छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ (21101)

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश, कार्यों में प्रगति नहीं होने पर पर होगी कार्रवाई

विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का असर धरातल पर दिखे – श्री अरुण साव

लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर. सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दंतेवाड़ा में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने चारों विभागों के स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा कर कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा योजनाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।

श्री साव ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्य शैली और कार्य संस्कृति में बदलाव लाते हुए परिणाम आधारित कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग सहित सभी निर्माण एजेंसियां सड़कों, भवनों, पुल-पुलियों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कार्यों में अनावश्यक विलंब होने पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी शासकीय कार्यालयों एवं परिसरों को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं नागरिकों के अनुकूल रखने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बनाए जा रहे आवासों के निर्माण में तेजी लाने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन की पूर्ण हो चुकी योजनाओं को संचालन के लिए ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने को कहा। उन्होंने प्रगतिरत नल जल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने तथा ठेकेदारों व संबंधित एजेंसियों के लंबित बिलों के भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जल आपूर्ति योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा।

श्री साव ने बरसात की समाप्ति के तुरंत बाद सभी निर्माण कार्यों में तत्परता से गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आज की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता, सक्रियता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करें। विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। वनमंडलाधिकारी श्री रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बस्तर संभागीय कार्यालय और दंतेवाड़ा जिला कार्यालय के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

*हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिले, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

 

*विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में राशन वितरण की नियमित निगरानी के निर्देश*

 

*आमानारा में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया*

 

*रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर ली जानकारी, पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश*

 

*शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान निलंबित, चिड़ोडी की राशन दुकान से की गई वैकल्पिक व्यवस्था*

 

*मुख्यमंत्री ने कहा - ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो, खाद्य विभाग और जिला प्रशासन सुनिश्चित करें*

 

रायपुर 11 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को उसके अधिकार का पूरा राशन समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राशन वितरण में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर तत्काल कार्रवाई की जाए।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही तक निर्धारित मात्रा में और समय पर पहुंचे, यह संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में अधिकारी अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ राशन की उपलब्धता और वितरण की निगरानी करें।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आमानारा गांव में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और प्रभावित पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से कहा कि शिकायत से जुड़े वितरण अभिलेखों की समुचित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार अपने हक के खाद्यान्न से वंचित न रहे। ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और हितग्राहियों को वास्तव में दिए गए खाद्यान्न का मिलान कर किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

 

जिला कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि शिकायत सामने आते ही मामले की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पहाड़ी कोरवा परिवारों एवं अन्य हितग्राहियों को राशन मिलने में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में चिड़ोडी की राशन दुकान से संबद्ध किया गया है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के साथ ही जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सतत निगरानी की जाए, ताकि ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। हर हितग्राही को समय पर और गुणवत्ता के साथ राशन वितरण सुनिश्चित हो। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सहज, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुंचाना हमारी सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। प्रत्येक पात्र परिवार को उसका अधिकार बिना किसी बाधा के मिले, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

*विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

 

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

 

*खामभाठा में निर्माणाधीन पुल से बच्चों और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया*

 

*गरियाबंद कलेक्टर से दूरभाष पर ली जानकारी, निश्चित समयसीमा में पुल निर्माण पूरा कराने के निर्देश*

 

*स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए तत्काल सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने कहा सुनिश्चित*

 

*निर्माणाधीन स्थल पर खुले सरिए, गड्ढे एवं अन्य जोखिमों को तत्काल दूर करने के निर्देश*

 

रायपुर 11 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में जनसुविधा से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित निगरानी करें और जहां भी कार्य की गति धीमी है, वहां बाधाओं को तत्काल दूर कर काम में तेजी लाएं।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। विशेष रूप से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी को गंभीरता से लिया जाएगा और अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।

 

इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत खामभाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के कारण स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी की जानकारी मिलते ही इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने गरियाबंद कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और निश्चित समयसीमा तय कर पुल का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही लेटलतीफी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण पूरा होने तक स्कूली बच्चों और क्षेत्रवासियों को किसी भी परिस्थिति में जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन तत्काल सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन पुल स्थल पर सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने खुले एवं खतरनाक तरीके से लगे सरियों को सुरक्षित करने, गहरे गड्ढों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों को दुरुस्त करने तथा आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग सहित सभी जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ नागरिकों को निर्धारित समय पर मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर जताया गहरा शोक*

 

*मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अधिकारियों की टीम रवाना*

 

रायपुर 11 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के नागरिकों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से निरंतर समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की

भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है : मुख्यमंत्री श्री साय

नीम करौली बाबा का जीवन मानव सेवा, प्रेम और भक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण : मुख्यमंत्री

भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम

मंत्रिपरिषद के सदस्य एवं निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्ष भी रहे उपस्थित

रायपुर, 10 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल के सिनेमाघर में सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों ने भी फिल्म देखी।

फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव सर्वोपरि रहा। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की सामर्थ्य रखता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।

उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, आध्यात्मिक यात्रा और उनके सेवा एवं भक्ति के संदेश पर आधारित है।

इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

आबकारी विभाग ने दो अफसर किए निलंबित

महासमुंद में 190 रूपए की शराब 200 रूपए में बेचने का खुलासा

कांकेर में 4409 खाली बोतलें और 105 पत्ता स्टीकर-होलोग्राम बरामद

रायपुर,  सितम्बर 2026/प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक श्री नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक श्रीमती रानू मरकाम तथा जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।

190 रूपए की शराब 200 रूपए में बेची

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 श्री दिनेश्वर धु्रव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव, शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 श्री गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई।
इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए, यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

प्रभार क्षेत्र में अनियमितता पर नितेश सिंह बैस निलंबित

विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद श्री नितेश सिंह बैस, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छ.ग.) निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

कांकेर में अवैध शराब निर्माण की बड़ी तैयारी का खुलासा

इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है।

जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं।

रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर भी गिरी गाज

यह प्रकरण श्रीमती रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

रायपुर,  सितंबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राजधानी रायपुर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के सुचारू और सतत संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, वित्तीय दायित्वों और तकनीकी उन्नयन सहित इसके भविष्य में विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में आईटीएमएस से जुड़े लंबित वित्तीय दायित्वों की समीक्षा के साथ सिस्टम के नियमित संचालन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने आईटीएमएस के प्रभावी संचालन के लिए वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और दीर्घकालिक योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कैमरों और तकनीकी संसाधनों के उन्नयन पर जोर

बैठक में आईटीएमएस के अंतर्गत लगाए गए उपकरणों, कैमरों, सर्वर और सॉफ्टवेयर को समयानुकूल अपग्रेड करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप सिस्टम को आधुनिक बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

नई सड़कों और जंक्शनों तक होगा विस्तार

आईटीएमएस को रायपुर की नई सड़कों, प्रमुख कॉरिडोर और जंक्शनों तक विस्तारित करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय संसाधनों का आकलन कर चरणबद्ध तरीके से विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार किया गया।

बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, तकनीकी उन्नयन और भविष्य के विस्तार के लिए दीर्घकालिक वित्तीय रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।

बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, एडीजीपी श्री दीपांशु काबरा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न

रायपुर,  सितंबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की नवमीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन के संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाइन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने प्रदेश में जलग्रहण के तहत किए जाने वाले कार्यों में अधिक से अधिक भूमिगत जलसंग्रहण के कार्यों को कराने की बात कही। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा आजीविका गतिविधियों के कार्यों को शामिल करने के निर्देश अधिकारियेां को दिए है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पौधा रोपण सहित अमृत सरोवर, स्टापडेम, चेकडेम सहित अन्य जलसंग्रहण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रमों की वर्ष 2021 से अब तक किए गए कार्यों प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में वाटरशेड विकास कार्यक्रम- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्ताव तैयार करने के क्षेत्रफल अनुमोदन के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जलग्रहण प्रबंधन क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत आजीविका की गतिविधियों के अंतर्गत डेयरी, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, शुकर पालन, बत्तख पालन, मधुमक्खी पालन, ड्रीम, स्पींकलर, पंप मोटर, पंप, अगरबत्ती उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आटा चक्की, दाल पिसाई मशीन, मशाला पिसाई मशीन इत्यादि कार्यों को शामिल करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल संग्रहण संरचानाओं के कार्यों जैस-चेकडेम, स्टापडेम, कुंआ, फार्म पॉण्ड, अरदन डेम, सिंचाई तालाब, डबरी, वृक्षारोपण तथा मृदा एवं नमी संरक्षण संरचना के कार्यों से प्रदेश में अतिरिक्त सिंचाई रकबा की वृद्धि हुई है, इससे राज्य के किसानों को लाभ हुआ है।

बैठक में पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नाबार्ड, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड सहित शासी परिषद के अन्य सदस्य शामिल हुए।

IHCL का 111 कमरों वाला Ginger Hotel नवा रायपुर में होगा विकसित

नवा रायपुर की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है नई परियोजना - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

बिजनेस, पर्यटन और निवेश के लिए नवा रायपुर को मिल रही विश्वस्तरीय सुविधाओं की नई कड़ी- वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी

रायपुर  सितंबर 2026/ नवा रायपुर अटल नगर अब देश के प्रमुख आधुनिक शहरों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने नवा रायपुर में अपने प्रतिष्ठित Ginger Hotel की स्थापना की घोषणा की है। 111 कमरों वाला यह होटल ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए IHCL ने ECHT Ventures के साथ साझेदारी की है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर में देश की प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL का Ginger Hotel लाना छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ते निवेशकों के विश्वास और नवा रायपुर की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुविधायुक्त और निवेश के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के लिए बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का विस्तार नवा रायपुर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में Ginger Hotel का आगमन शहर के तेजी से विकसित होते बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय संस्थानों, निवेश परियोजनाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण आवास और आतिथ्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नवा रायपुर में निवेश करने वाले उद्यमियों और यहां आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को एक आधुनिक और सुविधाजनक इकोसिस्टम उपलब्ध हो। Ginger जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड की परियोजना नवा रायपुर की बदलती तस्वीर और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती है।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा Ginger Nava Raipur

प्रस्तावित Ginger Nava Raipur में 111 कमरे होंगे। होटल में विशाल एवं आधुनिक कमरे, Ginger का सिग्नेचर ऑल-डे डाइनिंग रेस्टोरेंट Qmin, मीटिंग रूम और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन एवं अवकाश के लिए नवा रायपुर आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

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जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में करें पूरा - मुख्यमंत्री श्री साय

मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं को पूर्ण करने के निर्देश, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर

जल जीवन मिशन की जिलेवार नियमित समीक्षा करें कलेक्टर, बाधाओं का तत्काल करें समाधान

पूर्ण हो चुके कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों के बेहतर प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की सराहना

रायपुर  सितंबर 2026/ जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले, इस लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।

जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अब सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करना होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।

जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास तभी दीर्घकालिक परिणाम देंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जनभागीदारी की इसी शक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों।

हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें और जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।

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