अर्थव्यवस्था के निर्माण को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा और बारी की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना सभी के लिए उपयोगी है। उद्योगों और कृषि के लिए पानी की जरूरत नरवा पुनर्जीवन से मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण प्रदूषण के समाधान के लिए मनरेगा योजना को कृषि कार्य से जोड़ना होगा, पैरा को जलाने की जगह इससे कम्पोस्ट खाद में बदलने का काम करना चाहिए। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति बढे़गी और जैविक खेती को भी अपना सकेंगे।
उन्होंने उद्योगपतियों की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य को राजस्व देते है वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों को उद्योग के जरिए रोजगार भी देते है। उनसे बढ़कर छत्तीसगढ़िया और कोई नहीं हो सकता। उद्योगपति एक-दूसरे से जुड़े उद्योग लगाए इससे व्यापार और राजस्व में वृद्धि होगी और हमारे पुरखों ने जो छत्तीसगढ़ को खुशहाल और समृद्ध बनाने का सपना देखा था वह पूरा हो सकेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में बहुत ही कम समय में नई औद्योगिक नीति बनायी गई है। इनमें अब तक के उद्योग विहीन वाले क्षेत्रों में वहां उपलब्ध संसाधनों के आधार पर प्राथमिकता से उद्योग लगाए जाएंगे। इससे राज्य के हर क्षेत्र में उद्योग स्थापित होंगे और वहां उपलब्ध संसाधनों का स्थानीय जनता के हित में बेहतर उपयोग हो सकेगा। कार्यक्रम को प्रमुख सचिव उद्योग श्री मनोज पिंगुआ, सीआईआई के अध्यक्ष श्री अमित अग्रवाल, फिक्की के अध्यक्ष श्री प्रदीप टंडन, उरला इंडस्ट्रियल एसोसिऐशन के उपाध्यक्ष श्री अश्विन गर्ग ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न औद्योगिक संगठानों के पदाधिकारी और उद्योगपति उपस्थित थे।
रायपुर, 06 नवम्बर 2019 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज यहां स्थानीय पुजारी पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, मोहन मरकाम, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय और श्रीमती अनीता शर्मा, रायपुर नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा, पूर्व विधायक श्रीमती फूलोदेवी नेताम, नगर निगम रायपुर की पूर्व महापौर श्रीमती किरणमयी नायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर, 06 नवम्बर 2019 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज यहां स्थानीय पुजारी पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, मोहन मरकाम, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय और श्रीमती अनीता शर्मा, रायपुर नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा, पूर्व विधायक श्रीमती फूलोदेवी नेताम, नगर निगम रायपुर की पूर्व महापौर श्रीमती किरणमयी नायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आम नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार में चल रही तनातनी के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब कहा है कि केंद्र सरकार से राज्य सरकार अब एक भी पैसा नहीं लेगी, लेकिन किसानों को धान का वाजिब दाम जरूर दिया जाएगा। राज्य में कांग्रेस सरकार ने किसानों को धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रुपये देने का वादा किया है, लेकिन इसके लिए आर्थिक संकट को देखते राज्य सरकार ने केंद्र से नियमों में सिथीलता बरतने की मांग की थी। राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्रीय खाद्य मंत्री से पत्र व्यवहार भी किया, लेकिन इसके कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए। केंद्र की ओर से इस बारे में जारी बयान में कहा गया कि यदि किसानों को 25 रुपये समर्थन मूल्य दिया जाता है तो इससे बाजार में अस्थिरता आएगी।
धान खरीदी के मुद्दे पर केंद्र को घेरने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, जिससे भाजपा के सांसद व विधायक नदारद रहे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को अपने बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान का उचित बोनस देना चाह रही है, इसलिए केंद्र सरकार ने धान खरीदी पर रोक लगा दी है। हमने तो मोदी सरकार से आग्रह किया था कि वे 32 लाख मीट्रिक टन धान खरीदें। हम साथ चाहते हैं, लड़ाई नहीं, लेकिन बात हक की है और हक के लिए अगर लड़ाई भी लड़नी पड़ी तो लड़ेंगे।
भूपेश सरकार ने किसानों को इस बात का आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार धान का समर्थन मूल्य बढ़ाए या न बढ़ाए हम अपने कार्यकाल में किसानों का नुकसान नहीं होने देंगे। उनके मेहनत का सही दाम दिया जाएगा। हमारी सरकार पूरे 5 साल तक 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेंगे।
रायपुर। कौन बनेगा करोड़पति टीवी- शो में हिस्सा ले रही मध्यप्रदेश की महिला प्रतिभागी सपना के सामने कार्यक्रम के होस्ट सुपरस्टार अमिताभ बधान ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल से जुड़ा एक सवाल किया। इस सवाल में टीवी स्क्रीन पर सीएम बघेल को मीडिया से बात करते हुए वीडियो स्क्रीन पर दिखाया गया और चार विकल्प देते हुए यह पूछा कि इस वीडियो में नजर आ रहे यह राजनेता किस राजनीतिक पार्टी के सदस्य हैं ?
वीडियो देखकर प्रतिभागी महिला को सही जवाब देना था। चार विकल्पों में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दिया गया था। महिला प्रतिभागी सपना इसका जवाब नहीं दे पायीं और लाइफ लाइन लेकर दूसरा प्रश्न का चयन की।
इस पर अमिताभ बच्चन ने इस सवाल का सही जवाब दर्शकों को बताते हुए कहा कि ये भूपेश बघेल हैं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से हैं। उन्होंने प्रतिभागी महिला से कहा कि अपने पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को वे पहचान लेंगी,उन्हें ऐसी उम्मीद थी।
इसके पहले भी भूपेश बघेल से संबंधित पूछा जा चुका है सवाल
केबीसी के एक स्पेशल एपीसोड में 20 सितंबर 2019 को जब प्रतिभागी रोमा 3 लाख 20 हजार रुपये जीत चुकी थीं, तब उनके सामने अमिताभ बधान ने 6 लाख 40 हजार का यह प्रश्न किया था- राजनीति में आने से पहले इनमें से कौन से मुख्यमंत्री अपने पिता के साथ जादूगरी का काम करते थे ?
विकल्प थे- ए- भूपेश बघेल, बी- एस. येदियुरप्पा, सी-देवेन्द्र फण्डनवीस और डी- अशोक गहलोत ।
रोमा ने इस प्रश्न का जवाब देते हुए डी- अशोक गहलोत बताया था। तब अमिताभ बधान ने कहा, ये सही जवाब है। इस तरह से रोमा ने 6 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि जीत ली थी। अमिताभ बधान ने तब बताया था कि राजनीति में आने से पहले अशोक गहलोत भी अपने पिता के साथ जादू दिखाया करते थे। उनके पिता एक प्रसिद्घ जादूगर थे।
रायपुर। राज्य शासन द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवा काल में मृत्यु होने के उपरंात उनके परिवार को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दिया गया है। अनुग्रह राशि (एक्सग्रेसिया) की बढ़ी हुई राशि एक जनवरी 2019 से देय होगी। इस आशय का आदेश महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन से आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग को जारी कर दिया गया है।
जांजगीर चांपा । राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्योत्सव के अवसर पर आज जिले के 09 शहीद परिवारों को उनके निवास स्थान में जाकर सम्मानित किया गया। परिजनों को ससम्मान उपहार भेंट किया गया। सम्मान के साथ राज्य स्थापना दिवस की बधाई संदेश भी दिया गया। शहीद श्री राम शंकर पाण्डेय, श्री राम कुमार कश्यप, श्री अजीत सिंह, श्री ललित खरसन, श्री लोकश टण्डन, श्री मनोहर चन्द्रा, श्री मनोज बरेठ, श्री समय लाल कंवर और श्री रूद्र प्रताप सिंह के परिजनों को ससम्मान भेंट दिया गया।
दिल्ली/रायपुर. बीजेपी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Former CM Dr. Raman Singh), नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी सोमवार सुबह राजधानी रायपुर (Raipur) से दिल्ली (Delhi) रवाना हुए. सभी राष्ट्रीय स्तर पर संगठन चुनाव और निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर एक बैठक शामिल हुए. पत्रकारों से चर्चा के दौरान डॉ. रमन सिंह ने इस बैठक के संबंध में बताया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (Jagat Prakash Nadda) ने ये अहम बैठक बुलाई है. इस बैठक में संगठन चुनाव के साथ-साथ निकाय चुनाव (Local Body Election) में अब तक क्या हुआ और इसकी क्या रणनीति होनी चाहिए इस पर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि इस बैठक में देश भर से बीजेपी के मीडिया और आईटीसेल (IT Cell) के प्रभारियों को भी बुलाया गया है. इस बैठक में बताया जाएगा कि किस तरह से केंद्र सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना है. साथ ही राज्य में विपक्ष में रहते कैसे आम लोगों तक राज्य सरकार की खामियां पहुंचाना है.
कांग्रेस के खिलाफ होगा प्रदर्शन
कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन के खिलाफ बीजेपी भी धरना प्रदर्शन करेगी. छत्तीसगढ़ भाजपा के आला नेताओं के साथ बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ये फैसला लिया है. बता दें कि भाजपा मुख्यालय में आयोजित बैठक में राज्य के प्रभारी अनिल जैन, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक मौजूद थे. बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बताया कि कांग्रेस सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है. धान की खरीद 15 नवम्बर से होनी चाहिए. राज्य सरकार 1 दिसम्बर से धान खरीदने की बात कर रही है.
इस रणनीति पर हुई चर्चा
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हमारी मांग है कि 2500 रुपए में धान खरीदी की जाए और 15 नवम्बर से ये व्यवस्था भूपेश बघेल सरकार को करनी चाहिए. किसान बिचौलियों के हाथों में लुट रहा हैं. उन्हें बचाने के लिए व्यापक रूप से सरकार धान की खरीद करें. डॉ. रमन सिंह ने बताया कि राज्य सरकार बहाने बना रही है. सरकार के खिलाफ भाजपा भी धरना प्रदर्शन मंडल और प्रदेश स्तर पर करेगी. उन्होंने बताया कि किसानों को साथ लेकर प्रदर्शन राज्य स्तर का होगा. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव में सफलता मिले, इस प्रक्रिया में पार्टी नेता लगे हैं और रणनीति पर चर्चा की जा रही है.
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और केन्द्र सरकार से पूर्व वर्ष की भांति इस वर्ष भी केन्द्रीय पूल के लिए छत्तीसगढ़ से धान उपार्जन के संबंध में आयोजित छत्तीसगढ़ के सांसदों की बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ के सांसद किसानों के हित में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केन्द्र सरकार द्वारा सेन्ट्रल पूल में इस वर्ष छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल का उपार्जन करने की अनुमति देने का मुद्दा उठाएं। बैठक में प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चैबे, लोकसभा सांसद डॉ. (श्रीमती) ज्योत्सना महंत, दीपक बैज और राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, प्रमुख सचिव कृषि और कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. (श्रीमती) मनिन्दर कौर द्विवेदी, खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों से जुड़ी इस बैठक में प्रदेश के सभी सांसदों को आमंत्रित किया गया था। कुछ सांसदों ने व्यस्तता के कारण उपस्थित न हो सकने के संबंध में सूचना दी है। श्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने वर्ष 2014 में कहा कि जो राज्य सरकार किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर बोनस देगी उनसे सेन्ट्रल पूल में चावल नहीं लिया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद पूर्व में दो वर्षों में इस प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से चावल लिया गया। वर्ष 2019-20 में सेन्ट्रल पूल में हमने प्रधानमंत्री से प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का आग्रह किया है, क्योंकि इस वर्ष धान की ज्यादा आवक की संभावना है। इस संबंध में प्रधानमंत्री और केन्द्रीय खाद्य मंत्री को पत्र भी लिखा गया है, लेकिन वहां से असहमति का पत्र भेजा गया है, जिसमें लिखा है कि 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी से बाजार अव्यवस्थित हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी से बाजार फला-फूला है। श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ के सभी सांसदों, किसानों और व्यापारियों से आग्रह किया है कि वे किसानों के हित में प्रधानमंत्री को पत्र लिखें कि केन्द्र सरकार प्रावधान को शिथिल करते हुए इस वर्ष सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल का उपार्जन करने की अनुमति दे।
श्री बघेल ने बैठक में कहा कि किसानों के हित में छत्तीसगढ़ सरकार इस वर्ष भी किसानों से 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी करेगी। इस वर्ष लगभग 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 में हमने किसानों से 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान खरीद कर किसानों से किया गया वायदा पूरा किया। इस वर्ष भी 2500 रूपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी करेंगे।
दलगत राजनीति से उठकर किसानों के हित में सहयोग देंः श्री बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर मंत्रालय में आयोजित सर्वदलीय बैठक में छत्तीसगढ़ के किसानों के हितों के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग देने का आग्रह किया। उनके आग्रह पर राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपना पूरा समर्थन व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि केन्द्रीय पूल में चावल की खरीदी नहीं होने पर राज्य के किसानों तथा अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन अपने संसाधनों के जरिए किसानों को प्रति क्विंटल धान का मूल्य 2500 रूपए दे रही है। केन्द्र सरकार को खरीदी के लिए केवल अनुमति देना है। बैठक में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा उनकी पार्टी ने 2500 रूपए क्विंटल में धान खरीदी के निर्णय की तारीफ की थी। इस निर्णय से किसानों को राहत मिली है तथा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। किसानों के हितों के लिए वे सरकार के साथ हैं। बहुजन समाज पार्टी के केशव चंद्रा ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने में वे सरकार के पक्ष का समर्थन करते हैं। सी.पी.आई. के सी.आर.बख्शी, सी.पी.आई.(एम) के आर.डी.सी.पी.राव और एन.सी.पी. के सोनू गोस्वामी ने भी किसानों के हित में राज्य सरकार के इस पक्ष का समर्थन किया।
मंत्रालय में किसान संगठनों और किसानों से सीधी चर्चा
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के संबंध में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसान संगठनों और किसानों से सीधी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में सरकार के निर्णयों और कदमों की विस्तृत जानकारी दी।
किसानों ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि पहली बार मंत्रालय में किसानों की बैठक हो रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों ने बताया कि 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान की खरीदी से किसानों की माली हालत में काफी सुधार आया है और खेती से युवा वर्ग भी जुड़ रहे हैं। खेती किसानी में भी रोजगार के नये अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में आए किसान संगठन और किसानांे से अपने-अपने क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों तथा खेती किसानी से जुड़े विभिन्न संगठनों से सेन्ट्रल पूल में चावल खरीदी के संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का आग्रह किया। किसानों और संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस आग्रह का स्वागत करते हुए पूर्ण समर्थन देने पर सहमति दी।
रायपुर। राज्योत्सव में नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी की थीम को सभी ने सराहा। राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राज्योत्सव में सुराजी गांव योजना की थीम की जानकारी आम लोगों को देने के लिए कृृषि विभाग द्वारा विशेष स्टॉल लगाया गया।
राज्योत्सव में कृषि विभाग के स्टॉल में राज्य की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी सहित अन्य विभिन्न योजनाओं का प्रदर्शन किया गया है। कृषि विभाग के स्टॉल में प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारी कार्यों और कृषक कल्याण संबंधी विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की जा रही है। कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कृषि विभाग की प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने पर कृषि विभाग के समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी है।
साइंस कालेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव में लगे कृषि विभाग के स्टॉल में सुराजी गांव और राज्य की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के जीवंत मॉडल की प्रस्तुति लोगों को लुभा रही है। कृषि विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की जानकारी यहां पर मॉडलों के माध्यम से विस्तार से दर्शायी गई है। कृषि विभाग की प्रदर्शनी में वर्तमान परिदृश्य में कृषि के उन्नत तरीकों वर्मी कम्पोस्ट बनाने की विधि, मशरूम उत्पादन, ग्रेविटेशनल ड्रिप सिस्टम आदि के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस कड़ी में उद्यानिकी विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में वानिकी फसलों के क्षेत्राच्छादन के द्वारा उद्यानिकी एवं वानिकी की महत्ता को बखूबी रूप से दर्शाया गया है। उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी में प्रमुख फलों एवं सब्जियों का उत्पादन, फल परिरक्षण प्रशिक्षण केन्द्र, सॉस निर्माण, आचार निर्माण आदि की विस्तृत रूप से जानकारी प्रस्तुत की गई है, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग यहां पर आकर्षित होकर आ रहे है। पशुधन विकास विभाग के स्टॉल में पशु चिकित्सा, वर्मी कम्पोस्ट बनाने हेतु टांका, चौकीदार शेड, गौठान में गोबर गैस संयंत्र, पशुओ में प्रतिबंधात्मक टीकाकरण की जानकारी, उन्नत नस्लों के पशुओ का प्रदर्शन, बकरी पालन, पशु संवर्धन में उत्पत्ति क्रम, बकरी पालन, सूकर वितरण, वैकल्पिक पशु आहार आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है। प्रदर्शनी में सुराजी गांव योजना, पारम्परिक गौठान का स्वरूप, भू-क्षरण, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ, छत्तीसगढ़ राज्य कषि विपणन (मंडी) बोर्ड, कृषि उपज मंडी समिति, किसान उपभोक्ता उप मंडी प्रांगण, आदर्श मंडी, राष्ट्रीय कृषि बाजार, फल सब्जी मंडी, हाट बाजार, हाइड्रोपोनिक चारा उत्पादन तकनीक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र, पुष्प एवं फसल अवशेष से कलाकृति निर्माण तकनीक, उन्नत फसल, जैव विविधता आदि के संबंध में पृथक-पृथक स्टॉलों के द्वारा रोचक पूर्ण तरीकों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदर्शित की गई है।
रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके दृष्टि स्त्री अध्ययन प्रबोधन केन्द्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘नक्सल प्रभावित जिलों में महिलाओं की स्थिति’ विषय पर प्रतिवेदन का विमोचन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि समाज के लिए वही काम करता है, जिनके मन में दीनदुखियों के लिए संवेदना होती है। यही भावना उन्हें समाज सेवा करने के लिए प्रेरित करती है।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट शासन के लिए बड़े उपयोगी होते हैं और साथ ही जनकल्याणकारी नीतियां बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। इस रिपोर्ट को भी मैं राष्ट्रपति और राज्य शासन के समक्ष रखुंगी। यह रिपोर्ट महिलाओं की स्थिति पर तैयार की गई है। इससे महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिति की जानकारी मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि जब वह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य थीं तो उन्होंने आदिवासी महिलाओं की स्थिति पर एक सर्वे कराया था। उस रिपोर्ट को मैंने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को सौंपी तब उसके बाद आदिवासी महिलाओं की सशक्तिकरण संबंधी नीति बनाई गई।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय महिला समन्वय की समन्वयक श्रीमती गीता ताई ने कहा कि इस रिपोर्ट में एक-एक तथ्य जुटाने में काफी मेहनत की गई है। जब सर्वे के लिए महिलाओं से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि वे अपने स्वयं के बारे में कुछ कह रही हैं। जिन महिलाओं के संबंध में यह सर्वे किया गया उन्हें तो अच्छा लगा ही, साथ ही जिनके ऊपर इस सर्वे को करने की जिम्मेदारी थी, उनके लिए भी एक अच्छा अनुभव था। इस अवसर पर डॉ. मिताली मित्रा ने दृष्टि स्त्री अध्ययन प्रबोधन केन्द्र द्वारा तैयार की गई ‘नक्सल प्रभावित जिलों में महिलाओं की स्थिति’ विषय पर प्रतिवेदन और डॉ. शिल्पा पौराणिक ने भारत में महिलाओं की स्थिति संबंधित प्रतिवेदन की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केशरीलाल वर्मा, राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार सदस्य श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा दुबे, अखिल भारतीय महिला समन्वय छत्तीसगढ़ प्रांत की महिला सहसमन्वयक श्रीमती शताब्दी पाण्डेय एवं श्री बिसराराम यादव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
भिलाई । जिले में नवपदस्थ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने दुर्ग एसपी ऑफिस पहुंचकर नि:वर्तमान एसपी प्रखर पाण्डेय से पदभार ग्रहण किया। श्री यादव के कलेक्टोरेट परिसर में पहुंचते ही सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों ने उन्हें सलामी दी। 2004 बैच के पुलिस अधिकारी अजय यादव पिछले दो वर्ष से पुलिस मुख्यालय में इंजेलिजेंट्स सिक्यूरिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और वह अबतक छत्तीसगढ के दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कांकेर, नारायणपुर के अलावा बिलासपुर और जांजगीर में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं और बस्तर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रहते हुए नक्सल ऑपरेशन की कमान भी संभाल चुके हैं, साथ ही कई बटालियनों में अपनी सेवाएं इन्होंने दी है। सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नवपदस्थ एसएसपी ने कहा कि मेरा अब तक का अनुभव ये कहता है कि मीडिया का सहयोग के बगैर कुछ भी संभव नही है। मीडिया जो भी प्रकाशित करें तो सत्य प्रकाशित करें,सच्चाई जरूर उजागर करे। हमेशा सच के नजदीक रहे, पुलिस का काम मीडिया से जुड़ा हुआ है। केस का सच भी हमारी पुलिस उजागर करेगी और जो विवेचक उसकी विवेचना कर रहा है, जब तक चालान पेश नही हो जाता तब तक वह विवेचक ही उस मामले की जांच करेगा, यदि विवेचक के विरूद्ध कोई शिकायत पाई जाती है तभी उसे उस विवेचना से हटाया जायेगा अन्यथा नही। पुलिस भी अब दुर्ग जिले में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करेगी। दुर्ग पुलिस के सभी राजपत्रित अधिकारी, टीआई और पुलिस जवान ही मेरी टीम है। गुड टीम के साथ मुझे काम करना है। चूंकि ये जिला मुख्यमंत्री, गृहमंत्री का जिला है, उसके साथ ही प्रदेश के डीजीपी डीएम अवस्थी का भी स्पष्ट निर्देश है कि बेसिक पुलिसिंग से काम लें, और जो फेक्ट हो, वही कार्य करें। उन्होंने कहा कि बड़ा व्यक्ति कहीं न कहीं से एप्रोच लगाकर अपना सारा काम निकाल लेता है, लेकिन अब आमजन की सुनवाई तुरंत हो, और विधि सम्मत हो, ऐसा मेरा प्रयास होगा। पुराने पेडिंग मामलों की भी फाईल खेाली जायेगी और संपत्ति और चोरी के मामलों का भी अपनी टीम से पूरा काम लेकर उसे दूर करेंगे। एसडीओपी और सीएसपी अपने थाना क्षेत्र में सप्ताह में एक दिन थाना दिवस के रूप में मनायेंगे ताकि लोगों से वे सीधे जुड सकें और साथ ही पुलिस के व्यवहार और शिकायतों के संबंध की जानकारी भी सीधे तौर पर हो सकेगी। व्हीव्हीआईपी और व्हीआईपी की डयूटी को भी प्राथमिकता दिया जायेगा उसके साथ ही पुलिस अपना रूटीन का भी कार्य सही तरीके से करेगी। साप्ताहिक अवकाश पुलिसकर्मियों का अपना हक है, वह उन्हें मिलना चाहिए। मैँ उसके पक्ष में हूं, साथ ही थानेदार अपने स्तर पर स्टाफ को छुट्टी दें। पेंडिंग मामलों की मासिक तौर पर समीक्षा होगी, पेंडिंग मामलों को कम करना हमारी प्राथमिकता होंगी। आरक्षक और प्रधानआरक्षक सहित अन्य पुलिस कर्मियों के जो बच्चे पढाई और खेल में अच्छे अंक अर्जित करेंगे हम उन बच्चों को और प्रोत्साहित करेंगे। पुराने मामलों को फिर खेाला जायेगा।
एसएसपी श्री यादव का मानना है कि यदि हम पुलिस में भर्ती हो गये हैं, तो पुलिस का कार्य 24 घंटे पुलिसिंग ही है, चाहे मैं हूं या अन्य कोई भी पुलिस का कर्मचारी। मैं अपने कार्य में राजनीतिक प्रेशर को नही मानता हूं, जो वैधानिक कार्यवाही होगी वह हर हाल में की जायेगी। उन्होने कहा कि पुलिस कर्मी भी किसी से बदतमीजी या दुव्र्यवहार न करे और आमजनता भी पुलिस वालों के साथ दुव्र्यवहार न करें। थानों में भीड़भाड को मैं कतई बर्दाश्त नही करता। थाने में सिर्फ शिकायतकर्ता और आरोपी ही दिखना चाहिए, थानों में कोई बाहरी व्यक्ति या भीड़भाड नही दिखना चाहिए। अब दुर्ग पुलिस पोलाईट एवं दृढ़ होकर अपना कार्य करेगी। जनप्रतिनिधियों के पास जनता जाती हेै, उनका फोन करना लाजिमी है, ऐसे मामलों में थानेदार सीधे मुझसे भी आपबीती बता सकते है, या सीधे मुझे भी फोन कर सकते हैं, मुझे फोन उठाने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नही है। हमारे कार्य व पारदर्शिता में कही भी कोई कमी नही रहेगी। व्हाटसएप एवं मैसेज से भी हम एक दूसरे को अपराध नियंत्रण में मदद कर सकते है, खासतौर से जो नेशनल हाईवे पर फ्लाईओवर बन रहे है, यातायात को और सुगम बनाने के लिए पुलिस और बेहतर कार्य करेगी। इस अवसर पर दोनो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित झा शहर एवं लखन पटले ग्रामीण एवं डीएसपी प्रवीरचंद तिवारी भी उपस्थित थे।