छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21154)

दुर्ग सांसद विजय बघेल ने छठ पूर्व पर बाहरी भीतरी की राजनीति करने वालों को जमकर लताड़ा। कहा कि भोजपुरी व छत्तीसगढ़ एक सामान भाषा व संस्कृति है। इस संस्कृति के बीच जहर घोलने वालों को सबक सिखाया जाएगा। बता दें कि बीते कुछ दिनों से सोशल मीड़िया पर बाहरी भीतरी की जहर घोलने का प्रयास किया जा रहा है।

भिलाई।  दुर्ग सांसद विजय बघेल ने छठ पूर्व पर बाहरी भीतरी की राजनीति करने वालों को जमकर लताड़ा। कहा कि भोजपुरी व छत्तीसगढ़ एक सामान भाषा व संस्कृति है। इस संस्कृति के बीच जहर घोलने वालों को सबक सिखाया जाएगा।
बता दें कि बीते कुछ दिनों से सोशल मीड़िया पर बाहरी भीतरी की जहर घोलने का प्रयास किया जा रहा है। छठ पर्व पर तालाब सफाई को लेकर भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बाहरी भीतरी का प्रयास किया गया था। इसकी जमकर आलोचना हुई थी। यह बात सांसद विजय बघेल तक पहुंची, उन्होंने ऐसे तत्वों के खिलाफ जमकर आक्रोश जाहिर किया। कहा कि ऐसे लोग ही छत्तीसगढ़ की शांत फिजां पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए या किसी के इशारे पर अपनी कुंठा जाहिर करते हैं।

छठ पर्व पर वैशाली नगर व हाउसिंग बोर्ड तालाब पहुचे सांसद विजय बघेल ने व्रतधारियों को शुभकामनाएं दी। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भाईचारे की मिसाल है। भिलाई को मिनी भारत ऐसे ही नहीं कहा जाता। इसकी मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती है। कुछ कुंठित लोगों द्वारा माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यह लोग किसके इशारे इस तरह का बयानबाजी करते हैं, यह सब पता है।
उन्होंने कहा कि भोजपुरी व छत्तीसगढ़ी की सदियों से एक समान रही है। बोली भाषा और संस्कृति भी समान है। फिर कुछ कुंठित लोगों द्वारा राजनीतिक लोगों के इशारे पर जहर घोलने का काम किया जा रहा है। ऐसे लोगों की मंशा पूरी नहीं होगी। ऐसे लोग किस राजनीतिक दल या किस नेता के इशारे पर काम कर रहे हैं यह भी जल्द सामने आ जाएगा।

बिलासपुर। पेण्ड्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कोटमी में देर रात एक किराना दुकान में आग लगने से दुकान में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि देर रात अचानक लोगों ने दुकान से धुंआ उठता देखा और देखते-देखते धुंआ आग की लपटों में बदल गया। लोगों ने सजगता दिखाई और आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। इसी बीच दमकल टीम भी मौके पर
बिलासपुर। पेण्ड्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कोटमी में देर रात एक किराना दुकान में आग लगने से दुकान में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि देर रात अचानक लोगों ने दुकान से धुंआ उठता देखा और देखते-देखते धुंआ आग की लपटों में बदल गया। लोगों ने सजगता दिखाई और आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। इसी बीच दमकल टीम भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन आग की जद में आई दुकान का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत यह रही कि लोगों की सजगता के चलते आग आस-पास की दुकानों तक फैल नहीं पाई। ऐसा माना जा रहा है कि दुकान में शॉट सर्किट की वजह से यह आग लगी है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की रात में पेंड्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कोटमी के श्रेया जनरल स्टोर में अचानक आग लग गई। आग लगने की जानकारी होने पर ग्रामीणों ने तत्काल दमकल को फोन किया। इसके बाद दुकान का शटर उठाकर पानी आग बुझाने का प्रयास किया गया। आग तब तक काफी फैल चुकी थी और दुकान के अंदर सामान पूरी तरह खाक हो गया था। आग से लगभग पांच लाख रुपए की क्षति होने की बात कही जा रही है। दुकान संचालिका रुक्मणी साहू पति प्रहलाद साहू (52) और उसकी बेटी-रोशनी साहू ने बताया कि वे रात के वक्त दुकान बंद कर घर चले गए थे। दुकान में आग लगने की खबर उन्हें लोगों से मिली। इसके बाद मौके पर पहुंचे तो सारा सामान जल रहा था। उनके परिवार के लिए यह दुकान ही जीविकोपार्जन का जरिया थी।

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अगर, रमन के पास अल्लादीन का चिराग है, तो क्यों भाजपा नरेंद्र मोदी को हटाकर रमन को प्रधानमंत्री नहीं बना देती? रमन ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में आर्थिक मंदी का असर नहीं है, तो उसके लिए उनकी 15 साल की सरकार की मेहनत है। भाजपा सरकार ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है कि मंदी का छत्तीसगढ़ पर असर नहीं पड़ा है।

राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा है कि रमन सरकार ने छत्तीसगढ़ के गरीबों को और गरीब, कमजोर और और कमजोर का करने का काम किया है। इस कारण तो यहां गरीबी का प्रतिश्ात बढ़ा है। कुपोषण के शिकार लोग बढ़े हैं। बघेल ने पूछा कि रमन बता दें, उनकी सरकार में कितने इन्वेस्टर्स मीट हुए और कितने उद्योग छत्तीसगढ़ आए।

धान के लिए कर्ज लेना पड़ता है, हमने लक्ष्य और मूल्य बढ़ाया

मुख्मयंत्री बघेल ने रमन और भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि क्या उनकी सरकार घर के पैसे से धान खरीदती थी? धान खरीदने के लिए सरकार को कर्ज लेना होता है। पिछली सरकार में 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जाता था।

किसानों को महज 1750 स्र्पये समर्थन मूल्य देते थे, इसलिए 10 हजार करोड़ का कर्ज लिया करते थे। मौजूदा सरकार ने 25 सौ स्र्पये प्रति क्विंटर की दर से 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है, इसलिए कर्ज भी ज्यादा लेना पड़ रहा है। कांग्रेस सरकार 21 हजार करोड़ कर्ज लेने जा रही है।

शर्त को शिथिल करने की मांग कर रही कांग्रेस

पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र ने शर्त रख दी है कि उसके द्वारा तय समर्थन मूल्य से ज्यादा में धान खरीदने पर बोनस की राशि नहीं दी जाएगी। कांग्रेस आंदोलन के माध्यम से केवल इस शर्त को शिथिल करने की मांग कर रही है। केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य 1815 स्र्पये प्रति क्विंटल तय किया है। प्रदेश सरकार प्रति क्विंटल पर 685 स्र्पये ज्यादा खुद भुगतान करने को तैयार है।

भाजपा को थी छूट, कांग्रेस सरकार को क्यों नहीं?

प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रसन्न् होनी चाहिए कि प्रदेश की कोई सरकार ऐसी है, जो किसानों का हित सोच रही है, लेकिन दुर्भावनावश शर्त रख दी गई है। इसके पहले प्रदेश में भाजपा सरकार थी, तब समर्थन मूल्य के अलावा बोनस मिलाकर दो हजार स्र्पये दिया जाता था, क्योंकि चुनाव था, इसलिए उसे मोदी सरकार ने छूट दे दी थी। पुनिया ने कहा कि कांग्रेस घर-घर पम्पलेट बांटकर इस बात को न केवल किसान, बल्कि हर व्यक्ति तक पहुंचाएगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने सीएम भूपेश बघेल पर राज्य के सांसदों की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में संख्या बल के आधार पर ज्यादातर सांसद भाजपा से हैं और संघीय शासन व्यवस्था की गरिमा को दरकिनार करते हुए यहां सत्ता पक्ष विपक्षी सांसदों की उपेक्षा पर उतारू है। इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। वे किसी विशेष जरूरत पर ही सांसदों को याद करते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सांसदों की बैठक बुलाए जाने के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि भाजपा के सांसदों को अभी तक जानकारी नहीं मिली है कि बैठक का स्वरूप क्या है। बैठक किस एजेंडे को लेकर बुलाई गई हैं। राज्य की स्थापना का पर्व मनाया जा रहा है।

राज्योत्सव के आयोजन में देश-दुनिया से लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं, लेकिन जब प्रदेश में इतने बड़े आयोजन होने के दौरान स्थानीय सांसदों की कोई पूछ परख नहीं है, जब जरूरत पड़ती तब मुख्यमंत्री हमें बुलाते हैं। राज्योत्सव जैसे कार्यक्रम में कहीं भी सांसदों को सम्मान नहीं मिला है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर दिल्ली को रवाना होने से पहले डॉ रमन ने किसानों की पदयात्रा पर सरकार को घेरा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बहुत जगह फसल खराब हुई है। राजनांदगांव में भी पूरा ब्लॉक का ब्लॉक है, जहां धान और सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ है। हम लोग भी कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले समय में इस विषय को उठाये। वहीं सीएम भूपेश बघेल के अलादीन का चिराग वाले बयान पर रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री को क्या लगता है, क्या दिखता है, मुझे समझ नहीं आता है, लेकिन इस 11 महीने में मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए कुछ नहीं किया। मंडल अध्यक्षों के चुनाव में हो रहे विवादों को लेकर कहा कि 90 प्रतिशत से ज्यादा मंडलों में आम सहमति से अध्यक्ष चुने हैं। यहां चुनाव की भी नौबत नहीं आई है। बहुत ही फ्रेंडली वातावरण में एक बार, दो बार, तीन बार बैठकर बनाया है। कहीं जरूरत पड़ रही है, तो लोगों की राय भी ली जा रही है।

फसल के नुकसान का अभी तक सर्वे नहीं : कौशिक

किसानों की पदयात्रा को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि इसका सर्वे कराया जाएगा और भरपाई की जाएगी। अभी तक कहीं सर्वे के लिए किसानों से पूछताछ नहीं की गई है। इससे पहले भी प्राकृतिक आपदा में किसानों ने मार झेली है। आज तक उनका कुछ नहीं हुआ है। लगातार बारिश हुई इसके कारण धान की फसल गिर गई, इसके कारण किसानों को क्षति हुई सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। किसान दोहरी मार से पीड़ित है, अब उनके सामने केवल एक ही रास्ता है कि वह फसल की कटाई करें और बिचौलियों के हाथ में बेचे।

अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनतराई को केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने सांसद आदर्श ग्राम के लिए चयनित किया है। इस पंचायत के आश्रित ग्राम मृगाडांड में विशेष संरक्षित पंडो व पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोग निवास करते हैं। मृगाडांड को गोद लेने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह पहली बार यहां पहुंचीं। लगभग दो घंटे तक ग्रामीणों से संवाद कर उन्होंने मांगों, समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों की ओर से सामने आई समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पहल करते हुए उन्होंने विभागीय सचिव को गांव के सर्वांगीण विकास के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर कार्ययोज बनाने का निर्देश दिया। रेणुका सिंह ने कहा कि गांव में ना सिर्फ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा बल्कि यहां निवासरत व वर्षों से उपेक्षित लोगों के जीवन में आर्थिक रूप से बदलाव लाया जाएगा इसके लिए महिलाओं व पुरुषों को स्वरोजगार से जोड़ने की आवश्यकता भी उन्होंने जताई। केंद्रीय राज्य मंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी उत्साहित नजर आए ।

केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह रविवार की देर शाम मृगादण्ड पहुंची। यहां पहले से ही बड़ी तादाद में ग्रामीण मौजूद थे। बगैर किसी औपचारिकता के रेणुका सिंह ने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर सीधा संवाद स्थापित किया। ग्रामीणों ने पानी, बिजली सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर खुलकर अपनी बातें रखें। ग्रामीणों की सबसे बडी समस्या शुद्घ पेयजल को लेकर थी। यहां ग्रामीणों की आवश्यकता के अनुरूप हैंडपंप की स्थापना नहीं की गई है। गांव में बिजली का भी बुरा हाल है। रेणुका सिंह ने पानी, बिजली की व्यवस्था को तत्काल व्यवस्थित कराने का आदेश देते हुए ग्रामीणों से वादा किया कि इस गांव को वे सुविधाओं से परिपूर्ण बनाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 300 परिवार यहां निवास करते हैं लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिर्फ 9 परिवारों को ही लाभान्वित किया गया है।

बस्ती के वन ग्राम में आने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बाधा आने की बात भी सामने आई। केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने अवगत कराया कि ऐसी कोई समस्या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नहीं आएगी। उन्होंने अगले दो वर्षों में प्राथमिकता के आधार पर सभी पात्र हितग्राहियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प-े मकान निर्माण कराने का वादा किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के जीवन में बदलाव तभी आएगा जब आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, इसके लिए ग्रामीणों को समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा जनजातीय बहुल क्षेत्रों में परंपरागत व्यवसाय और कला को बढ़ावा देने की योजना लागू की गई है। इसके तहत जनजातीय लोग जिस कला में माहिर हैं उन्हें उसका बेहतर प्रशिक्षण देकर उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था की गई है।

इस योजना से गांव के लोगों को भी जोड़ा जाएगा। उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देकर परंपरागत व्यवसाय और उनकी कला को निखार उनके उत्पादों को बिक्री कराने की व्यवस्था की जाएगी। समूह के जरिए उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह के साथ विभागीय सचिव आईएएस अफसर भी थे। उन्हें जवाबदारी दी गई थी वे स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठकर ग्राम के समुचित विकास और इसे आदर्श स्वरूप प्रदान करने विस्तृत कार्य योजना तैयार करेंगे। उसी कार्य योजना के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर एक-एक कर सारे कार्य पूर्ण कराए जाएंगे। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी मांगों समस्याओं से केंद्रीय राज्य मंत्री को अवगत कराया।

उदयपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष राधेश्याम सिंह ने सबसे पहले ग्रामीणों की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री का स्वागत करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं संसाधनों और जरूरतों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में चंद्र बसु यादव, अनिल सिंह, संतोष जयसवाल, अखंड विधायक सिंह त्रिलोचन सिंह, एसडीएम प्रदीप साहू, जनपद सीईओ मिथिलेश पैकरा, तहसीलदार सुभाष शुक्ला, बीईओ, बीआरसी, महिला बाल विकास सहित विकासखंड स्तर के सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

एम्स तक होगी उपचार की व्यवस्था

साधन, सुविधा विहीन बस्ती में स्वास्थ सुविधाओं की भी कमी है। यहां ग्रामीण स्वास्थ सुविधाओं को लेकर परेशान होते हैं। समय-समय पर शिविर का आयोजन तो होता है लेकिन बीमार लोगों का समुचित उपचार नहीं हो पाता। ग्रामीणों की ओर से सामने आई समस्या को गंभीरता से लेते हुए रेणुका सिंह ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही गांव में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में एक-एक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच होगी। बीमार लोगों का बेहतर इलाज कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से पीड़ित लोगों का उपचार एम्स जैसे बड़े अस्पतालों में भी कराया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।

योजनाओं के क्रियान्वयन में न हो हीलाहवाली

केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने ग्रामीणों की मौजूदगी में ही खंड स्तर के अधिकारियों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एक-एक विभाग के योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को चेताया की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि सहित लोक कल्याण की दूसरी योजनाओं से पात्र ग्रामीणों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया। केंद्रीय राज्य मंत्री ने निर्देशित किया कि अति शीघ्र गांव में शिविर लगाया जाए और शासन की योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लोगों को लाभान्वित करने विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की जाए।

ग्रामीणों से मुलाकात को दी प्राथमिकता

रविवार को बलरामपुर जिले के सांसद आदर्श ग्राम के रूप में चयनित जसवंतपुर के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह को अंबिकापुर के सर्किट हाउस में अधिकारियों से चर्चा करनी थी। पहले से ही उनका यह कार्यक्रम निर्धारित था। बलरामपुर जिले के कार्यक्रम में विलंब हो जाने के कारण अंबिकापुर में सर्किट हाउस में प्रस्तावित कार्यक्रम को तरजीह दिए बगैर रेणुका सिंह सीधे उदयपुर विकासखंड के मृगडण्ड पहुंच गई। यहां सर्किट हाउस में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उनका इंतजार करते रहे। रेणुका सिंह का मानना था कि ग्रामीणों से मुलाकात ज्यादा जरूरी था क्योंकि वे बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे थे। बस्ती के जनजातीय लोगों ने केंद्रीय राज्य मंत्री के आगमन के बाद उपेक्षा के दिनों के बीत जाने की उम्मीद जताई है।

हरदा. विवाह की कई परंपराओं और रिवाजों (Marriage Tradition) के बारे में आपने पढ़ा-सुना होगा या देखा होगा. लेकिन मध्य प्रदेश के हरदा (Harda) जिले में स्थित आदिवासी अंचल में विवाह का जो तरीका आज भी चलन में है, उसके बारे में शायद ही सुना हो! हरदा के आदिवासी अंचल में रहने वाले युवक-युवती (Tribal youth) अनोखे तरीके से अपनी शादी की रस्म (Marriage Ritual) निभाते हैं. जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर आदिवासी अंचल में स्थित मोरगढ़ी गांव में हर साल दिवाली के एक सप्ताह बाद एक अनोखा मेला लगता है. इसमें बड़ी तादाद में आदिवासी युवक-युवती शामिल होते हैं. ठठिया बाजार नामक इसी मेले में ये युवक और युवती अपने जीवनसाथी का चुनाव करते हैं. इसके लिए युवक और युवती एक-दूसरे को पान खिलाते हैं. अपने पसंद का साथी चुनने के बाद पान (betel) खिलाते ही दोनों एक-दूसरे के जीवनसाथी बन जाते हैं. मोरगढ़ी गांव में वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है. रविवार को भी गांव में यह मेला लगा और कई युवक-युवतियों ने एक-दूसरे को पान खिला जीवनसाथी चुना.

रंग-बिरंगे परिधानों में मेले में आए आदिवासी

जिले के खिरकिया ब्लॉक के आदिवासी गांव मोरगढ़ी में रविवार को ठठिया बाजार मेले में आदिवासी समाज की कोरकू और गोंड जनजाति के युवक-युवती शामिल हुए. रंग-बिरंगे परिधानों में सजी-संवरी युवतियां और पारंपरिक धोती-कुर्ता के बजाये पैंट-शर्ट में आए युवकों ने पहले तो जी भरकर मेले का आनंद उठाया और बाद में अपने जीवनसाथी का चुनाव किया. मेले में कई आदिवासी समूह पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ नाचते-गाते आए. दिन ढलने के साथ ही जीवनसाथी चुनने का सिलसिला शुरू हुआ. आदिवासी समाज के कई युवक और युवतियों ने अपनी पसंद का साथी चुना और उसे पान खिलाया. युवक और युवती के एक-दूसरे को पान खिलाते ही उनकी शादी की घोषणा कर दी जाती थी और दोनों एक साथ अपने घर को रवाना हो जाते. लड़की के परिवारवालों को इसके बाद बेटी की शादी की सूचना भिजवा दी जाती है.

पान खिलाकर साथ रहने की कसम खाई

ठठिया बाजार मेले में आए युवक गिरीश ने भी रविवार को अपनी पसंद की युवती का चुनाव किया. गिरीश ने बताया कि वह रवांग ढाना का रहने वाला है. मेले में उसने अपने साथी को पान खिलाया और प्रेम का इजहार किया. मेले में आई आदिवासी युवती पूजा ने बताया कि आज उसके पसंद के साथी ने उसे पान खिलाया है और अब वह उसके साथ जीवन भर रहेंगी. इस अनोखी परंपरा के बारे में गांव के बुजुर्ग धनकिशोर कलम ने बताया कि ठठिया बाजार आदिवासी जनजातियों की परंपरा है. दीपावली के बाद आदिवासी अंचल में सबसे पहले लगने वाले बाजार को ठठिया बाजार कहते हैं. हरदा के पास के खंडवा जिले के आदिवासी गांवों में भी यह मेला लगता है.

पान खिलाने के बाद युवती जाती है युवक के घर

आदिवासी मान्यता के अनुसार बाजार में आई युवती अपनी पसंद के युवक से प्रेम का इजहार करती है. फिर दोनों एक-दूसरे को पान खिलाते हैं. इसके बाद बाजार से ही जीवनसाथी बने आदिवासी युवक-युवती घर चले जाते हैं. लड़की के परिवारवालों को बाद में खबर भेजी जाती है कि वे अपनी बेटी की खोजबीन न करें. इसके बाद दोनों परिवार शादी पर सहमति जताते हैं. आदिवासियों की जीवनशैली और उनकी संस्कृति पर अध्ययन करने वाले जनजाति संस्कृति के अध्येता प्रो. धर्मेंद्र पारे ने बताया कि आदिवासी समाज में पान, प्रणय का प्रतीक माना जाता है. मूलतः यह परंपरा भील आदिवासियों में प्रचलित थी. लेकिन गोंड और कोरकू जनजाति में भी पान खिलाकर प्रेम निवेदन करने के दृश्य देखने को मिल जाते हैं.

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम (Raipur Municipal Corporation) की अंतिम सामान्य सभा बेहद खास होने वाली है. निगम के इस कार्यकाल की आखिरी सामान्य सभा (Last General Assembly) आज सोमवार 4 नवंबर को बुलाई गई है. इसे यादगार बनाने की कोशिश की जा रही है. इस सभा में राजधानी के तमाम 70 वार्ड के पार्षद (Councilor) तो शामिल होंगे ही साथ ही साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत (Dr. Charan Das Mahant) और रायपुर विधानसभा के विधायक और सांसद भी इसमें विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ही पहले सत्र का संचालन करेंगे. वह सदन के तमाम पार्षदों को टिप्स भी देंगे.

निकाय चुनाव से पहले वर्तमान परिषद की अंतिम सामान्य सभा

इस आखिरी सामान्य सभा में शहर विकास से जुड़े एजेंडे सहित एक घंटे का प्रश्नकाल भी होगा. निकाय चुनाव से पहले वर्तमान परिषद की ये अंतिम सामान्य सभा है. महापौर प्रमोद दूबे ने बताया कि सामान्य सभा में डॉ. चरणदास महंत ने आने के लिए अनुमति दे दी है. उन्होंने कहा कि महंत जी उच्च सदन के प्रतिनिधि हैं. वह इस बारे में टिप्स देने जरूर आएंगे कि नगरी सरकार का सदन आने वाले दिनों में कैसे चले और विचारधाराओं के अनुरूप विकास को कैसे बढ़ावा मिले.
प्रमोद दूबे ने कहा कि इसके अलावा रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, दक्षिण विधायक बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर उत्तर क्षेत्र विधायक कुलदीप जुनेजा, पश्चिम क्षेत्र विधायक विकास उपाध्याय के अलावा धरसींवा क्षेत्र की विधायक अनिता योगेन्द्र शर्मा और सांसद सुनील सोनी भी मौजूद रहेंगे.

रायपुर,छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) (JCCJ) के प्रदेश अध्यक्ष (State President) अमित जोगी (Amit Jogi) ने अपने ट्विटर अकाउंट (Twitter account) पर ट्वीट (Tweet) कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) पर हमला बोला है.
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष (Congress President) सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के पत्र (Letter) पर अमित जोगी ने ट्वीट कर कांग्रेस से जवाब मांगा है. अमित जोगी ने कहा, "मुझे याद है कि 1 नवंबर 2001 को भी कुछ ऐसा ही हुआ था, नेहरू-गांधी परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य बी. के. नेहरू के अकस्मात निधन के कारण सोनिया गांधी का कार्यक्रम रद्द होने जा रहा था, लेकिन मेरे पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) के आग्रह पर वो यहां आईं. ये उनके छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति प्यार था कि पारिवारिक शोक (Family mourning) के बावजूद वो राज्योत्सव में आईं."
अमित जोगी ने कहा कि अब ऐसा क्या हो गया कि उनकी जगह देर रात उनका ये पत्र आया. इसका जवाब छत्तीसगढ़ कांग्रेस और भूपेश बघेल को देना चाहिए. अमित जोगी के इस ट्वीट के बाद राजनीतिक घमासान मचने की संभावना पूरी बढ़ गई है.
 

रायपुर,राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव के दूसरे दिन दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल ने मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि राज्य निर्माण का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास का लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आए। उन्होंने नागरिकों से राज्य के विकास में अधिक से अधिक योगदान देने का आह्वान किया। उइके ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वयस्क हो रहा है। स्थापना के बाद से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति हुई है। शासन द्वारा जनकल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है।
राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण के लिए स्मरण किया और इस राज्य निर्माण में योगदान देने वाले समस्त लोगों के महत्व को रूपांकित किया। उन्होंने राज्योत्सव में स्थानीय लोक संस्कृति, लोक नृत्यों पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है और परम्पराओं को पुनर्जीवित भी रखते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले 19 वर्षों में राज्य में विकास के लिए ठोस धरातल निर्मित हुआ है, साथ ही राष्ट्रीय परिदृश्य में सांस्कृतिक रूप से एक पहचान भी बनी है। राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में सांस्कृतिक समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने के लिए चहुंमुखी प्रयास किये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ने कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है पर यहां विकास की और भी संभावनाएं हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रगति के साथ-साथ कमियों की समीक्षा करने की आवश्यकता बताई।
उइके ने कहा कि राज्य की उन्नति के लिए शांति जरूरी है, विगत कई वर्षों से नक्सल हिंसा से छत्तीसगढ़ का कुछ हिस्सा प्रभावित रहा है। इस हिंसा को खत्म करने के लिए साझा प्रयास किये जा रहे हैं। आशा है कि जल्द ही इस हिंसा से राज्य को मुक्ति मिलेगी और छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दौड़ में आगे बढ़ेगा। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री भूपेष बघेल को छत्तीसगढ़ राज्य की नई उद्योग नीति के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जो कार्य किये जा रहे है वह किसान मजदूरो और आदिवासियों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के लगे स्टाल से प्रगति मैदान में लगे ट्रेड फेयर की याद आती है। उन्होंने राज्योत्सव की तीन दिन की अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए राज्योत्सव की अवधि को दो दिन बढ़ाने की घोषणा की।
राज्योत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जनसामान्य को लाभान्वित करने के लिए सरकार फैसले ले रही है। किसानों को मजबूती प्रदान करने 2500 रूपये क्विंटल में धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कर्ज माफ किया गया है। बिजली बिल हॉफ किया गया है। बस्तर में 1700 किसानों को जमीन वापस दिलाने का काम सरकार ने किया है। नौजवानों और व्यापारियों का भी ध्यान रखा जा रहा है। वर्ष 2019-2024 की औद्योगिक नीति कृषि पर आधारित है। शहरी क्षेत्रों में छोटी-मोटी समस्याओं के निपटारे के लिए वार्ड कार्यालय शुरू किए गए हैं। जाति प्रमाण पत्र के लिए जहां पहले लोगों को भटकना पड़ता था, वहीं पिता के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर जन्म के समय ही बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है। छोटे भू-खण्डों के पंजीयन से मकान बनाने का सपना जहां पूरा हुआ है, वहीं राजस्व में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल अनुसूईया उइके बड़ी संवेदनशील है। उन्होंने गांधी जी के 150वीं जयंती में विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम में नक्सली हिंसा से प्रभवितो के लिए मकान देने का आग्रह किया। बघेल ने कहा कि उनके आग्रह पर तुरन्त नक्सली हिंसा से प्रभावितों के लिए मकान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा धान खरीदी के लिए पत्र लिखे जाने की भी सराहना की।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि राज्योत्सव के माध्यम से विकास की अवधारणा परिलक्षित हो रही है। सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है और इस दिशा में अग्रसर है। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंदकुमार साय सहित विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्थाएं राज्य स्तरीय अलंकरण से हुए सम्मानित
राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान जिला लघु वनोपज संघ कांकेर के अध्यक्ष नितिन पोटाई को, उर्दू भाषा की सेवा के लिए हाजी हसन अली सम्मान रायपुर के नासिर अली नासिर को, तीरंदाजी के लिए महाराजा प्रवीरचन्द्र भंजदेव पुरस्कार बिलासपुर के पैरा तीरंदाजी खिलाड़ी गिरिवर सिंह को और अंग्रेजी प्रिन्ट मीडिया के लिए मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर कीमती रश्मि अभिषेक मिश्रा को, दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के लिए दानवीर भामाशाह पुरस्कार रायपुर के सीताराम अग्रवाल को और आयुर्वेद चिकित्सा के लिए धन्वंतरी पुरस्कार रायपुर के प्रो. आर. एन. त्रिपाठी को दिया गया। सांस्कृतिक संध्या में खंझेरी भजन, लोक गीत व नृत्य, गजल एवं गीत, पियानो एवं एकॉडियन वादन, शास्त्रीय नृत्य ओड़िसी और भरतनाट्यम, भरथरी तथा सरगुजिहा गीत की प्रस्तुति दी गई।

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज यहां महादेव घाट, बीरगांव और हीरापुर में आयोजित छठ महापर्व में शामिल हुए। महादेव घाट मंे छठ पूजा आयोजन समिति महादेव घाट द्वारा आयोजित समारोह में उपस्थित उत्तर भारतीय और भोजपुरी समाज सहित प्रदेशवासियों को छठ महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर छठ पूजा आयोजन समिति महादेव घाट के लिए उत्तर भारतीय और भोजपुरी समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यो के लिए भूमि प्रदान करने की घोषणा की। इस मौके पर भोजपुरी लोक गायिका सुश्री देवी ने छठी माई की आराधना पर आधारित भजनों की शानदार प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि बिहार के बाद छत्तीसगढ़ में छठ महापर्व पर अवकाश की घोषणा हुई। आपकी खुशी में भागीदार बनकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले उत्तर भारतीय और भोजपुरी समाज द्वारा श्रद्धापूर्वक छठ महापर्व का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व हिन्दुस्तान में ही नहीं दुनिया के अनेक देशों में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पर्व में माताओं और बहनों द्वारा कठिन तपस्या कर परिवार की बेहतरी और सुख-समृृद्धि के लिए छठी माई की पूजा की जाती है। यह काम हमारी माताएं और बहनें ही कर सकती है। उन्होंने इसके लिए माताओं-बहनों और सभी व्रतियों और आयोजन समिति को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को आयोजन समिति द्वारा भगवान सूर्य की प्रतिमा भेंट की गई।     
इस अवसर पर कार्यक्रम को विधायक श्री विकास उपाध्याय ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ में छठ पूजा के लिए अवकाश की घोषणा की है। एकजुटता और सामूहिकता के इस महापर्व में मुख्यमंत्री प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले इस महापर्व में शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम को पूर्व मंत्री श्री बृृजमोहन अग्रवाल, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे, बीरगांव नगर निगम महापौर श्रीमती अम्बिका यदु ने भी संबोधित किया। पूर्व महापौर श्रीमती किरणमयी नायक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री पंकज शर्मा, छठ महापर्व आयोजन समिति के प्रमुख श्री राजेश, श्री अवधेश गौतम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और व्रति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल बीरगांव के व्यास तालाब और हीरापुर के छुईया तालाब में आयोजित छठ महापर्व में भी शामिल हुए और यहां रहने वाले उत्तर भारतीय और भोजपुरी समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बीरगांव क्षेत्र के विकास में कोई कमी नही रखी जाएगी। यहां तालाब के सौन्दर्यीकरण, पेयजल की व्यवस्था और कॉलेज की व्यवस्था आदि मांगों पर आवश्यक पहल करने के लिए आश्वस्त किया। बीरगांव के व्यास तालाब में छठ महापर्व का आयोजन भोजपुरी समाज एवं छठ पूजा समिति द्वारा किया गया था। मुख्यमंत्री ने हीरापुर के छुईया तालाब के किनारे स्थित सूर्य मंदिर जाकर पूजा अर्चना की और प्रदेश की जनता की सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर उत्तर भारतीय समाज द्वारा मुख्यमंत्री का गज माला से स्वागत किया गया और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति से जुड़े श्री राकेश सिंह गौतम, श्री भोला सिंह सहित छठ महापर्व से जुड़े पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

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