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नयी दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी पश्चिम बंगाल में ‘‘ यात्राएं ’’ निश्चित तौर पर निकालेगी और उसे ऐसा करने से ‘‘ कोई भी नहीं रोक सकता है।’’कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले भाजपा को कूचबिहार में ‘‘ रथयात्रा ’’ निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था क्योंकि राज्य सरकार ने ऐसा होने पर हिंसा का अंदेशा जताया था।
 
 
शाह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम निश्चित तौर पर यात्रााएं निकालेंगे और हमें कोई नहीं रोक सकता। पश्चिम बंगाल में बदलाव के प्रति भाजपा प्रतिबद्ध है।
 
 
‘यात्राएं’ रद्द नहीं, सिर्फ स्थगित हुई हैं।’’ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने आरोप लगाया कि देश में सर्वाधिक सियासी हत्याएं राज्य में हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ पूरा पश्चिम बंगाल प्रशासन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है।’’
आगाज खुशनुमा हो तो अंजाम अच्छा ही होता है। यह अहसास अगले वर्ष (14जनवरी से) प्रयागराज में शुरू होने जा रहे अर्धकुंभ की तैयारियों को देखकर पक्का हो जाता है। अर्धकुंभ की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्साहित होकर अर्धकुंभ को कुंभ का नाम दे दिया। योगी सरकार कुंभ को दिव्य रूप देने में लगी है। योगी चाहते हैं कि इस बार का आयोजन पिछले सभी आयोजनों से भव्य ही नहीं विशाल भी हो। बताते चलें दो कुंभ मेलों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ पड़ता है। मगर योगी अर्धकुंभ का अवधारणा को ही नहीं मानते हैं। अगले साल यानी 2019 का कुंभ पचास दिनों का होगा, जो 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन से शुरू होकर 4 मार्च महाशिवरात्रि तक चलेगा। मेले में करीब पांच करोड़ श्रद्भालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिनकी सुरक्षा, मूलभूत जरूरतों सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह चुस्त−दुरूस्त रहेंगी। कुंभ मेला नगरी प्रयागराज को 14 बड़े शहरों के साथ हवाई मार्ग से भी जोड़ा जायेगा।
 
कुंभ स्नान का अदभुत संयोग करीब तीस सालों बाद बन रहा है। हिंदू धर्म में कुंभ  मेला एक महत्वपूर्ण पर्व के रूप में मनाया जाता है, जिसमें देश−विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल हरिद्वार, इलाहाबाद, उज्जैन और नासिक में स्नान करने के लिए एकत्रित होते हैं। कुंभ का संस्कृत अर्थ कलश होता है। हाल ही में यूनेस्को ने कुंभ को सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल कर लिया था। कुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन भी माना जाता है। एक साथ करोड़ों की तादात में दुनिया के किसी भी कोने में कभी भी इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु या लोग नहीं जुटते हैं। इस बार कई नई परम्पराएं भी शुरू हो सकती हैं। कहा जा रहा है कि विभिन्न अखाड़ों के कई साधु−संत कुंभ मेले में देहदान की घोषणा कर सकते हैं। साधू−संत अपना शरीर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिये दान करेंगे ताकि चिकित्सा विज्ञान के सहारे मानव सेवा हो सके। कुंभ मेले में देश के कोने−कोने से लोग शिरक्त करें, इसके लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रत्येक गांव के लोगों को न्योता भेज रही हैं। वहीं विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी योगी आमंत्रण भेजेंगे। कुंभ के महात्म्य, इसकी प्राचीनता एवं अध्यात्मिकता और इससे जुड़ी किवदंतियों की महत्ता को बताता हुआ कुंभ गान भी तैयार किया जायेगा। पहले यह गान हिन्दी में तैयार होगा,इसके बाद इसे अन्य भाषाओं में अनुवाद किया जायेगा। कुंभ नगरी प्रयाराज में कुंभ संग्रहालय बनाने की घोषणा भी योगी सरकार कर चुकी है। यह करीब 300 करोड़ रूपये में तैयार होगा।
 
 
बहरहाल, यहां यह जान लेना जरूरी है कि कुंभ का मेला मकर संक्रांति के दिन प्रारम्भ होता है। इस दिन जो योग बनता है उसे कुंभ स्नान−योग कहते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार मान्यता है कि किसी भी कुंभ मेले में पवित्र नदी में स्नान या तीन डुबकी लगाने से सभी पुराने पाप धुल जाते हैं और मनुष्य को जन्म−पुनर्जन्म तथा मृत्यु−मोक्ष की प्राप्ति होती है। कुंभ मेले में शाही स्नान का अपना महत्व होता है। मेले के दौरान पूरे देश के साधू−संत और अखाड़े यहां डेरा डाल लेते हैं। 14−15 जनवरी 2019 को मकर संक्रांति के दिन पहला शाही स्नान होगा और इसी स्नान के साथ कुंभ मेले का आगाज हो जायेगा। इसके पश्चात 21 जनवरी 2019 पौष पूर्णिमा, 31 जनवरी 2019, पौष एकादशी स्नान, 04 फरवरी 2019 मौनी अमावस्या को मुख्य शाही स्नान, (दूसरा शाही स्नान), 10 फरवरी 2019रू बसंत पंचमी (तीसरा शाही स्नान),16 फरवरी 2019 माघी एकादशी, 19 फरवरी 2019 माघी पूर्णिमा और 04 मार्च 2019 महाशिवरात्री पर अंतिम स्नान होगा।
 
बात तैयारियों की कि जाये तो प्रयागराज में कुंभ मेला के दौरान गंगा, यमुना और अदृश्य सलिला सरस्वती की रेती पर बसने वाला पंडालों का शहर अपने में अनोखा होगा। मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए इस बार रंगीन पंडालों का चयन किया गया है। मेला मार्ग पर लोहे की सड़कों का जाल बिछाया जायेगा, जो आम सड़को की अपेक्षा अलग किस्म की होंगी। लोहे की सड़क पर न धसाव होगा और न ही कोई खड़खड़ाहट। चौड़ी सड़कें व विदेशों से मंगायी गयी स्ट्रीट लाइटें मेले की भव्यता में चार चांद लगायेंगी। यहां तक की पान्टून पुल तक रंग बिरंगे होंगे, तमाम ऐसे प्रयासों से सड़कें रंगीन दिखेंगी। मेला प्रशासन मेले को दिव्यता देने के लिये कोई कोरकसर बकाया नहीं रखना चाहता है। लगभग 3 हजार 200 करोड़ के बजट से 3200 हेक्टेयर में बसाया जा रहा दिव्य कुंभ मेला देखने के लिए पहली बार 192 देशों के प्रतिनिधि मेला क्षेत्र में विचरण करते हुए नजर आयेंगे। इनके लिए पांच सितारा सुविधा वाली टेंट सिटी विकसित की जा रही है। पांच हजार से अधिक प्रवासी भारतीयों व प्रतिनिधियों के कुंभ के दौरान स्नान एवं दर्शन के लिए आने की संभावना जताई जा रही है।
 
मान्यता है कि गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम में गोता लगाने पर इह लोक और परलोक दोनों सुधर जाता है। प्रयाग में एक तरफ द्वादश माधव तो दूसरी तरफ बड़े−बड़े तपस्वियों की शरणस्थली रहा भारद्वाज आश्रम तथा साक्षात भगवान वासुदेव को गोद में बैठाये अक्षयवट संगम में गोता लगाने वाले तीर्थ यात्रियों पर चंवर डुलाने का काम करता है। लाखों कल्पवासियों की तपस्थली इस रेती के कण−कण से आस्था का जो अंकुर निकलता है उससे मिलने वाली ऊर्जा को लेकर लोग अपने घरों को जाते हैं। 
 
 
गौरतलब हो 2013 में यही मेला कुल 1936 हेक्टेयर में बसाया गया था, जबकि इस बार मेला 3200 हेक्टेयर तक फैला है। बजट जहां 1142 करोड़ था, वहीं बढ़ाकर 3200 करोड़ कर दिया गया है। पूरे शहर तथा आसपास तीर्थयात्रियों को असुविधा न हो और जाम न लगने पाये इसके लिए दस ऊपरगामी सेतु बनाये जा रहे हैं, जो कि अपनी तैयारी के अंतिम चरण में हैं। रेलवे भी कई अंडर पास व ऊपरगामी सेतु का निर्माण कर रहा है, जिसमें छह अंडर पास का विस्तारीकरण किया जा रहा है तथा नौ ऊपरगामी सेतु बनाये जा रहे हैं। मेला में सात घाटों पर विकास व रीवर फ्रंट संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। लगभग 32 से ज्यादा चौराहों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जनपद को जोड़ने वाली सड़कों को या तो फोर लेन किया जा रहा है, या फिर उन्हें अच्छा खासा चौड़ा किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए करीब 500 शटल बसें चलायी जाएंगी। मेले में 1,22,500 शौचालयों का निर्माण तथा 20 हजार डस्टबिन, 140 टिपर, 40 कम्पैक्टर भी होंगे। इन सभी को सरकार के नमामि गंगा योजना के तहत रखा जाएगा। 
 
मेले में पहली बार दस हजार व्यक्तियों की क्षमता वाला गंगा पंडाल, प्रवचन पंडाल, सांस्कृतिक पंडाल व 20 हजार लोगों के लिए यात्री निवास बनाये जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को देखते हुए उनकी गाडि़यों को खड़ी करने के लिए 1300 हेक्टेयर में 82 पार्किग स्थल होंगे, जिनमें 16 सैटलाइट टाउन के रूप में विकसित किये जाएंगे। दो हजार से अधिक साइनेजेज लगाये जाएंगे। चालीस हजार से अधिक एलईडी सड़कों व चौराहों पर लगाये जाएंगे। भारतीय जल प्राधिकरण द्वारा पांच जेटी का निर्माण किया जा रहा है, जिन पर प्वाइंट टू प्वाइंट फेरी चलायी जाएगी। मेला क्षेत्र में लेजर शो, फसाड़ लाइटिंग, फूडकोर्ट, टूरिस्ट वाक के अलावा 200 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कुंभ मेला दिव्य दिखायी पड़े सरकारी भवन, फ्लाई ओवर, पानी की टंकी व नावों आदि को विभिन्न चित्रों, धार्मिक प्रतीकों व सांस्कृतिक विचारधाराओं से पेंटिंग किया जायेगा।
 
कुंभ मेले में कई सियासी हस्तियों के भी आगमन की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रपति, उप−राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा कई राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के भी यहां पहुंचने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।
 
- अजय कुमार
आगाज खुशनुमा हो तो अंजाम अच्छा ही होता है। यह अहसास अगले वर्ष (14जनवरी से) प्रयागराज में शुरू होने जा रहे अर्धकुंभ की तैयारियों को देखकर पक्का हो जाता है। अर्धकुंभ की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्साहित होकर अर्धकुंभ को कुंभ का नाम दे दिया। योगी सरकार कुंभ को दिव्य रूप देने में लगी है। योगी चाहते हैं कि इस बार का आयोजन पिछले सभी आयोजनों से भव्य ही नहीं विशाल भी हो। बताते चलें दो कुंभ मेलों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ पड़ता है। मगर योगी अर्धकुंभ का अवधारणा को ही नहीं मानते हैं। अगले साल यानी 2019 का कुंभ पचास दिनों का होगा, जो 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन से शुरू होकर 4 मार्च महाशिवरात्रि तक चलेगा। मेले में करीब पांच करोड़ श्रद्भालुओं के पहुंचने का अनुमान है, जिनकी सुरक्षा, मूलभूत जरूरतों सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह चुस्त−दुरूस्त रहेंगी। कुंभ मेला नगरी प्रयागराज को 14 बड़े शहरों के साथ हवाई मार्ग से भी जोड़ा जायेगा।
 
कुंभ स्नान का अदभुत संयोग करीब तीस सालों बाद बन रहा है। हिंदू धर्म में कुंभ  मेला एक महत्वपूर्ण पर्व के रूप में मनाया जाता है, जिसमें देश−विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल हरिद्वार, इलाहाबाद, उज्जैन और नासिक में स्नान करने के लिए एकत्रित होते हैं। कुंभ का संस्कृत अर्थ कलश होता है। हाल ही में यूनेस्को ने कुंभ को सांस्कृतिक धरोहरों में शामिल कर लिया था। कुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन भी माना जाता है। एक साथ करोड़ों की तादात में दुनिया के किसी भी कोने में कभी भी इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु या लोग नहीं जुटते हैं। इस बार कई नई परम्पराएं भी शुरू हो सकती हैं। कहा जा रहा है कि विभिन्न अखाड़ों के कई साधु−संत कुंभ मेले में देहदान की घोषणा कर सकते हैं। साधू−संत अपना शरीर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिये दान करेंगे ताकि चिकित्सा विज्ञान के सहारे मानव सेवा हो सके। कुंभ मेले में देश के कोने−कोने से लोग शिरक्त करें, इसके लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रत्येक गांव के लोगों को न्योता भेज रही हैं। वहीं विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी योगी आमंत्रण भेजेंगे। कुंभ के महात्म्य, इसकी प्राचीनता एवं अध्यात्मिकता और इससे जुड़ी किवदंतियों की महत्ता को बताता हुआ कुंभ गान भी तैयार किया जायेगा। पहले यह गान हिन्दी में तैयार होगा,इसके बाद इसे अन्य भाषाओं में अनुवाद किया जायेगा। कुंभ नगरी प्रयाराज में कुंभ संग्रहालय बनाने की घोषणा भी योगी सरकार कर चुकी है। यह करीब 300 करोड़ रूपये में तैयार होगा।
 
 
बहरहाल, यहां यह जान लेना जरूरी है कि कुंभ का मेला मकर संक्रांति के दिन प्रारम्भ होता है। इस दिन जो योग बनता है उसे कुंभ स्नान−योग कहते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार मान्यता है कि किसी भी कुंभ मेले में पवित्र नदी में स्नान या तीन डुबकी लगाने से सभी पुराने पाप धुल जाते हैं और मनुष्य को जन्म−पुनर्जन्म तथा मृत्यु−मोक्ष की प्राप्ति होती है। कुंभ मेले में शाही स्नान का अपना महत्व होता है। मेले के दौरान पूरे देश के साधू−संत और अखाड़े यहां डेरा डाल लेते हैं। 14−15 जनवरी 2019 को मकर संक्रांति के दिन पहला शाही स्नान होगा और इसी स्नान के साथ कुंभ मेले का आगाज हो जायेगा। इसके पश्चात 21 जनवरी 2019 पौष पूर्णिमा, 31 जनवरी 2019, पौष एकादशी स्नान, 04 फरवरी 2019 मौनी अमावस्या को मुख्य शाही स्नान, (दूसरा शाही स्नान), 10 फरवरी 2019रू बसंत पंचमी (तीसरा शाही स्नान),16 फरवरी 2019 माघी एकादशी, 19 फरवरी 2019 माघी पूर्णिमा और 04 मार्च 2019 महाशिवरात्री पर अंतिम स्नान होगा।
 
बात तैयारियों की कि जाये तो प्रयागराज में कुंभ मेला के दौरान गंगा, यमुना और अदृश्य सलिला सरस्वती की रेती पर बसने वाला पंडालों का शहर अपने में अनोखा होगा। मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए इस बार रंगीन पंडालों का चयन किया गया है। मेला मार्ग पर लोहे की सड़कों का जाल बिछाया जायेगा, जो आम सड़को की अपेक्षा अलग किस्म की होंगी। लोहे की सड़क पर न धसाव होगा और न ही कोई खड़खड़ाहट। चौड़ी सड़कें व विदेशों से मंगायी गयी स्ट्रीट लाइटें मेले की भव्यता में चार चांद लगायेंगी। यहां तक की पान्टून पुल तक रंग बिरंगे होंगे, तमाम ऐसे प्रयासों से सड़कें रंगीन दिखेंगी। मेला प्रशासन मेले को दिव्यता देने के लिये कोई कोरकसर बकाया नहीं रखना चाहता है। लगभग 3 हजार 200 करोड़ के बजट से 3200 हेक्टेयर में बसाया जा रहा दिव्य कुंभ मेला देखने के लिए पहली बार 192 देशों के प्रतिनिधि मेला क्षेत्र में विचरण करते हुए नजर आयेंगे। इनके लिए पांच सितारा सुविधा वाली टेंट सिटी विकसित की जा रही है। पांच हजार से अधिक प्रवासी भारतीयों व प्रतिनिधियों के कुंभ के दौरान स्नान एवं दर्शन के लिए आने की संभावना जताई जा रही है।
 
मान्यता है कि गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम में गोता लगाने पर इह लोक और परलोक दोनों सुधर जाता है। प्रयाग में एक तरफ द्वादश माधव तो दूसरी तरफ बड़े−बड़े तपस्वियों की शरणस्थली रहा भारद्वाज आश्रम तथा साक्षात भगवान वासुदेव को गोद में बैठाये अक्षयवट संगम में गोता लगाने वाले तीर्थ यात्रियों पर चंवर डुलाने का काम करता है। लाखों कल्पवासियों की तपस्थली इस रेती के कण−कण से आस्था का जो अंकुर निकलता है उससे मिलने वाली ऊर्जा को लेकर लोग अपने घरों को जाते हैं। 
 
 
गौरतलब हो 2013 में यही मेला कुल 1936 हेक्टेयर में बसाया गया था, जबकि इस बार मेला 3200 हेक्टेयर तक फैला है। बजट जहां 1142 करोड़ था, वहीं बढ़ाकर 3200 करोड़ कर दिया गया है। पूरे शहर तथा आसपास तीर्थयात्रियों को असुविधा न हो और जाम न लगने पाये इसके लिए दस ऊपरगामी सेतु बनाये जा रहे हैं, जो कि अपनी तैयारी के अंतिम चरण में हैं। रेलवे भी कई अंडर पास व ऊपरगामी सेतु का निर्माण कर रहा है, जिसमें छह अंडर पास का विस्तारीकरण किया जा रहा है तथा नौ ऊपरगामी सेतु बनाये जा रहे हैं। मेला में सात घाटों पर विकास व रीवर फ्रंट संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। लगभग 32 से ज्यादा चौराहों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जनपद को जोड़ने वाली सड़कों को या तो फोर लेन किया जा रहा है, या फिर उन्हें अच्छा खासा चौड़ा किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए करीब 500 शटल बसें चलायी जाएंगी। मेले में 1,22,500 शौचालयों का निर्माण तथा 20 हजार डस्टबिन, 140 टिपर, 40 कम्पैक्टर भी होंगे। इन सभी को सरकार के नमामि गंगा योजना के तहत रखा जाएगा। 
 
मेले में पहली बार दस हजार व्यक्तियों की क्षमता वाला गंगा पंडाल, प्रवचन पंडाल, सांस्कृतिक पंडाल व 20 हजार लोगों के लिए यात्री निवास बनाये जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को देखते हुए उनकी गाडि़यों को खड़ी करने के लिए 1300 हेक्टेयर में 82 पार्किग स्थल होंगे, जिनमें 16 सैटलाइट टाउन के रूप में विकसित किये जाएंगे। दो हजार से अधिक साइनेजेज लगाये जाएंगे। चालीस हजार से अधिक एलईडी सड़कों व चौराहों पर लगाये जाएंगे। भारतीय जल प्राधिकरण द्वारा पांच जेटी का निर्माण किया जा रहा है, जिन पर प्वाइंट टू प्वाइंट फेरी चलायी जाएगी। मेला क्षेत्र में लेजर शो, फसाड़ लाइटिंग, फूडकोर्ट, टूरिस्ट वाक के अलावा 200 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कुंभ मेला दिव्य दिखायी पड़े सरकारी भवन, फ्लाई ओवर, पानी की टंकी व नावों आदि को विभिन्न चित्रों, धार्मिक प्रतीकों व सांस्कृतिक विचारधाराओं से पेंटिंग किया जायेगा।
 
कुंभ मेले में कई सियासी हस्तियों के भी आगमन की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रपति, उप−राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा कई राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों के भी यहां पहुंचने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।
 
- अजय कुमार

मुंबई। अमेरिकी गायक निक जोनास के भाई जॉ जोनास और उनकी मंगेतर सोफी टर्नर ने एक वेबसाइट पर छपे उस लेख की निंदा की है जिसमें अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की आलोचना निक से उनकी शादी को लेकर की गई है। यह लेख ‘द कट’ वेबसाइट पर पत्रकार मारिया स्मिथ ने लिखा है। इस लेख में दावा किया गया है कि निक जोनास ‘‘अपनी इच्छा के विरुद्ध इस चालबाजी से भरे संबंध में हैं।’’ यह लेख नस्ली और महिला से घृणा करनेवाली सोच से भरा हुआ है। लेख के एक हिस्से में कहा गया है कि निक सिर्फ प्रेम प्रंसग चाहते थे लेकिन इसके बदले हॉलीवुड में हाल में कदम रखने वाली कलाकार ने उन्हें आजीवन कारावास दे दिया।

 

जॉ और सोफी के साथ ही कई अन्य लोगों ने भी इस लेख की आलोचना की है। बाद में वेबसाइट ने भी इस लेख के लिए माफी मांग ली और लेख को वेबसाइट से हटा दिया। ‘द कट’ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘ प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास के बारे में छपी स्टोरी हमारे मानकों से मेल नहीं खाती है। हमने इसे हटा लिया है और इसके लिए माफी मांग ली है।' अभिनेत्री सोफी टर्नर ने इस लेख को बेहद अनुचित बताया। 

 

वहीं जॉ जोनास ने कहा कि इस लेख के लिए ‘द कट’ को शर्मिंदा होना चाहिए। अभिनेत्री सोनम कपूर भी प्रियंका चोपड़ा के समर्थन में उतर आयीं और इस लेख को ‘महिला विरोधी, नस्ली बताया।’’ गायिका सोना महापात्रा ने भी इस लेख को बेहद खराब बताया है। अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी इस लेख की आलोचना की है। 

नयी दिल्ली। संकट में फंसे आम्रपाली समूह के खिलाफ मामले में सख्ती जारी रखते हुए, उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को रीयल्टी क्षेत्र की इस कंपनी के पांच-सितारा होटल, सिनेमा हॉल, मॉल और देशभर में स्थित कारखानों को कुर्क करने और उनकी बिक्री करने के आदेश दिए। न्यायालय ने अपने आदेश का अनुपालन न करने को लेकर आम्रपाली समूह को ‘बहेद घटिया धोखेबाज’ और ‘पक्का झूठ बोलने वाला’ कहा। नॉएडा और ग्रेटरनोडा इलाके में आम्रपाली समूह के चार आलीशान कंपनी कार्यालयों को भी कुर्क करने का आदेश दिया। न्यायालय ने दिल्ली स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) को इन परिसंपत्तियों की नीलामी करने को कहा है। न्यायालय ने कंपनी के निदेशकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मौका दिया है कि यदि उनके पास पैसा है तो वे मकान खरीदने वालों को 10 दिसंबर तक उनका पैसा लौटा दें।

मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने मकान खरीदारों के 3,000 करोड़ रुपये की राशि को अन्य मदों में स्थानांतरित करने को लेकर भी कंपनी को अगले सप्ताह तक सफाई देने को कहा है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की इस पीठ ने आम्रपाली समूह के सीएमडी अनिल शर्मा एवं उसके निदेशकों, मुख्य वित्तीय अधिकारी एवं सांविधिक लेखापरीक्षक अनिल मित्तल को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ विश्वासघात का अपराध करने का ममला दर्ज किया जाए।

न्यायालय को जब यह बताया कि कंपनी धन इकट्ठा करने के लिए एक नर्सरी स्कूल, एक खुली जगह और एक नर्सिंग होम बेचना चाहती है तो उसने कहा, “आप (आम्रपाली समूह) दुनिया में बेहद घटिया किस्म के धोखेबाज हैं। आपने शुरू से ही मकान खरीदारों को धोखा दिया और अब आप उनके लिए तैयार सुविधाओं को बेचना चाहते हैं। मकान खरीदने वालों के लिए खड़ी की गयी ये सुविधाएं आपने उन्हें कोई खैरात में नहीं दी हैं।’’
 
शीर्ष अदालत ने आम्रपाली समूह को 2015-18 के बीच कंपनी के लेनदेन का कच्चा हिसाब-किताब 24 घंटे के भीतर न्यायालय द्वारा नियुक्त फॉरेसिंग ऑडिटरों को सौंपने का आदेश दिया।इन आंकड़ों में लेन देन की पर्चियां आवश्यक अधिकार पत्र आदि भी मांगे गए हैं। पीठ ने इस मामले में अदालत के पहले के आदेश का अनुपालन नहीं करने और इन लेनदेन का कच्चा ब्योरा नहीं देने को लेकर कंपनी की खिंचाई की। न्यायालय ने कहा, “आप बिल्कुल झूठे हैं। आप अव्वल किस्म के झूठे हैं। आपने वह जानकारी नहीं दी है, जो हमारे पहले के आदेश में मांगी गयी थी। हम आपके हलफनामे से संतुष्ट नहीं हैं और आपने केवल बात में खिलवाड़ करने की कोशिश की है।
 
हमारे नौ आदेशों के बावजूद आपने 2015-18 के दौरान के कारोबारी लेनदेन से जुड़ी साफसाफ सूचना नहीं दी।” न्यायालय ने डीआरटी, दिल्ली को समूह के होटल, मॉल, कॉरपोरेट कार्यालयों, सिनेमा हॉल, कारखानों और भूखंडों सहित सभी कुर्क परिसंपत्तियों की नीलामी करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने इसकी जिन संपत्तियों की कुर्की के आदेश दिए हैं उनमें ग्रेटर नोएडा का पांच सितारा आम्रपाली होलीडे इन टेक पार्क होटल, बिहार के राजगीर और बक्सर जिलों में स्थित एफएमसीजी कंपनी आम्रपाली बॉयोटेक एंड मम्स, बिहार के गया एवं मुजफ्फरनगर में स्थित आम्रपाली मॉल, उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित आम्रपाली मॉल, मेरठ में स्थित हाइटेक सिटी सिनेमा हॉल, ग्रेटर नोएडा स्थित आम्रपाली प्रिकास्ट फैक्टरी और बिहार के पूर्णिया एवं ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित भूखंडों एवं गोवा में एक विला शामिल है। अदालत ने उसकी लग्जरी कारों के बेड़े को कुर्क करने का भी निर्देश किया जो मकान खरीदने वालों के पैसे से खरीदी गयी हैं।

एडीलेड। आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन गुरूवार को भारत की शुरूआत बेहद खराब रही और लंच तक उसके चार विकेट सिर्फ 56 के स्कोर पर उखड़ गए। आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने नयी कूकाबूरा गेंद से नियमित अंतराल पर विकेट लिये। पहले सत्र के 27 ओवर में भारतीय शीर्षक्रम क्रीज पर पैर जमा ही नहीं सका। लंच के समय चेतेश्वर पुजारा 11 और रोहित शर्मा 15 रन बनाकर खेल रहे थे। इससे पहले भारत ने टास जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। हनुमा विहारी को बाहर रखकर छठे बल्लेबाज के तौर पर रोहित शर्मा को टीम में जगह दी गई। आस्ट्रेलियाई टीम के लिये मार्कस हैरिस ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।शुरूआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाज मिशेल स्टार्क और हेजलवुड को खेल नहीं सके। दोनों सलामी बल्लेबाजों में से केएल राहुल (दो) के पास आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की रफ्तार का कोई जवाब नहीं था। वह दूसरे ओवर में गैर जिम्मेदाराना शाट खेलकर तीसरी स्लिप में हेजलवुड को कैच दे बैठे। मुरली विजय (11) बेहतर दिख रहे थे लेकिन रनगति बढाने के प्रयास में विकेट गंवा बैठे। सातवें ओवर में विजय ने स्टार्क को कवर ड्राइव लगाने की कोशिश की लेकिन चूके और विकेट के पीछे टिम पेन को कैच दे दिया। इसके बाद कप्तान विराट कोहली क्रीज पर आये जो आत्मविश्वास से भरे दिखे। वह भी हालांकि कोई कमाल नहीं कर पाये और पैट कमिंस की गेंद पर उस्मान ख्वाजा ने अपनी बायीं ओर डाइव लगाकर उनका शानदार कैच लपका।

उस समय भारत का स्कोर 11 ओवर में तीन विकेट पर 19 रन था। पुजारा और अजिंक्य रहाणे (13) ने 59 गेंदों में 22 रन जोड़े। रहाणे को नाथन लियोन को खेलने में काफी दिक्कत हुई जो ड्रिंक्स ब्रेक के बाद गेंदबाजी के लिये आये। रहाणे ने लियोन को उसके दूसरे ओवर में लांग आन पर छक्का लगाया। रहाणे 21वें ओवर में हेजलवुड का शिकार हुए । पुजारा और रोहित ने भारत को 25वें ओवर में 50 रन के पार पहुंचाया।

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिये प्रचार का दौर खत्म होने के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि पदभार संभालने के इतने दिनों बाद अब मोदी को संवाददाता सम्मेलन कर सवालों की बौछार का लुत्फ उठाना चाहिए। गांधी ने हैदराबाद में संवाददाता सम्मेलन करने के बाद ट्वीट किया, 'प्रिय मोदी जी, अब चुनाव प्रचार पूरा हो गया है। आशा करता हूं कि आप प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पार्ट टाइम जॉब के लिए कुछ समय निकालेंगे।

उन्होंने कहा, 'आपको प्रधानमंत्री बने 1,654 दिन हो गए। फिर भी कोई संवाददाता सम्मेलन नहीं? हैदराबाद में संवाददाता सम्मेलन की कुछ तस्वीरें आपके लिए शेयर कर रहा हूं। किसी दिन कोशिश करिए। सवालों की बौछार का सामना करना मजेदार होता है।' गौरतलब है कि तेलंगाना में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन गांधी ने सहयोगी तेदेपा के नेता चंद्रबाबू नायडू के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।

वाल्मीकि नगर। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) राजग सरकार से अलग हो सकती है और पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा कि इस संबंध में औपचारिक घोषणा गुरूवार को किए जाने की संभावना है। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर नेता ने कहा कि कुशवाहा के केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा देने की संभावना है। कुशवाहा अभी केंद्र में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री हैं।

नेता ने कहा कि कुशवाहा का इस्तीफा महज एक औपचारिकता है जो उनके राष्ट्रीय राजधानी जाने तथा प्रधानमंत्री से मिलने के बाद पूरी कर ली जाएगी। रालोसपा ने बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार तथा बिहार में नीतीश कुमार सरकार की तीखी आलोचना की। वाल्मीकि नगर में पार्टी के चिंतन शिविर में कुशवाहा को राजनीतिक फैसले लेने के लिए अधिकृत किया गया। कुशवाहा गुरुवार को मोतिहारी में एक रैली को संबोधित करेंगे।

पार्टी नेता ने कहा कि रालोसपा के सख्त रूख से यह स्पष्ट हो गया है कि हमारा गठबंधन राजग के साथ था जो अब खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि राजग में रालोसपा के होने का अर्थ भाजपा और लोजपा से गठबंधन था। नीतीश कुमार की जदयू के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं है। वह पिछले साल गठबंधन में शामिल हुए हैं जबकि हम 2014 से ही राजग का हिस्सा हैं।

आइजोल। भाजपा नीत नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस के घटक मिजो नेशनल फ्रंट ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इस बयान को खारिज किया है कि उनकी पार्टी 2019 का चुनाव जीती तो 50 साल तक देश पर शासन करेगी। मिजोरम में मुख्य विपक्षी दल को हालांकि विश्वास है कि आम चुनाव में कांग्रेस या संप्रग जीत हासिल नहीं कर पाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री और मिजो नेशनल फ्रंट प्रमुख जोरमथंगा ने पीटीआई-भाषा को एक दिए साक्षात्कार में कहा कि भाजपा की हिंदुत्व की राजनीति के चलते उनकी पार्टी कभी राज्य में उससे गठबंधन नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा, ‘मुझे संदेह है, वह (शाह) भगवान नहीं हैं। वह राजनीति में कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकते।’ जोरमथंगा ने कहा कि अमित शाह यह भविष्यवाणी कर सकते हैं कि कांग्रेस सत्ता में नहीं आएगी, लेकिन 50 या 100 साल की भविष्यवाणी करना अतिशयोक्ति है। गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सितंबर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी मेहनत की वजह से पार्टी 2019 का चुनाव जीतेगी और उसके बाद भाजपा को 50 साल तक सत्ता से कोई नहीं हटा सकता।

मिजो नेशनल फ्रंट के भाजपा से रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर दो बार मुख्यमंत्री रह चुके जोरमथंगा ने कहा कि विचारधारा और अन्य बातों को लेकर वह भाजपा के पूरी तरह खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि क्योंकि हम ईसाई हैं। वे हिंदुत्व का प्रचार करना चाहते हैं। जहां तक इन चीजों की बात है तो हम साथ नहीं आ सकते। हमारी विचारधारा अलग है। उन्होंने कहा कि जहां तक देश की बात है तो राजग संप्रग से बेहतर है, इसीलिए हम केंद्र में उसके साथ आए। लेकिन विचारधारा के मामले में हम बिल्कुल अलग हैं। भाजपा भी इस बात को अच्छी तरह जानती है।

मिजोरम में 28 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में मिजो नेशनल फ्रंट ने कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ अकेले चुनाव लड़ा है। एमएनएफ और कांग्रेस ने 40-40 जबकि भाजपा ने 39 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाई है। मिजोरम में वर्ष 2008 से कांग्रेस की सरकार है। 11 दिसंबर को मिजोरम चुनाव के नतीजे घोषित किये जाएंगे।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि भारत सभी समुदायों, धर्मों, जातियों, नस्लों और लिंग के बगैर अधूरा है तथा लोगों को देश का धर्मनिरपेक्ष ताना-बाना बनाए रखना चाहिए। उन्होंने देश की तुलना मानव शरीर से करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में छह दिसंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने को लेकर ‘शांति दिवस’ मनाया जाता है। बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘आज छह दिसंबर है। हम इस दिन शांति दिवस मनाते हैं।’इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी का उन्होंने लिखा है, ‘जैसे मानव शरीर सभी अंगों के बिना अधूरा है, वैसे ही भारत भी सभी समुदायों, धर्मों, जातियों, नस्लों और लिंगों के बिना अधूरा है। भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बनाए रखने की कसम लें।’ छह दिसंबर, 1992 को ही अयोध्या स्थित 16वीं सदी के विवादित ढांचे को तोड़ दिया गया था।

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