ईश्वर दुबे
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Guo Ping says, “Huawei has not and will never implant backdoors. We will never allow others to install any in our equipment.” Where is the proof from the U.S. that says otherwise? #HuaweiFacts https://t.co/GppLtZjw7Rpic.twitter.com/9HQ4KKtCLa
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर वाराणसी के सौंदर्यीकरण की परियोजना को समय से शुरू कराने में सहयोग नहीं देने का शुक्रवार को आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर संपर्क मार्ग का शिलान्यास करने के बाद जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पहले तीन सालों में प्रदेश सरकार ने हमें सहयोग नहीं किया। वाराणसी में विकास की परियोजनाएं तभी शुरू हुई जब प्रदेश की जनता ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया। अगर पिछली सरकार से सहयोग मिला होता तो हम इन परियोजनाओं को पहले शुरू कर सकते थे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 70 साल के दौरान किसी ने भी बाबा विश्वनाथ के बारे में नहीं सोचा। सब ने अपनी-अपनी चिंता की। मगर काशी की फिक्र नहीं की। मोदी ने कहा कि उन्हें काशी विश्वनाथ के लिए निर्माण कार्य शुरू करने पर बेहद खुशी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से मेरा सपना था कि इस स्थान के लिए कुछ काम करूं। जब मैं राजनीति में नहीं था तब अक्सर यहां आया करता था और सोचता था कि यहां कुछ न कुछ होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भोले बाबा ने तय किया होगा, बातें बहुत करते हो। यहां आओ कुछ करके दिखाओ।
वाराणसी के सौंदर्यीकरण के बारे में मोदी ने कहा कि यह काशी विश्वनाथ विश्वनाथ धाम की मुक्ति की परियोजना है जो पहले अतिक्रमण से घिरा हुआ था। उन्होंने कहा, ‘ऐसा पहली बार हुआ है जब हमने काशी विश्वनाथ धाम के आसपास की इमारतों का अधिग्रहण किया और अतिक्रमण को हटाया, जिसके बाद 40 प्राचीन मंदिर सामने आए। उनमें से अनेक पर अतिक्रमण कर लिया गया था और लोगों ने अपनी रसोई घर बना लिए थे।’ प्रधानमंत्री ने इस परियोजना में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि मैंने अनेक सरकारी कर्मचारियों को देखा है, क्योंकि मैं लंबे समय तक मुख्यमंत्री भी रहा लेकिन मैं गर्व के साथ कहना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यहां जिन अधिकारियों की टीम को काम सौंपा गया वह भक्ति और सेवा भाव से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी संपत्ति देने के लिए मनाना और इसे राजनीतिक रंग ना लेने देना एक बहुत बड़ा काम था। मैं काशी के लोगों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने अपनी संपत्ति बाबा विश्वनाथ को दे दी। यह उनका सबसे बड़ा दान है। मोदी ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर को शत्रुओं ने निशाना बनाया था और इसे नष्ट करने की कोशिश की थी लेकिन लोगों की आस्था के कारण इसमें पुनर्जन्म लिया। जब महात्मा गांधी यहां आए थे तो उन्होंने इस स्थान की दुर्दशा पर दुख जताया था। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में दिए गए अपने संबोधन में अपने इन विचारों को व्यक्त किया था। प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालय को सुझाव दिया कि वह इस संपूर्ण परियोजना को एक केस स्टडी बनाकर उस पर शोध करें ताकि जब यह परियोजना पूरी हो तो पूरी दुनिया इसके बारे में जाने।
मोदी ने कहा कि हम खुदाई में अतिक्रमण हटाने के दौरान मिले 40 प्राचीन मंदिरों के इतिहास के बारे में पता लगाने की भी कोशिश करेंगे और सरकार इन मंदिरों का पूरा ख्याल रखेगी। यह परियोजना मंदिरों के संरक्षण कार्य का मॉडल होगा, जिसमें प्राचीन आस्था और आधुनिक तकनीक का संयोजन होगा इससे काशी को एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘यह काम मेरे ही नसीब में लिखा था। वर्ष 2014 में जब मैं यहां आया था तो कहा था कि मैं यहां आया नहीं बल्कि लाया गया हूं। हो सकता है कि भोले बाबा ने मुझे यहां बुलाया हो।’ इसके पूर्व प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए।
हर हर महादेव!
आज बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से श्री काशी विश्वनाथ धाम के शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। pic.twitter.com/0PoYpKYqA8
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2019
लोकसभा चुनावों में पार्टी की तैयारियों को लेकर भाजपा संसदीय बोर्ड की अहम बैठक आज शाम पार्टी मुख्यालय में होगी। इस बैठक में लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के चयन, चुनाव प्रचार की रणनीति, नेताओं को चुनावी जिम्मेदारियों के वितरण आदि पर भी चर्चा होगी। सूत्रों ने बताया है कि आज की बैठक में यह भी तय होगा कि उम्मीदवारों के चयन का आधार क्या होगा। इस बारे में भी आज फैसला किये जाने की उम्मीद है कि वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और डॉ. मुरली मनोहर जोशी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे या नहीं। संसदीय बोर्ड की बैठक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में होगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संसदीय बोर्ड के अन्य सदस्य भाग लेंगे।
नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर मामले में मध्यस्थता के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया है। बता दें कि मध्यस्थता के लिए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई वाली 5 जजों की संविधान पीठ ने 3 लोगों का पैनल बनाया है। साथ ही साथ मध्यस्थता की कार्यवाही की मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाई है। एक हफ्ते के भीतर मध्यस्थता पैनल की कार्यवाही शुरू होगी और इसे सुप्रीम कोर्ट ने 8 हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
Ram Janmabhoomi-Babri Masjid land dispute case: Supreme Court in its order also said that the reporting of the mediation proceedings in media will be banned.https://t.co/QpjYDyemmS
— ANI (@ANI) March 8, 2019
लखनऊ। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। जिसमें सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का नाम शीर्ष पर है। बता दें कि 2014 में मैनपुरी और आजमगढ़ से चुनाव लड़ने वाले मुलायम सिंह यादव को इस बार पार्टी ने मैनपुरी से टिकट दिया है। हालांकि, 2014 में हुए आम चुनावों में दो सीटों से जीतने के बाद उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी थी।
उत्तर प्रदेश में बसपा और आरएलडी के साथ लोकसभा चुनाव में उतर रही समाजवादी पार्टी के पास 80 सीटों में से 37 सीटें हैं। जिसमें से 6 सीटों पर उम्मीदवार के नाम की घोषणा हो गई है। मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव, बदायूं से धर्मेंद यादव, फिरोजाबाद से अक्षय यादव, इटावा से कमलेश कठेरिया, राबर्ट्सगंज से भाईलाल कोल और बहराइच से शब्बीर बाल्मीकि मैदान में उतरेंगे।
उल्लेखनीय है कि 2014 में हुए आम चुनाव में समाजवादी पार्टी को 80 में से महज 5 सीटें ही हासिल हुई थी। जिसमें मुलायम सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव, अक्षय यादव, तेज प्रताप यादव और डिंपल यादव शामिल थीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आजमगढ़ से मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जताई थी और वर्तमान में मुलायम आजमगढ़ से ही सांसद हैं। लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि सपा प्रमुख अखिलेश आजमगढ़ से खुद ही चुनाव लड़ सकते हैं। अब देखना होगा कि मैनपुरी से वर्तमान सांसद तेज प्रताप यादव को कौन सी सीट से लड़ाया जाता है।
बेंगलुरु। रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में मध्यस्थता के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति के सदस्य आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने शुक्रवार को कहा कि लंबे समय से चले आ रहे विवादों को खत्म करने के लिये हर किसी को निश्चित रूप से मिलकर कदम उठाना चाहिए। शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति में श्री श्री के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू भी शामिल हैं।
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श्री श्री रविशंकर ने कहा, ‘लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को खत्म करने की दिशा में हम सभी को निश्चित रूप से समाज में सौहार्द बनाये रखते हुए खुशी-खुशी मिलकर कदम उठाना चाहिए।’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को खत्म करने की दिशा में निश्चित रूप से हम सभी को खुशी-खुशी हर किसी का सम्मान करते हुए, सपनों को हकीकत में बदलते हुए और समाज में सौहार्द बरकरार रखते हुए मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करना चाहिए।’
सबका सम्मान करना, सपनों को साकार करना, सदियों के संघर्ष का सुखांत करना और समाज में समरसता बनाए रखना - इस लक्ष्य की ओर सबको चलना है।#AyodhyaVerdict
— Sri Sri Ravi Shankar (@SriSri) March 8, 2019
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उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले को मध्यस्थता के लिये भेज दिया और समिति को इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिये आठ हफ्तों का समय दिया है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने कहा कि यह समिति चार सप्ताह के अंदर इसकी प्रगति रिपोर्ट दाखिल करे और आठ सप्ताह के अंदर प्रक्रिया पूरी कर ले।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपनी सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वह यह सब इसलिये कर पा रहे हैं क्योंकि बिचौलियों और भ्रष्टाचारियों का खात्मा हो चुका है और देश की पाई-पाई सिर्फ जनता पर ही खर्च हो रही है। मोदी ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में राष्ट्रीय महिला आजीविका मीट को सम्बोधित करते कहा कि उनकी सरकार महिला सशक्तीकरण के लिये हर तरह से संवेदनशील है। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना, स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले कर्ज में बढ़ोतरी, उज्ज्वला योजना, दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय आजीविका मिशन, आयुष्मान योजना और पशुपालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा देने जैसी तमाम योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा यह सारे काम हम इसलिये कर पा रहे हैं, क्योंकि केन्द्र में एक ऐसी सरकार है जो पाई-पाई का सही उपयोग कर रही है। मोदी ने कहा अब बिचौलिए और भ्रष्टाचारी नहीं हैं। मोदी को अपने लिये कुछ नहीं ले जाना है। ले जाएगा तो करेगा क्या.... यह सवा सौ करोड़ का देश ही मेरा परिवार है। मुझ पर विश्वास बनाये रखियेगा।
Began my Kashi visit by praying at the Kashi Vishwanath Temple, a symbol of our culture’s pride. In the Temple complex, performed the Bhumipujan of Vishwanath Dham project, a futuristic corridor around the Temple that will benefit several pilgrims and tourists coming to Kashi.pic.twitter.com/bp8fRcMTZw
— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2019
हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से समर्पित है।
— BJP (@BJP4India) March 8, 2019
जन्म से लेकर जीवन के हर चरण में बेटियों और बहनों की रक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बहुत सारी योजनाएं आज चल रही हैं : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी #NewIndia4NariShaktipic.twitter.com/L3nZrISHx3
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य और कवि डॉ. कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से दिल्ली स्थित उनके आवास में मुलाकात की। नाम न लिखने की शर्त पर सूत्र ने बताया कि यह अनौपचारिक मुलाकात थी, जिसमें विश्वास टिकट के सिलसिले में राजनाथ सिंह के आवास पर पहुंचे थे। ऐसा कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी से नाराज चल रहे कुमार विश्वास की अब पार्टी के नेताओं के साथ बनती नहीं है।
वर्तमान की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए कहा जा रहा है कि अब कुमार विश्वास किसी भी हालत में 'आप' (Aam Aadmi Party) से चुनाव नहीं लड़ेंगे। दरअसल, कुमार विश्वास पार्टी से राज्यसभा का टिकट मांग रहे थे मगर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। जिसके बाद से उनकी पार्टी में कुछ खास बनती नहीं है।
मीडिया में ऐसी भी रिपोर्टें है कि कुमार विश्वास से बीजेपी पहले से ही संपर्क साधना चाहती थी। ताकि वह लोकसभा चुनाव के दरमियान बीजेपी का प्रचार-प्रसार कर सकें। वहीं, कुमार विश्वास के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रिश्ते किसे से छिपे नहीं हैं। ऐसी अटकलें लग रहीं है कि बीजेपी विश्वास को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से टिकट दे सकती है। हालांकि, विश्वास गाजियाबाद के रहने वाले हैं और यह सीट विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह की है, जिनका टिकट कटना नामुमकिन है।
उल्लेखनीय है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में कुमार विश्वास ने आम आदमी पार्टी की टिकट पर अमेठी से चुनाव लड़ा था और ऐसी भी खबरें थी कि बीजेपी उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत कर सकती है।