ईश्वर दुबे
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*डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक - राज्यपाल श्री डेका*
*आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हुए शामिल*
*19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित*
*504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई*
रायपुर, 12 सितंबर 2026/ राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए, जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई
*विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह*
राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।
*विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें*
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।
*विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए*
श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।
*निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन*
*मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन BOCW शुरू*
रायपुर, 12 सितंबर 2026/ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ('National Conference on BOCW') का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के निर्माण श्रमिकों के सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती शोभा करंदलाजे, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल और छत्तीसगढ़ के श्रम सचिव श्री हिम शिखर गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा मंडल सचिव श्री गिरीश रामटेके ने किया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों ने श्रमिक हित में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। साथ ही निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भविष्य की रणनीतियों पर रणनीति तैयार की जा रही है। यह आयोजन देश के निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
उच्च स्तरीय समिति द्वारा आयोजित द्विपक्षीय चर्चा में आमंत्रित किए गए सुझाव
रायपुर, सितंबर 2026/ समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के पूर्व राज्य स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत चर्चा एवं सुझाव के लिए दो दिवसीय बैठक 10 सितंबर से आयोजित की गई, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के सदस्य श्री एम. के. राउत की अध्यक्षता में पीपीटी के माध्यम से समान नागरिक संहिता के वर्तमान नियमों एवं कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार उपस्थित थे।
पुराना सर्किट हाउस के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय परामर्श बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और राज्य आयोगों के प्रमुखों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। दो दिनों तक चले इस गहन मंथन सत्र के दौरान मुख्य रूप से विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर सभी पक्षों से खुलकर सुझाव लिए गए।
इस दौरान गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के प्रांतीय सचिव श्री गजानंद नुरूटी ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक ताने-बाने की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय की मौलिक पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का औपचारिक अनुरोध किया। वहीं, दूसरी ओर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने समाज में लैंगिक समानता की पुरजोर वकालत की। उन्होंने महिला एवं पुरुष को समान अधिकार देने, बेटे और बेटी को संपत्ति में बराबर का उत्तराधिकार सौंपने, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीयन कराने तथा संपत्ति व वसीयत से जुड़े स्पष्ट कानूनी प्रावधान स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने का सुझाव दिया। क्रिश्चन समाज के श्री राजेश जॉन पाल सहित समाज के आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव में कहा कि विवाह को ईश्वर के द्वारा बनाई गई अटूट जोड़ी मानी जाती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। लिव-इन संबंध को समाज द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने बच्चों के अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न सामाजिक समूहों से प्राप्त इन सभी महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्यों और सुझावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, ताकि एक समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार किया जा सके।
बैठक में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री बृजेश पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दिनेश देवांगन, अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष श्री प्रमोद तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती भारती राठौर ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को अधिक कारगर, स्पष्ट व पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा बैठक के द्वितीय सत्र में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा तथा श्री आशीष बाजपेयी ने समान नागरिक संहिता पर अपने विचार एवं अभिमत समिति के समक्ष दर्ज कराया। इसी प्रकार मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. कुलदीप सोलंकी, डॉ. सुरभि दुबे तथा डॉ. के.पी. आजमानी ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के संबंध में अपनी राय दी तथा उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सुझाव दिए।
नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता
आंगनबाड़ियों में लड्डू योजना का भी आगाज़
रायपुर, सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।
यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।
यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
राजस्व और वन मंत्री ने किया निःशुल्क पीएससी-व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का शुभारंभ
रायपुर, सितंबर 2026/ बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को तराशने और उनके प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपनों को साकार करने के लिए नारायणपुर में एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से संचालित निःशुल्क पीएससी एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया।
जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना है। कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं।
शुभारंभ समारोह के दौरान मंत्रियों और अतिथियों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, मानक पुस्तकें, पेन और आवश्यक स्टडी किट भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इन अभ्यर्थियों को न केवल सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी, बल्कि विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाओं के माध्यम से राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापम जैसी कठिन परीक्षाओं की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी नजर रखेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, छोटेडोंगर सरपंच, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक होंगे विभिन्न आयोजन
रायपुर. सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज दन्तेवाड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि जनपद, तहसील, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी रूप से आयोजित किए जाएं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वसहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागवार तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अभियान के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘सेवा की कहानी’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’ ‘जल जन सेवा संकल्प’ और ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वच्छता एवं जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां भी होंगी।
कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने जिले में अभियान की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि व्यापक जनभागीदारी के लिए विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर दिनवार एवं तिथिवार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के साथ नियमित समीक्षा कर तैयारियों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल शासकीय कार्यक्रमों की श्रृंखला न होकर सेवा, समर्पण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने का अवसर बने। डीएफओ श्री रामाकृष्ण रंगानाथा वाय. और अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्र सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने के केंद्र के सुधारों के अनुरूप छत्तीसगढ़ की नई पहल
Negative List आधारित व्यवस्था से भूमि उपयोग होगा अधिक लचीला और व्यावहारिक, निवेश एवं विकास गतिविधियों को मिलेगी सहजता
रायपुर, सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ में विकास गतिविधियों को गति देने और भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित संशोधन में विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए Negative List आधारित व्यवस्था अपनाने का प्रावधान किया गया है। यह पहल केंद्र सरकार के डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने के व्यापक सुधारों के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए तथा विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी तथा प्रदेश में निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। Negative List आधारित व्यवस्था के माध्यम से प्रतिबंधित गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा, जबकि अन्य गतिविधियों के लिए अनावश्यक नियामकीय बाधाएं कम होंगी। इससे बदलती आर्थिक एवं सामाजिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन@2047 के अनुरूप और भारत सरकार के डीरिगुलेशन एवं ईज ऑफ लिविंग से जुड़े सुधारों की दिशा में छत्तीसगढ़ लगातार नीतिगत सुधार कर रहा है। आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में ग्रामीण और शहरी विकास को गति देने के लिए अनेक सुधार किए गए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियमों में प्रस्तावित यह बदलाव प्रदेश के आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
उन्होंने कहा कि इस सुधार से मास्टर प्लान में निर्धारित विभिन्न भूमि उपयोगों को अधिक लचीला, व्यावहारिक और समयानुकूल बनाया जा सकेगा। इसका लाभ आम नागरिकों को भी मिलेगा और भूमि उपयोग से संबंधित प्रक्रियाओं में आने वाली कठिनाइयों को कम करने का मार्ग प्रशस्त होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ नियोजित विकास और आवश्यक प्रतिबंधों के बीच संतुलन स्थापित करना है।
प्रतिबंधित गतिविधियों की स्पष्ट सूची, अन्य गतिविधियों के लिए व्यापक अवसर
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों में केवल निर्धारित निषिद्ध गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाएगा। संबंधित भूमि उपयोग श्रेणी की Negative List में शामिल नहीं होने वाली गतिविधियों को अनुमत माना जाएगा। इससे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में विकसित होने वाली नई गतिविधियों के लिए भी अधिक व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रस्ताव में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, परिवहन, आमोद-प्रमोद तथा कृषि भूमि उपयोग के लिए अलग-अलग निषिद्ध गतिविधियों की सूची निर्धारित की गई है। इससे प्रत्येक क्षेत्र की प्रकृति, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और विकास की जरूरतों के अनुरूप स्पष्ट नियामकीय व्यवस्था विकसित होगी।
आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता
आवासीय भूमि उपयोग के अंतर्गत प्रदूषणकारी उद्योगों, बड़े भंडारण, कबाड़खानों, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन एवं मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन जैसी गतिविधियों को निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है। इससे आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा, पर्यावरणीय गुणवत्ता और बेहतर जीवन-परिस्थितियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सक्ती के जेठा में किया पौधरोपण
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने लगाया कदम और मुख्यमंत्री श्री साय ने बादाम का पौधा
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की प्रेरक पहल है ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
रायपुर सितम्बर 2026/ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान और मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
बेमेतरा, जशपुर, डोंगरगढ़ और कांकेर में सहेजे जाएंगे तालाब, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल संवर्धन को मिलेगी मजबूती
शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित बनाने सरकार प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
रायपुर. सितम्बनर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 4 शहरों में तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 22 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने मिशन अमृत 2.0 के तहत बेमेतरा, जशपुर, डोंगरगढ़ और कांकेर के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा चारों शहरों में इन कार्यों के लिए आज प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।
राज्य शासन द्वारा शहरों में तालाबों को पुनर्जीवित करने और उनके जीर्णोद्धार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मिशन अमृत 2.0 के वॉटर बॉडी रिज्यूविनेशन घटक के अंतर्गत 4 शहरों के लिए कुल 22 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। सूडा द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों के पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और भूजल संवर्धन की मजबूती के काम किए जाएंगे।
मिशन अमृत (अटल शहरी नवीकरण एवं परिवर्तन मिशन) 2.0 के तहत सूडा द्वारा जशपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-9 में सती तालाब के पुनर्जीवन के लिए 4 करोड़ 17 लाख रुपए, कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-19, अघननगर में दुधावा तालाब के लिए 5 करोड़ 4 लाख रुपए, अहिवारा नगर पालिका में छटवा तालाब के लिए 9 करोड़ 60 लाख रुपए तथा डोंगरगढ़ नगर पालिका में सिंघोला बांधा तालाब के पुनर्जीवन के लिए 3 करोड़ 38 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। स्वीकृत राशि में इन परियोजनाओं के 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण (O&M) के प्रावधान भी शामिल है। इनके निर्माण कार्यों की निगरानी भारत सरकार द्वारा नियुक्त थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मॉनिटरिंग एजेंसी (IRMA) द्वारा की जाएगी।
चारों कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने चारों निकायों में कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 'अमृत मिशन 2.0' का मुख्य उद्देश्य हमारे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाना है। अहिवारा, कांकेर, जशपुरनगर और डोंगरगढ़ में स्वीकृत ये 4 परियोजनाएं न केवल हमारे प्राकृतिक जल निकायों का अस्तित्व बचाएंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव रखेंगी।
जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल संवर्धन को मिलेगी मजबूती
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तालाब केवल जल संग्रहण के साधन नहीं हैं, बल्कि वे शहरों के पर्यावरणीय संतुलन और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। श्री बोरा ने कहा कि इन तालाबों के पुनर्जीवन से जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को मजबूती मिलेगी तथा नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और पर्यावरणीय गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने चारों निकायों को सभी कार्यों को निर्धारित मापदंडों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार सुनिश्चित करने को कहा है।
सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े विकास कार्यों से क्षेत्र में बढ़ेंगी सुविधाएं
रायपुर सितम्बर 2026/ केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा में आयोजित कार्यक्रम में जिले को लगभग 122 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। दोनों अतिथियों ने 121 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक की लागत के कुल 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
इनमें लगभग 79.25 करोड़ रुपए की लागत के 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लगभग 42.46 करोड़ रुपए की लागत के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों से जिले में सड़क संपर्क के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासनिक और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।
भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में लगभग 25.82 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा, बरतुंगा, तुलसीडीह, अण्डा, चरौदा होते हुए सपिया नहरपार तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तथा लगभग 15.30 करोड़ रुपए की लागत से छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली होते हुए सेमराडीह तक 12 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण शामिल है। इसके साथ ही अण्डी-किरकार-जगमहन से सातबहिनिया तक सड़क, नगझर-नवापारा मार्ग और गुरेराडीह किरारी से केसला मुख्य मार्ग सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।
शिक्षा और युवाओं के लिए शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती के नवीन भवन, बेदराम शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा में अतिरिक्त भवन तथा नवीन लाइवलीहुड संस्थान भवन का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न ग्रामों में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा महिलाओं के लिए महतारी सदनों के निर्माण कार्यों की भी आधारशिला रखी गई।
लोकार्पित प्रमुख कार्यों में लगभग 14.35 करोड़ रुपए की लागत से मालखरौदा क्षेत्र में कलमी नहरपार से चिखली, छोटेकोट, बड़ेकोट, सिंघरा होते हुए बेल्हाडीह तक सड़क तथा लगभग 11.35 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा से कठरापाली, निमोही, सिंघीतराई, बेनीपाली होते हुए ओड़ेकेरा मुख्य मार्ग तक पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण शामिल है। बुंदेली-अड़भार मार्ग का भी लोकार्पण किया गया।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पंप, चन्द्रपुर एवं हसौद के नवीन तहसील कार्यालय भवन, डभरा, चन्द्रपुर एवं जैजैपुर के नवीन पुलिस थाना भवन, अड़भार पुलिस चौकी भवन, सुलौनी हाईस्कूल भवन, गोपालपुर प्रशिक्षण भवन तथा गोबरा में महतारी सदन सहित अन्य विकास कार्य जनता को समर्पित किए गए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री श्री चौहान
पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिल रही नई मजबूती : मुख्यमंत्री श्री साय
छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात
सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर में पीएम आवास सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर तक बढ़ी
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 2 लाख नवनिर्मित आवासों में कराया गृह प्रवेश
ग्रामीण विकास के कई नवाचारों और अभियानों का शुभारंभ, उत्कृष्ट लखपति दीदियों एवं पंचायतों का हुआ सम्मान
रायपुर सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। सक्ती में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में 2 लाख नवनिर्मित आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने नवगठित सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति संबंधी पत्र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को सौंपा।
छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पीएम आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री श्री चौहान
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी संकल्प को जमीन पर साकार करने वाली महत्वपूर्ण योजना है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है और प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के आवास, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों को केवल पक्की छत ही नहीं मिल रही, बल्कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में व्यापक बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर कर रहे काम
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रदेश अब केवल धान के कटोरे के रूप में ही नहीं, बल्कि तेजी से सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का किया स्वागत, उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं
विद्यार्थियों से शिक्षा को समाज और राष्ट्र सेवा से जोड़ने का किया आह्वान
रायपुर, सितंबर 2026। शासकीय नवीन महाविद्यालय लखनपुर में सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार को ‘दीक्षारंभ कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय मंत्री श्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए और उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर उत्साह और उमंग देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का स्वागत किया गया तथा उन्हें महाविद्यालयीन जीवन की नई यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं। मंत्री श्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया तथा नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत किया।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव की शुरुआत है। विद्यार्थी इस अवसर को केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यक्तित्व, ज्ञान और क्षमताओं के विकास के लिए इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही आने वाले समय में समाज और देश की दिशा तय करेगा। इसलिए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहते हुए अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थियों को अपने सपनों को पहचानने और उन्हें साकार करने का अवसर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर सीखते रहें, नई चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार करें और अपने माता-पिता, गुरुजनों तथा क्षेत्र का नाम रोशन करने का प्रयास करें।
श्री अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाले विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है तो केवल उसे सही दिशा देने और निरंतर प्रयास करने की। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक, खेलकूद, साहित्यिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों से किया संवाद
कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों की अभिरुचियों और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। छात्र-छात्राओं ने भी उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
परंपरागत रूप से हुआ स्वागत
दीक्षारंभ कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामय वातावरण में हुई। मंच पर अतिथियों का स्वागत किया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में स्वागत एवं अभिनंदन की परंपरा के साथ उन्हें महाविद्यालयीन जीवन से परिचित कराने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों का तिलक एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत करते हुए उन्हें नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
नए विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
दीक्षारंभ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्र-छात्राएं शामिल हुए। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर ने नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के वातावरण से जुड़ने, शिक्षकों एवं सहपाठियों से परिचित होने तथा अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ करने का अवसर प्रदान किया।
लखनपुर के गोरता में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने हितग्राहियों को सौंपी ‘खुशियों की चाबी
सरगुजा जिले में पीएम आवास, पीएम जनमन और मुख्यमंत्री आवास के तहत हुआ गृह प्रवेश
रायपुर, सितंबर 2026। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के ग्राम पंचायत गोरता में आज उस समय खुशी का माहौल बन गया, जब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत निर्मित पक्के मकानों में हितग्राहियों ने विधिवत गृह प्रवेश किया। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर हितग्राही परिवारों को उनके नए आशियाने की चाबी सौंपी और उन्हें सुखद एवं सुरक्षित गृहस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने विधिवत पूजन एवं फीता काटकर गृह प्रवेश कराया तथा प्रतीकात्मक रूप से हितग्राहियों को ‘खुशियों की चाबी’ प्रदान की।
अपने पक्के घर का सपना साकार होने पर हितग्राही परिवारों के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ नजर आया। लंबे समय से सुरक्षित और पक्के आवास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के लिए यह दिन नई उम्मीद, सम्मान, स्थायित्व और आत्मविश्वास की शुरुआत लेकर आया।
मंत्री ने सौंपी ‘खुशियों की चाबी’, परिवारों के चेहरे पर खिली मुस्कान
गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने हितग्राही जुगेंद्र राजवाड़े एवं उनकी पत्नी फूलमती को उनके नवनिर्मित पक्के आवास की चाबी सौंपी। जैसे ही परिवार को अपने नए घर की चाबी मिली, परिवार के सदस्यों के चेहरे खुशी से खिल उठे। हितग्राही परिवार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का घर मिलने पर शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी क्रम में अन्य हितग्राहियों जोगेंद्र राजवाड़े, छीहारो और संतोष सहित अन्य परिवारों को भी मंत्री श्री अग्रवाल ने ‘खुशियों की चाबी’ प्रदान की। उन्होंने हितग्राहियों को नए घर के लिए बधाई देते हुए कहा कि पक्का आवास केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं, बल्कि परिवार के सुरक्षित भविष्य, सम्मान और स्थायी आशियाने की मजबूत नींव है।
अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा करने हितग्राहियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामवासियों से संवाद भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत शेष आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए हितग्राहियों को प्रेरित किया। अधिकारियों ने हितग्राहियों से चर्चा कर आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी ली तथा अपूर्ण आवासों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत लखनपुर की अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, उपाध्यक्ष श्री कामेश्वर राजवाड़े, ग्राम पंचायत के सरपंच एवं पंच, जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती खुशबू शास्त्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, एबीपी फेलो और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
‘हर पात्र परिवार को पक्का घर’ के संकल्प को मिल रही गति
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ऐसे पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, जिनके पास स्वयं का पक्का घर नहीं है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर आवासीय सुविधा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्राम गोरता में आयोजित गृह प्रवेश कार्यक्रम ने इस संकल्प की जमीनी तस्वीर प्रस्तुत की। जब हितग्राही परिवार अपने नए घर में प्रवेश कर रहे थे, तब पूरे गांव में उत्साह और प्रसन्नता का वातावरण देखने को मिला।
5,596 आवासों में एक साथ गूंजी गृह प्रवेश की खुशियां
सरगुजा जिले में आज प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) एवं मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (MMAY-G) के तहत निर्मित कुल 5,596 आवासों में गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 4,967, पीएम जनमन योजना के 398 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 231 आवास शामिल हैं।
कन्वेंशनल हॉल के डिजाइन में तकनीकी खामियों के बाद जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर के विरुद्ध कार्रवाई
विभिन्न योजनाओं में फर्म के अनुबंध समाप्त करने के निर्देश, भविष्य में नहीं दिया जाएगा कोई कार्य
अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव और आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के पालन पर दिया स्पष्ट संदेश
रायपुर, सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए वास्तुविद फर्म जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जिला कोरबा में निर्मित कन्वेंशनल हॉल के निर्माण के डिटेल डिजाइन में त्रुटियां एवं तकनीकी प्रस्ताव में कमियां पाए जाने के बाद मंडल ने फर्म के वर्तमान कार्यों से संबंधित अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रकरण में मंडल द्वारा संबंधित फर्म को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। फर्म द्वारा प्रस्तुत पालन प्रतिवेदन एवं स्पष्टीकरण का अपर आयुक्त द्वारा परीक्षण किया गया, जिसे संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मंडल ने संबंधित योजनाओं में फर्म के अनुबंध समाप्त करने की नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
चार योजनाओं में अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई
मंडल के निर्देशानुसार जी.टी. डिज़ाइन स्टूडियो, रायपुर द्वारा वर्तमान में विभिन्न संभागों के अंतर्गत वास्तुविद संबंधी कार्य की जा रही योजनाओं में अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इनमें रिडेवलपमेंट योजना, कैलाश नगर, राजनांदगांव; रिडेवलपमेंट योजना, रामानुजगंज, जिला बलरामपुर; आवासीय योजना, कबीर नगर फेस-02 (05 एकड़ भूमि); तथा अटल विहार योजना, बंधी, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही शामिल हैं।
संबंधित योजनाओं के कार्यपालन अभियंताओं को निर्देशित किया गया है कि वे फर्म को लिखित रूप से सूचित करते हुए अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई नियमानुसार सुनिश्चित करें। अनुबंध समाप्ति के बाद इन योजनाओं में फर्म द्वारा किसी भी प्रकार का आगामी कार्य नहीं किया जाएगा। साथ ही, नियमानुसार किसी भी प्रकार के दावे के भुगतान की कार्रवाई भी नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर मंडल का स्पष्ट संदेश
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा गत दिनों वास्तुविदों की बैठक आयोजित कर निर्माण कार्यों में तकनीकी गुणवत्ता, डिजाइन की शुद्धता एवं सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया था कि निर्माण कार्यों में डिजाइन संबंधी त्रुटि पाए जाने पर संबंधित वास्तुविद फर्म की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा—जिम्मेदारी से समझौता स्वीकार नहीं
मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की योजनाएं सीधे आम नागरिकों के हितों से जुड़ी हुई हैं। इन योजनाओं में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप निर्माण मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की शुरुआत से लेकर उसके पूर्ण होने तक डिजाइन, तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जिम्मेदारी से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। वास्तुविद फर्मों एवं संबंधित तकनीकी एजेंसियों को पूरी गंभीरता और विशेषज्ञता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। डिजाइन अथवा तकनीकी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित फर्म की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने कहा—तकनीकी लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
मंडल आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी शुद्धता और सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वास्तुविद द्वारा तैयार किए गए डिजाइन और तकनीकी प्रस्ताव निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।