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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने किया ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ का विमोचन

रायपुर, 16 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का आज भव्य शुभारंभ हुआ। लगभग 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने दीप प्रज्वलित कर किया।

शुभारंभ समारोह के विशेष अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ‘Chhattisgarh Local Body Election Year Book–2026’ के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों और चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करता है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके निर्वाचन की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है।

इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय निर्वाचन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्वशासन, निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों से जुड़े समसामयिक विषयों, डिजिटल पहलों, तकनीकी नवाचारों तथा निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उपायों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है।

समारोह में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह एवं आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और अतिथियों का स्वागत किया। सम्मेलन के प्रथम दिन डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग, निर्वाचन प्रबंधन में नवाचार, पारदर्शिता तथा स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री विजय देव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्थायी समिति के संयोजक श्री सुधांशु पांडे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

दो दिवसीय यह सम्मेलन देश में स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, निर्वाचन व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है। कल 17सितम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय नवा रायपुर अटल नगर में स्टैंडिंग कमिटी की बैठक होनी है। इसके बाद, नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी केपिटल सिटी, नया रायपुर के निर्माण और विकास के बारे में प्रस्तुतीकरण होगा। तत्पश्चात सभी अतिथियों को नया रायपुर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जायेगा, जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भ्रमण भी शामिल है।

 

श्रम जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिक एवं संस्थाएं 5 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन

श्रमिकों और संस्थाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र सहित मिलेगा पुरस्कार

रायपुर, 16 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार-2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पुरस्कार के तहत चयनित श्रमिक अथवा संस्था को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

यह पुरस्कार उन श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य किया हो। विशेष रूप से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे मजदूरों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए प्रभावी उपाय किए गए हों और जिनके परिणामस्वरूप पूरे वर्ष में कोई गंभीर दुर्घटना न हुई हो।

इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सुरक्षित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को भी पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। ऐसे प्रयास, जिनसे प्रदेश का नाम श्रम जगत में गौरवान्वित हुआ हो, पुरस्कार के लिए महत्वपूर्ण आधार होंगे।

5 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

श्रम विभाग द्वारा पात्र श्रमिकों एवं संस्थाओं से 5 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

इच्छुक श्रमिक एवं संस्थाएं श्रम विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in/alankaran.aspx के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पुरस्कार से संबंधित नियम, पात्रता, प्रक्रिया एवं आवेदन प्रपत्र भी इसी वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।

सुरक्षित कार्य संस्कृति को मिलेगा प्रोत्साहन

‘श्रम यशस्वी पुरस्कार’ श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्टता, श्रमिक सुरक्षा और स्वस्थ कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुरस्कार के माध्यम से उन श्रमिकों एवं संस्थाओं के प्रयासों को सार्वजनिक पहचान मिलेगी, जो कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और सुरक्षित कार्य वातावरण के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन करेंगे अध्यक्षता

17 सितंबर को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में होगा आयोजन

रायपुर, 16 सितंबर 2026/ भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर 17 सितंबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रमिकों के सम्मान, उनके योगदान को रेखांकित करने और श्रम शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन करेंगे।

सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाला यह महासम्मेलन प्रदेश के श्रमवीरों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर होगा। निर्माण से लेकर उद्योग, कृषि, सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में अपने परिश्रम से प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले श्रमिक इस आयोजन के केंद्र में रहेंगे।

भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रम, कौशल, निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित श्रमिक महासम्मेलन के माध्यम से श्रम के सम्मान और श्रमिकों के महत्व का संदेश प्रदेशभर में पहुंचाया जाएगा। श्रमिकों की मेहनत और कौशल से ही विकास की मजबूत नींव तैयार होती है। छत्तीसगढ़ के विकास में श्रम शक्ति की इसी महत्वपूर्ण भूमिका को यह आयोजन रेखांकित करेगा।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और मंत्री श्री केदार कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इनके साथ मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री दयालदास बघेल, श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री ओ.पी. चौधरी, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेन्द्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री योगेश दत्त मिश्रा और श्री किशोर महानंद सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

महासम्मेलन में महापौर श्रीमती मीनल चौबे तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल की भी सहभागिता रहेगी।

विश्वकर्मा जयंती के इस विशेष अवसर पर आयोजित श्रमिक महासम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश के श्रमवीरों के परिश्रम, कौशल और छत्तीसगढ़ के विकास में उनके अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का सार्वजनिक अभिव्यक्तिकरण होगा।

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एनएसटीआई से मिलेगी कौशल को नई पहचान, 45 वर्ष की आयु सीमा से अनुभव को लाभ-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अवसरों का विस्तार

(एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

रायुपर,  सितम्बर 2026/छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय तक ‘धान के कटोरे’ के रूप में रही है। खेतों में लहलहाती फसलें प्रदेश की समृद्धि की कहानी कहती हैं, लेकिन बदलते समय के साथ छत्तीसगढ़ ने विकास की अपनी यात्रा में नए आयाम जोड़े हैं। अब कृषि के साथ उद्योग, तकनीक के साथ कौशल और रोजगार के साथ उद्यमिता भी प्रदेश की नई पहचान बन रही है। इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत प्रदेश के युवा और अनुभवी मानव संसाधन हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के हालिया निर्णय इसी सोच को आगे बढ़ाते दिखाई देते हैं। एक ओर नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना होने से युवाओं को आधुनिक कौशल का मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किया जाना अनुभव और क्षमता को नए अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय है।

सपनों को डिग्री के साथ हुनर भी चाहिए

आज का युवा केवल शिक्षा नहीं, रोजगारपरक कौशल चाहता है। उद्योगों की बदलती जरूरतों के बीच ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का महत्व बढ़ गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्राम तेंदुवा में एनएसटीआई की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष करीब एक हजार तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में लगभग तीन हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। हजारों युवाओं के सपनों से जुड़ा अवसर है। इससे कोई तकनीकी कौशल हासिल करेगा, कोई उद्योग से जुड़ेगा, तो कोई अपना उद्यम शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

कौशल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह

एनएसटीआई की स्थापना होने से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। आज कौशल केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की क्षमता है। गांव और कस्बे के युवा को भी उद्यमशील बनने का अवसर मिलेगा। एक प्रशिक्षित युवा नौकरी तलाशने वाला बनने के साथ नौकरी देने वाला उद्यमी भी बन सकता है। यही कौशल से उद्यमिता और रोजगार से आत्मनिर्भरता की यात्रा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के युवाओं से अक्सर कहते हैं कि ऐसा कार्य करें जो युवाओं को रोजगार देने वाला बने, ताकि उनकी नई पहचान बन सके।

उम्र बढ़ी तो अवसरों का दायरा भी बढ़ा

अधिकतम आयु सीमा को 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय उन लोगों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है, जिनके पास अनुभव, कार्यकुशलता और जिम्मेदारियों का व्यावहारिक ज्ञान है। उम्र बढ़ने के साथ अनुभव बढ़ता है और अनुभव किसी भी व्यवस्था की महत्वपूर्ण पूंजी है। वर्षों तक काम कर चुके लोगों ने व्यवस्था को करीब से समझा है और चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे अनुभव का बेहतर उपयोग नई जिम्मेदारियों में किया जाना संस्थाओं को अधिक सक्षम बना सकता है।

युवा ऊर्जा और अनुभवी हाथ साथ चलें

विकास की मजबूत तस्वीर तब बनती है, जब युवा ऊर्जा और अनुभवी सोच साथ आती है। युवा नई तकनीक और नए विचार लाते हैं, जबकि अनुभवी वर्ग व्यावहारिक समझ और परिस्थितियों से निपटने का अनुभव देता है। एनएसटीआई युवाओं के हुनर को मंच देगा, तो आयु सीमा में वृद्धि अनुभवी वर्ग की क्षमता को अवसर। दोनों निर्णय मिलकर प्रदेश की मानव पूंजी को मजबूत करने की दिशा दिखाते हैं।

छत्तीसगढ़ का भविष्य केवल उसकी प्राकृतिक संपदा से नहीं, बल्कि उसके लोगों की क्षमता से तय होगा। जब हुनर को मंच, अनुभव को अवसर और सपनों को सही दिशा मिलेगी, तब विकास आंकड़ों से निकलकर लोगों की जिंदगी में दिखाई देगा। यही नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर है, जहां कौशल से रोजगार, अनुभव से अवसर और अवसर से आत्मनिर्भरता की राह तैयार हो रही है। इसी तरह के निर्णयों से छत्तीसगढ़ सरकार सेवा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने टीम के साथ राज्य की ओर से की भागीदारी

रायपुर.  सितम्बर 2026. गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF 2026) में छत्तीसगढ़ ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के नेतृत्व में राज्य से गई टीम ने फोरम में शामिल होकर सर्कुलर इकोनॉमी, संसाधन दक्षता और कचरे को संसाधन में बदलने के आधुनिक समाधानों पर वैश्विक विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल हैं।

राज्य की टीम के प्रमुख श्री बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के अधिकतम उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य का प्रयास है कि नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कचरे का बेहतर प्रबंधन करते हुए उसे उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ, मजबूत और टिकाऊ शहरों के निर्माण को गति मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्य की पहल और मजबूत होगी।

फोरम में दुनिया के विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, नवाचारी तकनीक विकसित करने वाले संस्थान और क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, टिकाऊ उत्पादन एवं उपभोग तथा वेस्ट-टू-रिसोर्स जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

राज्य की टीम ने प्रदर्शनी केंद्रों का किया अवलोकन

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने फोरम के दौरान प्रदर्शनी केंद्रों का भी अवलोकन किया। यहां रिसाइक्लिंग, संसाधनों की रिकवरी, कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने, टिकाऊ सामग्री तथा सर्कुलर बिजनेस मॉडल से जुड़ी नवीन तकनीकों और समाधानों को प्रदर्शित किया गया था। टीम ने इन तकनीकों और मॉडलों के जरिए कचरे को बोझ के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने की संभावनाओं को समझा।

छत्तीसगढ़ के शहरी विकास के लिए उपयोगी समाधानों की तलाश

विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में सहभागिता के दौरान राज्य की टीम को वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को समझने तथा छत्तीसगढ़ के शहरी विकास और अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र के लिए उपयोगी नवाचारों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला। इनमें विशेष रूप से संसाधन दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और वेस्ट-टू-वैल्यू से जुड़े समाधानों पर फोकस रहा।

मुख्यमंत्री ने किया ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ की ट्रॉफी का अनावरण, गोल्फ में हाथ आजमाकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर ले रहे हिस्सा, 18 विदेशी खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपना कौशल

मुख्यमंत्री ने कहा - नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एवं पीजीटीआई अध्यक्ष श्री कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन

दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तरह भविष्य में प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए खिलाड़ियों का किया आत्मीय स्वागत, बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता देखने का दिया न्योता

रायपुर 15 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ तेजी से देश के उभरते स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार, प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों की मेजबानी से छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े टूर्नामेंट का नवा रायपुर में आयोजन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया तथा देश-विदेश से आए प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर स्वयं गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को गोल्फ खेलते देखकर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अतिथियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि नवा रायपुर में देश के प्रोफेशनल गोल्फ का इतना प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और दुनिया के श्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना प्रदेश में खेलों के लिए विकसित हो रहे अनुकूल वातावरण का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं रहता। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने एवं उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के बड़े आयोजन लगातार हों और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

पहले फिल्मों में देखते थे गोल्फ, आज छत्तीसगढ़ कर रहा बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी

मुख्यमंत्री श्री साय ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था, जब हम गोल्फ के बारे में केवल सुना करते थे या फिल्मों में लोगों को गोल्फ खेलते देखते थे। आज बदलते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह प्रदेश के विकास के साथ यहां तेजी से विस्तार ले रही खेल संस्कृति का सुखद संकेत है।

 

6 जिलों में 44 मुख्य सड़क कार्यों के लिए 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति


रायपुर, 15 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा संभाग के विकास और सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संभाग के सभी छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए 44 मुख्य सड़क कार्यों हेतु कुल 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत नई सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण, डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण, फोरलेन निर्माण और आवश्यक स्थानों पर पुल-पुलिया का निर्माण किया जाएगा।

सरगुजा जिला

अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग के 5 किमी हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 69.10 करोड़ रुपए तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी फोरलेन के लिए 61.34 करोड़ रुपए स्वीकृत। लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्रों में असकला-दोरना मार्ग, सोनतराई-मैनपाट मार्ग (26.33 करोड़) सहित विभिन्न मार्गों और पुलियों के सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।

सूरजपुर जिला

भटगांव विधानसभा क्षेत्र के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर 63 किमी मार्ग के लिए 64.93 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा कल्याणपुर-लटोरी मार्ग (40.93 करोड़), विशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (32.24 करोड़) और सूरजपुर के 17 किमी रिंग रोड के मजबूतीकरण (16.39 करोड़) सहित कई अन्य मार्ग संवरेंगे।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिला

परसवार से चलगली 18 किमी उन्नयन मार्ग के लिए 38.80 करोड़ रुपए, वाड्रफनगर- जनकपुर-बलंगी मार्ग के लिए 35.32 करोड़ रुपए, तथा कामेश्वरनगर-लुरगी मार्ग के लिए 25.69 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।

जशपुर जिला

लुड़ेग-बागबहार-तपकरा-लवाकेरा 55.80 किमी राज्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 40.32 करोड़ रुपए, पत्थलगांव के पहाड़ी भागों के उन्नयन हेतु 36.85 करोड़ रुपए, और बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग के लिए 34.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।

सड़कें बनेंगी विकास की जीवनरेखा

इन व्यापक सड़क परियोजनाओं से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक लाभ होंगे। कृषि और व्यापार को गति मिलेगी, किसानों के कृषि उत्पाद आसानी से बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर होगा स्वास्थ्य और शिक्षा, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से गांवों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ त्वरित गति से पहुँचेगा।

1,093.73 करोड़ रुपए की लागत वाली ये 44 परियोजनाएं सरगुजा संभाग के समग्र विकास, निवेश और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होंगी।

 

17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, जनभागीदारी और जनसेवा को दिया जाएगा व्यापक स्वरूप

रायपुर. 15 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, आयुक्तों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में अभियान के दौरान संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों, विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल अहमदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में जुड़े।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसेवा के प्रति आभार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन से जोड़ने के लिए अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा। उन्होंने अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के विकास और जनकल्याण के लिए विगत 25 वर्षो से अनवरत कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है। श्री साव ने कहा कि आज चीन भी भारत के साथ काम करना चाहता है और रूस के साथ भारत की मित्रता और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है और ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अभियान के दौरान किए जाने वाले कार्यों के प्रभावी दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न गतिविधियों और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों का व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकरण किया जाए। हर आयोजन की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए तथा उनकी रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाए, ताकि अभियान की गतिविधियों और उनके प्रभाव की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि योजनाओं और अभियानों से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को भी प्रमुखता से सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों, गतिविधियों और उपलब्धियों को रिकॉर्ड कर डिजिटल माध्यमों से प्रसारित करने पर ध्यान दिया जाए। बैठक में अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा की कहानी’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा—मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के साथ प्रस्तावित है।

श्री साव ने विशेष रूप से ‘सेवा की कहानी’ के तहत वास्तविक लाभार्थियों की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाने और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ से जुड़ी गतिविधियों को भी जनभागीदारी के साथ संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। श्री साव ने कहा कि स्वच्छता को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को अपनी अगुवाई में नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ने का आह्वान किया जाएगा।

लखनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

17 सितंबर को आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर ‘सेवा संकल्प अभियान‘ में सहभागी बनने का किया आह्वान

रायपुर, 15 सितंबर 2026/ सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े।

हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

‘सेवा संकल्प अभियान‘ से जुड़कर जनभागीदारी को मजबूत करने का आह्वान

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।

 

तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही मीरा से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत, एक हजार रुपए देकर किया उसके श्रम और स्वावलंबन का सम्मान

मुख्यमंत्री ने पूछा - सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है? मीरा ने बताया - जनधन खाता खुला है, महतारी वंदन योजना की राशि भी मिल रही

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं खरीदा मिट्टी का दीया, सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का किया आह्वान

स्थानीय श्रम और स्वावलंबन के सम्मान का संदेश दे गया मुख्यमंत्री का सहज अंदाज

रायपुर 15 सितंबर 2026/ राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए आज का दिन अचानक बेहद खास बन गया। रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया।

मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा।

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है।

महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने। शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें - इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है। उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है। जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है।

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